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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायJबम, छाऽवृ(cid:18)M ूदान, आNद।
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भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आNद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राOयपाल और कायाJPयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आNद। 7777-11112222 भाग-3—भारत सरकार, पRSम बंगाल सरकार और उUच 7यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राOय गजट? के उWरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Nकये जानेवाले ूवर सिमितय? के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक।
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भाग-7—संसद के अिधिनयम Rजनपर रांशपित क] Oयेंठअनुमित िमल चुक] है। ---
भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व_ापन
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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, 7यायालय सूचनाएं और सवJसाधारण सूचनाएं इaयाNद। 13131313-13131313 पूरक
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पूरक-क
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2 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012भागभागभागभाग----1111
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कारा निरीक्षणालय,
गृह (कारा) विभाग
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अधिसूचना
19 दिसम्बर 2011
सं॰ के0/कारा/रा0प037/07/5221—प्रोबेशन सेवा के निम्नांकित प्रोबेशन पदाधिकारियों को उनके वर्त्तमान पदस्थापित स्थान से स्थानांतरित करते उनके नाम के सामने स्तम्भ-4 में अंकित स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता हैः-
| क्र0 | नाम एवं गृह जिला | वर्त्तमान पदस्थापन | नवपदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री सत्येन्द्र प्रसाद, बेतिया | जिला प्रोबेशन कार्यालय, पटना | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, मधेपुरा |
| 2 | श्री अमिर दास, भागलपुर | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, भभुआ | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, जमुई |
| 3 | श्री फिरोज अहमद, सीवान | जिला प्रोबेशन कार्यालय, बेगुसराय | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, अररिया |
| 4 | श्री अनिल कुमार, आरा | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, सुपौल | जिला प्रोबेशन कार्यालय, बेगुसराय |
| 5 | श्री महेन्द्र लाल प्रसाद, पटना | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, मधेपुरा | जिला प्रोबेशन कार्यालय, दरभंगा |
| 6 | श्री गंगा सागर प्रसाद, रोहतास | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, अररिया | मुख्यालय (बंदी कल्याण पदाधिकारी के रूप में) |
| 7 | श्री अखिलेश कुमार, जहानाबाद | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, जमुई | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, भभुआ |
| 8 | श्री जय प्रकाश दास, मधुबनी | मुख्यालय (बंदी कल्याण पदाधिकारी के रूप में) | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, सुपौल |
| 9 | श्री विनोद कुमार सिंह, जौनपुर | जिला प्रोबेशन कार्यालय, छपरा (प्रतिनियुक्ति सीवान) | अनुमंडल प्रोबेशन कार्यालय, वीरपुर |
सभी संबंधित प्रोबेशन पदाधिकारियों को निदेश दिया जाता है कि आदेश के आलोक में बगैर पारगमन अवधि का उपभोग किये नवपदस्थापित स्थान पर योगदान करना सुनिश्चित करें।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, लक्ष्मी प्रसाद चौहान, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
——— नगर विकास एवं आवास विभाग ——— अधिसूचनाएं 27 दिसम्बर 2011
सं0 4(न0) का-1-13/04-6971/न0वि0एवंआ0वि0—बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा-41 के अध्यधीन श्री रामाशंकर, वरीय उप समार्हाा, शेरघाटी को प्रभार ग्रहण की तिथि से अगले आदेश तक के लिए अतिरिक्त रूप से नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, शेरधाटी के पद पर कार्य करने हेतु प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।3 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012
30 दिसम्बर 2011
सं0 01/स्था/न0नि0 18/09-7035/न0वि0एवंआ0वि0—बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-41 के अध्यधीन निम्नांकित पदाधिकारियों को अपने कार्याें के अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करने की तिथि से अगले आदेश तक के लिए स्तम्भ-3 में अंकित नगर निकायों के नगर कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्य करने हेतु प्राधिकृत किया जाता हैः-
| क्र0 सं0 | पदाधिकारियों का नाम | प्राधिकृत निकाय प्राध्ि प्राध्प्रिाध्ि ाकृत निकाय |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री सुरेन्द्र सिंह, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, शाहपुर | नगर पंचायत, शाहपुर (भोजपुर) |
| 2 | श्री शिवचन्द्र प्रसाद, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, कोईलवर | नगर पंचायत, कोईलवर (भोजपुर) |
| 3 | श्री राजीव रंजन निखार, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, बिहिया | नगर पंचायत, बिहिया (भोजपुर) |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डा0 राजीव कुमार, उप-सचिव।
