िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
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(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 9 9 9 9 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1931931931933333 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 48484848 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ————————
30303030 नव(बनव(बनव(बनव(बरररर 2020202011111111 ((((ईईईई0000)))) भाग-1—िनयु(cid:18)2, पदःथापन, बदली, श(cid:18)2, छु 8ट(cid:15) और अ:य ;य(cid:18)2गत सूचनाएं। 2-16 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु?मA के समादेंटाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Jाओं के पर(cid:15)Jा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान, आPद।
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भाग-1-ग—िशJा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Jाफल आPद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयJA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आPद। ---
भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटA के उXरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर सिमितयA के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक।
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भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ Qयेंठअनुमित िमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व_ापन
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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, :यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इaयाPद। 17-17 पूरक
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पूरक-क 19-282 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2, , , , छु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:यछु 8ट(cid:15) और अ:य वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
कृषि विभाग ——— अधिसूचना 16 नवम्बर 2011 सं॰ 1/ए॰जी॰-31/2011-7443/—॰—बिहार कृषि सेवा, कोटि-1 (शष्य) के निम्नांकित पदाधिकारियों को कार्यहित में एवं प्रशासनिक आधार पर स्थानान्तरित करते हुए उनके नाम के सामने कॉलम-3 में अंकित पद एवं स्थान पर तत्कालिक प्रभाव से पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र॰ | पदाधिकारी का नाम एवं वर्त्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन स्थान | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री जगदेव राम, उप-कृषि निदेशक (रसायन), बिहार, पटना | संयुक्त कृषि निदेशक, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर। | अपने ही वेतनमान में |
| 2 | श्री सुरेन्द्र प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी (प्रसार) सीतामढ़ी | जिला कृषि पदाधिकारी, सीतामढ़ी | अपने ही वेतनमान में |
| 3 | श्री संजय कुमार, उप-कृषि निदेशक (प्रसार), बिहार, पटना | जिला कृषि पदाधिकारी, जहानाबाद | |
| 4 | श्री उमेश प्रसाद मंडल, उप-कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र), पूर्णियाँ | जिला कृषि पदाधिकारी, सहरसा | |
| 5 | श्री ब्रजेश कुमार, उप-कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) योजना, बिहार, पटना। | जिला कृषि पदाधिकारी, शेखपुरा | |
| 6 | श्री कैलाशनाथ, (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य), जहानाबाद। | |
| 7 | श्री नरेन्द्र कुमार शर्मा, (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य) भागलपुर। | |
| 8 | श्री देवेन्द्र प्रसाद चौधरी, (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) | अवकाश रक्षित पदाधिकारी, कार्यालय संयुक्त कृषि निदेशक (उपयोगी अनुसंधान) बिहार, पटना। | |
| 9 | श्री विजय कुमार द्विवेदी, (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, बेतिया, प॰ चम्पारण। | |
| 10 | श्री सुखचन्द्र झा, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज (सुपौल) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, शिवहर। | अपने ही वेतनमान में |
| 11 | श्री सुभाषचन्द्र, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, सासाराम | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, खगड़िया। | अपने ही वेतनमान में |
| 12 | श्री चन्द्रशेखर चौधरी, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, पीरो (भोजपुर) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, बाँका | अपने ही वेतनमान में |
| 13 | श्री संजय शरण, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, बक्सर | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य), दलसिंहसराय, समस्तीपुर। | - |
| 14 | श्री शैलेन्द्र कुमार, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, मोहनियाँ (कैमूर) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, किशनगंज। | अपने ही वेतनमान में |
| 15 | श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, नं॰-2 परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, बनमनखी (पूर्णियाँ) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, नवादा। | अपने ही वेतनमान में |
| 16 | श्री बनारसी मिश्र, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, धमदाहा (पूर्णियाँ) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, सुपौल। | अपने ही वेतनमान में |
| 17 | मो॰ अमजद मारूफ, परियोजना कार्यपालक पदाधिकारी, विक्रमगंज (रोहतास) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, जहानाबाद। | अपने ही वेतनमान में |
| 18 | श्री चन्द्रमोहन प्रसाद सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, नरपतगंज । | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, गोपालगंज। | अपने ही वेतनमान में |
| 19 | श्री अमर राय, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, वैसा (पूर्णियाँ) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, सासाराम (रोहतास)। | अपने ही वेतनमान में |
| 20 | श्री सुशील कुमार, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, वायसी (पूर्णियाँ) | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, जमुई | अपने ही वेतनमान में |
| 21 | श्री कामेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, तकनीकी पदाधिकारी, पाट, पूर्णियाँ। | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, रोसड़ा (समस्तीपुर)। | |
| 22 | श्री नरेन्द्र प्रसाद सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, टेढागाछ (किशनगंज)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, अररिया। | अपने ही वेतनमान में |
| 23 | श्री सत्येन्द्र नारायण सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, ठाकुरगंज (किशनगंज)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, नालंदा। | अपने ही वेतनमान में |
| 24 | श्री ललन प्रसाद, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, धमदाहा (पूर्णियाँ)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, शेखपुरा। | अपने ही वेतनमान में |
| 25 | श्री रामरतन सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, कोचाधामन (किशनगंज)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, जमुई | अपने ही वेतनमान में |
| 26 | श्री बैद्यनाथ शर्मा, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, पूर्णियाँ (पूर्व)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी)। | अपने ही वेतनमान में |
| 27 | श्री शंभू प्रसाद सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, कटिहार। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, लखीसराय। | अपने ही वेतनमान में |
| 28 | श्री रामेश्वर साहू, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, कृत्यानन्दनगर (पूर्णियाँ)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, सीतामढ़ी। | अपने ही वेतनमान में |
| 29 | श्री अंजनी कुमार सिंह, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, अररिया। | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य) दरभंगा। | |
| 30 | श्री कमलाकान्त यादव, सहायक पाट विकास पदाधिकारी, फारविसगंज (अररिया)। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, जमुई | अपने ही वेतनमान में |
| 31 | श्री सच्चिदानन्द शर्मा, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार) नवादा-2 | उप परियोजना निदेशक, आत्मा, दरभंगा। | अपने ही वेतनमान में |
| 32 | श्री राम प्रकाश सिंह, विषयवस्तु विशेषज्ञ कार्यालय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार) बिहारशरीफ-1 | उप परियोजना निदेशक, आत्मा, अरवल। | अपने ही वेतनमान में |
| 33 | श्री महेश प्रसाद झा, विषयवस्तु विशेषज्ञ कार्यालय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार), लखीसराय। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, किशनगंज। | अपने ही वेतनमान में |
| 34 | श्री बबन राय, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार) भागलपुर-2 | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य) मसौढ़ी, पटना। | |
| 35 | श्री देवनारायण सिंह, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार) नवगछिया, भागलपुर। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, समस्तीपुर। | अपने ही वेतनमान में |
| 36 | श्री रामचन्द्र यादव, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार) शेखपुरा | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, बाँका | अपने ही वेतनमान में |
| 37 | श्री सुदर्शन प्रसाद शाही, विषयवस्तु विशेषज्ञ कार्यालय जिला कृषि पदाधिकारी (प्रसार), भागलपुर। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, मधुबनी। | अपने ही वेतनमान में |
| 38 | श्री दीपक कुमार सिन्हा, सहायक बीज परीक्षण पदाधिकारी, भागलपुर। | अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (सामान्य), बक्सर। | - |
| 39 | श्री श्रवण कुमार सिंह, विषयवस्तु विशेषज्ञ कार्यालय अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (प्रसार), भागलपुर। | उप-परियोजना निदेशक, आत्मा, औरंगाबाद। | अपने ही वेतनमान में |
संबंधित नियंत्री पदाधिकारी स्थानान्तरित पदाधिकारियों को तुरंत विरमित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जगदीश प्रसाद चौहान, संयुक्त सचिव।4 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
fof/k foHkkx
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vf/klwpuk,a
21 vDrwcj 2011
एस0ओ0 399, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 2272/जे0, दिनांक 16 जून 2000 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री नवीण रंजन सहाय, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 16 जून 2003 से 15 जून 2008 एवं 16 जून 2008 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री नवीण रंजन सहाय | अधिवक्ता, व्यवहार न्यायालय भागलपुर | 16.06.2000 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | भागलपुर जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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21 vDrwcj 2011
एस0ओ0 400, एस0ओ0 399 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-40/98/7808/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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The 21st October 2011
S.O. 399, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Navin Ranjan Sahay and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 2272/J, dated 16th June 2000 to practice as notary 16th June 2003 to 15th June 2008 again for the next five years from 16th June 2008.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Navin Ranjan Sahay | Advocate, Civil Court, Bhagalpur | 16.06.2000 | B.A L.L.B | Bhagalpur District |
(File no.-A/Not-40/98/7808/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
5 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201121 vDrwcj 2011
एस0ओ0 401, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 5273/जे0, दिनांक 11 अक्तूबर 1990 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री कमल किशोर केडिया, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 11 अक्तूबर 1996 से 10 अक्तूबर 1999, 11 अक्तूबर 1999 से 10 अक्तूबर 2002, 11 अक्तूबर 2002 से 10 अक्तूबर 2007 एवं 11 अक्तूबर 2007 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अर्हता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री कमल किशोर क डिया े | अधिवक्ता, नौगछिया अनुमंडल | 11.10.90 | नौगछिया अनुमंडल |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
21 vDrwcj 2011
एस0ओ0 402, एस0ओ0 401 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/ए0बी0-31/88/7809/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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The 21st October 2011
S.O. 401, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Kamal Kishor Kedia and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 5273/J, dated 11th October 1990 to practice as notary 11th October 1996 to 10th October 1999, 11th October 1999 to 10th October 2002, 11th October 2002 to 10th October 2007 again for the next five years from 11th October 2007.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Kamal Kishor Kedia | Advocate, Naugachia Sub-division | 11.10.90 | Naugachia Sub-division |
(File no.-A/AB-31/88/7809/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
6 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201121 vDrwcj 2011
एस0ओ0 403, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 2714/जे0, दिनांक 7 अगस्त 2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री मो0 आदिल रसीद, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 7 अगस्त 2007 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मो0 आदिल रसीद | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, पटना | 07.08.02 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
21 vDrwcj 2011
एस0ओ0 404, एस0ओ0 403 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-54/2000/7810/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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The 21st October 2011
