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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 December 2010

Published 22 December 2010

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2010-12-22.792
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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,l0 vks0 242] fnukad 22 fnlEcj 2010—मोटर गाड़ी अधिनियम, 1988 की धारा-88 की उप-घारा (6) (अधिनियम संख्या 59) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल, बिहार एवं छतीसगढ़ राज्य सरकारों के बीच हुए पारस्परिक परिवहन प्रारुप समझौता, जो मोटर गाड़ी अधिनियम, 1988 की धारा-88 की उप-धारा (5) के अन्तर्गत ''बिहार गजट'' के दिनांक 7 जून 2010 के असाधारण अंक में संख्या 353 के अन्तर्गत प्रकाशित हो चुका है, में निहित प्रावधान के अन्र्तगत पुनरीक्षण एवं संशोधन के उपरान्त प्रकाशन की तिथि से अंतिम रुप से प्रभावीकृत करने के लिए इस अधिसूचना द्वारा प्रकाशित करते हैं।

(4/एस0टी0ए0पी0-3-182/2007—6122) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, सरकार के सचिव-सह-राज्य परिवहन आयुक्त। fcgkj ljdkj vkSj NÙkhlx<+ ljdkj ds e/; ikjLifjd LFkk;h ifjogu le>kSrk o"kZ&2010 यह करार दिनांक 31.07.2008 को बिहार के राज्यपाल तथा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के बीच किये गये करार के आलोक में अंतिम करार किया जाता है ।

बिहार एवं छत्तीसगढ़ एक दूसरे से-सटे हुए पड़ोसी राज्य हैं । इन दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच अवस्थित विभिन्न अन्तर्राज्यीय मार्गो पर परिवहन वाहनों के आवागमन को प्रोत्साहित करने, वाहन परिचालन को नियमित एवं नियंत्रित करने तथा आम यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने के साथ-साथ आंतरिक संरचना को बल प्रदान करने के उद्‌देश्य से और उद्योग एवं व्यापार के विकास तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए यह आवश्यक है कि दोनों राज्यों के बीच पारस्परिक परिवहन समझौता किया जाय ।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 इसी लिए दिनांक 31 जुलाई 2008 को हुए समझौता को हु-ब-हू लागू करने के विन्दु पर दोनों राज्यों के परिवहन सचिवों के बीच दिनांक 13 अक्तूबर 2010 को निम्नांकित विन्दुओं पर पारस्परिक सहमति हुई ।

सुविधाजनक संदर्भ के लिए बिहार राज्य द्वारा दोनों राज्यों के बीच अवस्थित कुल 17 अन्तर्राज्यीय मार्गों की सूची उपलब्ध कराई गई है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से इन मार्गो की अतिरिक्त कुल 11 मार्गों की सूची उपलब्ध कराई गई है । इस तरह दोनों राज्यों के बीच अवस्थित विभिन्न अन्तर्राज्यीय मार्गो की कुल संख्या 28 होती है । इस सूची में विभिन्न राज्यों में मार्गों की दूरी एवं परमिटों की संख्या दर्शायी गई है ।

दोनों राज्यों में से किसी राज्य के पहल पर इस समझौता के अधीन या उनसे अतिरिक्त मार्गो पर आवश्यकता होने पर आपसी सहमति से यथा अपेक्षित संख्या में परमिट स्वीकृत किया जा सकेगा । दोनों पक्षकारों के बीच सहमति निम्न प्रकार से हैः-

यह पारस्परिक समझौता संबंधित राज्य सरकारों द्वारा एतदर्थ निर्गत अंतिम अधिसूचना की तिथि से लागू होगा और तब तक मान्य रहेगा, जब तक दोनों राज्यों के बीच कोई नया समझौता न हो जाये । 1. करो का निर्धारण-

(i) पारस्परिक समझौता के तहत संबंधित राज्य में समय-समय पर लागू अधिनियमों/नियमों एवं विनियमों के प्रावधानों के अंतर्गत निर्गत होगा ।

(ii) समझौता के तहत सभी श्रेणी के परिवहन वाहनों के लिए द्वि-कर (double point) करारोपण प्रणाली लागू होगी । यह द्वि-कर प्रणाली नवीकरण के लंबमान अवधि में मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 87 के तहत निर्गत परमिट एवं उसके प्रतिहस्ताक्षर पर भी लागू होगी, परन्तु दोनों राज्यों का मोटरयान कर दोनों राज्यों में प्रभावी मोटरयान कराधान अधिनियम के तहत देय होगा ।

