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(क) अध्यक्ष (ख) उपाध्यक्ष एवं (ग) तीन सदस्य
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों का मनोनयन राज्य सरकार द्वारा किया जायेगा । 3. आयोग का कार्य एवं दायित्व :-
(i) उच्च जातियों में से शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लोगों को चिन्हि्त करना ; (ii) उच्च जातियों के लोगों की आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति का समग्र अध्ययन कर पिछड़ेपन के कारणों एवं उन्हें दूर करने के उपायों पर विस्तृत प्रतिवेदन राज्य सरकार को प्रस्तुत करना ;
(iii) उच्च जातियों के शैक्षणिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति के उन्नयन तथा उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु अनुशंसा करना ;
(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 31 जनवर(cid:15) 2011 2 (ख) आयोग अपने कार्यों के सम्पादन हेतु राज्य सरकार के किसी विभाग या अधिकारी से आवश्यकसूचना माँगने तथा अधिकारियों की बैठक बुलाने के लिए सक्षम होगा । 4. (क) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल पदभार ग्रहण की तिथि से तीन वर्षों की अवधि तक रहेगा;
(ख) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष अथवा कोई भी सदस्य राज्य सरकार को सम्बोधित स्वलिखित पत्र प्रेषित कर अपने पद से त्यागपत्र दे सकेगा;
(ग) राज्य सरकार किसी अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य को उपयुक्त कारणों से उनके पद से विमुक्त कर सकती है।
5. आयोग के सचिव, पदाधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों की सेवा राज्य सरकार (सामान्य प्रशासन विभाग) द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी । अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को अनुमान्य सुविधायें तथा आयोग में पदस्थापित सचिव, अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तें सरकार द्वारा अलग से विहित की जाएगी।
राज्य सरकार अखिल भारतीय सेवा, केन्द्रीय सेवा अथवा राज्यान्तर्गत सेवा के किसी सेवारत या सेवानिवृत्त पदाधिकारी को आयोग के सचिव के पद पर नियुक्त/मनोनित करेगी।
6. वित्त, लेखा एवं अंकेक्षण ः- (क) राज्य सरकार अनुदान के रूप में आयोग को उसके कार्यों के