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विषय :- 2010 निर्वाचन के पश्चात् दिनांक 26 नवम्बर 2010 को गठित सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (2010-2015) के अंतर्गत सुशासन के विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी कार्यक्रम नीति को लागू करने एवं इसके अनुश्रवण एवं कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के संबंध में। वर्ष 2010 के विधान सभा निर्वाचन एवं नई सरकार के गठन के पश्चात् न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अंतर्गत ''न्याय के साथ विकास'' के संकल्प को दोहराते हुए आगामी 05 वर्ष (2010-15) में बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के निमित्त सरकार प्रतिबद्ध है। इस हेतु सुशासन के कार्यक्रम (2010-15) को सम्पूर्ण राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
2. इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए निम्न प्रकार की व्यवस्था का निर्णय लिया गया हैः- (क) जिला स्तर पर इन कार्यक्रमों का अनुश्रवण प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के द्वारा किया जाएगा।
(ख) प्रत्येक जिला पदाधिकारी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे एवं उनके क्रियान्वयन हेतु वे समीक्षोपरान्त प्रभारी मंत्री-सह-अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के समक्ष उक्त समिति की बैठक में रखेंगे।
(ग) मुख्य सचिव अपने स्तर पर विभागीय प्रधान सचिव/सचिव/पुलिस महानिदेशक के साथ नियमित रूप से इन कार्यक्रमों के संबंध में बैठक करेंगे तथा संबंधित प्रतिवेदन राज्य स्तर पर माननीय मुख्यमंत्री को समर्पित करेंगे।
राज्य सरकार के सभी विभाग इन कार्यक्रमों के कार्यान्वयन हेतु अविलम्ब कारवाई सुनिश्चित करेंगे तथा राज्य स्तर से लेकर प्रशासन के निम्न स्तर तक सभी कार्यालय अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। न्यूनतम साझा कार्यक्रम (2010-15) संलग्न है।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय। सरकार के सभी संबंधित विभाग/पदाधिकारी एवं कार्यालय को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (2010-15) की पुस्तिका उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाय।
बिहार राज्यपाल के आदेश से, अफ़ज़ल अमानुल्लाह, सरकार के प्रधान सचिव।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 सुशासन के कार्यक्रम - (2010-2015) सरकार 'न्याय के साथ विकास' के अपने संकल्प को दुहराते हुए आगामी पाँच वर्षों में बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पुनः अभिव्यक्त करती है। सरकार का मूल संकल्प राज्य का सर्वांगीण विकास है और विकास की इस यात्रा के क्रम में जो संकल्प हमने पहले लिये थे, उसे पूरा किया है। हमने कुछ नए संकल्प लिए हैं जिनकी प्राप्ति के लिए हम पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। इनमें से कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु निम्न प्रकार हैं :-
प्रशासन
1. लोक सेवा समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से जन-जन तक पहुँचे इसके लिए ''लोक सेवा गारंटी कानून'' बनाया जाएगा
2. सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनायी जाएगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम 2009 अंतर्गत भ्रष्ट लोक सेवकों की अवैध संपाि को राज्यसात करने की कार्रवाई को गति प्रदान की जाएगी।
3. राज्य के कर्मियों के क्षमता वर्धन के लिए प्रशिक्षण नीति तैयार कर उसे कार्यान्वित किया जाएगा। 4. सरकार के विाीय प्रबंधन और प्रशासन को और अधिक चुस्त दुरूस्त बनाया जाएगा। 5. पुलिस बल और जनसंख्या के राष्ट्रीय अनुपात को राज्य स्तर पर भी हासिल करने के लिए पुलिस कर्मियों और पदाधिकारियों के सभी रिक्त पदों विशेषकर महिला पुलिस के पदों को भरकर उनके गुणवाापूर्ण प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उन्हें आधुनिक तकनीक एवं शस्त्र से लैस किया जायगा।
6. 'आपकी सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का आवश्यकतानुसार विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
7. सभी जिलों में, जहाँ अनुसूचित जाति के लिए विशेष थाने नहीं खोले गये हैं, विशेष थाने खोले जाएंगे। 8. राज्य के सभी दियारा क्षेत्रों को नदी थानों से आच्छादित किया जाएगा। नदी थानों को मोटर बोट सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से लैैस किया जाएगा।
9. पटना शहरी क्षेत्र के विधि-व्यवस्था की निगरानी के लिए अत्याधुनिक केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा जो पूर्णतया कम्प्यूटरीकृत होगा।
10. पुलिस कर्मियों के आवासन हेतु पर्याप्त संख्या में बैरक, शौचालय, पेयजल आदि सुविधाओं से युक्त व्यवस्था, पुलिस लाईन तथा थानों में की जाएगी।
11. राज्य की काराओं को अत्याधुनिक बनाया जाएगा तथा उनमें बंदियों की सूची उनके फोटो तथा पहचान चिन्हों के साथ कम्प्यूटरीकृत व्यवस्था में संधारित की जाएगी।
