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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 05 September 2011

Published 05 September 2011

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2011-09-05.492
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों को उच्च प्राथमिकता प्रक्षेत्रों एवं असंबद्ध अनुदान के रूप में दी जाने वाली राशि का वर्ष 2011-12 से 2014-15 के बीच का वर्षवार विवरण निम्नवत्‌ हैः-

3. पंचायती राज संस्थाओं को राज्य के शुद्ध करों के अंतरण से प्राप्त होनेवाली राशि एवं अनुदान :- 3.1 पंचायती राज संस्थानों के विभिन्न स्तरों यथा पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषदों के लिए राशि का वितरण 70ः20ः10 के अनुपात में किया जायेगा । इसके क्षैतिज वितरण (Horizontal Distribution) का आधार निम्नांकित होगाः-2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 िसत+बर 2011 (क) जिला परिषदों को 10 प्रतिशत हिस्से की राशि जिलों की जनसंख्या के आधार पर वितरित की जायेगी। (ख) पंचायत समितियों को 20 प्रतिशत हिस्से की राशि का वितरण 80 प्रतिशत भारांक प्रखण्ड की जनसंख्या तथा 20 प्रतिशत भारांक प्रखण्डों में बी0पी0एल0 परिवारों की संख्या के आधार पर किया जायेगा । (ग) ग्राम पंचायतों को 70 प्रतिशत प्राप्त होनेवाले हिस्से की राशि को बराबर-बराबर सभी पंचायतों को वितरित किया जायेगा ।

3.2 उच्च प्राथमिकता के प्रक्षेत्रों पर व्यय—उच्च प्राथमिकता के निम्नांकित प्रक्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाअेां द्वारा राज्य के कर राजस्व के हिस्से में प्राप्त हुई राशि में से व्यय करना अनिवार्य होगा परन्तु यदि एक प्रक्षेत्र में राशि की बचत होती है तो आवश्यकतानुसार दूसरी प्राथमिकता के प्रक्षेत्रों पर व्यय किया जा सकेगा ।

(i) पेय जल—इस मद में व्यय हेतु 50.80 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराए जायेगें । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 के बीच कुल 203.20 करोड़ रुपया व्यय करने हेतु उपलब्ध कराया जायेगा ।

(ii) रोड एवं जल-मल निकास (Drainage)—गांव के कच्चे सड़कों की ब्रीक सोलिंग एवं नाला निर्माण के लिए वर्ष 2011-12 से प्रत्येक वर्ष 194.60 करोड़ रूपये उपलब्ध कराये जायेंगे । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 के बीच कुल 778.40 करोड़ रूपये व्यय हेतु उपलब्ध कराये जायेंगे ।

(iii) स्वच्छता व्यवस्था—सड़कों, नालों, पोखरों, कुओं आदि की सफाई तथा मृत जानवरों एवं लावारिस लाशों के निष्पादन हेतु वर्ष 2011-12 से प्रत्येक वर्ष 11.43 करोड़ रुपये व्यय हेतु उपलब्ध कराये जायेंगे । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 तक कुल 45.72 करोड़ रुपया व्यय हेतु उपलब्ध कराये जायेगें ।

(iv) पुस्तकालय—पंचायत स्तर पर पुस्तकालय को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिवर्ष 10.16 करोड़ रुपये की राशि व्यय हेतु उपलब्ध करायी जायेगी । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 तक कुल 40.64 करोड़ रुपये व्यय हेतु उपलब्ध कराये जायेंगे ।

(v) सड़काें के लिए रोशनी—ग्रामीण सड़कों पर सौर ऊर्जा लगाने के लिए वर्ष 2011-12 से प्रतिवर्ष 51.00 करोड़ रुपये की राशि व्यय हेतु उपलब्ध करायी जायेगी । इस तरह वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक कुल 204.00 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे । उपर्युक्त मदवार व्यय का सारांश निम्नांकित है :-

क्रम संख्या अनुशंसित योजनायें वार्षिक व्यय 2011-12 से 2014-15 तक कुल अनुमानित व्यय
1 पेय जल (Drinking Water) 50.80 203.20
2 ब्रिक सोलिंग एवं नाला निर्माण Brick Soling & Drains 194.60 778.40
3 स्वच्छता (Sanitation) 11.43 45.72
4 पुस्तकालय (Libraries) 10.16 40.64
5 (Street सड़कों के लिए रोशनी lighting) 51.00 204.00

3.3 राज्य करों के हिस्से में प्राप्त शुद्ध राशि से उपरोक्त वर्णित प्राथमिकता के प्रक्षेत्रों में किए गए व्ययों के अतिरिक्त बची हुई राशि से पंचायती राज संस्थानों के अन्तर्गत जिला परिषद्‌ के कर्मियों के वेतनादि एवं सेवान्त लाभ का भुगतान कर सकते हैं। वेतन एवं सेवान्त लाभ में राशि का व्यय सृजित पदों के विरुद्ध कार्यरत एवं सेवानिवृत कर्मियों के लिए ही किया जा सकेगा। नये पदों के सृजन के पूर्व वित्त विभाग की सहमति आवश्यक होगी।

