Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 18 August 2010

Published 18 August 2010

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-08-18.33
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 22227777 ौावणौावणौावणौावण,,,, 1931931931932222 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 33333333 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ————————

11118888 अगःतअगःतअगःतअगःत 2020202010101010 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 8ट(cid:15)

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत और अ:य ;य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-2

या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गु?मA के समादेंटाओं के

सिमितयA के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक।

---

बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क] एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,

अनुमित िमल चुक] है। ---

एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-

भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के

संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान,

ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर आPद।

---

भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---

सिमितयA के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJA (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व^ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और िनयम आPद। 3-12

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प_रवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और

उVच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं

:यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इ`याPद। ---

और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटA के उXरण। ---

पूरक

---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पूरक-क 13-152 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:य वैय(cid:18)3क सूचनाएंवैय(cid:18)3क सूचनाएंवैय(cid:18)3क सूचनाएंवैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

गृह ऽ विषेषऽ विभाग

———

अधिसूचना

6 अगस्त 2010

॰

सं एन/गृ0को0-74-0024/2009-321—श्री वषिष्ठ नारायण सिंह, अध्यक्ष, सलाहकार पर्षद जे0पी0 सेनानी सम्मान योजना, बिहार, पटना के पीत-पत्र 56, दिनांक 9 जुलाई 2010 द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर श्री संजय कुमार सिंह, पिता-श्री राम नरेष सिंह, गा्रम-कसमरिया, पो0-ध्रुवडिहाँ, था0-चरपोखरी, जिला-भोजपुर, बिहार, पिन कोड-802207 को दिनांक 9 जुलाई 2010 के प्रभाव से अध्यक्ष, सलाहकार पर्षद के आप्त सचिव ऽ बाह्‌य व्यक्तिऽ के पद पर नियुक्त किया जाता है।

ऽ 1ऽ यह नियुक्ति सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के परिपत्र संख्या 927, दिनांक 23

सितम्बर 2006 के निहित प्रावधान के आलोक में किया गया है।

ऽ 2ऽ यह नियुक्ति पूर्णतया अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा

सकती है।

ऽ 3ऽ माननीय अध्यक्ष, श्री वषिष्ठ नारायण सिंह के पद त्यागने के साथ ही आप्त सचिव के रूप में

इनकी सेवा स्वतः ही समाप्त समझी जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

ऽ ह0ऽ अस्पष्ट, उप-सचिव।

ÑÑÑÑ

अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 22Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in3 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।अिधसूचनाएं और िनयम आPद।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

कृषि विभाग

———

अधिसूचनाएं

9 अप्रील 2010

संå 5/एफ-33/85-507-उ॰को॰—कृषि मंत्रालय, कृषि एवं सहकारिता विभाग, भारत सरकार के काå आå संå 261(E), दिनांक 16 अप्रील 1991 एवं काå आå संå 391(E), दिनांक 24 मार्च 2006 के द्वारा उर्वरक निरीक्षक एवं जैव उर्वरक तथा कार्बनिक उर्वरक निरीक्षक के लिए योग्यता का निर्धारण किया गया है जिसे उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में धारा-27A एवं 27B के रूप में जोड़ा गया है। धारा-27A के अन्तर्गत उर्वरक निरीक्षक को कृषि अथवा रसायन के साथ विज्ञान में स्नातक होना चाहिए तथा उर्वरक गुण नियंत्रण का प्रशिक्षण प्राप्त हो अथवा इसका अनुभव हो एवं राज्य अथवा केन्द्र सरकार के कृषि विभाग में कार्यरत हों। धारा-27B के अन्तर्गत जैव उर्वरक एवं कार्बनिक उर्वरक निरीक्षक को कृषि अथवा रसायन/माइक्रोबायोलॉजी के साथ स्नातक होना चाहिए तथा जैव उर्वरक/कार्बनिक उर्वरक के गुण नियंत्रण का प्रशिक्षण प्राप्त हो अथवा इसका अनुभव हो। उर्वरक नियंत्रण आदेश की धारा-27 के अन्तर्गत राज्य सरकार को गजट अधिसूचना के माध्यम से अधिकार क्षेत्र की सीमा निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार संख्या में उर्वरक निरीक्षक घोषित करने की शक्ति प्रदा है। भारत सरकार के उपरोक्त पत्रों के आलोक में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा-27 के अन्तर्गत उर्वरक निरीक्षक घोषित करने सम्बन्धी विभागीय अधिसूचना संख्या 5513, दिनांक 16 अप्रील 1986, 356 दिनांक 8 जनवरी 1991, 1729, दिनांक 21 मई 1998 एवं 6235, दिनांक 21 अगस्त 2008 को संशोधित करते हुए राज्य सरकार उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा-27A एवं 27B में निर्धारित योग्यता रखने वाले निम्न पदाधिकरियों को उक्त आदेश की धारा-27 के अन्तर्गत उनके पदनाम के सामने अंकित अधिकार क्षेत्र की अधिसीमा में उर्वरक निरीक्षक नियुक्त करते हुए उपर्युक्त आदेश की धारा-28 में निहित शक्तियाँ प्रदा करती है। किसी प्रखंड में उपरोक्त योग्यता रखने वाले प्रखंड कृषि पदाधिकारी कार्यरत नहीं होने की स्थिति में जिला कृषि पदाधिकारी को यह शक्ति प्रदा होगी कि ऐसे प्रखंड की सीमा से लगने वाले निकटतम प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, जिन्हें उपरोक्त योग्यता प्राप्त है, को ऐसे प्रखंड के लिए उर्वरक निरीक्षक घोषित करेंगे एवं इसकी सूचना कृषि निदेशक को देंगे।