12. राज्य के सभी जिला तथा अनुमंडल मुख्यालयों में आधुनिक भवन सहित अग्निशाम केन्द्र स्थापित किये जाएंगे।
13. राज्य के सभी थानों, पुलिस अधीक्षक कार्यालयों तथा पुलिस मुख्यालय को कम्प्यूटर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
14. पंचायती राज व्यवस्था और पंचायत शासन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हर संभव प्रयास किये जायेंगे तथा प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जायगा।
15. न्याय व्यवस्था को सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पदाधिकारियों/कर्मियों के प्रशिक्षण तथा संस्थागत सुदृढ़िकरण के सभी उपाय किये जायेंगे।
16. सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं की सुनवाई और उनके त्वरित निराकरण हेतु राज्य स्तरीय संस्थागत व्यवस्था की जायेगी।
17. आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचे को अधिक सुदृढ़ कर कारगर बनाया जायगा। आपदा की स्थिति में बचाव और राहत वितरण कार्य तत्काल और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किए जायेंगे।
18. जन साधारण को अधिक से अधिक सूचनाएँ सुलभता से उपलब्ध कराने हेतु सभी प्रकार के माध्यमों यथा विभागीय वेबसाईट, वसुधा केन्द्रों इत्यादि का प्रभावी उपयोग किया जायगा।
19. प्रशासन को जन भावनाओं के अनुरूप तथा अधिक संवेदनशील बनाया जायगा। 20. स्थानीय समस्याओं का स्थल पर त्वरित निराकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों का नियमित आयोजन किया जायगा।
21. लोक सेवा प्रदान करने वाली प्रणालियों को सशक्त, कारगर और पारदर्शी बनाया जायगा। 22. कर्मियों एवं पदाधिकारियों के कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर एवं प्रभावी बनाया जायगा। 23. समाज और प्रशासन के हर क्षेत्र में नवाचार की संस्कृति को प्रोत्साहित किया जायगा।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 स्वास्थ्य
1. राज्य में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुल प्रजनन दर को आगामी पाँच वर्षों में राष्ट्रीय औसत से बेहतर बनाया जाएगा।
2. कुपोषण की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए विशेष कार्यक्रम मिशन के रूप में चलाये जायेंगे।
3. राज्य में राष्ट्रीय औसत से ऊपर टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए ''मुस्कान एक अभियान'' कार्यक्रम को और सुदृढ़ किया जाएगा।
4. राज्य के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 24 घंटे कार्यरत बनाया जाएगा।
5. व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए चिकित्सकों के रिक्त पद सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर नियमित रूप से भरे जाएंगे।
6. एलोपैथी के साथ-साथ आयुष विधा के तहत राज्य के सभी अस्पतालों में जन साधारण को चिकित्सा सुविधा एवं दवाईयाँ उपलब्ध करायी जाएंगी।
7. स्कूली बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम बनाकर उनके स्वास्थ्य की जाँच, बच्चावार स्वास्थ्य कार्ड का संधारण, विटामिन-ए, कृमिनाशक (Deworm) की दवा जैसी सुविधाएँ उन्हें तीन महीने में एक बार निश्चित रूप से उपलब्ध करायी जाएंगी।
8. पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम को और सघन रूप से लागू कर आगामी वर्षों में उन्मूलन के हर संभव प्रयास किये जाएंगे।
9. राज्य में सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की कमी को देखते हुए प्रत्येक प्रमुख रोग हेतु कम से कम एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना आगामी पाँच वर्षों में की जाएगी।
10. राज्य से इलाज हेतु बाहर जानेवाले रोगियों की संख्या को घटाने के लिए राज्य के भीतर स्थित स्वास्थ्य सेवाओं में गुणात्मक बदलाव लाया जाएगा।
11. राज्य के तीन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों का भवन निर्माण एवं पूर्ण रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही निजी क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज लगाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। 12. राज्य के वर्तमान मेडिकल कॉलेजों को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण से उनमें भवन, विशिष्ट उपकरण, प्रशिक्षित चिकित्सकों एवं पारा चिकित्सकों की चिकित्सीय सुविधाएँ दी जाएंगी।
13. वर्तमान में कार्यरत ए॰एन॰एम॰, जी॰एन॰एम॰ प्रशिक्षण स्कूलों का सुदृढ़ीकरण कर सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी एवं नर्सिंग महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। ऐसे विद्यालय एवं कॉलेज स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा।
14. राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 30 शय्या वाले स्वास्थ्य केन्द्रों में उत्क्रमित किया जाएगा। 15. राज्य में राजमार्गों के किनारे 9 (नौ) अत्याधुनिक ट्रामा सेन्टर की स्थापना की जाएगी। 16. जनसंख्या स्थिरीकरण के कार्यक्रम को सुदृढ़ करने के लिए जन निजी भागीदारी के तहत कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित की जाएगी।
