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समेकित बाल विकास सेवा योजना एक केन्द्रीय प्रायोजित योजना है। इनकी स्थापना पर होने वाले व्यय का 90 प्रतिषत वहन केन्द्र सरकार द्वारा एवं 10 प्रतिषत वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। सम्प्रति राज्य के प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों के लिए 544 बाल विकास परियोजना स्वीकृत है। समेकित बाल विकास सेवा योजना के कार्यान्वयन का नाभिकीय बिन्दु ऑगनवाडी केन्द्र है, जो सामान्यतया प्रत्येक 1000 की जनसंख्या पर ग्रामीण क्षेत्रों एवं 1500 की जनसंख्या पर शहरी क्षेत्रों में स्थापित होता है। इस योजना के कार्यान्वयन में महिला पर्यवेक्षिका की भूमिका अहम होती है, जिन्हें 20-25 ऑगनवाडी केन्द्रों के समूह के समुचित कार्यान्वयन एवं पर्यवेक्षण का दायित्व होता है। बिहार के 544 बाल विकास परियोजनाओं के लिए महिला पर्यवेक्षिकाओं के 3288 पद स्वीकृत है, जिसके विरुद्ध वर्त्तमान मंें 254 महिला पर्यवेक्षिकाएॅ कार्यरत है एवं 3034 पद रिक्त है। कार्यरत महिला पर्यवेक्षिकाएॅ नियमित रूप से नियुक्त है। इनकी मृत्यु/सेवा-निवृति के उपरांत रिक्त होने वाले पद संविदा पर नियोजित होने वाली महिला पर्यवेक्षिका के लिए कर्णांकित हो जायेगें। इस योजना के बेहतर संचालन एवं समुचित पर्यवेक्षण के लिए महिला पर्यवेक्षिका के रिक्त पदोंं के विरुद्ध तत्काल अनुबंध के आधार पर नियोजन किये जाने का प्रस्ताव है। (i) अनुबन्ध पर नियोजन स्वीकृत/रिक्त पदों के विरुद्ध विज्ञापन के आधार पर आवेदन-पत्र ऑन लाईन प्राप्त कर किया जायेगा और ऐसे नियोजन में राज्य के आरक्षण संबंधी अधिनियमों, नियमों एवं अनुदेषों का पालन किया जायेगा।
(ii) जिलावार स्वीकृत तथा रिक्त पदों के आधार पर विभिन्नकोटि के लिए आदर्ष रोस्टर प्रणाली के तहत संलेख की कंडिका (viii) की प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी। अनुबंध पर नियोजन हेतु अलग से रोस्टर प्रणाली संधारित किया जायेगा। (iii) अनुबन्ध पर नियोजन के लिए अर्हत्ताएॅ :- (क) अभ्यर्थी केवल महिला हो।
(ख) अभ्यर्थी भारत की नागरिक हो।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010 (ग) आवेदिका संबंधित जिला क्षेत्र की स्थायी निवासी हो। इसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी का आवासीय प्रमाण-पत्र अनिवार्य होगा।
(iv) 1 (क) जिला स्तर पर स्वीकृत बल के विरुद्ध रिक्त पदों में से 75 प्रतिषत पद जिला स्तरीय चयन समिति के माध्यम से अनुबंध पर सीधे भरे जायेगें एवं शेष 25 प्रतिषत पद आंगनबाड़ी सेविकाओं से भरे जाएंगे। महिला पर्यवेक्षिका के लिए अहर्ता निम्नांकित होगी :- अनिवार्य अर्हता :- भारत में मान्यता प्राप्त किसी विष्वविद्यालय से स्नातक । वांछनीय अर्हता :- निम्नलिखित विषय में स्नातकोत्तर, (न्यूनतम 45 प्रतिषत अंक) के साथ उर्त्तीण उम्मीदवाराेंं को बोनस अंक दिये जायेगें :- (I) समाज शास्त्र (II) समाज कार्य (III) गृह विज्ञान (IV) मनोविज्ञान (V) बाल विकास एवं पोषण (VI) आहार विज्ञान (VII) श्रम एवं समाज षास्त्र। समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण हो किन्तु इसके अंतर्गत तकनीकी षिक्षा की डिग्री (पोलिटेकनिक, यूनानी, षिक्षा आदि) शारीरिक षिक्षा, प्राच्यभाषा/भाषा विषेष से संबंधित डिग्री (मौलवी, उप-षास्त्री) तथा स्वैच्छिक संस्थानों द्वारा प्रदत्त समरूप डिग्री (मानव संसाधन विकास विभाग द्वारा वर्णित) महिला पर्यवेक्षिका पद पर नियोजन हेतु सम्मिलित नहीं है। शेष 25 प्रतिषत पद ऑगनवाडी सेविकाओं के लिए कर्णाकिंत होगें। इस कोटि के अन्तर्गत चयन हेतु अहर्ता निम्न प्रकार होगीः-
