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अधिसूचना
17 जून 2010
सं0 वन्यप्राणी 20/2008-216(ई0)/प॰व॰—पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार सरकार के अधिसूचना संख्या-एस॰ओ॰-670, दिनांक 05 मई,1978 द्वारा पष्चिम चम्पारण जिला के उदयपुर प्रखण्ड के 887.35 हेक्टेयर रक्षित वन क्षेत्र, को पारिस्थितिक प्राणी जातिक, भू आकारिक एवं प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यन्त महत्वपूर्ण मानते हुए इनके पर्यावरणिक संरक्षण, संवर्द्धन एवं विकास के लिए वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 18(1) के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आश्रयणी के रूप में अधिसूचित किया गया।
उपरोक्त अधिनियम की धारा 21 के अन्तर्गत अधिनियम की धारा 19 से 25 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई हेतु समाहर्ता की शक्ति प्राप्त वन संरक्षक वाल्मीकी व्याघ्र परियोजना के द्वारा उपरोक्त उदयपुर वन्य प्राणी आश्रयणी 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 6 अगःत 2010 एतद् अधिसूचना के द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि उदयपुर वन्यप्राणी आश्रयणीकी चौहदी निम्नवत् है :- उत्तर :- ग्राम-पतरखा नौरंगिया, थाना नम्बर-122, खेसरा संख्या-635, 867, 1096 का अंष भाग। दक्षिण :- ग्राम-बलुआ रमपुरवा, थाना नम्बर-118 के खेसरा नम्बर-1304, 1307, 1340, 1351, 1912, 1918, 1926, 1930, 1963 इत्यादि एवं ग्राम तुरकडिया, थाना नम्बर 148 की सीमा रेखा। पूरब :- ग्राम-भटवलिया, थाना नम्बर-144 की पष्चिमी सीमा रेखा, ग्राम-सिसवा सरैया थाना नम्बर- 146 के खेसरा नं॰-137, 138, 718, 755, 1545, 1555, 1559, 1564 इत्यादि।
पष्चिम :- ग्राम-निमुईया, थाना नम्बर-121, ग्राम-पटजिरवा, थाना नम्बर-107, ग्राम-बाघम्बरपुर, थाना नम्बर- 120, ग्राम-सिरिसिया मठिया, थाना नम्बर- 119 (हरदी नाला का पष्चिमी किनारा)। इस प्रकार उदयपुर वन्यप्राणी आश्रयणी के लिए निर्गत पूर्व अधिसूचना एस॰ ओ॰-670, दिनांक 05 मई 1978 में वर्णित आश्रयणी के क्षेत्र एवं तिथि में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उपर्युक्त अधिसूचित क्षेत्र में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के सभी प्रावधान पूर्ण रूपेण पूर्ववत लागू रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,