शिक्षा
1. प्रारंभिक विद्यालयों से बाहर के सभी बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
2. राज्य में शिक्षक विद्यार्थी अनुपात और कमरा विद्यार्थी अनुपात को ''शिक्षा के अधिकार कानून'' के प्रावधान के अनुरूप सुनिश्चित किया जाएगा।
3. प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने, कौशल विकास और व्यवसायिक प्रशिक्षण देने की कार्य योजना का विस्तार और क्रियान्वयन किया जाएगा।
4. राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के सभी बालक-बालिकाओं को निःशुल्क पोशाक उपलब्ध करायी जाएगी। 5. राज्य की साक्षरता दर को राष्ट्रीय औसत के समकक्ष लाने के प्रयास सुनिश्चित किये जाएंगे।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 6. अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महादलित और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के बच्चे-बच्चियों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किये जाएंगे।
7. राज्य के सभी बच्चों की माध्यमिक शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पाँच किलोमीटर के दायरे में एक माध्यमिक विद्यालय का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
8. बुनियादी विद्यालयों को पुनर्जीवित कर शिक्षा में श्रम के महत्व को पुनस्र्थापित किया जाएगा। 9. प्रारम्भिक शिक्षा को आनंददायक एवं रूचिकर बनाकर विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ावा दिया जायगा। इसके लिए समुचित शिक्षक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
10. प्रत्येक अनुमंडल में एक डिग्री महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। 11. राज्य के युवाओं को राज्य के अन्दर-बाहर लाभप्रद रोजगार पाने के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्यस्तरीय कौशल विकास निगम का गठन किया जाएगा। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संचालित करने हेतु लोक निजी भागीदारी का उपयोग भी किया जाएगा।
12. बिहार को उच्च शिक्षा के केन्द्र के रूप में स्थापित करने के सभी प्रयास किये जाएंगे ताकि उच्च शिक्षा एवं कोचिंग आदि के लिए राज्य के छात्रों को राज्य से बाहर न जाना पड़े।
13. मध्याह्न भोजन योजना में जनभागीदारी को बढ़ाया जाएगा और लक्ष्य वर्ग के बच्चों के माता-पिता की भागीदारी भी प्राप्त की जाएगी।
14. बिहार को तकनीकी शिक्षा के केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए नीति बनाई जायेगी। 15. राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों में लघु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (मिनी आई.टी.आई.), सभी अनुमंडलों में एक-एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, जिला मुख्यालयों में एक-एक पोलिटेकनिक संस्थान तथा सभी प्रमंडलों में एक-एक इंजिनियरिंग/चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु प्रयास किये जायेंगे।
पथ निर्माण और परिवहन
1. राज्य के सुदूर एवं दुर्गम जगहों से राज्य की राजधानी पहुँचने में अधिकतम 6 घंटे लगे, इसी के अनुरूप आधारभूत संरचना का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
2. पथों, पुलों आदि के रख-रखाव के लिए राज्य स्तरीय नीति का निर्धारण एवं उसके अनुरूप क्रियान्वयन किया जाएगा।
3. राज्य में पथों और पुलों के निर्माण एवं रख-रखाव में उच्च स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर एक अलग गुण नियंत्रण ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
4. ऐसी सड़कें जो राष्ट्रीय उच्च पथ, राज्य उच्च पथ, मुख्य जिला पथ, ग्रामीण कार्य विभाग या शहरी निकाय के अधीन नहीं है, को चिन्हित कर उनके निर्माण एवं रख-रखाव हेतु एक नई नीति का निर्धारण किया जाएगा।
5. राजधानी समेत राज्य के प्रमुख शहरों में MRTS आधारित पथ निर्माण और यातायात प्रणाली को विकसित किया जाएगा।
6. 2015 तक 500 से अधिक जनसंख्या वाले सभी गांव/टोलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
7. जन साधारण से जुड़ी परिवहन विभाग की सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उन्हें कम्प्यूटरीकृत कर "ऑन लाईन" किया जायेगा।
बिजली
1. बिहार में बिजली की समुचित उपलब्धता के लिए विद्युत उत्पादन की स्वीकृत परियोजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाएगा।
2. जले ट्रांसफार्मर को बदलने की व्यवस्था नियत समय में सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा तथा विद्युत वितरण में सुधार हेतु जीर्ण शीर्ण अवस्था वाले तार को चरणबद्ध ढंग से बदला जाएगा।
3. विद्युत क्षेत्र में संचरण एवं वितरण की क्षति में क्रमिक कमी लाकर इसे राष्ट्रीय औसत तक लाने का प्रयास किया जाएगा।