2 (क) (1) न्यूनतम मैट्रिक या समकक्ष उत्तीर्ण (2) चयन वर्ष की पहली जनवरी को 10 वर्ष का कार्यकाल ।
(v) उम्र :- चयन के वर्ष की पहली जनवरी को नियोजन की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होगी और अधिकतम उम्र सीमा वही होगी जो राज्य सरकार के अधीन नियुक्तियों हेतु कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जाय। उपरोक्त कंडिका (iv)(2)(क) के अन्तर्गत चयन हेतु अधिकतम उम्र सीमा 45 वर्ष होगी। (vi) शारीरिक स्वस्थता : अभ्यर्थी को मानसिक एवं शारीरिक दृष्टि से स्वस्थ्य होना अनिवार्य है, ताकि अपने कर्तव्यों का दक्षता पूर्वक पालन करने में किसी प्रकार का बाधा का सामना नही करना पड़े। मानसिक एवं शारीरिक अस्वस्थ्यता/विकलांगता का निर्धारण मेडिकल बोर्ड के प्रतिवेदन पर किया जाय न कि चयन समिति के विवेक पर। अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थी की नियुक्ति/योगदान, सहायक सिविल सर्जन के स्तर के पदाधिकारी से निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र के उपस्थापन के पश्चात् ही की जायेगी। विशेष अर्हता : अभ्यर्थी को दो पहिये वाले वाहन चलाने की तीन माह के अन्दर सीख लेने की अनिवार्यता होगी।
अध्यक्ष
सदस्य सचिव
सदस्य (vii) जिला स्तरीय चयन समितिः- महिला पर्यवेक्षिका के अनुबंध के आधार पर नियोजन के लिए जिला स्तर पर एक चयन समिति होगी, जिसका स्वरूप निम्नवत होगा :- (1) जिला पदाधिकारी (2) उप-विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सदस्य (3) असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सदस्य सदस्य (4) जिला षिक्षा अधीक्षक (5) जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (6) जिला पर्षद की निर्वाचित एक महिला प्रधिनिधि सदस्य (7) जिला पदाधिकारी द्वारा मनोनीत एक अनुसूचित जाति/जन
जाति के पदाधिकारी
(viii) अनुबंध के आधार पर नियोजन की प्रक्रिया—
(1)
(क) रिक्तियों की अवधारणा :- कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के परिपत्र संख्या 2803, दिनांक 03 अक्तूबर 2006 के आलोक में यथास्थिति पदों के समूहीकरण की कार्रवाई कर जिला स्तर पर चयन के वर्ष के दौरान भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या का आकलन कर लेंगे तथा उसे सीघी नियुक्ति एवं ऑगनबाडी सेविकाओं के लिए कर्णाकिंत क्रमषः 75 प्रतिषत एवं 25 प्रतिषत पदों में विभक्त कर देंगें। दोनों माध्यम से भरे जाने वाले पदों के आरक्षण रोस्टर के लिए दो अलग-अलग पंजी संधारित की जायेगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010 75 प्रतिशत पदों, जिनके विरुद्ध सीधी नियुक्ति की जानी है, का रोस्टर क्रमांक 1 से 100 तक कोटिवार कर्णाकिंत बिन्दुओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत पदों के लिए भी यही प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इन पदों के लिए भी रोस्टर क्रमांक 1 से 100 तक कोटिवार कर्णाकिंत बिन्दुओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। उपरोक्त प्रक्रिया को निम्नप्रकार से उदाहरण के रूप में और स्पष्ट किया जाता है :-
