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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 15 February 2012

Published 15 February 2012

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2012-02-15.7
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 26262626 माघमाघमाघमाघ 1931931931933333 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 00007777 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 15151515 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2020202011112222 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 9ट(cid:15) और अ<य =य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—ःवयंसेवक गुAमB के समादेंटाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान, आPद।

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भाग-1-ग—िशKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आPद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आPद। 7-16 भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच <यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत

(cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत

या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर

सिमितयB के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान

मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत

(cid:18)वधेयक।

---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क]

Qयेंठअनुमित िमल चुक] है। ---

भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक,

संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के

ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर

सिमितयB के ूितवेदन और संसद मZ

पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व_ापन

---

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं,

<यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण

सूचनाएं इaयाPद। ---

पूरक

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पूरक-क

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2 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15)छु 9ट(cid:15) और अ<यऔर अ<यऔर अ<यऔर अ<य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

वित्त विभाग

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अधिसूचनाएं

2 फरवरी 2012

सं॰ को॰प्र॰/स्था॰-12/2010/1381/वि॰—श्री जीवन अग्रवाल, बिहार वित्त सेवा (सहायक आयुक्त), जिनकी प्रतिनियुक्ति वित्त विभाग में बजट कार्य हेतु अवर सचिव के पद पर की गयी थी, को स्थानांतरण करते हुए अगले आदेश तक कोषागार पदाधिकारी, भोजपुर (आरा) के पद पर पदस्थापित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रभात शंकर, अपर सचिव ।

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2 फरवरी 2012

सं॰ को॰प्र॰/स्था॰-12/2010/1382/वि॰—श्री वासुकी नाथ, बिहार लेखा सेवा, सहायक कोषागार, पदाधिकारी, खगड़िया को अगले आदेश तक सहायक कोषागार पदाधिकारी, नालंदा के पद पर पदस्थापित किया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रभात शंकर, अपर सचिव ।

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योजना एवं विकास विभाग

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अधिसूचनाएं

23 जनवरी 2012

सं॰ यो0/स्था01/2-14/2011-339-यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन राज्यादेष संख्या 2570, दिनांक 3 अगस्त 2011 द्वारा गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के लिए जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या 2479, दिनांक 29 दिसम्बर 2011 द्वारा कार्यपालक अभियन्ताओं की सेवा सौंपी गयी है। इन कार्यपालक अभियंताओं का पदस्थापन निम्नलिखित जिलों के कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल के रिक्त पदों के विरुद्ध उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-5 में उल्लिखित कार्यप्रमंडलों के लिए अगले आदेष तक के लिए किया जाता हैः-

क्र॰ कार्यपालक अभियंता का नाम गृह जिला वर्त्त्ामान पदस्थापन कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्यालय में नव पदस्थापन
1 2 3 4 5
1 श्री राम पदारथ नारायण नालन्दा कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल-3, गया, ग्रामीण कार्य विभाग कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमण्डल-1, दरभंगा
2 श्री ओम प्रकाष सिंह रोहतास जिला अभियंता, औरंगाबाद, ग्रामीण कार्य विभाग कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमण्डल-1, मधुबनी
3 श्री ज्योति प्रकाष सिंह पटना कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल-2, गोपालगंज, ग्रामीण कार्य विभाग कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमण्डल-1, हाजीपुर, वैषाली
4 श्री अभय नारायण मुजफ्फरपुर कार्यपालक अभियंता, संविदा प्रषासन प्रमंडल (मु0-3, पटना) ग्रामीण कार्य विभाग कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमण्डल-1, समस्तीपुर
3 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

2. उपर्युक्त सभी नव पदस्थापित कार्यपालक अभियंता यथाषीघ्र अपने नव पदस्थापित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के जिला स्तरीय प्रमण्डलों का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2053 जिला प्रषासन, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094, अन्य स्थापनाएँ, उपषीर्ष-0007, योजना तंत्र का सुदृढ़ीकरण,मांग संख्या-35, विपत्र कोड-N-2053000940007 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।

