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सं॰ वन पर्या॰-(1) 11/1999-234(E)/प॰व॰—अधिसूचना का निम्नलिखित प्रारूप जो राज्य सरकार, भारत सरकार, पर्यावरण और वन मंत्रालय (पर्यावरण, वन और वन्य जीव विभाग) द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) नियम, 1986 के नियम 4 के साथ पठित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 23 के अधीन जारी उसकी अधिसूचना संख्या एस॰ओ॰ 152(3), दिनांक 10 फरवरी 1988 द्वारा राज्य सरकार को प्रत्यायोजित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का केन्द्रीय अधिनियम संख्या 29) की धारा 5 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में जारी करना प्रस्तावित करती है, उससे संभाव्यतः प्रभावित होने वाले समस्त व्यक्तियों की सूचना के लिए इसके द्वारा प्रकाषित किया जाता है और इसके द्वारा सूचना दी जाती है कि राजपत्र में इस अधिसूचना के प्रकाषन की तारीख से 60 (साठ) दिवस की कालावधि के अवसान के पश्चात् राज्य सरकार द्वारा उक्त प्रारूप पर विचार किया जायेगा। इस प्रारूप अधिसूचना के संबंध में आक्षेप या सुझाव अध्यक्ष, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, बिहार, पटना को सम्बोधित किये जायें।
ऐसे आक्षेप या सुझाव पर, जो उक्त प्रारूप अधिसूचना के संबंध में इस प्रकार विनिर्दिष्ट कालावधि के अवसान के पूर्व किसी व्यक्ति से प्राप्त हों, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद्, द्वारा विचार किया जायेगा। प्राप्त आक्षेेप या सुझावों पर प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् अपने मंतव्य के साथ राज्य सरकार को समर्पित करेगा।
प्रारूप अधिसूचनाप्रारूप अधिसूचनाप्रारूप अधिसूचनाप्रारूप अधिसूचना
भारत के संविधान का अनुच्छेद 48 (क) अन्य बातों के साथ परिकल्पित करता है कि राज्य, पर्यावरण के संरक्षण और सुधार के लिए प्रयास करेगा।
प्लास्टिक कैरी बैग अल्पकालिक और दीर्घकालिक पर्यावरणीय नुकसान और स्वास्थ्य परिसंकट उत्पन्न करते हैं। यह देखा गया है कि प्लास्टिक कैरी बैग गटर, मलनालियों और नालियों को भी निरूद्ध करते हैं, परिणामस्वरूप गंभीर पर्यावरणीय समस्यांए पैदा होती है। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 7 जून 2011 अतः अब भारत सरकार, पर्यावरण और वन मंत्रालय (पर्यावरण वन और वन्य जीव विभाग) द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 23 के अधीन जारी उसकी अधिसूचना संख्या एस॰ओ॰ 152(ई) दिनांक 10 फरवरी 1988 द्वारा राज्य सरकार को प्रत्यायोजित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का केन्द्रीय अधिनियम संख्या 29) की धारा 5 द्वारा प्रदा शक्तियों के प्रयोग में राज्य सरकार इसके द्वारा निदेष देती है कि :-
कोई व्यक्ति जिसमें कोई दुकानदार, विक्रेता, थोक विक्रेता, फुटकर विक्रेता, व्यापारी, फेरी लगाने वाला या रेड़ी वाला सम्मिलित है, माल के प्रदाय के लिए प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग नहीं करेगा और यह और निदेष देती है कि कोई व्यक्ति राजपत्र में निर्गत होने की तिथि बिहार राज्य में प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण, भंडारण, आयात, विक्रय या परिवहन नहीं करेगा। स्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरण :- इस अधिसूचना के प्रयोजन के लिए प्लास्टिक कैरी बैग का अर्थ होगा वे सभी प्लास्टिक बैग जो वस्तुओं को ले जाने के लिए जिनमें स्वतः वहन करने की विषिष्टताएं सम्मिलित हैं।
