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âìCäeââ^2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 बिहार अपार्टमेन्ट स्वामित्व (संशोधन) विधेयक, 2011 [Ñç∫ä∫Ñç∫CPN]OMNN⁄⁄⁄⁄
बिहार अपार्टमेन्ट स्वामित्व अधिनियम, 2006 (बिहार अधिनियम, 28, 2006) का संशोधन करने के लिये विधेयक।
भारत गणराज्य के बासठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ। - (1) यह अधिनियम बिहार अपार्टमेंट स्वामित्व (संशोधन) अधिनियम, 2011 कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरत प्रवृत्त होगा।
2. बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-3 का संशोधन। - उक्त अधिनियम की धारा-3 में निम्नलिखित संशोधन किये जायेंगेः-
(1) धारा-3 की कंडिका (भ) के पश्चात् निम्नलिखित नयी उप-धारा (म) एवं (य) क्रमशः जोड़ी जायेंगीः-
''(म) ''पूर्णता प्रमाण-पत्र'' से अभिप्रेत है, वह प्रमाण-पत्र जो विहित प्रपत्र में विकासकर्त्ता/प्रर्वत्तक/निर्माता के द्वारा सक्षम पदाधिकारी को इस सूचना के साथ दिया जायेगा कि उसने अपार्टमेंट का निर्माण स्वीकृत नक्शा तथा निर्माण से संबंधित सभी विधियों एवं नियमों का पालन करते हुये कर लिया है और उन्हें अधिभोग की अनुमति दे दी जाए।''
''(य) ''अधिभोग अनुमति'' से अभिप्रेत लिखित रूप में दी गयी उस अनुमति से है जिसके द्वारा सक्षम पदाधिकारी, पूर्णता प्रमाण-पत्र प्राप्त होने पर, अपार्टमेंट के निरीक्षण के पश्चात् इस बात से संतुष्ट होते हुये कि अपार्टमेंट के निर्माण में उससे संबंधित सभी शर्त्तों का अनुपालन किया गया है, किसी अपार्टमेंट या उसके एक हिस्से के उपयोग की अनुमति देता हो।''
(2) धारा-3 की उप-धारा (ण) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जायेगीः- ''(ण) ''स्थानीय प्राधिकार'' से अभिप्रेत है समय-समय पर संशोधित बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 और जिसमें नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और कोई विकास और योजना प्राधिकार जिसे किसी विधि द्वारा स्थापित किया गया हो।''
(3) धारा-3 के खंड (झ) (i) में प्रयुक्त शब्द ''सेटबैक एरिया सहित'' को 'भूमि और भवन' शब्द के बाद शामिल किया जायेगा।
3. बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-6 का संशोधन। - उक्त अधिनियम की धारा-6 में निम्नलिखित संशोधन किया जायेगा, यथा-
(1) धारा-6 में, शब्द 'उप विधियों' के पश्चात् शब्द 'सार्वजनिक व्यय, सार्वजनिक आय, सेवा शुल्क में हिस्सेदारी से संबंधित अपार्टमेंट के स्वामियों की संस्था के निर्णयों' जोड़े जायेंगे। (2) उक्त अधिनियम की धारा-6 को धारा-6 (1) के रूप में पुनर्संख्यांकित किया जायेगा। (3) धारा-6 (1) के बाद निम्नलिखित उप-धाराएँ क्रमशः (2), (3) एवं (4) जोड़ी जायेंगी, यथा-
''(2)- अगर अपार्टमेंट स्वामियों की संस्था की ओर से प्रबंधक या बोर्ड, उचित मामलों में, व्यथित अपार्टमेंट स्वामी हर्जाना के लिये देय राशि लेने या आगमन सहायता प्राप्त करने या दोनों में असमर्थ हो जाता है तो अपार्टमेंट स्वामियों की संस्था की ओर से प्रबंधक या बोर्ड की ओर से सक्षम पदाधिकारी को आवेदन-पत्र देगा जो इस नियमावली में निर्धारित तरीका से हर्जाना के लिये देय राशि की वसूली करायेगा।