क्रमांक पदनाम कार्यक्षेत्र
1 कृषि निदेशक, बिहार सम्पूर्ण बिहार राज्य
2 स युक्त कृषि निदेशक, उपादान, कृषि निदेशालय ं सम्पूर्ण बिहार राज्य
3 स युक्त कृषि निदेशक, मुख्यालय, कृषि निदेशालय ं सम्पूर्ण बिहार राज्य
4 उप कृषि निदेशक, फसल, कृषि निदेशालय सम्पूर्ण बिहार राज्य
5 उप कृषि निदेशक, मुख्यालय, कृषि निदेशालय सम्पूर्ण बिहार राज्य
6 सभी संयुक्त कृषि निदेशक अपने अधिकार क्षेत्र में
7 सभी जिला कृषि पदाधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में
8 सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में
9 सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी संबंधित प्रखंड क्षेत्र मे ं

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।4 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 4 मई 2010 सं॰ 5/F -18/89-617—उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड 38 के उपखण्ड 5 के द्वारा प्रदा शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार के द्वारा कृषि विभाग की अधिसूचना सं० 268 उ० को०/कृ०, दिनांक 30 अक्तूबर 2009 के द्वारा राज्य उर्वरक समिति का गठन किया गया। राज्य उर्वरक समिति की बैठक दिनांक 11 मार्च 2010 को आयोजित की गयी। राज्य उर्वरक समिति की बैठक में उर्वरक मिश्रण के सम्बन्ध में सर्वसम्मति से निम्न निर्णय लिया गया :- 1. कृषि विभाग की अधिसूचना सं० 9936, दिनांक 27 अक्तूबर 1990 के द्वारा बिहार राज्य के लिए अधिसूचित पाँच एन० पी० के० मिश्रण ग्रेड यथा 15ः15ः7.5, 18ः18ः6, 18ः18ः10, 12ः32ः0, 12ः12ः12 में से दो गे्रड यथा 18ः18ः10 एवं 12ः32ः0 को समाप्त किया जाय एवं 15ः15ः7.5, 18ः18ः6, 12ः12ः12 को ही जारी रखा जाय। 2. एन० पी० के० मिश्रण विनिर्माण को सीमित रखने के उद्देश्य से निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 4252, दिनांक 30 जून 1995 के संबंध में निर्णय लिया गया कि जिन प्रतिष्ठनों को एन० पी० के० उर्वरक दानेदार मिश्रण का विनिर्माण एवं विपणन की स्वीकृति दी जा चुकी है उनके अतिरिक्त किसी अन्य प्रतिष्ठान को विपणन/विनिर्माण हेतु भविष्य में स्वीकृति नहीं दी जाय। 3. सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक मिश्रण के लिए कृषि विभाग की अधिसूचना संख्या 1240, दिनांक 11 फरवरी 1999 के सम्बन्ध में निम्न निर्णय लिया गया :-

(i) सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक मिश्रण के composition में Zn(organic) एवं Zn(chelated) के स्थान पर Zn(Inorganic) or Zn(chelated) अंकित किया जाय।

(ii) छोटानागपुर का नाम अधिसूचना से हटा दिया जाय। (iii) North Bihar non Recent Alluvium के स्थान पर North Bihar non-Calcareous recent alluvium प्रतिस्थापित किया जाय।

4. उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड 14(1) में प्रावधान है कि कोई व्यक्ति जो किसी प्रकार के उर्वरक मिश्रण अथवा विशेष उर्वरक मिश्रण के विनिर्माण के लिए पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त करना चाहता है, को इसके लिए ऐसी योग्यता होनी चाहिए अथवा ऐसी योग्यता रखनेवाले किसी व्यक्ति को नियोजित करना होगा, जो राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इसके आलोक में निर्णय लिया गया कि किसी भी प्रकार का उर्वरक अथवा विशेष उर्वरक मिश्रण का विनिर्माण पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की इच्छा रखनेवाले व्यक्ति को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविधालय/संस्थान से कृषि में स्नातक अथवा स्नातक विज्ञान (रसायन प्रतिष्ठान) की योग्यता हो अथवा ऐसी योग्यता धारित करनेवाले व्यक्ति को नियोजित करना होगा।

5. राज्य सरकार ने राज्य उर्वरक समिति के निर्णय पर सम्यक विचारोपरान्त निम्न निर्णय लिया है :-

(i) राज्य सरकार उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 13 के उप-खंड 2 के द्वारा प्रदा शक्ति का प्रयोग करते हुए बिहार राज्य के लिए कृषि विभाग की अधिसूचना संख्या 9936, दिनांक 27 अक्तूबर 1990 के द्वारा अधिसूचित एन० पी० के० के पाँच ग्रेडों यथा 15ः15ः7.5, 18ः18ः6, 18ः18ः10, 12ः32ः0 एवं 12ः12ः12 में से दो ग्रेडों यथा 18ः18ः6 एवं 12ः32ः0 को समाप्त करती है तथा तीन ग्रेडों यथा 15ः15ः7.5, 18ः18ः6, 12ः12ः12 को ही आगे जारी रखने का निर्णय लेती है। इन तीन ग्रेडों का विनिर्माण निम्न विनिर्देशों के अनुरूप हीं किया जा सकेगा :-

