(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666649494949) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव+बनव+बनव+बनव+बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग
-------
अधिसूचना
9 सितम्बर 2011
सं0 22/नि0सि0(वि0) प्र0-1020-/90 अंश I/1151—श्री सिद्वेश्वर शर्मा, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, उतर कोयल बॉध निर्माण अंचल मंडल सम्प्रति सेवा-निवृत्त द्वारा, उक्त प्रमंडल में पदस्थापन अवधि में सोडियम मैपर लैम्प एवं चौक्स की खरीदारी में बरती गयी अनियमितताओं के लिए विभागीय आदेश सं0 15, दिनांक 08 फरवरी 1991 द्वारा इन्हें निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प सं0 2135, दिनांक 7 अक्तूबर 1991 द्वारा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम 55 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। इस बीच श्री शर्मा अधीक्षण अभियन्ता दिनांक 31 जनवरी 1995 को सेवा-निवृत्त हो गये। अतएव उनके विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी0 के तहत विभागीय कार्यवाही चालू रखी गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त कराये गये जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरानत संचालन पदाधिकारी की जॅाच प्रतिवेदन से असहमति व्यक्त करते हुए विभागीय पत्रांक 2039, दिनांक 17 सितम्बर 1996 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री शर्मा से कारण-पृच्छा का उतर प्राप्त नहीं होने पर सरकार द्वारा श्री शर्मा को उनके सेवा-निवृत्ति की तिथि दिनांक 31 जनवरी 1995 से निलंबन से मुक्त करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0 3073, दिनांक 22 सितम्बर 1997 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया।
(1) रु0 90.000 (नब्बे हजार रुपये) की वसूली जो उनके उपादान एवं अन्य पावनाओं से एक मुस्त की 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव+बर 2011 (2)निलंबन अवधि में इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा लेकिन उसकी गणना पेंशन प्रयोजनार्थ की जाएगी। श्री शर्मा द्वारा उक्त दण्डादेश के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0 11659/97 (सिद्वेश्वर शर्मा बनाम बिहार सरकार एवं अन्य) दायर की गयी जिसमें दिनांक 1 अक्तूबर 2010 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय पारित करते हुए उक्त वर्णित दण्डादेश दिनांक 22 सितम्बर 1997 का प्रथम दण्ड 90,000 रु0 (नब्बे हजार रुपये) की वसूली को निरस्त करते हुए तीन माह के अन्दर वापस करने का आदेश पारित किया गया। उक्त याचिका में पारित न्याय निर्णय के विरूद्व सरकार द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एस0 एल0 पी0 सी0, (सी0सी0) सं0 10051/2011 (बिहार सरकार एवं अन्य बनाम सिद्वेश्वर शर्मा) दायर किया गया जिसमें दिनांक 7 जुलाई 2011 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा न्याय निर्णय परित करते हुए उसे खारीज (डिस्मिस) कर दिया गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय के आलोक में मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त सी0 डब्लू0 जे0 सी0-11659/97 में दिनांक 1 अक्तूबर 2010 को पारित न्याय निर्णय का अनुपालन करते हुए रु0 90,000 (नब्बे हजार रुपये ) की वसूली के दण्ड को निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
उपरोक्त वर्णित स्थिति में श्री सिद्वेश्वर शर्मा, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल बांध निर्माण अंचल, मंडल सम्प्रति सेवा-निवृत्त को संसूचित दण्डादेश अधिसूचना सं0 3073, दिनांक 22 सितम्बर 1997 को अांशिक संशोधन करते हुए उक्त दण्डादेश का प्रथम भाग यानि रु0 90,000 (नब्बे हजार रुपये) की वसूली के दण्ड को निरस्त किया जाता हैं।
उक्त आदेश श्री शर्मा को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
भरत झा,
सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 649-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in