4. बिजली संबंधी बकायों की ससमय वसूली के लिये बिल तैयारी एवं वितरण तथा बिल संग्रहण प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 5. अक्षय ऊर्जा स्रोतों के दोहन हेतु प्रोत्साहन की नीति तैयार कर इन स्रोतों से विद्युत उत्पादन को बढ़ाया जाएगा। सुदूर क्षेत्रों, जहां ग्रिड से बिजली पहुँचाने में कठिनाई हो, वहाँ अक्षय ऊर्जा के स्रोतों का उपयोग कर स्थानीय स्तर पर विद्युत की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
6. विद्युत क्षेत्र में निवेश के लिये निजी निवेशकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा तथा राज्य में स्थापित होने वाली परियोजनाओं के लिये प्राथमिकता के आधार पर कोल लिंकेज सुनिश्चित करने के लिये केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।
7. जल विद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं का पूर्ण सर्वेक्षण कर ऐसी परियोजनाओं का कार्यान्वयन निजी निवेश के माध्यम से कराने हेतु पहल की जाएगी।
पेयजल एवं स्वच्छता
1. पेयजल एवं स्वच्छता से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सभी वर्गों के लोगों को आच्छादित करने हेतु राज्य पेयजल एवं स्वच्छता नीति का निर्माण किया जाएगा।
2. राज्य के सभी शहरों और गाँवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 'मिशन मोड' पर कार्रवाई की जाएगी।
3. फ्लोराइड, आर्सेनिक एवं आयरन प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्त्ति की जाएगी।
4. बिहार से बहनेवाली नदी (सतही जल स्रोतों) से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। 5. राज्य के सभी वर्गों विशेषकर महिलाओं को शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु एक अलग प्राधिकार का गठन किया जाएगा, जो इसे आगामी पाँच वर्षों में पूरा करेगा।
जल संसाधन
1. राज्य के स्थायी बाढ़ प्रबंधन हेतु वृहत् बाढ़ प्रबंधन नदी परियोजनों के तहत तटबंधों के सुदृढ़ीकरण, जीर्णोद्धार एवं विस्तारीकरण की योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। 2. बाढ़ संघर्षात्मक कार्य में उच्च तकनीकी का प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा। 3. अंतर्राज्यीय नदियों को जोड़ने से संबंधित परियोजना पर कार्य। 4. बाढ़ पूर्वानुमान संबंधी राज्य में पूर्व से चल रहे विश्व बैंक संपोषित प्रणाली का क्षमता विस्तार किया जाएगा।
5. राज्य की महत्वपूर्ण नदियों यथा गंडक, कोसी, सोन, दुर्गावती, चांदन, क्यूल, कमला, बागमती और बधुआ इत्यादि के कमांड क्षेत्र में नहरों का जीर्णोद्धार एवं क्षमता विस्तार।
6. राज्य की सिंचाई क्षमता में अभिवृद्धि के उद्देश्य से नदियों पर नए बराज और छिलका का निर्माण किया जाएगा।
7. बड़ी और मंझोली परियोजनाओं के साथ जलागारों को पुनः कार्यशील बनाकर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन किया जाएगा।
8. बिहार भू-जल सिंचाई योजना के क्रियान्वयन का प्रभावी विस्तार किया जाएगा। 9. पारम्परिक सिंचाई प्रणाली का पुनरूद्धार - आहर, पईन प्रणाली को दुरूस्त करना। 10. कार्यरत सरकारी ट्यूबवेल का समयबद्ध कार्यक्रम के तहत पुनरूद्धार योजना का क्रियान्वयन। 11. बाढ़ प्रबंधन तकनीक से संबंधित विषयों पर आधारित आधुनिक संस्थान की स्थापना। 12. जमींदारी बांधों के रखरखाव की योजना का विस्तार किया जाएगा।
नगर विकास
1. सभी शहरी क्षेत्रों में कचड़ा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था लागू की जायेगी जिसमें आवश्यकतानुसार जन निधि भागीदारी का उपयोग किया जायेगा।
2. पटना सहित राज्य के सभी प्रमुख शहरों के मास्टरप्लान तैयार कर लागू किये जायेंगे, जिसमें ड्रेनेज, सिवरेज इत्यादि जन सुविधाओं के समुचित प्रबंध होंगे।
3. पटना सहित राज्य के सभी प्रमुख शहरों में पर्यावरण संरक्षण और सौन्दर्यीकरण के उद्देश्य से पार्क, तालाब, झील सामाजिक वानिकी आदि को विकसित किया जायेगा और इसके नियमित संधारण की समुचित व्यवस्था की जायेगी।
4. फुटपाथ दुकानदारों और ठेला वेन्डरों की सहायता के लिए एक समेकित नीति तैयार कर उसे कार्यान्वित किया जायेगा।
5. पटना सहित प्रदेश के मुख्य शहरों में ट्रॉफिक जाम से निजात पाने के लिए समेकित अत्याधुनिक यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जायेगी।
6. प्रमुख शहरों में आबादी के बढ़ते दबाव के आलोक में सेटेलाइट शहरों की स्थापना हेतु कार्रवाई की जायेगी।7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 7. मुक्तिधाम योजना के तहत श्मशान घाटों तथा विद्युत शवदाह गृहों का निर्माण एवं संधारण सुनिश्चित किया जायेगा। इसमें आवश्यकतानुसार, लोक-निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि, पशु संसाधन एवं सहकारिता
1. कृषि रोड मैप के कार्यक्रम को लागू किया जाएगा। मंत्री समूह द्वारा रोड मैप संबंधी कार्यक्रमों का अनुश्रवण किया जाएगा।
2. खा़द्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्यान्न उत्पादन में प्रभावी वृद्धि की जायगी, साथ ही साथ उत्पादकता को बढ़ाया जायगा।
