Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 December 2010

Published 08 December 2010

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-12-08.48
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 17171717 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1931931931932222 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 44448888 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 8888 *दस,ब*दस,ब*दस,ब*दस,बरररर 2020202010101010 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)5, पदःथापन, बदली, श(cid:18)5, छु :ट(cid:15)

भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथा(cid:18)पत

(cid:18)वधेयक, उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ उपःथा(cid:18)पत और अ<य =य(cid:18)5गत सूचनाएं। 2-2

या उपःथा(cid:18)पत *कये जानेवाले ूवर भाग-1-क—ःवयंसेवक गुAमC के समादेंटाओं के

सिमितयC के ूितवेदन और उ]त (cid:18)वधान आदेश।

---

मंडल म[ पुर:ःथापन के पूवN ूकािशत भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0,

(cid:18)वधेयक।

---

बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0,

भाग-7—संसद के अिधिनयम Tजनपर रांशपित क^ एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2,

अनुमित िमल चुक^ है। ---

एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन-

भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Lाओं के

संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयC के पर(cid:15)Lा-फल, कायNबम, छाऽवृ(cid:18)Q ूदान,

ूितवेदन और संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर आ*द।

---

सिमितयC के ूितवेदन और संसद म[ भाग-1-ग—िशLा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Lाफल आ*द ---

पुर:ःथापन के पूवN ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राRयपाल और कायाNSयLC (cid:24)ारा

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और िनयम आ*द। ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, भाग-3—भारत सरकार, पTUम बंगाल सरकार और

<यायालय सूचनाएं और सवNसाधारण उWच <यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं

और िनयम, 'भारत गजट' और राRय

सूचनाएं इaया*द। ---

गजटC के उYरण। ---

पूरक

---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पूरक-क 3333-66662 (cid:18)बहार गजट, 8 *दस,बर 2010

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)5िनयु(cid:18)5िनयु(cid:18)5िनयु(cid:18)5, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)5श(cid:18)5श(cid:18)5श(cid:18)5, , , , छु :ट(cid:15) और छु :ट(cid:15) और छु :ट(cid:15) और छु :ट(cid:15) और अ<यअ<यअ<यअ<य वैय(cid:18)5क सूचनाएं वैय(cid:18)5क सूचनाएं वैय(cid:18)5क सूचनाएं वैय(cid:18)5क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

[kku ,oa HkwrRo foHkkx

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

योगदान प्रतिवेदन

30 uoEcj 2010

सं केम्प/पटना/01/एम0—खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना के विभागीय अध्सिूचना संख्या-ए/ए1-4064/92;खंडद्ध -1977/ एम0, दिनांक 8 अक्तूबर 2010 के अनुपालन में मैं, मनोज कुमार मिश्र, आज दिनांक 30 नवम्बर 2010 के पूर्वाह्‌न में खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना ;मुख्यालयद्ध में सहायक खनन पदाध्किारी सम्प्रति खनिज विकास पदाध्किारी के रूप में अपना योगदान दे रहा हॅूं जिसे स्वीकृत करते हुये प्रोन्नत पद पर पदस्थापन करने की कृपा की जाय ।

मनोज कुमार मिश्र,

सहायक खनन पदाध्किारी, पटना ;मुख्यालयद्ध ।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

योगदान प्रतिवेदन

1 fnlEcj 2010

सं 01/केम्प/एम0—खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना के विभागीय अध्सिूचना संख्या-ए/ए1-4064/92 ;खंडद्ध-1976 / एम0, दिनांक 8 अक्तूबर 2010 के अनुपालन में मैं, सुभाष चन्द्र, आज दिनांक 1 दिसम्बर 2010 के पूर्वाह्‌न में खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना ;मुख्यालयद्ध में सहायक खनन पदाध्किारी सम्प्रति खनिज विकास पदाध्किारी के रूप में अपना योगदान दे रहा हॅूं जिसे स्वीकृत करते हुये प्रोन्नत पद पर पदस्थापन करने की कृपा की जाय ।