S.O. 403, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Md. Adil Rashid and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 2714/J, dated 7th August 2002 to practice as notary again for the next five years from 7th August 2007.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Md. Adil Rashid | Advocate, Civil Court Patna | 07.08.2002 | M.A L.L.B | Patna District |
(File no.-A/Not-54/2000/7810/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
7 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 20113 uoEcj 2011
एस0ओ0 405, दिनांक 30 नवम्बर 2011—न नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3688/जे0, दिनांक 14 नवम्बर 2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री राजीव रंजन सिन्हा, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 14 नवम्बर 2007 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राजीव रंजन सिन्हा | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, भभुआ, जिला-कैमूर | 14.11.02 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | क मूर ै जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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3 uoEcj 2011
एस0ओ0 406, एस0ओ0 405 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-44/2000/7994/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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The 3rd November 2011
S.O. 405, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Rajiv Ranjan Sinha and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 3688/J, dated 14th November 2002 to practice as notary again for the next five years from 14th November 2007.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Rajiv Ranjan Sinha | Advocate, Civil Court, Bhabua, Dist- Kaimur | 14.11.02 | B.S.C L.L.B | Kaimur Distt |
(File no.-A/Not-44/2000/7994/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
,8 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
3 uoEcj 2011
एस0ओ0 407, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 3953/जे0, दिनांक 17 नवम्बर 1998 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री मनमथ प्रसाद सिंह, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 17 नवम्बर 2011 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मनमथ प्रसाद सिंह | अधिवक्ता, मुजफ्फरपुर, सिविल कोर्ट | 17.11.98 | बी0एल0 | मुजफ्फरपुर जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
3 uoEcj 2011
एस0ओ0 408, एस0ओ0 407 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-47/93/7995/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 3rd November 2011
S.O. 407, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Manmath Prasad singh and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 3953/J, dated 17th November 1998 to practice as notary again for the next five years from 17th November 2011.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Manmath Prasad singh | Advocate, Muzaffarpur | 17.11.98 | B.L | Muzaffarpur |
(File no.-A/Not-47/93/7995/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
,9 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
15 uoEcj 2011
एस0ओ0 411, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 3811/जे0, दिनांक 14 नवम्बर 1995 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री मो0 तौहिद आजम, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 14 नवम्बर 2006 से 13 नवम्बर 2011 एवं दिनांक 14 नवम्बर 2011 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मो0 तौहिद आजम | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, सासाराम | 14.11.95 | रोहतास जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
15 uoEcj 2011
एस0ओ0 412, एस0ओ0 411 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-32/94/8205/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 15th November 2011
S.O. 411, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Md. Tauheed Azam and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 3811/J, dated 14th November 1995 to practice as notary from 14th November 2006 to 13th November 2011 and again for the next five years from 14th November 2011.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Md. Tauheed Azam | Advocate, Civil Court, Sasaram | 14.11.95 | Rohtas Distt. |
(File no.-A/Not-32/94/8205/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
10 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201115 uoEcj 2011
एस0ओ0 413 दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 787/जे0, दिनांक 4 फरवरी 1985 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री प्रताप नारायण शर्मा, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 4 फरवरी 2003 से 3 फरवरी 2008 एवं दिनांक 4 फरवरी 2008 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री प्रताप नारायण शर्मा | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, पटना | 04.02.85 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
15 uoEcj 2011
एस0ओ0 414, एस0ओ0 413 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा ।
(सं0 सं0-ए0/ए0बी0-34/84/8207/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 15th November 2011
S.O. 413, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Pratap Narayan Sharma and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 787/J, dated 04th February 1985 to practice as notary from 4th February 2003 to 3rd February 2008 and again for the next five years from 4th February 2008.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Pratap Narayan Sharma | Advocate, Civil Court, Patna | 04.02.85 | B.A L.L.B | Patna Distt |
(File no.-A/A.B-34/84/8207/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
11 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201116 uoEcj 2011
एस0ओ0 415, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2595/जे0, दिनांक 9 जून 1992 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री श्रीनिवास सिंह, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 9 जून 2011 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री श्रीनिवास सिंह | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, विक्रमगंज जिला-रोहतास | 09.06.92 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | विक्रमगंज अनुमंडल |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
16 uoEcj 2011
एस0ओ0 416, एस0ओ0 415 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-45/91/8274/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 16th November 2011
S.O. 415, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sriniwas singh and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 2595/J, dated 9th June 1992 to practice as notary again for the next five years from 9th June 2011.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sriniwas singh | Advocate, Civil Court, Bikramganj Distt-Rohtas | 09.06.92 | B.Sc L.L.B | Bikramganj Subdivision |
(File no.-A/Not-45/91/8274/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
12 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201116 uoEcj 2011
एस0ओ0 417, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 2142/जे0, दिनांक 31 मार्च 1993 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री सूर्यदेव तिवारी, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 31 मार्च 1999 से 30 मार्च 2002, 31 मार्च 2002 से 30 मार्च 2007 एवं 31 मार्च 2007 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सुर्यदेव तिवारी | अधिवक्ता, नोटरी, हथुआ गोपालगंज | 31.03.93 | बी0ए0 बी0एल0 | हथुआ अनुमंडल |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
16 uoEcj 2011
एस0ओ0 418, एस0ओ0 417 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-36/92/8275/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 16th November 2011
S.O. 417, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Surya Deo Tiwary and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 2142/J, dated 31st March 1993 to practice as notary again from 31st March 1999 to 30th March 2002, 31st March 2002 to 30th March 2007 and for the next five years from 31st March 2007.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Surya Deo Tiwary | Advocate, Notary Hathua Gopalganj | 31.03.93 | B.A B.L | Hathua Sub-division |
(File no.-A/Not-36/92/8275/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
13 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201116 uoEcj 2011
एस0ओ0 419, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 4176/जे0, दिनांक 21 नवम्बर 2000 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री ललन सिंह, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 21 मार्च 2003 से 20 नवम्बर 2008 एवं 21 नवम्बर 2008 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री ललन सिंह | अधिवक्ता, नोटरी, गोपालगंज | 21.11.2000 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | गोपालगंज जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(v)-07/07/8276/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
16 uoEcj 2011
एस0ओ0 420, एस0ओ0 419 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(v)-07/07/8276/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 16th November 2011
S.O. 419, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Lallan Singh and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 4176/J, dated 21st November 2000 to practice as notary again from 21st November 2003 to 20th November 2008 and for the next five years from 21st November 2008.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Lallan Singh | Advocate, Notary Gopalganj | 21.11.2000 | B.A L.L.B | Gopalganj District |
(File no.-A/Not(v)-07/07/8276/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
14 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 201116 uoEcj 2011
एस0ओ0 421, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज ऐक्ट, 1952(53, 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल नोटरीज ऐक्ट, 1952 (53, 1952) की धारा-3 और नोटरीज रूल्स, 1956 के नियम-8 के उप-नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या 280/जे0, दिनांक 24 जनवरी 1980 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक श्री राम कुमार शर्मा, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा नीचे अंकित है, को दिनांक 25 जनवरी 2001 से 24 जनवरी 2006, एवं 25 जनवरी 2006 से पुनः अगामी पॉच वर्षो के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय एवं व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभ्युक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राम कुमार शर्मा | अधिवक्ता, नोटरी, छपरा | 07.07.80 | बी0ए0 बी0एल0 | सारण जिला |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
16 uoEcj 2011
एस0ओ0 422, एस0ओ0 421 दिनांक 30 नवम्बर 2011 का अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद राज्यपाल के प्राधिकारी से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारत संविधान के अनुच्छेद-348 के खंड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/ए0बी0-154/83/8277/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
———
The 16th November 2011
S.O. 421, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Kumar Sharma and whose detail according to Notary Register is given below the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 by the State Government in Law Department Notification No. 280/J, dated 24th January 1980 to practice as notary from 25th January 2001 to 24th January 2006 and again for the next five years from 25th January 2006.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ram Kumar Sharma | Advocate, Notary Chapra | 07.07.80 | B.A B.L | Saran District |
(File no.-A/AB-154/83/8277/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
15 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 20114 uoEcj 2011
एस0ओ0 409, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज अधिनियम, 1952 (53, 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल श्री गणेश सिंह, अधिवक्ता, नोटरी का नाम जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0 3591, दिनांक 15 अक्तूबर 1998 द्वारा की गयी थी, जिला एंव सत्र न्यायाधीश, गोपालगंज के प्रतिवेदन के आधार पर नोटरीज अधिनियम, 1952 की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
la0la0&ए0/नोट-2/96/7998ts0 बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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4 uoEcj 2011
एस0ओ0 410, एस0ओ0 409 दिनांक 30 नवम्बर 2011 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार-राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
la0la0&ए0/नोट-2/96/7998ts0 बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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The 4th November 2011
S.O. 409, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Ganesh Singh Notary Public, Gopalganj whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no.3591/J dated-15.10.98 on the basis of report received from vide letter no 2815 dated 03.09.11 from the register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries.