(iii) कर-अपवंचना की प्रवृत्ति पर नियंत्रण पाने के लिये दोनों राज्यों के बीच इस बिन्दु पर पारस्परिक सहमति हुई कि परमिट निर्गत करने वाला प्रत्येक प्राधिकार परमिट का निर्गमन तभी करेगा जब आवेदक दूसरे संबंद्ध राज्य (प्रतिहस्ताक्षर करने वाला राज्य) का कर स्टेट बैंक ऑंफ इंडिया या किसी अन्य बैक जो इंटरनेट बैकिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है, में संबंधित राज्य के खाता में जमा कर देता है और परमिट निर्गत करने वाला प्राधिकार इस कर का वास्तविक भुगतान की सम्पुष्टि कर लेता है । राज्य परिवहन प्राधिकार/क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार संंबंधित राज्य परिवहन प्राधिकार को फैक्स के माध्यम से लिये गये कर की विवरणी यथा बैंक ड्राफ्ट की संख्या, बैंक ड्राफ्ट की राशि एवं परमिटधारी का नाम आदि हर माह भेज देंगे । प्रतिहस्ताक्षर करने वाला प्राधिकार, जब तक कोई आपत्तिजनक सूचना प्राप्त न हो वैधानिक रूप से परमिट का प्रतिहस्ताक्षर करेंगे ।

(iv) स्टेज-कैरेज, ठेका परमिट एवं मालवाहक परमिट आदि निर्गत करने वाला मूल प्राधिकार संबंधित राज्य को कर एवं बकाये कर वसूली में हर संभव सहयोग करेगा । यदि दूसरे राज्य में आवेदक कर-प्रमादी हो तो उसे कोई परमिट निर्गत नहीं किया जाएगा । (v) अंतर्राज्यीय मार्गो पर परमिट का नवीकरण वाहन का प्रतिस्थापन या अंतर्राज्यीय परमिट के प्रत्यर्पण की स्वीकृति के पूर्व प्रत्येक संबंद्ध राज्य को जॉंचोपरान्त यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों राज्यों को देय कर का नुकसान नहीं हों । परमिट के निरंतरता की जॉंच दिनांक-15.11.2000 से ही की जाएगी, एवं तदनुसार यह निर्धारित किया जाएगा कि आवेदक द्वारा सम्यक रूप से दोनों राज्यों को देय कर का भुगतान किया गया है अथवा नहीं । परमिट लेने हेतु आवेदक को बैंक खाता संख्या का प्रमाण देना दोनों राज्यों में प्रतिहस्ताक्षर हेतु अनिवार्य होगा ।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 (vi) अस्थायी/विशेष/ठेका परमिट को निर्गत करने वाला प्राधिकार उपरोक्त कंडिका (iii), (iv) एवं (v) का अनुपालन सुनिश्चित करेगा ।

(vii) वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किये जाने वाले यानों से भिन्न सभी प्रकार के मोटरयानों को जो अनन्यतः एक राज्य के स्वामित्व द्वारा और सरकार के प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाये पारस्परिक करारकर्ता राज्य में समस्त करो के संदाय से छूट प्राप्त होगी ।

2. लोक सेवा यान मंजिली यात्री बसों (स्टेज कैरिज का संचालन) का परमिटः-

(i) मार्गों की उपलब्ध सूची में मार्ग की लबाई के संबंध में किसी प्रकार की कोई खामी का पता चलने पर दोनों संबद्ध राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकार आपसी पत्राचार के द्वारा इसे दूर करेंगे और यह समझौते का संशोधन नहीं समझा जाएगा । इसी तरह की पद्धति दोनों राज्यों के बीच पड़ने वाले अंतर्राज्यीय मार्ग विशेष में अधिकतम 24 कि. मी. तक विस्तार या कटौती पर अपनायी जाएगी ।

(ii) स्थायी परमिट की वैधानिक मान्यता पॉंच वर्षों की होती है । सरकारी राजस्व की क्षति पर नियंत्रण के उद्‌देश्य से दोनों पक्षों के बीच इस बिन्दु पर सहमति हुई कि स्थायी परमिट पॉंच वर्षों का निर्गत होगा लेकिन परमिट के साथ-साथ प्राधिकारण पत्र (परिचालन प्रमाण-पत्र)/अनुशंसा-पत्र भी निर्गत किया जाएगा, जो कर भुगतान की तिथि तक मान्य रहेगा । परिचालन प्रमाण पत्र की मान्य अवधि समाप्त होने पर बिना उसके विस्तारण के वाहन का परिचालन नहीं हो सकेगा ।

