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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 20202020 आ !नआ !नआ !नआ !न 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 555573737373) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 12121212 अ,तूअ,तूअ,तूअ,तूबरबरबरबर 2020202011111111 सं0 07-सू॰ प्रा॰-167/2011—1091 सूचना प्रावैधिकी विभाग ------ संकल्प 13 सितम्बर 2011 विषयः-राज्य सरकार द्वारा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति, 2011 राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के बहुआयामी उपयोगिता एवं आम नागरिकों को सक्षमतापूर्वक, बेहतर एवं पारदर्शी सेवाओं को उपलब्ध कराने में इसकी भूमिका के प्रति प्रतिबद्ध है तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से अतिरिक्त व्यवसाय का सृजन, राज्य एवं देश के अर्थव्यवस्था में इसकी प्रगति योग्य क्षमता का संवर्द्धन करने हेतु कृत्त संकल्प है। नयी सदी में सूचना प्रौद्योगिकी को पूरे विश्व में प्रगति एवं विकास के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में माना गया है। उक्त माध्यम से नागरिकों की बढ़ती हुई अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार सेवा प्रदान करने के प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन करना चाहती है, ताकि राज्य के आमजनों को e-Governance के माध्यम से हर स्तर पर मौलिक सुविधाएँ प्राप्त हो सके तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा इस पर आधारित उद्योग जगत के उन्नति एवं विकास के लिये उत्तम अवसर प्राप्त हो सके। राज्य सरकार द्वारा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग, विकास एवं इसके अर्थव्यवस्था में गुणात्मक सहभागिता को ध्यान में रखते हुए तथा नागरिक सुविधाओं में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक प्रयोग को e-Governance के माध्यम से सुचारू रूप से कार्यान्वयन हेतु सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति, 2011 को प्रतिपादित करने का निर्णय लिया गया है। उक्त प्रस्तावित नीति में कई प्रकार की सुविधाओं का समावेश करते हुए राज्य सरकार की समन्वित दृष्टि को नीति आलेख में भविष्य के लक्ष्य के रूप में निरूपित किया गया है। प्रस्तावित नीति के अंतर्गत कई कार्यों को चरणबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए Road Map तैयार किया गया है। विगत दशक में सूचना प्रौद्योगिकी सॉफ्टवेयर और संबंधित सेवाओं के निर्यात में भारत की सफलता सर्वविदित है। वर्तमान में ऑफशोर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व बाज़ार का 65 प्रतिशत एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा के क्षेत्र में विश्व बाज़ार के 46 प्रतिशत हिस्से पर भारत का आधिपत्य है। इस क्षेत्र में प्रगति की वजह से रोज़गार के कई अवसर उत्पन्न हुए हैं । हालॉकि उपरोक्त विकास के प्रभाव अधिकांशतः कुछ राज्यों के गिने चुनें आई.टी. हब तक ही सीमित हैं। बिहार इस विकास से अधिकांशतः वंचित रहा है। राज्य सरकार की यह मंशा है कि सूचना2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 प्रौद्योगिकी के विकास और सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहन द्वारा सुशासन उपलब्ध कराई जाए जिसके फलस्वरूप बिहार के लोग अपने द्वार पर ही बेहतर नागरिक सुविधाओं तथा आर्थिक समृद्धि का लाभ उठा सकें । 2. दृष्टि
(cid:1) राज्य में ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के विकास एवं व्यापक प्रसार के लिए प्रयासरत रहना। (cid:1) ऐसी असमानांतर सूचना प्रौद्योगिकी आधरभूत संरचना, जो राज्य के हर एक नागरिक तक पहुंचती हो, का निर्माण कर ग्रामीण एवं षहरी जन मानस के बीच की डिजिटल दूरी को पाटना।
(cid:1) बिहार को सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्यागों में निवेष हेतु अगला मुख्य केन्द्र बनाना।
(cid:1) सूचना प्रौद्योगिकी सुविधाओं के क्षेत्र में बिहार को अग्रणी राज्य बनाना।
3. उद्देष्य
राज्य के आइ.टी. विज़न 2015 की दृष्टि को पूरा करने के लिए निम्नलिखित उद्देश्य अपनाए जाने की आवश्यकता है।
1. मानव एवं बौद्धिक पूॅंजी संसाधनः विद्यालय स्तर पर क्म्प्यूटर साक्षरता को प्रोत्साहित कर विद्यार्थियों को प्रतिभाषाली बनाना एवं रोज़गार के लायक युवाओं को समुचित प्रशिक्षण देकर सूचना प्रौद्योगिकी में सक्षम बनाना।
2. रोज़गारः सूचना प्रौद्योगिकी/ सूचना प्रौद्योगिकी सहायी कंपनियों को राज्य मेें पूॅंजी निवेश के लिए आकर्षित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गाार उत्पन्न करना।
3. सूचना प्रौद्योगिकी आधारभूत संरचनाः राज्य में विष्व स्तरीय सूचना प्रौद्योगिकी आधारभूत संरचना विकसित करना।
4. ई-षासनः एन. ई. जी. पी.एवं राज्य सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अन्तर्गत ई-शासन हेतु उठाए जाने वाले कदमों को प्रोत्साहन देकर अधिकतम सरकारी विभागों एवं नागरिक सेवाओं को पारस्परिक ऑनलाइन मोड में लाना।
5. निवेषः राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षमता को गति देने हेतु निजी उद्योगों को सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्योग में निवेश के लिए बढ़ावा देना।
6. माहौलः राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्योगों के लिए सरकार द्वारा संभावनाएँ बढ़ा कर व्यवसाय हेतु बेहतर माहौल देना।