2222.... विहित प्राधिकारीविहित प्राधिकारीविहित प्राधिकारीविहित प्राधिकारी—बिहार राज्य सरकार इसके द्वारा यह और निर्देष देती है कि निम्नलिखित पदाधिकारी इन निर्देषों को कार्यान्वित करेंगे और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों के अन्तर्गत् परिवाद दायर करेंगें।
(क) राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के सदस्य सचिव - सम्पूर्ण बिहार राज्य में। (ख) जिला कलक्टर- अपने कार्य क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर। (ग) अनुमंडल पदाधिकारी-अनुमंडलीय कार्य क्षेत्र में नगर निगम/नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर। (घ) मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नगर निगम/नगर पालिका अपने कार्य क्षेत्र में।
3333.... स्वतः विनियमनस्वतः विनियमनस्वतः विनियमनस्वतः विनियमन
(क) उपरोक्त उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्लास्टिक उद्योग संघ अपनी सदस्य इकाइयों के माध्यम से स्वतः विनियमन उपायों के लिए वचनबद्ध होगा।
(ख) धार्मिक पूजा स्थलों, स्वास्थ्य देखभाल केन्द्रों, होटलों/रेस्तरां, निरीक्षण संस्थानों तथा अन्य सम्बन्धित एजेन्सियां कैरी बैगोें के प्रयोग पर प्रतिबन्ध का दृढ़ता से कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगी। (ग) नगर निगम तथा अन्य सम्बन्धित अभिकरण, प्लास्टिक कैरी बैगों के प्रभावों तथा सार्वजनिक स्थलाें पर बिखेरना जिससे पर्यावरण तथा मानव के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा इन नियमों के दण्डित उपबन्धों का सिनेमा प्रदर्षन, स्लाइडस, इल्क्ट्रोनिक/प्रिंट मीडिया इत्यादि के माध्यम से विस्तृत प्रचार सृजित करने के लिए आवष्यक उपाय सुनिश्चित करेंगे।
4444.... दण्डात्मक प्रावधानदण्डात्मक प्रावधानदण्डात्मक प्रावधानदण्डात्मक प्रावधान—निम्नलिखित शास्तियां विहित प्राधिकारी द्वारा उद्गृहित की जाएंगी :-
(क) विनिर्माण ईकाइयां जो इन निर्देषों का उल्लंघन करते पाई जाती है, ऐसे जुर्माने से दण्डित होंगी जो 25000 रुपये तक की सीमा तक होगा तथा जो द्वितीय अपराध के लिए 50,000 रुपए तक बढ़ाया जा सकता है तथा पश्चात्वर्ती अपराध के लिए इकाई की अनुज्ञप्ति/सहमति विनिर्माण केे लिए प्रयुक्त मशीनरी/सामग्री को जब्त करने के अतिरिक्त रद्द कर दी जाएगी।
(ख) इन निर्देषों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने वाले व्यक्ति/ परचूनियों, विक्रेताओं तथा अन्य स्थापनाओं को ऐसे जुर्माने से दण्डित किया जाएगा जो 2500 रुपये तक की सीमा तक होगा तथा जो द्वितीय अपराध के लिए 5000 रुपए तक बढ़ाया जा सकता है तथा पश्चात्वर्ती अपराध के लिए उल्लंघनकर्ता की व्यापार अनुज्ञप्ति नगरपालिका प्राधिकरण द्वारा सम्बन्धित नगरपालिका विधि तथा दुकानात तथा स्थापना अधिनियम की अधीन रद्द कर दी जाएगी। 5555.... अपीलीय प्राधिकारअपीलीय प्राधिकारअपीलीय प्राधिकारअपीलीय प्राधिकार—उपरोक्त अपराधों के अन्तर्गत शास्ति प्राप्त व्यक्ति/इकाई/स्थापना इसके विरुद्ध अपील दायर कर सकेगा। राज्य सरकार के द्वारा इस कार्य हेतु प्रमंडलीय आयुक्त को अपने अधिकार क्षेत्र में अपीलीय प्राधिकार घोषित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामावतार राम, सरकार के विशेष सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 274-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।