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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 20 April 2011

Published 20 April 2011

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2011-04-20.16
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत 30303030 चै चै चै चै 1931931931933333 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 11116666 पटनापटनापटनापटना, , , , बुबुबुबुधवारधवारधवारधवार,,,, ———————— 20202020 अ(cid:25)ीलअ(cid:25)ीलअ(cid:25)ीलअ(cid:25)ील 2020202011111111 ((((ईईईई0000)))) भाग-1—(cid:1)नयु45, पद7थापन, बदल(cid:15), श45, छु :ी और अ<य =य45गत सूचनाएं। 2-2

भाग-1-क—7वयंसेवक गुAमC के समादे1टाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैG(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायMNम, छा वृ-O (cid:25)दान, आPद।

---

भाग-1-ग—(cid:26)शKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आPद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाMRयKC (cid:24)ारा (cid:1)नकाले गये -व(cid:1)नयम, आदेश, अSधसूचनाएं

-वषय-वषय-वषय-वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृ1ठपृ1ठपृ1ठपृ1ठ

पृ1ठपृ1ठपृ1ठपृ1ठ भाग-5—(cid:18)बहार -वधान मंडल म\ पुर:7था-पत -वधेयक, उ^त -वधान मंडल म\ उप7था-पत

या उप7था-पत _कये जानेवाले (cid:25)वर

स(cid:26)म(cid:1)तयC के (cid:25)(cid:1)तवेदन और उ^त -वधान

मंडल म\ पुर:7थापन के पूवM (cid:25)का(cid:26)शत -वधेयक।

---

भाग-7—संसद के अSध(cid:1)नयम िजनपर रा1Gप(cid:1)त कa

अनुम(cid:1)त (cid:26)मल चुकa है। ---

भाग-8—भारत कa संसद म\ पुर:7था-पत -वधेयक,

संसद म\ उप7था-पत (cid:25)वर स(cid:26)म(cid:1)तयC के

(cid:25)(cid:1)तवेदन और संसद म\ उप7था-पत (cid:25)वर

स(cid:26)म(cid:1)तयC के (cid:25)(cid:1)तवेदन और संसद म\ पुर:7थापन के पूवM (cid:25)का(cid:26)शत -वधेयक। ---

भाग-9—-वcापन

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भाग-9-क—वन -वभाग कa नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

और (cid:1)नयम आPद। 3-4

भाग-3—भारत सरकार, पिUम बंगाल सरकार और उWच <यायालय के आदेश, अSधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राQय गजटC के उYरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अSध(cid:1)नयम ---

भाग-9-ख—(cid:1)न-वदा सूचनाएं, पdरवहन सूचनाएं,

<यायालय सूचनाएं और सवMसाधारण सूचनाएं इeयाPद। ---

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पूरक

पूरक-क 5-92 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011

भागभागभागभाग----1111

(cid:1)नयु45(cid:1)नयु45(cid:1)नयु45(cid:1)नयु45, , , , पद7थापद7थापद7थापद7थापनपनपनपन, , , , बदल(cid:15)बदल(cid:15)बदल(cid:15)बदल(cid:15), , , , श45श45श45श45, , , , छु :ीछु :ीछु :ीछु :ी और अ<य और अ<य और अ<य और अ<य वैय45क सूचनाएं वैय45क सूचनाएं वैय45क सूचनाएं वैय45क सूचनाएं ————————————————————

सहकारिता विभाग

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अधिसूचना

13 अप्रील 2011

सं॰ 01/रा॰स्था॰ वि॰स॰से॰-पद॰ 14/07-1741—श्री सुरेन्द्र नाथ मिश्र, संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा के दिनांक 28 फरवरी 2011 को सेवानिवृाि के पश्चात उनके स्थान पर श्री मो॰ जमाल जावेद आलम, उप निबंधक (ईख), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा के पद पर कार्यकारी रूप से अपने ही वेतनमान में पदस्थापित किया जाता है।

