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उद्योग विभाग
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संकल्प
28 मार्च 2011
विषयः-औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, बिहार 2006 की कंडिका 1.2(vii) रणनीति (Strategy) के अन्तर्गत भूमि बैंक योजनान्तर्गत निर्मित होने वाले कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड का वास्तविक आकार, इस राशि से भूमि का अधिग्रहण एवं निष्पादन की प्रक्रिया, राशि के नियंत्रण एवं प्रशासन के लिए स्थाई दिशा निदेश।
औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2006 की कंडिका 1.2(vii) के अन्तर्गत औद्योगिक एवं विकास योजनाओं की भूमि की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एक भूमि बैंक की स्थापना का संकल्प लिया गया है। इस भूमि बैंक के माध्यम से राज्य में विभिन्न औद्योगिक एवं विकास कार्यो हेतु भूमि उपलब्ध कराई जानी है।
2. बिहार आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी अधिनियम, 2006 चैप्टर-2 धारा-10(xxxi) के अन्तर्गत आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार को औद्योगिक क्षेत्र विकास हेतु सरकार के निदेशों के अन्तर्गत भूमि अर्जन करने, भूमि का आवंटन करने, भूमि के आवंटन को रद्द करने की शक्ति प्रदान की गई है। इसी अधिनियम की धारा-11(vii) के अन्तर्गत प्राधिकार को उद्योगों के विस्तार तथा अन्य विकासात्मक कार्यो के लिए भूमि का आवंटन करने, आवंटन को रद्द करने तथा संबंधित भूमि पर किसी प्रकार के अतिक्रमण को हटाये जाने की शक्ति प्राप्त है। उक्त अधिनियम के चैप्टर-7 विविध धारा-49(1) के अन्तर्गत आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार को कुशल(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 28 जुलाई 2011 2 प्रशासन एवं अधिनियम के कारगर कार्यान्वयन के निमित्त सरकार द्वारा समय-समय पर निर्मित नीतियों एवं दिशा-निदेशों के अन्तर्गत उक्त अधिनियम में दिये गये अधिकारों का उपयोग एवं कार्यो का कार्यान्वयन करना है। 3. उपर्युक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भूमि बैंक योजनान्तर्गत निर्मित होने वाले कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड का वास्तविक आकार, इस राशि से भूमि का अधिग्रहण एवं निष्पादन की प्रक्रिया, राशि के नियंत्रण एवं प्रशासन के लिए स्थाई दिशा निदेश जारी करने की आवश्यकता के मद्देनजर सम्यक विचारोंपरांत निम्न प्रावधान लागू होगीः- (i) औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, बिहार 2006 की कंडिका 1.2(vii) रणनीति (Strategy) के अन्तर्गत भूमि बैंक के लिए रु0 15.00 अरब (पन्द्रह अरब) की अधिसीमा लागत पर कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड की स्थापना की जायेगी।
(ii) भूमि बैंक योजनान्तर्गत निर्मित होने वाला कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के अधीन किन्तु इसके अपने फंड से अलग होगा तथा इसका संधारण प्राधिकार द्वारा गॉधी मैदान, पटना अवस्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में बचत बैंक खाता खोलकर किया जायेगा। इस खाते में संधारित राशि पर उदभूत ब्याज की राशि इस कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड का अभिन्न अंग होगा। इस फंड से भू-अर्जन कार्य हेतु अग्रिम के रूप में विधिवत राशि निर्गत की जायेगी, जो संबंधित अधियाची विभाग/निकाय से वसूलनीय होगी। अधियाची विभाग/निकाय से प्राधिकार इस मद में निहित राशि की 5% (पाँच प्रतिशत) राशि सेवा शुल्क के रूप मेें वसूल करेगा, जो इस कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड का अंग होगा।
(iii) यदि सरकार द्वारा भविष्य में इस कॉरपस/रिभाल्यिंग फंड को समाप्त करने का निर्णय लिया जाता है, तो इस फंड की सम्पूर्ण राशि सरकार के निदेशानुसार एकमुश्त राज्य कोष में जमा कर दिया जायेगा।
