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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 25 March 2011

Published 25 March 2011

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2011-03-25.82
Languages
English, Hindi

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खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग

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संकल्प

10 मार्च 2011

विषयः—राज्य के सभी बी0पी0एल0 परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए खाद्यान्न की अतिरिक्त आवश्यकता की प्रतिपूर्ति मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत राज्य की अपनी अधिप्राप्ति व्यवस्था के माध्यम से करने के लिए समेकित कार्ययोजना के सम्बन्ध में ।

राज्य में सर्वेक्षित कुल बी.पी.एल. परिवार की संख्या 1.35 करोड़ है । शहरी क्षेत्र में आपत्तियों के निराकरण के पश्चात्‌ कुल बी0पी0एल0 परिवारों की संख्या 1.45 करोड़ (उक्त संख्या में 25.01 लाख अन्त्योदय परिवार शामिल हैं) संभावित है ।

2. वर्तमान में भारत सरकार से मात्र 65 लाख बी0पी0एल0 परिवारों के लिए 35 किलो (10 किलो गेहॅू एवं 25 किलो चावल) प्रति परिवार प्रतिमाह की दर से वार्षिक 8.56 लाख मे0 टन गेहॅू एवं 18.84 लाख मे0 टन चावल कुल 27.40 लाख मे0 टन खाद्यान्न का आवंटन प्राप्त हो रहा है । शेष 80 लाख अतिरिक्त बी0पी0एल0 परिवारों को 25 किलो (10 किलो गेहॅू एवं 15 किलो चावल) प्रति परिवार प्रतिमाह की दर से खाद्यान्न अपनी अधिप्राप्ति व्यवस्था के माध्यम से एवं अपने संसाधन से उपलब्ध कराने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है ।

3. राज्य के सभी बी0पी0एल0 परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्‌देश्य से खाद्यान्न की अतिरिक्त आवश्यकता की पूर्ति अपनी अधिप्राप्ति व्यवस्था के माध्यम से करने की इस योजना को मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के नाम से जाना जायेगा ।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 25 माच. 2011 4. मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत खाद्यान्न अधिप्राप्ति का कार्य मुख्यतः पैक्स द्वारा किया जायेगा । इसके अतिरिक्त बिस्कोमान नेफेड एवं बिहार राज्य खाद्य निगम भी राज्य अधिप्राप्ति अभिकरण के रूप में कार्य करेगा । बिहार राज्य खाद्य निगम राज्य की अपनी इस अधिप्राप्ति व्यवस्था के अन्तर्गत नोडल अभिकरण के रूप में कार्य करेगा । इन सभी अभिकरणों (पैक्स सहित) द्वारा क्रय किये गए धान की मिलिंग कराकर सी0एम0आर0 चावल एवं गेहॅू अपने क्रय केन्द्र से बिहार राज्य खाद्य निगम के नजदीकी गोदाम पर आपूर्ति की जायगी तथा इसे राज्य खाद्य निगम आवश्यकतानुसार जन वितरण प्रणाली के अन्तर्गत वितरण हेतु उपलब्ध करायेगा। बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा सी0एम0आर0 चावल/गेहॅू की प्राप्ति के पश्चात्‌ उसका मूल्य एवं देय इंसिडेंटल का भुगतान सभी अधिप्राप्ति अभिकरणों (पैक्स सहित) को किया जायेगा एवं इसकी प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा बिहार राज्य खाद्य निगम को की जायेगी ।

5. भारत सरकार से 65 लाख बी0पी0एल0 परिवारों के लिए मिल रहे नियमित आवंटन के अतिरिक्त समय-समय पर विभिन्न मदों में तदर्थ/अतिरिक्त रूप से विभिन्न दरों पर खाद्यान्न का आवंटन प्राप्त होता है । इस आवंटन का उपयोग भी आवश्यकतानुसार बढ़े हुए बी0पी0एल0 परिवारों के लिए किया जाता है एवं अन्तर राशि का मूल्य राज्य सरकार वहन करती है । तदनुसार भारत सरकार से प्राप्त होने वाले विभिन्न मदों में तदर्थ/अतिरिक्त आवंटन का उपयोग करने के बाद ही मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत अपनी अधिप्राप्ति व्यवस्था से आवश्यकतानुसार खाद्यान्न की प्रतिपूर्ति की जाएगी तथा अधिप्राप्ति किये गये शेष खाद्यान्न को केन्द्रीय पूल में सुपूर्द कर दिया जाएगा ।

6. भारत सरकार के स्तर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है । इस अधिनियम के लागू होने पर सुसंगत प्रावधानों के अनुरुप आवश्यकतानुसार मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना में संशोधन किया जा सकेगा ।

7. मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के कार्यान्वयन हेतु निम्नलिखित कार्ययोजना पर सम्बन्धित विभाग द्वारा अग्रतर कार्रवाई की जायेगी :-