———
27 दिसम्बर 2011
सं0 01/स्था/न0नि0-10/09-6970/न0नि0 एवं आ0वि0—श्री ज्योति नाथ, कार्यपालक अभियंता जिन्हें विभागीय अधिसूचना सं0 1527, दिनांक 17 मार्च 2011 द्वारा कार्यपालक अभियंता, जिला शहरी विकास अभिकरण, लखीसराय के पद पर पदस्थापित करते हुए बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना में प्रतिनियुक्त किया गया था को बिहार राज्य आवास बोर्ड से प्रतिनियुक्ति समाप्त करते हुए कार्यपालक अभियंता, जिला शहरी विकास अभिकरण, लखीसराय के पद पर योगदान करने हेतु आदेश दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
———
27 दिसम्बर 2011
सं0 01/स्था/न0नि0-10/09-6969/न0वि0 एवं आ0वि0—श्री हेमन्त कुमार, कार्यपालक अभियंता (प्रत्यार्वाित) सम्प्रति सहायक अभियंता, जिला शहरी विकास अभिकरण, सीवान को पथ निर्माण विभाग के पत्रांक-12439 (S), दिनांक 15 नवम्बर 2011 के आलोक में सहायक अभियंता (असैनिक) के रूप में पथ निर्माण विभाग, बिहार में योगदान करने हेतु विरमित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
———
वाणिज्य-कर विभाग
———
अधिसूचनाएं
23 दिसम्बर 2011
सं॰ 6/प्रो0-06-15/2005-5291—सी0डब्लू0जे0सी0 नं0-11265/2005 मो0 शरीफ कुरैषी बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में मा0 उच्च न्यायालय पटना द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2011 को पारित न्यायदेष के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना संख्या 474, दिनांक 12 जुलाई 2004 को अल्प संषोधित करते हुए मो0 शरीफ कुरैषी सेवा-निवृत वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त, को दिनांक 9 सितम्बर 1997 से दिनांक 12 जुलाई 2000 तक दी गई वैचारिक प्रोन्नति की अवधि के बकाये वेतन आदि का भुगतान देय होगा। इसमें वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मोहम्मद शमीम, उप-सचिव।
———
22 दिसम्बर 2011
सं॰ 6/प्रो0-6-002/94(खंड)-5260/वा0क0-बिहार विा सेवा सम्वर्ग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को वाणिज्य-कर उपायुक्त (वेतनमान् 15,600-39,100़ग्रेड पे 7,600 रू0) कोटि से वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (वेतनमान् 37,400-67,000़ग्रेड पे 8,700 रू0) कोटि में जिन्हें सामान्य प्रषासन विभाग के संकल्प संख्या 7457, दिनांक 11 सितम्बर 2002 के प्रावधान के आलोक में स्थानापन्न प्रोन्नति प्रदान की गयी थी, उन्हें स्तम्भ 5 में अंकित तिथि से स्वीकृत पद के विरूद्ध नियमित प्रोन्नति दी जाती है :-
4 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012| क्र॰ | पदाधिकारियों का नाम एवं वर्त्तमान पदस्थापन स्थान | मूल वरीयता क्रमांक | स्थानापन्न प्रोन्नति की अधिसूचना सं0 एवं तिथि | नियमित किये जाने की तिथि एवं कोटि |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री रविन्द्र सिंह, वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्र0), दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा। | 64 | 808, दिनांक 25.0210 | 01.03.10 सामान्य |
| 2 | श्री सच्चिदानन्द झा, वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त बिहार, पटना। | 67 | 808, दिनांक 25.02.10 | 01.07.10 सामान्य |
| 3 | श्री संतोष कुमार सिन्हा, वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (अंकेक्षण), पटना। | 69 | 808, दिनांक 25.02.10 | 01.12.10 सामान्य |
| 4 | श्री कृष्णा नन्द राय, वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त बिहार, पटना। | 70 | 5483, दिनांक 11.12.10 | 01.01.11 सामान्य |
| 5 | श्री अरूण कुमार वर्मा, वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (प्र0), पूर्णियां प्रमंडल, पूर्णियां। | 72 | 5483, दिनांक 11.12.10 | 01.02.11 सामान्य |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ए॰ के॰ सिन्हा, अवर सचिव।
———
22 दिसम्बर 2011
सं॰ 6/प्रो0-6-002/94(खंड)-5261 वा0क0-बिहार विा सेवा सम्वर्ग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को वाणिज्य-कर उपायुक्त (वेतनमान् 15,600-39,100़ग्रेड पे 7,600 रु0) कोटि से वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (वेतनमान् 37,400-67,000़ग्रेड पे 8,700 रु0) कोटि में स्वीकृत पद पर अधिसूचना निर्गमन की तिथि से नियमित प्रोन्नति दी जाती हैः-
| क्र॰ | पदाधिकारियों का नाम एवं वर्त्तमान पदस्थापन स्थान | मूल वरीयता क्रमांक | आरक्षण कोटि |
| 1 | डा0 विनोद कुमार दुदानी, वाणिज्य-कर उपायुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, मगध प्रमंडल, गया (रजौली जांच चौकी के लिए)। | 73 | सामान्य |
| 2 | श्री ब्रज किषोर पचेरीवाल, वाणिज्य-कर उपायुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, पटना पूर्वी एवं पष्चिमी प्रमंडल, पटना। | 74 | सामान्य |
| 3 | श्री सियाराम सिंह, वाणिज्य-कर उपायुक्त, मुख्यालय, बिहार, पटना | 79 | सामान्य |
| 4 | श्री प्रकाष चन्द्र वर्मा, वाणिज्य-कर उपायुक्त सम्प्रति वरीय लेखा पदाधिकारी, पथ परिवहन निगम, पटना । | 81 | सामान्य |
| 5 | श्री ओम प्रकाष झा, वाणिज्य-कर उपायुक्त सम्प्रति बजट पदाधिकारी, वित्त विभाग, बिहार, पटना । | 82 | सामान्य |
| 6 | श्री परमेन्द्र नारायण मिश्र, वाणिज्य-कर उपायुक्त, प्रभारी, दरभंगा अंचल, दरभंगा। | 83 | सामान्य |
