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सामान्य प्रषासन विभाग
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संकल्प
28 जुलाई 2010
श्री अदालत सिंह, बिहार प्रषासनिक सेवा, कोटि क्रमांक 190/08 तत्कालीन अंचलाधिकारी नौवतपुर, पटना सम्प्रति उप-निदेषक कल्याण, पटना प्रमण्डल पटना के विरुद्ध अभिलेख संख्या 3/76-77 के तहत पूर्व में दी गयी अनुषंसा के विपरीत 05 (पाँच) डीसमील भूमि का लगान निर्धारण में अनियमितता वरतने का आरोप प्रतिवेदित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों पर आरोपी पदाधिकारी के स्ष्टीकरण एवं संचिका में सुसंगत कागजातो के समीक्षोपरान्त आरोप प्रथम दृष्टव्या प्रमाणित पाये जाने के कारण सरकार के आदेषानुसार विभागीय संकल्प संख्या 237, दिनांक 07 जनवरी 2010 द्वारा श्री सिंह को निम्नाकित दण्ड संसूूचित किया गया :-
(क) दो वेतन-वृद्धि की अंसचयात्मक प्रभाव से रोक।
(ख) प्रोन्नति पर दो वर्षों के लिय रोक।
2. श्री सिंह द्वारा उपर्युक्त दण्ड के विरुद्ध दिनांक 15 मार्च 2010 को पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया। आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी के समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि इनके द्वारा न तो कोई, ठोस तथ्य प्रस्तुत किया गया और न ही कोई नया साक्ष्य ही उपलब्ध कराया गया है, जिसके आधार पर पुर्नविचार किया जा सके। श्री सिंह द्वारा उन्हीं तथ्यों को दुहराया गया है जो पूर्व में स्पष्टीकरण में प्रस्तुत किया 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 26 अगःत 2010 3. श्री सिंह को चूँकि माननीय मुख्यमंत्री के स्तर से दण्ड संसूचित की स्वी—ति दी गयी, फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005-32 (4) के आलोक में इनके पुनर्विलोकन अर्जी को मंत्रिपरिषद् के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। मंत्रिपरिषद् द्वारा श्री सिंह के अपीलवाद को अस्वी—त कर दिया गया है।
अतएव मंत्रिपरिषद् के निर्णय के आलोक में श्री सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वी—त किया जाता है।
आदेष—आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी एक प्रति संबंधित पदाधिकारी श्री अदालत सिंह, बि0प्र0से0, एवं अन्य को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,-
सिद्धनाथ राम,
सरकार के अवर सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 628-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in