(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666653535353) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव,बनव,बनव,बनव,बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 26 अगस्त 2011 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव,बर 2011 (iii) टूटे हुए स्पीलवे की संरचना तथा स्थल पर कराये गये कंक्रीट में सीमेंट की मात्रा निर्धारित मात्रा से कम पायी गयी। 2. उक्त आरोपों के लिये बर्खास्तगी का दण्ड अनुमोदन किये जाने के परिपेक्ष्य में श्री सिंह से द्वितीय कारण-पृच्छा विभागीय पत्रांक 664, दिनांक 4 अप्रील 1996 के द्वारा किया गया तथा पूरे मामले के समीक्षोपरान्त उक्त आरोपों के लिये श्री सिंह को दोषी पाया गया। श्री सिंह के बर्खास्तगी का संलेख मंत्रिमंडल सचिवालय भेजा गया। इसी बीच श्री युगल किशोर सिंह दिनांक 31 जनवरी 1997 को सेवा-निवृत हो गये। यदि वे सेवा में रहते तो इन प्रमाणित गंभीर कदाचार के लिये बर्खास्तगी का दण्ड पाते। अतएव बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 बी0 के अन्तर्गत श्री युगल किशोर सिंह, सहायक अभियन्ता (सेवा-निवृत) को विभागीय आदेश सं0 996-सह-पठित ज्ञापांक 2899, दिनांक 13 सितम्बर 1997 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित किया गयाः- ''शत प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिये रोक एवं उपादान भी देय नहीं होगा''। श्री युगल किशोर सिंह, तत्कालीन अधिदर्शक अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा उनके निलंबन आदेश सं0 162, दिनांक 3 जुलाई 1990 के विरूद्व पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एक समादेश याचिका, सी0 डब्लुू0 जे0 सी0 सं0 1950/92 दायर किया गया था जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 27 अगस्त 1992 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश सं0 401-सह-पठित ज्ञापांक 834, दिनांक 26 फरवरी 1998 द्वारा पूर्व के विभागीय आदेश सं0 822/823, दिनांक 17 अप्रील 1993 को विलोापित करते हुए श्री सिंह को दिनांक 1 नवम्बर 1992 से निलंबन से मुक्त करने एवं निलंबन अवधि दिनांक 3 जुलाई 1990 से 31 अक्तूबर 1992 तक निलंबन भत्ता के अतिरिक्त कुछ देय नहीं होगा परन्तु उक्त अवधि की गणना पेंशन के प्रयोजनार्थ करने तथा उसके बाद पूर्ण वेतनादि देय होने का निर्णय संसूचित करने संबंधी पूरक आदेश निर्गत किया गया। 3. श्री युगल किशोर सिंह, सेवा-निवृत सहायक अभियन्ता द्वारा विभागीय दण्डादेशों के विरूद्व माननीय उच्च न्यायालय, पटना में समादेश याचिका सी0 डब्लुू0 जे0 सी0 सं0 3559/98 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा उक्त वाद में दिनांक 24 मार्च 2011 को न्याय निर्णय पारित करते हुए निम्नांकित विभागीय आदेशों को निरस्त करते हुए वादी श्री सिंह को उनके निलंबन अवधि के वेतन का बकाया राशि का भुगतान करने, उनके पेंशन का निर्धारण करने और पेंशन के बकाया राशि का भुगतान करने के साथ-साथ अन्य सेवान्त लाभो एवं पूर्ण उपादान का भुगतान करने का निर्देश विभाग को दिया गयाः-
i. विभागीय आदेश सं0 996, दिनांक 13 सितम्बर 1997 ii. आदेश सं0 401, दिनांक 26 फरवरी 1998 iii. आदेश ज्ञापांक 4281, दिनांक 17 दिसम्बर 1998 जिसके द्वारा श्री सिंह का पेंशन एवं उपादान शून्य निर्धारित किया गया था।
4. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा सी0 डब्लुू0 जे0 सी0 सं0 3569/98 में दिनांक 24 मार्च 2011 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में विभाग द्वारा विधि विभाग के माध्यम से विद्वान महाधिवक्ता से परामर्श प्राप्त किया गया एवं प्राप्त विधिक परामर्श के आलोक में न्याय निर्णय का अनुपालन करते हुए निर्गत दण्डादेशों को निरस्त करने एवं श्री सिंह को देय सभी पावनाओं का भुगतान करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय श्री युगल किशोर सिंह, सेवा-निवृत सहायक अभियन्ता को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 653-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in