Sl. No. Grade of N:P:K Mixture Specifications Percentage
1. 12:12:12 Mixture of N:P:K Fertilizer (Inorganic) (i) Nitrogen per cent by weight, minimum 12.0
(ii) Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 12.0
(iii) Neutral Ammonium citrate soluble Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 12.0
(iv) Water soluble Phosphate (P2O5) per cent by weight, minimum 06.0
(v) Water soluble Potash (as K2O) per cent by weight, minimum 12.0
(vi) Particle size – 90 per cent material shall pass through 4.5 mm IS sieve and be retained on 1 mm IS sieve. Not more than 10 per cent shall be below 1 mm IS sieve
2. 18:18:06 Mixture of N:P:K (i) Nitrogen per cent by weight, minimum 18.0
(ii) Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 18.0
(iii) Neutral Ammonium citrate soluble Phosphate (as P2O5) per 18.0
Fertilizer (Inorganic) cent by weight, minimum
(iv) Water soluble Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 09.0
(v) Water soluble Potash (as K2O) per cent by weight, minimum 06.0
(vi) Particle size – 90 per cent material shall pass through 4.5 mm IS sieve and be retained on 1mm IS sieve. Not more than 10 per cent shall be below 1 mm IS sieve
3. 15:15:7.5 Mixture of N:P:K Fertilizer (Inorganic) (i) Nitrogen per cent by weight, minimum 15.0
(ii) Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 15.0
(iii) Neutral Ammonium citrate soluble Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 15.0
(iv) Water soluble Phosphate (as P2O5) per cent by weight, minimum 7.5
(v) Water soluble Potash (as K2O) per cent by weight, minimum 7.5
(vi) Particle size – 90 per cent material shall pass through 4.5 mm IS sieve and be retained on 1mm IS sieve. Not more than 10 per cent shall be below 1 mm IS sieve
5 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

(ii) इस अधिसूचना के निर्गत होने की तिथि को जिन प्रतिष्ठानों को कंडिका 5(i) में अनुसंषित तीन ग्रेडों में से जिस ग्रेड के विनिर्माण एवं विपणन हेतु स्वीकृति दी गई है उसके अतिरिक्त किसी भी प्रतिष्ठान को भविष्य में बिहार गे्रड उर्वरक मिश्रण के उत्पादन, भंडारण अथवा विपणन हेतु अनुमति नहीं दी जाएगी ताकि किसानों को मिलनेवाले खाद की गुणवाा में सुधार हो सके। वर्तमान में कार्यरत प्रतिष्ठानों को भी स्वीकृत उर्वरक मिश्रण ग्रेड की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की अनुमति भी नहीं दी जाएगी।

(iii) उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड (13) के खंड (2) में प्रदा शक्ति का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार सूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण के संदर्भ में निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 1240, दिनांक 11 फरवरी 1994 को निम्न रूप से प्रतिस्थापित किया जाता हैः-

Sl. No. Type of Soil Type of Application Specifications (%)
1 Calcareous Soil & South Bihar Plain Foliar (i) Fe (Chelated) – 3 (ii) Mn – 0.5 (iii) Zn Inorganic – 8 or Zn Chelated – 5 (iv) Cu – 0.2 (v) Mo – 0.01 (vi) B – 1.5 (vii) Solubility in water Minimum –90% (viii) PH not less than – 3.5
2 Calcareous Soil & South Bihar Plain Soil (i) Fe (Chelated) – 4 (ii) Mn – 0.5 (iii) Zn Inorganic – 10 or Zn Chelated – 5 (iv) Cu – 0.2 (v) Mo – 0.02 B – 2.0 (vi)
3 North Bihar non Calcareous Recent alluvium Tarai Sub Himalaya Foliar (i) Fe (Chelated) - 0.5 (ii) Mn – 0.2 (iii) Zn Inorganic – 5 or Zn Chelated – 3 (iv) Cu – 0.5 (v) Mo – 0.02 (vi) B – 0.5 (vii) Solubility in water Minimum – 90% (viii) PH not less than – 3.5
4 North Bihar non Calcareous Recent alluvium Tarai Sub Himalaya Soil (i) Fe (Chelated) – 1.0 (ii) Mn – 0.2 (iii) Zn Inorganic – 8 or Zn Chelated – 4 (iv) Cu – 1.0 (v) Mo – 0.03 (vi) B – 1.0
5 Tal land & Acidic soil Foliar (i) Zn Inorganic – 2 or Zn Chelated – 1 (ii) Mo – 0.05 (iii) B – 1.5 (iv) Solubility in water Minimum – 90% (v) PH not less than – 3.5
6 Tal land &Acidic soil Soi (i) Zn Inorganic – 4 or Zn Chelated – 2 (ii) Mo – 0.05 (iii) B – 2.0
Foliar spray – 0.5%to1% - 2-3 times – For Wheat, Maize, Pulses, Oilseeds and Vegetables In case of Sugarcane Mn will be Doubled Soil – 20-30 kg/ha - Do
6 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

6. उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खंड 14(1) के अन्तर्गत राज्य सरकार उर्वरक मिश्रण अथवा उर्वरक विशेष मिश्रण विनिर्माता के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविधालय/संस्थान से प्राप्त कृषि स्नातक अथवा स्नातक विज्ञान (रसायन प्रतिष्ठान) की योग्यता निर्धारित करती है। कोई्र भी व्यक्ति, जो उर्वरक मिश्रण अथवा विशेष उर्वरक मिश्रण का विनिर्माण करना चाहता है, को उपरोक्त निर्धारित योग्यता रखनी होगी अथवा ऐसी योग्यता धारित करनेवाले किसी व्यक्ति को नियोजित करना होगा।

7. इस हद तक विभागीय अधिसूचना सं० 9936, दिनांक 27 अक्तूबर 1990, अधिसूचना सं० 4252, दिनांक 30 जून 1995 एवं 1240, दिनांक 11 फरवरी 1994 को संशोधित समझा जाय। 8. यह अधिसूचना निर्गत की तिथि से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।7 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

10 मई 2010

सं॰ 5/F - 33/85 सं० 634/कृ—उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा-7 एवं 36(1) के अधीन प्रदत शक्तियों के तहत पूर्व में निर्गत कृषि विभाग की अधिसूचना सं० 1001 दिनांक 14 मार्च 2010 के क्रम में जैव एवं कार्बनिक उर्वरकों के लिए राज्य सरकार द्वारा निम्नांकित मद में देय शुल्क का निर्धारण किया जाता है :-

(क) 1 जैव/कार्बनिक उर्वरकों के विनिर्माण पंजीकरण प्रमाण पत्र के लिए शुल्क 1000.00 रू0 (एक हजार रू०)
2 जैव/कार्बनिक उर्वरकों के विनिर्माण पंजीकरण प्रमाण पत्र के स शोधन के लिए शुल्क ं 200.00 रू0 (दो सौ रू०)
3 जैव/कार्बनिक उर्वरकों के विनिर्माण पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीकरण शुल्क 1000.00 रू0 (एक हजार रू०)
4 जैव/कार्बनिक उर्वरकों के विनिर्माण पंजीकरण प्रमाण पत्र के नवीकरण के लिए विलम्ब शुल्क 100.00 रू0 (एक सौ रू०)
5 जैव/कार्बनिक उर्वरक विनिर्माण प्रमाण पत्र की द्वितीय/अतिरिक्ति प्रतियों के लिए शुल्क 100.00 रू0 (एक सौ रू०)

(ख) जैव/कार्बनिक उर्वरक व्यवसाय हेतु :

1 थोक उर्वरक विक्रेता विपणन प्राधिकार प्रमाण पत्र के लिए शुल्क 2250.00 रू0 (दो हजार दो सौ पचास रू०)
2 थोक उर्वरक विक्रेता के विपणन प ाधिकार ्र पत्र का नवीकरण के लिए शुल्क 2250.00रू0 (दो हजार दो सौ पचास रू० )
3 थोक उर्वरक विक्रेता के विपणन प्राधिकार पत्र के नवीकरण के लिए विलम्ब शुल्क 75 रू0 (पचहार रू०)
4 थोक उर्वरक विपणन प्राधिकार पत्र के संशोधन के लिए शुल्क 150 रू0 (एक सौ पचास रू०)
5 थोक उर्वरक विक्रेताओं के पंजीकरण प्रमाण पत्र की द्वितीय/अतिरिक्त प्राप्तियों के लिए शुल्क 75 रू0 (पचहार रू०)

2. किसी आवेदक के आवेदन-पत्र को स्वीकार करने के पूर्व पंजीकरण/अधिसूचित प्राधिकारी द्वारा यह सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि आवेदक द्वारा शीर्ष 0401-कृषि कार्य-800-अन्य प्राप्तियाँ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अधीन शुल्क की प्राप्तियों के अन्तर्गत कोषागार चलान के माध्यम से अपेक्षित शुल्क जमा कर दिया गया है।

3. यह आदेश तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।8 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010

गृह ऽ विषेषऽ विभाग

———

अधिसूचना

6 अगस्त 2010

॰

सं -एन/गृ0को0-74-0024/2009-319—श्री वषिष्ठ नारायण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, सलाहकार पर्षद, जे0 पी0 सेनानी सम्मान योजना, बिहार, पटना को विभागीय संकल्प संख्या 277, दिनांक 5 जुलाई 2010 द्वारा अध्यक्ष सलाहकार पर्षद, जे0 पी0 सेनानी सम्मान योजना के रूप में नामित किये जाने के फलस्वरूप श्री संजय कुमार सिंह, आप्त सचिव, कार्यकारी अध्यक्ष को दिनांक 8 जुलाई 2010 अपराह्‌न से अपने पद से सेवामुक्त किया जाता है।

ऽ 1ऽ यह सेवा मुक्ति सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के परिपत्र संख्या 927, दिनांक 23 सितम्बर

2006 के निहित प्रावधान के आलोक में किया गया है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।

