िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 14141414 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1933193319331933 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 111179797979) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 4444 मईमईमईमई 2020202011111111 सं0 11/आ॰नी॰III-05/2011सा॰—1143 सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 20 अप्रील 2011 विषय :-उच्च जातियों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन/भत्तें एवं सेवा शर्तें आदि का निर्धारण ।
सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प संख्या 314, दिनांक 31 जनवरी 2011 द्वारा उच्च जातियों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना का गठन किया गया है । इस क्रम में आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन भत्ते एवं अन्य सेवा शर्तों का निर्धारण विचाराधीन था । 2. सम्यक विचारोपरांत राज्य सरकार द्वारा आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के वेतन / भत्ते, सेवा शर्तों आदि का निर्धारण निम्नानुसार करने का निर्णय लिया गया है :-
(i) वेतन एवं भत्ते :- (i) अध्यक्ष ऐसे वेतन एवं भत्ते का हकदार होगा जो वेतन एवं भत्ता अध्यक्ष, बिहार लोक सेवा आयोग को अनुमान्य होगा । (ii) आयोग के अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष, अध्यक्ष के सामान्य कार्यों का निर्वहन करेंगे। (iii) अध्यक्ष से भिन्न उपाध्यक्ष एवं प्रत्येक सदस्य ऐसे वेतन का हकदार होगा जो बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्यों को अनुमान्य होगा ।
(iv) आयोग के गठन संबंधी संकल्प की कंडिका-4(ग) में निहित प्रावधान के आलोक में राज्य सरकार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं किसी सदस्य को पद से हटा सकेगी यदि वह व्यक्ति- (क) अनुन्मोचित दिवालिया हो गया है; (ख) किसी ऐसे अपराध, जो राज्य सरकार की राय में नैतिक भ्रष्टता से सम्बद्ध हो, के कारण सिद्ध दोष ठहराया गया हो तथा कारावास की सजा पा रहा हो ;
(ग) जो विंिक्षप्त हो गया हो तथा किसी सक्षम न्यायालय द्वारा वैसा घोषित किया जा चुका हो ;
(घ) जो कार्य करने से इंकार करता हो या कार्य करने में अक्षम हो गया हो ; (ड.) जो अवकाश की स्वी—ति प्राप्त किये बिना, आयोग की लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहा हो ; या2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 4 मई 2011 (च) राज्य सरकार की राय में, अध्यक्ष या सदस्य की प्रतिष्ठा को इस रीति से कलंकित किया हो जिसके कारण उसके कार्यालय में बने रहने से संबंधित वर्गों या जनहित की क्षति होती हो :
परन्तु कोई भी व्यक्ति इस खंड के अधीन तबतक अपने पद से हटाया नहीं जाएगा, जबतक इस संबंध में सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर उसे नहीं दिया गया हो। (ii) श्रेणी एवं प्रतिष्ठा :- अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की श्रेणी बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना के अध्यक्ष एवं सदस्य के अनुरुप अनुमान्य होगी ।
(iii) सदस्य के रूप में नियुक्ति होने पर मूल सेवा से निवृत्ति।- वैसे सदस्य, जो आयोग में अपनी नियुक्ति की तारीख को केन्द्रीय या राज्य सरकार की सेवा में हाें, उन्हें आयोग के सदस्य के रूप में अपनी नियुक्ति की तारीख के प्रभाव से ऐसी सेवा से निवृत्त माने जाएंगे ।
(iv) छुट्टी।- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष एवं प्रत्येक सदस्य निम्नलिखित रूप से छुट्टी का हकदार होगा :-
(क) बिहार सेवा संहिता (समय-समय पर यथा संशोधित) के अनुसार उपार्जित छुट्टी और परिवर्तित छुट्टी। (ख) बिहार सेवा संहिता (समय-समय पर यथा संशोधित) के अधीन अस्थायी सरकारी सेवकों को यथा अनुमान्य असाधारण छुट्टी ।
(v) पेंशन :- (1) ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य, जो अपनी ऐसी नियुक्ति के समय केन्द्रीय या राज्य सरकार की सेवा में रहे हों, अपनी नियुक्ति की तारीख से छः माह के भीतर या अधिवर्षिता की आयु होने तक, जो भी पहले हो, अपने विकल्प का प्रयोग कर जिस सेवा में वे थे, उस सेवा पर लागू नियमों के अनुसार अपनी पेंशन और सेवानिवृत्ति प्रसुविधाएँ प्राप्त करने के हकदार होंगे, जो, यथास्थिति, अध्यक्ष या सदस्य के रूप में उनकी नियुक्ति की तारीख से प्रभावी होगी, परन्तु ऐसी दशा में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में उनकी नियुक्ति की तारीख से प्रभावी होगी, परन्तु ऐसी दशा में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में उनके वेतन में से सकल पेंशन की समतुल्य राशि को, जिसमें पेंशन का कोई भाग जो रूपांतरित हुआ हो और अन्य सेवा निवृत्ति प्रसुविधाओं की समतुल्य पेंशन भी शामिल है, घटा दिया जाएगा तथा वे अपनी पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति प्रसुविधाएँ पृथकतः प्राप्त करने के हकदार होंगे । (2) अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य, जो अपनी ऐसी नियुक्ति के समय केन्द्रीय या राज्य सरकार की सेवा में रहे हों, यदि वे उपर्युक्त उप कंडिका में विनिर्दिष्ट विकल्प का प्रयोग नहीं करते हों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में उनकी सेवा की गणना, ऐसी नियुक्ति के तुरन्त पहले या जिस सेवा में रहे हों उस सेवा पर लागू नियमों के अधीन, पेंशन और सेवानिवृत्ति प्रसुविधाओं के लिए की जाएगी । (3) ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य को कोई पेंशन देय नहीं होगी, जो अध्यक्ष या सदस्य के रूप में पदग्रहण करने के तुरंत पहले केन्द्रीय या राज्य सरकार की किसी सेवा में नहीं रहा हो ।
