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संकल्प
29 जुलाई 2010
विषयः—राज्य के विश्वविद्यालयों एवं स्नातक महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए दिनांक 01 जनवरी 2006 से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अनुशंसित पुनरीक्षित वेतनमान सहित लागू करने के संबंध् में।
भारत सरकार के पत्राांक एपफ-1-32/2006-U-II/U,I(i), दिनांक 31 दिसम्बर 1998 के द्वारा विश्वविद्यालयों एवं स्नातक महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए दिनांक 01 जनवरी 2006 से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अनुशंसित पुनरीक्षित वेतनमान लागू करने के संबंध् में प्राप्त हुआ है जिसमें दिनांक 31 दिसम्बर 2008 के द्वारा दिनांक 01 जनवरी 2006 से दिनांक 31 मार्च 2010 तक वेतन पर होने वाले अतिरिक्त व्यय भार का 80 प्रतिशत वहन करने का उल्लेख किया गया है। मानव संसाध्न मंत्राालय के एक अन्य पत्राांक एपफ 3-1/2009 यू0I दिनांक 04 जून 2009 के द्वारा वेतन पुनरीक्षण के प्रसंग में पिफटमेन्ट टेबुल की प्रतियाँ उपलब्ध् करायी गयी है। विषयाध्ीन विषय से संबंध्ति वर्णित दोनाें पत्राों वेतन पुनरीक्षण समिति की अनुशंसाओं के पूर्ण विचारोपरान्त बिहार राज्य विश्वविद्यालय अध्निियम 1976 तथा पटना विश्वविद्यालय अध्निियम 1976 यथा अद्यतन संशोध्ति की धरा-35 ;iiद्ध के परन्तुक में अंकित प्रावधनों के अध्ीन राज्य के पारम्परिक विश्वविद्यालयों उनके अध्ीनस्थ स्नातक स्तरीय अंगीभूत महाविद्यालयों, घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों एंव राजकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ कुलपति एवं प्रतिकुलपति के वेतनमान का पुनरीक्षण निम्नांकित शर्त्तो एवं बंध्ेजों के अध्ीन, दिनांक 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया है :-
;1द्ध विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को पुनरीक्षित वेतन लागू होने की स्थिति में 1 अप्रील 2010 से सम्पूर्ण व्ययभार का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
;2द्ध भारत सरकार के द्वारा विश्वविद्यालय एवं अंगीभूत महाविद्यालय के शिक्षकों के लिए प्रस्तावित पुनरीक्षित वेतनमान नियुक्ति एवं प्रोन्नति सहित अन्य सभी शर्त्तों एवं बन्ध्ेजों के साथ सेवानिवृत्ति की आयुसीमा को छोड़कर दिनांक2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से लागू किया जाय तथा इन्हें प्रभावी करने हेतु विश्वविद्यालय अध्निियम एवं परिनियमों में आवश्यक संशोध्न दिनांक 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से किया जायगा।
;3द्ध विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के व्याख्याताआें/रीडर को क्रमशः सहायक प्रोपफेसर, एसोसिएट प्रोपफेसर के नाम से जाना जायेगा परन्तु प्रोपफेसर के पदनाम में कोई परिवर्त्तन नहीं होगा।
;4द्ध विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा समय-समय पर निर्धरित विनियमों एवं शैक्षणिक शर्त्तों यथा पी0एच0डी0 एवं अन्य शैक्षणिक शर्त्तों को धरित नहीं करनेवाले व्यक्ति प्रोपफेसर के पद पर नियुक्ति, प्रोन्नति या पदनामित किये जाने हेतु योग्य नहीं होंगे, तथापि विभिन्न न्याय निर्णयों से प्रभावित होने वाले मामलाें को छोड़कर पूर्व से पदनामित प्रोपफेसरों के स्टेटस पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
;5द्ध विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों का वेतन-निर्धरण उनके पदनाम के अनुरूप दो वेतन बैंडों रु0 15600-39100 एवं रु0 37400-67000 के उचित एकेडमिक ग्रेड-पे ;संक्षेप में ए0जी0पी0द्ध के साथ निर्धरित किया जाएगा। प्रत्येक वेतन बैंड में विभिन्न स्तरों पर एकेडमिक ग्रेड-पे पर शिक्षकों एवं अन्य समकक्षी कैडर वालों का इस योजना के तहत अन्य सेवाशर्त्तों के प्रावधनों के अनुरूप उनको अपने पेशा/वृत्ति में आगे बढ़ने का गुणात्मक सुअवसर प्राप्त होगा।
;6द्ध सहायक प्रोपफेसर के पद पर नई नियुक्ति के लिए नेट ;नेशनल इलिजीविलीटी टेस्टद्ध उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा परन्तु यू0जी0सी0 द्वारा निर्धरित मापदण्डों के तहत विश्वविद्यालयों द्वारा संधरित ;एडोप्टेडद्ध शर्त्तों के अध्ीन पी0एच0डी0 डिग्री प्राप्त व्यक्तियों को नेट पास किये जाने की अर्हता में छूट होगी। वैसे स्नातकोत्तर प्रोग्राम जिसमें नेट का प्रावधन नहीं है, नेट अर्हता अनिवार्य नहीं होगी।
;7द्ध विभिन्न कोटि के शिक्षकों यथा विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में सहायक प्रोपफेसर/ एसोसिएट प्रोपफेसर/ प्रोपफेसर के पदों के लिए पुनरीक्षित वेतनमान, सेवाशर्त्त एवं कैरियर एडवांसमेंट स्कीम निम्नप्रकार का होगाः-
(i) राज्य के विश्वविद्यालयों के अध्यापन पेशा में प्रवेश करनेवाले व्यक्तियों को सहायक प्रोपफेसर के रूप में नामित किया जाय और रुपये 15600-39100 के वेतन बैंड के साथ 6000 रुपये के शैक्षणिक ग्रेड वेतन ;एकेडमिक ग्रेड-पेद्ध में रखा जाय। सेवा में पहले से ही ऐसे व्याख्याता जो विध्वित रूप से पूर्व से इस सेवा में हैं तथा जिन्हें अपुनरीक्षित वेतनमान में रु0 8000-13500 का वेतनमान नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है, को सहायक प्रोपफेसर के रूप में 6000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे के साथ नामित किया जायगा।
(ii) एक सहायक प्रोपफेसर संबंध्ति विषय में पी0एच0डी0 डिग्री के साथ 4 वर्षों की सेवा पूरी करने पर 7000 रु0 तक के शैक्षणिक ग्रेड-पे प्राप्त करने के योग्य माना जायगा।
(iii) सहायक प्रोपफेसर, जो एम0पिफल0 या विध्मिान्य व्यावसायिक ;प्रोपफेसनलद्ध पाठ्यक्रमों में स्नातकोत्तर स्तर की, यथा- एल0एल0एम0/एम0टेक0 इत्यादि की डिग्री धरित करते हों, उन्हें 5 वर्षों की सेवा पूरी करने के पश्चात 7000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे पाने के योग्य माना जायगा।
(iv) ऐसे सहायक प्रोपफेसर, जिन्हें पी0एच0डी0 या एम0पिफल0 की डिग्री प्राप्त नहीं है या प्रासंगिक व्यावसायिक पाठ्यक्रम में स्नातकोत्तर स्तर की डिग्री नहीं है, उन्हें सहायक प्रोपफेसर के रूप में 6 वर्षों की सेवा पूरी होने के पश्चात ही 7000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे प्राप्त करने के योग्य माना जायगा। (v) 6000 रु0 से 7000 रु0 का उच्च स्तरीय एकेडमिक ग्रेड-पे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धरित किये जानेवाले अन्य विनियमों/निदेशों की पूर्त्ति किये जाने की शर्त्त के साथ अनुमान्य किया जायगा।
(vi) व्याख्याता ;सीनियर स्केलद्ध के पदधरकों को, जिन्हें अपुनरीक्षित वेतनमान में रु0 10000-325-15200 का वेतनमान अनुमान्य है, सहायक प्रोपफेसर के रूप में पदनामित किया जायगा तथा उन्हें रु0 15600-39100 के पे-बैंड के उपयुक्त स्तर पर निर्धरित करते हुए 7000 रु0 एकेडमिक ग्रेड-पे अनुमान्य किया जायगा।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 (vii) वैसे सहायक प्रोपफेसर, जो 5 वर्षों की सेवा 7000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे के साथ पूरी कर चुके हैं, उन्हें यू0जी0सी0 द्वारा निर्धरित की जाने वाली विनियमों/निदेशों के अध्ीन 8000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे अनुमान्य किया जायगा।
(viii) एसोसिएट प्रोपफेसर के पद के लिए रुपये 37400-67000 का वेतन बैंड के साथ 9000 रु0 एकेडमिक ग्रेड-पे अनुमान्य किया जायगा। सीध्े नियुक्त एसोसिएट प्रोपफेसर को रुपये 37400-67000 के वेतन बैंड में रखा जायगा तथा 9000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे के उपयुक्त स्तर पर नियुक्ति के समय निर्धरित की गयी शर्त्तों के अध्ीन अनुमान्य किया जायगा।