———

गृह ऽ विषेषऽ विभाग

———

आदेश

6 अगस्त 2010

संख्या-एन/गृ0को0-74-0024/2009-320—श्री वषिष्ठ नारायण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष, सलाहकार पर्षद

जे0 पी0 सेनानी सम्मान योजना के अन्तर्गत गृह ऽ विषेषऽ विभाग, बिहार, पटना के विभागीय संकल्प संख्या 277,

दिनांक 5 जुलाई 2010 द्वारा अध्यक्ष सलाहकार पर्षद, जे0 पी0 सेनानी सम्मान योजना के रूप में नामित किये

ह्न

जाने के फलस्वरूप कार्यकारी अध्यक्ष के निम्न कर्मियों को दिनांक 8 जुलाई 2010 अपरा

से अपने पद से सेवा

मुक्त किया जाता है।

1. श्री रंजन कुमार - निजी सहायक

2. श्री राजन कुमार - आदेषपाल

3. श्री अषोक कुमार विषैन - आदेषपाल

ऽ 1ऽ यह सेवा मुक्ति सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के परिपत्र संख्या 927, दिनांक 23 सितम्बर

2006 के निहित प्रावधान के आलोक में किया गया है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।9 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 सं॰ 15/एम1-181/10-2481 मानव संसाधन विकास विभाग ——— संकल्प 10 अगस्त 2010

विषय :-अंगीभूत महाविद्यालयों में B. Ed. प्रषिक्षण का पाठ्‌यक्रम प्रारम्भ करने के संबंध में। गुणात्मक स्कूली षिक्षा राज्य के विकास के लिये आवष्यक है। सरकार स्कूली षिक्षा को सार्वभौमिक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने हेतु सभी स्तरों (प्रारंभिक, सेकन्डरी एवं सीनियर सेकन्डरी) पर पूरी तरह प्रयत्नषील है। राज्य में स्कूली संरचना पर्याप्त रूप से समृद्ध की जा चुकी है। अब हमारा स्कूल-षिक्षक अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो चुका है। राज्य के सभी बच्चों के लिये 1 कि0मी0 के अंदर प्राथमिक तथा 3 कि0मी0 के अंदर प्रारंभिक स्कूल की उपलब्धता सुनिष्चित की जा चुकी है। गुणवत्तापूर्ण स्कूली षिक्षा के लिये पर्याप्त संख्या में गुणवत्तापूर्ण अध्यापक प्रषिक्षण संस्थानों का होना भी आवष्यक है। NCTE से मान्यता प्राप्त हमारे राज्य में 57 सेकन्डरी अध्यापक प्रषिक्षण (B.Ed. प्रषिक्षण) संस्थान हैं तथा प्रारंभिक अध्यापक प्रषिक्षण (D. Ed. प्रषिक्षण) संस्थानों की संख्या 36 है। वर्ष भर में लगभग 5500 छात्र-छात्राएँ सेकन्डरी अध्यापक प्रषिक्षण (D. Ed.) तथा लगभग 3000 छात्र-छात्राएँ प्रारंभिक अध्यापक प्रषिक्षण (D.Ed.) की डिग्री/डिप्लोमा प्राप्त कर सकते हैं। बिहार जैसे नौ करोड़ आबादी वाले राज्य के लिये यह संख्या अपर्याप्त है। देष के कई छोटे राज्यों में प्रति वर्ष हमसे कई गुणा अधिक प्रषिक्षित अध्यापक तैयार किये जा रहे हैं।

हमारे अधिकांष सेकन्डरी अध्यापक प्रषिक्षण संस्थान निजी क्षेत्र के हैं। महाविद्यालय एवं विष्वविद्यालयों से प्रतिवर्ष निकलने वाले इच्छुक स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त छात्र-छात्राओं को योग्य षिक्षक बनाना चुनौती बन गया है। हमारे अंगीभूत महाविद्यालयों में अध्यापक-प्रषिक्षण के विभाग नहीं के बराबर हैं। अध्यापक-प्रषिक्षण जैसे महत्त्वपूर्ण क्षेत्र में हमारे इन महाविद्यालयों को पहल कदमी करनी पड़ेगी, तभी हम पर्याप्त संख्या में छात्र-छात्राओं को स्कूली षिक्षण के लिये तैयार कर पायेंगे।

राज्य सरकार ने भारी संख्या में स्कूली षिक्षकों की नियुक्ति की है और यह सिलसिला लगातार जारी है। B.Ed. और D.Ed. कोर्सों में नामांकन की भारी माँग है तथा जरूरत भी। अतः वैसे अंगीभूत महाविद्यालय जिनके पास षिक्षा/अध्यापक षिक्षा के विभाग खोलने के लिये NCTE के मानदंडों के अनुरूप भवन उपलब्ध हैं या उपलब्धता सुनिष्चित की जा सकती है; अध्यापक षिक्षा के पाठ्‌यक्रमों को स्व-वित्त पोषित योजना के तहत शुरू करने की दिषा में कदम बढ़ाने के लिये अपील की जाती है। भवन के साथ-साथ आवष्यकतानुसार फर्नीचर, प्रयोगषालाएँ, पुस्तकालय तथा कुछ अन्य सुविधाओं को सुनिष्चित करने का प्रयास भी अपेक्षित है। एक अंगीभूत महाविद्यालय में अध्यापन कार्य के लिए सात षिक्षकों की आवष्यकता होगी और संबंधित प्राचार्य कोऑर्डिनेटर की हैसियत से काम कर सकते हैं। UGC द्वारा निर्धारित मानदंडों को ध्यान में रखकर व्याख्याता पदों के लिए योग्य व्यक्तियों का पैनल तैयार करने की जिम्मेवारी संबंधित कुलपति एवं संबंधित प्राचार्य/कोऑर्डिनेटर की होगी।