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23 जनवरी 2012

सं॰ यो0/स्था01/12-07/2011-344-यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन राज्यादेष संख्या 2570, दिनांक 3 अगस्त 2011 द्वारा गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के लिए पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या 14470(S), 14471(S), 14472(S), दिनांक 30 दिसम्बर 2011 एवं जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या 2480, दिनांक 30 दिसम्बर 2011 द्वारा अधीक्षण अभियन्ताओं की सेवा सौंपी गयी है। इन अधीक्षण अभियंताओं को स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, योजना एव विकास विभाग के रिक्त पद के विरुद्ध अगले आदेष तक पदस्थापित किया जाता हैः-

क्र॰ अधीक्षण अभियंता का नाम गृह जिला वर्त्त्ामान पदस्थापन नव पदस्थापन
1 2 3 4 5
1 श्री रमेष प्रसाद सिंह खगड़िया अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ, गुण नियंत्रण अंचल संख्या-1, पथ निर्माण विभाग अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, पूर्णियां प्रमण्डल, पूर्णियां अतिरिक्त प्रभार- अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कोसी प्रमण्डल, सहरसा
2 श्री षिवेन्द्र पासी सहरसा भवन निर्माण विभाग अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, भागलपुर प्रमण्डल, भागलपुर अतिरिक्त प्रभार-अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मु गेर प्रमण्डल, मु ं गेर ं
3 श्री रामप्रवेष कुमार सिंह गया ग्रामीण कार्य विभाग अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर अतिरिक्त प्रभार-अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा
4 श्री अषोक कुमार तिवारी मुजफ्फरपुर कार्य अंचल, सासाराम, ग्रामीण कार्य विभाग अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, सारण प्रमण्डल, छपरा अतिरिक्त प्रभार- अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, पटना प्रमण्डल, पटना
4 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

2. उपर्युक्त सभी नव पदस्थापित अधीक्षण अभियंता यथाषीघ्र अपने नव पदस्थापित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के जिला स्तरीय प्रमण्डलों का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2053 जिला प्रषासन, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094, अन्य स्थापनाएँ, उपषीर्ष-0007,योजना तंत्र का सुदृढ़ीकरण, मांग संख्या-35, विपत्र कोड-N-2053000940007 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।

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23 जनवरी 2012

सं॰ यो0/स्था01/2-14/2011-338-यो0वि0—योजना एवं विकास विभाग के प्रषासनिक नियंत्रणाधीन राज्यादेष संख्या 2570, दिनांक 3 अगस्त 2011 द्वारा गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के लिए पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना संख्या 14473, 14474, 14475, 14476, 14477, 14478, 14479, 14481 एवं 14482, दिनांक 30 दिसम्बर 2011 द्वारा कार्यपालक अभियन्ताओं की सेवा सौंपी गयी है। इन कार्यपालक अभियंताओं का पदस्थापन निम्नलिखित जिलों के कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल के रिक्त पदों के विरुद्ध उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में उल्लिखित कार्यप्रमंडलों के लिए अगले आदेष तक के लिए किया जाता हैः-

क्र॰ कार्यपालक अभियंता का नाम एवं वर्तमान पदस्थापन गृह जिला नव पदस्थापन
1 2 3 4
1 श्री दिलीप कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग पटना कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, बिहारषरीफ, नालन्दा
2 श्री रामजी राय, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग बक्सर कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, बेतिया, प0 चम्पारण
3 श्री प्रदीप कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, अधीक्षण अभियंता का तकनीकी सलाहकार, सहरसा मधेपुरा कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल अररिया
4 श्री गिरेन्द्र कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग सीतामढ़ी कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, आरा, भोजपुर
5 श्री अमृत राम, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग वैषाली कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, पूर्णिया
6 श्री कमलेष प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, उड़नदस्ता प्रमण्डल संख्या-1, पटना पटना कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, सीतामढ़ी
7 श्री तपेष्वर प्रसाद, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग औरंगाबाद कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, रोहतास, सासाराम
8 श्री रामसेवक कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग समस्तीपुर कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-1, कटिहार
9 श्री सुदर्षन राम, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग सिवान कार्यपालक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्यप्रमंडल-2, दानापुर, पटना
5 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

