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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 April 2011

Published 08 April 2011

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2011-04-08.126
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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विषयः- बिहार खासमहाल नीति, 2011 की स्वीकृति के सम्बन्ध में।

खासमहाल सहित सभी सरकारी भूमि सरकार की महत्वपूर्ण एवं बहुमूल्य सम्पत्ति है। इसका प्रबन्धन तथा अनुरक्षण Bihar Government Estates (Khas Mahal) Manual, 1953 तथा समय-समय पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा निर्गत आदेश/परिपत्र से अधिशासित होता है। समय-समय पर प्रबन्धन एवं अनुरक्षण की प्रचलित व्यवस्था की समीक्षा की जाती रही है। परिवर्तित परिस्थितियों में यह महसूस किया गया कि उपरोक्त प्रबन्धन तथा अनुरक्षण की प्रचलित व्यवस्था में कतिपय नीतिगत परिवर्तन एवं सुधार की गुंजाइश है। 2. उपरोक्त वर्णित परिस्थिति में बिहार खासमहाल नीति, 2011 को मंत्रिपरिषद्‌ की बैठक दिनांक 15 मार्च 2011 के मद संख्या-40 के रूप में निम्नरूपेण स्वीकृत किया गया है।

बिहार खासमहाल नीति, 2011

अध्याय 1

लीज नवीकरण

1. (क) यदि आवासीय लीज भूमि के लीजधारी द्वारा लीज शर्त्त का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है, तो प्रत्येक 30 वर्ष की अवधि पूरी होने पर लीज नवीकरण करने के समय लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत नवीकरण सलामी के रूप में लिया जायेगा तथा वार्षिक लगान को बढ़ा कर भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 0.5 प्रतिशत कर दिया जायेगा।

(ख) यदि गैर-आवासीय एवं गैर-व्यावसायिक लीज भूमि के लीजधारी द्वारा लीज शर्त्त का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है, तो प्रत्येक 30 वर्ष की अवधि पूरी होने पर लीज नवीकरण करने के समय लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत नवीकरण सलामी के रूप में लिया जायेगा तथा वार्षिक लगान को बढ़ा कर भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 0.5 प्रतिशत कर दिया जायेगा।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 (ग) यदि व्यावसायिक लीज भूमि के लीजधारी द्वारा लीज शर्त्त का कोई उल्लंघन नहीं किया गया है, तो प्रत्येक 30 वर्ष की अवधि पूरी होने पर लीज नवीकरण करने के समय लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत नवीकरण सलामी के रूप में लिया जायेगा तथा वार्षिक लगान को बढ़ा कर भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत कर दिया जायेगा।

(घ) नवीकरण सलामी अधिक से अधिक 2 वार्षिक किश्तों में वसूल किया जायेगा। (ङ) पेट्रॉल पम्प की स्थापना हेतु भूमि 30 वर्षीय लीज पर नवीकरण विकल्प के साथ बन्दोबस्त की जायेगी। पेट्रॉल पम्प के लिए बन्दोबस्त भूमि के वर्त्तमान लीजों की अवधि को भी उनके अगले लीज नवीकरण के समय बढ़ा कर 30 वर्ष, नवीकरण विकल्प के साथ, कर दिया जायेगा। पेट्रॉल पम्प के लिए बन्दोबस्त भूमि के प्रत्येक लीज नवीकरण के समय लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत नवीकरण सलामी के रूप में लिया जायेगा तथा वार्षिक लगान को बढ़ाकर भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत कर दिया जायेगा।

अध्याय 2

लीज शर्तों का उल्लंघन

2. (क) लीजधारी, जिन्होंने न तो लीज नवीकरण कराया और न ही उन्होंने वार्षिक लगान का भुगतान किया, वे ट्रेसपासर (Trespasser) माने जाएंगे तथा उन्हें सरकार की ओर से नियत समय (अधिकतम 90 दिन) तक नयी शर्तों पर फ्रेश लीज लेने का offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जाएगा।

(ख) फ्रेश लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य के बराबर सलामी एवं सलामी का 2 प्रतिशत (आवासीय) अथवा 5 प्रतिशत (व्यावसायिक), उपयोग के अनुसार, वार्षिक लगान लेकर किया जायेगा।

(ग) बकाया लगान की तिथि से पूर्व लगान का दुगुना लगान 10 प्रतिशत अतिरिक्त सूद के साथ वसूलनीय होगा।