3.4 राज्य के शुद्ध कर राजस्व से प्राप्त हुई राशि में से प्राथमिकता प्रक्षेत्रों, वेतन एवं सेवान्त लाभ देय के उपरान्त बची हुई राशि का व्यय पंचायती राज संस्थानों द्वारा अन्य विकास कार्योें के लिए किया जाएगा ।

3.5 पंचायती राज संस्थाओं को असंबद्ध अनुदान—पंचायती राज के अन्तर्गत 38 जिला परिषदों, 531 पंचायत समितियों एवं 8463 पंचायतों को असंबद्ध अनुदान के रूप में प्रति संस्था क्रमशः 15 लाख रुपये, एक लाख रुपये और 2 लाख रुपये की राशि प्रति वर्ष अनुदान के रूप में उपलब्ध करायी जायेगी । पंचायती राज संस्थाओं को वर्ष 2011-12 से 180.27 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की दर से वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक कुल 721.08 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी । इस राशि का व्यय जिला परिषद्‌, पंचायत समिति एवं पंचायतों के लेखा संधारण एवं क्षमता निर्माण का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता में कराया जाएगा ।

क्र0सं0 पंचायती राज संस्थान वार्षिक अनुदान (लाख रु0 में) संख्या वार्षिक राशि (लाख रु0 में) 2011-15
1 जिला परिषद्‌ 15.00 38 570.00 2280.00
2 पंचायत समिति 1.00 531 531.00 2124.00
3 ग्राम पंचायत (क्षमता निर्माण हेतु) 2.00 8463 16926.00 67704
कुल 18027.00 72108.00
3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 िसत+बर 2011

4. शहरी निकायों को राज्य के शुद्ध करों से अंतरण प्राप्त होने वाली राशि एवं अनुदान :- 4.1 शहरी निकायों की बीच 30 प्रतिशत की विभाज्य पूल की राशि का वितरण 60 प्रतिशत जनसंख्या, 20 प्रतिशत क्षेत्रफल एवं 20 प्रतिशत बी0पी0एल0 परिवारों की संख्या के आधार पर किया जायेगा ।

4.2 राज्य करों के शुद्ध हिस्से में प्राप्त हुई राशि (प्रतिशत) में से नगर निकाय निम्नरूपेण व्यय कर सकते हैंः-

क्र0 सं0 निकाय वेतन/पेंशन (मद-i) विधुत विपत्र, सेवा प्रदायी खर्च, आकस्मिकता तथा overheads (मद-ii) विकास के कार्य (मद-iii)
1 2 3 4 5
1 नगर निगम 60 20 20
2 नगर परिषद्‌ 70 10 20
3 नगर पंचायत 70 10 20

परन्तु यदि वेतन मद में वास्तविक खर्च कम होता है तो वे (मद- ।।) पर अतिरिक्त राशि खर्च कर सकेंगे, यदि उसके निर्धारित प्रतिशत से राशि कम पड़ती हो तथा यदि नगर निकाय को मद-। (वेतन/पेंशन) एवं मद-।। में अंकित राशि की आवश्यकता को मिलाकर बचत होती हो, तो उस अतिरिक्त राशि का व्यय विकास के कार्यों में कर सकेगें ।

4.3 उच्च प्राथमिकता के प्रक्षेत्रों पर व्यय—उच्च प्राथमिकता के निम्नांकित प्रक्षेत्रों में शहरी स्थानीय निकायों द्वारा राज्य के कर राजस्व के हिस्से में प्राप्त हुई राशि में से व्यय करना अनिवार्य होगा परन्तु यदि एक प्रक्षेत्र में राशि बचत होती है तो आवश्यकतानुसार दूसरे प्रक्षेत्रों पर व्यय किया जा सकेगा ।

(i) हाथ से मल ढ़ोने की व्यवस्था को समाप्त करना—हाथ से मल ढ़ोने की व्यवस्था शत-प्रतिशत बन्द सुनिश्चित कराने हेतु वर्ष 2011-12 में 30 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे । यह कार्य दो वर्षों अर्थात वर्ष 2011-12 एवं वर्ष 2012-13 में पूरा कर लेना है इसकेे लिए कुल 60 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे ।

(ii) नगरीय सड़कें—इस कार्य हेतु वर्ष 2011-12 से 10.70 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराये जायेंगे । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 में कुल 42.80 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी ।

(iii) जलापूर्ति—प्रत्येक वार्ड में सार्वजनिक स्थल पर हैण्ड पम्प लगवाने के लिए वर्ष 2011-12 से प्रत्येक वर्ष 9 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी। इस तरह वर्ष 2011-12 से 2014-15 तक कुल 36 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी ।

