(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत 11118888 चै# चै# चै# चै# 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 111122228888) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, शु+वारशु+वारशु+वारशु+वार,,,, 8888 अ(cid:27)ीलअ(cid:27)ीलअ(cid:27)ीलअ(cid:27)ील 2020202011111111 iFk fuekZ.k foHkkx ——— vf/klwpuk 1 vizhy 2011 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 8 अ(cid:27)ील 2011 अनुसार मखदुमपुर-बराबर पथ में संवेदक श्री ललित कुमार द्वारा बगैर कार्य कराये कनीय अभियंता श्री सुनील कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता श्री नलिन विलोचन एवं कार्यपालक अभियंता श्री ब्रजभूषण प्रसाद के साथ आपराधिक षडयंत्र कर तीन विपत्र बनवाया गया। पहला 8,29,521 रूपये का दूसरा 5,64,731 रूपये का एवं 6,73,828 रूपये का जिसमें से दूसरे एवं तीसरे विपत्र पर जिलापदाधिकारी जहानाबाद द्वारा भुगतान पर रोक लगाई गई परंतु पहला विपत्र 8,29,521 रुपये की निकासी की गई। इसके अतिरिक्त जहानाबाद अरवल पथ में भी 20,21000 रुपये का भुगतान करने तथा जहानाबाद अरवल पथ के 8 वें कि0मी0 में ग्राम-छैना स्थित पी0सी0सी0 सड़क निर्माण कार्य को आधा अधूरा छोड़कर कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता के साथ आपराधिक षंडयंत्र कर 1,82593 रुपये का भुगतान लेने की बात अनुसंधान के क्रम में पायी गयी। उक्त आधार पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-560 (एस), दिनांक 22 जनवरी 2009 द्वारा श्री प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। 5. श्री प्रसाद के पत्रांक-1-कैम्प, पटना, दिनांक 5 अक्तूबर 2009 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में इनके द्वारा मुख्य रूप से जहानाबाद थाना कांड संख्या 254/2001 के अनुसंधान प्रतिवेदन की मांग किये जाने के बाद भी इन्हें उपलब्ध नही कराये जाने, संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को प्रमाणित नही पाये जाने के बाद भी द्वितीय कारण पृच्छा करने तथा आरक्षी अधीक्षक, जहानाबाद के प्रतिवेदन पर आधारित द्वितीय कारण पृच्छा को अप्रासंगिक बताते हुए आरक्षी अधीक्षक जहानाबाद के संबंधित कांड में अद्यतन प्रतिवेदन में इन्हें आरोप मुक्त करने की अनुशंसा का उल्लेख करते हुए आरोप से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। 6. श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा साक्ष्य स्वरूप आरक्षी अधीक्षक जहानाबाद के पर्यवेक्षण टिप्पणी की असत्यापित छाया प्रति संलग्न किया गया है, जिसमें अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी जहानाबाद की टिप्पणी को उद्धृत किया गया है जिसमें अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी, जहानाबाद ने विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर इन्हें आरोप मुक्त माना है। यह सर्वथा अमान्य है क्योंकि मखदुमपुर-बराबर पथ एवं जहानाबद अरवल पथ में चालू विपत्रों एवं जिला पदाधिकारी जहानाबाद के पत्र से स्पष्ट होता है कि फर्जी विपत्र बनाकर राशि की निकासी श्री प्रसाद के द्वारा की गई है। इस आधार पर आरोप को प्रमाणित पाते हुए श्री प्रसाद को सेवा से बर्खास्त करते हुए फर्जी विपत्रों के आधार पर निकासी की गयी राशि की वसूली के दंड पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 6620 (एस) अनु0, दिनांक 7 मई 2010 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2452, दिनांक 21 दिसम्बर 2010 द्वारा विभागीय दण्ड के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई । तदुपरांत श्री प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, सम्प्रति कार्यपालक अभियंता को सेवा से बर्खास्त करने पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त की गयी। अतएव श्री ब्रजभूषण प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-1 जहानाबाद सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, गोपालगंज को उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (क) इन्हें तात्कालिक प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के विशेष सचिव।,
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अधी.क, स/चवालय मु1णालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा (cid:27)का(cid:28)शत एवं मु31त। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 128-571+10-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in