(i) चूँकि 3034 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति की जानी है, अतः सर्वप्रथम इन रिक्तियों अर्थात् 3034 की संख्या को 75ः25 के अनुपात में विभक्त किया जाएगा। इस प्रकार सीधी नियुक्ति से कुल लगभग 2276 महिला पर्यवेक्षिकाओं की एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं में से कुल 758 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति की जाएगी।
(ii) उपरोक्त 2276 एवं 758 रिक्तियों के लिए अलग-अलग रोस्टर पंजी संधारित की जाएगी। प्रत्येक रोस्टर पंजी क्रमांक 1 से प्रारंभ होगी।
(ख) आरक्षण-(i) बिहार अधिनियम-3/1992 एवं समय-समय पर यथा संषोधित अधिनियमों के आलोक में हस्तगत नियोजन में आरक्षण प्रभावी होगा। बिहार अधिनियम 17/2002 के आलोक में निर्गत परिपत्र संख्या 458, दिनांक 30 सितम्बर 2002 के अनुसार जिला स्तर पर रोस्टर गठन की कार्रवाई की जा सकेगी।
(ii) निःषक्त व्यक्ति अधिनियम 1995 के आलोक में कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग के संकल्प संख्या 62 दिनांक 05 जनवरी 2007 एवं समय-समय पर यथा संषोधित परिपत्रों/आदेषों आदि के आलोक में निःषक्त व्यक्तियों को आरक्षण देय होगा।
(iii) बिहार अधिनियम 15/2003 के आलोक में राज्य से बाहर के अभ्यर्थियों को आरक्षण देय नही होगा।
(2) रिक्तियों के रोस्टर विन्दु तैयार होने के पष्चात महिला पर्यवेक्षिका के नियोजन हेतु ऑन लाईन आवेदन आमंत्रित करने के लिए विज्ञापन जिला स्तर से निर्गत किया जायेगा। विज्ञापन निकाल कर चयन तक की प्रक्रिया के साथ ही रोस्टर बिन्दु के निर्धारण का कार्य भी साथ-साथ पुरा कराया जायेगा।
(3) प्राप्त आवेदन पत्राें के आलोक में षैक्षणिक योग्यता के आधार पर इस मार्गदर्षिका की कंडिका (viii)(5)(क)(ख)(ग)(घ))(ड़) के अनुरूप अभ्यर्थियों के मेधा सूची का निर्धारण जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा किया जायेगा।
(4) (क) चयन के विचारार्थ ऑन लाईन आवेदन-पत्र, विहित परिषिष्ट-I में देना अनिवार्य होगा तथा इसकी प्रति निबंधित डाक से संबंधित जिला पदाधिकारी को भेजना होगा। विज्ञापन प्रकाषित होने से 21 दिनों के अन्दर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन-पत्र स्वीकार किये जायेेंगे। ऑन लाईन आवेदन पत्र भरने के उपरांत सभी अभ्यर्थी को जाति प्रमाण-पत्र, स्नातक/स्नातकोत्तर आदि परीक्षा के उत्तीर्णता संबंधी प्रमाण-पत्र, अंक पत्र की अभिप्रमाणित प्रतियॉ, तथा राजपत्रित पदाधिकारी द्वारा प्रदत्त चरित्र प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी को इस आषय का अंडरटेकिंग देना अनिवार्य होगा कि वे नियमित नियुक्ति का दावा नहीं करंेंगें। आवेदन-पत्र के साथ संलग्न किये जाने वाले प्रमाण पत्रों में यदि किसी प्रकार की कमी रह जाती है तो उक्त के आधार पर उस आवेदन को अयोग्य नही किया जायेगा। आवेदक का आवेदन स्वीकृत करते हुए आवेदक को प्राप्ति रसीद निर्गत की जायेगी, जिसमें यह स्पष्ट उल्लेख होगा कि कौन सा प्रमाण-पत्र संलग्न नही है। वांछित प्रमाण-पत्र आवेदक द्वारा आवेदन देने की निर्धारित तिथि एवं समय के पूर्व जमा करना अनिवार्य होगा।