(iii) किसी वाहन परिचालन के संबंध में वही अधिकतम यात्री एवं माल भाड़ा वसूल किया जा सकता है, जो संबंधित राज्यों की सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया जावेगा । एक राज्य द्वारा निर्गत टिकट दूसरे राज्य में मान्य होगी ।

(iv) परमिट के प्रतिहस्ताक्षर के निलंबन अथवा रद्‌द करने की सूचना परमिट निर्गत करने वाले प्राधिकर को दी जावेगी, ताकि दूसरे राज्य द्वारा परिचालन की व्यवस्था की जा सकें ।

(v) परिशिष्ट ''क'' में दर्शित सभी 28 मार्गों की दूरी 100 कि.मी. से अधिक होने के कारण उन पर संचालित सभी बस सेवाये दुतगामी बस सेवा (एक्सप्रेस सेवा) होगी । (vi) इस समझौता में दर्शाये गये मार्गों के अतिरिक्त अन्य जनोपयोगी मार्गों की जानकारी प्राप्त होने पर उसे अगले अंतरिम समझौते में शामिल कर लिया जाएगा ।

(vii) वर्ष-1979, 1988 तथा 1996 जिसमें केवल वर्ष-1979 के समझौते को ही अंतिम रूप दिया गया था, परन्तु वर्ष-1988 एवं वर्ष-1996 को अंतिम रूप नहीं दिया गया था, लेकिन स्थायी परमिट स्वीकृत किये गये है, उसे मान्यता प्रदान करते हुए परमिट के नवीनीकरण/प्रतिहस्ताक्षर दोनों राज्य यथावत करते रहेगे ।

(viii) आम-यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्‌देश्य से दोनों पक्ष निम्नांकित बिन्दुओं पर सहमत हुए कि यदि पर्यावरण प्रदूषण अथवा अन्य विधान/नियमों से बाधित न हो तो -

(क) ऐसे यात्री वाहन जिनका व्हील बेस 205 इंच से कम हो, परमिट स्वीकृत नहीं किये जायेगें परन्तु वर्ष-1979 वर्ष-1988 तथा वर्ष-1996 के समझौते के तहत स्थायी परमिट स्वीकृत किये गये है, ऐसे अनुज्ञा पत्र धारकों को शर्त के अनुसार पारस्परिक यातायात समझौता के प्श्चात संबंधित राज्यों के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष के अंदर वाहन का प्रतिस्थापन कराना अनिवार्य होगा ।

(ख) 08 वर्ष से अधिक आयु के वाहनों को अंतर्राज्यीय मार्गों पर परमिट की स्वीकृति नहीं दी जाएगी । परन्तु वर्ष 1979, वर्ष-1988 एवं वर्ष-1996 के समझौते के तहत स्थायी परमिट स्वीकृत किये गये है ऐसे अनुज्ञा पत्र धारकों को शर्त के अनुसार4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 पारस्परिक यातायात समझौता के पश्चात संबंधित राज्यों के राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष के अंदर वाहन का प्रतिस्थापन कराना अनिवार्य होगा ।

(ix) परिशिष्ट ''क'' में उल्लेखित मार्गों पर जब तक राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा स्थायी परमिट स्वीकृत नहीं किये जाते है तब तक दोनों राज्यों द्वारा अस्थायी परमिट स्वीकृति/प्रतिहस्ताक्षरित किये जायेंगे ।

3. विशेष परमिटः-

(i) मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88(8) के तहत पर्यटन के उद्‌देश्य से शादी के अवसर, स्थल दर्शन, बीमार व्यक्तियों की चिकित्सा एवं धार्मिक उद्‌देश्य से निर्गत होने वाले विशेष परमिट संबंद्ध राज्य के प्राधिकार द्वारा उपर्युक्त कंडिका-1 की उप कंडिका (i) से (vi) का अनुपालन करते हुए अधिकतम 30 दिनों के लिए पूरी अवधि में मात्र एक अप (जाने) एवं एक डाउन (वापसी) खेप के लिए दिया जाएगा । (ii) ऐसे विशेष परमिटों के साथ यात्रियों की सूची संबद्ध राज्य के प्राधिकार द्वारा अनुमोदित होगी । इस सूची के साथ पार्टी द्वारा विस्तृत यात्रा प्रोग्राम भी दिया जाएगा, जो प्राधिकार से अनुमोदित होगा । यात्रियों की सूची एवं यात्रा प्रोग्राम दो प्रतियों में, देय होगा । इसका संक्षिप्त विवरण परमिट पर भी अंकित किया जाएगा । इन सूचनाओं के अभाव में परमिट अमान्य रहेगा । सभी प्रकार के कर/फीस इत्यादि के भुगतान/वसूली के संबंध में पूर्ण उल्लेख परमिट पर अंकित रहेगा ।