2. उपर्युक्त सभी नव पदस्थापित कार्यपालक अभियंता यथाषीघ्र अपने नव पदस्थापित पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। 3. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के जिला स्तरीय प्रमण्डलों का स्थापना व्यय मुख्य शीर्ष-2053 जिला प्रषासन, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-094, अन्य स्थापनाएँ, उपषीर्ष-0007,योजना तंत्र का सुदृढ़ीकरण,मांग संख्या-35,विपत्र कोड-N- 2053000940007 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।

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जल संसाधन विभाग

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अधिसूचना

25 जनवरी 2012

सं॰ 16/स्था.-33-14/2011-111—श्री अशोक कुमार झा (वि.प्र.से.) गृह जिला पूर्णियॉ, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना, सकरी (मधुबनी) का स्थानान्तरण सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, की अधिसूचना संख्या 12193, दिनांक 8 नवम्बर 2011 के द्वारा उप-सचिव, विधि विभाग, बिहार, पटना के पद पर हुआ है । विभागीय अधिसूचना संख्या 2289, दिनांक 29 दिसम्बर 2011 के द्वारा श्रीमती गायत्री सिन्हा का पदस्थापन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना, सकरी (मधुबनी) के पद पर किया गया है । श्रीमती सिन्हा के द्वारा अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किया गया है, अतः तत्काल कार्यहित में अस्थायी रूप से वैकल्पिक व्ययवस्था के तहत्‌ श्री रवीन्द्र कुमार गुप्ता (वि.प्र.से.) गृह जिला मुजफ्‌फरपुर, विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना, दरभंगा को अपने वत्र्तमान कार्यो के अतिरिक्त विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना, सकरी (मधुबनी) के पद का प्रभार ग्रहण करने का आदेश दिया जाता है ।

आदेश से,

रघुनाथ प्रसाद, निदेशक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास ।6 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 लोकायुक्त का कार्यालय ——— अधिसूचना 19 अगस्त 2011 सं0 3/लोक (स्था0)1/87-827/लोक—बिहार लोकायुक्त (सेवा शर्त्तें) नियमावली 1974 के नियम 23 एवं 24 एवं कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-5646, दिनांक 14 जून 2006 के आलोक में श्री महेश्वर प्रसाद, निजी सहायक को लोकायुक्त के आप्त सचिव के पद पर वेतनमान्‌ 6500-200-10500, नया वेतन बैण्ड 9300-34800 ग्रेड पे 4800 रु0 में योगदान की तिथि से प्रोन्नति दी जाती है। चूॅंकि श्री महेश्वर प्रसाद वेतन बैण्ड 15600-39100, ग्रेड पे0 6600 रु0 में वेतन प्राप्त कर रहे हैं इसलिए इन्हें अतिरिक्त वेतन का लाभ देय नहीं होगा।

लोकायुक्त के आदेश से, (ह0)-अस्पष्ट, लोकायुक्त के संयुक्त सचिव।

निर्वाचन विभाग ——— अधिसूचना 27 जनवरी 2012 सं0 ई2-2-021/2010-449—वित्त विभाग, बिहार के संकल्प ज्ञापांक 3/एफ0-1-04-2003/2498 वि0(2), दिनांक 12 अप्रील 2007 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत श्रीमती निवेदिता सिन्हा, अवर निर्वाचन पदाधिकारी (परीक्ष्यमान), हाजीपुर को उनकी प्रथम संतान हेतु दिनांक 1 फरवरी 2011 से दिनांक 27 मार्च 2011 तक कुल 55 (पचपन) दिनों के मातृत्व अवकाष की स्वीकृति दी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आर0 के0 प्रसाद, संयुक्त सचिव।

ÑÑÑÑ अधीKक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 48Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in7 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राQयराQयराQयराQयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयपाल और कायाLRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधअिधअिधअिधसूचनाएं और िनयम आPद।सूचनाएं और िनयम आPद।सूचनाएं और िनयम आPद।सूचनाएं और िनयम आPद।

ÑÑÑÑÑ बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचअधिसूचअधिसूचअधिसूचनानानानाएंएंएंएं 29 नवम्बर 2011