(ख) आवेदन-पत्र प्राप्त होने के अंतिम तिथि के पष्चात् 15 दिनों के अन्दर इस मार्गदर्षिका की कंडिका (viii)(5)(क)(ख)(ग)(घ)(ड) के आलोक में मेधा सूची का निर्धारण किया जायेगा। अंतिम रूप से निर्धारित किये गये सूची पर जिला स्तरीय चयन समिति का अनुमोदन प्राप्त कर चयन परिणाम (Result) चयन समिति के सदस्य सचिव द्वारा जिला पदाधिकारी कार्यालय के सूचना पट्ट पर प्रकाषित किया जायेगा तथा इसकी एक प्रति संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त को भेजी जायेगी। अभ्यर्थियों की योग्यता, जाति, निवास, एवं चरित्र आदि के मूल प्रमाण-पत्र की आवष्यक जॉचोपरांत चयनित अभ्यर्थियों को महिला पर्यवेक्षिका के पद पर नियोजन हेतु अनुबंध एकरारनामा करने के लिए लिखित सूचना निबंधित डाक से अथवा हाथाें-हाथ भेजा जायेगा। (ग) अभ्यर्थियों की योग्यता जाति, निवास एवं अन्य प्रमाण-पत्रों की जाँच जिला पदाधिकारी द्वारा गठित त्रिसदस्यी समिति द्वारा की जायेगी।योग्यता संबंधी प्रमाण-पत्रों के विष्वसनीयता की जाँच से संबंधित बोर्ड अथवा विष्वविद्यालय से करायी जायेगी। प्रमाण-पत्र जाली या गलत पाये जाने की स्थिति में उनका चयन अस्वीकृत करते हुए कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010 (घ) सदस्य सचिव, जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा अनुमोदित सूची के आलोक में चयनित अभ्यर्थियों से अनुबंध के षर्त्तो के विन्दुओं पर एक एकरारनामा ''विहित प्रपत्र'' में किया जायेगा। जिसमें एक पक्ष चयनित अभ्यर्थी एवं दूसरा पक्ष सदस्य सचिव, चयन समिति होगें। तद्नुसार चयनित अभ्यर्थियों को जिलान्तर्गत परियोजना में पदस्थापन के निमित परियोजना कार्यालय में योगदान देने हेतु जिला पदाधिकारी के हस्ताक्षर से निर्गत नियोजन पत्र हस्तगत करायेंगे। नियोजन-पत्र की प्रति संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त एवं निदेषक, आई0सी0डी0एस0 को उपलब्ध करायेंगे। नियोजित अभ्यर्थी नियोजन-पत्र निर्गत होने की तिथि से 15 दिनों के अन्दर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के यहॉ योगदान करेगें । निर्धारित तिथि के अन्दर योगदान नही करने वाली अभ्यर्थियों का नियोजन स्वतः रद्द समझा जाएगा। किसी अपरिहार्य और गंभीर विचारणीय कारण की स्थिति में योगदान हेतु अधिकतम 30 दिनाेंं का समय देय होगा। उसके पष्चात किसी भी प्रकार के दावा पर कोई विचार नही किया जाएगा। (ड) जिला प्रोग्राम पदाधिकारी प्राप्त आवेदन-पत्रों को एक पंजी में संधारित किया जायेगा, जिसके प्रथम पृष्ठ पर कुल पृष्ठों का प्रमाणीकरण जिला पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा।
5 सीधी नियुक्ति
(क) अभ्यर्थियों के चयन हेतु पैनल निम्न रूपेण मेधा अंक के आधार पर तैयार किया जायेगाः-
| षैक्षणिक योग्यता | कुल प्राप्तांंक | प्राप्तांक का प्रतिषत | |
| 1 | मैट्रिक/समकक्ष परीक्षा | ||
| 2 | इंटरमीडिएट | ||
| 3 | स्नातक |
(ख)
उपरोक्त सभी प्राप्तांक के प्रतिषत को जोड़कर उसमें तीन से भाग देने पर जो प्रतिषत प्राप्त होगा, वह उस अभ्यर्थी का कुल प्राप्तांक होगा। मैट्रिक की परीक्षा के प्राप्तांकों का प्रतिषत निकालते समय अतिरिक्त (extra) विषयों को नहीं जोड़ा जायेगा। मात्र अनिवार्य (compulsory) एवं ऐच्छिक (optional) विषयों को जोड़ा जायेगा। उदाहरण स्वरूप अनिवार्य विषय गणित, विज्ञान, ऐच्छिक विषय - कम्प्युटर, अतिरिक्त विषय - तर्कषास्त्र।