3. धान, गेहूँ, दलहन के वर्तमान बीज विस्थापन दर को बढ़ाया जायगा तथा विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज किसानों को राज्य संसाधन से अतिरिक्त अनुदान प्रदान कर वितरित किये जायेंगे। 'बिहार राज्य बीज निगम' और 'बिहार राज्य बीज प्रमाणन एजेन्सी' को सुदृढ़ किया जायगा।
4. प्रत्येक किसान को मिट्टी के जाँच के आधार पर "मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड" दिया जायगा। 5. जैविक खेती को व्यापाक पैमाने पर प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को वर्मी कम्पोस्ट/जैव उर्वरक/सूक्ष्म पोषक तत्व सुगमता से उपलब्ध कराने की प्रभावी व्यवस्था की जाएगी।
6. 16 जिलों में 'जिला कृषि भवन' और सभी प्रखण्डों में 'ई-किसान भवन' की स्थापना और बड़ी संख्या में विषयवस्तु विशेषज्ञ, किसान सलाहकार और प्रखंड प्रौद्योगिकी प्रबंधकों का नियोजन कर किसान को आधुनिकतम कृषि तकनीक की जानकारी दी जायगी।
7. किसानों को आधुनिकतम कृषि यंत्रों पर राज्य संसाधन से अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। 8. प्रत्येक जिला में एक उद्यान फसल का सघन विकास किया जायगा। 9. 'मुख्यमंत्री तीव्र बागवानी विकास योजना' के माध्यम से 1 करोड़ गुणवत्ता वाले फलों के पौधे अनुदानित दर पर उपलब्ध कराये जायेंगे।
10. खाद्यान्न भण्डारण क्षमता के विकास के लिए भण्डारण की वर्तमान क्षमता को बढ़ाकर दुगुना किया जायेगा। 11. सभी पैक्सों का सुदृढ़िकरण किया जायगा तथा वैकल्पिक अभिकरण के रूप में सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा राज्य की भंडारण क्षमता आदि में पैक्सों का उपयोग किया जायगा।
12. मछलीपालन, बागवानी, कुक्कुटपालन आदि सम्बद्ध गतिविधियों को प्रोत्साहित कर कृषि आय बढ़ाने के लिए इन्द्रधनुषी क्रान्ति लाने के लिए प्रभावी प्रयास किये जायेंगे।
13. मछली उत्पादन और जल कृषि (मखाना, सिंघाड़ा आदि) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में जल जमाव ग्रस्त क्षेत्रों के पूर्ण उपयोग को सुनिश्चित किया जायेगा।
14. राज्य के टाल और दियारा क्षेत्रों के विकास के लिए अलग योजना बनाकर क्रियान्वित की जायेगी। ग्रामीण विकास
1. 2015 तक सभी टोलों का मुख्य सड़कों से जोड़ने तथा टोलों की गलियों का पक्कीकरण और नाला निर्माण का कार्य किया जायगा।
2. राज्य में उच्च कोटि के ग्रामीण प्रबंधन और अनुसंधान संस्थान की स्थापना की जायेगी। 3. सूचना प्रावैधिकी के नवाचारी उपयोग यथा ई-शक्ति इत्यादि के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जायगा।
भू-राजस्व
1. गैर कृषि गतिविधियों के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के सारे मामलों में सभी किसानों को हितधारी बनाया जायगा।
2. भू-अभिलेखों को सभी स्तरों पर अद्यतन कर कम्प्यूटरीकृत किया जायगा। 3. दाखिल-खारिज के मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु विशेष व्यवस्था की जायगी।
गरीबों के लिए आवास
1. आशियानाविहीन एवं घुमन्तू परिवारों को चिन्हित कर उन्हें आवास उपलब्ध कराये जायेंगे। 2. इन्दिरा आवास योजना को व्यापक और सुदृढ़ बनाया जायगा।
वन एवं पर्यावरण
1. सामाजिक वानिकी को बढ़ावा देकर राज्य के वनाच्छादन में वृद्धि की जाएगी। 2. सुरक्षित वन क्षेत्र एवं आश्रणियों का समेकित विकास किया जाएगा। 3. जल, जमीन एवं हवा के प्रदूषण को रोकने के प्रभावी उपाय किए जायेंगे। 4. वन्य जीवों की रक्षा एवं वृद्धि के प्रभावी उपाय किए जायेंगे। 5. गंगा डाल्फिन और घरेलू गौरैया के संरक्षण हेतु विशेष कदम उठाए जायेंगे। 6. पर्यावरण चेतना को स्कूली पाठ्यचर्या का अंग बनाया जाएगा।8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 उद्योग
1. उद्योग प्रोत्साहन आयोग का गठन किया जाएगा। 2. औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई औद्योगिक नीति, सूचना प्रावैधिकी नीति, अक्षय ऊर्जा नीति तथा निजी क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा संस्थानों की स्थापना सम्बन्धी नीति बनाई जायेगी। 3. उद्योग को बढ़ावा हेतु वर्तमान औद्योगिक क्षेत्र/प्रांगण को विकसित और सुदृढ़ किया जाएगा। 4. विभिन्न कार्याें में लगे कारीगरों एवं बुनकरों को कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था कर नए डिजाईनों के संबंध में उनका उन्मुखीकरण किया जाएगा।
5. राज्य में उपलब्ध औद्योगिक क्लस्टर्स को और सुदृढ़ करना है तथा उन स्थानों में कॉमन फेसिलिटिस सेंटर स्थापित किये जाऐंगे। नये क्लस्टर्स यथा मुजफ्फरपुर में चर्म उद्योग तथा गया में अगरबाी उद्योग विकसित किये जाऐंगे।
6. बिहार रेशम एवं वस्त्र संस्थान नाथनगर, भागलपुर में अतिरक्त सुविधायें सृजित की जायेंगी यथा टेस्टिंग सुविधायें, सर्टिफिकेशन तथा CADCAM की सुविधा।
7. उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पाटलीपुत्र, पटना को पुनर्जीवित कर नया आयाम प्रदान किया जाएगा।
