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भारत सरकार कृषि मंत्रालय कृषि एवं सहकारिता विभाग, नई दिल्ली के पत्रांक 13011/01/2008 क्रेडिट II, दिनांक 3 मार्च 2010 तथा इस क्रम में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के अनुश्रवण हेतु गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की दिनांक 20 अप्रील 2010 को आयोजित बैठक में लिये गये निर्णय एवं एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰, पटना के पत्रांक 372, दिनांक 10 जून 2010 एवं आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰) के पत्रांक 0672519/07 दिनांक 1 जून 2010 के आलोक में राज्य सरकार ने मौसम आधारित फसल बीमा योजना राज्य के निम्नांकित जिला/ अंचलों में पायलट योजना के रूप में खरीफ 2010 मौसम में लागू करने का निर्णय लिया है -
| क्रमक्रमक्रमक्रम | चयनित फसल का नाम | चयनित जिला का नाम | क्षेत्रक्षेत्रक्षेत्रक्षेत्र |
| 1. | अगहनी-धान एवं भदई-मकई | पटना, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद, रोहतास, गया एवं कैमूर | सम्पूर्ण जिला। अंचल के साथ मौसम केन्द्र की सूची संलग्न है। |
नोट - उपर्युक्त जिलों में बीमा कंपनियाँ बीमा कार्य निम्न रूप से कर सकेंगी-
| क्रमक्रमक्रमक्रम | बीमा हेतु चयनित फसलें | बीमा हेतु आवंटित जिलें | बीमा कंपनी का नाम |
| 1. | अगहनी धान एवं भदई मकई | पटना, नवादा, रोहतास एवं कैमूर। (ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों हेतु) | एग्रीकल्चर इंष्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लि॰, पटना। |
| 2. | अगहनी धान एवं भदई मकई | गया, नालंदा एवं औरंगाबाद (ऋणी एवं गैर ऋणी कृषकों हेतु) | आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰), पटना। |
2. इस योजना का कार्यान्वयन भारत सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशिका में अंकित विहित शर्तों के तहत किया जाएगा। उक्त योजना की निम्नांकित शर्तें उल्लेखनीय है -
(i) धान तथा मक्का दोनों फसलों हेतु बीमित राषि 20,000 (बीस हजार) रुपये प्रति हेक्टेयर होगी।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 6 जून 2011 (ii) इस योजना के लिए चयनित दोनों फसलों हेतु प्रीमियम की दर बीमित राषि की 10 प्रतिशत होगी। प्रीमियम राषि पर 10.30 प्रतिशत की दर से सेवा कर देय होगा।
(iii) उक्त प्रीमियम दर में 2॰5 प्रतिशत प्रीमियम की राशि तथा उक्त राषि पर सेवा कर 10.30% की दर से संबंधित कृषक द्वारा वहन किया जाएगा । प्रीमियम की अवशेष राशि अनुदान के रूप में 50ः50 के अनुपात में सेवा कर के साथ केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।
(iv) बीमित राशि एवं मौसम संबंधी आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति की राशि की गणना एवं भुगतान पूर्णतः एग्रीकल्चर इंश्योेरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि॰, पटना तथा आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰), पटना द्वारा किया जाएगा।
(v) इस योजना के कार्यान्वयन के फलस्वरूप योजना के लिए चयनित जिलों/अंचलों में उक्त फसलों हेतु ऋणी कृषकों के लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का कार्यान्वयन स्थगित रहेगा । (vi) ऋणी कृषकों हेतु यह योजना अनिवार्य है जबकि गैर ऋणी कृषकों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है। गैर ऋणी कृषक राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना या पायलट मौसम आधारित फसल बीमा योजना में से किसी एक योजना का चयन कर सकते हैं। इस योजना के तहत ऋणी कृषक से आशय उन कृषकों से है जिनका बैंकों द्वारा साख सीमा 31 जुलाई 2010 तक स्वीकृत कर दिया जाता है।
चूूंकि खरीफ मौसम हेतु ऋण प्राप्त करने की अवधि 30 सितम्बर 2010 तक है तथा इस योजना में बीमा कराने की अवधि 31 जुलाई 2010 तक ही सीमित है, अतः इस तरह के मामले में बीमा कराने के इच्छुक कृषक, जो अन्यथा फसल ऋण प्राप्त करने के योग्य हों, से संलग्न प्रपत्र में सहमति प्राप्त कर उन्हें योजना के तहत चयनित फसलों के लिए बीमित किया जा सकेगा, तथा उक्त आधार पर प्रीमियम की राषि की कटौती कर बैंक द्वारा निर्धारित तिथि तक बीमा कंपनी को प्रेषित किया जायेगा।