(ix) वर्त्तमान पदधारी रीडर एवं व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध को जिन्होंने अपुनरीक्षित वेतनमान रु0 12000-18300 रु0 में दिनांक 1 जनवरी 2006 को तीन वर्ष पूरा कर लिया है, उन्हें रुपये 37400-67000 का पे-बैंड तथा 9000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे में रखा जायगा। साथ ही साथ उन्हें एसोसिएट प्रोपफेसर के रूप में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग तथा राज्य सरकार के द्वारा निर्धरित दिशा निर्देशों/विनियमों के अध्ीन नामित किया जायगा।
(x) इन प्रावधनों के लिए पदधारी रीडर एवं व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध में वे सभी सम्मिलित हैं जो विश्वविद्यालय के द्वारा गठित किसी परिनियम के अध्ीन नियमित रूप से रीडर एवं व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध के पद पर प्रोन्नत हुए हैं परन्तु यदि किसी मामले में किसी न्याय निर्णय के तहत समीक्षोपरान्त नियुक्ति की प्रभावी तिथि में परिवत्र्तन किया जाय तो तदनुसार इस स्टेटस में परिवर्त्तन कर ही पुनरीक्षित वेतनमानों की अनुमान्यता की जायगी।
(xi) ऐसे पदधरी रीडर और व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध, जिन्होंने अपुनरीक्षित वेतनमान रुपये 12000-420-18300 के वेतनमान में दिनांक 1 जनवरी 2006 को तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है, उन्हें रु0 15600-39100 का पे-बैंड के उपयुक्त स्तर पर 8000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे के साथ तबतक रखा जायगा, जबतक वे अपनी तीन वर्ष की सेवा व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध/रीडर के रूप में पूरी नहीं करते हैंऋ उसके पश्चात उन्हें 37400-67000 रु0 के वेतन बैंड में रखा जायगा एवं तदनुसार एसोसिएट प्रोपफेसर के रूप में नामित किया जायगा।
(xii) वर्त्तमान में रीडर/व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध के सेवारत पदधरकों को, तबतक उनके पद के अनुरूप रीडर/व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध के रूप में नामित किए जा सकते हैं, जबतक उन्हें रुपये 37400-67000 के पे-बैंड में नहीं रखा जाता है तथा उन्हें उप-कंडिका-;xद्ध में विहित प्रावधनों के अध्ीन एसोसिएट प्रोपफेसर के रूप में नामित नहीं किया जाता है।
(xiii) सहायक प्रोपफेसर 8000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे के साथ तीन वर्ष की शिक्षण की अवध् िपूरी करने के पश्चात विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और राज्य सरकार द्वारा इस संबंध् में निर्धरित विनियमों/दिशा निदेशों के अध्ीन रुपये 37400-67000 का उच्च स्तरीय पे बैंड के साथ 9000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे में उत्क्रमित तथा एसोसिएट प्रोपफेसर के रूप में नामित किया जायगा। (xiv) प्रत्यक्ष/ सीध्ी भर्त्तीवाले संबंध्ति विषय में पी0एच0डी0 उपाध् िके साथ एसोसिएट प्रोपफेसर 9000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे में 3 वर्ष की सेवा पूरी करने पर प्रोपफेसर के रूप में नियुक्त एवं नामित हो सकते हैं बशर्त्ते वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विहित शैक्षिक प्रदर्शनों एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धरित अन्य योग्यताओं की शर्त्तोें को पूरा करते हों। किसी भी विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी ऐसे शिक्षक को, जिन्हें पी0एच0डी0 डिग्री प्राप्त हो परन्तु अन्य शर्त्तों को पूरा नहीं करते हों, प्रोपफेसर के पद पर प्रोन्नत, नियुक्त या नामित नहीं किए जा सकेंगे। प्रोपफेसर के पद के लिए रुपये 37400-67000 पे-बैंड के साथ 10000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे होगा।
(xv) सीध्ी भर्त्ती के आधर पर नियुक्त प्रोपफेसर को 37400-67000 रु0 के वेतन बैंड के कम-से-कम प्रक्रम 43000 रु0 पर निर्धरित करते हुए 10000 रु0 का एकेडमिक ग्रेड-पे अनुमान्य किया जायगा। (xvi) किसी विश्वविद्यालय में प्रोपफेसर के कुल पदों का 10 प्रतिशत पद 12000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड में होगा। प्रोपफेसर के रूप में उच्च शैक्षणिक ग्रेड पे पर नियुक्ति हेतु अर्हता वही होगी जो यूजीसी4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 द्वारा निर्धरित किया जायेगा तथा उनकी पात्राता/अर्हताओं में अन्य शर्त्तों के साथ उच्च मानक अनुसंधन पत्रिाकाओं, यथा- Peer reviewed/Referred Research Journals में प्रकाशन के साथ प्रोपफेसर के रूप में 10 वर्षों का शिक्षण अनुभव एवं उच्च कोटि का पोस्ट डाक्टोरल शोध् कार्य ;Post Doctoralद्ध का अनुभव अनिवार्य होगा। प्रोपफेसर के रूप में सीध्े नियुक्ति 12000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड पे के साथ नहीं होगा तथा साथ ही कम से कम 48000 रु0 के प्रक्रम से कम स्तर पर वेतन निर्धरित नहीं किया जायगा।
(xvii) स्नातक स्तर के महाविद्यालयों में एसोसिएट प्रोपफेसर की कुल संख्या के 10 प्रतिशत पद के बराबर प्रोपफेसर का पद होगा, परन्तु उक्त पद प्रत्येक विभाग में एक-से-अध्कि नहीं होगा तथा तद्नुसार प्रोपफेसर के कुल पदों का एक चौथाई ;25%द्ध पद सीध्ी नियुक्ति द्वारा या प्रतिनियुक्ति द्वारा एवं शेष बचे तीन चौथाई ;75%द्ध पद महाविद्यालय के सम्बन्ध्ति विभाग के एसोसिएट प्रोपफेसर में से योग्यता ;Meritद्ध के आधर पर विश्वविद्यालय में चयन/ नियुक्ति हेतु स्वीकृत प्रक्रिया के अनुरूप भरा जायेगा। स्नातक स्तर के महाविद्यालयों में सीध्ी नियुक्ति/ प्रतिनियुक्ति से भरे जाने वाले प्रोपफेसर के पदों की स्वीकृति महाविद्यालय में उक्त विषय में पढ़ रहे छात्रा एवं छात्रााओं तथा उनकी उत्तीर्णता के प्रतिशत को दृष्टिपथ में रखते हुए राज्य सरकार के स्तर पर गठित किये जानेवाले परिनियम के आधर पर किया जायेगा। प्रोपफेसर के पदो की संख्या को एसोसिएट प्रोपफेसर के पदों की संख्या के अनुरूप सीध्ी नियुक्ति/ प्रतिनियुक्ति या मेरिट प्रोमोशॅन के लिए निर्धरित करने के क्रम में पूर्ण संख्या नहीं होने पर, उसे अगली पूरी संख्या में परिवर्तित किया जा सकेगा।
(xviii) उपर्युक्त उप-कंडिका ;xvi) एवं (xvii) के पद तभी सृजित होंगे, जब डिग्री एवं इंटरस्तरीय पदों का पूर्ण विभाजन सुनिश्चित कर लिया जायगा तथा विगत वर्षों में नामांकित तथा परीक्षा में भाग लेनेवाले छात्राों के आधर पर डिग्री विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के विभागों/महाविद्यालयों का युक्तिसंगत एकीकरण/विलयन/बंदी की कार्रवाई पूरी कर ली जायगी।
(xix) प्रोपफेसर की चयन/ नियुक्ति विश्वविद्यालय द्वारा निर्धरित प्रक्रिया के तहत की जायगी तथा 25% प्रोपफेसर का पद योग्य शिक्षकों में से प्रतिनियुक्ति या सीध्ी नियुक्ति द्वारा एवं शेष 75% पद स्नातकोत्तर महाविद्यालयों के संबंध्ति विभाग/ विषय ;जिसमें शिक्षण की अनुमति राज्य सरकार द्वारा संसूचित हैद्ध के योग्य एसोसिएट प्रोपफेसर में से मेरिट प्रोमोशॅन के तहत् भरा जायेगा। प्रतिनियुक्ति/सीध्ी नियुक्ति द्वारा भरे जानेवाले प्रोपफेसर के पदों की संख्या का जाँच स्नातकोत्तर स्तर के महाविद्यालयों से सम्पर्क कर विश्वविद्यालय के द्वारा की जायेगी। मेरिट प्रोमोशॅन पर प्रतिनियुक्ति/सीध्ी भर्त्ती हेतु प्रोपफेसर के पदों की संख्या की जाँच के क्रम में अपूर्ण संख्या होने पर उसको उसके अगली संख्या में परिवर्त्तित किया जा सकेगा।