8. खाद्य प्रसंस्करण प्रक्षेत्र में उारी बिहार में एक नया फूड डेवलपमेंट सेंटर सृजित किया जाएगा। इस सेंटर में खाद्य पदार्थों की जाँच, गुणवाा तथा सर्टिफिकेशन और प्रशिक्षण तथा शोध की भी व्यवस्था रहेगी। 9. वाणिज्यकर विभाग की सभी गतिविधियों यथा निबंधन, करों के भुगतान इत्यादि को सरलीकृत कर व्यवसायियों को "ऑन लाईन" सुलभ कराया जायगा ताकि व्यवसायियों को इन कार्यों के लिए सरकारी कार्यालय न जाना पड़े।
10. अन्य राज्यों में कार्यरत बिहार के प्रवासी मजदूरों के कल्याण के लिए विशेष कार्यक्रम क्रियान्वित किये जायेंगे।
महिला सशक्तीकरण
1. बिहार राज्य के लिए ''महिला सशक्तीकरण नीति'' बनाई जाएगी। 2. सामाजिक सशक्तीकरण हेतु निम्न कार्रवाईयाँ की जाएगी :-
(क) राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में महिला पुलिस थाना की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण।
(ख) महिलाओं से विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर ''एकीकृत राज्य कार्ययोजना'' का निर्माण एवं अनुपालन। विभिन्न सामाजिक कुरीतियों यथा लिंग विभेद, बालिका भ्रूण हत्या, बाल विवाह, दहेज, घरेलू हिंसा, डायन, मानव व्यापार के मुद्दे पर प्रभावी योजना एवं कार्यक्रमों को प्रभावी बनाना।
(ग) महिलाओं के शोषण, उत्पीड़न को रोकने के लिए राज्य के सभी जिलों में ''महिला हेल्पलाइन'' एवं ''अल्पावास गृह'' का सुदृढ़ीकरण।
(घ) कामकाजी महिलाओं के सुरक्षित आवासन के लिए ''कामकाजी महिला छात्रावास'' की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण।
(ड़॰) लैंगिक अनुपात को बढ़ाने के लिए प्रयास।
3. आर्थिक सशक्तीकरण हेतु निम्न कार्रवाईयाँ की जाएगी :-
(क) गरीब एवं वंचित समुदाय की महिलाओं के समेकित विकास और सशक्तीकरण के लिए ग्रामीण विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग और ''जीविका'' में समन्वय स्थापित कर, ''स्वयं सहायता समूह आंदोलन के लिए राज्य कार्य योजना'' का निर्माण एवं अनुपालन।
(ख) शिक्षण संस्थानों एवं तकनीकी शिक्षा संस्थानों में महिलाओं एवं किशोरियों के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण की सुविधा प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
(ग) महिला पोलिटेकनीक संस्थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
(घ) विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महिलाओं एवं किशोरियों को आवश्यक तैयारी के लिए कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
(ड़॰) महिला उद्यमियों के कार्यों को प्रोत्साहित करने एवं राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए राज्य कार्ययोजना का निर्माण एवं अनुपालन। इस हेतु महिला उद्यमियों की राज्य स्तर पर पहचान कर उनके उद्यम को प्रोत्साहित करने सस्ते दर पर ऋण सुविधाएँ आधारभूत संरचना सहयोग एवं आवश्यक वातावरण निर्माण।9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 (च) महिलाओं की रोजगारोन्मुखी क्षमता विकास के लिए विभिन्न सेवा प्रक्षेत्रों यथा कम्प्यूटर, ब्यूटीशियन, नर्सिंग, प्राथमिक शिक्षा आदि में संभावनाओं को प्रोत्साहित करना एवं कार्यक्रम/योजनाओं के द्वारा आधारभूत संरचना विकास।
बाल विकास
1. समेकित बाल संरक्षण योजना को प्रभावी ढंग से लागू करना। 2. बच्चों के सांस्थानिक देखभाल (Institutional Care to Children) हेतु विशेष गृहों (Special homes) की स्थापना करना।
3. अनाथ, बेसहारा एवं वंचित समुदाय के बच्चों की देखभाल के लिए उनके दत्तक ग्रहण कार्यक्रम (Adoption), Foster Care कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना।
4. भूले भटके और अनाथ-आश्रित बच्चों के लिए प्रमंडल स्तर पर बाल गृहों की स्थापना करना। 5. मुक्त कराये गये श्रमिकों या स्टेशन आदि पर घूमते अनाश्रित बच्चों के लिए जिला स्तर पर अल्पावास गृह।
6. समेकित बाल विकास सेवाओं के तहत स्थापित आँगनबाड़ी केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण एवं प्रभावी अनुपालन के प्रयास में तेजी लाकर प्रदत्त सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाना। 7. आँगनबाड़ी केन्द्रों के नये भवनों के समयबद्ध निर्माण की व्यवस्था। 8. आँगनबाड़ी केन्द्र के पोषक क्षेत्र में आनेवाले बच्चों को SNP के तहत Micronutrient Fortified Food उपलब्ध करवाना और इसका समुचित प्रबंधन स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करना।
9. ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस को राज्य के सभी पंचायतों में लागू करना। 10. राज्य पोषण नीति का निर्माण और राज्य पोषण मिशन प्राधिकार का गठन कर इसका कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण करना।
11. मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना का विस्तार और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जायगा। सामाजिक न्याय
1. जन नायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना अंतर्गत सभी जिलों में छात्रावासों का निर्माण समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाएगा।