(i) मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत अधिप्राप्ति के माध्यम से खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिक से अधिक पैक्सों को अधिप्राप्ति कार्य हेतु प्रेरित किया जायेगा । वर्तमान में 2100 पैक्सों के पास 100-100 मे0 टन क्षमता का गोदाम उपलब्ध हैं । ऐसे पैक्स जिनके पास अपने गोदाम नही है, वे अस्थायी भंडारण हेतु अपने कार्यक्षेत्र के अन्दर के ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़े निजी मकानो को किराया पर लेंगे एवं इसमें जिला प्रशासन सहयोग करेगा ।

(ii) पैक्सों को अधिप्राप्ति कार्य हेतु कार्यशील पूँजी की व्यवस्था हेतु सहकारिता विभाग कार्रवाई करेगा ।

(iii) अधिप्राप्ति कार्य में पारदर्शिता एवं अनुश्रवण के उद्देश्य से चयनित पैक्सों को राज्य में कार्यरत वंसुधा केन्द्रों के माध्यम से कम्प्यूटर नेटवर्क में जोड़ने के लिए सहकारिता विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग से समन्वय कर कार्रवाई करेगा ।

(iv) अधिप्राप्ति कार्य के सुचारू संचालन हेतु राज्य के अधिप्राप्ति अभिकरणों की भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिए कृषि उत्पादन बाजार समिति के प्रांगणों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जायगी ।

(v) वर्तमान में बिहार राज्य खाद्य निगम के पास मात्र 1.35 लाख मे0 टन क्षमता का गोदाम उपलब्ध है जबकि लक्षित जन वितरण प्रणाली के अन्तर्गत आवंटित खाद्यान्न का ससमय उठाव एवं3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 25 माच. 2011 वितरण हेतु इसे कम से कम 6 लाख मे0 टन भंडारण क्षमता की आवश्यकता है जिसके लिए बिहार राज्य खाद्य निगम तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा । (vi) राज्य खाद्य निगम अपनी भंडारण क्षमता में वृद्धि के लिये 347 पुराने प्रखंडों में कुल 1,82,500 मे0 टन क्षमता, कृषि उत्पादन बाजार समिति प्रांगण में खाली भूखंड पर 90,000 मे0 टन क्षमता एवं निगम के अधीन लीज/अधिगृहित भूखंड पर 11,000 मे0 टन क्षमता कुल 2,84,000 मे0 टन क्षमता के 423 गोदाम का निर्माण करेगा । इस कार्य हेतु बिहार राज्य खाद्य निगम खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के माध्यम से नाबार्ड से आर0 आई0 डी0 एफ0 ऋण लेने की कार्रवाई करेगा ।

(vii) राज्य खाद्य निगम अपनी भंडारण क्षमता में और वृद्धि करने के लिए पी0 पी0पी0 मोड के माध्यम से भी गोदाम निर्माण कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करेगा ।

(viii) अधिप्राप्ति कार्य में बिहार राज्य खाद्य निगम के नोडल अभिकरण के रूप में कार्य करने की स्थिति में निगम को पर्याप्त संख्या में कार्मिकों की व्यवस्था करनी होगी जिसके लिए बिहार राज्य खाद्य निगम द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जायेगी ।

8. कंडिका-7 में उल्लेखित कार्ययोजना में उल्लेखित बिन्दुओं पर होनेवाले व्यय राशि का आकलन एवं कार्यान्वयन सम्बन्धित प्रशासी विभाग द्वारा किया जायेगा । संबंधित विभाग आवश्यकतानुसार कालक्रम में योजना एवं प्राधिकृत समिति का अनुमोदन प्राप्त करेगा । खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग उपर्युक्त कार्य योजना को कार्य रूप देने के लिए नोडल विभाग होगा तथा अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर अपेक्षित कार्रवाई करेगा । 9. मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित होगी जो इस अधिप्राप्ति व्यवस्था में संलग्न सभी विभागों के बीच समन्वय का कार्य करेगी । इस समिति में सभी संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव सदस्य होंगे तथा मुख्य सचिव समय-समय पर इस समिति के लिए अन्य पदाधिकारियों को नामित कर सकेंगे । इस समिति द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा किये जाने वाले कार्यों के लिए संसाधन की व्यवस्था के साथ-साथ उनकी भूमिका की समीक्षा भी की जाएगी । अधिप्राप्ति कार्य का दायित्व किन अभिकरणों को दिया जाय तथा इस कार्य को करने वाले अभिकरणों को दिये जाने वाले इन्सीडेंटल मद की राशि एवं अन्य किसी भी प्रकार की देय राशि के संबंध में भी यह समिति निर्णय करेगी ।

10. मुख्य मंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत उपर्युक्त समेकित कार्ययोजना पर दिनांक 08 मार्च 2011 को मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक में मद संख्या 04 के रूप में स्वीकृति प्राप्त है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

त्रिपुरारि शरण,

प्रधान सचिव।

———— अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 82-571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 25 March 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2011-03-25.82/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2011-03-25.82.