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संकल्प
19 सितम्बर 2011 विषयः—सहायक लोक अभियोजको को वर्दी भत्ता की स्वीकृति के संबंध में ।
सहायक लोक अभियोजक संवर्ग वर्ष 1982 तक आरक्षी महानिदेशक के नियंत्रण में था और उस समय तक सहायक लोक अभियोजकों को वर्दी भत्ता मिलता रहा है । वर्ष 1982 में इस संवर्ग के आरक्षी महानिरीक्षक के नियंत्रण से मुक्त होने के पश्चात् सहायक लोक अभियोजकों को वर्दी भत्ता मिलना बन्द हो गया ।
2. सहायक लोक अभियोजकों को पूर्व की भॉंति वर्दी भत्ता जारी रखने हेतु बिहार अभियोजन पदाधिकारी संघ द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में समादेश याचिका सं0 12038/93 दायर किया गया जिसमें पारित न्यायादेश के आलोक में सहायक लोक अभियोजकों को 7 वर्ष में 1000 रु0 प्रारम्भिक वर्दी भत्ता के रूप में तथा 125 रु0 प्रतिमाह वर्दी रख-रखाव (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 25 अ*तूबर 2011 2 4. सम्यक् विचारोपरांत राज्य सरकार द्वारा लोक अभियोजन सेवा के पदाधिकारियों को नीचे अंकित दर एवं शर्त्त के अधीन वर्दी भत्ता तथा धुलाई भत्ता की स्वीकृति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है :-
(i) सहायक लोक अभियोजकों को 2000 रु0 प्रतिवर्ष वर्दी भत्ता के रूप में तथा 200 रु0 प्रति माह वर्दी धुलाई भत्ता के रूप में भुगतान किया जाये ।
(ii) जो सहायक लोक अभियोजक माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थित होगें उन्हें उपर्युक्त दर से राशि देय होगी, लेकिन जो सहायक लोक अभियोजक निदेशालय में पदस्थापित होंगे उन्हें यह भत्ता किसी भी परिस्थिति में अनुमान्य नहीं होगा । जो सहायक लोक अभियोजक किसी न्यायालय के समक्ष उपस्थित होंगे उन्हें अनिवार्य रूप से वर्दी में ही उपस्थित होना होगा ।
(iii) यह भत्ता आदेश निर्गत होने की तिथि से प्रभावी माना जायेगा ।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,