(vi) भविष्य निधि :- (1) ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य, जो आयोग में अपनी नियुक्ति की तारीख को केन्द्रीय या राज्य सरकार की सेवा में रहे हाें, और जिन्हें सामान्य भविष्य निधि या अंशदायी भविष्य निधि की प्रसुविधाएँ मिली हुई थी, वे उस निधि में उस तारीख तक अंशदान जारी रख सकेंगे, जिस तारीख को वे अपनी मूल सेवा में लागू नियमों के अनुसार सेवानिवृत्त नहीं हो जाते । अंशदायी भविष्य निधि की दशा में, उस निधि में देय नियोजक का अंशदान आयोग मेंं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य की नियुक्ति की तारीख से, उन परिलब्धियों के आधार पर आयोग द्वारा देय होगा, जो वे नियुक्ति के तुरंत पहले धारित पद पर प्राप्त कर सकते । इस के अधीन अपने विकल्प का प्रयोग करने वाले सदस्य अपनी नियुक्ति के छः माह के भीतर राज्य सरकार को लिखित रूप में अपना विकल्प संसूचित करेंगे और इस प्रकार प्रयुक्त विकल्प अंतिम होगा । (2) ऐसे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या कोई सदस्य जो अपनी नियुक्ति के समय - (i) केन्द्रीय या राज्य सरकार की सेवा में रहे हाें, और जिन्होंने ऐसी नियुक्ति के पूर्व जिस सेवा में वे थे, उस पर लागू नियमों के अधीन अपनी पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति प्रसुविधाएँ प्राप्त करने के लिए विकल्प दिये हो, अथवा ; (ii) केन्द्रीय या राज्य सरकार के किसी स्थानीय निकाय अथवा सरकार द्वारा पूर्णतः या सारतः स्वामित्व वाले नियंत्रित अन्य प्राधिकार की अधीनस्थ सेवा से निवृत्त हो चुके हों, अथवा ; (iii) केन्द्रीय या राज्य सरकार या किसी निकाय अथवा सरकार द्वारा पूर्णतः या सारतः स्वामित्व वाले किसी अन्य प्राधिकार की सेवा में नहीं रहे हाें; वे अंशदायी भविष्य निधि योजना की प्रसुविधा में सम्मिलित किये जाने के हकदार होंगे और इस प्रयोजनार्थ, अंशदायी भविष्य निधि(भारत) नियमावली, 1962 समय-समय पर यथासंशोधित द्वारा शासित होंगे। (vii) (1) (क) उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के आसीन न्यायाधीश की, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में, नियुक्ति होने की दशा में सेवा-शर्त्तें वहीं होंगी, जो, यथास्थिति, उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय के आसीन न्यायाधीश को अनुमान्य हों, और (ख) उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में, नियुक्ति होने की दशा में सेवा शर्त्तें वही होंगी, जो समय-समय पर यथासंशोधित जाँच आयोग/समिति में नियुक्त होने पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के वेतन-निर्धारण एवं अन्य शर्त्तों से संबंधित सरकारी अनुदेशों के अधीन3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 4 मई 2011 अनुमान्य है। अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या सदस्य होने पर समय-समय पर यथापुनरीक्षित उच्च न्यायालय के आसीन न्यायाधीश की हकदारी के अनुसार सत्कार भत्ता का हकदार होगा। (ग) सत्कार भत्ता।- आसीन/सेवानिवृत्त न्यायाधीश के अध्यक्ष या उपाध्यक्ष या सदस्य होने पर, समय-समय पर यथापुनरीक्षित उच्च न्यायालय के आसीन न्यायाधीश की हकदारी के अनुसार सत्कार भत्ता के हकदार होंगे। (2) सदस्यों की जिन सेवा-शर्त्तों के अलग स्पष्ट उपबंध नहीं किये गये हों, वे वही होगीं जो, समय-समय पर, बिहार लोक सेवा आयोग के सदस्यों के निमित्त लागू होंगी।
(viii) वाहन सुविधा।- आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण के लिए वातानुकूलित (ए॰सी॰) कार बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा निर्धारित 1150 रु. (ग्यारह सौ पचास रुपये) प्रतिदिन प्रतिवाहन की दर से किराये पर अनुमान्य होगा ।
(ix) दूरभाष सुविधा :- आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के लिए मोबाइल कूपन हेतु प्रतिमाह 1500 रु0 तथा वर्ष में अधिकतम कुल 18000 रु. अनुमान्य होगा । आयोग के सदस्यों को बेसिक दूरभाष सुविधा अनुमान्य होगा ।
(x) समाचार पत्र एवं पत्रिका ः- आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को समाचार पत्र एवं पत्रिकाओं पर व्यय हेतु प्रतिमाह अधिकतम रु. 800 अनुमान्य होगा । आदेश :-आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति महालेखाकार, बिहार, पटना/राज्यपाल सचिवालय/मुख्यमंत्री सचिवालय/बिहार विधान-सभा/बिहार विधान परिषद/बिहार लोक सेवा आयोग/कर्मचारी चयन आयोग/पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग/ पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग/अति पिछड़ वर्गों के लिए राज्य आयोग/राज्य महादलित आयोग/उच्च जातियों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना/सभी विभाग/सभी विभागाध्यक्ष/सभी प्रमण्डलीय आयुक्त/सभी जिला पदाधिकारी को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिये भेजी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सरयुग प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव ।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 179-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in