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laŒ fux@lkjk&6&16@2003&3935¼,l½—श्री चन्देश्वरी प्रसाद यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध पथ प्रमंडल खगड़िया के पदस्थापनकाल काल में 485. 64 मे0टन बल्क बिटुमेन के गबन एवं परिवहन शुल्क की नाजायज निकासी के आरोप के लिए सी0बी0आई0 द्वारा वृहद दण्ड की अनुशंसा के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4396 (एस) अनु0, दिनांक 22 जून 2004 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री यादव के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में यद्यपि इनके विरुद्ध गठित आरोप को प्रमाणित नहीं माना गया, परन्तु विभागीय समीक्षा में पाया गया कि बिटुमेन की आपूर्ति आदेश मिलने के पश्चात आरोपी पदाधिकारी द्वारा बिटुमेन की आवश्यकता नहीं होने संबंधी पत्र दो विभिन्न तिथियों, काफी अंतराल के बाद, क्रमशः पत्रांक 907, दिनांक 13 सितम्बर 1994 एवं पत्रांक 200, दिनांक 18 अप्रील 1995 द्वारा क्रमशः मुख्यालय एवं बी0पी0सी0एल0 को भेजने का उल्लेख किया गया है, किन्तु ये पत्र न तो मुख्यालय को प्राप्त हुए और न ही बी0पी0सी0एल0 कार्यालय को। यदि समय पर यह पत्र प्रेषित स्थलाें को मिल जाता एवं आरोपी पदाधिकारी द्वारा इस दिशा में सक्रिय एवं सार्थक प्रयास किया जाता तो सरकार को बिटुमेन की कीमत एवं ढुलाई मद में रु॰ 29,65,096 (उन्नतीस लाख पैंसठ हजार छियानवे रूपये) की राशि की क्षति नहीं हुई होती। निश्चित रूप से यह पत्र सोची समझी रणनीति के तहत फर्जी लिखा गया। साथ ही सी0बी0आई0 ने अपने जॉच प्रतिवेदन मे उल्लेख किया कि इस प्रकरण में ट्रांसपोर्टर के प्रतिनिधि से आरोपी पदाधिकारी द्वारा रु॰ 20,000 (बीस हजार रूपये) नाजायज राशि ली गई थी। उक्त असहमति के बिन्दुओं को अंकित करते हुए श्री यादव से विभागीय पत्रांक 4857 (एस) अनु0, दिनांक 5 अप्रील 2010 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की मॉग की गयी। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 गबन का आरोप स्थापित पाया गया। इस आधार पर उनके द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए उक्त प्रमाणित आरोप के लिए दोषी मानते हुए इनके पेंशन शून्य पर निर्धारित किये जाने के दण्ड प्रस्ताव पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 9518 (एस) अनु0, दिनांक 29 मई 2010 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की माँग की गयी।
3. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 3119 दिनांक 28 फरवरी 2011 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णित दण्ड पर आयोग द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। अतएव सी0बी0आई काण्ड संख्या-14 (ए)/97 पैट, दिनांक 21 मार्च 1997 में सी0बी0आई की अनुशंसा के आलोक में श्री यादव के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में यह स्पष्ट हुआ कि पथ प्रमंडल खगड़िया में बिटुमेन की आवश्यकता नहीं होने संबंधी सूचना विभाग एवं बी0पी0सी0एल0 कार्यालय को समय पर नहीं भेजने और विभागीय आदेश संख्या 4818, दिनांक 23 जुलाई 1994 द्वारा खगड़िया प्रमंडल के 485.64 मे0 टन बल्क बिटुमेन की कीमत एवं ढुलाई मद की राशि क्रमशः रुपये 25,05,414 एवं रुपये 4,59,682 कुल 29,65,096 रुपये गवन का आरोप स्थापित होने के फलस्वरूप श्री चन्देश्वरी प्रसाद यादव तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता, सुधा सदन, राधानगर वार्ड नं0 13 सहरसा के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोप के लिए तत्कालिक प्रभाव से निम्न दण्ड संसूचित किया जाता है :-
(i) इनका पेंशन शून्य पर निर्धारित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के विशेष सचिव।,
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अधी/क, स0चवालय मु2णालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत एवं मु42त। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 127-571+10-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in