सुभाष चन्द्र

सहायक खनन पदाध्किारी, पटना ;मुख्यालयद्ध ।

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

योगदान प्रतिवेदन

30 uoEcj 2010

संपटना/केम्प/01/एम0—खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना के विभागीय अध्सिूचना संख्या-ए/ए1-4064/92;खंडद्ध -1978/एम0, दिनांक 8 अक्तूबर 2010 के अनुपालन में मैं, प्रदीप चन्द, आज दिनांक 30 नवम्बर 2010 के पूर्वाह्‌न में खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना ;मुख्यालयद्ध में सहायक खनन पदाध्किारी सम्प्रति खनिज विकास पदाध्किारी के रूप में अपना योगदान दे रहा हॅूं जिसे स्वीकृत करते हुये प्रोन्नत पद पर पदस्थापन करने की कृपा की जाय ।

प्रदीप चन्द,

सहायक खनन पदाध्किारी, पटना ;मुख्यालयद्ध ।

ÑÑÑÑ

अधीLक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु*ित। (cid:18)बहार गजट, 38Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in3 (cid:18)बहार गजट, 8 *दस,बर 2010 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत

ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

पथ निर्माण विभाग

———

अधिसूचनाएं

10 नवम्बर 2010

सं॰ निग/सारा-1- (ग्रा0)-24/05-15390 (s)—श्री शिवधर राम, तत्कालीन सहायक अभियंता, पुपरी एवं नानपुर प्रखण्ड (सीतामढ़ी) सम्प्रति सहायक अभियंता (निलंबित), अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को पुपरी एवं नानपुर प्रखण्ड के पदस्थापन काल में विकास एवं निर्माण कार्यों में बरती गई अनियमितताओं के संदर्भ में ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक-8783 दिनांक 18 नवम्बर 2005 द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में समीक्षोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमवाली 2005 के नियम-9 के अन्तर्गत निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या-3709 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3710 (एस) दिनांक 3 अप्रील 2006 द्वारा तत्कालिक प्रभाव से निलम्बित करते हुए निलम्बन अवधि में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-10 की प्रक्रिया एवं शर्त्तों के अध्यधीन जीवन निर्वाह भत्ता देय होने एवं निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का कार्यालय निर्धारित करने का आदेश पारित किया गया।

सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं0-14403/10 शिवधर राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 9 सितम्बर 2010 को माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार निम्नांकित निर्णय लिया जाता है :-

(क) इन्हें उपर्युक्त न्याय निर्णय की तिथि 9 सितम्बर 2010 के प्रभाव से निलम्बन से मुक्त किया जाता है। (ख) इनके निलंबित अवधि का विनिश्चय इनके विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर निर्भर करेगा।

(ग) निलंबन से मुक्ति के उपरांत ये अपना योगदान अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के कार्यालय में करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव।

——— 19 नवम्बर 2010 सं0-निग/सारा-5 (पथ)-आरोप 44/2008-15589 (s)—श्री सिद्धेश्वर प्रसाद सिन्हा, प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल बिहारशरीफ को सहायक अभियंता -सह-प्रभारी कार्यपालक अभियंता, एन0आर0ई0पी0 कोडरमा के पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता के लिए पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड के संकल्प ज्ञापांक-2537 (एस) दिनांक 26 जून 2006 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड के पत्रांक-2236 (एस) दिनांक 27 मार्च 2008 से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या-10268 (एस), दिनांक 14 (cid:18)बहार गजट, 8 *दस,बर 2010 अगस्त 2008 द्वारा तीन वार्षिक वृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से रोक जिसकी प्रविष्टि सेवा पुस्त में की जाए का दंड संसूचित किया गया। 2. श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में प्रोन्नति हेतु दायर याचिका सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-2407/10 में दिनांक 17 अगस्त 2010 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में श्री सिन्हा द्वारा अनुपूरक अपील अभ्यावेदन दिनांक 27 अगस्त 2010 समर्पित किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अपने न्याय निर्णय में श्री सिन्हा द्वारा पूर्व में दिनांक 29 सितम्बर 2008 को विभाग में समर्पित अपील/अभ्यावेदन के साथ-साथ अनुपूरक आवेदन पर विचार करने का आदेश दिया गया। श्री सिन्हा द्वारा दिनांक 29 सितम्बर 2008 को समर्पित आवेदन में मुख्य रूप से उनके द्वारा सुनिश्चत वृत्ति उन्नयन के तहत कार्यपालक अभियंता के वेतनमान का लाभ मिलने तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्रांक-287 दिनांक 18 जनवरी 2008 के आलोक में वेतन वृद्धि पर रोक की सजा का कुप्रभाव सहायक अभियंता से कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति पर नही होने के आधार पर कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति देने का अनुरोध किया गया। माननीय उच्च न्यायालय के उक्त न्याय निर्णय के पश्चात दिनांक 27 अगस्त 2010 को समर्पित अभ्यावेदन में इनके द्वारा मुख्यतः संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में निर्दोष पाये जाने तथा इसी परिप्रेक्ष्य मे ंसशर्त प्रोन्नति दिये जाने से संबंधित पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड द्वारा दिये गये स्वच्छता प्रतिवेदन के आलोक मे ंआरोप से मुक्त करने, प्रोन्नति तथा सभी आर्थिक लाभ देने का भी अनुरोध किया गया। 3. श्री सिन्हा द्वारा समर्पित उपर्युक्त दोनो अभ्यावेदन पर समीक्षोपरांत पाया गया कि :-