(File No.-A/Not-2/96/7998/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
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16 uoEcj 2011
एस0ओ0 423, दिनांक 30 नवम्बर 2011—नोटरीज अधिनियम, 1952 (53, 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल श्री राजकुमार चौहान, नोटरी का नाम जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0-8962/जे0 दिनांक-27.12.86 द्वारा की गयी थी, को उनके द्वारा त्याग पत्र दिये जाने के कारण नोटरी एक्ट 1952 की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
la0la0&ए0/ए0बी0-8/86/8278ts0
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।
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16 uoEcj 2011
एस0ओ0 424, एस0ओ0 423 दिनांक 30 नवम्बर 2011 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
la0la0&ए0/ए0बी0-8/86/8278ts0 बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
विनोद कुमार सिन्हा, सचिव।16 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
The 16th November 2011
S.O. 423, dated 30th November 2011—In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952) the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Rajkumar Chauhan Notary Public, Birpur (Supoul) whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no.8962/J dated-27-12-86 due to resignation at the Notary from the register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries, due to give-up legal practice in Supoul.
(File No.-A/A.B-8/86/8278/J) By order of the Governor of Bihar, VINOD KUMAR SINHA, Secretary.
ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 37Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in17 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))
और सवLसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवLसाधारण सूचनाएं इaयाPद।Pद।Pद।Pद।
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CHANGE OF NAME
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No. 86—I Saket Bihari, S/o Krishna Prasad Singh, R/O B.T. Bigha, Sherghaty, Gaya vide affidvt. No 13460, dated 17th October 2011 declare that now onwards I shall be known as Saket Kumar.
Saket Bihari.
ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 37Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in18 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 19 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
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पथ निर्माण विभाग
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अधिसूचनाएं
12 सितम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-1(पथ)-09/2010-10303 (एस)—श्री शिवेन्द्र पासी, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, भोजपुर पथ अंचल, आरा सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, मोतिहारी के भोजपुर पथ अंचल, आरा के पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल बक्सर अन्तर्गत डुमरॉव-विक्रमगंज पथ के कि0मी0 17, 18 एवं 20 में अवस्थित आर्च एवं आर0सी0सी0 पुलिया की मरम्मती कार्य के लिए दिनांक 28 अगस्त 2009 को निविदा प्राप्त की गयी जिसमें कुल चार निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया। दिनांक 30 सितम्बर 2009 को किये गये तकनीकी बीड के मूल्यांकन में चारों निविदाकारों को तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। उक्त चारों निविदाकारों में से एक Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. द्वारा यंत्र-संयंत्र के स्वामित्व से संबंधित अथवा भाड़े पर उपलब्ध कराने हेतु कोई शपथ पत्र संलग्न नहीं किये जाने के बावजूद यंत्र-संयत्र मद में 50/70 अंक देकर उसे तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। Mandatory requirements को fulfill नहीं करने के बावजूद Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को 50/70 अंक देना सर्वथा अनुचित था। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा पर्टनरशीप डीड/वाणिज्य कर सफाया प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया था तथा इनके द्वारा समर्पित कोई भी कागजात अभिप्रमाणित नहीं था। इस प्रकार Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को अनियमित ढंग से तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित किया गया। उक्त बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक-1995 (एस), दिनांक 4 फरवरी 2010 द्वारा श्री पासी से स्पष्टीकरण की मांग की गई।
2. श्री पासी के पत्रांक-575, दिनांक 26 फरवरी 2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में इनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को तकनीकी बीड मूल्यांकन में असफल घोषित किया जाना था परंतु टंकण भूल के चलते उन्हें तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित कर दिया गया। 3. श्री पासी द्वारा समर्पित स्प्ष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि तकनीकी बीड की मूल्यांकन सीट में दर्ज सूचनाओं के आधार पर समर्पित कागजातों के सत्यापन के पश्चात् ही सफल या असफल घोषित किया जाना है। परंतु, इस मामले में तकनीकी बीड के मूल्यांकन में गलत अंकण के आधार पर बिना कागजातों के सत्यापन के सफल घोषित करने का निर्णय लिया गया जो टंकण भूल का परिणाम नहीं हो सकता है। श्री पासी का यह कृत्य निश्चित रूप से उनकी गलत मंशा को इंगित करता है। इस प्रकार श्री शिवेन्द्र पासी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए सम्यक् रूप से विचारोपरांत सरकार के निर्णय के आलोक में निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) इनकी दो वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप सचिव (निगरानी)।20 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
4 अगस्त 2011
सं0 निग/सारा-आरोप-83/09-8846 (एस)—श्री रवीन्द्र कुमार सिन्हा, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, हरनौत (राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ) सम्प्रति राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, दाउदनगर (राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, औरंगाबाद) द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ के पदस्थापन काल में फतुआं-दनियावाँ सड़क के कि0मी0 1 से 11 तक, जो सितम्बर 2007 में पूर्ण हुआ था, के संबंध में माह अक्टूबर 2009 की विभागीय समीक्षात्मक बैठक में सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा पृच्छा करने पर उक्त पथांश को पौट्स फ्री बताये जाने जबकि अधीक्षण अभियंता द्वारा इस रिपोर्ट को गलत बताये जाने की स्थिति में पुनः पृच्छा करने पर उक्त पथांश में पौट्स होने की बात स्वीकार करने तथा PR कार्य के defect liability period की समय-सीमा की जानकारी नहीं दे पाने के लिए विभागीय पत्रांक-4075 (ई), दिनांक 27 अक्तूबर 2009 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
2. श्री सिन्हा, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण दिनांक 3 नवम्बर 2009 के समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके द्वारा गलत प्रतिवेदन दिया गया तथा इन्हें PR कार्य के defect liability period की जानकारी नहीं है। 3. उतएव सरकार के निर्णयानुसार इन्हें चेतावनी की सजा दी जाती है जिसकी प्रविष्टि इनकी चरित्र पुस्त में की जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