(घ) लीज डीड में वर्णित liquidated damages की अधिकतम सीमा के अन्तर्गत राशि समाहर्त्ता प्रचलित मूल्य/दर पर वसूली करेंगे।

(ङ) offer की नियत तिथि तक यदि लीजधारी फ्रेश लीज के लिए सहमति संसूचित नहीं करेंगे तो उन्हें प्रस्तुत नीति के अध्याय-4 में विहित प्रक्रिया के तहत निष्कासित (evict) कर दिया जाएगा। तदुपरान्त प्राप्त भूमि को सरकार अपने दखल-कब्जा एवं उपयोग में रखेगी अथवा नीलामी द्वारा भूमि की 30 वर्षीय फ्रेश लीज करेगी। 3. (क) लीज अवधि के दौरान निर्धारित समय पर लगान भुगतान नहीं करने वाले लीजधारियों से 10 प्रतिशत अतिरिक्त सूद सहित बकाया लगान लिया जायेगा। फिर भी यदि लीज अवधि के दौरान लगातार पाँच वर्षो तक लीजधारी द्वारा लगान भुगतान नहीं किया जाता है तो वे अवैध कब्जाधारी माने जाएंगे तथा उनके विरुद्ध उपर्युक्त कंडिका-(2) के प्रावधान के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी। (ख) कंडिका-(2) के प्रावधान के अनुसार कार्रवाई करने के समय स्थायी (अनियतकालीन) लीज के मामलों में फ्रेश लीज की अवधि लीज प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी। 4. (क) यदि लीजधारी ने लीज शर्त के प्रतिकूल लीज के प्रयोजन में परिवर्त्तन किया हो, नवीकरण नहीं कराया हो, लगान का भुगतान नहीं किया हो, तो वे भी Trespasser माने जाएंगे तथा उन्हें सरकार की ओर से नियत समय (अधिकतम 90 दिन) तक नयी शर्तों पर फ्रेश लीज लेने का offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जाएगा।

(ख) फ्रेश लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य के बराबर सलामी एवं सलामी का 2 प्रतिशत (आवासीय) अथवा 5 प्रतिशत (व्यावसायिक), उपयोग के अनुसार, वार्षिक लगान लेकर किया जायेगा।

