Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 September 2010

Published 08 September 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-09-08.660
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 17171717 भाभाभाभािििि 1932193219321932 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 660660660660) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 8888 िसत,बिसत,बिसत,बिसत,बरररर 2020202010101010पथ निर्माण विभाग ------- अधिसूचना 3 सितम्बर 2010 सं0 निग0/सारा-6 (आरोप) द0बि0 (ग्रा0)-16/08-13229 (एस)—श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा की नियुक्ति पथ निर्माण विभाग के अधीन सहायक अभियंता के पद पर दिनांक 14 नवम्बर 1981 को हुई थी। 2. श्री शर्मा की प्रोन्नति कार्यपालक अभियंता के पद पर होने के पश्चात इनकी सेवायें ग्रामीण कार्य विभाग को विभागीय अधिसूचना संख्या-7594 (एस), दिनांक 18 सितम्बर 2003 द्वारा सौपी गयी। श्री शर्मा के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, मुंगेर के पदस्थापन काल में इनके विरुद्ध निम्नलिखित आरोप (प्रपत्र ''क'') गठित किया गया :- (क) मुंगेर जिलान्तर्गत दिनांक 06 फरवरी 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा सतघरवा जलाशय योजना के शिलान्यास कार्यक्रम हेतु ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, मुंगेर द्वारा धरहरा-कजरा पथ के दूसरे, तीसरे एवं चौथे कि0मी0 तथा दशरथपुर से बंगलवा पथ के पहले, दूसरे, सातवे कि0मी0 में मरम्मति हेतु तैयार किये गये प्राक्कलन के आधार पर कराये गये कार्यों के विरुद्ध पत्रांक 362, दिनांक 25 मार्च 2004 द्वारा 5.00 (पाच) लाख रुपये आवंटन की मांग की गई थी एवं उसे विभागीय स्तर पर कराये जाने का प्रतिवेदन दिया गया था जबकि पूर्व में भी पत्रांक 343, दिनांक 23 मार्च 2004 द्वारा उसे संवेदक से कराये जाने का प्रतिवेदन दिया था। पुनः पत्रांक 919, दिनांक 08 अक्तूबर 2004 द्वारा उसी कार्य के लिए मितव्ययिता के आधार पर 93,319 रुपये में कार्य पूर्ण होने का उल्लेख करते हुए उक्त राशि की मांग की गई। इनकेे इन तीन परस्पर विरोधाभाषी एवं भ्रामक पत्रों के कारण माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका संख्या 16242/04 में जहां एक ओर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई वहीं दूसरी ओर विभाग एवं सरकार की छवि धूमिल हुई। इनका यह कृत्य घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता का द्योतक है। (ख) श्री शर्मा के स्थानांतरण के पश्चात, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता मुंगेर के पत्रांक 1044 अनु0 दिनांक 06 अक्तूबर 2006 से परिलक्षित है कि संबंधित सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता द्वारा कोई कार्य नहीं किये जाने का प्रतिवेदन समर्पित किया गया। (ग) इस प्रकार इनके द्वारा भ्रामक एवं गलत प्रतिवेदन समर्पित कर बिना कार्य कराये सरकारी राशि के गबन करने की मंशा से अनियमित एवं आपत्तिजनक प्रयास किया। इनका यह कृत्य सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 के उप-नियम (1) (2) (3) के विरुद्ध है, जिसके लिए ये पूर्णतः माने गए। 3. उपर्युक्त आरोपों के लिए बिहार सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के अधीन उनके विरुद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13137 (एस), दिनांक 15 अक्तूबर 2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 8 िसत,बर 2010 संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्री श्री नारायण झा, अवर सचिव, पथ निर्माण विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत संचालन पदाधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें इनके विरुद्ध लाए गये तीनों आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किये गये। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री शर्मा पर लगाये गये आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। झूठे काम का दावा कर सरकारी राशि को हड़पने का प्रयास श्री शर्मा द्वारा किया गया। एक कार्यपालक अभियंता जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी का यह आचरण गंभीर कदाचार का मामला बनता है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री शर्मा से उक्त के संबंध में विभागीय पत्रांक 2537 (एस) अनु0, दिनांक 20 मार्च 2009 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। शर्मा ने अपने पत्रांक ़शून्य दिनांक 04 अप्रील 2009 द्वारा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित किया जिसके समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री शर्मा अपने विरुद्ध लगाये गये आरोपों के विरुद्ध कोई नया तथ्य नहीं दे पाये, जो उन्हें निर्दोष साबित करता हो। 5. बिहार सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (x) में निहित प्रावधानों के आलोक में श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा के विरुद्ध प्रतिवेदित उपर्युक्त तीनों आरोपों के प्रमाणित होने के कारण सेवाच्युति (सेवा मुक्त या Removal from service) करने का निर्णय लिया गया। 6. सरकार के उक्त निर्णय पर पत्रांक 11519 (एस) अनु0, दिनांक 15 अक्तूबर 2009 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श प्राप्त किया गया। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा श्री शर्मा को सेवा मुक्त करने संबंधी प्रस्तावित विभागीय दंड पर असहमति व्यक्त करते हुए उन्हें पदावनत करने का दंड दिये जाने को पर्याप्त माना गया। अंकनीय है कि वृहद शास्ति संसूचित करने के पूर्व बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श लेना आवश्यक है किन्तु आयोग का परामर्श विभाग सरकार पर बाध्यकारी नहीं है यह एक अनुशंसात्मक कार्रवाई है। प्रकारान्तर से लोक सेवा आयोग का परामर्श औपचारिक है और सरकार अपने स्तर से यथोचित कार्रवाई करने हेतु स्वतंत्र है। ऐसे ही एक अन्य सदृश मामले में विद्धान महाधिवक्ता का परामर्श प्राप्त है। 7. तदनुसार श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा, कार्यपालक अभियंता की सेवा मुक्ति के प्रस्ताव पर दिनांक 17 अगस्त 2010 को मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरांत प्रमाणित उल्लिखित आरोपों एवं उक्त अनियमितताओं केे लिए इन्हें तत्कालिक प्रभाव से सेवाच्युत (सेवा से मुक्त) किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0)-अस्पष्ट, सरकार के अपर सचिव।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 660-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 September 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-09-08.660/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-09-08.660.