यह आदेष तुरत प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

गुप्तेष्वर प्रसाद, उप-सचिव ।

———— अधीKक, सSचवालय मुgणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत एवं मुPgत। (cid:18)बहार गजट, 05—571+100-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in3 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाMRयपाल और कायाMRयपाल और कायाMRयपाल और कायाMRयKC (cid:24)ारा (cid:1)नकाले गये -व(cid:1)नयमKC (cid:24)ारा (cid:1)नकाले गये -व(cid:1)नयमKC (cid:24)ारा (cid:1)नकाले गये -व(cid:1)नयमKC (cid:24)ारा (cid:1)नकाले गये -व(cid:1)नयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश,,,, अSधसूचनाएं और (cid:1)नयम आPदअSधसूचनाएं और (cid:1)नयम आPदअSधसूचनाएं और (cid:1)नयम आPदअSधसूचनाएं और (cid:1)नयम आPद ।।।।

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पथ निर्माण विभाग ——— शुद्धि-पत्र 5 अप्रील 2011 सं0 निग/सारा-रा0उ0प0 (द0बि0)-19/2011-4046(एस)—विभागीय अधिसूचना संख्या 3851 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3852(एस), दिनांक 30 मार्च 2011 द्वारा श्री नारायण भारती, सहायक अभियंता (अनुश्रवण), राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी-ऑन-सोन को निलंबित किया गया था, को संशोधित रूप में श्री नारायण कुमार भारती पढ़ा जाए। 2. शेष शर्त्तें यथावत्‌ रहेंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।

——— सकारण आदेश 15 मार्च 2011 सं॰ निग/सारा-2 आरोप-उ0बि0 (ग्रा0)-39/07-3181 (एस)—श्री हरि किशोर सिंहा, तत्कालीन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, सहरसा सम्प्रति निलंबित सहायक अभियंता, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को एन0आर0ई0पी0, सहरसा के पदस्थापन काल में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार के धावा दल द्वारा दिनांक 14 मार्च 2007 को 2000 रूपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर हिरासत में भेजे जाने एवं इनके विरुद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 35/07 एवं विशेष केस संख्या 13/07 दर्ज किये जाने के कारण विभागीय अधिसूचना संख्या 5489 (एस), दिनांक 26 अप्रील 2007 द्वारा इन्हें दिनांक 14 मार्च 2007 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के तहत निलंबन अवधि में इन्हें अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होने का आदेश पारित किया गया। इसी प्रकरण में इनके विरुद्ध विधि विभाग के आदेश संख्या 31000 (J), दिनांक 6 जुलाई 2007 द्वारा अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गई। 2. श्री सिंहा, निलंबित सहायक अभियंता के जेल से रिहा होने के उपरांत पथ निर्माण विभाग में योगदान समर्पित करने के कारण अधिसूचना संख्या 14578 (एस), दिनांक 14 दिसम्बर 2007 द्वारा इन्हें दिनांक 15 नवम्बर 2007 से निलंबन से मुक्त किया गया। 3. श्री सिंहा के विरुद्ध अपराधिक मामला विचारण के अधीन होने, अभियोजन की स्वीकृति दिये जाने तथा विभागीय कार्यवाही संचालित होने के कारण इन्हें अधिसूचना संख्या 14585 (एस), दिनांक 14 दिसम्बर 2007 द्वारा दिनांक 14 दिसम्बर 2007 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के प्रावधानों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होने का आदेश पारित किया गया। 4. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12404 (एस) अनु0, दिनांक 26 अक्तूबर 2007 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित है। 5. सी0डब्लू0जे0सी0सं0 19893/10 हरि किशोर सिंहा बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 6 जनवरी 2011 को पारित न्यायादेश के आलोक में याचिका में Annexure-11 के रूप में संलग्न श्री सिंहा के अभ्यावेदन दिनांक 21 अगस्त 2009 एवं दिनांक 8 नवम्बर 2010 पर सम्यक्‌ विचारोपरांत सरकार के निर्णयानुसार निम्न निर्णय लिया जाता है :-

(i) इनके दिनांक 1 फरवरी 2007 से 13 मार्च 2007 एवं 15 नवम्बर 2007 से 13 दिसम्बर 2007 तक के निलंबन रहित अवधि का बकाया कार्यावधि वेतन के भुगतान का आदेश दिया जाता है।

(ii) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के आलोक में निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त आवास भत्ता के भुगतान की मांग को इस कारण अस्वीकृत किया जाता है कि निलंबन अवधि में आवास भत्ता भुगतान का नियम नहीं है।4 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 (iii) न्यायिक वाद एवं विभागीय कार्यवाही दोनों अलग-अलग प्रक्रिया है। ऐसी स्थिति में विभागीय कार्यवाही संचालित रहेगी।