परन्तु वैसे मामले जिनमें आवासीय लीज भूमि के लीजधारी/अन्तरिती/अवैध अन्तरिती द्वारा लीज शर्त्त का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति के भूमि पर बहुमंजिला आवासीय/व्यावसायिक भवन बना लिया गया है तो वैसे मामलों में लीजधारी से उक्त भूमि पर निर्मित होने वाले भवन के कुल निर्मित क्षेत्र (Built up area) के 40 प्रतिशत क्षेत्र का, Apartment Ownership Act, 2006 के प्रावधानों के तहत Apartment निबंधन के लिए निर्धारित मूल्यांकन के आधार पर, अद्‌यतन निर्धारित कीमत के बराबर राशि सलामी के रूप में लेकर फ्रेश लीज किया जायेगा। साथ ही लीज भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 2 प्रतिशत (आवासीय) अथवा 5% (व्यावसायिक) उपयोग के अनुसार वार्षिक लगान लिया जायेगा। (ग) बकाया लगान की तिथि से प्रयोजन परिवर्त्तन की तिथि तक पूर्व लगान का दुगुना लगान 10 प्रतिशत अतिरिक्त सूद के साथ वसूलनीय होगा। प्रयोजन परिवर्त्तन की तिथि से पुनर्निधारित लगान 10 प्रतिशत अतिरिक्त सूद के साथ वसूलनीय होगा। यदि वे पूर्व का निर्धारित लगान देते आए हों, तब प्रयोजन परिवर्त्तन की तिथि से पुनर्निधारित लगान में से पूर्व में भुगतान की गई राशि घटाकर शेष राशि को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सूद के साथ वसूलनीय होगा। (घ) लीज डीड में वर्णित liquidated damages की अधिकतम सीमा के अन्तर्गत राशि समाहर्त्ता प्रचलित मूल्य/दर पर वसूली करेंगे।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 (ङ) offer की नियत तिथि तक यदि लीजधारी फ्रेश लीज के लिए सहमति संसूचित नहीं करेंगे तो उन्हें प्रस्तुत नीति के अध्याय-4 में विहित प्रक्रिया के तहत निष्कासित (evict) कर दिया जाएगा। तदुपरान्त प्राप्त भूमि को सरकार अपने दखल-कब्जा एवं उपयोग में रखेगी अथवा नीलामी द्वारा भूमि की 30 वर्षीय फ्रेश लीज करेगी। (च) स्थायी (अनियतकालीन ) लीज के मामलों में फ्रेश लीज की अवधि लीज प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी। 5. (क) मूल लीजधारी द्वारा लीज अवधि के दौरान अथवा उसके बाद लीज भूमि का बिना अनुमति अन्तरण कर दिया गया हो तो वैसे अन्तरिती अवैध अन्तरिती माने जाएंगे तथा उन्हें मूल लीजधारी पर बकाया वार्षिक लगान या अन्य देनदारी के भुगतान की शर्त्त के साथ फ्रेश लीज का offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जाएगा। यदि अन्तरिती द्वारा प्रयोजन परिवर्त्तन भी कर दिया गया हो तो उपर्युक्त कंंडिका-(4) के प्रावधान के अनुसार, अन्यथा उपर्युक्त कंडिका-(2) के प्रावधान के अनुसार अगे्रतर कार्रवाई की जायेगी। (ख) अन्तरिती मूल लेसी को भुगतान की गयी विक्रय राशि की वापसी के लिए सरकार से कोई दावा नहीं करेंगे। (ग) स्थायी (अनियतकालीन ) लीज के मामलों में भी फ्रेश लीज की अवधि लीज प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी। (घ) परन्तु उपर्युक्त प्रावधान खास महाल सहित सभी सरकारी भूमि के अंतरण पर रोक लगाये जाने की तिथि दिनांक 29 मई 2008 से पूर्व किए गए अन्तरण पर ही लागू होगा। नई नीति लागू होने के उपरान्त दिनांक 29 मई 2008 से यदि मूल लीजधारी द्वारा लीज अवधि के दौरान अथवा उसके बाद लीज भूमि का अन्तरण कर दिया जाता है तो अवैध अन्तरिती को फ्रेश लीज का offer नहीं दिया जाएगा। इस प्रकार के मामलों में प्रस्तुत नीति के अध्याय-4 में विहित प्रक्रिया के तहत निष्कासन की कार्रवाई की जायेगी तथा निष्कासन के बाद प्राप्त भूमि को सरकार अपने दखल एवं उपयोग में रखेगी अथवा नीलामी द्वारा फ्रेश लीज करेगी। अवैध अन्तरिती को नीलामी में भाग लेने का अधिकार होगा। नीलामी हेतु भूमि का न्यूनतम मूल्य निम्न प्रकार से निर्धारित किया जायेगा :-

अध्याय-5 की कंडिका-15 के अनुसार निर्धारित भूमि का अद्‌यतन बाजार मूल्य भूमि पर बकाया लगान एवं अन्य कोई बकाया राशि, यदि हो बकाया लगान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वार्षिक सूद भूमि पर अवस्थित भवन, यदि हो, का मूल्य।

6. (क) यदि मूल लीजधारी के द्वारा लीज भूमि के अंश रकबा का बिना अनुमति प्राप्त किए अन्तरण किया जाता है तो यह लीज शर्त्त का उल्लंघन है। ऐसी स्थिति में मूल लीजधारी को उनके दखल-कब्जा में अवस्थित शेष रकबा के लिए फ्रेश लीज लेने का offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जाएगा तथा उपर्युक्त कंडिका- (2) के प्रावधान के अनुसार अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।

(ख) स्थायी (अनियतकालीन) लीज के मामलों में भी फ्रेश लीज की अवधि लीज प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी।

7. उपर्युक्त कडिका-(2), (3), (4), (5) एवं (6) में वर्णित उल्लंघनों को छोड़कर लीज एकरारनामा की अन्य शर्त्तों का उल्लंघन करने पर दण्ड शुल्क के रूप में अद्‌यतन बाजार दर से भूमि के मूल्य का 2 प्रतिशत अथवा 15,000.00 रुपया, जो भी अधिक हो, लिया जायगा।

