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सं॰ 22/नि0सि0(औ0)-17-16/2007/1475
97 द्वारा निलंबित करते हुए इनके विरुद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1107, दिनांक 14 दिसम्बर 20 22/नि0सि0(औ0)-17-16/2007/1475—श्री आलोक कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, उत्तर श्री आलोक कुमार, तत्कालीन सहायक अभियन्ता, उत्तर कोयल नहर प्रमण्डल, गया जो अपने मूल विभागीय कार्यो के अतिरिक्त निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, गया के द्वारा कोयल नहर प्रमण्डल, गया जो अपने मूल विभागीय कार्यो के अतिरिक्त निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, गया के द्वारा कोयल नहर प्रमण्डल, गया जो अपने मूल विभागीय कार्यो के अतिरिक्त निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, गया के द्वारा क्त थे, द्वारा विभागीय कार्य में रुचि नहीं लेने, मतदाता पुनरीक्षण कार्य के लिए बी0 एल0 ओ0 के रूप में प्रतिनियुक्त थे, द्वारा विभागीय कार्य में रु मतदाता पुनरीक्षण कार्य के लिए बी0 एल0 ओ0 के रूप में प्रतिनियु , गया को पत्र लिखने आदि कार्रवाई हेतु निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, गया को पत्र लिखने आदि अपने वरीय पदाधिकारी के विरुद्ध पों के लिए विभागीय आदेष सं0 96, दिनांक अनुषासनहीनता एवं स्वेच्छाचारित संबंधी प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय आदेष सं0 अनुषासनहीनता एवं स्वेच्छाचारित संबंधी प्रथम द्रष्टया प्रमाणित आरो , दिनांक 14 दिसम्बर 2007 9 सितम्बर 1997 द्वारा निलंबित करते हुए 17 के तहत विभागीय द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत विभागीय द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण कार्यवाही प्रारम्भ की गयी।
अक्तूबर 2008 से उक्त विभागीय कार्यवाही के क्रम में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 422, दिनांक 13 अक्तूबर 20 उक्त विभागीय कार्यवाही के क्रम में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 422 प्राप्त जॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर सम्यक समीक्षोपरान्त यह पाय ा गया कि वरीय पदाधिकारी के विरुद्ध ॅाच प्रतिवेदन की सरकार के स्तर पर सम्यक समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि वरीय पदाधिकारी के ि श्री कुमार द्वारा कार्रवाई हेतु पत्र लिखना अनुषासनहीनता का घोतक है। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार को श्री कुमार द्वारा कार्रवाई हेतु पत्र लिखना अनुषासनहीनता का घोतक है। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार को श्री कुमार द्वारा कार्रवाई हेतु पत्र लिखना अनुषासनहीनता का घोतक है। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार को त्र दो धंटे प्रतिदिन का कार्य था, परन्तु वे संबंधी जिन कार्यो के लिए प्रति नियुक्त किया गया था । वह मात्र दो धंटे प्रतिदिन का कार्य था, परन्तु वे निर्वाचन संबंधी जिन कार्यो के लिए प्रति नियुक्त किया गया था ल्कि अपने वरीय इसका बहाना बनाकर काफी दिनों तक अपने मूल कार्य (विभागीय कार्य) को नहीं किये, बल्कि अपने वरीय इसका बहाना बनाकर काफी दिनों तक अपने मूल कार्य (विभागीय कार्य) को नहीं किये, ब निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, गया के साथ पत्राचार किेया जो सरकारी सेवा संबंधी आचार पदाधिकारी के विरुद्ध निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, गया के साथ पत्राचार किेया जो सरकारी सेवा संबंधी आचार निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, गया के साथ पत्राचार किेया जो सरकारी सेवा संबंधी आचार संहिता के अनुकूल नहीं है। फलस्वरूप उक्त प्रथम द्रषटया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री आलोक कुमार, सहायक अभियन्ता को फलस्वरूप उक्त प्रथम द्रषटया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री आलोक कुमार, सहायक अभियन्ता को फलस्वरूप उक्त प्रथम द्रषटया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री आलोक कुमार, सहायक अभियन्ता को दिनांक 23 दिसम्बर निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय विभागीय आदेष सं0 157, दिनांक निलंबन से मुक्त करते हुए निम्न दण्ड अधिरोपित करन 2008 द्वारा लिया गयाः-
पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 29 'दस)बर 2011 न्यायालय, पटना के दिनांक 19 जुलाई 2011 को पारित न्याय निर्णय में आदेष दिया है कि याचिकाकत्र्ता विभाग में अपील दायर करेंगे तथा उनके अपील अभ्यावेदन पर विभाग द्वारा तार्किक आदेष पारित किया जायेगा। उक्त के आलोक में श्री कुमार द्वारा विभाग में दिनांक 5 अगस्त 2011 को न्यायादेष की प्रति के साथ पुनर्विचार अभ्यावेदन समर्पित किया गया विभागीय पत्रांक 1322, दिनांक 25 अक्तूबर 2011 द्वारा फैक्स के माध्यम से श्री कुमार को दिनांक 3 नवम्बर 2011 को पूर्वाह्न 11.00 बजे विभाग में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने हेतु निदेषित किया गया। श्री कुमार दिनांक 3 नवम्बर 2011 को उपस्थित हुए। उनके द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन एवं उनके द्वारा रखे पक्ष की समीक्षा की गयी।
श्री कुमार के विरुद्ध मुख्यतः दो आरोप (1) अपने वरीय पदाधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई हेतु निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, गया को पत्र लिखने तथा (11) विभागीय कार्यो में रूचि नहीं लेने का आरोप है।
समीक्षा के क्रम में अपने वरीय पदाधिकारी के विरूद्व निर्वाचक पदाधिकारी, गया को पत्र लिखने जैसी अनुषासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता तथा विभागीय कार्य में रुचि नहीं लेने संबंधी आरोपों के संबंध में उनके पुनर्विचार अपील अभ्यावेदन में उक्त तथ्यों एवं मौखिक रूप से रखे गये पक्षों के आलोक में अपील अभ्यावेदन निम्न कारणों से विचारणीय पाया गया-
(1) बी0 एल0 ओ0 के रूप में इनकी प्रतिनियुक्ति के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा था, फलस्वरूप प्रघान सचिव, जल संसाधन विभाग द्वारा जिला पदाधिकारी, गया को याचिकाकत्र्ता की प्रतिनियुक्ति रद्द करने हेतु विभागीय पत्रांक 922, दिनांक 25 मई 2007 एवं पत्रांक 1220, दिनांक 10 जुलाई 2007 द्वारा लिखा गया था। तत्पष्चात अधीक्षण अभियन्ता, उत्तर कोयल नहर, गया द्वारा भी इसकी प्रतिनियुक्ति रद्द करने का अनुरोध किया गया था। विभागीय स्तर से इतने प्रयास के बावजूद भी चुनाव कार्य से जुड़े पदाधिकारियों ने इनकी प्रतिनियुक्ति रद्द नहीं किया। विदित है कि बी0 एल0 ओ0 का कार्य महत्वपूर्ण है जिसमें जरा सी असावधानी से समस्या उत्पन्न हो सकती है।
(2) मुख्य अभियन्ता, जल संसाधन विभाग, औरंगाबाद ने पत्रांक 490 दिनांक 6 जून 2007 द्वारा इन्हें अविलम्ब आवंटित विभागीय कार्य पूरा करने का निदेष दिया अन्यथा आरोप गठित करने की चेतावनी दी गयी। ठीक उसी दिन यानि 6 जून 2007 को अनुमंडल पदाधिकारी, सदर गया ने भी अपने पत्रांक 226, दिनांक 6 जून 2007 द्वारा यह आदेष दिया गया कि निर्वाचन से संबंधित दायित्व का निषपादन समय पर नहीं किये जाने कारन जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट होता है कि श्री कुमार द्वारा बी0 एल0 ओ0 का कार्य करने से विभागीय कार्य कुछ हद तक प्रभावित हुआ, परन्तु इसके लिए इन्हें जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि उसी अवधि में बी0 एल0 ओ0 के रूप में से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। अतएव अपीलकत्र्ता के पुनर्विचार अभ्यावेदन में सन्मिहित तथ्यों/साक्ष्यों के आलोक में उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हुए उन्हें आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया गया तथा इसके आलोक में विभागीय आदेष सं0 157, दिनांक 23 दिसम्बर 2008-सह-पठित ज्ञापांक 1035 दिनांक 23 दिसम्बर 2008 को निरस्त किया जाता है।
वर्णित स्थिति में श्री कुमार को आरोप मुक्त किया जाता है। उक्त निर्णय श्री कुमार को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, vQty vekuqYykg]
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अधी.क, सिचवालय मुिणालय, (cid:1)बहार, पटना (cid:13)ारा ूकािशत एवं मु'ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 821-571+10-ड+0ट+0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in