(क) श्री सिन्हा का दिनांक 29 सितम्बर 2008 को समर्पित आवेदन निम्नांकित कारणो से विचारणीय नही है - (i) श्री सिन्हा द्वारा एन0आर0ई0पी0 कोडरमा के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही के फलस्वरूप झारखण्ड राज्य से प्राप्त अनुशंसाओं के आलोक में पथ निर्माण विभाग, बिहार, सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या-10268 (एस) दिनांक 1 अगस्त 2008 द्वारा इनकी तीन वार्षिक वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड दिया गया।

(ii) दिनांक 21 दिसम्बर 2009 की विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक में इनकी प्रोन्नति पर विचार किया गया और कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग से प्राप्त परामर्श के आलोक में उक्त निर्गत दण्ड मे इन्हें कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति हेतु तत्समय योग्य नही पाया गया। इस संबंध में कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग का पत्रांक-3644, दिनांक 30 अप्रील 2005 एवं अधिसूचना संख्या-666 दिनांक 10 फरवरी 2010 की कंडिका-(iv) में स्पष्ट रूप से अंकित है कि जितने वर्षो तक के लिए वेतनवृद्धि रूकी रहेगी, उतने वर्षो तक किसी प्रकार की प्रोन्नति पर विचार नही किया जा सकेगा। शास्ति की अवधि समाप्त होने के बाद ही देय तिथि से प्रोन्नति पर विचार संभव होगा। (iii) सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन एवं नियमित प्रोन्नति दो अलग-अलग मामले है और उनका यह कथन कि वेतनवृद्धि पर रोक की सजा का कुप्रभाव प्रोन्नति पर नही पड़ेगा-मानने योग्य नहीं है। प्रकारान्तर से यह कहा जा सकता है कि जब दी गयी शास्ति का कुप्रभाव समाप्त हो जायेगा, तत्पश्चात्‌ श्री सिन्हा, यदि सभी तरह से प्रोन्नति के योग्य पाये जायेंगें, तो नियमानुसार प्रोन्नति की कार्रवाई की जा सकेगी।

(ख) माननीय उच्च न्यायालय के न्यायनिर्णय के पश्चात इनके द्वारा दिनांक 27 अगस्त 2010 को जो अनुपूरक अभ्यावेदन दिया गया वह निम्नांकित कारणों से विचारणीय नही है -

(i) इस अभ्यावेदन में विभागीय कार्यवाही से संबंधित जो तथ्य रखे गये हैं, वह झारखण्ड राज्य द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के समय भी रखे गये थे।

(ii) यह बात सही है कि विभागीय कार्यवाही में आरोप संख्या-1 एवं 2 को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नही पाया गया था। किन्तु, संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि योजनाओं के अन्तिम भुगतान से पूर्व यदि विधिवत जॉच-पड़ताल की जाती तो मामला को उसी समय उजागर किया जा सकता था तथा गबन एवं धोखाखड़ी का मामला नही बनता। इसमें श्री सिन्हा की सहभागिता को मानते हुए उनसे झारखण्ड राज्य द्वारा ही पत्रांक 201 दिनांक 10 जनवरी 2008 द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी थी और उसके पश्चात्‌ श्री सिन्हा द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा का विधिवत्‌ जवाब भी दिया गया है।