अध्याय 3

पूर्वानुमति

8. (क) लीजधारी को भूमि अन्तरण की अनुमति दी जा सकेगी बशर्ते लीजधारी वर्त्तमान बाजार दर अथवा अन्तरण की राशि (जो भी अधिक हो) में से पूर्व में लीजधारी द्वारा दी गयी सलामी की राशि को घटाने के बाद शेष राशि का 50 प्रतिशत रकम सरकारी खजाने में जमा करें।

(ख) पूर्वानुमति का यह प्रावधान स्थायी लीजधारियों, जिनमें पीढ़ी-दर-पीढ़ी अन्तरण अधिकार युक्त लीजधारी भी शामिल हैं, पर भी लागू होगा।

(ग) अन्य लीज शर्त्ते यथावत रहेगी। (घ) अन्तरिती के लिए समाहर्त्ता के साथ, अस्थायी (नियतकालीन) लीज के मामलों में अनुमति की तिथि से अगले 30 वर्षों के लिए तथा स्थायी (अनियतकालीन)लीज के मामलों में स्थायी लीज के रुप में, नया लीज एकरारनामा करना अनिवार्य होगा।

9. (क) लीजधारी को आवासीय लीज भूमि का प्रयोजन परिवर्त्तन कर व्यावसायिक/औधोगिक/ बहुमंजिला आवसीय उपयोग में लाने की एवं सब लीज/अन्तरित करने की अनुमति दी जा सकती है बशर्ते लीजधारी उक्त भूमि पर निर्मित होने वाले भवन के कुल निर्मित क्षेत्र (Built up area) के 20 प्रतिशत क्षेत्र का4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 Apartment Ownership Act, 2006 के प्रावधानों के तहत Apartment निबंधन के लिए निर्धारित मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित कीमत के बराबर राशि सरकार के खजाने में जमा करें।

(ख) प्रयोजन परिवर्त्तन की अनुमति की तिथि से अद्यतन बाजार दर से भूमि के मूल्य का 0.5 प्रतिशत (आवासीय) अथवा 5 प्रतिशत (व्यावसायिक), उपयोग के अनुसार वार्षिक लगान के रुप में पुनर्निधारित किया जाएगा।

(ग) अनुमति शहर के मास्टर प्लान के अनुरुप तथा स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा के आधार पर दी जाएगी।

(घ) स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा को अनिवार्य रुप से समाहर्त्ता द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित करने के पश्चात्‌ भवन निर्माण कराया जाएगा।

(ड) पूर्वानुमति का यह प्रावधान स्थायी लीजधारियों, जिनमें पीढी-दर-पीढ़ी अन्तरण अधिकार युक्त लीजधारी भी शामिल हैं, पर भी लागू होगा।

(च) ऐसी अनुमति मिलने पर लीजधारी को पुराने लीज एकरारनामा के स्थान पर नया लीज एकरारनामा कराना होगा।

(छ) स्थायी लीज के मामलों में नये लीज एकरारनामा में लीज की अवधि पूर्वानुमति प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी।

(ज) अस्थायी लीज के मामलों में लीज की शेष अवधि के लिए प्रयोजन परिवर्त्तन की अनुमति दी जायेगी। अन्य लीज शर्त्ते यथावत रहेगी।

(झ) अस्थायी या स्थायी लीज के लीजधारी को समाहर्त्ता के साथ यथा उपर्युक्त कंडिकाओं में उल्लिखित शर्त्तों के अनुसार नया लीज एकरारनामा कराना होगा।

() यदि लीजधारी द्वारा इस प्रकार की पूर्वानुमति प्राप्त कर निर्मित भवन या उसका अंश किसी को अंतरित/sub lease किया जाता है तो अन्तरिति/sub lessee को संपूर्ण भूमि के लिए निर्धारित लगान की राशि में से लीज भूमि में अपने आनुपातिक अंश के लिए आनुपातिक वार्षिक लगान की राशि सरकार को देनी होगी। साथ ही उन्हें अपनी आनुपातिक अंश भूमि के लिए समाहर्त्ता के साथ फ्रेश लीज एकरारनामा भी निष्पादित कराना होगा। 10. व्यावसायिक लीज पर बन्दोवस्त भूमि की व्यावसायिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि की अनुमतिः-(क) वैसे मामले जिनमें लीजधारी के द्वारा लीज भूमि पर किसी प्रकार का संरचनात्मक विस्तार करके अपनी वर्त्तमान वार्षिक आय में महत्वपूर्ण वृद्धि (significant enhancement) की जाती है, तो उसे व्यावसायिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि (significant commercial capacity enhancement) माना जायेगा। उदाहरणस्वरूप :-