4. ठेका परमिट (अस्थायी)ः-

अस्थायी ठेका परमिट मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 87(1)(क) के अंतर्गत आवश्यकतानुसार दूसरे राज्य परिवहन प्राधिकार की सहमति के बिना उपर्युक्त कंडिका-1 की उप कंडिका(प) से (अप) का अनुपालन करते हुए अधिकतम दो सप्ताह के लिए पूरी अवधि में मात्र एक अप एक डाउन ट्रिप निम्नांकित शर्तों के अंतर्गत निर्गत किये जा सकते हैः-

(i) वाहन किसी व्यक्ति द्वारा भाड़ा पर लिया गया हो और यात्रा एक जाने एवं एक लौटने के लिए हो ।

(ii) परमिट पर जाने एवं लौटने की तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होगी ।

(iii) दोनों संबद्ध राज्यों के प्रारंभ एवं पहुंच स्थान के बीच किसी बिन्दु पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की अनुमति नहीं होगी ।

(iv) किसी कारणवश विशेष परिस्थिति में अगर किसी वाहन के परमिट की मान्य अवधि संबद्ध राज्य में समाप्त हो जाती है, तो नियमानुसार संबद्ध राज्य नया अस्थायी परमिट दे सकता है ।

(v) वाहन के निबंधित बैठान क्षमता से अधिक तथा स्टैन्डिंग पोजीशन (खड़ी सवारी) में यात्रियों को ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।

(vi) ऐसे अस्थायी ठेका परमिटों के साथ यात्रियों की सूची संबद्ध राज्य के प्राधिकार के द्वारा अनुमोदित होगी । इस सूची के साथ पार्टी द्वारा विस्तृत यात्रा प्रोग्राम भी दिया जाएगा । जो प्राधिकार से अनुमोदित इसका संक्षिप्त विवरण परमिट पर भी अंकित किया जाएगा । इन सूचनाओं के अभाव में परमिट अमान्य रहेगा । सभी प्रकार के कर/फीस इत्यादि के भुगतान/वसूली के संबंध में पूर्ण उल्लेख परमिट पर अंकित रहेगा ।

(vii) अस्थायी ठेका परमिट निर्गमन हेतु दूसरे राज्य के लिए भुगतान किया गया मोटर वाहन कर तथा अतिरिक्त मोटर वाहन कर किसी दूसरे राज्य/अन्य परमिट पर हस्तांतरित या समायोजित नहीं होगा ।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 5. माल वाहन परमिट (स्थायी)ः-

दानों राज्यों के बीच माल की ढुलाई को सुगम बनाने तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामानों को नियमित तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से निम्नांकित बिन्दुओं पर सहमति हुईः-

(i) उपर्युक्त कंडिका-1 की उप कंडिका (i) से (vi) का अनुपालन करते हुए बिहार एवं छत्तीसगढ़ में से प्रत्येक राज्य द्वारा पांच हजार (5,000) की अधिकतम संख्या तक मालवाहन परमिट का निर्गमन किया जाएगा, तथा दूसरे संबद्ध राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किया जा सकेगा । यह प्रतिहस्ताक्षर सभी राष्ट्रीय एवं राज्य के उच्च पथ से 50 कि0मी0 की दूरी तक अलगाव (क्मअपंजपवद) मार्ग के लिए मान्य होगा, जो औद्योगिक केन्द्र या निर्माण केन्द्र तक पहुंचने के लिए आवश्यक है । (ii) किसी तेल कंपनी उनके अधिकृत अभिकर्ता या ठेकेदार द्वारा स्वामित्व प्राप्त किए पेट्रोल टैंकर को परमिट का प्रतिहस्ताक्षर बिना कोई संख्या के रोक लगाए संबद्ध राज्य के संपूर्ण क्षेत्र में परिचालन हेतु पेट्रोल एवं पेट्रोलियम उत्पाद के परिवहन के लिए किया जाएगा । यह प्रतिहस्ताक्षर संबद्ध राज्य के राज्य परिवहन प्राधिकार द्वारा किया जाएगा। (iii) ऐसे परमिट प्राप्त मालवाहन या पेट्रोल टैंकर द्वारा प्रतिहस्ताक्षर के राज्य में माल का यदि उठाव किया जाता है तो उसी राज्य में उसका अनलोडिंग नहीं किया जाएगा । (iv) केवल विशिष्ठ प्रकृति के माल ढोने के लिए एक राज्य बिना किसी संख्या बंधेज के मालवाहन परमिट (स्थायी) का निर्गमन कंडिका-1 की उप कंडिका (i) से (vi) का अनुपालन करते हुए करेंगे तथा दूसरे संबद्ध राज्य का राज्य परिवहन प्राधिकार पारस्परिक राज्य की अनुशंसा पर प्रतिहस्ताक्षर करेगा ।