(3) अपार्टमेंट स्वामियों की संस्था की ओर से या प्रबंधक या बोर्ड सक्षम पदाधिकारी को वैसे अपार्टमेंट स्वामी जो 6 (छह) माह से अधिक समय से प्रबंधक या3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 बोर्ड के प्रयत्नों के बावजूद सार्वजनिक व्यय और सेवा शुल्क में हिस्सेदारी देना अस्वीकार करते हैं से सार्वजनिक व्यय और सेवा शुल्क को जमा कराने के लिये आवेदन-पत्र देगा जो इस नियमावली में निर्धारित तरीका से वैसे अपार्टमेंट स्वामी से देय राशि की वसूली करायेगा।
(4) क्षतिपूर्ति हेतु बकाया या आगमन सहायता या दोनों और सार्वजनिक व्यय और सेवा शुल्क में हिस्सेदारी की बकाया राशि को अपार्टमेंट स्वामियों पर सम्पत्ति कर का बकाया माना जायेगा और उसी प्रकार से वसूल की जायेगी।''
4. बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-7 का संशोधन।- उक्त अधिनियम की धारा-7 में निम्नलिखित संशोधन किया जायेगा यथाः- (1) धारा-7 की उप-धारा (1) के पश्चात् निम्नलिखित नई उप धारा (1क) अंतःस्थापित की जायेगीः-
''(1क) प्रत्येक प्रवर्त्तक, बिल्डर या विकासकर्त्ता नियमावली में विनिर्धारित तरीका से उस पदाधिकारी के साथ जिसे नियमावली में इस हेतु प्राधिकृत किया जाये, अपना निबंधन करायेगा।'' (2) धारा-7 की उप-धारा (2) का खंड-(झ) निम्नांकित द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगाः- ''(झ) किसी आवंटिती को अपार्टमेंट या उसके किसी हिस्से का तब तक कब्जा नहीं लेने देगा जब तक निर्माणकर्त्ता द्वारा सक्षम पदाधिकारी को 'पूर्णता प्रमाण पत्र' नहीं दे दिया गया हो और उसके द्वारा 'अधिभोग अनुमति' नहीं प्रदान की गयी हो तथा कोई आवंटिती सक्षम पदाधिकारी से प्राप्त 'अधिभोग अनुमति' के बिना अपार्टमेंट या उसके किसी हिस्से पर कब्जा नहीं लेगा।''
बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-8 का संशोधन। - उक्त अधिनियम की धारा-8 की उप-धारा 5.... बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-8 का संशोधन। बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-8 का संशोधन। बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-8 का संशोधन।
(1) के पश्चात् निम्नलिखित नई उप धारा (1क) अंतःस्थापित की जायेगी :
''(1क) अपार्टमेंट लेने वाला प्रत्येक आवंटिती या स्वामी अपार्टमेंट की प्रबंध-व्यवस्था के लिए गठित सहकारिता समिति या कम्पनी के सदस्य बनेंगे।'' बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-17 का संशोधन। - उक्त अधिनियम की धारा-17 में 6. बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-17 का संशोधन। बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-17 का संशोधन। बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-17 का संशोधन। निम्नलिखित संशोधन किया जायगा, यथाः- (1) धारा-17(1) में, शब्द ''जुर्माने से, जो दो हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा'' शब्द ''जुर्माने से, जो एक लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा'' द्वारा प्रतिस्थापित किये जायेंगे।
(2) धारा-17 (1) में खण्ड (ग) के पश्चात् एक नया खण्ड ''(घ)'' जोड़ा जायेगा। (3) धारा-17(1) में निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जायेगा -
''परन्तु, यदि कोई प्रवर्त्तक, विकासकर्त्ता या बिल्डर धारा-7(2)(च) का उल्लंघन करता है तो अपार्टमेंट का कब्जा देने के लिये निर्धारित तारीख से छह महीना व्यतीत हो जाने के बाद कब्जा न देने पर उसे प्रत्येक महीना की देरी के लिये नियमावली में निर्धारित जुर्माना लगाकर दंडित किया जायेगा और इस प्रकार जमा राशि को अपार्टमेंट के स्वामी, या आवंटिती को भुगतान किया जायेगा।''