2. अति पिछड़े वर्ग के कल्याण हेतु अत्यंत पिछड़ा वर्ग विा एवं विकास निगम बनाया जाएगा। 3. अति पिछड़े, अनुसूचित जाति, जन जाति की बालिकाओं को ''हुनर'' और ''औजार'' योजना के तहत व्यापक पैमाने पर आच्छादित किया जाएगा।
4. गाँवों के परम्परागत उद्योगों जैसे बढ़ईगीरी, लोहारगीरी, बर्तन बनाने का काम, कुम्हार का काम आदि को बढ़ावा देकर बाजार की सुविधा मुहैया कराई जायेगी।
5. बिहार महादलित विकास मिशन की सभी योजनाओं के कार्यान्वयन को त्वरित और समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाएगा, साथ ही नई योजनाओं को भी प्रारंभ किया जाएगा।
6. पुलिस और अन्य विभागों की नियुक्तियों हेतु अति पिछड़े, अनुसूचित जाति और जन जाति के इच्छुक उम्मीदवारों की विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी।
7. अनुसूचित जाति/जन जाति आवासीय छात्रावासों का जीर्णोंद्धार कर उनके प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
अल्पसंख्यक कल्याण
1. राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी। 2. राज्य में कब्रिस्तान घेराबंदी के अंतर्गत बचे हुए कब्रिस्तानों की घेराबंदी समयबद्ध ढंग से करायी जाएगी। 3. अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए अल्पसंख्यक विभाग के अंतर्गत एक स्वतंत्र निदेशालय बनाया जाएगा।
4. अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए उनकी आबादी के अनुरूप विभिन्न योजना मद में धन राशि ''स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान'' के रूप में कर्णांकित की जाएगी।
5. उर्दू पत्र पत्रिकाओं के प्रकाशन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। 6. बुनकरों के कल्याणार्थ हर बड़ी बुनकर आबादी में एक औद्योगिक हब बनाया जाएगा जहाँ ऋण और अन्य आधारभूत सुविधायें उपलब्ध करायी जाएंगी।
7. वक्फ बोर्ड के प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ किया जाएगा तथा वक्फ सम्पाियों की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
8. सभी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापन किया जाएगा। 9. मदरसा शिक्षा की उच्चतर गुणवाा हेतु इसे आधुनिक तकनीकी और कम्प्यूटर शिक्षा से जोड़ा जाएगा। 10. मदरसा शिक्षा से जुड़े शिक्षक, शिक्षकेार कर्मी और आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 11. प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में बंगला भाषी विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप बंगला भाषी शिक्षकों का पदस्थापन करने का प्रयास किया जाएगा।
12. ''तालिमी मरकज'', ''हुनर'' और ''औजार'' जैसे कार्यक्रम जो कि अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को शिक्षा और कौशल विकास प्रदा करने के लिए चलाये जा रहे हैं, का विस्तार किया जाएगा।
13. मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को जमीन और भवन की सुविधा प्रदान कर इसकी गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।
14. राज्य सरकार की अल्पसंख्यक कोचिंग योजना के लिए मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को नोडल एजेंसी नियुक्त कर अधिक से अधिक संख्या में अल्पसंख्यक युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।
15. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की बिहार शाखा को शीघ्र चालू कराने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
16. बीड़ी मजदूर बाहुल्य क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा दिया जाएगा तथा उन्हें ऋण और आवास निर्माण की सहायता प्रदान की जाएगी।
17. बिहार राज्य धुनिया, रंगरेज, दरजी, कोऑपरेटिव फेडरेशन को सुदृढ बनाकर इन पेशों से जुड़े लोगों का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
18. अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को विभिन्न स्रोतों से सरकारी सहायता प्राप्त करने की पात्रता हेतु आवश्यक अल्पसंख्यक संस्था होने का प्रमाणपत्र देने हेतु नियमावली बनायी जाएगी तथा यह कार्य अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को सौंपा जाएगा ।
19. बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम के माध्यम से अल्पसंख्यक युवाओं के स्वरोजगार एवं अपना कारोबार आरंभ करने के लिए ''मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना'' तथा अल्पसंख्यक छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में सहायता देने हेतु ''मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना प्रारंभ की जाएगी ।
20. अल्पसंख्यक छात्रावासों में आधुनिक सुविधाएं जैसे कम्प्यूटर, इण्टरनेट, ध्वनिरहित जेनरेटर आदि उपलब्ध कराया जाएगा ताकि छात्र आधुनिक परिवेश में पढ़ाई कर सकें। इन छात्रावासों में प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। प्रत्येक अल्पसंख्यक छात्रवास के परिसर में ही छात्रावास अधीक्षक के आवास का निर्माण किया जाएगा । अल्पसंख्यक छात्रावासों के मरम्मत एवं रख-रखाव तथा आवर्ती व्यय के लिए विभागीय बजट से राशि आवंटित की जाएगी तथा छात्रावासों की देखभाल हेतु आवश्यक पद सृजित किये जाएंगे ।