7. कानूनः सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्योगों के बेहतर प्रशासन हेतु समुचित क़ानूनी ढांचा तैयार करना एवं सूचना प्रौद्योगिकी, बौद्धिक सम्पदा अधिकार, पेटेंट और ट्रेडमार्क के अनुचित इस्तेमाल को रोकना। उद्देश्यों को अनुलग्नक-ए में विस्तार से वर्णित किया गया है।
4. परिभाषाएं :
आई.टी. सेवायें-आई.टी. सॉफ्टवेयर और आई.टी. उत्पाद के माध्यम से दी जाने वाली सूचना प्रौद्योगिकी सेवायें ।
आई.टी. के माध्यम से दी जाने वाली सेवायें-सूचना प्रौद्योगिक द्वारा दूरसंचार नेटवर्क और इंटरनेट के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों, मेडिकल ट्रस्किपसल, विधि डाटा प्रोसेसिंग, डिजिटल डाटा संग्रहण, एनिमिशन, खातों एवं वित्तीय मामलों से संबंधित कॉल सेंटर के संचालन से संबंधित सेवायें।
आई.टी. उद्योग-सूचना प्रौद्योगिक के हार्डवेयर, सूचना प्रौद्योगिक द्वारा दी जाने वाली सेवायें/ विजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग/ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग/परामर्श से संबंधित व्यवसाय/ज्ञान पर आधारित उद्योग ।
एचएम इकाई का अर्थ इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर विनिर्माण उद्योग से है । आई.टी. इन्फ्रास्ट्रचर कंपनी-सूचना प्रौद्योगिक उद्योग के लिए आधारभूत संरचना, सूचना प्रौद्योगिक उद्योग के लिए ऑफिस बनाने के कंपनी ।
संस्थानों-सूचना प्रौद्योगिक के क्षेत्र में विषेष परिष्करण परीक्षण, उद्यमशिलता विकास संस्थान, incubation संस्थान एवं ज्ञान उद्योग से जुड़े हुए परिक्षण संस्थानों से है । 5. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति का वर्गीकरणः
बेहतर समझ एवं प्रकाष के उद्देश्य से सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।
(cid:2) उद्योगों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति (cid:2) षिक्षा के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति (cid:2) सरकार के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति (cid:2) नागरिकों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 5.1 उद्योग के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति
सभी आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों, औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2011 में दिये गये प्रोत्साहन के लिए योग्य होगे । 5.1.1 उत्पादक से पूर्व के लिए सुविधाएँ । 5.1.1.1 पंजीकरण/स्टैम्प शुल्क में छूट
(क) वैसे आईटी/आईटीईस/ईएचएम इकाई जो औद्योगिक क्षेत्र/षेड/आईटी पार्क में या इनसे बाहर स्थापित होगी, उनको स्टैम्प शुल्क एवं भूमि के पट्टा/विक्रय/हस्तांतरण में लगने वाली पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी ।
(ख) यह सुविधा केवल प्रथमवार में ही मिलेगी तथा बाद के भूमि के पट्टा/विक्रय/हस्तांतरण के लिए नहीं मिलेगी । यह सुविधा सिर्फ नई इकाईयों के लिए वैध होगी ।
(ग) वैसी इकाइयों जो पहले से स्थापित हैं, अपनी उत्पादन क्षमता में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करती है तथा जिन्होंने पहले से स्टैम्प शुल्क/पंजीकरण शुल्क में छूट की सुविधा नहीं ली है, उन्हें भी यह सुविधा विस्तार के लिए इस्तेमाल की जानी वाली भूमि पर लागू होगी ।
(घ) वैसी इकाइयाँ जो इस छूट की सुविधा का लाभ नहीं उठा पाती हैं, उनको यह सुविधा उत्पादन के बाद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी । 5.1.2 उत्पादन के बाद मिलने वाली सुविधाएं
इस इकाई को उत्पादन प्रारंभ होने के बाद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं जैसे कि परियोजना रिपोर्ट को तैयार करने के लिए प्रोत्साहन, भूमि क्रय के लिए प्रोत्साहन, तकनीकी ज्ञान के लिए वित्तीय सहायता, पूंजी सब्सिडी इत्यादि की अधिकतम सीमाा 600 लाख होगी (यह स्वयं के इस्तेमाल के लिए किए गए विद्युत उत्पादन पर दिये गये प्रोत्साहन से अलग होगी) । 5.1.2.1 परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहन
(क) आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों द्वारा परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में आने वाले व्यय का 50 प्रतिशत खर्च, जिसकी अधिकतम सीमा 2 लाख रूपये होगी, प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा, वषर्ते यह रिपोर्ट किसी आईटी विभाग द्वारा मान्य कंपनी ने बनाई हो ।
(ख) वैसी परियोजना रिपोर्ट जो कार्बन क्रेडिट लेने के लिए हो, उसको बनाने में आने वाले व्यय का 50 प्रतिशत (अधिकतम सीमा 50 लाख) प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगा, वशर्ते कार्बन क्रेडिट मिले ।
5.1.2.2 तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता
उद्योगपति जो किसी भी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय स्तर की रिर्सच केन्द्र/प्रयोगषाला अथवा संस्थान से अपनी कंपनी को विस्तारित करने के लिए तकनीकी ज्ञान प्राप्त करते है, उनको शुल्क में किए गए खर्च का 30 प्रतिषत (अधिकतम 15 लाख रूपये तक) प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगा । 5.1.2.3 गुणवत्ता प्रमाणीकरण के लिए प्रोत्साहन
(क) आई.एस.आई. (अथवा सामान राष्ट्रीय/अंतराष्ट्रीय संस्थान) से गुणवत्ता प्रमाणीकरण में आने वाली शुल्क पर व्यय प्रतिपूर्ति के रूप में वापस किया जाएगा, परवर्ती धारायें के अनुसार ।
(ख) यह लाभ आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाई केवल एक बार ही प्राप्त कर सकेंगी । (ग) सरकार व्यय का 75 प्रतिषत वापस करेंगी ।
(i) यदि सॉफ्टवेयर कंपनी आई.एस.ओ./एस.ई.आई. सी.एम.एम लेवल-2 और उपर/एस.टी.ओ.