मानव संसाधन विभाग उनके प्रयासों को साकार रूप देने के लिये संकल्पित एवं प्रयाषरत है। इच्छुक अंगीभूत महाविद्यालयों को सरकार ईस्टर्न रिजनल कमिटी (ERC), भुवनेष्वर से स्वीकृति प्रदान कराने में नियमानुसार कदम उठायेगी। इन महाविद्यालयों के प्राचार्यों से अपील है कि वे NCTE के Website (www.ncte-india.org) पर उपल्बध सूचनाओं का अध्ययन कर तथा आवेदन प्रपत्र को डाउनलोड कर, स्वीकृति प्राप्त करने की दिषा में जल्द से जल्द कदम उठावें।10 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 सरकार अपेक्षित सहयोग देने के लिए तत्पर हैं। B.Ed. का एक मानक Syllabus विभाग के पास उपलब्ध है। B.Ed. प्रषिक्षण प्रारम्भ करने वाले तमाम महाविद्यालयों को समयानुसार पाठ्‌यक्रम उपलब्ध करा दिया जायगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

जे0 पी0 सिंह, निदेषक (उ0षि0)।

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मुख्य अभियंता उत्तर का कार्यालय

नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाध्न-विभाग, मुजफ्रपफरपुर

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कार्यालय आदेश

8 जुलाई 2010

संस्था0-3, बी-33/10-709—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661, दिनांक 2 अप्रील 2007 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व राम किशोर प्रसाद सिन्हा भूतपूर्व नीलचित्राक नलकूप प्रमण्डल, पूर्णियाँ के आश्रित पुत्रा-श्री अमित कुमार सिन्हा को नलकूप प्रमण्डल, मध्ेपुरा के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान रुपए 3050-75-3950-80-4590 तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्‌द किया जा सकता है। 2. श्री अमित कुमार सिन्हा पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण-पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व राम किशोर प्रसाद सिन्हा के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियंता नलकूप प्रमण्डल, मध्ेपुरा के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित पत्रा का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा कर ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293, दिनांक 5 अक्तूबर 1991 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरु( विध्वित की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियंता द्वारा कर ली जायेगी।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293, दिनांक 5 अक्तूबर 1991 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरू( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में श्री अमित कुमार सिन्हा को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा-पत्रा भी कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियंता श्री अमित कुमार सिन्हा की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पृछा नोटिस देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।

7. तिलक-दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा-पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहे व्यक्ति को कार्यपालक अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरु( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा।11 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 9. इन्हे छः माह के अन्दर कम्प्युटर टाईपिंग का ज्ञान आवश्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कारवाई की जायेगी।

10. योगदान करने हेतु श्री अमित कुमार सिन्हा को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

11. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31 अगस्त 2005 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें।

आदेश से,

राजवंश राय, मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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मुख्य अभियंता उत्तर का कार्यालय

नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाध्न-विभाग, मुजफ्रपफरपुर

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कार्यालय आदेश

8 जुलाई 2010

सं स्था0-3, बी-12/09-711—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्राांक-1661 दिनांक 2 अप्रील 2007 में निहित सरकार के आदेश के अनुपालन में स्व समीर कुमार घोष, भूतपूर्व नलकूप चालक, नलकूप प्रमण्डल, पूर्णियाँ के आश्रित पुत्राी-सुश्री भास्वती घोष को नलकूप अंचल, पुर्णिया के अन्तर्गत निम्नवर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान रुपये 3050-75-3950-80-4590 रूपये तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधर पर औपबंध्कि रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्द किया जा सकता है।

2. सुश्री भास्वती घोष पत्रा प्राप्ति के 15 दिनों के अन्दर निश्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाध्किारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्रा, आय प्रमाण-पत्रा, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में पफौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व समीर कुमार घोष के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोषण करने संबंध्ी अद्यतन शपथ-पत्रा आदि मूल कागजात अध्ीक्षण अभियंता नलकूप अंचल, पुर्णिया के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच अध्ीक्षण अभियंता करेगें तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।

3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्रा/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुशंसित पत्रा का सत्यापन अध्ीक्षण अभियंता द्वारा कर ली जायेगीं।

4. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293, दिनांक 5 अक्तूबर 1991 की कंडिका-1 ;खद्ध के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरु( विध्वित की गई थी, का सत्यापन अध्ीक्षण अभियंता द्वारा कर ली जायेगी।

5. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधर विभाग का परिपत्रा संख्या 13293, दिनांक 5 अक्तूबर 1991 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरु( यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोषण में किसी प्रकार की त्राुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाध्किारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध् में सुश्री भास्वती घोष को योगदान के समय वर्णित अनुदेश के अनुरूप एक घोषणा-पत्रा भी अध्ीक्षण अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे अध्ीक्षण अभियंता सुश्री भास्वती घोष की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेंगे।