(iv) लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता—सार्वजनिक सड़कों पर एवं अन्दर की गलियेां के समीप सार्वजनिक प्रसाधन (Toilet) की व्यवस्था के लिए वर्ष 2011-12 से प्रत्येक वर्ष 7.50 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 के बीच कुल 30 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी ।

(v) र्पार्किंग स्थल—पार्किग की व्यवस्था करने के लिए वर्ष 2011-12 में एक मुश्त सहायता हेतु नगर निकायों के लिए 20 लाख रुपये, नगर परिषदों के लिए 5 लाख रुपये और नगर पंचायत के लिए 1 लाख रुपये की दर से राशि उपलब्ध करायी जायेगी । इस मद के लिए कुल 5.19 करोड़ रुपये व्यय हेतु राशि उपलब्ध करायी जायेगी ।

(vi) सड़कों के लिए रोशनी—इस प्रयोजनार्थ वर्ष 2011-12 से प्रत्येक वर्ष 10 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करायी जायेगी । इस तरह वर्ष 2011-12 से वर्ष 2014-15 तक 40 करोड़ रुपये व्यय हेतु राशि उपलब्ध करायी जायेगी । उपर्युक्त मदों के व्यय का सारांश निम्नरूपेण होगा :

SI.No. Name of activity वार्षिक व्यय 2011-12 वर्ष 2011-2012 से 2014-15 तक कुल अनुमानित व्यय अभ्युक्ति
1 Abolition of Manual scavenging हाथ से मैला ढोने की व्यवस्था समाप्त करना 30.00 60.00 केवल दो वर्षों में कार्य पूरा करना है
2 Urban Roads नगरीय सड़कें 10.70 42.80
3 Water Supply (जलापूर्ति) 9.00 36.00
4 Public Health & Sanitation लोक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता 7.50 30.00
5 Parking places पार्किंग स्थल 5.19 5.19 (one एक म श्त ु time)
6 Street lighting सड़कों के लिए रोशनी 10.00 40.00
4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 5 िसत+बर 2011

4.4 असंबद्ध अनुदान—राज्यों को करों के हिस्से से शहरी स्थानीय निकायों को अंतरित की जानेवाली राशि के अतिरिक्त निम्नांकित मदाें में अनुदान की राशि उपलब्ध करायी जायेगीः—(i) नगर निकायों के सेवानिवृत कर्मियों के सेवान्त लाभ के लिये अनुदानः—वर्ष 2011-12 में नगर निकायों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवान्त लाभ के बकाये के एकमुश्त भुगतान हेतु 27.77 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा । यह राशि वास्तविक बकाये के गणना के आधार पर अनुदानित की जायेगी । यदि व्यय 27.77 करोड़ रुपये से अधिक होगा तो करों से प्राप्त होनेवाली असम्बद्ध राशि से की जा सकेगी ।

(ii) शहरी निकायों को असंबद्ध अनुदान के रूप में पटना नगर निगम को 5 करोड़ रुपये, शेष प्रत्येक नगर निगम को 1-1 करोड़ रुपये, प्रत्येक नगर परिषद को 50 लाख रुपये तथा प्रत्येक नगर पंचायत को 20 लाख रुपये प्रत्येक वर्ष दिए जायेंगे ।

शहरी स्थानीय निकायों को उपलब्ध कराये जानेवाले अनुदान का सारांश निम्नवत्‌ है :-

मद 2011-12 2012-13 2013-14 2014-15 2010-2015
नगर निकायों के कर्मियों के सेवान्त लाभ के लिये (कंडिका 10.70) 27.77 - - - 27.77
स्थानीय नगर निकायों को अनुदान 53.30 53.30 53.30 53.30 213.20
कुल 81.07 53.30 53.30 53.30 240.97 or 241.00

5. (i) राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों को देय वार्षिक राशि दो किश्तों में दी जायेगी । प्रथम किश्त की राशि वर्ष के सितम्बर माह तक तथा द्वितीय किश्त की राशि का भुगतान उपयोगिता प्रमाण-पत्र के आधार पर फरवरी माह के पूर्व उपलब्ध कराया जायेगा ।

(ii) पंचायतों को दी जानेवाली राशि पंचायती राज विभाग की मांग संख्या-16 में मुख्य शीर्ष-2515-अन्य ग्राम विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न लघु शीर्षों में विकलनीय होगी ।

(iii) नगर विकास एवं आवास विभाग की मांग संख्या-48 में मुख्य शीर्ष-2217-शहरी विकास उप मुख्य शीर्ष-80-सामान्य के विभिन्न लघु शीर्षों के अंतर्गत राशि विकलनीय होगी ।

(iv) यह आदेश वित्तीय वर्ष 2011-12 से प्रभावी होगा ।

आदेशः—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रामेश्वर सिंह, प्रधान सचिव ।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 492-571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 05 September 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2011-09-05.492/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2011-09-05.492.