िनबंधन सं(cid:26)या पी0ट*0-40 िनबंधन सं(cid:26)या (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत (cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत(cid:1)बहार सरकार (cid:13)ारा ूकािशत 30 30 30 30 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1933193319331933 ((((शशशश0000))))
((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 787787787787) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना
टनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 21212121 &दस(ब&दस(ब&दस(ब&दस(बरररर 2020202011111111 ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=äÑéçâóX=
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áòeââàÜ=äÑéçz= áòeââàÜ=
ÑÅÖâà=ÑçLâìCäeââ=^ ÑÅÖâà=Ñç2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2011 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2011 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2011 बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2011 [Ñç∫ä∫ÑçCPO]OMNN⁄ बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11, 2007) में संशोधन के लिए विधेयक। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11, 2007) में संशोधन के लिए विधेयक। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11, 2007) में संशोधन के लिए विधेयक। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (बिहार अधिनियम 11, 2007) में संशोधन के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के बासठवें वर्ष में बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा यह निम्नलिखित रूप में अधिनियमित होः- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 कहा 1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 कहा संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 कहा संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2011 कहा जा सकेगा। जा सकेगा। जा सकेगा। जा सकेगा। इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (2)(2)(2)(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3)(3)(3)(3) यह तुरत प्रवृत्त होगा । यह तुरत प्रवृत्त होगा । यह तुरत प्रवृत्त होगा । यह तुरत प्रवृत्त होगा । 2222.... धारा 2 का संशोधन।-धारा 2 का संशोधन।-धारा 2 का संशोधन।-धारा 2 का संशोधन।- उक्त अधिनियम की धारा-2 में उपधारा-(110) के बाद निम्नलिखित नई उप-धारा (111) जोड़ी जायेगी, यथा- "(111)" उपभोक्ता प्रभार'' से अभिप्रेत है अधिनियम की धारा 128 के अधीन नगरपालिका द्वारा उद््गृहीत प्रभार। उपभोक्ता प्रभार एवं सेवा प्रभार शब्दों का उपयोग अधिनियम एवं उसके अधीन बने नियमों तथा विनियमों में अंतर्परिवर्तनीय रूप में किया जायेगा और उनका अर्थ एक ही होगा।''
3333.... धारा 36 का संशोधन।- धारा 36 का संशोधन।- धारा 36 का संशोधन।- धारा 36 का संशोधन।- (1) उक्त अधिनियम की धारा 36 की उप-धारा (1) के खंड (क) के उप-खंड (i) में शब्द ''बिहार प्रशासनिक सेवा'' के बाद शब्द ''गैरसरकारी अधिकारी, प्रबंधक, प्रशासक या अभियंता जिन्हे शहरी कार्यक्षेत्र प्रबंधन में अनुभव/विशेषज्ञता प्राप्त हो'' जोड़े जायंगे। (2) उक्त अधिनियम की धारा 36 की उप-धारा (1) के खंड (क) के उप-खंड (ii) में शब्द ''या बिहार लेखा सेवा के सदस्य'' के बाद शब्द ''या चार्टर्ड अकाउण्टेण्ट अधिनियम, 1949 के अधीन चार्टर्ड अकाउण्टेण्ट या लागत और संकर्म लेखापाल अधिनियम, 1959 के अधीन लागत और प्रबंधन लेखापाल'' जोड़े जायेंगे।
