िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 20202020 फा गुफा गुफा गुफा गुनननन 1932193219321932 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 66666666) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना, , , , शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार, , , , 11111111 माच-माच-माच-माच- 2011201120112011 समाहरणालय, मुजफ्फरपुर
(जिला स्थापना प्रशाखा)
----------
आदेश
26 फरवरी 2011
सं0 279/स्था0—श्री भुवनेश्वर लाल दास, लिपिक-सह-नाजीर, अनुमंडल कार्यालय, पूर्वी, मुजफ्फरपुर को अनुमंडल कार्यालय, पूर्वी, मुजफ्फरपुर के नजारत में रोकड़ बही लेखा में बरती गई अनियमितता एवं राशि गबन के आरोप में ज्ञापांक 213/स्था0, दिनांक 02 मई 2001 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के अधीन किया गया एवं अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी, मुजफ्फरपुर के द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। महालेखाकार कार्यालय, बिहार, पटना एवं वित्त विभाग के विशेष अंकेक्षण दल के द्वारा किये गये अंकेक्षण प्रतिवेदन में श्री दास के विरुद्ध सरकारी राशि का गबन दर्शाया गया। श्री दास द्वारा सरकारी राशि के गबन से संबंधित विवरण निम्नवत है :-
(1) सामान्य रोकड़ पंजी में अंकित राशि - 1,07,85,836.91 (2) रोकड़ पंजी की भौतिक सत्यापन के पश्चात पायी गयी राशि - 1,02,57,984.28 5,27,852.63 (3) गबन से संबधित राशि -
(4) विपत्रों द्वारा निकासी की गई राशि का गबन- 8,00,084.45 (5) नाजिर रसीद से प्राप्त राशि जिसकी प्रविष्टि बिना रोकड़ पंजी में किये
हुए गबन किया गया -
29,344.00 गबन की गई कुल राशि -
13,57,281.08 (कुल तेरह लाख सनतावन हजार दो सौ एकासी रूपये आठ पैसा) संचालन पदाधिकारी के द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन प्रतिवेदन में आरोप प्रपत्र-'क' में उल्लेखित राशि के गबन के आरोप को प्रमाणित किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा दिये गये जाँच प्रतिवेदन में सरकारी राशि गबन करने के आरोप को प्रमाणित होने पर उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री दास के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पर अपने बचाव में कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया, इसके 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 11 माच- 2011 लिए कई बार श्री दास को स्मारित भी किया गया परन्तु उनके द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पर कोई जबाब नहीं दिया गया और अपने को वे निर्दोष साबित करने में असमर्थ रहे। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री दास के ऊपर लगाये गये गबन के प्रमाणित आरोप से सहमत होते हुये उन्हें ज्ञापांक 198/स्था0 दिनांक 31 मार्च 2009 द्वारा सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया। श्री दास, बर्खास्त लिपिक ने बर्खास्तगी आदेश ज्ञापांक 198/स्था0 दिनांक 31 मार्च 2009 के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका संख्या सी0डब्लू0जे0सी0 54/2010 दायर की गयी। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा न्यायादेश दिनांक 13 मई 2010 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा में संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन नहीं भेजे जाने के कारण नैसर्गिक न्याय के आधार पर ज्ञापांक 198/स्था0 दिनांक 31 मार्च 2009 पर स्थगन आदेश पारित किया गया। साथ हीं श्री दास को द्वितीय कारण पृच्छा के साथ जाँच प्रतिवेदन एवं संगत अभिलेख उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के उक्त न्यायादेश के आलोक में पत्रांक 929/स्था0 दिनांक 20 जुलाई 2010 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के साथ जाँच प्रतिवेदन एवं अन्य संगत अभिलेख के साथ पत्रांक 928/स्था0 दिनांक 20 जुलाई 2010 द्वारा जेल में बन्द होने के कारण कारा अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर के माध्यम से प्राप्त करायी गयी एवं उन्हें एक पक्ष के अन्दर बचाव में अपना पक्ष रखने का निदेश दिया गया, परन्तु श्री दास, निलंबित लिपिक द्वारा अपने बचाव में कोई सफाई नहीं दी गयी।