(iv) चूँकि मामला भ्रष्टाचार एवं रिश्वत लेने से संबंधित है, अस्तु ऐसे संगीन अपराध को देखते हुए माननीय न्यायालय द्वारा वाद के निष्पादन तक इन्हें निलंबन से मुक्त करना तत्काल विचार योग्य नहीं है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।

———— अधीKक, सSचवालय मुgणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत एवं मुPgत। (cid:18)बहार गजट, 05—571+20-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in5 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) (cid:25)ाSधकार(cid:15) (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:25)ाSधकार(cid:15) (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:25)ाSधकार(cid:15) (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत(cid:25)ाSधकार(cid:15) (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत

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पथ निर्माण विभाग ——— अधिसूचनाएं 17 मार्च 2011 सं0 निग/सारा-06 (मु0)(ग्रा0)-05/10-3371 (एस)—श्री सूर्यनाथ पाठक, तत्कालीन जिला अभियंता, जिला परिषद जहानाबाद सम्प्रति सेवानिवृत्त को ग्रामीण अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल जहानाबाद के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या 4058 (एस), दिनांक 22 जून 2000 द्वारा निलंबित कर विभागीय संकल्प संख्या 500, दिनांक 19 दिसम्बर 2002 द्वारा विभागीय जॉच आयुक्त के संचालन में विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं संकल्प ज्ञापांक 9013 (एस), दिनांक 18 अक्तूबर 2003 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। संचालन पदाधिकारी ने अपने जॉच प्रतिवेदन में आरोप संख्या 2 को प्रमाणित (योजना संख्या-27/99 में नियम विरुद्ध कार्य करने एवं अग्रिम के संबंध में निहित प्रावधानों का पालन नहीं करने) एवं आरोप संख्या 3 एवं 4 को अंशतः प्रमाणित (अग्रिम देने एवं उसके पूर्व मापी पुस्त जॉचने की प्रक्रिया निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं होने तथा सामग्री के क्रय एवं उसकी अग्रिम अभिकर्त्ता को स्वीकृति) होने का मंतव्य दिया। प्राप्त जॉच प्रतिवेदन के विभागीय समीक्षोपरांत उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री पाठक से विभागीय पत्रांक 9013, दिनांक 7 दिसम्बर 2005 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री पाठक द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक शून्य, दिनांक 7 जनवरी 2006 के समीक्षोपरांत योजना में नियम विरुद्ध कार्य करने, अग्रिम के संबंध में निहित प्रावधानों का पालन नहीं करने, अग्रिम देने एवं उसके पूर्व मापी पुस्त जॉचने की प्रक्रिया निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं होने तथा सामग्री के क्रय एवं उसकी अग्रिम अभिकर्त्ता को स्वीकृत के लिए श्री पाठक को दोषी पाया गया। तदआलोक में अनुमोदित दंड प्रस्ताव उनके पेंशन से 5 वर्षों तक 10 प्रतिशत की कटौती एवं उसके बाद 5 प्रतिशत की कटौती पर विभागीय पत्रांक 5070 (एस) अनु0, दिनांक 17 मई 2006 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। यद्यपि बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्रांक 1902, दिनांक 4 जनवरी 2007 द्वारा विभागीय प्रस्ताव पर सहमति नहीं दी परंतु पुनः समीक्षोपरांत बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श इस आधार पर स्वीकार योग्य नहीं पाया कि जॉच प्रतिवेदन में ही स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी ने नियम विरुद्ध अग्रिम की स्वीकृति की तथा मास्टररॉल संधारित नहीं की, साथ ही सामग्रियों की प्रविष्टि मापी पुस्तिका में नहीं की। इस तरह निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के पीछे आरोपित पदाधिकारी की मंशा साफ नहीं थी जिससे वित्तीय अनियमितता हुई एवं सरकारी राजस्व की क्षति हुयी। तदआलोक में सम्यक्‌ समीक्षोपरांत श्री पाठक को गलत प्राक्कलन बनाने, सरकारी राशि के दुर्विनियोग, नियम विरुद्ध कार्रवाई करने, अग्रिम के संबंध में विहित प्रावधानों का पालन नहीं करने, योजना मे एल0एस0/सी0एस0 अंकित नही करने के लिए दोषी मानते हुए अधिसूचना संख्या 11809-सह-पठित ज्ञापांक 11810, दिनांक 22 अक्तूबर 2009 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-