——— 4 नवम्बर 2011 सं0 निग/सारा-10-मुख्यालय-156/08-12046 (एस)—श्री सज्जाद अहमद, तत्कालीन सहायक अभियंता, कार्य अवर प्रमंडल, बछवाड़ा (कार्य प्रमंडल, बेगूसराय) सम्प्रति सहायक अभियंता, केन्द्रीय प्रयोगशाला, ग्रामीण कार्य विभाग, दरभंगा द्वारा कार्य अवर प्रमंडल, बछवाड़ा के पदस्थापन काल में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत चमथा गोप टोल, आर0ई0ओ0 सड़क से चिड़िया टोक तक सड़क निर्माण योजना में बरती गई अनियमितता के लिए जिला पदाधिकारी, बेगूसराय एवं अन्य द्वारा की गयी जाँच एवं तदोपरांत समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर ग्रामीण कार्य विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र प्रपत्र-'क' एवं साक्ष्य संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 15205 (एस) अनु0, दिनांक 21 दिसम्बर 2009 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई। 2. श्री अहमद, सहायक अभिंयता से प्राप्त स्पष्टीकरण पत्रांक 1, दिनांक 4 जनवरी 2010 के समीक्षोपरांत पूछे गये स्पष्टीकरण एवं प्राप्त स्पष्टीकरण की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभगाीय पत्रांक-4875 (एस) अनु0, दिनांक 5 अप्रील 2010 द्वारा ग्रामीण कार्य विभाग से मंतव्य की अपेक्षा की गई तथा विभागीय पत्रांक-10996 (एस), दिनांक 28 जुलाई 2010 द्वारा स्मारित भी किया गया। ग्रामीण कार्य विभाग के पत्रांक-9962, दिनांक 1 सितम्बर 2010 द्वारा किसी प्रकार का मंतव्य देना उचित नहीं प्रतिवेदित किया गया। 3. तद्आलोक में विभाग द्वारा मामले की तकनीकी समीक्षा की गई। तकनीकी समीक्षा में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा ईंट के compressive strength प्रावधान के अनुरुप पाये जाने की स्थिति में भुगतान किया गया है तथा झामा मेटल के grading एवं aggregate impact value प्रावधान के अनुरूप नहीं पाये जाने की स्थिति में भुगतान नहीं किया गया है, जो नियमानुकूल है। 4. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री सज्जाद अहमद, सहायक अभियंता के बचाव वयान दिनांक 4 जनवरी 2010 को स्वीकार करते हुए इन्हें आरोप मुक्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
——— 30 सितम्बर 2011 सं॰ निग/सारा-4 (पथ)-आरोप-01/10-11099(एस)—श्री अजय कुमार चौधरी, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, सीवान सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, गुमला के विरुद्ध सी0बी0आई0 कांड सं0-आर0सी0 21(ए)/97 पैठ दर्ज होने के आधार पर सी0बी0आई0 द्वारा श्री चौधरी के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति एवं विभागाीय कार्यवाही चलाकर वृहद दंड देने की अनुशंसा श्री चौधरी की सेवा झारखण्ड राज्य होने के कारण पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची से की गई। तद्आलोक में श्री चौधरी के विरुद्ध पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची द्वारा अभियोजन की स्वीकृति देते हुए संकल्प ज्ञापांक 4129, दिनांक 26 अगस्त 2003 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। इस बीच सी0बी0आई0 द्वारा दिनांक 27 अगस्त 2005 को श्री चौधरी को न्यायायिक हिरासत में लिये जाने के आधार पर पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची कीे अधिसूचना संख्या 1771 दिनांक 4 मई 2006 द्वारा दिनांक 27 अगस्त 2005 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया। उक्त आदेश के विरूद्ध श्री चौधरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, राँची में डब्लू0पी0एस0सं0-2883/2006 दायर की गई। माननीय उच्च न्यायालय, राँची द्वारा उक्त याचिका में पारित आदेश दिनांक 28 जून 2006 के आलोक में पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची द्वारा उक्त निलंबन आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए अधिसूचना संख्या 3380, दिनांक 8 अगस्त 2006 द्वारा निम्न आदेश निर्गत किया गया :-
21 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011(i) हिरासत अवधि दिनांक 27 अगस्त 2005 से दिनांक 14 सितम्बर 2005 तक के लिए निलंबित (डिम्ड सस्पेंशन) समझे जाऐंगे।
(ii) श्री चौधरी सिविल सेवाऐं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 1930 के नियम 49 (ए) के तहत दिनांक 4 मई 2006 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित समझे जायेंगे।
(ii) दिनांक 15 नवम्बर 2005 से दिनांक 3 मई 2006 तक की अवधि में श्री चौधरी निलंबित नहीं माने जायेंगे। 2. इस बीच श्री चौधरी की सेवा पारस्परिक हस्तानान्तरण के आधार पर बिहार राज्य हस्तानान्तरित हुई जिसके आधार पर श्री चौधरी दिनांक 1 अप्रील 2008 को पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना में योगदान कर वर्तमान में निलंबित हैं। श्री चौधरी द्वारा दिनांक 27 अगस्त 2005 से दिनांक 14 नवम्बर 2005 तक निलंबित (डिम्ड) एवं दिनांक 4 मई 2006 से लगातार निलंबन को समाप्त करने का अनुरोध किया गया। तद्आलोक में श्री चौधरी से संबंधित सभी अभिलेख की मांग पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची से की गई। पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची से प्राप्त अभिलेख के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि श्री चौधरी के विरूद्ध संचालित विभागाीय कार्यवाही पर अंतिम निर्णय पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची द्वारा नहीं लिया जा सका है। 3. श्री चौधरी से प्राप्त आवेदन एवं पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची से श्री चौधरी से संबंधित प्राप्त अभिलेख के अवलोकनोपरांत श्री चौधरी के लम्बी निलंबन अवधि को दृष्टिगत कर सम्यक् विचारोपरांत निम्न निर्णय लिया जाता है :-
(i) इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन मुक्त किया जाता है। (ii) हिरासत अवधि दिनांक 27 अगस्त 2005 से दिनांक 14 नवम्बर 2005 तक के लिए निलंबित (डिम्ड सस्पेंशन) के संबंध में सी0बी0आई0 द्वारा दर्ज कांड के फलाफल के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। (iii) दिनांक 4 मई 2006 से उक्त आदेश निर्गत की तिथि तक निलंबन अवधि के संबंध में विभागीय कार्यवाही के फलाफल पर अंतिम निर्णय के उपरांत निर्णय लिया जाएगा।
4. पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची में श्री चौधरी के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही सम्पन्न नहीं होने को दृष्टिगत कर नये सिरे से विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने की कार्रवाई अलग से की जा रही है।
5. निलंबन मुक्ति के उपरांत श्री चौधरी पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना में योगदान कर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
——— 27 सितम्बर 2011 सं॰ निग/सारा-9 (मुकदमा)-24/2011-10924 (एस)—श्री अलख निरंजन तिवारी, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत, अधीक्षण अभियंता को आरा-मोहनियाँ पथ के कि0मी0 1 एवं 2 में बरती गयी अनियमितता के लिए प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत अधिसूचना संख्या-3550 (एस), दिनांक 28 मई 1996 द्वारा इनके वेतन से ` 18,963 (अठारह हजार नौ सौ तिरसठ) की वसूली का आदेश निर्गत किया गया था। 2. श्री तिवारी द्वारा अधिसूचना संख्या-3550 (एस), दिनांक 28 मई 1996 के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0-12475/1996 दायर किया गया जिसमें दिनांक 20 फरवरी 2011 को पारित अपने आदेश में माननीय उच्च न्यायालय ने उक्त अधिसूचना को निरस्त करते हुए श्री तिवारी को ` 18,963 (अठारह हजार नौ सौ तिरसठ) वापस करने का निदेश दिया गया। 3. माननीय उच्च न्यायालय के न्यायनिर्णय के आलोक में सरकार के निर्णयानुसार श्री अलख निरंजन तिवारी, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत, अधीक्षण अभियंता से वसूल की गई राशि ` 18,963 (अठारह हजार नौ सौ तिरसठ) उन्हें वापस करने का निर्णय लिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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5 अगस्त 2011
सं0 निग/सारा-1-भवन-05/06-8933 (एस)—श्री अवधेश कुमार तिवारी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, बेतिया सम्प्रति भवन निर्माण विभाग द्वारा एक अन्य मामले में निलंबित कार्यपालक अभियंता, मुख्य अभियंता (दक्षिण) का कार्यालय, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट भवन बेतिया के निर्माण कार्य में बरती गयी अनियमितता के लिए उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किये जाने के उपरांत बिना अनुमति के अपने कार्य से अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-3651 (एस), दिनांक 1 अप्रील 2006 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय पत्रांक 6799 (एस) अनु0, दिनांक 30 जून 2006 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई।22 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-7797/06 अवधेश कुमार तिवारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 25 जुलाई 2006 को पारित न्यायादेश द्वारा जिला पदाधिकारी, बेतिया के पूरे छत को तोड़कर पुनः बनाने के आदेश एवं एफ0आई0आर0 के आदेश को रद्द कर दिया गया।
3. श्री तिवारी निलंबित कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण दिनांक 10 अगस्त 2006 एवं मामले के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-11451 (एस), दिनांक 28 सितम्बर 2006 द्वारा अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, मोतिहारी से प्रतिवेदन की मांग की गई। तद्आलोक में अधीक्षण अभियंता के पत्रांक-473 अनु0, दिनांक 18 नवम्बर 2006 द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागाीय अधिसूचना संख्या-1218 (एस), दिनांक 2 फरवरी 2007 द्वारा इन्हें तत्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए निम्नांंकित दंड संसूचित किया गया :-