(xx) एसोसिएट प्रोपफेसर और प्रोपफेसर के पदों पर सीध्ी भर्त्ती के लिए उसकी पात्राता न्यूनतम शैक्षणिक और शोध्-कार्य की आवश्यकताओं से संबंध्ति शर्त्तें वही होंगी, जो यू0जी0सी0 द्वारा निर्धरित विनियमों के माध्यम से एवं राज्य सरकार द्वारा परिनियमों के माध्यम से विहित की जायगी।
;8द्ध प्रधनाचार्य
;iद्ध स्नातक स्तरीय महाविद्यालय के प्रधनाचार्य की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धरित शैक्षणिक योग्यता तथा शिक्षण/ शोध् के अनुभव के दिए गए दिशा-निर्देश के आधर पर राज्य सरकार के द्वारा निर्गत निर्देशों के अध्ीन गठित परिनियम के तहत किया जाएगा। उनका वेतनमान पे बैंड 37400-67000 रु0 में 10000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे तथा 2000 रू0 प्रति माह के विशेष भत्ता के साथ अनुमान्य किया जायेगा।
;iiद्ध स्नातकोत्तर स्तरीय महाविद्यालय के प्रधनाचार्य की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा शैक्षणिक योग्यता तथा शिक्षण/ शोध् के अनुभव के दिए गए दिशा-निर्देश के आधर पर राज्य सरकार के द्वारा निर्गत निर्देशों के अध्ीन गठित परिनियम के तहत की जायेगी। उनका वेतनमान पे-बैंड रु05 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 37400-67000 रु0 में 10000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे तथा 3000 रु0 प्रति माह के विशेष भत्ता के साथ अनुमान्य किया जायेगा।
;9द्ध विश्वविद्यालयों के कुलपति/प्रतिकुलपति के वेतनमान
;iद्ध कुलपति का वेतनमान 75000 रु0 का नियत वेतन 5000 रु0 प्रतिमाह के विशेष भत्ता के साथ अनुमान्य किया जायगा।
;iiद्ध प्रतिकुलपति का वेतनमान पे-बैंड रु0 37400-67000 में यथास्थिति 10000/12000 रु0 के एकेडमिक ग्रेड-पे तथा 4000 रु0 प्रति माह के विशेष भत्ता के साथ इस शत्र्त के साथ अनुमान्य किया जायगा कि पे-बैंड में वेतन, एकेडमिक ग्रेड-पे तथा विशेष भत्ता मिलाकर 80000 रु0 से अध्कि नहीं हो। ;10द्ध वेतन निर्धरण—शिक्षकों के पदों पर मानव संसाध्न विकास मंत्राालय ;उच्चतर शिक्षा विभागद्ध भारत सरकार के पत्राांक F.3-1/2009-UI, दिनाक 04 जून 2009 के द्वारा विहित वेतन निर्धरण टेबुल ;तालिकाद्ध वर्त्तमान में लिये गये निर्णयों तथा वित्त विभाग के परामर्श को ध्यान में रखते हुए स्वीकार किया जा रहा है। इस क्रम में वेतन निर्धरण सूत्रा तथा उसकी प्रक्रिया, वेतन निर्धरण तालिका ;टेबुलद्ध, उदाहरण, विकल्प प्रपत्रा, शपथ-पत्रा, वेतन निर्धरण प्रपत्रा को अपेण्डिक्स -1 से 6 के रूप में संलग्न किया जा रहा है।
;11द्ध वेतन-वृ(ि
;iद्ध प्रत्येक वार्षिक वेतन-वृ(ि की दर कुल वेतन से संब( पे-बैंड एवं ए0जी0पी0 के योग का 3 प्रतिशत राशि के समतुल्य अनुमान्य किया जायगा।
;iiद्ध प्रत्येक अग्रिम वेतन-वृ(ि की दर भी कुल वेतन से संब( पे-बैंड एवं ए0जी0पी0 के योग का 3 प्रतिशत के समतुल्य अनुमान्य किया जायगा।
;iiiद्ध इस योजना के तहत् निम्न वेतनमान से उच्च वेतनमान में प्रोन्नत्ति हेतु कोई अतिरिक्त वेतनवृ(ि का प्रावधन नहीं किया जायगा।
;ivद्ध जहां शिक्षक वर्तमान वेतनमान में अपना वेतन लेना जारी रखते हैं और उन्हें 01 जनवरी 2006 के बाद की तिथि से पुनरीक्षित वेतन संरचना में लाया जाता है, तो पुनरीक्षित वेतन संरचना में बाद की तिथि से उसका वेतन निम्नप्रकार से निर्धरित होगाः-
;कद्ध वेतन बैण्ड में वेतन का निर्धरण बाद की तिथि में लागू मूल वेतन, महंगाई वेतन और अपुनरीक्षित दरों पर दिनांक 01 जनवरी, 2006 की दर से अनुमान्य महंगाई भत्ता को जोड़ते हुए किया जायेगा। यह संख्या अगले 10 में पूर्णांकित की जायेगी और इस प्रकार निकाली गयी संख्या ही लागू वेतन बैण्ड में वेतन होगा। इसके अतिरिक्त अपुनरीक्षित वेतनमान के सादृश्य ग्रेड वेतन भी देय होगा।
;खद्ध पुनरीक्षित वेतन संरचना में एक ग्रेड वेतन से दूसरे ग्रेड वेतन में पदोन्नति की स्थिति में वेतन का निर्धरण निम्नरूप से किया जायेगा। वेतन बैण्ड में वेतन तथा वर्तमान ग्रेड वेतन के योग की 03 प्रतिशत ध्नराशि को अगले 10 में पूर्णांकित करते हुए एक वेतन-वृ(ि के रूप में आगणित किया जायेगा। तद्नुसार आगणित वेतनवृ(ि की ध्नराशि वेतन बैण्ड में प्राप्त वर्तमान वेतन में जोड़ी जायेगी। इस प्रकार प्राप्त ध्नराशि पदोन्नति के पद के वेतन बैण्ड में वेतन होगा, जिसके साथ पदोन्नति पद का ग्रेड वेतन देय होगा। जहां पदोन्नति में वेतन बैण्ड में परिवर्तन हुआ हो वहां भी इसी प(ति का पालन किया जायेगा तथापि वेतन-वृ(ि जोड़ने के बाद भी जहां वेतन बैण्ड में आगणित वेतन पदोन्नति वाले पद के उच्च वेतन बैण्ड के न्यूनतम से कम हो, तो तद्नुसार आगणित वेतन को उक्त वेतन बैण्ड में न्यूनतम के बराबर तक बढ़ा दिया जायेगा। ;vद्ध प्रचलित वेतन बैंड में अगली वार्षिक वेतन-वृ(ि एक समान अर्थात् प्रत्येक वर्ष के जुलाई माह की पहली तारीख हो जायेगी। विश्वविद्यालय के शिक्षकगण 1 जुलाई को चालू वेतन बैंड में 6 महीना अथवा उफपर की सेवा पूरी कर चुके हैं, एक वेतन-वृ(ि प्राप्त करने के योग्य हो जायेंगे। दिनांक 01 जनवरी 2006 को प्रचलित वेतन बैंड में वेतन निर्धरण के पश्चात् एक वेतन-वृ(ि दिनांक 01 जुलाई 2006 को स्वीकृत की जायगी। उन विश्वविद्यालय शिक्षकों को भी जिनकी अगले वेतन-वृ(ि की6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 तिथि 1 जुलाई, 2006 से 1 जनवरी, 2007 के बीच में है। वैसे सभी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को, जिन्होंने दिनांक 01 Qरवरी 2005 और 01 जनवरी 2006 के बीच पिछली वेतन-वृ(ि का लाभ प्राप्त कर लिया है, के लिए भी अगली वेतन-वृ(ि की तिथि 01 जुलाई 2006 होगी परन्तु उन विश्वविद्यालय शिक्षकों के मामले में जिन्होंने 1 जनवरी, 2006 को अपुनरीक्षित वेतनमान में वेतन-वृ(ि 1 वर्ष से अध्कि समय से प्राप्त कर रहे थे, उन्हें चालू वेतन संरचना में 1 जनवरी को ही वेतन-वृ(ि स्वीकृत की जायेगी।
;viद्ध शिक्षकों को अपने वेतन बैंड के अध्कितम प्रक्रम/स्तर पर पहुँचने पर वेतन निर्धरणः-
अगर कोई विश्वविद्यालय/महाविद्यालय शिक्षक अपने वेतन बैंड के अध्कितम स्तर पर पहुँच जाता है, तो अध्कितम स्तर पर पहुँचने के एक वर्ष के पश्चात अगले उच्चतर वेतन बैंड का लाभ दिया जायेगा तथा इसके स्थापन के समय एक वेतन-वृ(ि का लाभ दिया जायगा। उसके पश्चात् वह उक्त वेतन बैंड में तबतक रहेगा, जबतक उनका वेतन चालू वेतन संरचना के रु0 37400-67000 के वेतन बैंड के अध्कितम तक नहीं पहुँच जाता है।
;12द्ध अन्य सेवा-शर्त्तें तथा भत्ते
;iद्ध मंहगाई भत्तों की अनुमान्यता राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अध्सिूचित दर से दिया जायगा। ;iiद्ध मकान किराया भत्ता, शहरी परिवहन भत्ता, यात्राा-भत्ता और चिकित्सा भत्ता राज्यकर्मियों के समान संकल्प निर्गत होने की तिथि से अनुमान्य किया जायगा।
;iiiद्ध शिक्षकों के सम्वर्ग से संबंध्ति वैसे अंध्े/ विकलांग या अन्यान्य शारीरिक रूप से अपंग कर्मियों को सामान्य रूप से स्वीकृत दर से दूना परिवहन भत्ता देय होगी।
;13द्ध शैक्षणिक अवकाश
विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों को, जिन्होंने एम0पिफल/ पी0एच0डी0 उपाध् िहासिल नहीं किया है, उन्हें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा किए जा रहे संशोध्ति नियमों के अनुरूप एम0पिफल/ पी0एच0डी0 की उपाध् ि प्राप्त करने के लिए शैक्षणिक अवकाश स्वीकृत किया जायगा।
2. योजना के लागू करने के वांक्षनीय तत्व--