(3) उक्त अधिनियम की धारा 36 की उप-धारा (1) के खण्ड (ख) के उप-खंड (vi) के बाद निम्नांकित परन्तुक द्वितीय परन्तुक के बाद जोड़ा जायेगाः- ''परन्तु और कि सरकार नगर परिषद/नगर पंचायत में भी नगर कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर गैरसरकारी व्यक्ति को जिन्हें शहरी कार्यक्षेत्र/प्रबंधन में अनुभव/और प्रशासन में अर्हता प्राप्त प्रबंधक/प्रशासक/अभियंता हो सकते हैं, को नियुक्त कर सकेगी।
(4) उक्त अधिनियम की धारा 36 की उप-धारा (1) खण्ड (ख) के उप-खंड (vi) के बाद निम्नांकित परन्तुक तीसरे परन्तुक के बाद जोड़ा जायेगाः- '' परन्तु और भी कि राज्य सरकार नगर निकायों को, आदेश देकर, पदों की संख्या घटा, बढ़ा, पदों की संरचना में परिवर्त्तन, पद या पदों के समापन, नये संवर्गाे के सृजन एवं समापन, नये संवर्गों की स्थापना या पुनर्गठन कर सकेगी या इससे संबंधित अन्य निदेश दे सकेगी जो शहरी स्थानीय निकायों पर बाध्यकारी होगा।
4444.... धारा 69 का संशोधन।- धारा 69 का संशोधन।- धारा 69 का संशोधन।- धारा 69 का संशोधन।- उक्त अधिनियम की धारा 69 (2) के खंड (ख) के उप-खंड (i) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगाः-
''(i) सम्बन्धित नगरपालिका पर क्षेत्रीय अधिकारिता क्षेत्र रखने वाले प्रमंडलीय आयुक्त, समिति के अध्यक्ष होगें।''
5555.... धारा 71 का संशोधन।धारा 71 का संशोधन।धारा 71 का संशोधन।धारा 71 का संशोधन।- उक्त अधिनियम की धारा 71 में शब्द ''अन्य उपायों का निर्धारण करेगी'' के बाद शब्द ''और निर्धारण के तीन माह के भीतर नगरपालिका को संसूचित करेगी'' जोड़े जाएंगे। 6666.... धारा 127 का संशोधन।- धारा 127 का संशोधन।- धारा 127 का संशोधन।- धारा 127 का संशोधन।- (1)(1)(1)(1) धारा 127 की उप-धारा (1) के खंड (ठ), उप-खंड (ii) में शब्द किसी ''सार्वजनिक सड़क पर चलाया जाने वाला'' के बाद शब्द 'अथवा राज्य सरकार द्वारा बनाई जानेवाली नियमावली के अधीन यथा उपबंधित'' जोड़े जाएंगे। (2)(2)(2)(2) धृति जिस सड़क पर अवस्थित हो उसका प्रकार अवधारित करने से संबंधित बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 127 की उप-धारा (4), खंड (ii) को (ii) नहीं बल्कि उप-धारा ''(2)'' पढ़ा जायेगा। (3)))) उक्त अधिनियम, के अंग्रेजी पाठ में धारा 127 की उप-धारा (7) के खंड (ii) में शब्द "Commuted" शब्द "Calculated" से प्रतिस्थापित किया जायेगा। (4) उक्त अधिनियम, की धारा 127 की उप-धारा (10), उप-धारा (12) के रूप में पुनर्संख्यांकित की जायेगी और नई उप-धाराएँ (10) और (11) निम्नवत् जोड़ी जायेंगी, यथाः- ''(10) किराए पर दी गई संपत्तियों और इस अधिनियम की धारा 127 की उप-धारा (4) के खंड (1) के उप-खंड (घ) और (ङ) में उल्लिखित धृतियों में गैर आवासीय धृतियों के कतिपय कोटियों के लिए राज्य सरकार वार्षिक भाटक मूल्य की गणना हेतु विशेष पद्धति उपबंधित कर सकेगी।''