(v) मालवाहन परमिट के मामले में प्रतिहस्ताक्षर के लिए अनुशंसा आवेदक के व्यापार की विश्वसनीयता की पूरी जांच पड़ताल के बाद ही किया जाएगा ।

(vi) प्रतिहस्ताक्षर करने वाले राज्य के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत ऐसी गाड़ियों का व्यापार इंट्रास्टेट ट्रांसपोर्ट के रूप में नहीं किया जाएगा ।

6. माल वाहन परमिट (स्थायी)ः-

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा-87 के तहत्‌ दो राज्यों के बीच अंतर्राज्यीय मार्ग पर परिचालन हेतु उपर्युक्त कंडिका-1 की उप कंडिका (i) से (vi) अनुपालन करते हुए अधिकतम 30 दिवस की अवधि के लिए अस्थायी परमिट का निर्गमन प्रतिहस्ताक्षर के बिना संबंधित राज्यों के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों द्वारा निम्नांकित शर्तों पर किया जा सकेगाः-

(i) पारस्परिक राज्य के क्षेत्रांतर्गत पड़ने वाले किसी दो बिन्दुओं के बीच कोई माल उठाया/उतारा नहीं जाएगा अर्थात ऐसी गाड़ियों का व्यवहार संबद्ध राज्य के क्षेत्रांतर्गत इंट्रास्टेट ट्रांसपोर्ट के रूप में नहीं किया जाएगा ।

(ii) यह अस्थायी परमिट दो टर्मिनल को जोड़ने वाले सीधे एवं न्यूनतम मार्ग के लिए निर्गत किया जाएगा तथा संबंधित राज्य के परिवहन प्राधिकार द्वारा लागू किये गए शर्तों के अंतर्गत होगा ।

7. नियमः- पारस्परिक समझौता के तहत्‌ परिचालित होने वाले वाहन दूसरे संबंधित राज्य में वहॉं के मोटर वाहन अधिनियम एवं नियम के प्रावधानों का पालन करेंगे। 8. सामान्यः-6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 (i) समझौता के अंतर्गत परिचालित की जाने वाले वाली परिवहन गाड़ियॉ संबद्ध राज्यों द्वारा निर्धारित लदान क्षमता, उसके व्हील बेस या बैठान क्षमता आदि के संबंध में लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं करेगी और ऐसे वाहन संबद्ध राज्य द्वारा लगाए गए अन्य प्रतिबंध जो समय-समय पर लागू किये जायेंगे का पालन करेगी। (ii) इस समझौते के क्रियान्वयन में उत्पन्न किसी कठिनाई का समाधान दानों राज्य आपसी सहमति से कर सकेंगे।

(उदय सिंह कुमावत)

एन के असवाल, प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, सचिव सह-राज्य परिवहन आयुक्त। गृह, जेल, परिवहन विभाग,