(4) धारा-17(3) में, शब्द ''जिसका विस्तार दो लाख रुपये तक हो सकेगा'' शब्द ''जुर्माना'' के बाद जोड़ा जायेगा और शब्द ''और इसके अलावा निर्माण रोके जाने तथा उल्लंघन हटाये जाने का आदेश भी दिया जा सकेगा'' शब्द ''सजा हो सकती है'' के बाद जोड़े जायेंगे। (5) धारा-17 के बाद निम्नलिखित नयी धारा-17(क) और धारा-17(ख) जोड़ी जायेंगी, यथा :-
''17(क) कोई स्वामी जो धारा- 7(2) (झ) का उल्लंघन करता है वह जुर्माने जो रुपये 50,000/- (पचास हजार) तक बढ़ाया जा सकेगा से दण्डणीय होगा।''
''17(ख) - धारा-17(क) के अधीन लगायी गयी जुर्माने की राशि को सम्पत्ति कर का बकाया माना जायेगा और उसी प्रकार वसूल किया जायेगा।''
7. बिहार अधिनियम 28, 2बिहार अधिनियम 28, 2बिहार अधिनियम 28, 2बिहार अधिनियम 28, 2006 की धारा-32 का संशोधन।006 की धारा-32 का संशोधन।006 की धारा-32 का संशोधन।006 की धारा-32 का संशोधन। - धारा-32(1) में खंड (ज) के बाद निम्नलिखित नया खंड (झ) एवं () जोड़े जायेंगेः-
''(झ) उस विकासकर्त्ता, प्रवर्त्तक, अपार्टमेंट स्वामी या अपार्टमेंट मालिकों के एसोसिएशन, प्रबंधक या बोर्ड बिहार अपार्टमेंट स्वामित्व अधिनियम, 2006 या उसके अधीन निर्मित किसी4 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 21 &दस(बर 2011 नियमावली, नियम या उप विधि का उल्लंघन करता हो तो वैसे व्यक्तियों पर जुर्माना लगाना। '' ''() 'पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त करना, निरीक्षण करना, सुधार के निदेश देना तथा अधिभोग अनुमति देना।''
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
राज्य में बनने वाले अपार्टमेन्ट भवनाें के विनियमन एवं नियंत्रण के लिये वर्ष 2006 में बिहार अपार्टमेन्ट अधिनियम, 2006 अधिनियमित किया गया था। कालान्तर में यह प्रतीत हुआ है कि राज्य में बन रहे अपार्टमेन्टों के सम्यक विनिमयन के लिये अधिनियम में कुछ विशेष प्रावधान किये जाने की आवश्यकता है। इन प्रावधानों के नहीं रहने से अधिनियम को प्रभावकारी बनाना कठिन हो रहा है। इसके लिए बिहार अपार्टमेन्ट स्वामित्व अधिनियम, 2006 में संशोधन करने की आवश्यकता है। इस संशोधन विधेयक में उक्त अधिनियम को और प्रभावकारी बनाने के लिए अपार्टमेन्ट के निर्माणकर्त्ता का निबंधन, अपार्टमेन्ट क्रय करने वाले व्यक्तियों के हितों की सुरक्षा, अपार्टमेन्ट के लिये सोसायटी बनाये जाने और उसमें सभी अपार्टमेन्ट मालिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने, अपार्टमेन्ट स्वामी के द्वारा अपार्टमेन्ट के रख रखाव एवं अन्य सेवा शुल्कों को दिये जाने को बाध्यकारी बनाये जाने, पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं अधिभोग की अनुमति की व्यवस्था करने एवं अधिनियम के प्रावधानों के उलंघन होने पर प्रभावकारी दंड का प्रावधान किया गया है। बिहार अपार्टमेन्ट स्वामित्व अधिनियम, 2006 को और अधिक प्रभावी बनाना ही इस विधेयक का मुख्य उदेश्य है तथा इसे अधिनियमित करना ही इस विधेयक का उद्देश्य है।
(प्रेम कुमार) भारसाधक सदस्य। पटनाः दिनांकः 8 दिसम्बर, 2011
गिरीश झागिरीश झागिरीश झागिरीश झा,,,, प्रभारी सचिव, बिहार विधान-सभा । =
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु&ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 789-571+10-ड*0ट*0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in