टी. गुणवत्ता प्रमाणीकरण प्राप्त करती है ।
(ii) यदि आईटीईएस कंपनी सी.ओ.पी.सी. (कस्टमर ऑपरेशन परफोरमेंस सेंटर) अथवा eSCM (ई-सोर्सिंग कैपेब्लिटी मॉडल) जैसे गुणवता प्रमाणीकरण प्राप्त करती है ।
(iii) यदि ईएचएम इकाई आई.एस.आई./आई.एस.ओ./बी.एस. अथवा अन्य गुणवत्ता प्रमाणीकरण, जो अंतराष्ट्रीय एजेंसी जैसे की BVQI/DNV/LRQA/TOV द्वारा मान्य है तथा STQC प्राप्त करती है ।
5.1.2.4 भूमि के लिए मिलने वाले प्रोत्साहन
(क) सभी आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास अभिकरण/ निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क/फूड पार्क/कृषि निर्यात जोन/आईटी पार्क में आवंटित भूमि के मूल्य पर निम्न प्रकार से प्रोत्साहन के लिए हकदारी होंगी :-
| उद्योग | अनुदान |
| लघु/छोटे इकाई (निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर) | 50 प्रतिशत या 15 लाख (अधिकतम) |
| सभी बड़े/मझौले/मेगा इकाईयों (निर्धारित वित्तीय सीमा के भीतर) | 25 प्रतिशत या 30 लाख (अधिकतम) |
(ख) बिहार सरकार जहां भी संभव होगाा, वहां तक बड़ी आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों के लिए उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान कर आरक्षित करेंगी ।4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 5.1.2.5 एम.एम.सी./न्यूनतम बेस उर्जा प्रभार/मांग प्रभार में छूट
मौजूदा तथा नई आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को ए.एम.सी/न्यूनतम बेस उर्जा प्रभार/मांग प्रभार में नई सूचना एवं संचार नीति के अंतर्गत सूचना एवं संचार नीति को घोषणा की तिथि से छूट मिलेगी । यह सुविधा अगले पांच साल तक वैध होगी । 5.1.2.6 कैप्टिव विद्युत उत्पादन में लगने वाले प्लांट तथा मषीन पर प्रोत्साहन/अनुदान
कैप्टिव विद्युत उत्पादन/डीजल जैनरेटर सेट/सोलर पॉवर के प्लॉट तथा मषीन पर मिलने वाले प्रोत्साहन/अनुदान निम्न प्रकार से होंगेः-
(क) कैप्टिव विद्युत उत्पादन/डीजल जैनरेटर सेट को स्थापित करने में लगने वाले प्लांट तथा मशीन के लिए 50 प्रतिशत अनुदान योग्य होगी । इसके लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं होगी ।
(ख) मौजूदा इकाइयां भी कंडिका (क) के अनुरूप कैप्टिव उत्पादन/डीजल जेनरेटर सेट पर अनुदान के योग्य होंगी । यह सुविधा सूचना एवं संचार नीति, 2011 के लागू होने के उपरांत 5 वर्षोें तक मिलेगी ।
(ग) यह अनुदान औद्योगिक क्षेत्र/इडस्ट्रीज के समूह को बिजली आपूर्ति के उद्देष्य से निर्मित स्पेशल पर्पस व्हीकल को भी मिलेगी, वषत्र्ते स्पेषल पर्पस व्हीकल के ज्यादात्तर सदस्य उस औद्योगिक क्षेत्र/समूह से हो ।
(घ) गैर पारंपरिक स्रोंत से उर्जा उत्पादन के लिए प्लांट तथा मषीन स्थापित करने में होने वाले व्यय का 60 प्रतिषत अनुदान के रूप में मिलेगा (कोई अधिकतम सीमा नहीं)।
5.1.2.7 पूंजी निवेष पर सब्सिडी
(क) नई इकाइयों को हार्डवेयर तथा आईटी उपकरण, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क उपकरण पर होने वाले पूंजी निवेश का 20 प्रतिशत राशि प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगा (अधिकतम सीमा 75 लाख रूपये) यह नीति के लागू होने के बाद एवं उत्पादन शुरू होने के बाद ही मिलेगा ।
5.1.2.8 प्रवेष-कर पर लाभ
उत्पादन के बाद वाली स्थिति में, नई आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को उत्पादन-कर प्रवेश-कर के रूप में समायोजित करने की स्थिति में, प्रवेश-कर पर दी गई राशि, वैट की राशि की 80 प्रतिशत प्रतिपूर्ति में शामिल होगी । 5.1.2.9 केन्द्रीय विक्रय-कर
पंजीकृत एमएसएमई/आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को बिहार राज्य सरकार को 1 प्रतिशत सी.एस.टी. ही देना होगा । नोटः-GST व्यवस्था लागू होने पर उपरोक्त सुविधाएँ उस व्यवस्था के तहत् समान रूप से देय होगी । 5.1.2.10 वैट की प्रतिपूर्ति
(क) उद्योगों को पासबुक द्वारा सुविधा दी जाएगी, जिसके माध्यम से आईटी/आईटीईएस/ ईएचएम उद्योगो द्वारा दिये जा रहे वैट की संबधित जानकारी वाणिज्य-कर विभाग द्वारा रखी तथा सत्यापित की जाएगी ।
(ख) वाणिज्य-कर उपयुक्त सत्यापन के उपरांत प्रोत्साहन राशि देने के लिए अधिकृत विभाग होगा। (ग) नये उद्योग दस वर्षों तक राज्य सरकार में जमा होने वाले 80 प्रतिशत वैट राशि के प्रतिपूर्ति के हकदार होगे।
(घ) प्रतिपूर्ति राशि की अधिकतम सीमा पूंजी निवेश का 300 प्रतिशत होगी । (ड0) स्थापित आईटी/आईटीईएस/ईएचएम उद्योग वैट/विलासिता कर के 25 प्रतिशत के प्रतिपूति के हकदार होगे । जो कि पॉच वर्षो के लिए अनुमान्य होगा।
5.1.2.11 विद्युत शुल्क, रूपांतरण शुल्क एवं विलासिता कर में छूट नये आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाई वाणिज्यिक उत्पादन में आने के बाद निम्नलिखित लाभ के लिए हकदार होंगेः-
(क) विलासिता कर में 100 प्रतिशत छूट के हकदार 7 वर्षों तक के लिए होगे । (ख) विद्युत शुल्क में 100 प्रतिशत छूट के हकदार 7 वर्षोें के लिए होगे । (ग) भूमि रूपांतरण शुल्क पर 100 प्रतिशत की छूट होगी ।
5.1.2.12 रोजगार सृजन अनुदान सूचना एवं संचार प्रावैधिकी नीति 2011 के क्रियान्वयन के बाद आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों द्वारा 100 व्यक्तियों के नियोजन के बाद आईटी क्षेत्र में स्थापित उद्योग प्रोत्साहन राशि के हकदार हो जाऐगे । प्रोत्साहन राशि नये नियोजन के 1 वर्षों के ई.पी.एफ. राशि के बराबर होगा । 5.1.2.13 एस.सी./एस.टी./महिला/भिन्न रूप से सक्षम व्यक्ति
(क) इसके श्रेणी के उद्योगपति 5 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान/शुल्क से मुक्त/आंशिक सहायता के हकदार होगें । इस सुविधा का हकदार व्यक्ति और व्यक्तियों का समूह होगा, जो कि इस श्रेणी के मापदण्ड को पूरा करता हो।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 (ख) एस.सी./एस.टी./महिला/भिन्न रूप से सक्षम व्यक्ति द्वारा लगाया जाने वाला आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों का कारोबार प्रत्येक साल 30 लाख तक होने पर वैट दिये जाने वाली 100 प्रतिशत की राशि लौटा दी जाएगी ।
