Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 26 August 2010

Published 26 August 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-08-26.626
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 4444 भाभाभाभािििि 1932193219321932 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 626626626626) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , वृवृवृवृहःपहःपहःपहःपितवारितवारितवारितवार,,,, 26262626 अगःतअगःतअगःतअगःत 2020202010101010 सं0 2/सी0-1013/06-सा0प्र0-7306सामान्य प्रषासन विभाग ------- संकल्प 29 जुलाई 2010 श्री मुन्द्रिका चौधरी, बि0प्र0से0, (निलंबित) कोटि क्रमांक-322/04, 180/08 तत्कालीन निदेषक, लेखा प्रषासन एवं स्वनियोजन जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल को इंदिरा आवास योजनाओं के कार्यान्वयन में गंभीर विाीय अनियमितता बरते जाने संबंधी आरोपों में दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-005/06 दिनांक 27 जनवरी 2006 के तहत इन्हें नामजद अभियुक्त बनाया गया। इस क्रम में दिनांक 04 फरवरी 2006 को श्री चौधरी को निगरानी दल द्वारा गिरफ्तार कर कारा में संसीमित किये जाने के फलस्वरूप सरकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2627, दिनांक 22 मार्च 2006 द्वारा दिनांक 04 फरवरी 2006 के प्रभाव से निलंबित किया गया। श्री चौधरी को निगरानी केष संख्या 005-06 (स्पेषल केष संख्या-01/06) में दिनांक 12 अप्रील 2006 को जमानत मिलने के पश्चात्‌ उन्होंने विभाग में दिनांक 17 अप्रील 2006 को योगदान समर्पित किया। 2. श्री चौधरी द्वारा समर्पित योगदान प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत यह पाया गया कि उक्त कांड में श्री चौधरी के विरुद्ध निगरानी विभाग द्वारा आरोप पत्र संख्या 009/06 समर्पित कर दिया गया है। अतः सरकार के आदेषानुसार श्री चौधरी के योगदान को दिनांक 17 अप्रील 2006 के प्रभाव से स्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2627, दिनांक 22 मार्च 2006 के क्रम में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली- 2005 के नियम 9 (1) में निहित प्रावधान के तहत श्री चौधरी को तत्कालीक प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6254, दिनांक 15 जून 2007 के द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना नियुक्त किये गये। 3. संचालन पदाधिकारी विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 311, दिनांक 30 अप्रील 2008 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। श्री चौधरी के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण तथा जाँच प्रतिवेदन की समीक्षोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए श्री चौधरी को सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 में निहित प्रावधानों के आलोक में अनिवार्य सेवा निवृत करने का निर्णय लिया गया। 4. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 18 (3) के तहत संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति श्री चौधरी को भेजते हुए उनसे अभ्यावेदन की मांग विभागीय पत्रांक 12270, दिनांक 20 नवम्बर 2008 द्वारा की गई। श्री चौधरी ने दिनांक 06 जनवरी 2009 के द्वारा अपना अभ्यावेदन विभाग में समर्पित किया। श्री चौधरी द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गई। अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 प्रस्तुत नहीं किया गया है। अतएव सम्यक समीक्षोपरांत श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी पूर्व में लिये गये निर्णय को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। 5. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति करने के सरकार के निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 8193, दिनांक 19 अगस्त 2009 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना को सभी सुसंगत कागजातो सहित प्रस्ताव भेजते हुए उनसे परामर्ष/सहमति की मांग की गई थी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना ने अपने पत्रांक 2374, दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा श्री चौधरी की अनिवार्य सेवा-निवृति में अपनी सहमति प्रदान की है। 6. श्री चौधरी के द्वारा एक अभ्यावेदन दिनांक 24 फरवरी 2010 को समर्पित किया गया। जिसमें इन्होंने उल्लिखित किया है कि माननीय विषेष न्यायाधीष निगरानी के यहाँ दायर मामले में इन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया है अतएव विभागीय कार्यवाही में भी इन्हें मुक्त किया जाय। 7. श्री चौधरी द्वारा समर्पित अभ्यावेदन पर भलि-भाँति समीक्षोपरांत यह पाया गया कि एक आरोप दर्ज निगरानी थाना कांड के आधार पर था, शेष दो आरोप प्रमाणित पाये गये चूँकि इनके कार्यालय में भ्रष्टाचार फैला हुआ था और इस भ्रष्टाचार को रोकने में वे विफल रहें। अतएव प्रमाणित आरोपों के आलोक में श्री चौधरी के विरुद्ध अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्तावित दंड को बरकरार रखने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया। 8. चूँकि, श्री चौधरी, बि0प्र0से0, को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली- 14 के आलोक में वृहत दंड अर्थात अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्ताव में कार्यापालिका नियमावली के नियम (15) में उल्लिखित प्रावधानों के आलोक में मामला मंत्रिपरिषद्‌ के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्ताव में अपनी स्वी—ति प्रदान की गई है। अतएव सरकार के आदेषानुसार श्री मुन्द्रिका चौधरी, बि0प्र0से0, (सम्प्रति निलंबित) तत्कालीन, निदेषक, लेखा प्रषासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल को तात्कालिक प्रभाव से अनिवार्य सेवा- निवृत किया जाता है। आदेष :—आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी एक प्रति श्री मुन्द्रिका चौधरी, बि0प्र0से0, एवं अन्य संबंधित को दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अजय कुमार सिन्हा, सरकार के उप-सचिवं

———— अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 626-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 26 August 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-08-26.626/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-08-26.626.