2. उपरोक्त सभी नव प्रोन्नत पदाधिकारी प्रोन्नत पद पर पदस्थापन तक अपने र्वामान पद पर कार्य निर्वहन करते रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ए॰ के॰ सिन्हा, अवर सचिव।
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योजना एवं विकास विभाग
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अधिसूचनाएं
23 दिसम्बर 2011
सं॰ यो0स्था01/12-06/2011-4316-यो॰ वि॰—योजना एवं विकास विभाग के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन विभागीय राज्यादेष संख्या 2570, दिनांक 3 अगस्त 2011 द्वारा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन सृजित/गठित की गयी है ।5 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 2. जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 101/गो0, दिनांक 3 दिसम्बर 2011 द्वारा जल संसाधन विभाग के क्षेत्रीय स्थापना से मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु ई0 तेजनारायण राम, आई0डी0 3478, गृह जिला-पूर्वी चम्पारण की सेवा उपलब्ध करायी गयी है।
3. जल संसाधन विभाग से प्राप्त सेवा के आधार पर ई0 तेज नारायण राम, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, दरभंगा को मुख्य अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन योजना एवं विकास विभाग के रिक्त पद के विरुद्ध अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
4. पदस्थापित अभियन्ता का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2052 सचिवालय सामान्य सेवायें, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-090, सचिवालय, उपषीर्ष-0010, योजना एवं विकास विभाग, मांग संख्या-35, विपत्र कोड-N-2052000900010 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।
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23 दिसम्बर 2011
सं॰ यो0स्था01/12-07/2011-4318-यो॰ वि॰—योजना एवं विकास विभाग के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन विभागीय राज्यादेष संख्या 2570, दिनांक 3 अगस्त 2011 द्वारा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन सृजित/गठित की गयी है । 2. जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 102/गो0, दिनांक 3 दिसम्बर 2011 द्वारा जल संसाधन विभाग के क्षेत्रीय स्थापना से अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थापन हेतु श्री अशोक कुमार प्रसाद, आई0डी0 1718, गृह जिला-राँची एवं श्री हरिकेश्वर राम, आई0डी0 3492, गृह जिला-भोजपुर की सेवा उपलब्ध करायी गयी है।
3. उक्त के आलोक में निम्नलिखित अधीक्षण अभियंताओं को स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन योजना एवं विकास
| क्र0 | अधीक्षण अभियंता का नाम एवं वर्तमान पदस्थापन | गृह जिला | नव पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री अशोक क ुमार प ्रसाद, सिंचाई मोनिटरिंग अंचल, सिंचाई भवन, पटना | राँची | अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता का कार्यालय, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना |
| 2 | श्री हरिकेश्वर राम, प्राध्यापक, बाल्मी, पटना | भोजपुर | अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मगध प्रमंडल, गया |
4. उपर्युक्त में क्रमांक (1) का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2052 सचिवालय सामान्य सेवायें, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-090, सचिवालय, उपषीर्ष-0010, योजना एवं विकास विभाग, मांग संख्या-35, विपत्र कोड-N-2052000900010 एवं क्रमांक (2) का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2053 जिला प्रषासन, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094, अन्य स्थापनाएँ, उपषीर्ष-0007,योजना तंत्र का सुदृढ़ीकरण,मांग संख्या-35,विपत्र कोड-N-2053000940007 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।
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सहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
7 दिसम्बर 2011
सं॰सं॰ -01/सह॰-भा॰प्रे॰से॰-अति॰प्रभार-29/2011-5427—श्री सी॰के॰अनिल, भा॰प्र॰से॰, (91), परामर्षी, बिहार राज्य योजना पर्षद, पटना (अतिरिक्त प्रभार- प्रषासक बिहार स्टेट हाउसिंग को-ऑपरेटिव फेडरेषन, पटना ) की सेवाएँ सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या 13217, दिनांक 5 दिसम्बर 2011 द्वारा प्रबंध निदेषक, बिस्कोमान, पटना के पद पर अतिरिक्त प्रभार के रुप में पदस्थापनार्थ सौंपे जाने के कारण उनके पदभार ग्रहण की तिथि से प्रबंध निदेषक, बिस्कोमान, पटना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, परषुराम मिश्र, सरकार के अपर सचिव-सह- अपर निबंधक (मुख्यालय), सहयोग समितियाँ ।6 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012
1 दिसम्बर 2011
सं॰ 1/सह॰-वि॰स॰से॰-राज॰स्था॰पद॰ 25/11/5384—श्री अनिरूद्ध सिंह (संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ) प्रबंध निेदषक, बिस्कोमान लि॰, पटना के दिनांक 30 नवम्बर 2011 को वार्धक्य सेवा-निवृत हो जाने के फलस्वरूप श्री अषोक कुमार झा, कार्यकारी संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना जो राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में हैं को कार्यकारी व्यवस्था के तहत सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा उक्त पद पर किसी भारतीय प्रषासनिक सेवा के पदाधिकारी के पदस्थापन होने तक अपने कार्यों के अतिरिक्त प्रबंध निदेषक, बिस्कोमान, पटना का अतिरिक्त प्रभार, प्रभार ग्रहण करने की तिथि से सौंपा जाता है।