(ख) यह अनुमति लीज की शेष अवधि के लिए प्रदान की जायेगी। (ग) अनुमति की तिथि से वार्षिक व्यावसायिक लगान को बढ़ाकर भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत कर दिया जायेगा।

(घ) अनुमति शहर के मास्टर प्लान के अनुरुप तथा स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा के आधार पर दी जाएगी।

(ङ) स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा को अनिवार्य रुप से समाहर्त्ता द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित करने के पश्चात्‌ भवन निर्माण कराया जाएगा।

11. कृषि लीज के प्रयोजन परिवर्त्तन की अनुमति :- (क) कृषि लीजधारी कृषि भूमि के आवासीय उपयोग हेतु पूर्वानुमति का अनुरोध करें तो उन्हें यह अनुमति भूमि के अद्यतन बाजार मूल्य का 50 प्रतिशत राशि बतौर सलामी भुगतान करने पर प्रदान की जायेगी तथा वार्षिक लगान को भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 0.5% (आवासीय) निर्धारित कर 30 वर्षीय फ्रेश लीज किया जाएगा।

(ख) कृषि लीजधारी कृषि भूमि के व्यावसायिक उपयोग हेतु पूर्वानुमति का अनुरोध करें तो उन्हें यह अनुमति भूमि के अद्यतन बाजार मूल्य के बराबर राशि बतौर सलामी भुगतान करने पर प्रदान की जायेगी तथा वार्षिक लगान को भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य का 5 प्रतिशत (व्यावसायिक) निर्धारित कर 30 वर्षीय फ्रेश लीज किया जाएगा।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 (ग) अनुमति शहर के मास्टर प्लान के अनुरुप तथा स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा के आधार पर दी जाएगी।

(घ) स्थानीय शहरी निकाय द्वारा स्वीकृत नक्शा को अनिवार्य रूप से समाहर्त्ता द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित करने के पश्चात्‌ भवन निर्माण कराया जाएगा।

12. अन्तरण/प्रयोजन परिवर्तन/व्यावसायिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हेतु अनुमति देने की शक्ति का प्रतिनिधायनः- सम्पूर्ण राज्य में खासमहाल भूमि सहित सभी सरकारी भूमि के अन्तरण/प्रयोजन परिवर्तन/व्यावसायिक क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि हेतु अनुमति प्रदान करने की शक्ति का प्रतिनिधायन संबंधित प्रमण्डलीय आयुक्त को किया जाता है। इस प्रकार के मामलों में आवेदन प्राप्त होने के 60 (साठ) दिनों के अन्दर सम्बन्धित प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा निर्णय लिया जायेगा।

अध्याय 4

पुनगर््रहण/खास दखल

सरकार निम्नलिखि प्रक्रिया के तहत लीज पर बन्दोवस्त भूमि का पुनगर््रहण कर सकती है तथा पुनग्रहित भूमि का दखल-कब्जा प्राप्त कर सकती है :- 13. लीज रद्‌द कर भूमि के पुनगर््रहण की प्रक्रिया :- यदि यह पाया जाता है कि किसी लीजधारी द्वारा लीज शर्त्त का उल्लंघन किया जा रहा है तो समाहर्त्ता द्वारा उसे प्रश्नगत्‌ भूमि की निर्धारित समय-सीमा में फ्रेश लीज लेने हेतु नियमानुसार offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जायेगा। यदि लीजधारी द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अंदर फ्रेश लीज हेतु अपनी सहमति संसूचित नहीं की जाती है तो समाहर्त्ता लीज रद्‌द कर भूमि का पुनगर््रहण कर सकेगा। 14. लीज भूमि पर से निष्कासन हेतु प्रक्रिया ः- (i) किसी लीज को रद्‌द करते हुए भूमि का पुनगर््रहण करने हेतु आदेश पारित होने के उपरांत समाहर्त्ता द्वारा लीजधारी/कब्जाधारी को लीज भूमि पर से सभी निर्मित संरचनाओं को हटाकर एक माह के अन्दर उसका दखल-कब्जा सौंपने केे लिए नोटिस दिया जायेगा। नोटिस प्राप्त होने पर निर्धारित समय-सीमा के अंदर यदि लीजधारी/कब्जाधारी द्वारा प्रश्नगत्‌ भूमि का दखल-कब्जा नहीं सौपा जाता है, तो समाहर्त्ता निष्कासन (eviction) की कार्रवाई के लिए प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में वाद दायर करेगा। प्रमंडलीय आयुक्त वाद दायर होने के 90 (नब्बे) दिनों के अन्दर इसका निष्पादन करेंगे। प्रमंडलीय आयुक्त का आदेश प्राप्त होने के बाद समाहर्त्ता दण्डाधिकारी की प्रतिनियुक्ति कर भूमि पर, भवन-संरचना आदि के साथ, बिना मुआवजा भुगतान किए दखल-कब्जा प्राप्त करेगा। (ii) प्रमण्डलीय आयुक्त द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध 30 दिन के अंदर सदस्य, राजस्व पर्षद के न्यायालय में अपील दायर किया जा सकेगा। सदस्य, राजस्व पर्षद अपील दायर होने के 90 (नब्बे) दिनों के अन्दर उसका निष्पादन करेंगे।

