Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 25 October 2010

Published 25 October 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-10-25.723
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 3 3 3 3 काित(cid:31)ककाित(cid:31)ककाित(cid:31)ककाित(cid:31)क 1932193219321932 ((((शशशश0000))))

((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 723723723723) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , सोमसोमसोमसोमवारवारवारवार,,,, 22225555 अ+तूअ+तूअ+तूअ+तूबरबरबरबर 2020202010101010 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 31 अगस्त 2010सं0 22/नि0सि0(भाग0)-09-02/2009/1276—श्री संजीवन चौधरी, आई0डी0 2575 तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, सिंचाई अंचल सं0 1, जमुई शि0-खगड़गपुर को उनके द्वारा खड़गपुर बाजार से खड़गपुर झील तक पहुॅच पथ के जीर्णोद्वार कार्य हेतु आमंत्रित निविदा के निष्पादन में बरती गयी अनियमितता के लिये विभागीय आदेश सं0 352 सह-पठित ज्ञापांक 352, दिनांक 18 फरवरी 2009 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। श्री चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता, निलंबित द्वारा उक्त विभागीय निलंबन आदेश सं0 352, दिनांक 18 फरवरी 2009 के विरुद्व माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर याचिका सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 3052/09 के मामले में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 6 मार्च 2009 को न्याय निर्णय पारित करते हुए श्री संजीवन चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता निलंबित के विरुद्व विभागीय कार्यवाही के निष्पादन हेतु समय सीमा निर्धारित कर दिया गया। तदुपरान्त माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 3058/09, में दिनांक 6 मार्च 2009 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में श्री संजीवन चौधरी अधीक्षण अभियन्ता निलंबित के विरूद्व ''खड़गपुर बाजार से खड़गपुर झील तक पहुॅच पथ के जीर्णोद्वारा कार्य हेतु आमंत्रित निविदा के निष्पादन में बरती गयी अनियमितता के लिये बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 383, दिनांक 14 मई 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर किये जाने के उपरान्त विभागीय कार्यवाही के जॅाच प्रतिवेदन से असहमति के विन्दु पर श्री संजीवन चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता निलंबित से विभागीय पत्रांक 1396, दिनांक 1 दिसम्बर 2009 द्वारा स्पष्टीकरण किया गया। श्री चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता निलंबित से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त निम्नांकित प्रमाणित आरोपों के लिये श्री चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता, निलंबित को अपने कर्तव्य के प्रति सचेत नहीं रहने तथा निविदा में अनावश्यक विलम्ब के लिये दोषी पाया गयाः- (1) सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर के निविदा आमंत्रण सूचना सं0 03/2008-09 के द्वारा आमंत्रित निविदा के कागजात की बिक्री दिनांक 13 अक्तूबर 2008 से 21 अक्तूबर 2008 तक एवं निविदा प्राप्ति की तिथि दिनांक 21 अक्तूबर 2008 निर्धारित थी अर्थात उक्त निविदा बिहार ठीकेदारी निबंधन नियमावली 1982 के तहत आमंत्रित की गयी थी क्योंकि उक्त तिथि में वही नियमावली जल संसाधन विभाग में लागू थी, अतएव निविदा का निष्पादन उसी नियमावली के अधीन की जानी थी। नयी नियमावली बिहार ठीकेदारी निबंधन नियमावली 2007 जल संसाधन विभाग 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 25 अ+तूबर 2010 में दिनांक 12 नवम्बर 2008 से प्रभावी मानी गयी है जो उक्त तिथि के बाद आमंत्रित निविदा पर ही प्रभावी समझी जायेगी। उक्त के आलोक में निविदा निष्पादन की प्रक्रिया गलत पायी गयी। (11) कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, तारापुर से निविदा संबंधी संचिका दिनांक 13 नवम्बर 2008 को प्राप्त होने पर आपके (श्री चौधरी) द्वारा दिनांक 23 नवम्बर 2008 को संचिका अपने अधीनस्थ को भेजा जाना संदेहास्पद हैं उपरोक्त वर्णित तथ्यों के आधार पर श्री संजीवन चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता, निलंबित को विभागीय अधिसूचना सं0 175, दिनांक 28 जनवरी 2010 द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गयाः-

(1) निन्दन वर्ष 2008-09

(2) एक वेतन-वृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (3) निलंबन अवधि में जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु इसकी गणना पेंशन प्रदायी सेवा के लिये की जायेगीं

श्री चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता द्वारा उपर्युक्त दण्डादेश के विरूद्व अपील अभ्यावेदन विभाग में समर्पित जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि संचालन पदाधिकारी के जॅाच प्रतिवेदन में उन्हें दोषमुक्त किया गया है। अतः उनके विरुद्व दण्डादेश को विलोपित किया जाय।

श्री चौधरी द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं सम्यक समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री चौधरी को पूर्णतः आरोप मुक्त नहीं किया गया है वरन अंकित किया गया है कि ''आभियन्ता प्रमुख द्वारा निर्गत विभागीय पत्रांक-90, दिनांक 16 जनवरी 2006 में निहित मापदण्ड का अनुपालन आरोपित पदाधिकारी द्वारा किया जाना निर्विवाद एवं श्रेयष्कर होता जो उनके द्वारा नहीं किया गया।'' साथ ही अपील अभ्यावेदन में विभाग द्वारा निर्धारित असहमति के विन्दू पर भी श्री चौधरी द्वारा कुछ नहीं कहा गया है और न ही कोई साक्ष्य समर्पित किया गया हैं फलतः सरकार द्वारा श्री संजीवन चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता के अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

उक्त निर्णय श्री संजीवन चौधरी, अधीक्षण अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।

————

अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 723-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 25 October 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-10-25.723/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-10-25.723.