उक्त आदेष सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा इस संबंध में अधिसूचना अधिसूचित किये जाने पर स्वतः समाप्त हो जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, परषुराम मिश्र, सरकार के अपर सचिव-सह- अपर निबंधक (मुख्यालय), सहयोग समितियाँ ।
——— 23 नवम्बर 2011 सं॰ 1/रा॰स्था॰(3)-वै॰-10/2009-5135—श्री रमण झा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सीतामढ़ी को अपनी चिकित्सा हेतु बिहार सेवा संहिता के नियम 233, 234 के तहत दिनांक 5 अप्रील 2011 से दिनांक 3 जुलाई 2011 तक अर्थात कुल 90 दिनों की रूपांतरिक छुट्टी 180(एक सौ अस्सी) दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाष के समतुल्य पूर्ण मासिक वेतन पर स्वीकृत की जाती है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो॰ मुजीब, अवर सचिव ।
——— 13 दिसम्बर 2011 सं॰ 01/सह॰-वि॰प्र॰से॰-प्रबंध निदे॰-30/2011-5463—सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या 13401, दिनांक 9 दिसम्बर 2011 के आलोक में श्री राम नरेष प्रसाद सिंह (वि0प्र0से0)नव प्रोन्नत विषेष सचिव को प्रभार ग्रहण करने की तिथि से प्रबंध निदेषक, बिहार राज्य भंडार निगम, पटना के पद पर अगले आदेष तक पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो॰ मुजीब, अवर सचिव ।
ÑÑÑÑ
अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 43Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in7 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012
भागभागभागभाग----2222
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राOयराOयराOयराOयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूअिधसूअिधसूअिधसूचनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।
ÑÑÑÑÑ सं॰ II- 08(मू0कार्य)/2010-484 योजना एवं विकास विभाग (मूल्यांकन निदेशालय) ——— संकल्प 27 दिसम्बर 2011 विषय : मुख्यमंत्री शोध, अध्ययन एवं मूल्यांकन प्रोत्साहन योजना
बिहार में हाल में आर्थिक विकास की प्रक्रिया तेज करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं । पर यह अनुभव किया गया है कि सम्प्रति राज्य में सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर अध्ययन एवं शोध की अत्यंत कमी है । इस कारण नई योजनाओं के सूत्रण एवं वर्तमान योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन शोधपरक नहीं हो पाता। आर्थिक विकास की प्रक्रिया को और अधिक तेज बनाने के लिए यह आवश्यक है कि बिहार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति के संबंध में निरंतर अध्ययन होता रहे, जिसके परिणाम के आधार पर राज्य में योजनाओं का सूत्रण एवं परिमार्जन अबाध गति से जारी रखा जा सके । इसी संदर्भ में राज्य में सामाजिक-आर्थिक शोध एवं मूल्यांकन कार्यों के लिए वित्तीय सहायता की योजना चलाने का प्रस्ताव है। जहाँ यह राज्य के भीतर एवं बाहर के शोधकर्त्ताओं को राज्य में शोध के लिए प्रेरित करेगा, वहीं इससे राज्य के विकास के लिए एक आधार भी तैयार होगा। इस माध्यम से प्रदेश के विकास में जन भागीदारी बढ़ेगी और योजनाओं को कार्यान्वित करने में आने वाले अवरोधों की पहचान कर उन्हें समय से हटाना सम्भव हो सकेगा।
योजना का नाम ।-इस योजना का नाम मुख्यमंत्री शोध, अध्ययन एवं मूल्यांकन प्रोत्साहन योजना होगा। उद्देश्य
• बिहार की विकासपरक मुद्दे से संबंधित अध्ययन एवं शोध को प्रोत्साहित करना • विकासपरक नीतियों के कार्यान्वयन एवं राज्य में चलाई जा रही योजनाओं के मूल्यांकन अध्ययन को प्रोत्साहित करना
• राज्य में शोध एवं मूल्यांकन से जुड़ी संस्थानों में शोध की क्षमता वृद्धि करना
गतिविधियॉं।-इस योजनान्तर्गत राज्य के विकासात्मक मुद्दों से संबंधित निम्नलिखित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी :-
(1) मूल्यांकन हेतु वित्तीय सहायता (2) शोध एवं अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता (3) सेमिनार अथवा कार्यशाला के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता (4) प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता
1. मूल्यांकन हेतु वित्तीय सहायता।- मूल्यांकन निदेशालय द्वारा समय-समय पर सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के कार्यान्वयन के मूल्यांकन हेतु नीतियों /योजनाओं को चिन्हित किया जाएगा । इन मूल्यांकनों के लिए निम्न प्रकार की प्रक्रियाएँ अपनायी जायेंगी :-
1.1 विभागीय तौर पर ।- मूल्यांकन निदेशालय द्वारा राज्य के अंदर एवं बाहर के विविध विषयों के मूल्यांकन विशेषज्ञों की एक सूची तैयार की जायेगी । इस सूची पर राज्य मूल्यांकन समिति का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा। सूचीबद्ध विषेषज्ञों से चिन्हि्त मूल्यांकन विषयों पर परियोजना तैयार कर समर्पित करने का अनुरोध किया जायेगा तथा बिहार वित्त नियमावली के अधीन नॉमिनेषन के आधार पर राज्य मूल्यांकन समिति के अनुमोदनोपरांत मूल्यांकन कार्य आवंटित किया जायेगा ।8 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 1.2 संस्थाओं के माध्यम से ।-मूल्यांकन निदेशालय द्वारा नीतियों एवं योजनाओं के मूल्यांकन हेतु योग्य संस्थाओं की पहचान कर उनका सूचीकरण किया जायेगा । इन्हीं सूचीबद्ध संस्थाओं के माध्यम से मूल्यांकन का कार्य निम्न प्रक्रिया के अनुसार संपादित किया जायेगा ।
