Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 November 2011

Published 17 November 2011

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2011-11-17.659
Languages
English, Hindi
िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666659595959) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव,बनव,बनव,बनव,बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 7 जुलाई 2011सं0 22/नि0सि0(सिवान0)-11-06/2009/822—श्री मिथलेश कुमार वर्मा, तत्कालीन अवर प्रमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, छपरा के पद पर कार्यरत अवधि में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, नियम के विरुद्ध उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने, स्थानान्तरण के पश्चात अनाधिकृत रूप से राशि की निकासी करने आदि प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 837, दिनांक 25 अगस्त 2009 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किया गया। विभागीय कार्यवाही में जॅाच पदाधिकारी द्वारा समर्पित जॅाच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त निम्न आरोप प्रमाणित पाये गयेः- (1) बाढ़ अवधि में बिना सक्षम पदाधिकारी की अनुमति प्राप्त किये ही आकस्मिक अवकाश का आवेदन समर्पित कर मुख्यालय छोड़ देना। (2) उनके कार्यकलाप एवं पत्राचार से बिहार सरकारी सेवक नियामवली में निहित प्रावधानों के प्रतिकूल कार्य करना एवं (3) प्राप्त अस्थायी अग्रिम की राशि के विरुद्ध कार्य समाप्ति के पश्चात एवं उनके प्रतिस्थानी के द्वारा स्वतः प्रभार ग्रहण किये जाने की संपुष्टि होने के उपरान्त भी प्रभार एवं लेखा नहीं सौपना बल्कि उसके बाद की तिथि में राशि की निकासी करना। सरकार द्वारा उक्त प्रमाणित आरोपों के लिये विभागीय पत्रांक 172, दिनांक 15 फरवरी 2011 द्वारा श्री वर्मा, अवर प्रमण्डल पदाधिकारी से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री वर्मा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का उतर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षोपरान्त निम्न तथ्य पाये गये- (1) आरोप सं0-1 के लिए श्री वर्मा द्वारा माह जून के पूर्ण माह का वेतन भुगतान प्राप्त हो जाने से संबंधित ''ए'' रॅाल एवं माननीय उच्च न्यायालय, पटना के दिनांक 01 मई 2009 को पारित न्याय निर्णय एवं विभागीय आदेश 1601, दिनांक 20 मई 2009 की छाया प्रति संलग्न किया गया है। जबकि आरोप बाढ़ अवधि में दिनांक 22 जून 2009 से 03 जुलाई 2009 तक बिना सक्षम पदाधिकारी से स्वीकृति प्राप्त किये ही मुख्यालय से बाहर जाने का है। उनके द्वारा साक्ष्य के रूप में संलग्न ''ए'' रोल की छायाप्रति में न तो उनका नाम ही अंकित है 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव,बर 2011 एवं न ही ''ए'' रॅाल कार्यपालक अभियन्ता के द्वारा हस्ताक्षरित है, अतः उसकी कोई बैघता नहीं रह जाती है। माननीय उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा पारित न्याय निर्णय में उनके स्थानान्तरण आदेश को रद्द करते हुये उक्त अवधि के वेतन भुगतान (यदि किसी अन्य कारण से न रोका गया हो) करने का निर्णय पारित किया है, न कि अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के लिये। अतः श्री वर्मा पर आरोप सं0-1 प्रमाणित होता है। (2) आरोप सं0-2 के लिये श्री वर्मा द्वारा स्थानान्तरण/ पदस्थापन से संबंधित परिपत्रों की छाया प्रति साक्ष्य के रूप में प्राप्त कराई गई है जबकि उनके द्वारा स्थानान्तरण के अलावे अन्य मामलों जैसे ए0 सी0 पी0 के भुगतान, बकाया बेतन भुगतान, प्रतिनियुक्ति को रद्द किये जाने के विरुद्ध माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया एवं विभागीय पदाधिकारियों पर असंसदीय टिप्पणी करने तथा दबाब बनाने का कार्य किया गया जिसकी सम्पुष्टि विभिन्न पत्रों से होती है। अतः श्री वर्मा द्वारा किये गये पत्राचार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली में निहित प्रावधानों के प्रतिकूल कार्य करने का आरोप प्रमाणित होता है। (3) आरोप सं0-3 के लिये श्री वर्मा द्वारा स्पष्टीकरण आरोप के विन्दु से हटकर दिया गया हैं धाधरा नदी के किनारे नेवाजी टोला के कटाव निरोधक कार्य हेतु दिनांक 18 जून 2008 को रू0 5.00 लाख अस्थायी अग्रिम श्री वर्मा द्वारा प्राप्त किया गया एवं इस कार्य के विरुद्ध उनके द्वारा दिनांक 30 जुलाई 2008 से 21 नवम्बर 2008 की अवधि में रु0 2,47,848 (दो लाख सैतालीस हजार आठ सौ अड़तालीस रु0) की निकासी बैंक से की गयी जिसमें से कनीय अभियन्ता को कुल रु0 1,60,848 (एक लाख साठ हजार आठ सौ अड़तालीस रु0) अस्थायी अग्रिम चेक द्वारा दिया गया जिसका प्रमाण संलग्न है एवं कार्य से संबंधित प्रपत्र-8, 9 एवं 10 भी समर्पित किया गया है। श्री जफीर अहसन प्रतिस्थायी सहायक अभियन्ता के द्वारा स्वतः प्रभार ग्र्रहण करने के पश्चात इस मामले को संज्ञान में लाये जाने के पश्चात दिनांक 5 मार्च 2009 को श्री वर्मा द्वारा रु0 81,000 (एकासी हजार रुपया) की राशि बैंक खाता में नगद रूप से जमा की गयी। जिससे स्पष्ट प्रमाणित होता है कि उक्त राशि रु0 81,000 (एकासी हजार रुपया) की निकासी स्वयं श्री वर्मा के द्वारा कार्य समाप्त होने एवं बाढ़ अवधि के दौरान की गयी जो उनकी गलत मंशा एवं सरकारी राशि के अवैध निकासी की पुष्टि करता है जो गंभीर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। अतः श्री वर्मा पर वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप प्रमाणित होता है। वर्णित स्थिति में श्री वर्मा के विरुद्ध उक्त वर्णित तीनों आरोप प्रमाणित पाया गया जिसके लिये निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः- (1) निन्दन वर्ष 2008-09 (2) पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। अतएव एतद्‌द्वारा श्री मिथिलेश कुमार वर्मा, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, छपरा सम्प्रति अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सिंचाई अवर प्रमण्डल, उदाकिशुनगंज, मधेपुरा को उक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 659-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 November 2011. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2011-11-17.659/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2011-11-17.659.