6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधर पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तों किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिश देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।12 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 7. तिलक-दहेज नहीं लेने और न देने संबंध्ी एक घोषणा पत्रा भी नियुक्ति किये जा रहे व्यक्ति को अध्ीक्षण अभियंता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।

8. यदि यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरु( पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा। 9. इन्हे छः माह के अन्दर कम्प्यूटर टाईपिंग का ज्ञान आवश्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कारवाई की जायेगी।

10. योगदान करने हेतु सुश्री भास्वती घोष को यात्राा-भत्ता देय नहीं होगा।

11. वित्त विभाग के संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31 अगस्त 2005 में निहित अंशदायी पेंशन योजना संबंध्ी प्रावधन लागू होगें।

आदेश से,

राजवंश राय, मुख्य अभियंता ;उत्तरद्ध।

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अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 22Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in13 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत

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भवन निर्माण विभाग

——— अधिसूचना

7 जुलाई 2010 सं॰ भवन/निग-1-विविध-01/10-5165 (भ)—श्री राकेश रंजन प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता, शिक्षा कोषांक, हजारीबाग सम्प्रति सेवा-निवृत कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध उनके हजारीबाग के पदस्थापन काल में 5,85,953 (पाँच लाख पचासी हजार नौ सौ तिरपन) रुपये के असमायोजित अग्रिम के कारण उन्हें निलंबित कर विभागीय कार्यवाही संचालन की अनुशंसा वर्ष 1996 में की गई थीं । इस संबंध में श्री सिन्हा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरुद्ध पर लोक अभियोजना, राँची द्वारा अग्रिम राशि एवं सरकारी कोष के गबन का कोई मामला नहीं बन पाने के कारण औचित्यहीन बताया गया । कालान्तर में विभागीय स्तर पर जाँच कराए जाने के क्रम में मुख्य अभियंता, भवन निर्माण विभाग, झारखंड, राँची से प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार श्री सिन्हा के पास कोई सरकारी राशि लंबित नहीं बताया गया और उन्हें (श्री सिन्हा) उक्त आरोप से मुक्त करने की अनुशंसा की गई ।

अतः विभाग द्वारा श्री सिन्हा को संदर्भित आरोप से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है । तद्‌नुसार श्री सिन्हा को आरोप मुक्त किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

विनय कुमार श्रीवास्तव,

संयुक्त सचिव-सह-मुख्य निगरानी पदाधिकारी।

——— विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग ——— अधिसूचना 23 जुलाई 2010 सं॰ वि॰प्रा॰(।)अ1-14/10-2110—डा॰ फजले सरवर, व्याख्याता (प्र॰कोटि), विधुत-सह-प्रभारी प्राचार्य, राजकीय पोलिटेकनिक, गोपालगंज को नगर थाना कांड गोपालगंज में दर्ज प्राथमिकी संख्या 122/2010 में दिनांक 20 अप्रील 2010 को न्यायिक हिरासत में लिए जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के14 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 नियम-92(क) के अंतर्गत दिनांक 20 अप्रील 2010 के प्रभाव से निलंबित किया जाता है तथा दिनांक 1 मई 2010 को जमानत पर रिहा किए जाने के फलस्वरूप उक्त नियमावली के नियम-9 (3)(।) के तहत दिनांक 1 मई 2010 के प्रभाव से निलम्बन से मुक्त करते हुए उनका योगदान स्वीकृत किया जाता है। 2. निलम्बन की अवधि में डॉ॰ सरबर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता अनुमान्य होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।

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मानव संसाधन विकास विभाग

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अधिसूचनाएं

5 अगस्त 2010

सं॰ 3/आ0-2-96/08-723—श्रीमती गायत्री सिन्हा, सेवा-निवृत जिला विद्यालय निरीक्षिका, पटना द्वारा उनके गया, नवादा, जहानाबाद एवं औरंगाबाद के पदस्थापन काल में नियुक्ति हेतु सक्षम प्राधिकार नही रहने के वावजूद अवैध रूप से 10 सहायक षिक्षिकाओं की नियुक्ति किए जाने का आरोप सी0 बी0 आई0 द्वारा प्रतिवेदित किया गया, जिसके आलोक में उनके विरुद्ध बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत गठित आरोप पर विभागीय संकल्प सं0 132, दिनांक 3 मार्च 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। 2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक मु0 नि0 को0 10/09-89/डी एस/(V) दिनांक 2 सितम्बर 2009 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्रीमती सिन्हा के विरुद्ध लगाये गये आरोप प्रमाणित पाया गया, जिसके आलोक में विभागीय पत्रांक1168, दिनांक 23 मार्च 2009 द्वारा श्रीमती सिन्हा से प्रमाणित आरोपों के लिए उन्हें क्यों नहीं दण्डित किया जाय, के सम्बन्ध में कारण पृच्छा की गयी। श्रीमती सिन्हा द्वारा अपने पत्र दिनांक 10 फरवरी 2009 द्वारा कारण पृच्छा का प्रत्युत्तर समर्पित किया गया, जिसके समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि श्रीमती सिन्हा द्वारा कोई नया तथ्य अपने कारण-पृच्छा के प्रत्युत्तर में अंकित नहीं किया गया है। फलतः सरकार द्वारा उनके कारण-पृच्छा प्रत्युत्तर को अस्वीकृत करते हुए आरोपी के विरूद्ध वृहद-दण्ड में पेंषन से0 20 प्रतिशत राषि कटौती करने का दंड निर्धारित किया गया। तदोपरान्त विभागीय पत्रांक 160 दिनांक 9 फरवरी 2010 द्वारा कार्मिक एवं प्र0 सुधार विभाग के पत्रांक 2609, दिनांक 13 सितम्बर 2006 के आलोक में प्रस्तावित दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष की माँग की गयी। 3. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 4791, दिनांक 4 जून 2010 द्वारा श्रीमती सिन्हा के विरुद्ध प्रस्तावित वृहद्‌-दण्ड, पेंषन से 20 प्रतिशत राषि कटौती करने के प्रस्ताव में अपनी सहमति प्रदान की गयी है। 4. अतः बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति के आलोक में सरकार द्वारा श्रीमती गायत्री सिन्हा, सेवा-निवृत जिला विद्यालय निरीक्षिका, पटना सम्प्रति सेवा-निवृत के विरुद्ध बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोप के लिए वृहद्‌ दण्ड में श्रीमती सिन्हा के पेंषन से 20 प्रतिशत राषि कटौती के दण्ड को अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिल कुमार वर्मा, निदेशक (प्रशासन)-सह-अपर सचिव।