1.3 संस्थाओं का सूचीकरण ।- मूल्यांकन निदेशालय द्वारा संस्थाओं के सूचीकरण हेतु एक मापदंड तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर समाचार पत्रों में विज्ञापन निकालकर सूचीकरण हेतु इच्छुक संस्थाओं से आवेदन माँगे जाएँगें। संस्थाओं से प्राप्त आवेदनों का निर्धारित मापदंड के अनुसार ग्रेडिंग किया जायेगा तथा निर्धारित अंक के ऊपर के संस्थाओं की सूची तैयार की जायेगी जिसे राज्य मूल्यांकन समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु उपस्थापित किया जायेगा । अनुमोदनोपरांत संस्थाओं का तीन वर्षों के लिए सूचीकरण किया जायेगा।
तीन वर्षों के बाद पुनः एक एप्रेजल/निरीक्षण किया जायेगा, जिसके आधार पर सूचीबद्ध संस्थाओं का अगले तीन वर्षों के लिए नवीकरण संभव हो सकेगा।
1.4 सूचीबद्ध संस्थाओं से प्रस्ताव ।- मूल्यांकन निदेशालय द्वारा समय समय पर चिन्हित विषयों पर मूल्यांकन हेतु बिहार वित्त नियमावली के अंतर्गत निरुपित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए सूचीबद्ध संस्थाओं से एक निष्चित तिथि एवं समय तक तकनीकी एवं वित्तीय प्रस्ताव समर्पित करने हेतु कहा जायेगा । तकनीकी एवं वित्तीय बोली के आधार पर संस्था का चयन किया जायेगा तथा कार्य आवंटन किया जायेगा ।
1.5 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के संस्थानों से एम0ओ0यू0 ।-ऐसे किसी विषिष्ट विषय जिस पर राज्य मूल्यांकन समिति द्वारा मूल्यांकन कराने की आवष्यकता महसूस की जाती है तथा इस प्रकार का मूल्यांकन राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थानों से कराया जाना आवष्यक समझा जाता है, वैसी स्थिति में नामित राष्ट्रीय/ अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को नॉमिनेषन के आधार पर कार्य आवंटन किया जायेगा परन्तु उसमें बिहार वित्त नियमावली के अंतर्गत निरुपित प्रक्रिया एवं प्रावधान का अनुपालन करना अनिवार्य होगा ।
1.6 मूल्यांकन हेतु सहायता राशि का संवितरण ।- मूल्यांकन अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता का संवितरण तीन किस्तों में होगा जो निम्नांकित हैः-
(क) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत प्रथम किस्त के रुप में संवितरित होगी । यह राशि तभी देय होगी जब कार्यान्वयन ऐजेन्सी द्वारा यथा निर्धारित मूल्य के गैर न्यायिक मुद्रांक बांड पर कार्य आवंटन के लिए मूल्यांकन निदेषालय द्वारा निर्धारित शर्त्तों पर सहमति संसूचित की जायेगी । इसके साथ संस्था को मूल्यांकन अध्ययन का प्रारुप, संरचना/ गैर संरचना प्रश्नावली, प्रत्येक स्तर पर संग्रहित की जानेवाली डाटा/ अध्ययन की अनुसूची संलग्न करना होगा । प्रथम किस्त की राशि की विमुक्ति प्रश्नावलियों/ अनुसूचियों की समीक्षा के उपरांत की जायेगी ।
(ख) स्वीकृत राशि का 45 प्रतिशत द्वितीय किस्त के रुप में संवितरित होगी । द्वितीय किस्त की राशि का संवितरण एजेंसी द्वारा समर्पित अध्ययन का ड्राफ्ट प्रतिवेदन अथवा विस्तृृत प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर की जा सकेगी । प्रगति प्रतिवेदन में अध्ययन की प्रगति यथा ऑंकड़ा संग्रहण तथा सारणीकरण, अध्ययन कार्य का संक्षिप्त विश्लेषण/ प्रतिवेदन शामिल किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही एजेंसी द्वारा प्रथम किस्त की विमुक्त राषि का मदवार व्यय विवरणी प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा ।
(ग) स्वीकृत राशि का 05 प्रतिशत तृतीय एवं अंतिम किस्त के रुप में संवितरित होगी । यह राशि मूल्यांकन अध्ययन के अंतिम प्रतिवेदन की वांछित संख्या में प्रतियों, सी0डी0-ROM जिसमें अंतिम प्रतिवेदन डाला गया हो, कुल स्वीकृत राशि की अग्रिम प्राप्ति रसीद तथा अध्ययन पर हुए व्यय की विवरणी जो संस्था के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित हो, के उपलब्ध कराने के उपरांत होगी।
2. शोध एवं अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता ।- शोध एवं अध्ययन के प्रस्ताव (जिनमें एक्शन रिसर्च, सामाजिक शोध आदि सम्मिलित हो सकते हैं) विकासात्मक मुद्दों पर ही केन्द्रित होंगे। शोध एवं अध्ययन हेतु दो श्रेणियों में प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएँगे -
• याचित प्रस्ताव अर्थात् ऐसे प्रस्ताव जिसमें शोध एवं अध्ययन की आवश्यकता एवं स्वरूप राज्य सरकार द्वारा निर्धारित किया गया हो
• स्वयाचित प्रस्ताव अर्थात् ऐसे प्रस्ताव जिसमें शोध एवं अध्ययन की आवश्यकता एवं स्वरूप के निर्धारण के लिए आवेदक स्वतंत्र हो
2.1 शोध एवं अध्ययन प्रस्तावः याचित प्रस्ताव ।- मूल्यांकन निदेशालय द्वारा समय-समय पर शोध एवं अध्ययन के मुख्य विषय चिन्हित किया जाएगा । चिन्हित मुख्य विषय पर शोध/अध्ययन का प्रस्ताव (निवेदन) योजना एवं9 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 विकास विभाग/मूल्यांकन निदेशालय के वेबसाईट पर डाला जाएगा तथा मूल्यांकन हेतु वित्तीय सहायता के लिए निर्धारित प्रक्रिया 2.1, 2.2, 2.3, 2.4 एवं 2.5 के अनुरुप कार्य आवंटित किया जायेगा ।
2.2 शोध एवं अध्ययन प्रस्तावः स्वयाचित प्रस्ताव ।- शोध संस्था, विश्वविद्यालय, स्वयंसेवी संस्था या अन्य अलाभकारी संस्थाएँ बिहार के विकास से सम्बंधित मुद्दों पर शोध एवं अघ्ययन से जुड़े प्रस्ताव (निवेदन) मूल्यांकन निदेशालय में समर्पित कर सकेंगे । सरकार द्वारा गठित राज्य मूल्यांकन समिति अथवा इसकी उप समिति के समक्ष इन प्रस्तावों को विचारार्थ उपस्थापित किया जायेगा । समिति/उपसमिति द्वारा प्राप्त प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जायेगा तथा उपयुक्त प्रस्तावों की स्वीकृति दी जायेगी । राज्य मूल्यांकन समिति द्वारा समय-समय पर मूल्यांकन हेतु वित्तीय सीमा का निर्धारण किया जायेगा एवं इस सीमा के अधीन प्रस्ताव की स्वीकृति दी जायेगी । तत्काल यह सीमा 10,00000 (दस लाख) रु0 तक की होगी ।