(क) श्री पाठक के पेंशन से पॉच वर्षों तक दस प्रतिशत एवं उसके बाद पॉच प्रतिशत कटौती की जाती है। (ख) निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, किन्तु इसकी गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायगी। 2. उक्त दंडादेश के विरुद्ध श्री पाठक ने माननीय उच्च न्यायालय पटना में याचिका संख्या 2685/10 दायर की। माननीय न्यायालय ने अपने न्यायादेश दिनांक 26 अगस्त 2010 मे श्री पाठक के द्वितीय कारण बचाव बयान में दिये गये दावे6 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 को कि सह आरोपी श्री सत्येन्द्र यादव तत्कालीन कनीय अभियंता के समान आरोप के लिए निलंबित कर विभागीय कार्यवाही चलायी गयी परंतु श्री यादव को मुक्त कर दिया गया और उन्हें शास्ति प्रदान की गयी, को आधार बनाते हुए श्री पाठक के विरुद्ध संसूचित दंडादेश अधिसूचना संख्या 11809 सह-पठित ज्ञापांक 11810, दिनांक 22 अक्तूबर 2009 को निरस्त कर दिया गया।

3. माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के आलोक में इस मामले में अपील दायर करने का प्रस्ताव विधि विभाग को भेजा गया । विधि विभाग द्वारा नये सिरे से पुनर्विचार कर आदेश करने का परामर्श दिया गया। तदआलोक में दिनांक 8 दिसम्बर 2010 को श्री पाठक को बुलाकर मामले की सुनवाई की गयी ।

4. श्री पाठक ने उन सभी स्थितियों का उल्लेख किया, जिसमें योजनाएॅ ली गयी थी और कार्य प्रारम्भ करने के तुरत बाद एक ही अग्रिम देने के पश्चात्‌ कार्य की जॉच की गयी, योजनाओं के प्राक्कलन में अनपेक्षित कटौती की गयी । उन्होंने यह भी बताया कि जिला पदाधिकारी जहानाबाद से विभाग द्वारा प्रतिवेदन भी प्राप्त किया गया, जिसमें अग्रिमों के समायोजन की सूचना प्रतिवेदित की गयी है । इसके अतिरिक्त श्री पाठक ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि श्री सत्येन्द्र यादव, कनीय अभियन्ता को ही अग्रिम की राशि दी गयी और सभी योजनाओं का कार्यान्वयन उनके द्वारा ही किया गया और वे जिला परिषद द्वारा आरोप मुक्त कर दिये गये, जबकि मात्र इन्हें ही आरोपीे ठहराया गया और सजा दी गयी ।

5. अभिलेख के अवलोकन से स्पष्ट हुआ है कि उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जहानाबाद ने प्रतिवेदित किया है कि श्री पाठक, तत्कालीन जिला अभियन्ता के विरुद्ध अग्रिम की राशि लंबित नहीं है । इसके अतिरिक्त यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस प्रकरण में श्री सत्येन्द्र यादव, कनीय अभियन्ता, जिला परिषद जहानाबाद के कर्मचारी थे और उनका कत्र्तव्य एवं दायित्व भी श्री पाठक (जो कार्यपालक अभियन्ता थे) से भिन्न था । श्री यादव के अनुशासनिक प्राधिकार उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जहानाबाद थे जो पथ निर्माण विभाग से भिन्न है, जबकि श्री पाठक के अनुशासनिक प्राधिकार पथ निर्माण विभाग, बिहार सरकार हैं । साथ ही श्री पाठक के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में भी चार आरोपों में आरोप संख्या 2 को प्रमाणित (योजना संख्या-27/99 में नियम विरुद्ध कार्य करने एवं अग्रिम के संबंध में निहित प्रावधानों का पालन नहीं करने) एवं आरोप संख्या 3 एवं 4 अंशतः प्रमाणित (अग्रिम देने एवं उसके पूर्व मापी पुस्त जॉचने की प्रक्रिया निर्धारित मापदंड के अनुसार नहीं होने तथा सामग्री के क्रय एवं उसकी अग्रिम अभिकर्ता को स्वीकृति) को विभागीय जॉच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी बिहार द्वारा प्रतिवेदित किया गया। जॉच प्रतिवेदन के सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त एवं श्री पाठक को द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर का अवसर देकर ही विषय वस्तु के संबंध में निर्णय लिया गया था,जैसा कि पूर्वनिर्गत आदेश से भी स्पष्ट है ।