(i) प्रस्तावित पुनरीक्षित वेतनमान राज्य के विश्वविद्यालयों, अंगीभूत महाविद्यालयों, राजकीय तथा घाटानुदानित महाविद्यालयों में डिग्री तथा स्नातकोत्तर स्तर के स्वीकृत पदों पर विहित प्रक्रियाओं के अध्ीन एवं विध्वित् रूप से नियुक्त शिक्षकों को ही अनुमान्य किया जायगा। इंटर स्तर पर अनुमान्य/अनुमान्य होनेवाले पदों पर कार्यरत शिक्षकों को यह वेतनमान नहीं दिया जायगा, परन्तु इन्टर की पढ़ाई के लिए अनुमान्य/अनुमान्य होने वाले पदों के विरु( कार्यरत शिक्षक, जिनकी नियुक्ति डिग्री स्तरीय पढ़ाई के लिए स्वीकृत पदों पर नियुक्त शिक्षकों के साथ हुई है, उन्हें भी डिग्री स्तरीय स्वीकृत पदों का वेतनमान तबतक दिया जायगा जबतक डिग्री स्तरीय पदों के रिक्त होने पर उनके विरु( उनका सामंजन न हो जाय। भविष्य में इन्टर स्तरीय शिक्षा का प्रशासन डिग्री स्तरीय शिक्षा के प्रशासन से पूर्णतया अलग रखा जायगा।
(ii) माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 5859/96 में तिथि 21 Qरवरी 2000 तथा सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 9839/2001 में तिथि 16 अक्तूबर 2001 को पारित न्याय-निर्णयों को, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सम्पुष्ट किया जा चुका है, के अनुपालन के क्रम में वैसे अस्थायी रूप से नियुक्त व्याख्याताओं को, जिनकी अस्थायी सेवा को विभिन्न परिनियमों के आधर पर नियमित किया गया है, वेतन के पुनरीक्षण किये जाने के पूर्व उनकी प्रभावी नियुक्ति की तिथि का निर्धरण उनके सेवा सामंजन की तिथि से किया जायगा। तत्पश्चात ही संबंध्ति शिक्षकों को उक्त तिथि के आधर पर अनुमान्य विध्मिान्य सेवाअवध् िके आधर पर, रीडर अथवा प्रोपफेसर के पदों पर उनकी प्रोन्नति वैध् पाये जाने के पश्चात् ही उनके द्वारा धरित पद पर वेतन पुनरीक्षण अनुमान्य किया जायगा। परन्तु जिन शिक्षकों की सेवा नियुक्ति की तिथि से नियमित तथा वैध् पायी गयी है, उनकी प्रथम नियुक्ति की तिथि को ही प्रभावी नियुक्ति की तिथि मानी जाएगी। इस क्रम में विभाग द्वारा एक7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 परिपत्रा राज्य के विश्वविद्यालयों के बीच परिचालित किया जायगा जिसमें विभिन्न परिनियमों के आधर पर सामंजित शिक्षकों की प्रभावी नियुक्ति तिथि का स्पष्ट उल्लेख किया जायेगा। इससे राज्य के विश्वविद्यालयों में इस विन्दू पर एकरूपता एवं समानता का अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा।
(iii) वस्तु स्थिति को स्पष्ट किये जाने तथा वेतन के पुनरीक्षण किये जाने हेतु इस प्रकार के मामलों में नियुक्ति की प्रभावी तिथि के निर्धरण हेतु विभागीय पत्राांक 2244, दिनांक 16 जुलाई 2010 मेें अंकित तथ्यों को घ्यान में रखा जायगा।
(iv) नवअंगीभूत महाविद्यालयों के संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय में शिक्षकों की सेवा के संबंध् में विचाराध्ीन सिविल अपील संख्या-6098/97 में दिनांक 12 अक्तूबर 2004 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में वैसे शिक्षक के वेतन पुनरीक्षण नहीं किया जायेगा, जिनका नाम माननीय न्यायमूर्ति एस0सी0 अग्रवाल कमीशन के प्रतिवेदन में आर0-II तथा एन0आर0 के रूप में प्रतिवेदित है या जिनके सामंजन किये जाने की अनुशंसा उक्त प्रतिवेदन में नहीं की गयी है। अतः न्याय निर्णय के अनुपालन, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु निर्धरित तथा यू0जी0सी0 द्वारा मापदंडों के अनुरूप शिक्षकों की सेवा नहीं रहने की स्थिति में उन्हें अविलंब सेवामुक्त करने की कार्रवाई की जायगी।
(v) राज्य के विश्वविद्यालयों के अध्ीनस्थ अंगीभूत, राजकीय तथा घाटानुदानित महाविद्यालयों के उपर्युक्त शिक्षकों के रिक्त पदों पर तब तक कोई नई नियुक्ति नहीं की जायगी, जबतक अन्तर स्नातक ;इन्टरमीडिएटद्ध शिक्षा को डिग्री शिक्षा से अलग किये जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है। (vi) विभिन्न विश्वविद्यालयों में 2003 में लगभग छः सौ शिक्षकों की नियुक्ति डिग्री स्तरीय पदों पर बिना इन्टर-स्तरीय पद एवं डिग्री-स्तरीय पदों को अलग किए ही कर ली गयी है। इससे राज्य सरकार पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ा है। इस संबंध् में राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2001 में पत्राांक 1300, दिनांक 21 जुलाई 2001 द्वारा गत वेतन पुनरीक्षण के समय मंत्रिापरिषद के अनुमोदनोपरान्त निर्गत किये गये निदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की शर्त्त रखी जा सकती है, तभी उन्हें वेतन पुनरीक्षण का लाभ दिया जायगा। भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति को रोकने के निमित्त अनियमितता बरतने वाले विश्वविद्यालय अध्किारियों की पहचान कर उनके विरु( आवश्यक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित किया जायगा।
(vii) महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को शुरू करने हेतु न्यूनतम शैक्षणिक बुनियादी ढाँचा की उपलब्ध्ता के संबंध् में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा दिशा-निर्देश के आधर पर राज्य सरकार के द्वारा दिशा निर्देश अलग से निर्धरित किया जायगा।
(viii) राज्य के अंगीभूत महाविद्यालयों में 1600 विभागों में 10 से कम छात्राों का होना एक गंभीर चिन्ता का विषय है। कुछ महाविद्यालयों के कतिपय विषयों में शिक्षकों की स्वीकृत पदों की संख्या की तुलना में छात्राों की संख्या नगण्य है, अतः शिक्षकों के कार्यबल का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। अघ्यन कर रहे छात्राों की संख्या के आधर पर शिक्षकों के कार्यबल/ क्षमता का उपयोग लक्जरी के रूप में किया जाना राज्यहित में नहीं है, अतः शिक्षणहित में शिक्षकों के कार्यबल तथा कार्यक्षमता का अध्कितम उपयोग किये जाने की अनिवार्यता को दृष्टिपथ में रखते हुए जिन महाविद्यालयों में निर्धरित मापदंड से अध्कि शिक्षक कार्यरत हैं, तथा जिनमें शिक्षकों की तुलना में छात्रााें की संख्या नगण्य है, वैसे महाविद्यालयों के युक्तिसंगत एकीकरण ;Unificationद्ध/विलयन ;Amalgamationद्ध अथवा बन्द करने की कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने के पूर्व इन महाविद्यालयों में कोई भी नियुक्ति नहीं की जायगी। वत्र्तमान पुनरीक्षण में जिन महाविद्यालयों के विभागों में एसोसिएट प्रोपफेसर की संख्या का 10 प्रतिशत पद प्रोपेफसर का पद ;प्रत्येक विभाग में अध्कितम एकद्ध सृजित किये जाने का प्रस्ताव गठित किये जाने के पूर्व उक्त महाविद्यालय के संबंध्ति विभाग में विगत वर्षों में नामांकित तथा परीक्षा में भाग लेनेवाले छात्राों की संख्या के आधर पर विभागों/महाविद्यालयों की प्रमाणिक सूचना प्राप्त कर लिया जाय। उक्त सूचनाओं की समीक्षा के पश्चात् जिन स्नातक या स्नातकोत्तर विभागों/महाविद्यालयों के विभागों में सामान्यतया 10 से कम या नगण्य छात्रा रहे हैं, उक्त विषयों की8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 पढ़ाई अन्य निकटवत्र्ती महाविद्याालयों के विभागों के साथ एकीकृत कर दिया जाय, ताकि सभी विभाग/महाविद्याालय की आर्थिक संभाव्यता बनी रहे। इस युक्तिसंगत एकीकरण/विलयन के पश्चात महाविद्यालयों में यदि भौतिक संसाध्न अव्यवहृत रह जाता है, तो नए विषय, व्यावसायिक या प्रोपफेशनल कोर्स/संस्थान खोलने पर विचार किया जायेगा। इस युक्तिसंगत एकीकरण/विलयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी किये जाने के पश्चात हीं विश्वविद्यालयों के विभागों/महाविद्याालयों में वरीय
वेतनमान के प्रोपफेसर/ वरीय प्रोपफेसर के पद स्वीकृत किए जायेंगे।
(ix) इस युक्तिसंगत एकीकरण/विलयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरा कर लिए जाने की अनिवार्यता के मद्देनजर जबतक रेशनलाइजेशन की कारवाई पूरी नहीं होती है तबतक विश्वविद्यालयों के विभागों/महाविद्याालयों में प्रोपफेसर/वरीय वेतनमान के प्रोपफेसर के पद स्वीकृत नहीं किए जाएंगे।
