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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 4444 भाभाभाभािििि 1932193219321932 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 626626626626) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , वृवृवृवृहःपहःपहःपहःपितवारितवारितवारितवार,,,, 26262626 अगःतअगःतअगःतअगःत 2020202010101010 सं0 2/सी0-1013/06-सा0प्र0-7306 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 प्रस्तुत नहीं किया गया है। अतएव सम्यक समीक्षोपरांत श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी पूर्व में लिये गये निर्णय को यथावत रखने का निर्णय लिया गया। 5. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति करने के सरकार के निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 8193, दिनांक 19 अगस्त 2009 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना को सभी सुसंगत कागजातो सहित प्रस्ताव भेजते हुए उनसे परामर्ष/सहमति की मांग की गई थी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना ने अपने पत्रांक 2374, दिनांक 21 जनवरी 2010 के द्वारा श्री चौधरी की अनिवार्य सेवा-निवृति में अपनी सहमति प्रदान की है। 6. श्री चौधरी के द्वारा एक अभ्यावेदन दिनांक 24 फरवरी 2010 को समर्पित किया गया। जिसमें इन्होंने उल्लिखित किया है कि माननीय विषेष न्यायाधीष निगरानी के यहाँ दायर मामले में इन्हें आरोप मुक्त कर दिया गया है अतएव विभागीय कार्यवाही में भी इन्हें मुक्त किया जाय। 7. श्री चौधरी द्वारा समर्पित अभ्यावेदन पर भलि-भाँति समीक्षोपरांत यह पाया गया कि एक आरोप दर्ज निगरानी थाना कांड के आधार पर था, शेष दो आरोप प्रमाणित पाये गये चूँकि इनके कार्यालय में भ्रष्टाचार फैला हुआ था और इस भ्रष्टाचार को रोकने में वे विफल रहें। अतएव प्रमाणित आरोपों के आलोक में श्री चौधरी के विरुद्ध अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्तावित दंड को बरकरार रखने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया। 8. चूँकि, श्री चौधरी, बि0प्र0से0, को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली- 14 के आलोक में वृहत दंड अर्थात अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्ताव में कार्यापालिका नियमावली के नियम (15) में उल्लिखित प्रावधानों के आलोक में मामला मंत्रिपरिषद् के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा श्री चौधरी को अनिवार्य सेवा-निवृति संबंधी प्रस्ताव में अपनी स्वी—ति प्रदान की गई है। अतएव सरकार के आदेषानुसार श्री मुन्द्रिका चौधरी, बि0प्र0से0, (सम्प्रति निलंबित) तत्कालीन, निदेषक, लेखा प्रषासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, सुपौल को तात्कालिक प्रभाव से अनिवार्य सेवा- निवृत किया जाता है। आदेष :—आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी एक प्रति श्री मुन्द्रिका चौधरी, बि0प्र0से0, एवं अन्य संबंधित को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अजय कुमार सिन्हा, सरकार के उप-सचिवं
———— अधी+क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 626-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in