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सं0 3ए-3-भत्ता-01/2009 12501
वित्त विभाग
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संकल्प
4 नवम्बर 2010
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विषयः राज्य सरकार के पेंशन भोगियों/पारिवारिक पेंशन भोगियों को दिनांक 01 जुलाई 2010 के प्रभाव से 35 प्रतिशत के स्थान पर 45 प्रतिशत महंगाई राहत की स्वीकृति।
वित्त विभाग के संकल्प सं0 5014, दिनांक 12 मई 2010 के द्वारा राज्य सरकार के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक 01 जनवरी 2010 के प्रभाव से 35 प्रतिशत की दर से मंहगाई राहत की स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसका भुगतान माह जनवरी 10 से पुनरीक्षित पेंशन/पारिवारिक पेंशन के साथ किया जा रहा है।
(2) भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापांक-42/18/2010-पी0 एण्ड पी0 डब्ल्यू0 (जी0), दिनांक 27 सितम्बर 2010 के द्वारा केन्द्र सरकार के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक 01 जुलाई 2010 के प्रभाव से महंगाई राहत की दर2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 नव+बर 2010 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत किया गया है । तदनुसार राज्य सरकार के पेंशनधारियों को देय मंहगाई राहत की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन था।
(3) राज्य सरकार ने सम्यक विचारोपरांत निर्णय लिया है कि :-
i
( ) राज्य सरकार के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को दिनांक 01 जुलाई 2010 के प्रभाव से पुनरीक्षित पेंशन में 35 प्रतिशत के स्थान पर 45 प्रतिशत की दर से मंहगाई राहत का भुगतान किया जाय।
ii
( ) मंहगाई राहत का भुगतान मूल पेंशन के आधार पर परिगणित कर किया जाएगा।
iii
( ) मंहगाई राहत की गणना में 50 पैसे या उससे अधिक पैसे को अगले रुपये में पूर्णांकित कर दिया जायगा तथा 50 पैसे से कम राशि को छोड़ दिया जायगा।
iv
( ) उपर्युक्त मंहगाई राहत की राशि का भुगतान नगद किया जायगा।
v
( ) उच्च न्यायालय/बिहार विधान-सभा/ बिहार विधान परिषद् के पेंशनधारियों को पुनरीक्षित पेंशन में उक्त मंहगाई राहत का भुगतान मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय/अध्यक्ष, बिहार विधान सभा/ सभापति, बिहार विधान परिषद की स्वीकृति से देय होगा।
4. पेंशन पर मंहगाई राहत का भुगतान करते समय पेंशन एवं पारिवारिक पेंशन पानेवाले पेंशनरों के संबंध में वित्त विभागीय परिपत्र सं0 3556, दिनांक 09 मई 1991 में समादिष्ट निर्देशों का अनुपालन किया जाना अनिवार्य है जिसमें पुनर्नियोजित पेंशनरों को मंहगाई राहत नहीं देने का प्रावधान किया गया है। उक्त स्थिति को छोड़कर मंहगाई राहत शेष असैनिक पेंशनभोगियों को देय होगी जिन्हें क्षतिपूर्ति पेंशन, वार्धक्य पेंशन, सेवा निवृति एवं असमर्थता पेंशन प्राप्त है। औपबंधिक पेंशन/पारिवारिक पेंशन एवं असाधारण पेंशन पानेवाले को भी यह राहत देय होगी।
5. पेंशनभोगियों को इस मंहगाई राहत के भुगतान में विलम्ब के परिहार हेतु बिहार कोषागार संहिता भाग-1 के नियम 344(1) के अन्तर्गत बिना महालेखाकार, बिहार से प्राधिकार के ही राहत के भुगतान का आदेश राज्य के अन्दर पेंशन लेने वालो के मामले में दिया जाता है। साथ ही कोषागार/उप- कोषागार पदाधिकारियों को यह भी आदेश दिया जाता है कि बैंकों के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने वाले पेशनभोगियों को त्वरित भुगतान कराने के लिए वे सभी सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकृत बैंको को इसकी प्रतियॉ भेज दें। बिहार राज्य के बाहर मंहगाई राहत की निकासी महालेखाकार, बिहार के प्राधिकार पत्र पर ही की जा सकती है। इसके लिए महालेखाकार, बिहार से अनुरोध है कि राज्य के बाहर पेंशन प्राप्त करने3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 नव+बर 2010 वाले पेंशनभोगियों से संबंधित महालेखाकारों को अविलम्ब पेंशन राहत भुगतान के लिए प्राधिकृत किया जाय तथा इसकी सूचना वित्त विभाग को भी दी जाय।
6. दिनांक 01 जुलाई 2010 के प्रभाव से स्वीकृत मंहगाई राहत के भुगतान करते समय पूर्ववर्त्ती कंडिकाओं में निहित प्रावधानों का दृढ़ता से पालन किया जाय तथा इस मद में भुगतान की जाने वाली राशि की शुद्धता की जांच हर हाल में प्रत्येेक भुगतान के समय कर ली जाय । ऐसा करना भुगतान करने वाले पदाधिकारी की जिम्मेदारी होगी।
8. उच्च न्यायालय/बिहार विधान-सभा/बिहार विधान परिषद् के पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को पुनरीक्षित पेंशन पर उक्त मंहगाई राहत का भुगतान मुख्य न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय/अध्यक्ष, बिहार विधान-सभा/सभापति, बिहार विधान परिषद की स्वीकृति से देय होगा।
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आदेशः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मदन मोहन प्रसाद,
विशेष सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 743-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in