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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 17171717 भाभाभाभािििि 1932193219321932 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 660660660660) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 8888 िसत,बिसत,बिसत,बिसत,बरररर 2020202010101010 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण)] 8 िसत,बर 2010 संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही संचालन के लिए विभागीय जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्री श्री नारायण झा, अवर सचिव, पथ निर्माण विभाग को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही संचालनोपरांत संचालन पदाधिकारी द्वारा जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया जिसमें इनके विरुद्ध लाए गये तीनों आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किये गये। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री शर्मा पर लगाये गये आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। झूठे काम का दावा कर सरकारी राशि को हड़पने का प्रयास श्री शर्मा द्वारा किया गया। एक कार्यपालक अभियंता जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी का यह आचरण गंभीर कदाचार का मामला बनता है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री शर्मा से उक्त के संबंध में विभागीय पत्रांक 2537 (एस) अनु0, दिनांक 20 मार्च 2009 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। शर्मा ने अपने पत्रांक ़शून्य दिनांक 04 अप्रील 2009 द्वारा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित किया जिसके समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री शर्मा अपने विरुद्ध लगाये गये आरोपों के विरुद्ध कोई नया तथ्य नहीं दे पाये, जो उन्हें निर्दोष साबित करता हो। 5. बिहार सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (x) में निहित प्रावधानों के आलोक में श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा के विरुद्ध प्रतिवेदित उपर्युक्त तीनों आरोपों के प्रमाणित होने के कारण सेवाच्युति (सेवा मुक्त या Removal from service) करने का निर्णय लिया गया। 6. सरकार के उक्त निर्णय पर पत्रांक 11519 (एस) अनु0, दिनांक 15 अक्तूबर 2009 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श प्राप्त किया गया। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा श्री शर्मा को सेवा मुक्त करने संबंधी प्रस्तावित विभागीय दंड पर असहमति व्यक्त करते हुए उन्हें पदावनत करने का दंड दिये जाने को पर्याप्त माना गया। अंकनीय है कि वृहद शास्ति संसूचित करने के पूर्व बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श लेना आवश्यक है किन्तु आयोग का परामर्श विभाग सरकार पर बाध्यकारी नहीं है यह एक अनुशंसात्मक कार्रवाई है। प्रकारान्तर से लोक सेवा आयोग का परामर्श औपचारिक है और सरकार अपने स्तर से यथोचित कार्रवाई करने हेतु स्वतंत्र है। ऐसे ही एक अन्य सदृश मामले में विद्धान महाधिवक्ता का परामर्श प्राप्त है। 7. तदनुसार श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा, कार्यपालक अभियंता की सेवा मुक्ति के प्रस्ताव पर दिनांक 17 अगस्त 2010 को मंत्रिपरिषद के अनुमोदनोपरांत प्रमाणित उल्लिखित आरोपों एवं उक्त अनियमितताओं केे लिए इन्हें तत्कालिक प्रभाव से सेवाच्युत (सेवा से मुक्त) किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0)-अस्पष्ट, सरकार के अपर सचिव।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 660-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in