(i) निन्दन की सजा जिसकी प्रतिष्टि इनके चारित्री वर्ष 2005-06 में की जाएगी। (ii) उक्त कार्य में दोबारा लाईम ट्रेसिंग में हुए पूरे व्यय की वसूली इनके वेतन से 10 (दस) किस्तों में की जाए।
(iii) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होगा, परंतु उक्त अवधि अन्य प्रयोजनार्थ कर्तव्य अवधि मानी जायेगी।
(iv) इनकी दो वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
4. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री तिवारी, निलंबित कार्यपालक अभियंता द्वारा पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 16 मार्च 2007 एवं दिनांक 9 अप्रील 2007 दिया गया। साथ ही, उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री तिवारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में सी0डब्लू0जे0सी0सं0-599/08 दायर किया गया जिसमें दिनांक 2 दिसम्बर 2009 को पारित न्यायादेश द्वारा श्री तिवारी के पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 16 मार्च 2007 पर निर्णय होने तक इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करने की व्यवस्था देते हुए विभाग को चार माह के अन्दर निर्णय लेने का आदेश दिया गया। 5. श्री तिवारी, निलंबित कार्यपालक अभियंता के पुनर्विलोकन आवेदन एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश दिनांक 2 दिसम्बर 2009 के आलोक में मामले के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-7462 (एस)अनु0, दिनांक 20 मई 2010 द्वारा प्रतिवेदन की मांग की गई तथा पत्रांक 11605 (एस), दिनांक 9 अगस्त 2010 एवं पत्रांक 14519 (एस), दिनांक 12 अक्तूबर 2010 द्वारा स्मारित भी किया गया। भवन निर्माण विभाग के पत्रांक-8110 (भ0) अनु0, दिनांक 22 अक्तूबर 2010 से प्राप्त प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत दिनांक 16 मार्च 2011 को सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा श्री तिवारी की व्यक्तिगत सुनवाई की गई। 6. श्री तिवारी के पुनर्विलोकन आवेदन, भवन निर्माण विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन एवं श्री तिवारी के व्यक्तिगत सुनवाई में प्राप्त तथ्यों के समीक्षोपरांत पाया गया कि lime terracing के मद में कोई अतिरिक्त व्यय नहीं करना पड़ा। अतएव उक्त राशि श्री तिवारी से वसूलनीय नहीं है। यद्यपि श्री तिवारी के कार्यकाल में निर्मित छत की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं पायी गई तथा इस भवन में सम्प्रति कार्यालय चल रहा है, तथापि कार्यपालक अभियंता का दायित्व योजना कार्य का supervision करना होता है, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। तद्नुसार कार्यपालक अभियंता के नाते श्री तिवारी के विरुद्ध dereliction of duty का मामला बनता है। 7. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री तिवारी के पुनर्विलोकन अर्जी को स्वीकार करते हुए विभागीय अधिसूचना संख्या-1218 (एस) दिनांक 2 फरवरी 2007 को संशोधित करते हुए आरोप वर्ष 2005-06 के लिए निन्दन की सजा दी जाती है। साथ ही, इनकी निलंबन की अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गई अवधि मानी जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
——— 8 सितम्बर 2011 सं॰ निग/सारा-9 (एन0एच0)-07/2011-10210 (एस)—श्री बैरिस्टर राम, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल संख्या-2, बिहारशरीफ सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, पिपराडीह, डिहरी-ऑन-सोन को राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल संख्या-2, बिहारशरीफ के पदस्थापन काल में माननीय मुख्यमंत्री के नालंदा जिले के कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता के निर्देश का अनुपालन नहीं करने, सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को मोबाईल पर गलत सूचना देते हुए भ्रमित करने के प्रयास जैसे अनुशासनहीनता एवं लापरवाही के लिए अधिसूचना संख्या-1066 (एस), दिनांक 28 जनवरी 2011 द्वारा निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक 1317 (एस) अनु0, दिनांक 3 फरवरी 2011 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए अधिसूचना संख्या 7171 (एस), दिनांक 22 जून 2011 द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न निर्णय लिया गया :- (i) ये भविष्य में कार्य के प्रति सतर्क रहेंगे। (ii) इनकी एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है। (iii) इनके निलंबन अवधि का विनियमन इनसे कारण-पृच्छा प्राप्त कर किया जायेगा।23 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 2. श्री राम से उनके निलंबन अवधि दिनांक 28 जनवरी 2011 से 21 जून 2011 तक के लिये निलंबन अवधि में मात्र देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने के संबंध में विभागीय पत्रांक-7632 (एस) दिनांक 6 जुलाई 2011 द्वारा कारण-पृच्छा की गयी।
3. श्री राम, सहायक अभियंता ने अपने पत्रांक-35, दिनांक 17 जुलाई 2011 द्वारा समर्पित कारण-पृच्छा में मुख्य रूप से पूर्व के अवसरों पर दिये गये बचाव वयान यथा स्पष्टीकरण, संचालन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया वयान एवं द्वितीय कारण-पृच्छा में स्थिति स्पष्ट किये जाने की प्रारंभ में उन्हें यह नहीं पता चल पाया कि उनकी वार्त्ता किनसे हो रही है परंतु ज्ञात होते ही खेद प्रकट करते हुए उनके द्वारा सही location बताया गया। इस आधार पर इनके द्वारा निलंबन अवधि के लिए पूर्ण वेतन भुगतान करने का अनुरोध किया गया।
4. श्री राम, सहायक अभियंता के कारण-पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि चूँकि श्री राम को दोषी पाते हुए दंड संसूचित किया गया है ऐसी स्थिति में निलंबन अवधि के लिए पूर्ण वेतन भुगतान करने का कोई औचित्य नजर नहीं आता है। अतएव सम्यक रूप से विचारोपरांत सरकार के निर्णयानुसार श्री बैरिस्टर राम, सहायक अभियंता के कारण-पृच्छा को अस्वीकृत करते हुए इन्हें निलंबन अवधि के लिए मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होने एवं पेंशन प्रयोजनार्थ उक्त अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि माने जाने का निर्णय लिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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21 अक्तूबर 2011
सं॰ निग/सारा-उ0वि0 (ग्रा0)-18/06-11727 (एस)—श्री बनारस प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य अवर प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, भोजपुर, आरा द्वारा कार्य अवर प्रमंडल, छपरा (कार्य प्रमंडल, छपरा) के पदस्थापन काल में छपरा समाहरणालय प्रांगण के सौंदर्यीकरण कार्य में कनीय अभियंता श्री राजबली सिंह के पूर्व के अग्रिम राशि के समायोजन के बिना पुनः अग्रिम देने, अग्रिम का समायोजन कर लेखा समर्पित नहीं करने, विषयान्तर्गत कार्य से संबंधित सीमेंट क्रय करने संबंधी फर्जी अभिश्रव प्रस्तुत करने, मास्टर रौल को नियमानुसार संधारित नहीं करने तथा सामग्रियों के क्रय में बिना निविदा/कोटेशन के आपूर्ति लेने जैसी बरती गयी अनियमिता के लिए इनके विरुद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8472 (एस) अनु0, दिनांक 17 जुलाई 2007 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. विभागाीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-12 अनु0, दिनांक 12 फरवरी 2008 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया तथापि विभागीय समीक्षोपरांत पाया गया कि अधीक्षण अभियंता, कार्य अंचल, छपरा का पत्रांक 64 (अनु0), दिनांक 21 जनवरी 1995 एवं कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल, छपरा का पत्रांक-2271 दिनांक 6 नवम्बर 1993, जो आरोप पत्र के साथ साक्ष्य के रूप में संदर्भित था, की विवेचना जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा नहीं की गई है और न ही इस संबंध में विभागीय कार्यवाही के संचालन के समय इनसे पूछा ही गया है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन पत्रांक-64 (अनु0), दिनांक 21 जनवरी 1995 में स्पष्ट अंकित है कि दोनों ही आरोपितों (श्री राजबली सिंह, कनीय अभियंता सहित) के विरूद्ध पहले से ही बहुत बड़ी राशि अग्रिम के रूप में लंबित थी और इसका सत्यापन सहायक अभियंता के रोकड़ बही से स्पष्ट है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन में यह भी उल्ल्ेख किया गया है कि सीमेंट खरीद के एक वर्ष बाद बालू की आपूर्ति की गई है जबकि यह सामान्य बात है कि बिना सीमेंट बालू को एक साथ किए किसी भी निर्माण कार्य को सम्पन्न नहीं कराया जा सकता है। इस प्रकार बालू आपूर्ति के मद में व्यय की गई राशि ` 2,297=92 की वसूली इन दोनों ही से वसूलनीय है। इसी प्रकार इस योजना से संबंधित मास्टर रौल की छाया प्रति से स्पष्ट है कि इसमें सम्मिलित मजदूरों का सही-सही अता-पता नहीं दिया गया है जबकि मास्टर रौल के पृ0-5 (उसके शीर्ष पर श्री लक्ष्मण राय का नाम है) पर "नॉट अटेस्टेड बाई मी" अंकित है।