अध्याय 5

विविध

15. भूमि का मूल्यांकन ः- समाहर्त्ता खासमहाल भूमि के अद्‌यतन बाजार मूल्य के आकलन तथा निर्धारण के लिए निम्नांकित कसौटी अपनाएंगे :-

(i) जहाँ भूमि अवस्थित हो वहाँ केवाला दस्तावेजों के निबंधन के लिए भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 में उपबंधित न्यूनतम भूमि मूल्य; अथवा,

(ii) संबंधित मौजे या निकटवर्त्ती मौजों में समरूप प्रकार की भूमि का औसत बिक्री मूल्य जो विगत तीन वर्षो के दौरान निबंधित कम-से-कम 50 प्रतिशत वैसे केवाला दस्तावेजों से विनिश्चित किया गया हो, जहाँ उच्चतर मूल्य का भुगतान किया गया हो; अथवा,

(iii) भू-अर्जन अधिनियम 1894 की धारा-3(f)(iii) के अनुसार परियोजना के लिए उच्चतर दर पर अधिग्रहित की गई अथवा, अधिग्रहण हेतु सहमति दी गई कम-से-कम 50 प्रतिशत भूमि के बिक्री मूल्य का औसत,

जो भी उच्चतर हो।

(16) अवैध खातों का रद्‌दीकरण :- वैसे मामले जिनमें लीजधारी/उनके वैधिक उत्तराधिकारी/वैधिक अन्तरिती/अवैध कब्जाधारी द्वारा विगत कैडस्ट्रल/म्यूनिसिपल/रिवीजनल सर्वे में अपने नाम से खाता खोलवा लिया गया है, उन मामलों में विधि की प्रक्रिया के तहत लीज भूमि का खाता रद्‌द करने की कार्रवाई की जायेगी। खाता खोलने वाले कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जायेगी।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 लीज भूमि के मूल लीजधारी/उनके वैधिक उत्तराधिकारी/वैधिक अन्तरिती को फ्रेश लीज का offer (तामीला के साक्ष्य के साथ) दिया जायेगा तथा आवश्यकतानुसार उपर्युक्त कंडिका- (2), (3), (4), (5) अथवा (6) के प्रावधान के अनुसार अगे्रतर कार्रवाई की जायेगी।

स्थायी (अनियतकालीन ) लीज के मामलों में भी फ्रेश लीज की अवधि लीज प्रदान करने की तिथि से 30 वर्ष नवीकरण विकल्प के साथ पुनर्निर्धारित की जाएगी।