5.1.2.14 उद्यय निधि
राज्य सरकार अभिनव आईटी/आईटीईएस/ईएचएम उद्यमियों को बढ़ाया देने के लिए 100 करोड़ रूपये का उद्यय निधि बनायेगी । 5.1.2.15 विस्तार/आधुनिकीकरण के लिए इकाईयों को सुविधाएं
स्थापित आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए उपरोक्त सुविधाएं दी जाएगी । 5.1.2.16 अभिनव आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों/परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन अभिनव एवं स्वदेशी आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाऐगा । ऐसे परियोजना इकाईयों को परिभाषित करने के लिए ईएचएम इकाईयों में 100 नागरिकों, आईटी परियोजना में 500 नागरिकों, आईटीईएस में 1000 नागरिकों को नौकरी देनी होगी अथवा 50 करोड़ रूपये या उससे अधिक की पंजी निवेश करना होगा । निम्न अतिरिक्त विशेष पैकेज मिलेगाः-
(cid:1) पूंजी अनुवृत्ति सीमा 20 प्रतिशत होगी, परंतु राशि 50 लाख रूपये से बढ़ाकर 3 करोड़ रूपये कर दी जाऐगी
5.1.2.17 पब्लिक सेक्टर और राज्य के आपूतिकर्ताओं के लिए मूल्य वरीयता
(क) बिहार के उद्योगपतियों को प्रोत्साहित करने हेतु आईटी/आईटीईएस (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) इकाईयों को, जो बिहार में स्थापित एवं पंजीकृत है, अधिकतम 10 प्रतिशत की मूल्य तरजीह दी जाएगी, अपेक्षाकृत उन आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों से जो बिहार के बाहर स्थापित एवं पंजीकृत है ।
(ख) सामान की गुणवत्ता में राज्य में स्थापित उद्योगों को कोई छूट नही दी जाएगी । सरकार में सामान का आपूर्ति और फार्मों के सही समय पर नही करने वाले ऐसे उद्योगों को ब्लैक लिस्ट कर के वेबसाईट पर डाल दी जाएगी ।
5.1.2.18 सिंगल विण्डों प्रणाली का स्थापना
(क) राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड सभी लंबित मंज़ूरियों के निष्पादन एवं राज्य में नई आई.टी. ईकाई स्थापित करने एवं आदेश देने हेतु सिंगल विण्डो एजेन्सी के रूप में काम करेगा।
(ख) सिंगल विण्डो प्रणाली को मज़बूती देने के लिए एस्कॅार्ट सेवा की षुरुआत की जाएगी जो उद्यमियों को एस.पी. आई. बी. अनुमोदन के पूर्व एवं उसके बाद की गतिविधियों में सहायता करेगा। उद्यमियों की सुविधा के लिए एक ऑनलाइन क्लियरेंस एवं समर्थन नेटवर्क का भी गठन किया जाएगा जो सभी संबंधित विभागों और संगठनों को आपस में जोड़ेंगे।
(ग) उपरोक्त को एक केन्द्रियकृत हेल्पडेस्क एवं कॉल सेंंटर द्वारा मदद दी जाएगी, जिनमें समुचित संख्या में प्रशिक्षित कर्मी होंगे जो चौबीसों घण्टे एवं सातों दिन के आधार पर लोगों के फोन कॉल एवं ई-मेल का उत्तर देंगे।
5.1.2.19 वैधानिक प्रावधानों से संबंधित विषेष प्रोत्साहन
(cid:1) स्वतः प्रमाणीकरण का एक प्राावधान होगा तथा सॉफ्टवेयर इकाइयों को निम्नलिखित से छूट दी जाएगी।
(cid:3) प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम भारत सरकार के दिषा निर्देषों के अनुरूप ही प्रभावी होगा। (cid:3) वैधानिक बिजली कटौती (cid:3) क्षेत्रों के संदर्भ में जोनिंग विनियमन
(cid:1) निम्नलिखित छूट विभिन्न कानूनों के दायरे में आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को मिलेगी ।
(cid:3) आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों बिहार Shop & Establishment Act 1953 के तहत Schedule-1 में जोड़ दी जाएगी तथा section 7, 8, 12(1) में मिलने वाली छूट के लिए हकदार होंगी । इससे इकाईयों को व्यापार तथा साप्ताहिक अवकाश के प्रावधान में छूट मिलेगी।
(cid:3) Factories Act, 1948 के Section 66 के अंतर्गत महिला कर्मचारियों के काम करने के घंटों में छूट रहेगी । इसके अनुसार सभी आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों में महिलाएं सुबह 6 से शाम 7 बजे की बजाय सुबह 5 से रात 10 बजे तक काम कर सकेंगी ।
(cid:3) उद्योग विभाग आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को औद्योगिक क्षेत्रों में प्राथमिकता देगा ।6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 (cid:3) आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों को निम्न कानूनों के तहत रजिस्टर तथा फार्म रखने के लिए स्वतः प्रमाण पत्र देने की अनुमति होगी :-
• मजदूरी भुगतान अधिनियम • न्यूनतम मजदूरी अधिनियम • वर्कर भुगतान अधिनियम • कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम • ग्रेच्युटी एक्ट का भुगतान • मातृत्व अवकाश अधिनियम • समान पारिश्रमिक अधिनियम • जल एवं प्रदूषण अधिनियम • रोजगार विनिमय अधिनियम • कंपनी अधिनियम • कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम • संविदा श्रम (विनियमन एवं उन्मूलन) अधिनियम
(cid:3) आईटी/आईटीईएस कम्पनियाँ प्रदूषण कंट्रोल नियम से बाहर होगी जबकि ईएचएम को प्रदूषण कंट्रोल नियम का अनुगमन करना होगा ।
(cid:3) आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाई को श्रम कानून के प्रावधानों में छुट दी जाएगी तथा वे प्रतिदिन तीन पालियों में 24 x 7 कार्य कर सकेंगे ।
5.1.2.20 अन्य प्रोत्साहन/लाभ
(cid:1) सरकार कंप्यूटर उपकरण, स्पेयर पार्टस, कंप्यूटर परिधीय उपकरण, अन्य कनेक्टिविटी उपकरण, नेटवर्क केबल इत्यादि को आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों की मदद के लिए कॉमन सेल्स एक्ट में रखेंगी, जो समान फ्लोर दर से कम होगी ।
(cid:1) उभरते आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयों (जो बिहार में पंजीकृत है तथा कारोबार 10 करोड़ रूपये से जयादा नहीं है) अंतराष्ट्रीय events में शामिल होती है तो सूचना प्रावैधिकी विभाग उनको स्टॉल के किराये में होने वाले व्यय का 30 प्रतिशत तक सब्सिडी देगा ।
(cid:1) आईटी/आईटीईएस इकाईयों जो 5 के.वि.ए. तक की विद्युत क्षमता इसतेमाल करती है, उसको बिना किसी स्थान प्रतिबंध के अपनी इकाई स्थापित करने की इजाजत होगी ।