21. बिहार राज्य हज समिति का वार्षिक अनुदान बढ़ाकर 40 लाख रुपये किया जाएगा ताकि हज समिति के माध्यम से हाजियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध करायीं जा सकें।
22. परित्यक्ता अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए चलायी जा रही सहायता योजना को स्वयं सहायता समूहों के साथ जोड़ा जाएगा ताकि लाभान्वित महिलाएँ प्राप्त राशि से स्वरोजगार कर सकें।
23. सूफी परम्परा से जुड़े स्थलों और अल्पसंख्यक समुदाय के पुस्तकालयों के रख-रखाव और सुदृढीकरण हेतु प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण राज्य में गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करनेवाले परिवारों की कुल संख्या 1.4 करोड़ है। भारत सरकार राज्य के इन सभी सर्वेक्षित परिवार के लिए अनुदानित दर पर खाद्यान्न राज्य को उपलब्ध न कर केवल करीब 65 लाख बी0पी0एल0 परिवार के लिए ही खाद्यान्न आवंटित करती है। सभी 1.4 करोड़ परिवारों को खाद्य सुरक्षा देने हेतु लघुकालीन तथा दीर्घकालीन योजना तैयार की जाएगी जिसके मुख्य बिन्दु निम्नवत् होंगेः-
1. राज्य स्तरीय बी.पी.एल. आयोग गठित किया जायगा जो कि सभी बी.पी.एल परिवारों को चिन्हित करेगा तथा इस सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों का निष्पादन करेगा।
2. सभी बी.पी.एल परिवारों को खाद्यान्न या उसके एवज में समतुल्य नकद राशि उपलब्ध कराई जायेगी। 3. राज्य के सभी पैक्सों के माध्यम से अधिप्राप्ति का कार्य संचालित कर किसानों के उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सहजता से खरीदा जाएगा।
4. अधिप्राप्ति एवं जन-वितरण प्रणाली के कार्य में संलग्न संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण कर उनकी कार्य क्षमता और उनके आच्छादन में समुचित अभिवृद्धि की जाएगी।
5. राज्य में भंडारण क्षमता का विकास कर अधिप्राप्ति की पूर्ण संभावनाओं को र्मूा रूप दिया जाएगा। पर्यटन
1. राज्य के समृद्ध विरासत स्थलों को चिन्हित कर उन्हें विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
2. पर्यटन के लिए आधारभूत संरचना यथा होटलोें के निर्माण, Way Side Facility एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं को लोक निजी भागीदारी के तहत मूर्त्त रूप दिया जाएगा।11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 16 -दस/बर 2010 3. राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों विशेषकर बौद्ध परिपथ को यातायात एयर टैक्सी सेवा से जोड़ा जाएगा और इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का भी निर्माण किया जाएगा।
4. विभिन्न पर्यटक स्थलों एवं धरोहरों के लिए अलग-अलग परिपथ बनाकर सुलभ यात्रा पैकजों को विकसित किया जाएगा ताकि सामान्य लोगों को भ्रमण के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
5. महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मेला स्थलों को आधुनिक परिप्रेक्ष्य में पुनस्र्थापित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर कार्यान्वित की जाएगी।
6. 'ब्रान्ड बिहार' के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक कार्य योजना कार्यान्वित की जाएगी।
कला संस्कृति, खेल युवा मामले
1. सभी जिला मुख्यालयों में एक खेल स्टेडियम, प्रखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम और पंचायत स्तर पर खेल मैदानों का निर्माण और संधारण किया जायेगा।
2. बिहारी अस्मिता और बिहारी पहचान की ओर सृदृढ़ करने के उद्देश्य से ''बिहार दिवस'' और अन्य महोत्सवों के आयोजन राज्य के भीतर और बाहर नियमित रूप से किए जाएंगे।
3. प्रवासी बिहारियों का बिहार से जुड़ाव सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के निराकरण हेतु प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
4. राज्य स्तरीय छात्र कल्याण बोर्ड का गठन किया जायेगा। 5. बिहार के उत्कृष्ठ खिलाड़ियों को सरकारी नियुक्ति देने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जायेगा। 6. पंचायत से राज्य स्तर तक नियमित रूप से खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा। 7. हर स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चिन्हित कर उनकी कोचिंग की व्यवस्था की जायेगी।
उच्च जातियों के लिए आयोग
सरकार ऊँची जाति के गरीब तबकों को न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से एक आयोग का गठन करेगी, जो इनकी समस्याओं का अध्ययन कर निराकरण हेतु उपायों की अनुशंसा करेगा।
अफ़ज़ल अमानुल्लाह, सरकार के प्रधान सचिव।
———— अधी0क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु-ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 782-571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in