3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 ''(11) (i) धृतियों/भवनों के उन भागों का, जो आध्यात्मिक एवं धार्मिक प्रकृति के स्थान, केन्द्र एवं संस्था हैं, किसी वाणिज्यिक कार्यकलाप, कार्यालय भवन, रेस्तराँ, दूकान या आवासीय सुविधा के लिए चाहे निशुल्क या शुल्क सहित या दान के रूप में प्रभार लेकर उपयोग किया जाता है, जिस कोटि के हों, उस कोटि के अनुसार सम्पत्ति कर प्रभारित किया जायगा। (ii) मलिन बस्तियों में अवस्थित 250 वर्गफीट से कम के कुर्सी क्षेत्र वाली झोपड़ियाँ या आवासीय घर संपत्ति कर के भुगतान से मुक्त होंगे।'' (5) बिहार नगरपालिका अधिनियम, की धारा 127 में निम्नलिखित एक नई उप-धारा (13) जोड़ी जाएगी, यथाः-
''(13) (i) नगरपालिका हर पांच वर्ष में एक बार धारा 7 (i) के अधीन धृतियों के भाटक मूल्य का उध्र्वगामी पुनरीक्षण करेगी तथा सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से धृतियों के सभी स्वामियों और निर्धारितियों को ऐसे पुनरीक्षण के कारण निर्धारण की पद्वति में परिवर्तन से अवगत कराएगी। (ii) नगरपालिका हर पांच वर्ष में एक बार उन सड़कों का पुनर्वर्गीकरण भी करेगी जिन पर धृतियाँ अवस्थित हों और धृति का भाटक मूल्य अवधारित करने में उसका ध्यान रखेगी।'' (6) बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के अंग्रेजी पाठ की उप-धारा (7) (ii) में शब्द'' sub rule (1) को Clause (i) द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगा। एक नयी धारा 128 क का जोड़ा जाना।-''128 क. नगर सेवा प्रभार सलाहकार बोर्ड की स्थापना।- (1)(1)(1)(1) 7777.... एक नयी धारा 128 क का जोड़ा जाना। एक नयी धारा 128 क का जोड़ा जाना। एक नयी धारा 128 क का जोड़ा जाना। नगरपालिका द्वारा उपयोगकर्त्ता प्रभारों के उद्ग्रहण पर सलाह देने के लिए राज्य सरकार नगर सेवा प्रभार सलाहकार बोर्ड स्थापित कर सकेगी। (2)(2)(2)(2) बोर्ड की संरचना, अध्यक्ष तथा सदस्यों की अर्हता और बोर्ड द्वारा संपादित किए जाने वाले कृत्यों का अवधारण राज्य सरकार द्वारा आदेशों के अधीन किया जाएगा। (3)(3)(3)(3) ऐसी कोई सम्पत्ति जिसमें वर्षा जल संरक्षण (Rain Water Harvesting) तकनीक और संरचना अपनायी गयी हो, उसे राज्य सरकार के आदेश द्वारा विहित रीति से कुल सम्पत्ति कर में अवधारित प्रतिशत तक राहत दी जा सकेगी।''
8888.... धारा 138 का संशाधारा 138 का संशाधारा 138 का संशाधारा 138 का संशोधन।-ेधन।-ेधन।-ेधन।-उक्त अधिनियम, की धारा 138 की उप-धारा (2) के बाद निम्नलिखित एक नयी उप-धारा-(3) जोड़ी जाएगी, यथाः-
''(3) यदि दो या दो से अधिक वैसी धृृतियों के मालिक, जो एक-दूसरे से लगी हुई हों, मुख्य नगरपालिका पदाधिकारी के समक्ष, स्वयं या किसी प्रवर्तक/विकासकर्ता के माध्यम से, अपनी धृतियों को आमेलित कर अपार्टमेंट बनाना चाहते हों, तो वह पदाधिकारी सम्यक जांचोपरान्त अनुमति दे सकेगा और जिन व्यक्तियों की धृतियाँ आमेलित की गयी हों, वह संयुक्त रूप से भू-स्वामी समझे जायेंगे ;
परन्तु आमेलन की अनुमति मिल जाने तथा प्रवर्तक/विकासकर्ता एवं भू-स्वामियों में अपार्टमेंट निर्माण से संबंधित समझौता हो जाने के पश्चात् किसी भी दशा में धृतियों को फिर से अलग-अलग करने की अनुमति नहीं दी जायेंगी।''
9999.... धारा 155 का संशोधन।- (1) धारा 155 का संशोधन।- (1) धारा 155 का संशोधन।- (1) धारा 155 का संशोधन।- (1) उक्त अधिनियम, 2007 के अध्याय xix के शीर्षक ''करों'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे।