(x) तत्काल शिक्षकों का वेतनमान का पुनर्निर्धरण की कारवाई विश्वविद्यालय स्तर पर सुनिश्चित करने हेतु वित्त विभाग द्वारा उपलब्ध् कराए गए अंकेक्षकों की सेवा का उपयोग किया जायगा।
3. वेतनमानों में संशोध्न की योजना हेतु भारत सरकार की पत्रा संख्या 1-32/2006/U-II/U.I;iद्ध, दिनांक 31 दिसंबर 2008 में अंकित शर्त्तों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा इस संबंध् में दिये जानेवाले आदेशों/ निदेशों का कड़ाई से पालन किया जायगा। विश्वविद्यालय अध्निियमों तथा इसके अध्ीन गठित परिनियमों में इस स्कीम से आच्छादित पदों पर चयन की प्रक्रिया न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता एवं अन्य शर्त्तें पूर्व से विहित हैं, अतः उन सभी संगत प्रावधनों को इस स्कीम में विहित किये गये शर्त्तों के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा विहित किये जानेवाले रेगुलेशनों तथा दिशा निर्देशों के अनुरूप संशोध्ति किया जायगा।
4. दिनांक 01 जनवरी 2006 से 31 मार्च 2010 तक की अवध् िमें देय अन्तर वेतन की राशि जिसमें केन्द्र सरकार का 80 प्रतिशत और राज्य सरकार का 20 प्रतिशत हिस्सा है अतः केन्द्र सरकार द्वारा राशि की स्वीकृति तथा उसकी प्राप्ति के अनुपात में राज्य सरकार द्वारा भी स्वीकृत एवं विमुक्त की जायेगी।
5. इस संबंध् में संबंध्ति श्रोतों से सूचना प्राप्त होने के पश्चात् वास्तविक व्यय भार की गणना कर प्रस्ताव अलग से मंत्रिापरिषद के समक्ष उपस्थापित किया जायेगा।
6. दिनांक 01 अप्रील 2010 से 31 जुलाई 2010 तक के बकाये, वेतनादि तथा महंगाई भत्ता का भुगतान संबंध्ति श्रोतों से सूचना प्राप्ति के उपरान्त, वास्तविक व्यय भार की गणना कर आगामी वित्तीय वर्ष 2011-2012 से 5 ;पाँचद्ध वार्षिक किस्तों में किया जा सकेगा।
7. संबंध्ति महाविद्यालय/विभाग विहित शत्र्तो का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये अपनी मांग विश्वविद्यालय को भेजेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा उसे निर्धरित प्रपत्रा में स्नातकोत्तर विभागों एवं महाविद्यालयों के लिए अलग-अलग विवरणी दर्शाते हुए समेकित मांग राज्य सरकार के पास भेजी जायेगी।
8. यह आदेश वित्त विभाग की सहमति से निर्गत किया जा रहा है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
के0 के0 पाठक,
सरकार के सचिव।9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010
एपेन्डिक्स -1
पुनरीक्षित वेतनमान, उसका वेतन निर्धरण का सूत्रा ;पफार्मूलाद्ध एवं प्रक्रिया :
1. विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक का वेतन पुनरीक्षित वेतनमान् में निम्नलिखित तरीकों से निर्धरित किया जाएगा :-
;1द्ध वेतन बैण्ड/वेतनमान में निर्धरण दिनांक 01 जनवरी 2006 को प्राप्त मूल वेतन में मंहगाई भत्ता की राशि को जोड़कर किया जायेगा।
;2द्ध अगर क्रमांक 1 की राशि नए/ चालू वेतन बैण्ड में न्यूनतम से कम हो तो वेतन का निर्धरण चालू वेतन बैण्ड के न्यूनतम प्रक्रम पर होगा।
;3द्ध अगर वेतन निर्धरण के क्रम में किसी शिक्षक का वर्त्तमान प्राप्त वेतन चालू वेतन बैण्ड के दो या दो से अध्कि प्रक्रम पर गुच्छित होे जाता है तो पहले पुनरीक्षित वेतन संरचना में उसी स्तर पर वेतन निर्धरित किया जाए। तत्पश्चात् दो गुच्छित प्रक्रम के बदले एक वेतन वृ(ि चालू वेतन बैण्ड में देकर वेतन निर्धरित किया जाएगा। इस हेतु वेतन वृ(ि की राशि की गणना मात्रा वेतन बैण्ड की राशि का 3 % जोड़कर की जाएगी। इस तरह के गुच्छित वेतन की विसंगति को दूर करने हेतु एकेडेमिक ग्रेड पे की राशि को वेतन वृ(ि के रूप में जोड़ा नहीं जाएगा।
;4द्ध उपर्युक्त गुच्छण ;बन्चिंगद्ध के कारण किसी शिक्षक का वेतन पुनरीक्षित वेतन बैण्ड/वेतनमान् में ;जहाँ प्रयोज्य होद्ध उच्च प्रक्रम पर निर्धरित हो तथा वैसे शिक्षक जिसका सामान्य तौर पर उच्च प्रक्रम पर निर्धरित वेतन से अध्कि हो जाने पर, बाद के शिक्षक का वेतन बढ़ाकर, पहले शिक्षक के बराबर/समतुल्य किया जा सकेगा।
;5द्ध उपर्युक्त विध् िसे वेतन का निर्धरण नए वेतन बैण्ड में किया जाएगा। नए वेतन बैण्ड में वेतन के अलावा एकेडेमिक ग्रेड पे वर्त्तमान वेतनमान् एवं पद के समतुल्य अनुमान्य होगा।
;6द्ध नए वेतन सरंचना में वार्षिक वेतनवृ(ि की दरः- नए वेतन संरचना में वार्षिक वेतन वृ(ि की दर वेतन बैण्ड में वेतन एवं एकडेमिक ग्रेड पे के जोड़ का 3% ;10 के पूर्णांक राशि परद्ध अनुमान्य होगा। वेतन वृ(ि की राशि वेतन बैण्ड के निर्धरित वेतन में वेतन वृ(ि की तिथि को जोड़ा जाएगा।
;7द्ध पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतनवृ(ि की अगली तिथि :-
नए वेतन संरचना में एक समान वृ(ि की तिथि होगी, जो 1 जुलाई प्रतिवर्ष होगा। शिक्षक 6 महीना या उससे अध्कि की अवध् ि पुनरीक्षित वेतन बेंण्ड में पूरा करने पर प्रथम जूलाई को अगली वेतन वृ(ि प्राप्त कर सकेंगे। 01 जनवरी 2006 को वेतन निर्धरण के पश्चात् पहला वेतन वृ(ि 01 जूलाई 2006 को नए वेतन संरचना में, वैसे शिक्षक जिनके वेतन-वृ(ि की तिथि 1 जुलाई 2006 से 1 जनवरी 2007 के बीच है, वेतन वृ(ि पा सकेंगे।
;8द्ध अगर कोई शिक्षक वर्त्तमान वेतनमान में उच्चतम प्रकम पर 01 जनवरी 2006 को एक वर्ष से अध्कि से वेतन प्राप्त करते हो तो उनको 01 जनवरी 2006 को ही नए वेतन संरचना में वेतन निर्धरण के पश्चात् एक वेतन वृ(ि अनुमान्य होगा। उसके पश्चात् उन्हें उफपर वर्णित नियम-7 के अनुसार वेतन वृ(ि अनुमान्य होगा।
नोट 1ः- वैसे शिक्षक जिनकी 1 जनवरी 2006 या उसके बाद, स्वीकृत पद के अभाव में त्याग पत्रा दे दिया हो, अनुशासनिक कारवाई के आधर पर मुअत्तल कर दिया गया हो या सेवा समाप्त कर दी गई हो तथा उन्होने अपना विकल्प निर्धरित तिथि तक नहीं दिया हो, तो वे इस नियम के तहत् लाभ पाने के हकदार होगें। नोट 2ः- वैसे व्यक्ति जिनकी 1 जनवरी 2006 या उसके बाद मृत्यु हो गई हो तथा वे अपना विकल्प निर्धरित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत नहीं किया हो तो मान लिया जाएगा कि वे 01 जनवरी 2006 से नए वेतन संरचना मे वेतन हेतु अपना विकल्प दे चूके हैं एवं तदनुसार वे नये वेतन बेंण्ड में वेतन पा सकेंगे जो उनके आश्रित के लिए लाभप्रद होगा।
नोट 3ः- वैसे व्यक्ति जो 01 जनवरी 2006 को अवकाश पर हो तो उन्हें नए वेतन संरचना के अनुसार अवकाश वेतन अनुमान्य होगा।
नोट 4ः- विकल्प का प्रारूप अनुलग्नक क्रमांक-4 के रूप में संलग्न है। 2. वेतन विसंगति दूर करना :
;iद्ध पुनरीक्षित यू0जी0सी0 वेतनमान दिनांक 01 जनवरी 2006 से प्रभावी होगा लेकिन कोई वर्त्तमान शिक्षक अपने वर्त्तमान वेतनमान में दूसरे वेतन वृ(ि-प्राप्त करने की तिथि तक अथवा जबतक पूर्व पद पर बने रहते हैं या वेतन10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 प्राप्त करना बन्द होने तक बने रहने तक विकल्प का चयन करते हो, उसके बाद से पुनरीक्षित वेतन बेंण्ड एवं ए0जी0पी0 अनुमान्य होगा। इस संदर्भ में विकल्प का चयन इस संकल्प के निर्गत करने के तीन महीेनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा। अगर इस प्रकार के विकल्प का चयन निर्धरित समय सीमा के भीतर नहीं किया जाता हो तो मानलिया जाएगा कि संबंध्ति शिक्षक 01 जनवरी 2006 से पुनरीक्षित वेतनमान् पाने हेतु अपना विकल्प प्रस्तुत किया है। उनके द्वारा प्रस्तुत विकल्प एवं शपथ प्रपत्रा को उनकी सेवा पुस्तिका के में चिपका दिया जाएगा तथा उसकी एक प्रति उनके व्यक्तिगत संचिका में अभिलेख के रूप में रखा जाएगा।
