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अधिसूचना
6 सितम्बर 2011
सं0 निग/सारा-10- भवन-आरोप-55/2010-10039 (एस)—श्री सुखदेव लाल, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, गया सम्प्रति सेवा-निवृत, साकेतपुरी, अम्बेदकर चौक से दक्षिण, हनुमान नगर, पटना-800026 के विरूद्ध भवन अंचल, गया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं यथा माननीय मंत्री, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना के भवन अंचल, गया के कार्यों की समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यालय में उपस्थित नहीं रहने तथा निविदा के निष्पादन में अनियमितता के लिए भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 6713 अनु0, दिनांक 17 जुलाई 2007 द्वारा श्री लाल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री लाल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पत्रांक 380 (अनु0), दिनांक 17 अगस्त 2007 को समीक्षोपरान्त भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना ने अपने पत्रांक 4099 (भ) अनु0, दिनांक 25 मई 2010 द्वारा समीक्षात्मक टिप्पणी उपलब्ध कराते हुए श्री लाल के विरूद्ध वृहद दण्ड देने की अनुशंसा पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना से की।
पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा समीक्षोपरान्त पाया गया कि भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा उपलब्ध कराये गये समीक्षात्मक टिप्पणी में श्री लाल के विरूद्ध लगाये गये आरोप की लघु दण्ड की प्रकृति का बताया गया। जो उनकी दिनांक 30 नवम्बर 2008 सेवा-निवृति के कारण लधु दण्ड प्रभावहीन हो जाता है। साथ ही भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्राप्त अभिलेख से यह भी स्पष्ट नहीं हुआ कि श्री लाल द्वारा बरती गयी 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 24 नव+बर 2011 अनुशंसा पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया। भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना ने अपने पत्रांक 8255 (भ), दिनांक 26 अक्तूबर 2010 द्वारा यह सूचित किया गया कि संदर्भित मामले में पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्णय लेने हेतु स्वयं सक्षम है।
तत्पश्चात् श्री लाल के विरूद्ध लगाये गये आरोपों की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री लाल के कृत्य से सरकार को कोई वित्तीय क्षति नहीं हुई है। यदि श्री लाल सेवा में बने रहते तो उन्हें इस हेतु चेतावनी, निन्दन या अन्य कोई लघु दण्ड दिया जा सकता था जो उनके सेवा-निवृति के कारण उक्त लघु दण्ड की उपादेयता नहीं है।
तद्आलोक में पूर्ण समीक्षोपरान्त श्री सुखदेव लाल, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, गया सम्प्रति सेवा-निवृत, साकेतपुरी, अम्बेदकर चौक से दक्षिण, हनुमान नगर, पटना-800026 को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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अधी,क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 684-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in