2.3 शोध एवं अध्ययन हेतु सहायता राशि का संवितरण ।-शोध/अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता का संवितरण तीन किस्तों में निम्न प्रकार से किया जायेगा :-
(क) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत प्रथम किस्त के रुप में संवितरित होगी । यह राशि तभी देय होगी जब कार्यान्वयन एजेंसी द्वारा यथा निर्धारित मूल्य के गैर न्यायिक मुद्रांक बांड पर कार्य आवंटन के लिए मूल्यांकन निदेषालय द्वारा निर्धारित शर्त्तों पर सहमति संसूचित की जायेगी । इसके साथ संस्था को अध्ययन का प्रारुप, संरचना/ गैर संरचना प्रश्नावली, प्रत्येक स्तर पर संग्रहित की जानेवाली डाटा / अध्ययन की अनुसूची संलग्न करना होगा । प्रथम किस्त की राशि की विमुक्ति प्रश्नावलियों/ अनुसूचियों की समीक्षा के उपरांत की जायेगी ।
(ख) स्वीकृत राशि का 45 प्रतिशत द्वितीय किस्त के रुप में संवितरित होगी । द्वितीय किस्त की राशि का संवितरण एजेंसी द्वारा समर्पित अध्ययन का ड्राफ्ट प्रतिवेदन अथवा विस्तृृत प्रगति प्रतिवेदन के आधार पर की जा सकेगी । प्रगति प्रतिवेदन में अध्ययन की प्रगति यथा ऑंकड़ा संग्रहण तथा सारणीकरण, अध्ययन कार्य का संक्षिप्त विश्लेषण/ प्रतिवेदन शामिल किया जाना अनिवार्य होगा । साथ ही एजेंसी द्वारा प्रथम किस्त की विमुक्त राषि का मदवार व्यय विवरणी प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य होगा ।
(ग) स्वीकृत राशि का 05 प्रतिशत तृतीय एवं अंतिम किस्त के रुप में संवितरित होगी । यह राशि अध्ययन के अंतिम प्रतिवेदन की वांछित संख्या में प्रतियों, सी0डी0-ROM जिसमें अंतिम प्रतिवेदन डाला गया हो, कुल स्वीकृत राशि की अग्रिम प्राप्ति रसीद तथा अध्ययन पर हुए व्यय की विवरणी जो संस्था के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित हो, के उपलब्ध कराने के उपरांत होगी।
3. सेमिनार अथवा कार्यशाला के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता ।-किसी विश्वविद्यालय, सरकारी या स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा बिहार राज्य से जुड़े विकासात्मक मुद्दों या शोध पद्धतियों, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन से संबंधित सेमिनार/कार्यशाला के प्रस्ताव वित्तीय सहायता के लिए अनुमान्य होंगे।
3.1 सेमिनार/कार्यशाला हेतु वित्तीय सहायता एवं परिसीमा ।- सेमिनार/कार्यशाला हेतु वित्तीय सहायता की सीमा निम्न प्रकार अथवा राज्य मूल्यांकन समिति द्वारा समय-समय पर निर्धारित परिसीमा के अधीन होगी :-
(क) राज्य स्तरीय सेमिनार/कार्यशाला, जिसमें विभिन्न जिलों के प्रतिभागी हाें, के लिए वित्तीय सहायता की राशि रू0 400 (चार सौ रूपये) प्रति प्रतिभागी प्रतिदिन अथवा पूरे सेमिनार/कार्यशाला के लिए अधिकतम चालीस हजार रूपये होगी।
(ख) राष्ट्रीय सेमिनार/कार्यशाला, जिसमें 10 प्रतिशत या कम से कम 5 व्यक्ति तक, जो भी अधिक हो, अन्य राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता हो, के लिए वित्तीय सहायता राशि रू0 600 (छः सौ रूपये) प्रति प्रतिभागी प्रतिदिन अथवा पूरे सेमिनार/कार्यशाला के लिए अधिकतम एक लाख रूपये होगी। (ग) अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार/कार्यशाला, जिसमें 10 प्रतिशत या कम से कम 5 व्यक्ति तक, जो भी अधिक हो, अन्य देशों की सहभागिता हो, के लिए वित्तीय सहायता की राशि रू0 1000 (एक हजार रूपये) प्रति प्रतिभागी प्रतिदिन अथवा पूरे सेमिनार/कार्यशाला के लिए अधिकतम तीन लाख रूपये होगी। नोटः- अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार/कार्यशाला की स्थिति में आयोजकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे गृह मंत्रालय के निदेश के अनुरूप आवश्यक मंजूरी प्राप्त कर लेें।
(घ) सेमिनार/कार्यशाला के आयोजन से संबंधित सभी प्रस्ताव राज्य मूल्यांकन समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु उपस्थापित किये जायेेंगे। राज्य मूल्यांकन समिति की स्वीकृति के उपरान्त सेमिनार/कार्यशाला के आयोजन हेतु स्वीकृत्यादेश निर्गत किया जायेगा तथा राशि की किस्तवार विमुक्ति की जायेगी।10 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 3.2 सेमिनार/कार्यशाला हेतु राशि संवितरण ।- सेमिनार/कार्यशाला के लिए वित्तीय सहायता का संवितरण निम्नांकित दो किस्तों में होगा :-
(क) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में तब संवितरित होगी, जब आयोजक एजेंसी के प्रमुख द्वारा यथा निर्धारित मूल्य के गैर न्यायिक मुद्रांक बाँड पर मूल्यांकन निदेषालय द्वारा आयोजन के शर्त्तों की सहमति संसूचित की जायेगी । साथ ही एजेंसी द्वारा मुख्य प्रतिभागियों की सेमिनार में भाग लेने की सहमति पत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा । अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार की स्थिति में नोडल/ प्रशासनिक मंत्रालय से प्राप्त मंजूरी की प्रति प्राप्त होने के उपरांत राशि संवितरित होगी ।