(2)(2)(2)(2) अध्याय xix में उप शीर्षक ''क'' शब्द ''नगरपालिका द्वारा करों'' के बाद'' शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे। (3) उक्त अधिनियम, की धारा 155 में शब्द ''करों'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे। (4) धारा 155 में शब्द ''किसी कर'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे। (5) उक्त अधिनियम, की धारा 155 के अंगे्रजी पाठ के खंड (c) में शब्द ''distrait" शब्द "seizure" से प्रतिस्थापित किया जाएगा। (6) धारा 155 में खंड (छ) के बाद निम्नलिखित नया खंड (ज) जोड़ा जाएगा, यथाः- धारा 155 में खंड (छ) के बाद निम्नलिखित नया खंड (ज) जोड़ा जाएगा, यथाः- धारा 155 में खंड (छ) के बाद निम्नलिखित नया खंड (ज) जोड़ा जाएगा, यथाः- धारा 155 में खंड (छ) के बाद निम्नलिखित नया खंड (ज) जोड़ा जाएगा, यथाः- '' (ज) धृति के स्वामी या निर्धारिती को दो स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन द्वारा संपत्ति कर का स्व-निर्धारण कर उसे नियमों एवं विनियमों में विहित तिथि एवं रीति से भुगतान करने का निदेश देकर''; (7) धारा 155 के खंड (ख) में शब्द ''मांग-पत्र तामील कर'' के बाद शब्द
''30 जून तक देय कर का भुगतान करने में धृति के स्वामी या निर्धारिती के विफल रहने पर'' जोड़े जायंगे। (8) धारा 155 के खंड (ख) के बाद निम्नलिखित नया खंड (ख ख) जोड़ा जायेगा, यथाः-
'' (ख ख) व्यतिक्रमी को सात दिनाें की नोटिस देने के बाद नगरपालिका सेवाएँ, यथा जलापूर्ति, मलवहन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन रोककर, या
10101010.... धारा 156 का संशोधन।- धारा 156 का संशोधन।- धारा 156 का संशोधन।- धारा 156 का संशोधन।- (1) उक्त अधिनियम की धारा 156 के उप-शीर्षक में शब्द ''करों'' के बाद शब्द ''और गैर कर राजस्व'' जोडे़ जायंगे।4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 (2) धारा 156 की उप-धारा (1) में शब्द ''कोई कर'' के बाद शब्द ''और ''उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोडे जायेंगे। (3) धारा 156 की उप-धारा (2) मेें शब्द ''किसी बकाये रकम'' के पहले शब्द ''कर के'' जोड़े जायेंगे। (4) बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 156 की उप-धारा (2) निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किये जायेंगे :- ''(2) तिथि, जिस तिथि को कर एवं उपयोगकत्र्ता प्रभार देय हो के भुगतान की तिथि और रीति, जब और जिस रीति से उनका भुगतान किया जायगा तथा उनपर छूट एवं शास्ति की राशि नियमावली के अधीन विहित की जायगी।''
11111111.... धारा 157 का संशोधन।-धारा 157 का संशोधन।-धारा 157 का संशोधन।-धारा 157 का संशोधन।-(i) उक्त अधिनियम, की धारा 157 की उप-धारा (1) में निम्नलिखित नया खंड (घ) जोड़ा जायेगा- ''(घ) स्वनिर्धारण के आधार पर भुगतान किया गया कर'' (ii) उक्त अधिनियम, की धारा 157 में शब्द ''जब कोई कर'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे। (iii) बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 157 के परन्तुक में शब्द ''कर की वसूली'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपभोक्ता शुल्क'' जोड़े जायंगे।