3. उपर्युक्त पृष्ठभूमि में संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन मान्य नहीं होने तथा इनके विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित पाए जाने के आधार पर संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5347 (एस) अनु0, दिनांक 26 मई 2009 द्वारा इनसे द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर दिनांक 1 मार्च 2011 के समीक्षोपरांत पाया गया कि अधीक्षण अभियंता, कार्य अंचल, छपरा के पत्रांक-64 (अनु0), दिनांक 21 जनवरी 1995 के आलोक में बालू आपूर्ति के मद में व्यय की गई राशि ` 2,297=92 की वसूली सहायक अभियंता तथा कनीय अभियंता से करने का उल्लेख किया गया परन्तु श्री प्रसाद ने इस संबंध में कुछ भी अंकित नहीं किया है। सीमेंट क्रय के एक वर्ष बाद बालू का क्रय करना श्री प्रसाद के भ्रष्ट कृत्य का द्योतक है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि श्री प्रसाद द्वारा सीमेंट क्रय के समय वित्तीय नियम की अनदेखी करते हुए बिना निविदा/कोटेशन प्राप्त किये सीमेंट का क्रय छपरा से हटकर ताजपुर से किया गया, जो कि अपने आप में श्री प्रसाद की गलत मंशा को दर्शाता है।
4. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री बनारस प्रसाद, सहायक अभियंता को विभागीय कार्यवाही के उपरांत प्रमाणित पाए गए आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) बालू की आपूर्ति मद में व्यय की गई राशि ` 2,297=92 का 50 प्रतिशत अर्थात ` 1149 (एक हजार एक सौ उन्चास रुपए) मात्र की वसूली इनके वेतन से एक मुश्त की जाए।24 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 (ii) निन्दन। (iii) असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि पर रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
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6 सितम्बर 2011
सं0 निग/सारा-6-द0वि0 (ग्रा0)-आरोप-54/11-10033 (एस)—श्री ब्रजकिशोर प्रसाद, सहायक अभियंता, निरूपण प्रमंडल-1 (मुख्यालय), ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभाग एवं माननीय उच्च न्यायालय को अंधकार में रखते हुए वर्ष-1991 से वरीयता प्राप्त कर लेने एवं 1991 से सेवा विनियमन कराने जबकि इन्होने स्वयं स्वीकारा है कि ये दिनांक 16 नवम्बर 1991 से 25 अक्तूबर 1996 तक की अवधि में बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम, पटना में कार्यरत थे, तदनुसार एक ही अवधि के लिए अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम से वेतन प्राप्त किया और इस विभाग से भी वेतन प्राप्त करने का दावा किया गया। स्पष्टतः विभाग के साथ धोखाधड़ी करने जैसे आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत श्री ब्रज किशोर प्रसाद, सहायक अभियंता निरूपण प्रमंडल-1 (मुख्यालय), ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्त्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।
4. इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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12 सितम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-1(पथ)-09/2010-10252 (एस)—श्री वीरेन्द्र कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बक्सर सम्प्रति कार्यपालक, अभियंता, पथ प्रमंडल, भागलपुर के पथ प्रमंडल, बक्सर के पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल बक्सर अन्तर्गत डुमरॉव-विक्रमगंज पथ के कि0मी0 17, 18 एवं 20 में अवस्थित आर्च एवं आर0सी0सी0 पुलिया की मरम्मति कार्य के लिए दिनांक- 28.08.09 को निविदा प्राप्त की गयी जिसमें कुल चार निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया। दिनांक 30 सितम्बर 2009 को किये गये तकनीकी बीड के मूल्यांकन में चारों निविदाकारों को तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। उक्त चारों निविदाकारों में से एक Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. द्वारा यंत्र-संयंत्र के स्मामित्व से संबंधित अथवा भाड़े पर उपलब्ध कराने हेतु कोई शपथ पत्र संलग्न नहीं किये जाने के बावजूद यंत्र-संयत्र मद में 50/70 अंक देकर उसे तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। Mandatory requirements को fulfill नहीं करने के बावजूद Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को 50/70 अंक देना सर्वथा अनुचित था। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा पर्टनरशीप डीड/वाणिज्य कर सफाया प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया था तथा इनके द्वारा समर्पित कोई भी कागजात अभिप्रमाणित नहीं था। इस प्रकार Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को अनियमित ढंग से तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित किया गया। उक्त बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक-1993 (एस), दिनांक 4 फरवरी 2010 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गई।
2. श्री कुमार के पत्रांक 344, दिनांक 13 माार्च 2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में इनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को तकनीकी बीड मूल्यांकन में असफल घोषित किया जाना था परंतु टंकण भूल के चलते उन्हें तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित कर दिया गया। 3. श्री कुमार द्वारा समर्पित स्प्ष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि तकनीकी बीड की मूल्यांकन सीट में दर्ज सूचनाओं के आधार पर समर्पित कागजातों के सत्यापन के पश्चात् ही सफल या असफल घोषित किया जाना है। परंतु इस मामले में तकनीकी बीड के मूल्यांकन में गलत अंकण के आधार पर बिना कागजातों के सत्यापन के सफल घोषित करने का निर्णय लिया गया जो टंकण भूल का परिणाम नहीं हो सकता है। श्री कुमार का यह कृत्य निश्चित रूप से उनकी गलत मंशा को इंगित करता है। इस प्रकार श्री वीरेन्द्र कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए सम्यक् रूप से विचारोपरांत सरकार के निर्णय के आलोक में निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
25 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011(i) इनकी दो वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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12 सितम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-1 (पथ)-09/2010-10255 (एस)—श्री परमानन्द सिंह, तकनीकी सलाहकार, अधीक्षण अभियंता, भोजपुर पथ अंचल, आरा के उक्त पदस्थापन काल में पथ प्रमंडल बक्सर अन्तर्गत डुमरॉव-विक्रमगंज पथ के कि0मी0 17, 18 एवं 20 में अवस्थित आर्च एवं आर0सी0सी0 पुलिया की मरम्मती कार्य के लिए दिनांक 28 अगस्त 2009 को निविदा प्राप्त की गयी जिसमें कुल चार निविदाकारों द्वारा भाग लिया गया। दिनांक 30 सितम्बर 2009 को किये गये तकनीकी बीड के मूल्यांकन में चारों निविदाकारों को तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। उक्त चारों निविदाकारों में से एक Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. द्वारा यंत्र-संयंत्र के स्मामित्व से संबंधित अथवा भाड़े पर उपलब्ध कराने हेतु कोई शपथ पत्र संलग्न नहीं किये जाने के बावजूद यंत्र-संयत्र मद में 50/70 अंक देकर उसे तकनीकी बीड में सफल घोषित किया गया। Mandatory requirements को fulfill नहीं करने के बावजूद Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को 50/70 अंक देना सर्वथा अनुचित था। इसके अतिरिक्त इनके द्वारा पर्टनरशीप डीड/वाणिज्य कर सफाया प्रमाण पत्र संलग्न नहीं किया गया था तथा इनके द्वारा समर्पित कोई भी कागजात अभिप्रमाणित नहीं था। इस प्रकार Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को अनियमित ढंग से तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित किया गया। उक्त बरती गयी अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक 1994 (एस), दिनांक 4 फरवरी 2010 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गई।