;iiद्ध कार्यालय प्रधन के द्वारा किसी शिक्षक का वेतन निर्धरण प्रपत्रा तीन प्रतियों में संलग्न प्रपत्रा में तैयार कर संकल्प में अंकित शत्र्तो का अनुपालन के अध्ीन विश्वविद्यालय के वित्त पदाध्किारी को प्रस्तुत किया जाएगा। वित्त विभाग द्वारा वेतन निर्धरण प्रपत्रा की सम्यक जाँच के पश्चात निर्धरित वेतन में विश्वविद्यालय में वित्त विभाग के प्रतिनियुक्ति अंकेक्षक दल से स्वीकृति प्राप्त करेगी। उक्त जाँचोपरान्त स्वीकृत वेतन निर्धरण प्रपत्रा की दो प्रतियाँ संबंध्ति संस्था के प्रधन को लौटा दी जाएगी एवं एक प्रति विश्वविद्यालय के अभिलेख के रूप में रखी जाएगी। संस्था के प्रधन के द्वारा वेतन निर्धरण प्रपत्रा की मूलप्रति संबंध्ति शिक्षक के बकाए वेतन विपत्रा के साथ संलग्न कर विश्वविद्यालय को भेजेगी तथा द्वितीय प्रति संबंध्ति शिक्षक के व्यक्तिगत पफाइल में संचित कर रखी जाएगी। संबंध्ति शिक्षकों के पुनरीक्षित वेतनमान में वेतन का भुगतान विश्वविद्यालय वित्त विभाग के प्रतिनियुक्ति अंकेक्षकों की स्वीकृति के पश्चात् ही की जा सकेगी।
वेतन निर्धरण प्रपत्रा को एकाउँटेन्ट जेनरल के कार्यालय के अंकेक्षक दल तथा राज्य सरकार के विशेष अंकेक्षक दल द्वारा विश्वविद्यालय में अंकेक्षण हेतु आने के दौरान टेस्ट चेक हेतु प्रस्तुत किया जायगा।
एपेन्डिक्स-2
राज्य के विश्वविद्यालयों एवं उसके अध्ीनस्थ स्नातक स्तरीय महाविद्यालयों के लिए स्वीकृत वेतनमानः-
| क्र सं | पदनाम | वर्त्तमान वेतनमान | पुनरीक्षित वेतनमान | नया पदनाम | |
| पे बैंड | एजीपी* | ||||
| 1 | व्याख्याता | 8000-275-13500 | 15600-39100 | 6000 | सहायक प्रोपफेसर |
| 2 | व्याख्याता ;वरीय वेतनमानद्ध | 10000-325-15200 | 15600-39100 | 7000 | सहायक प्रोपफेसर ;वरीय वेतनमानद्ध |
| 3 | व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेड वेतनमानद्ध | 12000-420-18300 | 15600-39100 | 8000 | सहायक प्रोपफेसर ;सेलेक्शन ग्रेड वेतनमानद्ध |
| 4 | उपाचार्य/रीडर | 12000-420-18300 | 15600-39100 | 8000 | एसोसिएट प्रोपफेसर |
| 5 | विश्वविद्यालय प्राचार्य | 16400-450-20900- 500-22400 | 37400-67000 | 9000/12000 | प्रोपफेसर |
| 6 | प्रधनाचार्य | 12000-420-18300 | 37400-67000 | 10000 | प्रधनाचार्य;यू0जी0द्ध |
| 7 | प्रधनाचार्य | 16400-450-20900- 500-22400 | 37400-67000 | 10000 | प्रधनाचार्य;पी0जी0द्ध |
| 8 | कुलपति | 25000 (निश्चित वेतनद्ध | 75000;निश्चित वेतनद्ध5000 ;विशेष भत्ताद्ध | यथावत | |
| 9 | प्रतिकुलपति | 16400-450-20900- 500-22400 | 37400-67000 | 10000/12000 | यथावत |
* एजीपी- एकेडमिक ग्रेड-पे ;Academic Grade Payद्ध11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010
एपेन्डिक्स-3
पिफटमेंट तालिका-1
| Pre-revised scale Rs. 8000-275-13500 (Group A entry) | Revised Pay Band+AGP Rs. 15600-39100+AGP 6000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 8000 | 15600 | 6000 | 21600 |
| 8275 | 15600 | 6000 | 21600 |
| 8550 | 15910 | 6000 | 21910 |
| 8825 | 16420 | 6000 | 22420 |
| 9100 | 16930 | 6000 | 22930 |
| 9375 | 17440 | 6000 | 23440 |
| 9650 | 17950 | 6000 | 23950 |
| 9925 | 18470 | 6000 | 24470 |
| 10200 | 18980 | 6000 | 24980 |
| 10475 | 19490 | 6000 | 25490 |
| 10750 | 20000 | 6000 | 26000 |
| 11025 | 20510 | 6000 | 26510 |
| 11300 | 21020 | 6000 | 27020 |
| 11575 | 21530 | 6000 | 27530 |
| 11850 | 22050 | 6000 | 28050 |
| 12125 | 22560 | 6000 | 28560 |
| 12400 | 23070 | 6000 | 29070 |
| 12675 | 23580 | 6000 | 29580 |
| 12950 | 24090 | 6000 | 30090 |
| 13225 | 24600 | 6000 | 30600 |
| 13500 | 25110 | 6000 | 31110 |
| 13775 | 25630 | 6000 | 31630 |
| 14050 | 26140 | 6000 | 32140 |
| 14325 | 26650 | 6000 | 32650 |
तालिका-2
| Pre-revised scale Rs. 10000-325-15200 | Revised Pay Band+AGP Rs. 15600-39100+AGP 7000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 10000 | 18600 | 7000 | 25600 |
| 10325 | 19210 | 7000 | 26210 |
| 10650 | 19810 | 7000 | 26810 |
| 10975 | 20420 | 7000 | 27420 |
| 11300 | 21020 | 7000 | 28020 |
| 11625 | 21630 | 7000 | 28630 |
| 11950 | 22230 | 7000 | 29230 |
| 12275 | 22840 | 7000 | 29840 |
| 12600 | 23440 | 7000 | 30440 |
| 12925 | 24050 | 7000 | 31050 |
| 13250 | 24650 | 7000 | 31650 |
| 13575 | 25250 | 7000 | 32250 |
| 13900 | 25860 | 7000 | 32860 |
| 14225 | 26460 | 7000 | 33460 |
| 14550 | 27070 | 7000 | 34070 |
| 14875 | 27670 | 7000 | 34670 |
| 15200 | 28280 | 7000 | 35280 |
| 15525 | 28880 | 7000 | 35880 |
| 15850 | 29490 | 7000 | 36490 |
| 16175 | 30090 | 7000 | 37090 |
तालिका-3
| Pre-revised scale Rs. 12000-420-18300 | Revised Pay Band+AGP Rs. 15600-39100+AGP 8000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 12000 | 22320 | 8000 | 30320 |
| 12420 | 23110 | 8000 | 31110 |
| 12840 | 23890 | 8000 | 31890 |
| 13260 | 24670 | 8000 | 32670 |
| 13680 | 25450 | 8000 | 33450 |
| 14100 | 26230 | 8000 | 34230 |
| 14520 | 27010 | 8000 | 35010 |
| 14940 | 27790 | 8000 | 35790 |
| 15360 | 28570 | 8000 | 36570 |
| 15780 | 29360 | 8000 | 37360 |
| 16200 | 30140 | 8000 | 38140 |
| 16620 | 30920 | 8000 | 38920 |
| 17040 | 31700 | 8000 | 39700 |
| 17460 | 32480 | 8000 | 40480 |
| 17880 | 33260 | 8000 | 41260 |
| 18300 | 34040 | 8000 | 42040 |
| 18720 | 34820 | 8000 | 42820 |
| 19140 | 35610 | 8000 | 43610 |
| 19560 | 36390 | 8000 | 44390 |
तालिका-4
| Pre-revised scale Rs. 12000-420-18300 | Revised Pay Band+AGP Rs. 37400-67000+AGP 9000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 13260 | 37400 | 9000 | 46400 |
| 13680 | 37400 | 9000 | 46400 |
| 14100 | 37400 | 9000 | 46400 |
| 14520 | 37400 | 9000 | 46400 |
| 14940 | 38530 | 9000 | 47530 |
| 15360 | 38530 | 9000 | 47530 |
| 15780 | 39690 | 9000 | 48690 |
| 16200 | 39690 | 9000 | 48690 |
| 16620 | 40890 | 9000 | 49890 |
| 17040 | 40890 | 9000 | 49890 |
| 17460 | 42120 | 9000 | 51120 |
| 17880 | 42120 | 9000 | 51120 |
| 18300 | 43390 | 9000 | 52390 |
| 18720 | 43390 | 9000 | 52390 |
| 19140 | 44700 | 9000 | 53700 |
| 19560 | 44700 | 9000 | 53700 |
तालिका-5
| Pre-revised scale Rs. 16400-450-20900- 500-22400 (S27 and S29) | Revised Pay Band+AGP Rs. 37400-67000+AGP 10000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 16400 | 40890 | 10000 | 50890 |
| 16850 | 40890 | 10000 | 50890 |
| 17300 | 42120 | 10000 | 52120 |
| 17750 | 42120 | 10000 | 52120 |
| 18200 | 43390 | 10000 | 53390 |
| 18650 | 43390 | 10000 | 53390 |
| 19100 | 44700 | 10000 | 54700 |
| 19550 | 44700 | 10000 | 54700 |
| 20000 | 46050 | 10000 | 56050 |
| 20450 | 46050 | 10000 | 56050 |
| 20900 | 47440 | 10000 | 57440 |
| 21400 | 47440 | 10000 | 57440 |
| 21900 | 48870 | 10000 | 58870 |
| 22400 | 48870 | 10000 | 58870 |
| 22900 | 50340 | 10000 | 60340 |
| 23400 | 50340 | 10000 | 60340 |
| 23900 | 51860 | 10000 | 61860 |
तालिका-6
| Pre-revised scale Rs. 12000-420-18300 (minimum to be fixed at Rs. 12840) | Revised Pay Band+AGP Rs. 37400-67000+AGP 10000 | ||
| Pre-revised Basic Pay | Revised Pay | ||
| Pay in the Pay Band | Academic Grade Pay | Revised Basic Pay | |