(cid:1) साइबर अपराध एवं साइबर अधिनियम- सरकार राज्य में स्थापित सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा कंपनियों के संचालन हेतु उच्च कोटि की सुरक्षा प्रदान करेगी। डाटा सुरक्षा का उल्लंघन, दस्तावेजों की गोपनीयता का उल्लंघन एवं इकरारनामा को घोषित न किये जाने जैसे अपराधों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके लिए सरकार पटना में साइबर अपराध पता लगााने हेतु एक सेल का गठन करेगी।
(cid:1) विशेष पुरस्कार- आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयाँ जो भिन्न रूप से योग्य व्यक्तियों को पर्याप्त रोजगार देती है, उनको विशेष पुरस्कार दिया जाएगा ।
(cid:1) आईटी/आईटीईएस/ईएचएम इकाईयाँ को समुदाय तथा सामाजिक विकास के साथ बांधेगी तथा निवेश की संभावनाएं तलाशेगी ।
(cid:1) बिहार सरकार संभावित निवेशकों को ढूँढेगी तथा बिहार का मूल्य प्रस्ताव उनके व्यापार के संदर्भ में रखेगी ।
5.2 षिक्षा हेतु सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति 5.2.1 विद्यालय स्तर पर आई.सी.टी
(cid:1) सर्व शिक्षा अभियान के तहत कक्षा 5 से 6 तक के बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा दी जाएगी । प्रायः अभी 619 माध्यमिक स्कूलों में इसका फायदा उठाया जा रहा है । 3 से 5 चरणबद्ध सालों में इसे कुल 1000 स्कूलों में बढ़ाया जाएगा ।
(cid:1) बिहार सरकार का ICT @ स्कूल के तत्वाधान में प्रत्येक ज़िले में कम्प्यूटर साक्षरता देने हेतु 5 आइ.टी. प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने की योजना है। इनमें बेरोज़गार युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु अल्प अवधि का सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किया जाएगा। यह आइ.टी. प्रशिक्षण पब्लिक प्राईवेट साझेदारी प्रणाली में होगा। ये प्रशिक्षण केन्द्र सरकार से कई छूट प्राप्त कर सकेंगे। सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में 2013 तक आईसीटी/स्कूल परियोजना के माध्यम से कवर किया जाएगा ।7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 (cid:1) राज्य सरकार हायर सेकंन्ड्री विद्यालयों के 10 प्रतिशत शिक्षकों को गहन कम्प्यूटर प्रशिक्षण देगी तथ अन्य सभी विद्यालयों के 2-5 शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगी।
(cid:1) उच्च माध्यमिक स्तर से आरंभ कर षिक्षा के सभी क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। परियोजना प्रबंधन, परियोजना विकास एवं सॉफ्टवेयर कौषल हेतु विशेष पाठ्यक्रम चलाया जााएगा।
(cid:1) विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के पाठ्रयक्रमों में सॉफ्ट स्किल्स और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। नया पाठ्यकक्रम विकसित करने हेतु सरकार ज्ञान साझेदारों का पता लगाएगी।
(cid:1) सरकारी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में आईटी विषयों में प्रवेश हेतु लड़कियों तथा भिन्न रूप से सक्षम लोगों को विशेष तरजीह दी जाएगी । बिहार सरकार विभिन्न प्रकार के सक्षम लोगों के लिए विशेष बुनियादी सुविधाओं को प्रदान करने पर विचार करेंगी।
5.2.2 महाविद्यालय स्तर पर आई.सी.टी
(cid:1) प्रौद्योगिकी वर्द्धक लर्निग (NTPEL) राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 400 ई-पाठ्यक्रम और आई.आई.टी. और आई.आई.एस. बंगलोर द्वारा पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाएगा । इस सामग्री को इंटरैक्टिव आभासी कक्षा के तहत व्याख्यान और IGB कनेक्टिविटी के माध्यम से विश्वविद्यालय स्तर के छात्रों तक सूचना एवं संचार द्वारा पहुँचा जा सकता है ।
(cid:1) विश्वविद्यालयों और संघटक कॉलेजों में भी कंप्यूटर प्रायोगशाला स्थापित किया जा रहा है । आज के तिथि में मानव संसाधन विकास विभाग (HRD) द्वारा 14 विश्वविद्यालय को चिन्हित किया गया है, जिन्हें अगले फेज में लिया जाएगा । बाकी शेष कॉलेजों या विश्वविद्यालयों को 2015 तक NME-ICT से जोड़ा जाऐगा ।
(cid:1) सरकार आई.सी.टी. में विशिष्ट क्षेत्रों में अनुसंधान करने के लिए शिक्षा संस्थान तथा उद्योग में साझेदारी को बढ़ावा देगी ।
(cid:1) सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा विद्वानों और शोधकर्ताओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी । राज्य के छात्रो को Doctoral और Post Doctoral Research के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।
5.2.3 बिहार नॉलेज सोसायटी ज्ञान आधारित समाज की स्थापना सूचना प्रौद्योगिक और अन्य तकनीकी प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए बिहार नॉलेज सोसायटी की स्थापना की जायेगी । बिहार नॉलेज सोसायटी द्वारा राज्य सरकार 5 नये सूचना प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जिलों में खोलेगी । सूचना प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कंप्यूटर साक्षरता और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अल्पावधि पाठ्यक्रम (6 माह) का संचालन बेरोजगार युवकों को रोजगार प्रदान करने हेतु पीपीपी मोड के माध्यम से किया जायेगा । इन प्रशिक्षण केन्द्रों को सरकार द्वारा अनुदान/रियायते दी जाऐगी । 5.2.4 आई.टी. के लिए उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट केन्द्रों की स्थापना के लिए एक टास्क फोर्स की स्थापना राज्य में स्थापित तकनीकी संस्थानों को उत्कृष्ट केन्द्रों के तौर पर स्थापित करने के लिए Technical Education Quality Improvement Program के मदद से की जायेगी । प्रत्येक उत्कृष्ट केन्द्र द्वारा नजदीकी आई. टी.आई. और Diploma कॉलेज को स्थापित किया जाएगा । 46 कॉलेजों का चयन उत्कृष्ट केन्द्रों के स्थापना के लिए किया जायेगा । 5.2.5 अन्य प्रमुख क्षेत्र
(cid:1) जर्मन, फ्रेंच, स्पेनीस, जपेनीज़ एवं अरबीक भाषा के प्रशिक्षण देने के लिए पर्याप्त महौल तैयार किया जाएगा । विदेशी भाषा के प्रशिक्षण के माध्यम से इन भाषा वाले देशों में रोजगार के अवसर प्रदान कराये जायेगे ।