मंत्रालय रायपुर।

परिशिष्ट-''क''ृ

क्र0 स . ं मार्ग का नाम मार्ग की दूरी (कि.मी.में) फेरो की संख्या परमिट संख्या
छत्तीसगढ़ झारखण्ड बिहार कुल दूरी छत्तीसगढ़ बिहार छत्तीसगढ़ बिहार
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
1 अंबिकापुर- बोधगया भाया रामानुजगंज, औरंगाबाद, डोभी 110 69 192 371 06 06 06 06
2 जशपुर- राजगीर भाया गुमला, कुरू, चतरा, गया हिसुआ 26 112 222 360 06 06 06 06
3 रायगढ़- सासाराम भाया धर्मजयगढ़, पत्थलगांव, अंबिकापुर, डाल्टेनगंज, औरंगाबाद, डिहरी 308 124 89 521 04 06 04 06
4 पटना-अंबिका पुर भाया जहानाबाद, गया, शेरघाटी, औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, रामानुजगंज 110 204 166 480 06 06 06 06
5 पटना-अंबिका पुर भाया बिहटा, अरबल, दाउदनगर औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, रामानुजगंज 110 219 81 410 04 04 04 04
6 जशपुर- सासाराम भाया औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, लातेहार, क रू, ु लोहरदगा, गुमला 26 89 241 356 04 04 04 04
7 भभुआ- अंबिकापुर भाया सासाराम, औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, रामानुजगंज 110 127 157 394 04 04 04 04
8 आरा- अंबिकापुर भाया विक्रमगंज, सासाराम, औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, रामानुजगंज 110 244 76 430 04 04 04 04
9 डिहरीऑनसोन -जशपुर भाया औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, क रू, ु लोहरदगा, गुमला 26 77 262 365 04 04 04 04
10 डिहरीऑनसोन -अंबिकापुर भाया औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, गढ़वा 110 77 126 313 04 04 04 04
11 पटना-जशपुर भाया बिहारशरीफ, बरही, हजारीबाग, रांची, लोहरदगा, गुमला 26 147 331 504 06 06 06 06
12 भागलपुर से जशपुर भाया देवघर, गिरीडीह, हजारीबाग, रांची लोहरदगा 26 463 02 04 02 04
13 छपरा से कोरबा भाया पटना, औरंगाबाद, डाल्टेनगंज, अंबिकापुर, घाटधरी 248 576 02 04 02 04
14 पटना से क नकुरी भाया ु क रूडेगा, ु सिमडेगा, गुमला, चतरा, डोभी, गया, जहानाबाद 60 413 02 04 02 04
15 बक्सर से जशपुर भाया सासाराम, डेहरी, औरंगाबाद, डाल्टनगंज, लातेहार, चंदवा कुडु, गुमला, घाघरा 26 475 02 04 02 04
16 आरा से जशपुर भाया बिक्रमगंज, सासाराम, डेहरी, औरंगाबाद, डाल्टनगंज, लातेहार, चंदवा कुडु गुमला, घाघरा 26 465 02 04 02 04
17 सासाराम से कोरबा भाया डेहरी, औरंगाबाद, डाल्टनगंज, गढ़वा, रामानुजगंज, अंबिकापुर 375 588 02 04 02 04
18 छपरा से जशपुर भाया पटना, तीलरांची, लोहरदगा, सिवान 26 582 02 04 02 04
19 दरभंगा से क नकुरी भाया ु बख्तियारपुर, हजारीबाग, रांची गुमला 60 635 02 04 02 04
20 मोतिहारी से जशपुर भाया बख्तियारपुर, रांची, हजारीबाग 26 704 02 04 02 04
21 बेगूसराय से क नकरी ु भायाा रांची, बख्तियारपुर, सिमडेगा 60 572 02 04 02 04
22 भागलपुर से क नकुरी भाया ु देवघर, गिरीडीह, हजारीबाग, रांची, बेड़ा, गुमला,जशपुर 60 690 02 04 02 04
23 सिवान से बगीचा भाया मीरगंज, मोतिपुर, अंबिकापुर, 108 727 02 04 02 04
24 मुजफ्फरपुर से जशपुर भाया पटना, बख्तियारपुर, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, सिसाई, गुमला 26 612 02 04 02 04
25 पटना से अंबिकापुर भाया सासाराम, डेहरी, औरंगाबाद, गढ़वा रोड, रामानुगंज 110 369 04 04 04 04
26 सिवान से जशपुर भाया पटना, हजारीबाग, रांची 26 641 02 04 02 04
27 जशपुर से जयरागी भाया सांख, माजाटोरी, पतराटोली, चैनपुर 26 126 02 04 02 04
28 बिहारशरीफ स अंबिकापुर े भाया नवादा, रांची, कुरू, लातेहार, डाल्टेनगंज, रामानुगंज 110 75 342 527 06 06 06 06
7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010 11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 22 *दस,बर 2010

अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु*ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 792-571+1000-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 December 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2010-12-22.792/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2010-12-22.792.