(iii) विभागीय कार्यवाही में श्री सिन्हा द्वारा भाग लिया गया है, द्वितीय कारण-पृच्छा में असहमति के विन्दुओं को चिह्नित किया गया है और उनकी सहभागिता को मानते हुए श्री सिन्हा से द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर प्राप्त होने के पश्चात्‌ ही दण्डादेय के प्रस्ताव पर झारखण्ड के माननीय मुख्य मंत्री के आदेश के अवतरण के साथ-सम्वर्ग विभाजन के फलस्वरूप, झारखण्ड सरकार द्वारा दण्ड संसूचित करने हेतु इसे बिहार राज्य को भेजा गया। तत्पश्चात्‌ सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन प्राप्त कर ही श्री सिन्हा को दण्ड संसूचित किया गया है, जिसका उल्लेख निर्गत दण्डादेश अघिसूचना संख्या-10268 (एस) दिनांक 1 अगस्त 2008 में भी किया गया है। इस प्रकार श्री सिन्हा का यह5 (cid:18)बहार गजट, 8 *दस,बर 2010 कहना कि दण्ड का आदेश तथ्य से परे और नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त के प्रतिकूल है कतई स्वीकार योग्य नही है।

(iv) दिया गया दण्ड लघु दण्ड है और इन्होने स्वयं स्वीकार किया है कि पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड द्वारा जो स्वचछता प्रतिवेदन दिया गया था वह सशर्त्त ही था।

(v) श्री सिन्हा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका में सारे तथ्यों का समावेश करते हुए ही प्रतिशपथ पत्र दायर किया गया था।

4. इस प्रकार श्री सिन्हा द्वारा दोनो आवेदन/अभ्यावेदन में उठाये गये विन्दु किसी भी दृष्टिकोण से स्वीाकर योग्य नही पाया गया। अतएव सरकार के निर्णयनुसार न ही उन्हें आरोप मुक्त किया जा सकता है और न ही तत्काल निर्गत दण्डादेश अधिसूचना के आलोक में कार्यपालक अभियंता के पद पर प्रोन्नति दी जा सकती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव।

——— 19 नवम्बर 2010 सं॰ निग/सारा-4-(पर्षद) नि0-07/08 (खंड-1) 15647(s)—श्री जितेन्द्र कुमार शाही, तत्कालीन सहायक अभियंता, मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर को मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं के लिए अधिसूचना संख्या-8608 सह पठित ज्ञापांक- 8609 (एस) दिनांक 1 जुलाई 2008 द्वारा निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक-1103, दिनांक 19 फरवरी 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए, असहमति के बिन्दुओं को चिह्नित करते हुए विभागीय पत्रांक-1586 (एस) अनु0 दिनांक 29 जनवरी 2010 द्वारा श्री शाही से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री शाही द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक 10 फरवरी 2010 एवं दिनांक 5 अप्रील 2010 को विभागीय समीक्षोपरांत उन्हें लोक निर्माण लेखा संहिता के नियम 244 के आलोक में विपत्र पर प्रमाण पत्र अंकित नही करने एवं विपत्र हस्ताक्षरित करने में किसी प्रकार का जॉच नही करने के लिए दोषी मानते हुए अधिसूचना संख्या-9938 सह पठित ज्ञापांक-9939 (एस) दिनांक 6 जुलाई 2010 द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए निम्न दंड संसूचित किया गयाः- (i) दो वार्षिक वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 2. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री शाही द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक-श्ूान्य दिनांक 16 अगस्त 2010 समर्पित किया गया। श्री शाही द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी के समीक्षोपरांत पाया गया कि उन्हें निरूपित दंड सुविचारित एवं अनुपातिक है। इनके अपील आवेदन में ऐसा कोई तथ्य नहीं है जो उक्त सुविचारित शास्तियों पर पुनर्विचार करने के योग्य हो। 3. अतः सम्यक्‌ विचारोपरांत सरकार द्वारा श्री जितेन्द्र कुमार शाही, तत्कालीन सहायक अभियंता, मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर सम्प्रति सहायक अभियंता, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक-शून्य दिनांक 16 अगस्त 2010 को अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव।