अवैध कब्जाधारी को प्रस्तुत नीति के नियम-17 के तहत निष्कासित किया जायेगा। तदुपरान्त प्राप्त भूमि को सरकार अपने दखल-कब्जा एवं उपयोग में रखेगी अथवा नीलामी द्वारा भूमि की 30 वर्षीय फ्रेश लीज करेगी। 17. अतिक्रमणकारियों का निष्कासन :- यदि लीज भूमि पर काबिज व्यक्ति का मूल लीजधारी/वैधिक उत्तराधिकारी/खास महाल मैनुअल/नीति के तहत पूर्वानुमति प्राप्त कर अथवा यद्यपि अनुमति प्राप्त नहीं की गई हो, तथापि भारतीय निबंधन अधिनियम 1907 के तहत किसी भूमि का निबंधन कराने वाले अन्तरिति से कोई सम्बन्ध स्थापित नहीं हो पाता है, तो वे अतिक्रामक हैं। अतः The Bihar Public Land Encroachment Act द्वारा निर्धारित विहित प्रक्रिया के द्वारा उन्हें निष्कासित कर भवन एवं अन्य संरचना सहित प्रश्नगत भूमि को बिना मुआवजा दिए सरकार के दखल-कब्जा में ले लिया जायेगा। तदुपरान्त प्राप्त भूमि को सरकार अपने दखल-कब्जा एवं उपयोग में रखेगी अथवा नीलामी द्वारा भूमि की 30 वर्षीय फ्रेश लीज करेगी।

स्पष्टीकरणः-बिना अनुमति प्राप्त किये लीज भूमि के अन्तरण के मामलों को लीज शर्त्त का उल्लंघन मानते हुये तत्सम्बन्धी प्रावधान अध्याय 2 की कंडिका-5 (क) के तहत उपबंधित किये गये हैं।

18. फ्रेश लीज करने की शक्ति ः- लीजधारी/अन्तरिति द्वारा फ्रेश लीज लेने सम्बन्धी सहमति संसूचित करने के 30 (तीस) दिनों के अन्दर समाहर्त्ता फ्रेश लीज का प्रस्ताव प्रमंडलीय आयुक्त के माध्यम से सरकार के अनुमोदनार्थ भेजेंगे।

19. लीज की अवधि का निर्धारण :- आदेश प्रवृत होने की तिथि से खास महाल भूमि का लीज मात्र 30 वर्षो के लिए किया जायेगा। लीज का प्रत्येक 30 वर्ष पर नवीकरण किया जायेगा।

20. लीज नवीकरण की शक्ति का प्रतिनिधायन ः- सम्पूर्ण राज्य में खासमहाल भूमि सहित सभी सरकारी भूमि के लीज के नवीकरण की शक्ति का प्रतिनिधायन सम्बन्धित समाहर्त्ता को किया जाता है। इस प्रकार के मामलों में सम्बन्धित समाहर्त्ता द्वारा लीज अवधि समाप्त होने के 90 (नब्बे) दिनों के अन्दर निर्णय लिया जायेगा। 21. खासमहाल भूमि का प्रबंधन :- खासमहाल भूमि का प्रबंधन The Government Grants Act, 1895 के प्रावधानों के तहत किया जायेगा। 22. लीज एकरारनामा हेतु प्रपत्र में संशोधन :- लीजधारियों के साथ होने वाले लीज एकरारनामा से संबंधित General Form of Lease for Town Khasmahal के प्रपत्र में उपर्युक्त कंडिकाआंें के आलोक में अपेक्षित संशोधन किया जायेगा तथा लीज बन्दोवस्ती/नवीकरण के समय लीजधारी के साथ लीज एकरारनामा संशोधित प्रपत्र में ही कराया जायेगा। 23. (क) इस नीति के प्रवृत्त होने के बाद खास महाल प्रबन्धन के वण्र्य विषय (Subjects /themes) जो इस नीति के द्वारा आच्छादित किये गये हैं, इसी नीति के द्वारा आच्छादित/ अधिशासित होंगे। तात्पर्यतः ऐसे वण्र्य विषय Bihar Government Estates (Khas Mahal) Manual, 1953 के नियमों के तहत आच्छादित/अधिशासित नहीं होंगे। (ख) इस नीति के अन्तर्गत जिन वण्र्य विषयों को आच्छादित नहीं किया गया है तथा जो Bihar Government Estates (Khas Mahal) Manual, 1953 में पूर्व से विद्यमान हैं, तथा समय-समय पर विभागीय निदेशों द्वारा सभी सम्बन्धित को संसूचित हैं, वे Bihar Government Estates (Khas mahal) Manual, 1953 तथा उपर्युक्त विभागीय संसूचनों के तहत ही आच्छादित/अधिशासित होंगे।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में सर्वसाधारण के सूचनार्थ प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सी0 अशोकवर्धन, प्रधान सचिव ।

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अधी/क, स0चवालय मु2णालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत एवं मु42त। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 126-571+1500-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 April 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2011-04-08.126/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2011-04-08.126.