(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 6666 (cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)येंठंठंठंठ 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 222232323232) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, शुबशुबशुबशुबवारवारवारवार,,,, 22227777 मईमईमईमई 2020202011111111 सं0 3नि0गो0 (10)10/09i0ik0—206 नि0गो0
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
¼i'kqikyu½
&&&&&
संकल्प
12 मई 2011
डा0 रामाशीष सिंह, तदेन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, गुमला/ भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, कुआड़ी, अररिया, (सम्प्रति निलंबित), जिनकी जन्म तिथि 10 नवम्बर 1951, सरकारी सेवा में नियुक्ति की तिथि 06 अप्रील 1978 एवं संभावित सेवानिवृति की तिथि 30 नवम्बर 2011 है, को अवैध रूप से सरकारी राशि की निकासी (वित्तीय अनियमितता ) करने अथवा उसमें सहयोग करने के आरोप में विभाग द्वारा दिनांक 21 दिसम्बर 1998 से निलंबित किया गया था।
सी0बी0आई0 द्वारा चारा घोटाला, जिसमें बहुत बड़े पैमाने पर अनियमितता एवं अवैध निकासी की वित्तीय अनियमितता हुई है, की जॉंच के उपरांत अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के विरूद्ध अनेक आपराधिक कांड दर्ज कराए गए हैं। इसी क्रम में सी0बी0आई0 द्वारा डा0 रामाशीष सिंह के विरुद्ध भी दो आपराधिक कांड संख्या आर0सी047(ए)/96 एवं आर0सी057(ए)/96 दर्ज कराए गए हैं।
उपरोक्त आपराधिक कांडों में से कांड संख्या आर0 सी0 57(ए)/96 का निष्पादन सी0बी0आई0 (ए0एच0डी0 स्कैम केसेज) न्यायालय, रॉंची के पारित न्यायादेश द्वारा किया गया है। शेष आपराधिक काण्ड अभी भी न्यायालय के निर्णय हेतु लंबित है।
आपराधिक काण्ड संख्या आर0सी057(ए)/96 में माननीय विशेष न्यायाधीश- v, सी0बी0आई0 (ए0एच0डी0 स्कैम 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 27 मई 2011 प्रमाणित आरोपों के आलोक में डा0 सिंह को कुल 27 वर्षों का सश्रम कारावास तथा 5,00,000 (पांच लाख) रुपये का अर्थदण्ड तथा दण्ड की सजा दी गयी है। उक्त न्यायादेश के आलोक में डा0 सिंह से उनको भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(ए) के प्रावधानों के तहत सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का अनुशासनिक दण्ड दिए जाने के सरकार के प्रस्ताव पर कारणपृच्छा की गयी। अपने कारणपृच्छा के उत्तर में डा0 सिंह द्वारा उल्लेख किया गया है कि सी0बी0आई0 न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड, रॉंची में अपील दायर की गयी है, अतः अग्रेतर कोई कार्रवाई नहीं की जाय। डा0 सिंह द्वारा समर्पित कारणपृच्छा की उत्तर की समीक्षा सरकार द्वारा की गयी। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Dy. Director, collegiate education V/s Nagoor Merra (1995) 3 Sec377 में दिए गए आदेश के अनुसार अपील दायर कर देने मात्रा से बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं रोका जा सकता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस अभिमत के आलोक में डा0 सिंह के कारणपृच्छा के उत्तर को अस्वीकृत करते हुए राज्य सरकार ने डा0 रामाशीष सिंह, तदेन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, गुमला/ भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, कुआड़ी, अररिया को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(A) तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (X) एवं 20 (1) के प्रावधानों के तहत तात्कालिक प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। इसमें बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। तद्नुसार डा0 रामाशीष सिंह, तदेन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, गुमला/ भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, कुआड़ी, अररिया को इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि के प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जाता है।
इस संकल्प के निर्गत होने की तिथि से डा0 सिंह का इस विभाग में ग्रहणाधिकार नहीं रहेगा। यह भी निर्णय लिया जाता है कि निलंबन की तिथि 21 दिसम्बर 1998 से लेकर बर्खास्त किये जाने की तिथि की अवधि के लिए डा0 सिंह को निलम्बन भत्ता के अलावे अन्य किसी प्रकार का वेतन/ अन्य भत्ते का भुगतान नहीं किया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जय नारायण सिंह,
सरकार के विशेष सचिव।
————
अधी0क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 232-571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in