12121212.... धारा 158 का संशोधनधारा 158 का संशोधनधारा 158 का संशोधनधारा 158 का संशोधन।- ।- ।- ।- (1) उक्त अधिनियम, की धारा 158 में शब्द ''कर के भुगतान और वसूली से संबंधित विनियमों'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोड़े जायंगे। (2) धारा 158 में शब्द ''अपने बकाये कर के भुगतान एवं वसूली सुनिश्चित करने के लिए'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोड़े जायंगे। (3) उक्त अधिनियम, की धारा 158 के खंड (ख) मेें शब्द ''बकाये कर'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोड़े जायंगे। (4) उक्त अधिनियम की धारा 158 के खंड (ग) में शब्द ''बकाये कर की वसूली'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोड़े जायंगे। (5) उक्त अधिनियम, की धारा 158 के खंड (च) में शब्द ''कर की वसूली'' के बाद शब्द ''और सेवा/उपयोगकत्र्ता प्रभार'' जोड़े जायंगे।
13131313.... एक नई धारा 274 क का जोड़ा जाना।-एक नई धारा 274 क का जोड़ा जाना।-एक नई धारा 274 क का जोड़ा जाना।-एक नई धारा 274 क का जोड़ा जाना।-''274 क- जिला योजना समिति और महानगरीय समिति धारा 274 में यथा उपबंधित विकास योजना तैयार करेगी और उसे अनुमोदन के लिए राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। राज्य सरकार उपान्तरण के साथ या उसके बिना योजना को यथाशीघ्र, किन्तु उसके प्रस्तुत किए जाने के 12 माह के बाद योजना का अनुमोदन नही करेगी।''5 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
संविधान के 74वें संशोधन के प्रावधानों को बिहार के नगर निकायों में लागू करने के लिये राज्य में बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 अधिनियमित है एवं राज्य के सभी नगर निकाय इसके आलोक में संविधान प्रदत्त दायित्वों की पूर्ति एवं जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने की दिशा में पूर्ण तत्पर है। नगर निकायों से अधिकाधिक नागरिक सुविधाओं की प्राप्ति की बढ़ती जनाकांक्षाओं की पूर्ति हेतु इस अधिनियम में समय-समय पर संशोधन अपेक्षित हो जाता है।
नगर निकायोें की प्रशासनिक ढाँचा को सुदृढ़ बनाने सम्पत्ति कर की व्यवस्था को लचीला और प्रगतिशील बनाने विभिन्न प्रकार की शहरी नागरिक सुविधाओं के एवज में सेवा शुल्क का प्रावधान करने, करो की वसूली की सम्यक् व्यवस्था निर्धारित करने एवं कर चोरी करने या छुपाने वालों पर दण्ड अधिरोपण की व्यवस्था करने के लिए उक्त अधिनियम मेें संशोधन की आवश्यकता है।
उक्त आवश्यकताओं को दृष्टिपथ में रखकर बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 2, धारा 36, धारा 69, धारा 71, धारा 127, धारा 128 क जोड़ा जाना, धारा 138, धारा 155, धारा 156, धारा 157, धारा 158 एवं धारा 274 में संशोधन आवश्यक है। उपभोक्ता प्रभार की परिभाषा अधिनियम में पूर्व से विद्यमान नहीं थी उन्हें भी परिभाषित किया जाना है। उपर्युक्त के आलोक में ही बिहार नगरपालिका संशोधन विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 को और अधिक प्रभावी और लोकोन्मुखी बनाना ही विधेयक का मुख्य उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित करना ही इस विधेयक का अभीष्ट है।
(प्रेम कुमार) भारसाधक सदस्य। पटनाः दिनांकः 08 दिसम्बर, 2011
गिरीश झागिरीश झागिरीश झागिरीश झा,,,, प्रभारी सचिव,
बिहार विधान-सभा।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु&ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 787-571+10-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in