मैट्रिक की परीक्षा के प्राप्तांकों का प्रतिषत निकालते समय अतिरिक्त विषय - तर्कषास्त्र के अंक को छोड़कर अनिवार्य (compulsory) एवं ऐच्छिक (optional) विषयों के अंक कुल प्राप्तांक होंगे।
(ग) मार्गदर्षिका की कंडिका (iv) (i) (क) के तहत वांछनीय अर्हता के वर्णित विषयाें में स्नातक अथवा स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को क्रमषः 5 एवं 10 बोनस अंक (अलग-अलग) दिये जायेगें।
मेधा सूची तैयार करने के लिए 3 अभ्यर्थियों को दिये जाने वाले अंक का उदाहरण निम्नप्रकार से स्पष्ट किया गया है -
उदाहरण (1) मान लिया जाय कि कुमारी रीता की योग्यता एवं प्राप्तांक निम्नप्रकार है -
मैट्रिक - 62 प्रतिषत इंटर - 73 प्रतिषत स्नातक - 61 प्रतिषत
कुमारी रीता के कुल अंक की गणना निम्न प्रकार की जायगी। इन्हें निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीवद्ध विषय में स्नातक उत्र्तीण रहने के कारण 5 बोनस अंक दिया जायगा, परंतु निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय में स्नात्कोत्तर में उत्तीर्ण नहीं रहने के कारण 10 बोनस नहीं दिया जाएगा। इस प्रकार इनका कुल अंक 70.33 प्रतिषत निर्धारित हुआ।5
| अभ्यार्थी | मैट्रिक | इंटर स्नातक | अंको की गणना | |||||||
| मैट्रिक | इंटर | स्नातक | औसत अंक (5+6+7) | स्नातक के लिए बोनस अंक | स्नातकोत्तर के लिए बोनस अंक | कुल अंक | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| कुमारी रीता | 62 | 73 | 61 | 62 | 73 | 61 | 65.33 | 5 (कंडिका 1 (क) के निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय) | - | 70.33 |
उदाहरण (2) मान लिया जाय कि मीरा कुमारी की योग्यता एवं प्राप्तांक निम्न प्रकार है -
मैट्रिक - 72 प्रतिषत इंटर - 76 प्रतिषत स्नातक - 48 प्रतिषत
मीरा कुमारी के कुल अंक की गणना निम्न प्रकार की जायगी। इन्हेें निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीवद्ध विषय में स्नातक उत्र्तीण रहने के कारण इन्हें 5 बोनस अंक दिया जायगा एवं निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय में स्नातकोत्तर में उत्तीर्ण रहने के कारण 10 बोनस अंक दिया जायेगा। इस प्रकार इनका कुल अंक 75. 33 प्रतिषत निर्धारित हुआ।
| भ्यार्थी | मैट्रिक | इंटर | स्नातक | अंको की गणना | ||||||
| मैट्रिक | इंटर | स्नातक | औसत अंक (5+6+7) | स्नातक के लिए बोनस अंक | स्नातकोत्तर के लिए बोनस अंक | कुल अंक | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| मीरा कुमारी | 72 | 76 | 48 | 72 | 76 | 48 | 65.33 | 5 (कंडिका 1 (क) के निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय) | 10(कंडिका 1 (क) के निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय) | 75.33 |
उदाहरण (3) मान लिया जाय कि सीमा कुमारी की योग्यता एवं प्राप्तांक निम्नप्रकार है - मैट्रिक - 65 प्रतिषत इंटर - 53 प्रतिषत स्नातक - 54 प्रतिषत
सीमा कुमारी के कुल अंक की गणना निम्न प्रकार की जायगी। इन्हें निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीवद्ध विषय में स्नातक उत्र्तीण नहीं रहने के कारण इन्हें 5 बोनस अंक नहीं दिया जायेगा एवं निर्धारित अर्हता के वांछनीय सूचीबद्ध विषय में स्नातकोत्तर में उत्तीर्ण नहीं रहने के कारण 10 बोनस अंक नहीं दिया जाएगा। इस प्रकार इनका कुल अंक 57.33 प्रतिषत निर्धारित हुआ।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010