6. अंकनीय है कि पथ निर्माण विभाग के श्री रामकेश्वर प्रसाद साह, तत्कालीन कनीय अभियन्ता, पथ प्रमंडल संख्या 2, जहानाबाद ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, श्री गोपाल राम, तत्कालीन कनीय अभियन्ता, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, प्रखण्ड घोसी, श्री महेन्द्र चौधरी, तत्कालीन कनीय अभियन्ता, पथ प्रमंडल संख्या 2, जहानाबाद, श्री चन्द्रदेव प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, एन0आर0ई0पी0 जहानाबाद, श्री कामेश्वर प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, एन0आर0ई0पी0 जहानाबाद, श्री रविन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, ग्राम्य अभियन्त्रण संगठन, जहानाबाद, श्री अवधेश उपाध्याय, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम, जिला परिषद, जहानाबाद एवं श्री चन्द्रभूषण सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल जहानाबाद को विभाग द्वारा एवं श्री नवलेश कुमार तत्कालीन सहायक अभियन्ता ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल जहानाबाद को पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा इस मामले में दोषी ठहराते हुए विभिन्न शास्ति प्रदान की गयी है । अस्तु यह सुस्पष्ट है कि श्री पाठक के विरूद्ध विभागीय स्तर पर कोई विभेदात्मक कार्रवाई नहीं की गयी ।

7. वर्णित स्थितियों में श्री पाठक के विरुद्ध निर्गत दंडादेश अधिसूचना संख्या-11809 (एस) सह पठित ज्ञापांक11810, दिनांक 22 अक्तूबर 2009 को माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 26 अगस्त 2010 को पारित आदेश के आलोक में रद्‌द करते हुए, योजनाओं के कार्यान्वयन में श्री पाठक द्वारा की गयी अनियमितता, एवं मापी पुस्त जॉचने की प्रक्रिया निर्धारित माप दंड के अनुसार नहीं करने के प्रमाणित आरोपों को दृष्टिगत कर, विभाग द्वारा पुर्नसमीक्षोपरांत श्री पाठक को निम्न दंड संसूचित करने का निर्णय लिया जाता है :-

(i) इनकें पेंशन से पांच प्रतिशत की कटौती की जाती है एवं (ii) निलंबन अवधि (दिनांक 22 जून 2000—31 जनवरी 2001 सेवानिवृत्ति तिथि तक) में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नही होगा, किन्तु इसकी गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जायगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 14 मार्च 2011 सं0 निग/सारा-7 रा0उ0प0 (उ0वि0)-128/08-3115 (एस)—श्री अजय कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, बनमंखी, पूर्णियाँ (राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णियाँँ) सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, औरंगाबाद को राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ के पदस्थापन काल में अपने कार्य में लापरवाही7 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 बरतने एवं प्रशासन से असहयोग करने जैसे आरोपों के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर उनसे बचाव वयान की मांग की गई तथा उनके बचाव वयान दिनांक 2 जनवरी 2009 के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-4478 (एस)-सह -पठित ज्ञापांक-4479 (एस) दिनांक 8 मई 2009 द्वारा इन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होने तथा इनकी तीन वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड संसूचित किया गया। उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री कुमार, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 17 जून 2009 के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-1603 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक 1604 (एस), दिनांक 29 जनवरी 2010 द्वारा इसे अस्वीकृत किया गया।

2. सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-3354/2010 अजय कुमार बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 13 सितम्बर 2010 को पारित न्यायादेश तथा उक्त न्यायादेश के अनुपालनार्थ श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 16.09.10 के आलोक में सचिव, पथ निर्माण विभाग द्वारा दिनांक 26 नवम्बर 2010 को इनकी सुनवाई के उपरांत पूरे प्रकरण के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार अधिसूचना संख्या 16695 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-16696 (एस) दिनांक 14 दिसम्बर 2010 द्वारा अधिसूचना सं0 4478 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक 4479 (एस) दिनांक 8 मई 2009 एवं अधिसूचना संख्या-1603 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-1604 (एस) दिनांक 29 जनवरी 2010 को निरस्त किया गया तथा सकारण मुखर आदेश अलग से पारित करने का आदेश निर्गत किया गया।

