(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 26262626 काित ककाित ककाित ककाित क 1933193319331933 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 666660606060) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 17171717 नव+बनव+बनव+बनव+बरररर 2020202011111111 जल संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 7 जुलाई 2011 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 17 नव+बर 2011 उपरोक्त परिपेक्ष में विभागीय पत्रांक 78, दिनांक 23 जनवरी 2003 द्वारा संचालन पदाधिकारी का जॅाच प्रतिवेदन संलग्न करते हुए सरकार द्वारा जॅाच प्रतिवेदन से असहमति का विन्दू देते हुए एवं उपरोक्त दण्ड को सरकार के निर्णय से अवगत कराते हुए श्री यादव से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। श्री यादव से द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव प्राप्त हुआ। सरकार के स्तर पर पुनः इसकी समीक्षा की गयी। सम्यक समीक्षोपरान्त सरकार द्वारा श्री रूद्र नारायण यादव, कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) के विरूद्व निम्नांकित आरोप प्रमाणित पाये गयेः- (1) मुख्य अभियन्ता, पटना द्वारा गठित समिति ने 2,05 लाख घनफीट मिट्टी की कमी पायी गयी और जिला पदाधिकारी, गया द्वारा प्राधिकृत दल, जिसमें एक सहायक अभियन्ता भी थे, के द्वारा 71352 घन मी0 मिट््टी की कमी पायी गयी। कम से कम 71,352 धन मी0 मिट्टी की कमी 25,184 रु0 तो प्रमाणित है, क्योंकि इनके द्वारा खन्ता मापी के आधार पर मात्रा निकाली गयी है। खन्ता मापी के आधार पर कार्य की मात्रा अधिक हो सकती है कम नहीं। संचालन पदाधिकारी का यह कथन मान्य नहीं कि इस तरह फीता से ली गयी मापी में 15 से 20 प्रतिशत तक भेरिएशन हो सकता है, क्योंकि इस मामले में बेड डेथ लगभग 1.5 फीट ही है। (2) संचालन पदाधिकारी भी संदेह का लाभ दिया जाना। (3) दोनों जॅाच प्रतिवेदनों से यह उजागर होना कि मार्च 2000 के भुगतान के बाद माननीय मंत्री के निरीक्षण होने की तिथि की सूचना प्राप्त होने के बाद नहर का कार्य होना/करने का प्रयास किया जाना। अतः उपरोक्त प्रमाणित आरोपों के लिए सरकार द्वारा श्री रूद्र नारायण यादव, कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) को निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड देने का निर्णय लिया गयाः- (क) देय तिथि से तीन वर्षो तक प्रोन्नति पर रोक। (ख) 10 (दस) हजार रूपये की वसूली। (ग) निलंबन से मुक्त करते हए निलबन अवधि में अनुमान्य जीवन यापन-भत्ता देय होगा तथा यह अवधि वेतनवृद्वि एवं पेंशनादि के प्रयोजनार्थ गणना की जायेगी। विभागीय अधिसूचना सं0 844, दिनांक 22 जुलाई 2003 द्वारा श्री रूद्र नारायण यादव, कार्यपालक अभियन्ता (निलंबित) को निलंबन से मुक्त करते हुए उपरोक्त दण्ड द्वारा संसूचित किया गया। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्व श्री यादव द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0 डब्लू0 जे.0 सी0 सं0 10720/04 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 5 अगस्त 2010 को पारित न्याय निर्णय में श्री यादव को संसूचित दण्डादेश जो रिट यााचिका के एनेक्सचर-08 (विभागीय अधिसूचना सं0 844, दिनांक 22 जुलाई 2003) के रूप में रक्षित है, को रद्द कर दिया गया। उक्त की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त उक्त दण्डादेश संबंधी विभागीय अधिसूचना सं0 844, दिनांक 22 जुलाई 2003 को रद्द करने का निर्णय लिया गया। अतः एद्त द्वारा श्री रूद्र नारायण यादव, सेवा-निवृत कार्यपालक अभियन्ता को उक्त निर्णय संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भरत झा, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 660-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in