| अभ्यार्थी | मैट्रिक | इंटर | स्नातक | अंको की गणना | ||||||
| मैट्रिक | इंटर | स्नातक | औसत अंक (5+6+7) | स्नातक के लिए बोनस अंक | स्नातकोत्तर के लिए बोनस अंक | कुल अंक | ||||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| सीमा कुमारी | 65 | 53 | 54 | 65 | 53 | 54 | 57.33 | - | - | 57. 33 |
(घ) अभ्यर्थियों को कंडिका viii(5)(ख) के तहत प्राप्त कुल प्राप्तांक में उपरोक्त बोनस अंक जोड़कर मेधा अंक निर्धारित किये जायेंगे। इस प्रकार प्राप्त मेधा अंको के आधार पर आरक्षण कोटि के अनुसार मेधा सूची बनाकर रिक्त पदों के आलोक में सर्वाधिक मेधा अंक वाली अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जायेगी, यदि दो उम्मीदवाराें को समान मेधा अंक प्राप्त होते है तो अधिक आयु वाली अभ्यर्थी को उपर रखा जायेगा। (ड़) ऑगनबाडी सेविका से निुयक्ति :-
ऑगनवाडी सेविका के लिए 25 प्रतिषत कर्णाकिंत पदों हेतु प्राप्त आवेदन-पत्रों की समीक्षा जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा की जायेगी, तथा निम्नलिखित रीति से इन अभ्यर्थियों की एक योग्यता सूची आरक्षण के नियमों के तहत कोटिवार तैयार की जायेगी। प्रत्येक अभ्यर्थी को 10 वर्ष की निरंतर सेवा के लिए 10 अंक और उसके पष्चात सेवा के प्रत्येक अनुवर्ती पूर्ण वर्ष के लिए 1-1 अंक दिये जायेगें। यह सेवा केवल उसी अवधि के लिए देय होगी जिस अवधि के लिए मानदेय दिया गया हो। राष्ट्रीय पुरस्कार एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त ऑगनबाडी सेविका को क्रमषः 10 एवं 5 अंक अतिरिक्त दिये जायेगें।
षैक्षणिक योग्यता के आलोक में प्रत्येक अभ्यर्थी को उच्चतर परीक्षा (इण्टर/स्नातक/स्नातकोतर) में प्रथम श्रेणी या द्वितीय श्रेणी या तृतीय श्रेणी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग क्रमषः 10 बोनस अंक या 5 बोनस अंक या 3 बोनस अंक अतिरिक्त दिये जायेगें। उपरोक्त आधार से प्राप्त अंकों के कुल योग के आधार पर अंतिम योग्यता सूची तैयार कर आरक्षण कोटि के अनुसार रिक्त पदों के आलोक में सर्वाधिक मेधा अंक वाली सेविकाओंं की नियुक्ति की जायेगी। यदि दो सेविकाओं को समान मेधा अंक प्राप्त होते है तो अधिक आयु वाली सेविका को उपर रखा जायेगा।
(च) उपरोक्त कंडिका (viii) 5 (क)(ख)(ग)(घ)एवं(ड़) के आलोक में तैयार मेधा सूची को कंडिका (viii)4(ख) के अनुरूप सार्वजनिक तौर पर प्रकाषित किया जायेगा। एक सप्ताह तक किसी भी प्रकार की आपत्ति के लिए सदस्य सचिव, चयन समिति के कार्यालय में दर्ज करने का समय दिया जायेगा। प्राप्त आपत्ति का निराकरण कर सदस्य सचिव मेधा सूची को अंतिम रूप देगें एवं उस पर चयन समिति का अनुमोदन प्राप्त कर चयन संबंधी कार्रवाई करेगें।
(छ़) अनुबंध की अवधि एक वर्ष के लिए होगी। अनुबंध अवधि की समाप्ति पर संतोषप्रद क्रियाकलाप एवं पद की आवष्यकता के आलोक में पुनः अनुबंध किया जा सकेगा। परियोजना समाप्त होने पर अनुबंध स्वतः समाप्त हो जायगा।
(ज) अनुबंध के आधार पर नियोजित महिलाएॅ सरकारी सेवक नही मानी जायेगीं और सरकारी सेवक हेतु अनुमान्य किसी भी सुविधा की वे हकदार नही होगीं। अनुबंध के आधार पर नियोजन के बाद सरकारी सेवा में नियमितीकरण का उनका कोई भी दावा नही बनेगा। परियोजना के किसी अन्य पद पर भी कोई दावा मान्य नही होगा।
