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(2) वित्तीय क्षति की आधी राशि यानि 4,64,024.76 रूपये की वसूली श्री सिंह के वेतन से मासिक रु0 2,000 दर पर की जायेगी। अगर इस राशि की वसूली उनके सेवा अवधि के दौरान नहीं हो पायी तो बकाये राशि की वसूली उनके सेवा-निवृति के पश्चात उनके उपादान एवं अन्य पावना मदो से की जायेगी।
(3) निलंबन अवधि में उन्हें जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
श्री ंिसह द्वारा उक्त विभागीय दण्ड अधिसूचना के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0सं0 11962/95 याचिका दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 22 जुलाई 2010 को पारित न्याय निर्णय एवं उक्त न्याय निर्णय के क्रम में विभाग द्वारा प्राप्त वैधिक परामर्श के आलोक में विभागीय अधिसूचना सं0 48, दिनांक 12 जनवरी 1996 जिसके द्वारा श्री देवेन्द्र प्रसादसिंह तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता को निम्नांकित दण्ड संसूचित किया गया है।
(1) श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, अधीक्षण अभियन्ता को कार्यपालक अभियन्ता के पद पर पदावनति किया जाता हैं।
(2) वित्तीय क्षति की आधी राशि यानि 4,64,024.76 रुपये की वसूली श्री सिंह के वेतन से मासिक रु0 2,000 दर पर की जायेगी। और इस राशि की वसूली उनके सेवा अवधि के दौरान नहीं हो पायी तो बकाये राशि की वसूली उनके सेवा-निवृति के पश्चात उनके उपादान एवं अन्य पावना मदो से की जायेगी।
(3) निलंबन अवधि में उन्हें जीवन यापन भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
को सरकार द्वारा निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। उक्त निर्णय श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता सम्प्रति सेवा-निवृत को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 729-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in