3. विभागीय सकारण मुखर आदेश संख्या 16833 (एस), दिनांक 16 दिसम्बर 10 द्वारा श्री अजय कुमार, सहायक अभियंता को दिनांक 8 मई 2009 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए इनकी तीन वार्षिक वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकी जाने तथा इनकी निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में इनसे अलग से कारण पृच्छा प्राप्त कर निर्णय लिये जाने का आदेश पारित किया गया।

4. विभागीय पत्रांक 17288 (एस), दिनांक 29 दिसम्बर 2010 द्वारा इनसे निलंबन अवधि के विनियमन हेतु कारण पृच्छा की मांग की गयी तथा इनसे प्राप्त कारण पृच्छा उत्तर एवं दण्ड मुक्त करने संबंधी आवेदन दिनांक 8 जनवरी 2011 के सम्यक्‌ विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार निम्न निर्णय लिया जाता है :-

(i) इनकी निलंबन अवधि दिनांक 16 सितम्बर 2008 से 7 मई 2009 तक के लिए इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होगा, किन्तु उक्त निलंबन अवधि को पेंशन प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि मानी जायेगी।

(ii) इनके दण्ड मुक्त करने संबंधी अनुरोध को अस्वीकृत किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।

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17 मार्च 2011

सं0 निग/सारा-।-(ग्रा0)-24/05-3354 (एस)—श्री प्रमोद चन्द्र मुन्नु, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल नरकटियागंज सम्प्रति सहायक अभियंता निलंबित, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का कार्यालय को पुपरी नानपुर प्रखंड सीतामढ़ी के पदस्थापन काल में विकास एवं निर्माण कार्यों में की गयी घोर अनियमितता के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या 3711 (एस), दिनांक 3 अप्रील 2006 द्वारा निलंबित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6851 (एस) डब्लू ई0 दिनांक 1 जुलाई 2006 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।

2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2294 (भ0), दिनांक 14 मार्च 2008 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में इनके विरूद्ध गठित कुल छः आरोपों में से आरोप संख्या-1 एवं 2 को प्रमाणित तथा आरोप संख्या-3 को अंशतः प्रमाणित पाया गया। प्रमाणित आरोप/अंशतः प्रमाणित आरोप के आलोक में श्री मुन्नु, सहायक अभियंता से विभागीय पत्रांक-13738 (एस) डब्लू0 ई0 दिनांक 24 अक्तूबर 2008 द्वारा इन्हें वृहद दंड का भागी मानते हुए एवं आरोपों के गंभीर प्रकृति के होने और इसके प्रमाणित पाए जाने के कारण इनके निलंबन अवधि को सेवा में टूट मानने के बिन्दू पर इनसे द्वितीय कारण पृच्छा मांगा गया। श्री मुन्नु, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 30 अप्रील 2009 के समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके द्वारा अनियमित कार्य जानबूझ कर किया गया है।

3. अतएव श्री मुन्नु, सहायक अभियंता के विरुद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए इन्हें निन्दन की सजा आरोप वर्ष के लिए एवं दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय सक्षम प्राधिकार द्वारा लिया गया तथा विभागीय पत्रांक11385 (एस) डब्लू0ई0 दिनांक 13 अक्तूबर 2009 एवं विभागीय पत्रांक 13481 (एस) डब्लू0ई0, दिनांक 23 नवम्बर 2009 द्वारा निर्णित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई एवं विभागीय पत्रांक 6386 (एस) डब्लू0ई0, दिनांक 3 मई 2010, पत्रांक-7483 (एस), दिनांक 20 मई 2010 और पत्रांक-8035 (एस) डब्लू0ई0, दिनांक 28 मई 2010 द्वारा स्मारित भी किया गया। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1839, दिनांक 7 अक्तूबर 2010 द्वारा श्री मुन्नु, सहायक अभियंता (निलंबित) को दो वार्षिक वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड दिया जाना पर्याप्त माना गया है।8 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 4. इसी क्रम में विभागीय पत्रांक 17291 (एस), दिनांक 20 दिसम्बर 2010 द्वारा श्री मुन्नु, निलंबित सहायक अभियंता से इनके निलंबन अवधि के विनियमन हेतु इनसे कारण पृच्छा की मांग की गयी तथा इनसे प्राप्त कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 10 जनवरी 2011 के समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके विरूद्ध आरोप प्रमाणित हैं। अतः पूरे प्रकरण पर सम्यक्‌ विचारोपरांत तथा सरकार के निर्णयानुसार श्री मुन्नु, सहायक अभियंता (निलंबित) को निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-