(ix) चयन संबंधी अनियमितता पर कार्रवाई :-
इस मार्गदर्षिका के आलोक में नियोजन/चयन संबंधी अनियमितता के मामलों में संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त के यहॉ अधिकतम 1 माह के अंदर कोई भी षिकायत की जा सकेगी। षिकायत के आलोक में संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त जॉचोपरांत संबंधित पक्षोे को सुनकर एक माह के अंदर मुखर आदेष (Speaking Order) पारित करेंगे तथा उनका निर्णय अंतिम माना जायेगा। यदि जॉचोपरांत यह पाया जाता है कि महिला पर्यवेक्षिका का चयन इस मार्गदर्षिका के प्रावधानों के प्रतिकूल किया गया है तो प्रमंडलीय आयुक्त उक्त महिला पर्यवेक्षिका के चयन को रद्द करते हुए, संबंधित जिला पदाधिकारी को सूचित करेगें कि वे सरकारी निर्देष/मापदण्डों के आलोक में सही अभ्यर्थी का पुनः चयन करेंं। (x) अनुबंध करने की प्रक्रियाः- (क) बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपर्युक्त सूचक के आधार पर समेकित रूप में योग्य/अयोग्य महिला पर्यवेक्षिका की सूची/प्रस्ताव अनुमोदन हेतु अनुबंध समाप्त होने के दो माह पूर्व चयन समिति के सदस्य सचिव को उपलब्ध करायेगें । (ख) सदस्य सचिव, चयन समिति, सेवा संबंधी प्राप्त सूची/प्रस्ताव पर अनुबंध समाप्त होने के पूर्व जिला स्तरीय चयन समिति का अनुमोदन प्राप्त कर महिला पर्यवेक्षिका अनुबंध संबंधी आदेष जिला पदाधिकारी7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010 के हस्ताक्षर से निर्गत करेगें तथा इसकी सूचना संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त एवं निदेषक, आई0सी0डी0एस0 को सूची सहित उपलब्ध करायेगें।
(xi) महिला पर्यवेक्षिका की अनुुमान्यता/प्राप्तियां : (क)
(ख)
कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग के संख्या 2401, दिनांक 18 जुलाई 2007 के आलोक में समिति द्वारा स्वीकृत महिला पर्यवेक्षिका को निर्धारित नियत पारिश्रमिक रु0 12000 (बारह हजार) प्रतिमाह की दर से देय होगा (कार्यवाही की प्रति संलग्न)। इसके अतिरिक्त प्रति ऑगनबाड़ी केन्द्र 40 रू0 की दर से यात्रा भत्ता अधिकतम रु0 1000 (एक हजार) प्रतिमाह अनुमान्य होगा। उक्त राषि का भुगतान उसी षीर्ष से होगा जिस षीर्ष के अन्तर्गत महिला पर्यवेक्षिका का पद स्वीकृत होगा। (i) राजपत्रित अवकाष एवं रविवार को छोड़, वर्ष में 12 दिनों का (सवैतनिक) आकस्मिक अवकाष अनुमान्य होगा। (ii) मातृत्व अवकाष का लाभ निर्धारित नियत वेतन की आधी राषि पर अधिकतम दो माहाें का देय होगा।
(xii) प्रषिक्षण : राज्य सरकार इनके पेषागत ज्ञान एवं कौषल के लिए समय-समय पर सवैतनिक जॉब/रिफ्रेषर प्रषिक्षण, की व्यवस्था करेगी जिसमें भाग लेना और उत्तीर्ण होना इनके लिए अनिवार्य होगा। (xiii) प्रषासनिक नियंत्रण : — संविदा पर नियोजित महिला पर्यवेक्षिका का प्रमंडल स्तर पर संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त एवं जिला स्तर पर नियंत्री पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी होगें। परियोजना स्तर पर महिला पर्यवेक्षिकाऐं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के नियंत्रण एवं मार्गदर्षन में कार्य करेंगी। किन्तु सारी प्रषासकीय एवं नियंत्री षक्तियॉ सरकार में निहित रहेगी। (xiv) अनुबंध की समाप्ति (Termination)ः- (क) इस प्रकार का नियोजन, संविदा अवधि समाप्ति के पूर्व, उभय पक्षों द्वारा एक माह की पूर्व सूचना देकर समाप्त किया जा सकेगा।