(cid:1) राज्य सरकार द्वारा आई.टी. कोर्स/ट्रेनिंग मोड्युल वाणिज्य एवं अन्य क्षेत्रों में स्नातक के छात्रों के लिए सूचना प्रौद्योगिक के क्षेत्र में कौशल प्रदान करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाऐगा । (cid:1) राज्य सरकार द्वारा मानव संसाधन के प्रबंधन, वित्त प्रबंधन, मेडिकल Transcription के जुड़े हुए ज्ञान के क्षेत्रों से संबंधित प्रशिक्षण संस्था की स्थापना की जाऐगी ।
(cid:1) राज्य सरकार द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षण संस्थान और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करेगी जो सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तीव्र विकास के लिए कार्य करेगी। (cid:1) राज्य सरकार द्वारा EDI और SME ज्ञान केन्द्र का स्थापना ज्ञान कौशल के विकास के लिए किया जायेगा ।8 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 5.3 सरकारी सेवायें हेतु सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति 5.3.1 षासकीय ढाँचा
राज्य सरकार की यह मंशा है कि सचिवालय को ग्रामीण स्तर तक जोड़ा जाए। बी.एस.वैन.का इस्तेमाल विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा नागरिक सुविधा प्रदान करने में किया जाएगा।
एन.ई.जी.पी. कोर आधरभूत संरचना के तहत बी. एस.वैन का लक्ष्य राज्य एवं ज़िला मुख्यालय के बीच 4 एम.बी. पी. एस. तथा ज़िला एवं प्रखण्ड मुख्यालय के बीच 2 एम.बी. पी. एस. क्षैतिज कनेक्शन देने का है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार, ने राज्य के विभागों के अधिक बैण्डविथ की ज़रूरतों को पूरा करने हेतु आवश्यक कदम उठाए हैं, और यह सभी विभागीय कार्यालयों को क्षैतिज कनेक्टिविटी के द्वारा निकटवर्ती बी.एस.वैन. पी.ओ.पी. से जोड़ने हेतु भी कदम उठा रही है। बी.एस.वैन. के द्वारा सभी प्रखंडों को ज़िलों तक भी जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार सभी निदेषालयों को भी उनके संबंधित कार्यालयों से इसी तरह की संपे्रषण सुविधा दी जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा उच्च क्षमता, विश्वसनीय एवं सुरक्षित सूचना प्रावैधिकी आधारभूत संरचना की ंस्थापना की जायेगी। इस दिशा में स्टेट डाटा सेन्टर/स्टेट पोर्टल एवं एस.एस.डी.जी. का कार्य प्रारम्भ भी हो चुका है।
सभी विभागों की ये योजना है कि सभी सरकारी आदेष, योजनाओं,फार्मों निविदा इत्यादि को सामान्य वेब पोर्टल पर रखा जाए। सी.एस.सी. नागरिकों को विभिन्न विभागों के दस्तावेजों को ऑनलाइन फाइल करनें की सुविधा दिलाएगा। 5.3.2 ई.सरकार अंर्तकार्यकारी ढ़ाँचा और खुले मानक
सूचना प्रावैधिकी विभाग राज्य में आई.टी. मानकों को समान रूप से विकसित और लागू करने के लिये कदम उठायेगी । यह सुनिश्चित किया जायेगा कि ये मानक हार्डवेयर केन्द्रित और विक्रेता निर्भर नहीं हो । इन मानकों, टेम्पलेट्स और डेटा स्वरूपों के विशेषज्ञों के दल, जिसमें सरकार, आई.टी. कंपनियों, शिक्षा, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों और उपयोगकर्ताओं/हितधारकों के द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार कराया जायेगा । मुक्त स्रोंत और खुले मानक समाधान के उपयोग को प्रोत्साहित किया जायेगा । 5.3.3 क्षमता निर्माण एवं परिवर्तन प्रबंधन
क्षमता निर्माण ई-शासन योजना के लिए आवष्यक तत्व है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि क्षमता निर्माण कार्यक्रम के नतीजे निम्नलिखित के अनूरूप हों • चिन्हित स्टेकहोल्डरों के आवष्यक प्रषिक्षण का प्रावधान सुनिष्चित हो • राज्य ई-शासन मिषन टीम का गठन कर ई-षासन को लागू करने हेतु संस्थागत क्षमता का निर्माण करना।
• सभी सरकारी विभाग पंच वर्षीय आइ.टी. योजना तैयार करेंगे, जिसमें प्रतिवर्ष आइ.टी. आधारभूत संरचना में निवेश, कर्मियों के प्रशिक्षण का वार्षिक ब्यौरा दिया जाएगा। ये योजना राष्ट्रीय ई-शासन योजना के अनुरूप होगी।
• सभी सरकारी विभाग अपने कुल बजट का 3 प्रतिशत बजट एवं एक नोडल अधिकारी को चिन्हित करेंगे जो आइ.टी. परियोजनाओं के संदर्भ में सूचना प्रावैधिकी विभाग से समन्वय करेंगे।
5.3.4 एम-षासन अंगीकरण
राज्य सरकार के विभागों द्वारा एम-शासन के सुविस्तृत स्वीकरण को G2C, C2C और C2G जानकारी की लेन-देन वास्तविक समय में प्राप्त की जा सकती है, जिससे कि SMS द्वारा स्वतः कहीं भी, कभी भी, किसी को भी इस विधि द्वारा तत्काल नागरिक सेवायें उपलब्ध करायी जा सकती है । बिहार सरकार प्रबंधित सेवा मॉडल पर एम-शासन प्लेटफार्म की परिकल्पना करती है, जो एक छोटी अवधि में बहुत जल्दी कायान्वित किया जा सकें । 5.3.5 हरित आई.टी को बढ़ावा
बिहार सरकार अपने वातावरण के प्रति जिम्मेवारी से अच्छी तरह अवगत है और हरित आई.टी. का बढ़ावा के लिये निम्नलिखित के लिए प्रतिबद्ध हैः-
(cid:1) आई.टी. के हार्डवेयर को रिसाईक्लिंग और कार्बन क्रेडिट हासिल करने वाले परियोजना रिर्पोट के लिये प्रोत्साहन प्रदान करते हुए ई-कचरे को कम करना ।
(cid:1) राज्य के बिजली संकट को कम करने के लिए सौर, पवन आदि जैसे अक्षय उर्जा संसाधनों का प्रयोग करना ।
(cid:1) उर्जा कुशल आई.टी. हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर/नेटवर्क संरचना के लिये प्रोत्साहित करना । (cid:1) भवन/लैंडस्केप में एकीकरण को प्रोत्साहित करना ।9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 5.3.6 ई-शासन की निगरानी
(cid:1) राज्य सरकार ने सूचना प्रावैधिकी विभाग का सृजन 01 अप्रील 2007 के प्रभाव से किया है, जो आई.सी.टी. नीति का कार्यान्वयन एवं राज्य में कंप्यूटरीकरण करने के लिए नोडल एजेंसी के रूप में अधिनिमित है ।
(cid:1) जिला स्तर पर जिला ई-शासन सोसायटी (DeGS) गठित की जायेगी, जो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा । इसमें सभी विभागों के प्रतिनिधि, एन.आई.सी. के प्रतिनिधि, तकनिकी सलाहकार शामिल होंगे । जो जिला स्तर पर आई.टी. संबंधित स्कीमों/परियोजन का क्रियान्वयन, संचालन एवं निगरानी रखेगें ।
(cid:1) बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड निजी एजेंसियों के साथ ज्वाइंट वेंचर स्थापित करेगी। यह विभिन्न सरकारी विभागों के आइ.टी. आवष्यकताओं की समीक्ष करेगी, डी.पी.आर. तैयार करेगी तथा इन विभागों/संगठनों को ई-षासन लागू करने हेतु आवश्यक एजेंसी/ऑपरेटर को जुटाने में मदद करेगी, परियोजनाओं की देख रेख एवं उनका मूल्यांकन एवं अध्ययन भी करेगी। (cid:1) राज्य ई-षासन परियोजना स्टिीयरिंग समिति
