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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666659595959) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव,बनव,बनव,बनव,बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 7 जुलाई 2011 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव,बर 2011 एवं न ही ''ए'' रॅाल कार्यपालक अभियन्ता के द्वारा हस्ताक्षरित है, अतः उसकी कोई बैघता नहीं रह जाती है। माननीय उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा पारित न्याय निर्णय में उनके स्थानान्तरण आदेश को रद्द करते हुये उक्त अवधि के वेतन भुगतान (यदि किसी अन्य कारण से न रोका गया हो) करने का निर्णय पारित किया है, न कि अनाधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने के लिये। अतः श्री वर्मा पर आरोप सं0-1 प्रमाणित होता है। (2) आरोप सं0-2 के लिये श्री वर्मा द्वारा स्थानान्तरण/ पदस्थापन से संबंधित परिपत्रों की छाया प्रति साक्ष्य के रूप में प्राप्त कराई गई है जबकि उनके द्वारा स्थानान्तरण के अलावे अन्य मामलों जैसे ए0 सी0 पी0 के भुगतान, बकाया बेतन भुगतान, प्रतिनियुक्ति को रद्द किये जाने के विरुद्ध माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया एवं विभागीय पदाधिकारियों पर असंसदीय टिप्पणी करने तथा दबाब बनाने का कार्य किया गया जिसकी सम्पुष्टि विभिन्न पत्रों से होती है। अतः श्री वर्मा द्वारा किये गये पत्राचार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली में निहित प्रावधानों के प्रतिकूल कार्य करने का आरोप प्रमाणित होता है। (3) आरोप सं0-3 के लिये श्री वर्मा द्वारा स्पष्टीकरण आरोप के विन्दु से हटकर दिया गया हैं धाधरा नदी के किनारे नेवाजी टोला के कटाव निरोधक कार्य हेतु दिनांक 18 जून 2008 को रू0 5.00 लाख अस्थायी अग्रिम श्री वर्मा द्वारा प्राप्त किया गया एवं इस कार्य के विरुद्ध उनके द्वारा दिनांक 30 जुलाई 2008 से 21 नवम्बर 2008 की अवधि में रु0 2,47,848 (दो लाख सैतालीस हजार आठ सौ अड़तालीस रु0) की निकासी बैंक से की गयी जिसमें से कनीय अभियन्ता को कुल रु0 1,60,848 (एक लाख साठ हजार आठ सौ अड़तालीस रु0) अस्थायी अग्रिम चेक द्वारा दिया गया जिसका प्रमाण संलग्न है एवं कार्य से संबंधित प्रपत्र-8, 9 एवं 10 भी समर्पित किया गया है। श्री जफीर अहसन प्रतिस्थायी सहायक अभियन्ता के द्वारा स्वतः प्रभार ग्र्रहण करने के पश्चात इस मामले को संज्ञान में लाये जाने के पश्चात दिनांक 5 मार्च 2009 को श्री वर्मा द्वारा रु0 81,000 (एकासी हजार रुपया) की राशि बैंक खाता में नगद रूप से जमा की गयी। जिससे स्पष्ट प्रमाणित होता है कि उक्त राशि रु0 81,000 (एकासी हजार रुपया) की निकासी स्वयं श्री वर्मा के द्वारा कार्य समाप्त होने एवं बाढ़ अवधि के दौरान की गयी जो उनकी गलत मंशा एवं सरकारी राशि के अवैध निकासी की पुष्टि करता है जो गंभीर वित्तीय अनियमितता का द्योतक है। अतः श्री वर्मा पर वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप प्रमाणित होता है। वर्णित स्थिति में श्री वर्मा के विरुद्ध उक्त वर्णित तीनों आरोप प्रमाणित पाया गया जिसके लिये निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः- (1) निन्दन वर्ष 2008-09 (2) पॅाच वेतनवृद्वि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। अतएव एतद्द्वारा श्री मिथिलेश कुमार वर्मा, तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमण्डल, छपरा सम्प्रति अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सिंचाई अवर प्रमण्डल, उदाकिशुनगंज, मधेपुरा को उक्त दण्ड संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु4ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 659-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in