(ख) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत द्वितीय एवं अंतिम किस्त के रूप में संवितरित होगी। यह राशि सेमिनार/ कार्यशाला कीे कार्यवाही की पाँच प्रतियाँ, सी0डी0 सहित जिसमें सेमिनार की पूर्ण कार्यवाही दर्ज हो, स्वीकृत राशि की अग्रिम प्रप्ति रसीद तथा सेमिनार पर हुए व्यय की अभिप्रमाणित विवरणी जो संस्था के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित हो, की प्राप्ति के उपरांत संवितरित होगी।
3.3 सेमिनार /कार्यशाला के आयोजन हेतु अन्य शर्त्तें
(क) सेमिनार/कार्यशाला आयोजित करने हेतु किसी अनुदानग्राही के एक वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक ही प्रस्ताव स्वीकार किए जाएँगें।
(ख) एक ही अनुदानग्राही एजेंसी को एक वर्ष में एक बार से अधिक सेमिनार/कार्यशाला आयोजित करने के लिए अनुदान राशि को अप्रोत्साहित किया जाएगा तथा नए एजेंसियों को वित्तीय सहायता के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।
(ग) सेमिनार/कार्यशाला हेतु वित्तीय सहायता की घटनोत्तर स्वीकृति पर विचार नहीं किया जाएगा। (घ) वैयक्तिक शोधकर्त्ता द्वारा सेमिनार/कार्यशाला के लिए वित्तीय सहायता का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
4. प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता ।-किसी एजेंसी अथवा संस्था/विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्था के द्वारा बिहार राज्य के विकासात्मक मुद्दों से संबंधित किए गए शोध/मूल्यांकन प्रतिवेदन के प्रकाशन हेतु सभी प्रस्ताव राज्य मूल्यांकन समिति के समक्ष स्वीकृति हेतु उपस्थापित किये जायेंगे। राज्य मूल्यांकन समिति की स्वीकृति के उपरान्त शोध/मूल्यांकन के प्रतिवेदन के प्रकाशन हेतु स्वीकृत्यादेश निर्गत किया जायेगा तथा राशि की किस्तवार विमुक्ति की जायेगी। इसी प्रकार राज्य सरकार के शोध संस्थानों, विश्वविद्यालय/डीम्ड विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा स्तर के शिक्षण में लगी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित किये जाने वाले जर्नल के लिए प्रकाशन हेतु सहायता के प्रस्ताव निवेदित एवं स्वीकृत किये जा सकेंगे । राज्य मूल्यांकन समिति की स्वीकृति पर निम्न वित्तीय सीमा तक प्रकाशन हेतु सहायता दी जा सकेगी :-
4.1 प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता की राशि ।-किसी एजेंसी अथवा संस्था/विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्था द्वारा उच्च स्तरीय शोध कार्य के प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता इस शर्त पर अनुमोदित होगी कि इसका विस्तृत संदर्भ राज्य के विकासात्मक योजना के शोध से संबंधित हो।
क- शोध कार्य के प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता की राशि अधिकतम चालीस हजार रूपये अथवा राज्य मूल्यांकन समिति द्वारा समय-समय पर निर्धारित परिसीमा के अधीन होगी । सहायता की राषि प्रकाशित की जानेवाली सामग्री की संख्या एवं प्रतियाें पर भी निर्भर होगी ।
ख- राज्य सरकार के शोध संस्थानों, विश्वविद्यालय/डीम्ड विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं स्नातकोत्तर डिग्री या डिप्लोमा स्तर के शिक्षण में लगी संस्थाओं या शोध/मूल्यांकन में लगी स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा शोध, अनुश्रवण या मूल्यांकन आधारित जर्नल (पत्रिका) के प्रकाशन हेतु चालीस हजार रूपये प्रति जर्नल की सीमा अथवा राज्य मूल्यांकन समिति द्वारा समय-समय पर निर्धारित परिसीमा के अधीन तक दी जा सकेगी ।
4.2 प्रकाशन सहायता हेतु राशि का संवितरण ।-प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता का संवितरण निम्नांकित दो किस्तों में होगाः-
(क) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में तब संवितरित होगी, जब एजेंसी के प्रमुख द्वारा यथा निर्धारित मूल्य के गैर न्यायिक मुद्रांक बाँड पर मूल्यांकन निदेषालय द्वारा निर्धारित शर्त्तों पर सहमति संसूचित की जायेगी तथा जिसका प्रारूप संरचना अथवा प्रस्तावित प्रकाशन सामग्री का सारांश संलग्न हो।11 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 (ख) स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत द्वितीय एवं अंतिम किस्त के रूप में संवितरित होगी। यह राशि प्रकाशित पुस्तक की पाँच प्रतियाँ, सी0डी0 जिसमें पूर्ण प्रकाशन से संबंधित सामग्री डाली गई हो, स्वीकृत राशि की अग्रिम प्राप्ति रसीद तथा प्रकाशन पर हुए व्यय की विवरणी जो संस्था के प्रमुख द्वारा हस्ताक्षरित हो, की प्राप्ति के उपरांत होगी। साथ ही सहायता प्राप्त करने वाली एजेंसी अथवा संस्था द्वारा मूल्यांकन निदेशालय द्वारा उपलब्ध कराए गए सूची के अनुसार पुस्तकालयों /सरकारी विभागों अथवा संस्थाओं को एक-एक प्रति निःशुल्क उपलब्ध कराने की बाध्यता होगी।
5. वित्तीय सहायता संबंधी सामान्य अनुदेश 5.1 संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की योग्यता ।- संस्थाओं को वित्तीय सहायता हेतु तभी योग्य समझा जायेगा यदि
(क) संस्था सोसाईटी निबंधन अधिनियम 1860 अथवा भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 अथवा कम्पनी अधिनियम 1956 की धारा-25 अथवा अन्य अधिनियम के अन्तर्गत पंजीकृत हो अथवा विश्वविद्यालय या डीम्ड विश्वविद्यालय से सम्बद्ध या मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान हो ।