(i) इनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है।

(ii) इनकी निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नही होगा, किन्तु इस निलंबन अवधि को पेंशन प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य पर बिताई गयी अवधि मानी जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।

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8 मार्च 2011

सं0 निग/सारा-आरोप-84/09-2753(एस)—श्री सरफराज खाँ, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल दरभंगा, सम्प्रति निलंबित, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का कार्यालय को पथ प्रमंडल दरभंगा के पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता के लिए पथ निर्माण विभाग की अधिसूचना संख्या-12533 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-12534 (एस), दिनांक 9 नवम्बर 2009 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरूद्ध गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' पर विभागीय पत्रांक 13347 (एस) डब्लू0ई0, दिनांक 19 नवम्बर 2009 द्वारा इनसे बचाव वयान की मांग की गई। श्री खाँ द्वारा समर्पित बचाव वयान दिनांक 8 मार्च 2010 के समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7686 (एस) डब्लू ई0, दिनांक 24 मई 2010 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।

2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 741 अनु0, दिनांक 29 सितम्बर 2010 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में इनके विरुद्ध तीनों ही आरोपों को प्रमाणित पाया गया। तद्‌आलोक में विभागीय पत्रांक 14677 (एस) डब्लू0 ई0, दिनांक 19 अक्तूबर 2010 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई।

3. श्री खाँ, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 27 अक्तूबर 2010 के समीक्षोपरांत पाया गया कि मौखिक आदेश एवं गलत मंशा से किये गये कार्यों का After thought बहाना बनाकर औचित्यपूर्ण बताने का प्रयास किया गया है।

4. अतएव पूरे प्रकरण पर सम्यक्‌ विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार श्री सरफराज खाँ, सहायक अभियंता को विभागीय अधिसूचना संख्या 16830 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक 16831 (एस) दिनांक 16 दिसम्बर 2010 द्वारा तत्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न निर्णय लिया गया :-

(i) इन्हें आरोप वर्ष 2004-2005 के लिए निन्दन की सजा दी गयी।

(ii) इनकी एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकी गई।

(iii) निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में संगत प्रावधानों के अनुसार इनसे कारण पृच्छा कर निर्णय लिया गया।

(iv) निलंबन से मुक्ति के उपरांत श्री खाँ, सहायक अभियंता अपना योगदान अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना कार्यालय में समर्पित करेंगे। 5. विभागीय पत्रांक-16832 (एस), दिनांक 16 दिसम्बर 2010 द्वारा श्री खाँ, सहायक अभियंता से इनके निलंबन अवधि के विनियमन हेतु कारण पृच्छा मांगी गई। श्री खाँ द्वारा समर्पित कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 23 दिसम्बर 2010 के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार इनके निलंबन अवधि के लिए मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान करने का आदेश दिया जाता है, किंतु इस अवधि को अन्य प्रयोजनार्थ कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि मानी जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 30 मार्च 2011 सं0 निग/सारा-रा0उ0प0 (द0बि0)-19/2011-3851 (एस)—श्री नारायण भारती, सहायक अभियंता (अनुश्रवण), राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी-ऑन-सोन को पथ निर्माण विभाग के आदेश के बिना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने तथा बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के बी0 एन0 मण्डल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में कार्य के प्रभार को स्वीकार करने जैसे आरोपों9 (cid:18)बहार गजट, 20 अ(cid:25)ील 2011 के लिए श्री भारती को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है। 4. इनके विरुद्ध अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव।

———— अधीKक, सSचवालय मुgणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा (cid:25)का(cid:26)शत एवं मुPgत। (cid:18)बहार गजट, 05—571+50-डी0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 20 April 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2011-04-20.16/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2011-04-20.16.