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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666639393939) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव+बनव+बनव+बनव+बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 18 अक्तूबर 2011
सं0 22/नि0सि0(देव0)-10-01/2008/1297—श्री अशोक कुमार सिंह, कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, सिकटिया (झारखण्ड) सम्प्रति जल संसाधन विभाग, बिहार से सेवा-निवृत अधीक्षण अभियन्ता द्वारा उक्त प्रमण्डल में पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय अधिसूचना सं0 766, दिनांक 14 मई 2010 द्वारा निलबित करते हुए विभागीय संकल्प सं0 1049, दिनांक 15 जुलाई 2010 द्वारा सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। इस बीच श्री सिंह दिनांक 31 दिसम्बर 2010 को सेवा-निवृत हो गये। तत्पश्चात समीक्षोपरान्त विभागीय अधिसूचना सं0 17, दिनांक 5 जनवरी 2011 द्वारा इनके सेवा-निवृति की तिथि 31 सितम्बर 2010 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए पूर्व में संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 बी0 के तहत परिवर्तित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 689, दिनांक 15 जून 2011 द्वारा श्री सिंह सेवा-निवृत अधीक्षण अभियन्ता से द्वितीय कारण-पृच्छा की गई। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा में दिये गये तथ्यों एवं संलग्न अभिलेखों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा '' बिना अवकाश स्वीकृत कराये मुख्यालय से बाहर रहने के कारण, गेटों के संचालन के लिए अांशिक दोषी पाया गया है लेकिन विभाग द्वारा समीक्षा में पाया 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव+बर 2011 दिनांक 24 सितम्बर 2007 द्वारा दिनांक 25 सितम्बर 2007 से 26 सितम्बर 2007 तक आकस्मिक अवकाश का आवेदन-पत्र समर्पित कर मुख्यालय से बाहर इलाज के लिए प्रस्थान किये थे। उनके पत्र पर उनके नियंत्री पदाधिकारी अधीक्षण अभियन्ता का हस्ताक्षर अंकित है जो उनकी सहमति को दर्शाता है वर्णित स्थिति में उक्त आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया तथा जॅाच में वित्तीय क्षति का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया। समीक्षोपरान्त श्री अशोक कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल सिकटिया सम्प्रति सेवा-निवृत को सरकार द्वारा दोषमुक्त करने का निर्णय लिया गया।
उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री अशोक कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियन्ता, सिंचाई प्रमण्डल, सिकटिया सम्प्रति जल संसाधन विभाग, बिहार से सेवा-निवृत अधीक्षण अभियन्ता को दोषमुक्त किया जाता है एवं तदनुसार निलंबन अवधि दिनांक 14 मई 2010 से 31 दिसम्बर 2010 तक का नियमानुसार पूर्ण वेतनादि का भुगतान करने का आदेश दिया जाता है। उक्त भुगतान पूर्व में जीवन निर्वाह भत्ता आदि के रूप में की गई राशि के समायोजन के उपरान्त की जाय।
उक्त आदेश श्री सिंह को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
भरत झा,
सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 639-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in