| 12840 | 37400 | 10000 | 47400 |
| 13260 | 37400 | 10000 | 47400 |
| 13680 | 37400 | 10000 | 47400 |
| 14100 | 37400 | 10000 | 47400 |
| 14520 | 37400 | 10000 | 47400 |
| 14940 | 38530 | 10000 | 48530 |
| 15360 | 38530 | 10000 | 48530 |
| 15780 | 39690 | 10000 | 49690 |
| 16200 | 39690 | 10000 | 49690 |
| 16620 | 40890 | 10000 | 50890 |
| 17040 | 40890 | 10000 | 50890 |
| 17460 | 42120 | 10000 | 52120 |
| 17880 | 42120 | 10000 | 52120 |
| 18300 | 43390 | 10000 | 53390 |
| 18720 | 43390 | 10000 | 53390 |
| 19140 | 44700 | 10000 | 54700 |
| 19560 | 44700 | 10000 | 54700 |
एपेन्डिक्स-4
पुनरीक्षित वेतनमान बेण्ड में वेतन निर्धरण-उदाहरण
उदाहरण-1
किसी शिक्षक के वर्त्तमान वेतनमान में मूल वेतन 8275/- 01.08.2005 केा हैं तो पुनरीक्षित वेतन संरचना में उन्हें वेतन बैंड 15600-39100 के साथ एकेडेमिक ग्रेड पे 6000/- रू0 अनुमान्य होगा तथा उनका वेतन वृ(ि 1 अगस्त 2006 होगा। उनका वेतन पुनरीक्षित वेतन बैंड में निम्नप्रकार निर्धरित की जायगी :-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्धमंहगाई भत्ता (74%) - 82756124=14399 या 14400/-
2. वेतन बैंड में वेतन ;पिफटमेंट तालिका-1 के अनुसारद्ध - 15600/-
3. अनुमान्य एकेडेमिक गे्रड पे - 6000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;क्रमशः- 2 + 3द्ध - 21600/-
उनका वेतन 21600/- रू0 निर्धरित होगा एवं उनका पदनाम सहायक प्रोपफेसर किया जाएगा तथा उनके अगले वेतन वृ(ि की तिथि 01.07.2006 होगी एवं 3 प्रतिशत वेतन वृ(ि जोड़कर मूल वेतन 22250/- रू0 होगा।
उदाहरण - 2
वरीय शिक्षक जो वर्त्तमान 10000-325-15200 में मूलवेतन 01.10.2005 को 11625/- रू0 प्राप्त करते है, उनको पुनरीक्षित वेतन संरचना में 15600-39100 के वेतन बैंड पर 7000/- रू0 एकेडेमिक ग्रेड पे अनुमान्य होगा। उनका वेतन वृ(ि की तिथि 1 अक्टूबर होने पर, उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगा :-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्धमंहगाई भत्ता (74%) - 116258603=20228 या 20230/-
2. वेतन बैंड में वेतन ;पिफटमेंट तालिका-2 के अनुसारद्ध - 21630/-
3. अनुमान्य एकेडेमिक गे्रड पे - 7000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;क्रमशः- 2 + 3द्ध - 28630/-
उनका वेतन 01.01.2006 को 28630/- रू0 निर्धरित होगा एवं उन्हें सहायक प्रोपफेसर के रूप में नामित किया जाएगा एवं पहले वेतन वृ(ि की तिथि 01.07.2006 को होगा। वेतन वृ(ि की 3 प्रतिशत राशि 01.07.2006 को जोड़ने पर उनका मूलवेतन 29490/- रू0 हो जाएगा।
उदाहरण - 3
एक व्याख्याता जिनका 01.04.2005 को 8000-275-13520 के वेतनमान में मूलवेन 10200/- रू0 है, उनको वेतनवृ(ि की तिथि 1 अप्रील प्रति वर्ष है तथा वह 01.03.2006 से नया वेतन का विकल्प दिया है, तो उन्हें वेतन बैंड 15600-39100 एवं ए0जी0पी0 6000/- अनुमान्य होगा एवं उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगा।
1. वर्त्तमान मूलवेतन मंहगाई भत्ता (74%) - 102007548=17748 या 17750/- 2. वेतन बैंड के वेतन ;पिफटमेंट तालिका-1के अनुसारद्ध - 18980/- 3. ए0जी0पी0 अनुमान्य - 6000/- 4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 24980/-
उनका मूल वेतन 24980/- निर्धरित होगा एवं नामकरण सहायक प्रोपफेसर होगा तथा 01.07.2006 को वार्षिक वेतन वृ(ि के पश्चात मूल वेतन 25730/- रू0 होगा।
उदाहरण - 4
एक वरीय व्याख्याता 01.02.2006 को वेतनमान 10000-325-15200 में मूलवेतन 14875/- रू0 प्राप्त करते है। पुनरीक्षित वेतन संरचना में उन्हें वेतन 15600-39100 एवं ए0जी0पी0 7000/- रू0 अनुमान्य होगा एवं उनका वार्षिक वेतन वृ(ि की तिथि 1 पफरवरी प्रतिवर्ष है तो उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगा :-
1. वर्त्तमान मूलवेतन मंहगाई भत्ता (74%) - 1487511008/-25883 या 25890/- 2. वेतन बैंड के वेतन ;पिफटमेंट तालिका-2 के अनुसारद्ध - 27670/- 3. ए0जी0पी0 अनुमान्य - 7000/- 4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 34670/-16 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 उनका वेतन 34670/- पर निर्धरित होगा तथा उनका नाम सहायक प्रोपफेसर होगा एवं अगली वेतन वृ(ि 01.07. 2006 को होगा तथा वेतन वृ(ि जोड़ने के पश्चात उनका मूलवेतन 35720/- रू0 अनुमान्य हो सकता है।
उदाहरण - 5
एक ;सेलेक्सन गे्रडद्ध व्याख्याता/रीडर ;उपाचार्यद्ध को 02.11..2004 को वेतनमान 12000-400-18300 में रखा गया तथा उनका वेतन 01.11.2005 को 12420/- रू0 वेतनमान 12000-18300 में है। चूँकि 01.01.2006 को वेतनमान 12000-18300 में तीन वर्ष पूरा नहीं किये है अतः उन्हें पुनरीक्षित वेतन बैंड 15600-39100 एवं ए0जी0पी0 8000/- रू0 अनुमान्य होगा। उनका अगला वेतन वृ(ि 1.11 प्रतिवर्ष है। उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगाः-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्ध मंहगाई भत्ता (74%) - 124209191=21611 या 21612/-
2. वेतन बैंड में वेतन ;पिफटमेंट तालिका-3 के अनुसारद्ध - 23110/-
3. ए0जी0पी0 - 8000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 31110/-
उनका मूल वेतन 31110/- रू0 बिना उनके पदनाम में परिवर्त्तन के निर्धरित होगा। जब तक कि वे वेतनमान 12000-18300 में तीन वर्ष पूरा नहीं कर लेतें है। उसके पश्चात उन्हें उच्च वेतन बैड 37400-67000/- एवं ए0जी0पी0 9000/- के साथ उन्हें एसोशिएट प्रोपफेसर के रूप में पद नामित किया जाएगा तथा उनका वेतन निर्धरण उदाहरण क्रमांक-6 के अनुसार होगा। तत्काल उन्हें वेतनमान 15600-39100 मेें 01.07.2006 को अगली वेतन वृ(ि देने पर उनका वेतन 32050/- रू0 अनुमान्य हो सकता है।
उदाहरण - 6
एक व्याख्याता ;सेलेक्शन ग्रेडद्ध/रीडर जो पूर्व पुनरीक्षित वेतनमान 12000-420-18300 में 02.11.2004 को आने पर वर्त्तमान मूल वेतन 12420/- रू0 01.11.2005 को प्राप्त कर रहे है। उन्हेें 01.01.2006 केा पुनरीक्षित वेतन बैंड 15600-39100 के साथ ए0जी0पी0 8000/- प्राप्त है। उनका उदाहरण 5 में वेतन निर्धरण के पश्चात 02.11.2007 तक वेतन बैंड 15600-39100 प्राप्त करते हुये पदनाम पूर्वतत रहेगा। उसके पश्चात् उनको वेतन 02.11.2007 को रीडर के वेतनमान में तीन वर्ष पूरा कने के पश्चात निम्नप्रकार पर निर्धरित होगाः-
1. 02.11.2007 को पुराने वेतनमान में प्राप्त वेतन मंहगाई भत्ता (74%)-132609886=23072 या 23070/- 2. वेतन बैंड में वेतन ;पिफटमेंट तालिका-3 के अनुसारद्ध - 37400/-
3. ए0जी0पी0 - 9000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 46400/-
उनका मूल वेतन निर्धरित होगा 46400/- रू0 02.11.2007 को होगा एवं उन्हें एसोसिएट प्रोपफेसर के रूप में पदनामित किया जएगा तथा वेतन बेंण्ड 37400-67000/- अनुमान्य होगा। उनको अगला वेतन वृ(ि 01.07.2008 को दिये जाने के पश्चात मूल वेतन 47800/- रू0 निर्धरित हो सकता है।
उदाहरण - 7
एक व्याख्याता ;सेलेक्सन ग्रेडद्ध/उपाचार्य को 27.07.1998 को वेतनमान 12000-420-18300 में प्रोन्नति दिया गया तथा 01.07.2005 को उनका मूलवेतन 14940/- रू0 वर्त्तमान वेतनमान में है। चूकि उन्होंने 01.01.2006 से पूर्व वेतनामन 12000-18300 में तीन वर्षों की सेवा पूरा कर लिया है। अतः उन्हें पुनरीक्षित वेतन बैंड 37400-67000 के साथ ए0जी0पी0 9000/- अनुमान्य होगा। उनका अगला वेतन वृ(ि 1.7 प्रतिवर्ष है, अतः उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगाः-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्ध मंहगाई भत्ता (74%) - 1494011056=25996 या 26000/- 2. वेतन बैंड में निर्धरित वेतन ;पिफटमेंट तालिका-4 के अनुसारद्ध - 38530/-