(iv) आधारभूत संरचना विकास प्रािधकार इस फंड के द्वारा सरकार के विभागों/निकायों द्वारा विहित रीति से प्राप्त भूमि अर्जन के प्रस्तावों पर भूमि अर्जन की अग्रतेर कार्रवाई करेगा। इस प्रकार की विहित रीति से प्राप्त भूमि अर्जन की अधियाचना को प्राधिकार संबंधित जिला के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को अग्रेतर कार्रवाई हेतु अग्रसारित करेगा तथा भूमि अर्जन अधिनियम 1894 की धारा-4 के अन्तर्गत संबंधित भूमि की अधिसूचना निर्गत हो जाने पर अधिग्रहणाधीन भूमि का अनुमानित मूल्य एवं इस मद में होने वाले अन्य विधि संगत व्यय की राशि संबंधित जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की मांग के आधार पर प्राधिकार नियमानुसार संबंधित जिला को भूमि बैंक मद से अग्रिम के रूप में निर्गत करेगा।
(v) संबंधित जिलों में प्राधिकार द्वारा निर्गत उक्त राशि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में योजनावार बचत बैंक खाता खोल कर संधारित की जाएगी तथा इस राशि पर उद्भुत ब्याज की राशि उक्त योजना राशि का अभिन्न अंग होगी। संबंधित भू-अर्जन पदाधिकारी, अधियाचित भूमि की जयघोष राशि एंव अन्य विधिसंगत व्यय की इस मद में प्राप्त अग्रिम राशि से सामंजित कर अवशेष राशि उदभुत ब्याज की राशि के साथ प्राधिकार को अविलम्ब वापस कर देगे। उसी प्रकार यदि जयघोष एंव भूमि अर्जन पर अन्य विधिसंगत व्यय की राशि अग्रिम राशि से अधिक होती है तो संबंधित अन्तर की राशि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी प्राधिकार से प्राप्त कर जयघोष राशि एंव अन्य विधिसंगत व्यय सामंजित कर इसका लेखा प्राधिकार को अविलम्ब उपलब्ध करायेगें।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 28 जुलाई 2011 (vi) जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संबंधित अर्जित भूमि का विधिसंगत दखल कब्जा प्राप्त कर इसका दखल कब्जा विहित रीति से आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार अथवा इसके निदेश पर सम्बंधित विभाग/निकाय को सौंप देगा। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अर्जित भूमि का पूर्व भू-धारियों की जमाबन्दी रदद् कर नये दखल-कब्जाधारी का नामान्तरण राजस्व अभिलेखों में करना भी सुनिश्चित करेगें।
(vii) अधिग्रहित भूमि पर दखल-कब्जा प्राप्त होने के पश्चात् इस पर होनेवाले किसी विवाद/वाद का सामना संबंधित जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एवं अधियाची विभाग करेगा तथा किसी सक्षम न्यायालय द्वारा जयघोष की राशि में किसी बढ़ोत्तरी अथवा किसी वैधिक व्यय के वहन का दायित्व अधियाची विभाग का होगा।
(viii) कॉरपस की राशि का नियंत्रण एंव संचालन बिहार आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी अधिनियम 2006 के चैप्टर-II, की धारा-4 द्वारा विहित रीति से प्राधिकार के द्वारा किया जाएगा। इस प्राधिकार के समक्ष इस फंड का अंतरिम लेखा प्रत्येक वित्तीय वर्ष की अंतिम आयोजित बैठक में एवं पूर्व वित्तीय वर्ष का अंतिम लेखा चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम बैठक में रखकर इसका अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।
(ix) इस राशि का अंकेक्षण प्राधिकार की समान्य अंकेक्षण की प्रक्रियाओं के अन्तर्गत किया जाएगा। किन्तु इसका हानि लाभ का लेखा, बैलैंस सीट एवं बैंक रिंकासिलियेसन रिपोर्ट अलग से तैयार किया जाएगा जो प्रत्येक वित्तीय वर्ष की उक्त प्राधिकार की अंतिम बैठक में रखा जाएगा। बैठक की कार्यवाही के साथ अंकेक्षण प्रतिवेदन उद्योग विभाग को प्रत्येक वर्ष उपलब्ध कराया जाएगा। (x) लैंड बैंक योजना के कॉरपस/रिवॉल्विंग फंड के अंकेक्षण का अधिकार महालेखाकार, बिहार और वित्त (अंकेक्षण) विभाग का भी होगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्प'ट,
सरकार के विशेष सचिव।
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 369-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।