2. श्री सिंह के पत्रांक 215, दिनांक 26 फरवरी 2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में इनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि Ms Ideal Infrastructures Construction Pvt. Ltd. को तकनीकी बीड मूल्यांकन में असफल घोषित किया जाना था परंतु टंकण भूल के चलते उन्हें तकनीकी बीड मूल्यांकन में सफल घोषित कर दिया गया। 3. श्री सिंह द्वारा समर्पित स्प्ष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि तकनीकी बीड की मूल्यांकन सीट में दर्ज सूचनाओं के आधार पर समर्पित कागजातों के सत्यापन के पश्चात् ही सफल या असफल घोषित किया जाना है। परंतु इस मामले में तकनीकी बीड के मूल्यांकन में गलत अंकण के आधार पर बिना कागजातों के सत्यापन के सफल घोषित करने का निर्णय लिया गया जो टंकण भूल का परिणाम नहीं हो सकता है। श्री सिंह का यह कृत्य निश्चित रूप से उनकी गलत मंशा को इंगित करता है। इस प्रकार श्री परमानन्द सिंह, तकनीकी सलाहकार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए सम्यक् रूप से विचारोपरांत सरकार के निर्णय के आलोक में निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (iv) के तहत इन्हें सेवानिवृति की तिथि तक के लिए असंचयात्मक प्रभाव से कार्यपालक अभियंता के वेतनमान में न्यूनतम प्रक्रम पर अवनत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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1 सितम्बर 2011
सं0 निग/सारा-8-रा0उ0प0-77/07-9895 (एस)—श्री रमेश प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 106 के कि0मी0 1 से 19 तक IRQP कार्य तथा कि0मी0 20 से 35 तक चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के कार्यान्वयन में backdating कर संवेदक को अनुचित लाभ पहँचाने के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या 9644 (एस), दिनांक 16 अगस्त 2007 द्वारा इन्हें निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-354 (एस) अनु0, दिनांक 8 जनवरी 2008 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
2. श्री प्रसाद, कार्यपालक अभियंता द्वारा दायर याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0-580/08 में दिनांक 5 फरवरी 2008 को पारित न्यायादेश के आलोक में इनके निलंबन संबंधी अधिसूचना दिनांक 16 अगस्त 2007 को अधिसूचना संख्या-10287 (एस), दिनांक 4 अगस्त 2008 द्वारा निरस्त किया गया। पुनः दिनांक 5 फरवरी 2008 को पारित न्यायादेश में निहित निदेशों के आलोक में इनके विरुद्ध गंभीर कदाचार के लिए सम्यक् विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय कार्यवाही के निष्पक्ष एवं सफल संचालन हेतु तथा लोकहित में विभागीय अधिसूचना संख्या 10502 (एस), दिनांक 7 अगस्त 2008 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। श्री प्रसाद द्वारा दायर याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0 14002/08 में दिनांक 9 फरवरी 2009 को पारित न्यायादेश के आलोक में अधिसूचना संख्या 11103 (एस), दिनांक 7 अक्तूबर 2009 द्वारा इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया।
3. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-245, दिनांक 27 अप्रील 2010 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि श्री प्रसाद, कार्यपालक अभिंयता के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया तथापि विभागीय समीक्षा में26 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 पाया गया कि कार्य की प्रगति शून्य प्रतिवेदित किये जाने के साथ-साथ कार्य आरंभ होने की सूचना इनके द्वारा बाद में दी गई तथा इनके द्वारा स्वीकार किया गया कि इन्होंने backdate में हस्ताक्षर किया था। तद्नुसार संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-9265 (एस) अनु0, दिनांक 22 जून 2010 द्वारा असहमति के बिन्दुओं के आलोक में इनसे द्वितीय कारण पृच्छा तथा निलंबन अवधि के विनियमन हेतु भी कारण पृच्छा की मांग की गई। 4. श्री प्रसाद, कार्यपालक अभिंयता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 14 जुलाई 2010 के समीक्षोपरांत पाया गया कि कागजातों में backdating कर संवेदक को लाभ पहँचाया गया है जो एक गंभीर आरोप है। इस आधार पर प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 के तहत इनकी दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने, किंतु अन्य प्रयोजनार्थ यह अवधि कर्त्तव्य पर माने जाने के दंड पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभगाीय पत्रांक-1368 (एस) अनु0 दिनांक 4 फरवरी 2011 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई। 5. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1099, दिनांक 25 जुलाई 2011 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की गई। अतएव श्री रमेश प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर के विरूद्ध संचालित विभगाीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता हैः- (i) इनकी दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है। (ii) इनकी निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होगा, किंतु अन्य प्रयोजनार्थ यह अवधि कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
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30 सितम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-9 (आरोप)-162/2008-11153 (एस)—श्री तपेश्वर राम, सहायक अभियंता, भवन अवर प्रमंडल संख्या-4, संरचना प्रमंडल संख्या-2, पुनाईचक, पटना के विरुद्ध सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, हजारीबाग के पदस्थापन काल में उनके द्वारा बरती गयी अनियमितताओं के संबंध में पथ निर्माण विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 6506 (एस) अनु0 दिनांक 15 अक्तूबर 2008 द्वारा विभगाीय कार्यवाही संचालित किये जाने की अनुशंसा के साथ प्राप्त प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9484 (एस) दिनांक 31 अगस्त 2009 द्वारा श्री राम, सहायक अभियंता के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-308 (गो0) अनु0, दिनांक 6 सितम्बर 2010 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री राम के विरूद्ध गठित 9 आरोपों में से आरेाप संख्या 1 को आंशिक रूप से प्रमाणित, आरोप संख्या-2 को प्रमाणित तथा शेष आरोपों को प्रमाणित नहीं पाये जाने का मंतव्य दिया गया। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए विभगाीय पत्रांक-14756 (एस), दिनांक 21 अक्तूबर 2010 द्वारा श्री राय से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। 2. श्री राम के पत्रांक-शून्य दिनांक 3 नवम्बर 2010 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में आरोप संख्या 1 में प्रमाणित आरोप अंश जो बड़कागाँव एवं केरेडरी उच्च विद्यालय के भवन निर्माण सामग्री क्रय करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि एवं पारदर्शिता की कमी तथा प्रमाणित आरोप संख्या-2 जो निर्माण सामग्री की आपूर्ति एजेन्सी से लिये जाने से संबंधित है तथा सदृश है, के संबंध में इनके द्वारा मुख्य रूप से लोक निर्माण विभाग संहिता अथवा किसी परिपत्र में मई 2005 के पूर्व निविदा/कोटेशन आमंत्रित करने की शक्ति सहायक अभियंता को प्रदत्त नहीं होने, निविदा/कोटेशन के लिए सक्षम पदाधिकारी कार्यपालक अभियंता द्वारा सभी प्रमाणक प्रतिहस्ताक्षरित एवं प्रमंडलीय लेखा मे समायोजित होने जिस पर कोई प्रतिक्रियात्मक टिप्पणी नहीं किये जाने का उल्लेख किया गया। 3. श्री राम, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि विभागीय रूप से कराये गये उक्त निर्माण कार्य में सहायक अभियंता के रूप में निर्माण सामग्रियों का क्रय प्राधिकृत डीलर/कम्पनी से न कर अथवा अधिकार नहीं होने की स्थिति में संबंधित कार्यपालक अभियंता से यथोचित आदेश/स्वीकृति लिये बिना बिचौलियो के माध्यम से निर्माण सामग्री का क्रय करने की स्थिति की पृष्ठभूमि में द्वितीय कारण-पृच्छा स्वीकार योग्य नहीं है। तदनुसार द्वितीय कारण-पृच्छा को मान्य नहीं पाते हुए सरकार के निर्णय के आलोक में श्री तपेश्वर राम, सहायक अभियंता, भवन अवर प्रमंडल संख्या 4, संरचना प्रमंडल संख्या-2, पुनाईचक, पटना को प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता हैः- (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2002-03)। (ii) इनकी एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।27 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011
12 अक्तूबर 2011