एस.ई.जी.पी. एक शीर्ष समूह है, जिसका गठन माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य को दृष्टि, नीति एवं दिशा देने के लिए किया गया है।
इस समिति में राज्य सरकार के संबंधित विभागों के पदाधिकारीयों के अतिरिक्त सूचना प्राधौगिकी से जुड़े राज्य एवं राज्य के बाहर के विशेषज्ञ रहेगें, जिनका मनोनयन मुख्य मंत्री, बिहार, द्वारा किया जायेगा।
सभी विभाग नियमित आधार पर इस समिति के लिए आई.टी.परियोजनाओं के निष्पादन पर व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होंगे।
(cid:1) राज्य ई-षासन परियोजना षीर्ष समिति
एस.इ.जी.पी. स्टीयरिंग परिषद् का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आई. टी. को रणनीतिक दिशा देने एवं संबंधित निर्णय लेने हेतु किया गया है। सभी विभाग को नियमित रूप से इस समिति को आईटी परियोजनाओं के निष्पादन पर व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। इस शीर्ष समिति के सदस्य निम्नलिखित हैंः • मुख्यसचिव- अध्यक्ष • विकास आयुक्त- उपाध्यक्ष • प्रधान सचिव, वित्त- सदस्य • प्रधान सचिव, कार्मिक विभाग- सदस्य • प्रधान सचिव, योजना एवं विकास- सदस्य • प्रधान सचिव, स्ूाचना प्रावैधिकी- सदस्य • एस. आइ. ओ. एन. आइ. सी.- सदस्य • तकनीकी परामर्शदाता- सदस्य
5.3.7 सरकार की अन्य पहल
(cid:1) बिहार सरकार ने नियमों में संशोधन किया है और कम्प्यूटर शिक्षा एवं कौशल को अनिवार्य बनाया है । राज्य में वर्ग 1 से 3 तक के पदाधिकारियों/कर्मचारियों के पदोन्नति और उन्नयन के लिए कंप्यूटर कौशल को ध्यान में रखा जायेगा।
(cid:1) बिहार सरकार कम्प्यूटर के क्षेत्र में उच्चतम तकनीक के ''इनक्यूबेसन केन्द्र'' बनने का प्रयास कर रही है, इससे सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में परिप्रेक्ष्य उद्यमियों के लागत के आधार पर जरूरी सुविधाए व अनुभवी सलाह प्रदान की जाएगी। यह कार्यक्रम पीपीपी मोड पर विकसित की जाएगी ।
(cid:1) बिहार सरकार ई-प्रमाण पत्र की कानूनी वैद्यता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र की महत्ता को मान्यता देगी ।
(cid:1) बिहार सरकार सार्वजनिक पुस्तकालय और सभी विभागों के डाटा रिकार्ड के लिए डिजिटरीकरण के महत्व को मान्यता देगी । यह कार्यक्रम डाटा के गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से आरंभ किया जाएगा । सभी विभागों की कर्मचारियों की जानकारी, नागरिक संबंधित जानकारी, वित्तीय जानकारी इत्यादि का डिजिटरीकरण किया जायेगा और उसके सूचना/डाटा 2016 तक चरणबद्ध तरीके से कार्यक्रम चलाकर पूरा कर लिया जायेगा।
(cid:1) राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आईटी/आईटीईएस/ईएचएम संबंधित नवीनतम तकनीकि जानकारी और रूझानों के महत्व को मान्यता देगी, जो कि राज्य के तकनीकि10 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 विकास में कारगर साबित होगा । सूचना प्रावैधिकी विभाग प्रति वर्ष 10 लाख रूपये का योगदान कर पुस्तकालय स्थापित करेगा । जहाँ सूचना प्रौद्योगिकी पर रूझान, बाजार, सूचना एवं अनुसंधान संबंधित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराया जाएगा ।
(cid:1) राज्य सरकार ''बै्रड इक्यूटी'' बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी और कई राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों में भाग लेंगे ।
(cid:1) राज्य सरकार द्वारा विशेष दिन को चिन्हि्त कर आई.टी. दिवस मनाया जाएगा । सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा इस दिन सेमिनार, सम्मेलन/सभा इत्यादि आयोजित करेगा । सूचना प्रौद्योगिकी से सम्मानित व्यक्तियों को राज्य का मार्गदर्शन एवं भविष्य की रूप-रेखा तैयार करने के लिए आमंत्रित किया जाऐगा ।
(cid:1) राज्य सरकार मुख्य मंत्री की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन करेगा, जिसमें सूचना प्रौद्योगिक क्षेत्र से विख्यात गैर राजनैतिक नेताओं को शामिल किया जाऐगा ।
(cid:1) बिहार सरकार का लक्ष्य 2016 तक पेपरलेस करने का है ।
5.4 नागरिकों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति
• बिहार सरकार राज्य के सभी 8,463 पंचायतों में सामान्य सेवा केन्द्र स्थापित कर रही है। • राज्य के पोर्टल द्वारा सरकार विभागों, योजनाओं, आदेश, निविदाएं, नोटिस से संबंधित जानकारी दी जायेगी । शिकायतों की सूनवाई एवं प्रतियोगिता परीक्षा के परिणामों का प्रकाशन पोर्टल के माध्यम से किया जायेगा ।
• बिहार सरकार द्वारा नागरिकों के लिए e-literacy कार्यक्रम की शुरूआत की जाऐगी । • आम जनता को पोर्टल द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का सरलता से लाभ उठाने हेतु सरकार सभी पोर्टलों और सॉफ्टवेयर ऐप्लीकेषनस में हिन्दी एवं उर्दू के प्रयोग को प्राथ्मिकता देगी। • बिहार सरकार सूचना प्रौद्योगिकी एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में इस्तेमाल हेतु पायलॉट परियोजना आरंभ करने हेतु प्रयासरत रहेगी जो बहुआयामी तरीकों पर आधारित होगा तथा जिनमें वित्तीय एवं अन्य सुविधाओं का भी समावेष रहेगा। विकासात्मक विपणन एवं ग्रामीण कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा।
• राज्य सरकार द्वारा भौगोलिक सूचना प्रणाली पर आधारित सभी महत्वपूर्ण आधारभूत परिसम्पत्तियों के नक्सा आकलन की कार्रवाई की जायेगी तथा इसका संयोजन विविध सूचना प्रणाली के साथ किया जायेगा। उक्त सुविधा का उपयोग विभिन्न विभागों के द्वारा परियोजनाओं के दूरगामी सूत्रण एवं अनुश्रवण में किया जायेगा।
• भौगोलिक सूचना प्रणाली डाटा बेस को आधिकाधिक दूर संवेदन तकनीक के साथ संयोजन की कार्रवाई की जायेगी।
• किसानों की सहायता के लिए सरकार निम्नलिखित प्रणाली विकसित करेगी।
1. विभिन्न जलवायु तत्व जैसे वर्षा, जल की उपलब्धता एवं मिट्टी की उर्वरक दशा पर डाटाबेस;