(ख) महिला पर्यवेक्षिका द्वारा अपने कर्तव्यों के संतोषप्रद निर्वहन नही किये जाने, उनके द्वारा अनियमितता बरते जाने, अनाधिकृत अनुपस्थित रहने, अपराधिक घटना में षामिल होने अथवा एकरारनामें की षर्त्तो का उल्लंघन करने की स्थिति में उनसे स्पष्टीकरण पूछकर संबंधित जिला पदाधिकारी अनुबन्ध मुक्त करने का आदेष पारित करेंगे। इनके आदेष के विरुद्ध अपील संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष एक माह के अन्दर की जा सकेगी। प्रमंडलीय आयुक्त के आदेष के विरुद्ध कोई अपील नही की जा सकेंगी।
(ग) उपरोक्त कंडिका (ख) में उल्लिखित आरोपों के आधार पर संबंधित साक्ष्यों से संतुष्ट हो कर स्पष्टीकरण प्राप्त करने के पष्चात संबंधित प्रमंडलीय आयुक्त महिला पर्यवेक्षिका का अनुबंध समाप्त करने का आदेष पारित करेंगे।
(घ) उपरोक्त प्राधिकारों के अतिरिक्त उपरोक्त कंडिका (ख) में उल्लेखित बिन्दुओं पर जांचोपरान्त महिला पर्यवेक्षिका को सेवा मुक्त करने का अधिकार सरकार में भी सुरक्षित रहेगा।
(xv) निर्वचन (Interpretation) ः- यदि इस मार्गदर्षी सिद्धान्त के किसी कंडिका के निर्वचन में कोई षंका उत्पन्न होने एवं नियोजन संबंधी उपरोक्त दिषा-निर्देष से अलग कोई भी दृष्टांत या मामला प्रकाष में आता है तो उस मामले को संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा निदेषक, आई0सी0डी0एस0 के संज्ञान में लाया जायेगा। जिस पर निदेषक, आई0सी0डी0एस0 समीक्षोपरांत, आवष्यकतानुसार सरकार के अनुमोदनोपरांत निर्देष जारी करेगें। (xvi) राज्य सरकार एवं निदेषालय की षक्तियॉ : (क) समय-समय पर, यथा आवष्यकता, राज्य सरकार मार्ग निर्देष दे सकेगीं। (ख) यथा आवष्यकता एवं निष्चित व्यतिक्रम पर वित्तीय परिलब्धियों का पुनरीक्षण/ मूल्यांकन करा सकेगी।
(ग) इस संकल्प द्वारा निर्दिष्ट किसी श्षर्त का उल्लघंन करने/ वित्तीय अनियमितता के प्रमाणिक साक्ष्य मिलने, नियोजन में अनियमितता पाये जाने पर, निदेषक, आई0सी0डी0एस0/प्रधान सचिव, समाज कल्याण एवं सरकार संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं के नियोजन को रद्द करने का निदेष दे सकेगी तथा अनियमितता संबंधी राषि की वसूली के लिये विधि सम्मत कार्रवाई कर सकेगी।
(घ) संकल्प के किसी प्रावधान को संषोधित/विलोपित कर सकेगी । (xvii) (xviii)
इस संकल्प में निहित निर्देष बिहार राजपत्र में प्रकाषन की तिथि से लागू माने जायेगें। पूर्व में इस कार्यालय के पत्र ज्ञापांक-09/आई0सी0डी0एस0-1068/2001-1221, दिनांक 01 अप्रील 2008 विलोपित समझा जाएगा।8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 अ,तूबर 2010 आदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को राजकीय गजट में प्रकाषित किया जाय और इसकी प्रतिलिपि संबंधित पदाधिकारियों, कार्यालयों एवं जिला परिषदों को भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, वी0 के0 वर्मा, सरकार के प्रधान सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 717-571+50-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in