——— 19 नवम्बर 2010 सं॰ निग/सारा-4-(पर्षद) नि0-07/08 (खंड-1)-15649 (s)—श्री जितेन्द्र कुमार शाही, तत्कालीन सहायक अभियंता, मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर को मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं के लिए अधिसूचना संख्या-8608 सह पठित ज्ञापांक-8609 (एस) दिनांक 1 जुलाई 2008 द्वारा निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक-1103 दिनांक 19 फरवरी 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए, असहमति के बिन्दुओं को चिह्नित करते हुए विभागीय पत्रांक-1586 (एस) अनु0 दिनांक 29 जनवरी 2010 द्वारा श्री शाही से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री शाही द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक 10 फरवरी 2010 एवं दिनांक 5 अप्रील 2010 को विभागीय समीक्षोपरांत उन्हें लोक निर्माण लेखा संहिता के नियम 244 के आलोक में विपत्र पर प्रमाण पत्र अंकित नही करने एवं विपत्र हस्ताक्षरित करने में किसी प्रकार का जॉच नही करने के लिए दोषी मानते हुए अधिसूचना संख्या-9938 सह पठित ज्ञापांक-9939 (एस) दिनांक 6 जुलाई 2010 द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए निम्न दंड संसूचित किया गयाः- (i) दो वार्षिक वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 2. विभागीय पत्रांक-11387 (एस) दिनांक 4 अगस्त 2010 द्वारा श्री शाही से प्रमाणित आरोपों के आलोक में निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी नहीं दिये जाने के संबंध में कारण पृच्छा की मांग की गयी। 3. श्री शाही ने अपनेे पत्रांक-शून्य दिनांक 19 अगस्त 2010 द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा उत्तर में विभाग द्वारा संसूचित दंड को नियमसम्मत/न्यायसंगत नहीं होने का उल्लेख कर निलंबन अवधि को सभी प्रयोजनार्थ कत्र्तव्य अवधि माने जाने का अनुरोध किया गया। श्री शाही द्वारा समर्पित कारण पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि उनके द्वारा प्रमाणित आरोपों के विरुद्ध कोई ऐसा तथ्य नहीं रखा गया है जो उन्हें दी गयी शास्ति को क्षान्त कर सके। उक्त प्रमाणित आरोपों के6 (cid:18)बहार गजट, 8 *दस,बर 2010 आधार पर उन्हें दो वार्षिक वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड संसूचित किया गया है। इस आधार पर श्री जितेन्द्र कुमार शाही, तत्कालीन सहायक अभियंता, मुजफ्‌फरपुर क्षेत्रीय विकास प्राधिकार, मुजफ्‌फरपुर सम्प्रति सहायक अभियंता पदस्थापन की प्रतीक्षा में, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा समर्पित उक्त कारण पृच्छा उत्तर को मान्य नहीं पाते हुए निम्न निर्णय लिया जाता है :- (i) निलंबन अवधि में देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु अन्य प्रयेाजनार्थ इसे कत्र्तव्य अवधि मानी जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव।

——— 19 नवम्बर 2010 सं॰ निग/सारा-4-(पथ) 94/2007-15651 (s)—श्री सुभाष चन्द्र महाराज, तत्कालीन सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण पथ अवर प्रमंडल, ढाका सम्प्रति जिला अभियंता, रोहतास जिला परिषद, सासाराम के विरूद्ध दर्ज जक्कनपुर (पटना) थाना कांड संख्या-6/07 दिनांक 7 जनवरी 2007 में दिनांक 23 मई 2007 से दिनांक 11 सितम्बर 2007 तक न्यायिक हिरासत में रहने के कारण, उक्त न्यायिक हिरासत अवधि के लिये श्री महाराज को विभागीय अधिसूचना संख्या-14282 (एस) दिनांक 10. दिसम्बर 2007 द्वारा निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के प्रावधान के अनुसार मात्र जीवन निर्वाह भत्ता दिये जाने का आदेश पारित किया गया। 2. क्रिमनल मिसलेनीयस केस नं0-51386/07 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 30 जुलाई 2010 को पारित आदेश के क्रम में उनकी पत्नी श्रीमति प्रतिमा राय द्वारा सभी मुकदमा वापस लिये जाने के आधार पर श्री महाराज ने उक्त निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन भुगतान करने एवं उक्त अवधि को सभी प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बिताई गई अवधि के रूप में अधिसूचित करने का अनुरोध अपने पत्रांक-194 दिनांक 3 सितम्बर 2010 द्वारा किया गया। 3. श्री महाराज से प्राप्त आवेदन पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त माननीय न्यायालय के आदेश के आलोक में उनकी निलंबन अवधि दिनांक 23 मई 2007 से दिनांक 11 सितम्बर 2007 का पूर्ण वेतन भुगतान करने एवं उक्त अवधि को सभी प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बिताई गई अवधि के रूप में परिगणित करने का निर्णय लिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, अपर सचिव।

ÑÑÑÑ

अधीLक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु*ित। (cid:18)बहार गजट, 38Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 December 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-12-08.48/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-12-08.48.