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5 अगस्त 2010

सं॰ 3/आ 2-54/2000-724—.श्री विजय कुमार मिश्र, तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक, समस्तीपुर, सम्प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी, कैमूर के विरुद्ध निदेशक, प्राथमिक शिक्षा के पत्रांक 04, दिनांक 6 जनवरी .2000 के द्वारा उनके समस्तीपुर पदस्थापनकाल में शिक्षक की कुल स्वीकृृत इकाई 6160 से अधिक 6.276 इकाई दिखाते हुए, बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर 400 अम्यर्थियों की नियुक्ति किए जाने के कारण स्वीकृृत बल से अधिक शिक्षकों के वेतनादि के भुगतान सम्बन्धी आरोप प्रपत्र-'क' में गठित आरोपों पर विभागीय संकल्प सं01153, दिनांक 6 दिसम्बर 2001 द्वारा बिहार सिविल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन कन्ट्रोल एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी, जिसका संचालन पदाधिकारी, निदेशक प्रा0 शि0 को बनाया गया। 2. संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने प़त्रांक 406 (नि0 प्रा0), दिनांक 17 सितम्बर 2003 द्वारा जॉच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जॉच पदाधिकारी द्वारा समर्पित प्रतिवेदनानुसार आरोपित पदाधिकारी को अपना पक्ष रखने का मौका दिये जाने के बाद भी उनके द्वारा जॉच कार्य में कोई सहयोग नहीं किया गया। फलतः संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आरोपित पदाधिकारी के विरुद्ध लगाये गए आरोप को प्रमाणित माना गया। सरकार द्वारा जॉच प्रतिवेदन की समीक्षोपरान्त श्री मिश्र के विरुद्ध प्रमाणित आरोप पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14(vii) एवं संशोधन नियमावली 2007 के नियम 2(vii) में उल्लिखित बृृहद-दण्ड में न्यूनतर पद पर अवनति का दण्ड निर्धारित किया गया।15 (cid:18)बहार गजट, 18 अगःत 2010 4. उपरोक्त निर्धारित दण्ड पर बिहार सरकारी संवक स्वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2005 के प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय पत्रांक 567, दिनांक 8 जुलाई 2009 द्वारा ओरोपी पदाधिकारी श्री मिश्र से द्वितीय कारण पृृच्छा की गयी। 5. आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपने पत्रांक 99, दिनांक 17 अगस्त 2009 द्वारा द्वितीय कारण पृृच्छा का प्रत्यूतर सौपा गया, जिसके समीक्षोपरान्त पाया गया कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपने कारण-पृृच्छा में कोई ऐसी नया तथ्य नहीं दिया गया, जिस पर जॉच पर जॉच या विचार आवश्यक हो। अतः सरकार द्वारा प्रस्तावित दण्ड को बरकरार रखने का निर्णय लेते हुए बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। तत्पश्चात कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के परिपत्र सं0 2609, दिनांक 13 सितम्बर 2006 के आलोक में विभागीय पत्रांक 1023, दिनांक 15 अक्तूबर 2009 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से निर्धारित दण्ड पर सहमति। परामर्श की मॉग की गयी। 6. उपरोक्त के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अपने पत्रांक 390, दिनांक 27 मई 2010 द्वारा प्रस्तावित दण्ड पर अपनी सहमति प्रदान की गयी है। अतः सरकार द्वारा श्री विजय कुमार मिश्र, तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक, समस्तीपुर सम्प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी, कैमुर के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के लिए श्री मिश्र को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (6)के तहत वृहद दण्ड में ''न्यूनतर पद पर अवनति संबंधी निर्धारित दण्ड को अधिरोपित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिल कुमार वर्मा, निदेशक (प्रशासन)-सह-अपर सचिव।

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अधीJक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 22Ñ571+50-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 18 August 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-08-18.33/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-08-18.33.