सं॰ निग/सारा-9 (आरोप) झारखण्ड-11/09-11343 (एस)—श्री विजय कुमार मिश्र, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमशेदपुर, सम्प्रति कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, दरभंगा द्वारा पथ प्रमंडल, जमशेदपुर के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितताओं के संबंध में पथ निर्माण विभाग, झारखंड, राँची के पत्रांक 30 (एस) अनु0, दिनांक 4 जनवरी 2009 द्वारा निलंबित कर विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने की अनुशंसा के साथ प्राप्त प्रपत्र-'क' के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-3100 (एस) अनु0, दिनांक 6 अप्रील 2009 द्वारा श्री मिश्र से बचाव बयान की मांग की गई। श्री मिश्र के पत्रांक-शून्य, दिनांक 21 अप्रील 2009 द्वारा समर्पित बचाव बयान के समीक्षोपरांत इसे असंतोषजनक पाते हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। तदनुसार संकल्प ज्ञापांक 8988 (एस), दिनांक 19 अगस्त 2009 द्वारा श्री मिश्र, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. श्री मिश्र के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-2026 अनु0 दिनांक 18 नवम्बर 2010 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री मिश्र के विरूद्ध गठित 4 आरोपों में से किसी भी आरोप को यद्यपि प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य दिया गया, परंतु, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए आरोप संख्या-3 एवं 4 को प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न कर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति के बिन्दुओं का उल्लेख करते हुए विभागाीय पत्रांक 2597 (एस), दिनांक 3 मार्च 2011 द्वारा श्री मिश्र से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। 3. श्री मिश्र के पत्रांक-शून्य, दिनांक 14 मार्च 2011 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-3 जो आदित्यपुर काण्ड्रा पथ पर विभिन्न श्रोतों से पानी बहाए जाने जो पथ के क्षतिग्रस्त होने का एक कारण है, से संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने से संबंधित है के संबंध में मुख्य रूप से अपने पाँच माह के कार्यकाल के दौरान पी0एच0ई0डी0 पाईप लाईन से जल जमाव, पथ के किनारे स्थित भवनों एवं कारखानों से कथित रूप से जल जमाव के रोक हेतु संबंधित को नोटिस दिये जाने एवं स्थानान्तरण हो जाने का उल्लेख किया गया। प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-4 जो आदित्पुर काण्ड्रा पथ के लिए यातायात के जरूरतों के अनुरूप आवश्यतानुसार अतिरिक्त प्रावधान किये जाने के लिए सार्थक प्रयास नहीं किये जाने से संबंधित है, के संबंध में मुख्य रूप से उक्त कार्य के एकरारनामा के पश्चात् मात्र पाँच माह के उपरांत हीं स्थानान्तरण हो जाने का उल्लेख किया गया। 4. श्री मिश्र, कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा के समीक्षोपरांत आरोप संख्या-3 के संबंध में पाया गया कि इनके द्वारा जल जमाव रोकने हेतु त्वरित एवं कारगर कदम नहीं उठाया गया यद्यपि इनका कार्यकाल पाँच माह का था, किन्तु जल जमाव रोकने के लिए महज नोटिस देना दायित्व को पूरा नहीं करता है। आरोप संख्या-4 के संबंध में पाया गया कि DPR के beyond अगर किसी अतिरिक्त किन्तु महत्वपूर्ण कार्य/मद की आवश्यकता होने पर सजग कार्यपालक अभियंता का यह दायित्व बनता है कि तदनुसार कार्रवाई करते हुए सक्षम प्राधिकार से अनुमति प्राप्त कर लेते। स्पष्टतः श्री मिश्र द्वारा अपने पदीय दायित्व का उचित निर्वहन नहीं किया गया है जिसके लिए सरकार के निर्णय के आलोक में श्री विजय कुमार मिश्र, कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, दरभंगा को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) इनकी दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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12 सितम्बर 2011
सं0 निग/सारा-06 द0वि0(ग्रा0)-21/07-10312(एस)—श्री विनय कुमार सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभिंयता, पुल निर्माण निगम प्रमण्डल, पटना-2, सह-वरीय परियोजना पदाधिकारी, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम प्रमण्डल, पटना-2 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के कारण पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या-13679-सह पठित ज्ञापांक 13680, दिनांक 29 नवम्बर 2007 द्वारा दिनांक 24 अक्तूबर 2007 से निलंवित करते हुए इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का कार्यालय निर्धारित किया गया था। श्री सिंह निलंबित कार्यपालक अभियंता का निलम्बन अवधि एक वर्ष से अधिक होने एवं उनसे प्राप्त आवेदन के आधार पर इन्हें दिनांक 24 अक्तूबर 2008 के प्रभाव से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के आलोक में देय जीवन निर्वाह भत्ता में 50 प्रतिशत की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट, सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
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4 नवम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-1 (मुख्या0) आरोप-94/08-12057 (एस)—श्री शशिभूषण प्रसाद, तत्कालीन तकनीकी सलाहकार, निदेशक, परीक्षण प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पटना सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा निगरानी थाना कांड संख्या-37/2007 के सह28 (cid:18)बहार गजट, 30 नव(बर 2011 अभियुक्त श्री श्यामनन्दन राय, अभिलेखवाह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी की हैसियत से साक्ष्य आधारित तथ्यों को नजरअंदाज कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने जैसी बरती गयी अनियमितता के लिए उनके विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-12031 (एस), दिनांक 16 सितम्बर 2008 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में निगरानी थाना कांड के परिवादी श्री भारत भूषण प्रसाद को विभागीय कार्यवाही के दौरान उपस्थित होने हेतु लगभग 18 दिनों में दिये गये तीन अवसर को समुचित अवसर एवं समयावधि नहीं मानते हुए उपस्थित होने हेतु सार्वजनिक संचार माध्यम का सहारा लिये जाने की प्रचलित प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं किये जाने के आधार पर आरोप को श्री प्रसाद के विरूद्ध अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक 3398 (एस), दिनांक 18 मार्च 2011 द्वारा श्री प्रसाद से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी।
2. श्री प्रसाद के पत्रांक-शून्य दिनांक 4 अप्रील 2011 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा में इनके द्वारा सारतः परिवादी श्री भारत भूषण प्रसाद को विभागीय कार्यवाही में उपस्थित होने हेतु निबंधित डाक से तीन बार पत्र भेजे जाने, परिवादी द्वारा लिखित रूप से समय की मांग किये जाने के पश्चात् भी उपस्थित नहीं होने की उनकी नकारात्मक रवैया के कारण समाचार पत्र एवं संचार माध्यम द्वारा प्रयास नहीं किये जाने तथा विभागीय कार्यवाही एक निश्चित समय सीमा के भीतर सम्पन्न करने की बाध्यता का उल्लेख किया गया।
3. द्वितीय कारण-पृच्छा की समीक्षा में पाया गया कि निर्धारित तिथियों को यदि परिवादी उपस्थित नहीं हुए थे तो उन्हें उसकी प्रतीक्षा करनी चाहिए थी क्योंकि जिस आरोप के लिए विभागीय कार्यवाही संचालन का दायित्व इन्हें दिया गया था वह अत्यन्त ही गंभीर प्रकृति का था। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी की भूमिका अहम् है। विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी ने इन स्थितियों की समीक्षा करते हुए आरोप को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया है जिसे क्षांत करने के लिए इनके द्वारा कोई तथ्य नहीं दिया गया है। इस प्रकार श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा को संतोषजनक नहीं पाते हुए इनकी पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती के दंड पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागाीय पत्रांक-8815 (एस), दिनांक 4 अगस्त 2011 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श/सहमति की मांग की गई। 4. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1792, दिनांक 12 अक्तूबर 2011 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णित दंड पर आयोग द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। अतएव श्री शशिभूषण प्रसाद, तत्कालीन तकनीकी सलाहकार, निदेशक, परीक्षण प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोप के लिए उन्हें निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(क) इनके पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत की कटौती की जाती है। यह कटौती आदेश निर्गमन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)- अस्पष्ट, सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
ÑÑÑÑ अधीJक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 37Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in