श्री दास को जेल से रिहा होने पर पत्रांक 1228/स्था0 दिनांक 01 दिसम्बर 2010 द्वारा दिनांक 13 दिसम्बर 2010 को द्वितीय कारण पृच्छा पर अपनी सफाई के साथ उपस्थित होने हेतु सूचित किया गया। श्री दास दिनांक 13 दिसम्ब्र 2010 को उपस्थित हुए परन्तु उनके द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पर सफाई प्रस्तुत नहीं की गई। श्री दास के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पर सफाई देने से पूर्व कुछ अभिलेखों एवं अन्य कागजातों की पड़ताल की माँग की गई। सुनवाई के क्रम में उपस्थित अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी मुजफ्फरपुर को श्री दास के द्वारा माँगे गये अभिलेखों/कागजातों के अवलोकन हेतु 14 दिसम्बर 2010 से 16 दिसम्बर 2010 तक का समय निर्धारित करते हुए पत्रांक 1275/स्था0 दिनांक 13 दिसम्बर 2010 द्वारा 21 दिसम्बर 2010 तक द्वितीय कारण पृच्छा पर अपनी सफाई देने का निदेश दिया गया। उक्त अवधि में श्री दास, निलंबित लिपिक, अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी के कार्यालय में उपस्थित होकर अभिलेखों का परीक्षण किया। श्री दास दिनांक 21 दिसम्बर 2010 को भी उपस्थित हुए थे, परन्तु उनके द्वारा अवलोकित किये गये अभिलेखों/कागजातों के आधार पर द्वितीय कारण पृच्छा पर अपनी सफाई नहीं दी गई। पुनः पत्रांक 1355 दिनांक 31 दिसम्बर 2010 द्वारा श्री दास को दो दिनों के अन्दर कारण पृच्छा पर अपनी सफाई देने का निदेश दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी द्वारा पत्रांक 92, दिनांक 10 जनवरी 2011 से प्रतिवेदित किया गया कि श्री दास को वित्त अंकेक्षण प्रतिवेदन, प्रारम्भिक जाँच प्रतिवेदन, महालेखाकार के जाँच प्रतिवेदन, वर्ष 4/1997 से 2000 तक की छायाप्रति संगत अभिलेखों की छायाप्रति उपलब्ध करा दी गई है एवं रोकड़ पंजी तथा नाजीर रसीद बही का अवलोकन कराया गया है। परन्तु दिनांक 23 जनवरी 2011 तक श्री दास के द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा पर सफाई नहीं दी। ऐसी स्थिति में पत्रांक 95 दिनांक 24 जनवरी 2011 द्वारा उनके गृह पता पर निबंधित डाक से सूचित करते हुए दिनांक 01 फरवरी 2011 तक द्वितीय कारण पृच्छा पर अपनी सफाई उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया, परन्तु श्री दास द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा पर अपनी सफाई नही दी।
पुनः हिन्दी समाचार पत्रों में दिनांक 08 फरवरी 2011 एवं 09 फरवरी 2011 को विज्ञप्ति प्रकाशित कर दिनांक 12 फरवरी 2011 तक श्री दास को कारण पृच्छा उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। निर्धारित तिथि तक श्री दास, निलंबित लिपिक द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के क्रम में अपना पक्ष नहीं रखा। उन्होंने अपने पत्र दिनांक 07 फरवरी 2011 एवं 11 फरवरी 2011 के द्वारा अवगत कराया कि वे पारालाईसिस रोग से ग्रसित हो गये है। परन्तु उक्त दोनों आवेदनों के साथ चिकित्सक का प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया है । उन्होंने अवगत कराया कि स्वस्थ होने के पश्चात अपना मौखिक गवाही देगें, बचाव में गवाह प्रस्तुत करेंगे और लिखित बयान देगें परन्तु इसके लिए कोई समय सीमा अंकित नहीं किया गया है। इस तरह श्री दास, निलम्बित लिपिक मात्र समय व्यतीत करना चाहते हैं । स्पष्टतः श्री दास, निलंबित लिपिक को अपना 3
(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 11 माच- 2011 पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया है, परन्तु उनके द्वारा अपने बचाव में कोई लिखित या मौखिक सफाई नहीं दी गई है। उनके स्तर से मामलें को लंबित रखने का प्रयास किया जा रहा है। अतः ऊपर वर्णित तथ्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों एवं अभिलेखों के अवलोकनोपरान्त एवं विवेचनोपरान्त पाया जाता है कि श्री भुवनेश्वर लाल दास, निलंबित लिपिक के विरुद्ध गंभीर आरोप प्रमाणित है एवं उनका सेवा में बने रहना लोकहित में नहीं है। अतः श्री भुवनेश्वर लाल दास, निलंबित लिपिक-सह-तत्कालीन नाजीर अनुमंडल कार्यालय मुजफ्फरपुर पूर्वी वर्तमान पदस्थापन अंचल कार्यालय, गायघाट को उनपर गठित आरोप प्रमाणित पाते हुए बिहार बोर्ड प्रर्कीण नियमावली के नियम 165 एवं 166 तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) संशोधन नियमावली, 2007 के नियम 14 में अंकित प्रावधानों के तहत आदेश निर्गत होने की तिथि से सरकारी सेवा से बर्खास्त (Dismiss) किया जाता है। श्री भुवनेश्वर लाल दास से संबधित पूर्ण विवरणी निम्नवत है :-
(1) सरकारी सेवक का नाम - श्री भुवनेश्वर लाल दास (2) पिता का नाम - श्री लक्ष्मी नारायण दास (3) जन्मतिथि - 18 फरवरी 1951 (4) सरकारी सेवा में प्रथम नियुक्ति
की तिथि - 01 जून 1990
(5) वेतनमान - रु0 4000-100-6000 (6) स्थायी पता - ग्रामपोस्ट-बलौर, थाना-मणिगाछी, जिला-दरभंगा।
(7) वर्तमान पता- - ग्रामपोस्ट-बलौर, थाना-मणिगाछी, जिला-दरभंगा।
आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट, जिला पदाधिकारी,
मुजफ्फरपुर।
———— अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 66-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in