2. भूमि उपयोग प्रबंधन, कृषि कार्य एवं लोक स्वास्थ्य हेतु डाटाबेस प्रबंधन प्रणाली एवं प्रबंधन सूचना प्रणाली;
3. कृषि विस्तार तथा अन्य जागरुकता संबंधी कार्यक्रमों के क्ष्ेात्र में शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य हेतु मल्टीमीडिया सुविधा प्रदान करना।
• बिहार सरकार का यह प्रयास है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में आइ.टी. मेले आयोजित किए जाएं जिनमें लोगों को आइ.टी.से होने वाले लाभ प्रदर्शित किए जाएं ।
• राज्य सरकार बी.एस.एन.एल. के साथ राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड योजना के तहत ग्रामीण क्षेंत्रों को जोड़ेगी। फेज-1 में इन क्षेत्रों को ए.डी. एस. एल. से जोड़ा जाएगा। फेज-2 में इन्हें वायरलेस टावर ये जोड़ा जाएगा। फेज-3में प्री. वाइ. मैक्स/वाइ. मैक्स परिदृश्य के तहत इन ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा।
• आइ.टी. संस्थानों, विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं आइ.टी. कम्पनियों के सहयोग से सभी आइ.टी. प्रशिक्षित विद्यार्थियों का डाटा बेस तैयार किया जाएगा। उम्मीदवारों को रोज़गार देने के उद्देश्य से इस डाटा बेस को राज्य में स्थापित आइ.टी. कम्पनियों के साथ बांटा जाएगा इस आइ.सी.टी. नीति की योजना अगले तीन वर्षों में एक लाख रोज़गार योग्य युवाओं को आइ.टी. के क्षेत्र में रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भी अनुमानित है कि अगले तीन वर्षों में इससे तीन लाख अप्रत्यक्ष रोज़गार भी सृजित होगा।11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 6. व्यापार एवं सामाजिक आधारभूत संरचना सुधार
बुनियादी सुविधाओं की समुचित उपलब्धता व्यापारिक गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु एक दूसरा ज़रूरी तत्व है। इन ज़रूरतों को पूरा करने हेतु बिहार में व्यापारिक और सामाजिक आधारभूत संरचना में महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता है।
सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा उद्योग के परिपेक्ष्य में व्यापारिक गतिविधियों हेतु मुख्य बुनियादी आवष्यकताओं में संचार, विश्व स्तरीय कार्यालय हेतु समुचित स्थान, जहां नियमित बिजली, पानी की व्यवस्था हो तथा जो वायुमार्ग से जुड़ा हो, आवष्यक तत्व हैं। दूसरे संबंधित तत्वों में घरेलू रियेल इस्टेट, रिटेल एवं हॉस्पिटैलिटी आवश्यक हैं। इस संदर्भ में की गईं मुख्य योजनाएं निम्नलिखित हैं। 6.1 वायुमार्ग सम्पर्क
राज्य को सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवा के अनुकूल बनाने हेतु वायुमार्ग संपर्क आवश्यक है। पटना एवं गया का संपर्क मुख्य राष्ट्रीय और चुने हुए अन्तर्राष्ट्रीय स्थानों से बढ़ाया जाएगा। हवाई अड्डों पर सुविधाओं को बढ़ाने में निवेश किया जाएगा। देश के विभिन्न शहरों के बीच निजी कंपनियों द्वारा एयर टैक्सी के संचालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। 6.2 सड़क सम्पर्क
हवाई अड्डों और रेलवे स्टेषनों को आइ.टी. पार्क से जोड़ने हेतु संपर्क सड़क का निर्माण किया जाएगा, ताकि कम समय में यात्रा की जा सके। इन सड़क नेटवर्क के विकास करने हेतु मूल्य वर्धित सेवा जैसे अन्तर्राष्ट्रीय सतर की सुविधा, होटल, रेस्त्रां, पेट्रोल पंप, आकस्मिक सेवा इत्यादि भी विकसित की जाएगी।
6.3 विद्युत आपूर्ति
लोक एवं निजी क्षेत्रों में नई विद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहन देकर आइ.टी. उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। वैसी आइ.टी. इकाईयां जो अपना कैप्टिव पावर प्लांट विकसित करेंगी, उन्हें सुविधा और प्रोत्साहन दिया जाएगा। 6.4 विष्वसनीय संप्रेषण लिंक
राज्य सरकार सभी आइ.टी. पार्कों हेतु विष्वसनीय टेलिकॉम सेवा प्रदाताओं को उच्च षक्ति का टेलीकॉम संप्रेषण लिंक लगााने को प्रोत्साहित करेगी। चुने हुए स्थानों में बेस स्टेशन तथा नेटवर्क उपकरण लगाने को प्राथमिकता दी जाएगी। ऑप्टिक फाइबर बिछाने तथा टावर लगाने के सही तरीके सुनिश्चित करने हेतु सिंगल विंडो प्रणाली स्थापित की जाएगी। 6.5 घरेलू रियेल इस्टेट
निजी क्षेत्रों को उच्च कोटि का आवासीय परिसर निर्मित करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसमें पर्याप्त खुली जगह, खेल का मैदान तथा पार्किंग उपलब्ध हों। आइ.टी. पार्कों के आस पास कर्मचारियों एवं उनके परिवार के रहने हेतु घरेलू इकाई का निर्माण किया जाएगा। 6.6 रिटेल एवं मनोरंजन हेतु केन्द्र
बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर, मॉल, 5 एवं 7 सितारा होटल, कैफे, आधुनिक रेस्त्रां, आधुनिक सिनेमाघर एवं मल्टीप्लेक्स खोलने को प्रोत्साहित किया जाएगा। ये सुविधाएं सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सहायी सेवाओं के कर्मचारियों की मनोरंजन की जरूरतों को पूरा करने हेतु होगा।
7.महत्वपूर्ण सूचनाएं
• इस नीति के अंतर्गत मिलने वाली लाभ सिर्फ उन्हें मिलेगे, जिन्होंने ऐसे लाभ किसी और नीति के तहत नही लिये है ।
• सभी संबंधित विभाग इस नीति की घोषणा के बाद एक माह के अंदर प्रासंगिक अधिसूचना जारी करेगे ।
• किसी कमी को दूर करने के लिए विभिन्न लोगों के साथ मध्यावधि समीक्षा की जायेगी । • इस नीति के किसी प्रावधान के समझने में कोई शक या विवाद आने पर प्रधान सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग की अध्यक्षता में गठित समिति के निर्णय द्वारा सुलझाये जायेगें । • इस नीति के अंतर्गत नियमों और प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए खास जोर दिया जायेगा तथा पारदर्शी प्रणाली लागू की जायेगी । 12 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 12 अ,तूबर 2011 • जांच करने पर यदि किसी के द्वारा किये गये दावे में गलती पायी जाती है तो प्रोत्साहन के रूप में ली गयी राशि दण्ड के साथ पब्लिक डिमांड रिकॉवरी एक्ट के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा वापस ले ली जायेगी ।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 573-571+50-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in