(vii) ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा 31 जुलाई 2010 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। एतद संबंधी घोषणा पत्र प्रीमियम की राशि के साथ बैंकों द्वारा बीमा कम्पनी को 31 अगस्त 2010 तक निश्चित रूप से प्राप्त करा दी जाएगी ।
(viii) गैर-ऋणी कृषक अगहनी धान फसल का बीमा दिनांक 5 जुलाई 2010 तक तथा भदई-मकई फसल का बीमा दिनांक 30 जून 2010 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक/क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक/वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं के माध्यम से करा सकेंगे। बीमा से संबंधित घोषणा पत्र एवं प्रीमियम की राषि आदि धान फसल हेतु दिनांक 20 जुलाई 2010 तथा भदई-मकई फसल हेतु दिनांक 15 जुलाई 2010 तक निश्चित रूप से बीमा कम्पनी को प्राप्त करा देना है। इसके अतिरिक्त इंष्योरेन्स इंटरमीडियरिज एवं बीमा कंपनी द्वारा प्राधिकृत प्रतिनिधि भी गैर-ऋणी कृषकों का बीमा निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत कर सकेंगे। (IX) बीमित फसलों के लिए जोखिम निम्न प्रकार होगी :- बीमित फसलों के लिए जोखिम निम्न प्रकार होगी :- बीमित फसलों के लिए जोखिम निम्न प्रकार होगी :- बीमित फसलों के लिए जोखिम निम्न प्रकार होगी :- (क)(क)(क)(क) अनावृष्टि अनावृष्टि अनावृष्टि अनावृष्टि ;;;; (ख) अतिवृष्टि (ख) अतिवृष्टि (ख) अतिवृष्टि (ख) अतिवृष्टि ;;;; (ग) असामान्य वर्षापात(ग) असामान्य वर्षापात(ग) असामान्य वर्षापात(ग) असामान्य वर्षापात ।।।।
इस योजना के तहत उपर्युक्त कारणों से बीमित फसलों की क्षति होने पर कृषकों को क्षतिपूर्ति भुगतान करने का प्रावधान है। इसके लिए जोखिम, जोखिम की अवधि, देय क्षतिपूर्ति की गणना आदि की जानकारी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि., पटना एवं आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰), पटना द्वारा तैयार की गयी सारिणी (अनुलग्नक -1) के आधार पर किया जाएगा ।
(x) बैंकों द्वारा कुल जमा की गयी प्रीमियम की राशि का (सेवा कर की राषि को छोड़कर) 5 प्रतिशत बैंक सेवा-शुल्क के रूप में सम्बंधित बैंकों को बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जायेगा।
3. इस योजना का कार्यान्वयन एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि॰, पटना एवं आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰), पटना के माध्यम से किया जा सकेगा, साथ ही योजना के कार्यान्वयन के संबंध में बीमा कम्पनी समय समय पर राज्य सरकार के परामर्श से स्पष्टीकरण निर्गत कर सकेगी ।
4. बीमा कंपनियाँ प्रत्येक दिन का न्यूनतम एवं अधिकतम तापमान, वर्षापात आदि के आंकडे अपने वेबसाईट पर उपलब्ध करायेंगी तथा इसका प्रचार-प्रसार भी बीमा कंपनियाँ करेंगी। प्रत्येक पन्द्रह दिन पर एतद् संबंधी आंकड़े बीमा कंपनियाँ ई-मेल के माध्यम से जिलाधिकारी, कृषि विभाग, बिहार, पटना एवं सहकारिता विभाग को उपलब्ध करायेंगी।
5. आई॰सी॰आई॰सी॰आई॰ लॉम्बार्ड (जी॰आई॰), पटना प्रीमियम अनुदान की राषि, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लि॰ के माध्यम से प्राप्त करेगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 6 जून 2011 6. इस योजना में प्रीमियम अनुदान के रूप में राज्य सरकार केे हिस्से के भुगतान हेतु स्वीकृत्यादेश अलग से निर्गत किया जायेगा ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, लियान कुंगा, सरकार के विषेष सचिव ।
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अधी/क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु5ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 265-571+50-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।