3. ए0जी0पी0 - 9000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 47530/-
उनका वेतन मूल वेतन 47530/- एवं निर्धरित होगा एवं उनका पदनाम एसोशिएट प्रोपफेसर होगा। 01.07.2006 को वेतन वृ(ि देने के पश्चात उनका मूल वेतन 48960/- रू0 हो सकता है।17 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 उदाहरण- 8
एक प्रोपफेसर 01.07.2005 केा वेतनमान 16400-22400 में मूल वेतन 20450/- रू0 पाते है। पुनरीक्षित वेतन संरचना में उन्हें वेतन बैंड 37400-67000 के साथ ए0जी0पी0 10000/- अनुमान्य होगा। उनका अगला वेतन वृ(ि 1 जुलाई प्रतिवर्ष है अतः उनका वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगा :-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्ध मंहगाई भत्ता (74%) - 2045015133=35583 या 35590/-
2. वेतन बैंड में वेतन ;पिफटमेंट तालिका-5 के अनुसारद्ध - 46050/-
3. अनुमान्य ए0जी0पी0 - 10000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;2 +3द्ध - 56050/-
उनका मूल वेतन 56050/- निर्धरित होगा। उनका अगले वेतन वृ(ि की तिथि 01.07.2006 एवं वेतन वृ(ि की 3 % राशि जोड़ने के पश्चात 01.07.2006 को मूल वेतन 57740/- रू0 हो सकता है।
उदाहरण- 9
एक प्रधनाचार्य को अपना मूल वेतन दिनांक को 01.09.2005 को वेतनमान 12000-420-18300 में 17040/- रू0 पाते तो पुनरीक्षित वेतन संरचना में उन्हें वेतन बैंड 37400-67000 एवं ए0जी0पी0 10000/- अनुमान्य होगा। उनका अगला वेतन वृ(ि प्रतिवर्ष 1 सितम्बर है। उनका पुनरीक्षित वेतन निम्नप्रकार निर्धरित होगा :-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्ध मंहगाई भत्ता (74%) - 1704012610=29650
2. वेतन बैंड में निर्धरित वेतन ;पिफटमेंट तालिका-6 के अनुसारद्ध - 40890/-
3. ए0जी0पी0 - 10000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 50890/-
उनका मूल वेतन 50890/- रू0 निर्धरित होगा। उनका अगला वेतन वृ(ि 01.07.2006 एवं वेतन वृ(ि की 3 % राशि जोड़कर 01.07.2006 को मूलवेतन 52420/- रू0 हो सकता है।
उदाहरण - 10
एक प्रधनाचार्य दिनांक 01.12.2005 को वेतनमान 16400-22400 में 21400/- प्राप्त करता है तो पुनरीक्षित वेतन संरचना में उनको वेतन बैंड 37400-67000 एवं ए0जी0पी0 10000/- रू0 अनुमान्य होगा। उनके अगला वेतन वृ(ि की तिथि 1 दिसम्बर प्रतिवर्ष हैं अतः उनका पुनरीक्षित वेतन बैंड में वेतन निर्धरण निम्नप्रकार होगाः-
1. मूल वेतन ;वर्त्तमानद्ध मंहगाई भत्ता (74%) - 2140015836=37236 या 37240/- 2. वेतन बैंड में निर्धरित वेतन ;पिफटमेंट तालिका-5 के अनुसारद्ध - 47440/-
3. ए0जी0पी0 - 10000/-
4. पुनरीक्षित मूल वेतन ;23द्ध - 57440/-
उनका मूल वेतन 57440/- रू0 निर्धरित होगा। उन्हें अगला वेतन वृ(ि 01.07.2006 को 3 प्रतिशत जोड़कर मूलवेतन 59170/- रू0 अनुमान्य हो सकता है।18 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010
एपेन्डिक्स - 5
विकल्प प्रपत्रा
1. ;iद्ध मैं ............................... एतद द्वारा चालू वेतन वोण्ड एवं एकेडेमिक गे्रड-पे ;यू0जी0सी0द्ध 01 जनवरी 2006 से चयन करता हूँ।
;iiद्ध मैं ............................... एतद द्वारा अपने वर्त्तमान पद एवं वेतनमान मेें निम्नलिखित तिथि तक बने रहने का चयन करता हूँ।
;iiiद्ध मेरे अगले वेतन-वृ(ि की तिथि ................. को है।
;ivद्ध मेरे अगले वेतन-वृ(ि के पश्चात मेरा वर्त्तमान वेतन में वेतन .................. रु0 बढ़कर हो जायगा। ;vद्ध मैं अपने वर्त्तमान वेतनमान में प्राप्त वेतन लेना छोड़ दूंगा। मेरा वर्त्तमान पद ................ में वर्त्तमान वेतनमान ..................... है।
2. मेरे द्वारा चयनित विकल्प अंतिम है तथा वाद की तिथि को इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
शपथ प्रपत्रा
मैं, इस शपथ के द्वारा वचन देता हूँ कि अन्यथा तथ्यों के आधर पर अथवा इस संकल्प में निर्गत राजकीय निदेशों एवं शत्र्तो के अनुरूप, वेतन निर्धरण नहीं होने के पफलस्वरूप प्राप्त अध्कि वेतन या अन्य किसी प्रकार के त्राुटि के कारण ;दोषपूर्णद्ध वेतन निर्धरण के आधर पर लिया गया अध्कि वेतन की जानकारी मिलने पर अध्कि भुगतान प्राप्त की गयी राशि विश्वविद्यालय को लौटा दूँगा या उक्त राशि को मेरे अगले अनुमान्य भुगतेय राशि में से विश्वविद्यालय द्वारा उसका समायोजन कर लिया जाएगा।
हस्ताक्षर :
नाम :
पदनाम :
संस्था जहॉ कार्यरत है :
मेरे समक्ष हस्ताक्षरित किया गया तिथि : हस्ताक्षर
स्थान : कार्यालय प्रधन
घोषणा की तिथि : उपर्युक्त प्राप्त किया
स्थान :
हस्ताक्षर
कार्यालय प्रधन
एपेन्डिक्स - 6
शिक्षकों का चालू वेतन बोण्ड एवं एकेडेमिक ग्रेड पे में वेतन निर्धरण प्रपत्रा :-
विभाग/ महाविद्यालय का नाम ................................................................
विश्वविद्यालय का नाम ..........................................................................
..................................................................................................................................................................
01. शिक्षक का नाम एवं पदनाम .............................................................
02. मूलपद/ कार्यकारी पद .......................................................
03. ;iद्ध वर्त्तमान वेतन मान् .....................................................
;iiद्ध वर्त्तमान वेतनमान में अंतिम वेतन-वृ(ि की तिथि ...................................................................
04. ;iद्ध चालू वेतन बेंण्ड ........................................................
19 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010;iiद्ध एकेडेमिक ग्रेड-पे .....................................................
05. नियमानुसार चयनित विकल्प की तिथि जब से चालू वेतन बोण्ड एवं ग्रेड पे पाने का विकल्प दिया गया है :-
06. पूर्व निर्धरित वेतन की ब्योरा :-
;कद्ध मूलवेतन नियम -
;खद्ध मूलवेतन पर प्राप्त महंगाई भत्ता :-
;गद्ध पूर्व निर्धरित वेतन का जोड ;क + ख द्ध :-
07. वेतन निर्धरण तालिका ;जो आवश्यक होद्ध की संख्या ................................
08. ;कद्ध दिए गए वेतन निर्धरण तालिका के अनुरूप उपर्युक्त वेतन बैण्ड में निर्धरित वेतन
;खद्ध एकेडेमिक ग्रेड-पे .........................
;गद्ध कुल ;क + खद्ध
9. अगले वेतन-वृ(ि की तिथि ;विहित नियम के अध्ीनद्ध
10. अभ्युक्ति
प्रमाणित किया जाता है किः-
;iद्ध चालू वेतन बोण्ड एवं एकेडेमिक ग्रेड-पे में वेतन निर्धरण राजकीय संकल्प में अंकित शत्र्तों तथा निर्धरित प्रक्रियाओं ............. के अनुरूप किया गया है।
;iiद्ध संबंध्ति कर्मी से इस आशय का शपथ-पत्रा ;प्रतिज्ञापनद्ध लिया गया है कि अगर किसी कारण से उन्हें अध्कि वेतन का भुगतान होने पर अध्कि भुगतेय राशि लौटा दी जाएगी।
स्थान : संस्था के प्रधन का हस्ताक्षर एवं पदनाम तिथि :
जाँचा एवं स्वीकृत किया
स्थान :
तिथि : वित्त पदाध्किारी विश्वविद्यालय ............................................................................................................................................................
प्रतिलिपिः- ;iद्ध संस्था के प्रधन ; दो प्रतियों मेंद्ध
;iiद्ध लेखा प्रशाखा/ वेतन निर्धरण शाखा विश्वविद्यालय
वित्त पदाध्किारी विश्वविद्यालय
———— अधी+क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 622-571+1000-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in