(ख) वे तीन वर्षों से कार्यरत हों। परन्तु राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित संस्थाओं पर यह शर्त्त लागू नहीं होगा। (ग) उनके द्वारा (I) योजना आयोग, भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों/राज्य सरकार ( II) यू0 जी0 सी0, आई0सी0एस0एस0आर0, सी0एस0आई0आर0, (III) अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं तथा संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्थाओं, विश्व बैंक, डी0एफ0आई0डी0(यू0के0) अथवा राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सौंपे गये किसी शोध/ मूल्यांकन कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया हो। (घ) उनके पास शोध/मूल्यांकन कार्यों में दक्ष मानव संसाधन की उपलब्धता हो।
(च) उनके पास शोध/मूल्यांकन कार्यों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध हो।
5.2 संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु अयोग्यता ।-किसी भी संस्था को एक समय में तीन से अधिक शोध/मूल्यांकन कार्य आवंटित नहीं किया जाएगा । संस्था जिन्हें शोध/मूल्यांकन कार्य आवंटित किया गया है, को तब तक अगले वित्तीय सहायता पर विचार नहीं किया जाएगा, जब तक उनके द्वारा उन्हें पूर्व आवंटित शोध/मूल्यांकन कार्य का अंतिम प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया हो ।
5.3 वित्तीय सहायता की अन्य शर्त्तें
1. योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता से किसी प्र्रकार का पूंजीगत व्यय नहीं किया जा सकेगा ।
2. सौंपे गये कार्य अनुबंध में अंकित समय-सीमा के अन्दर पूरा किया जाना अनिवार्य होगा ।
3. कार्यान्वयन एजेन्सी द्वारा समय-सीमा के उपरान्त शोध प्रतिवेदन आदि समर्पित किये जाने पर अनुबंध में अंकित दण्ड- प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी ।
4. कार्यान्वयन एजेन्सी द्वारा आवंटित कार्य में अपरिहार्य कारणों से हुए विलम्ब के कारण समय सीमा की अवधि विस्तारित की जाएगी बशर्त्ते कि एजेन्सी द्वारा यथोचित कारण-पृच्छा समर्पित किया गया हो । 5. अध्ययन/ शोध कार्य/ आवंटित कार्य की लागत में बढ़ोत्तरी के लिए कोई अतिरिक्त राशि देय नहीं होगी। 6. शोध कार्य के दौरान सक्षम प्राधिकार द्वारा टी0ओ0आर0 (टर्मस ऑफ रेफरेन्स) एवं अन्य शर्त्तों को आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकेगा ताकि शोध के विषय क्षेत्र अथवा आच्छादन में परिवर्त्तन किया जा सके । ऐसा अनुदानग्राही संस्था के साथ विमर्श के उपरान्त अध्ययन के लागत अथवा अवधि में किसी प्रकार के परिवर्त्तन के बिना किया जा सकेगा ।
7. सक्षम प्राधिकार द्वारा शोध, अध्ययन, सेमिनार, प्रकाशन की प्रगति अथवा उपलब्धि को संतोषप्रद नहीं पाये जाने की स्थिति में अनुदानग्राही संस्था कोे मिलने वाली वित्तीय सहायता बंद कर दी जाएगी एवं कार्यान्वयन एजेन्सी से पूर्व में भुगतान की गई राशि वसूल कर ली जाएगी, यदि अनुदानग्राही संस्था द्वारा किये गये अनुबंध की शर्त्तों के अन्तर्गत यह आवश्यक हो ।
8. प्रस्ताव के समर्पण, उसकी जांच तथा स्वीकृति के संबंध में योजना एवं विकास विभाग द्वारा अलग से मार्गदर्शिका निर्गत की जाएगी ।
9. मूल्यांकन निदेशालय द्वारा प्रथम किस्त जारी करने की तिथि शोध कार्य प्रारंभ करने की तिथि मानी जाएगी।इसी तिथि से शोध अध्ययन की अवधि/कार्य पूर्ण करने की अवधि निर्धारित की जा सकेगी।प्रगति प्रतिवेदन/प्रारुप प्रतिवेदन/अंतिम प्रतिवेदन की जांच में लगाया गया समय अध्ययन की अवधि में शामिल नहीं होगा ।12 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012 5.4 संस्थाओं द्वारा समर्पित प्रस्ताव के साथ दिये जाने वाले दस्तावेज ।- सहायता प्रस्ताव के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों को उपलब्ध कराना वांछनीय होगा :-
(1) निबंधन प्रमाण-पत्र (नवीकरण के मामले में नवीकरण प्रमाण-पत्र)
(2) संस्था का उप-नियम (बाई-लॉ), (अद्यतन संशोधन सहित)
(3) संस्था की कार्यकारी अथवा प्रबंधन समिति के सदस्यों की अद्यतन सूची
(4) गत तीन वर्षों का संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन
(5) विगत तीन वर्षों का आय-व्यय, प्राप्ति-भुगतान से संबंधित लेखा का बैलेंस शीट की अंकेक्षित प्रति (6) आयकर का पैन न0 तथा 12-ए में निबंधन संबंधी आयकर विभाग का प्रमाण-पत्र अथवा आयकर प्राधिकार को इन दस्तावेजों के लिए भेजे गये अनुरोध पत्र की प्रति
(7) संस्था द्वारा किये गये मुख्य शोध कार्यों का सार।
नोटः- प्रस्ताव के साथ समर्पित दस्तावेजों का प्रत्येक पृष्ठ संस्था प्रमुख द्वारा अभिप्रमाणित होनी चाहिए तथा उसपर संस्था का मुहर लगा होना चाहिए।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।
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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 43Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in13 (cid:18)बहार गजट, 11 जनवर(cid:15) 2012
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और सवJसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवJसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवJसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवJसाधारण सूचनाएं इaयाNद।Nद।Nद।Nद। ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
सूचना
No. 95— I Ajit kumar Ram, S/o Sri Inderadeo Ram, Vill+ PO- Simri Dudhi Patti, Distt- Buxer, Bihar here by declare that I will be known Ajit Kumar vide affidavit no.- 9061, dt. 25th August 2008 for all purpose.
Ajit kumar Ram .
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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 43Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in