सं॰ 1394—जहानाबाद जिलान्तर्गत घोषी थाना के गंधार स्थित गंधार मठ पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-931 है ।

इस न्यास के न्यासधारी महंत षिव कल्याण गिरी का देहावसान वर्ष 2006 में ही हो गया । श्री स्वामी हरि नारायणानन्द ने पर्षद को सूचित किया है कि स्व0 महंत षिव कल्याण गिरी की इच्छा एवं उनके द्वारा लिखित वसीयतनामा दिनांक-13.02.2006 के अनुसार वे इस मठ का प्रबंध कर रहे हैं । कैलासवासी महंत षिव कल्याण गिरि के स्थान पर गंधार मठ के अध्यक्ष एवं प्रभारी के रूप में उनका नाम अंकित किया जाता है । उन्होंने मठ के सुचारू प्रबंधन हेतु एक न्यास समिति के गठन के लिए सदस्यों का नाम भी प्रस्तावित किया है ।

अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद, गंधार मठ की सुव्यवस्था, संचालन एवं इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 के तहत अग्रलिखित एक योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूं :-

योजनायोजनायोजनायोजना

1. इस योजना का नाम ''गंधार मठ न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''गंधार मठ न्यास समिति'' होगा, जिसमें मठ की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मठ की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

5. न्यास समिति में अध्यक्ष का स्थान सर्वोपरि होगा । अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

6. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

7. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी । 8. इस योजना में परिवर्तन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

9. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जायेगी । 10. इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षों की होगी ।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-

श्री स्वामी हरिनारायणानंद बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ आश्रम, राजा बाजार, शेखपुरा, पटना-14 - अध्यक्ष (1) श्री बाल्मिकी सिंह, पूर्व प्रधानाध्यापक, ग्राम-गंधार, पो0-बंधुगंज, जिला-जहानाबाद - सचिव (2) श्री महंत दिव्यानन्द, खड्‌डी लोदीपुर, एकंगरसराय, नालंदा (3) श्री मनोज कुमार सिंह, पूर्व मुखिया, गंधार, पो0-बंधुगंज, जहानाबाद (4) श्री बुलाकी सिंह, ग्राम-गंधार, पो0-बंधुगंज, जहानाबाद (5) श्री ललन सिंह, ग्राम-गंधार, पो0-बंधुगंज, जिला-जहानाबाद8 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 न्यास समिति चाहे, तो, तीन और सदस्यों का चयन कर पर्षद को सूचित करेगी ।

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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06 जनवरी 2012

सं॰ 1770—सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि वैषाली जिलान्तर्गत लालगंज अंचल के ग्राम-अताउल्लाहपुर स्थित ठाकुर नन्द किषोर जी महाराज (श्री राम जानकी मठ) पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-2459 है । इस न्यास के न्यासधारी महंत जयगोविन्द दास का स्वर्गवास दिनांक-17.04.2008 को हो गया । उनके देहांत के बाद न्यासधारी का पद रिक्त है और अब तक पर्षद के समक्ष न्यासधारी के पद पर मान्यता हेतु कोई दावेदार उपस्थित नहीं हुआ है । इस संबंध में पर्षद के विधि अभिकर्ता द्वारा न्यास का स्थानीय निरीक्षण कराया गया और जांच अधिकारी ने यह प्रतिवेदित किया कि महंत जयगोविन्द दास के निधन के बाद न्यास का संचालन करने वाला कोई नहीं था, इसलिए स्थानीय लोग एक अस्थायी न्यास समिति बनाकर न्यास का देख-रेख कर रहे हैं । जांच के दौरान ही स्थानीय लोगों ने मठ परिसर में एक बैठक कर न्यास समिति के सदस्यों का चयन किया और पर्षद से उसके अनुमोदन का अनुरोध किया । उपर्युक्त परिस्थितियों में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है । अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ठाकुर नन्द किषोर जी महाराज (श्री राम जानकी मठ), अताउल्लाहपुर के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूं ।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. श्री ठाकुर नन्द किषोर जी महाराज (श्री राम जानकी मठ), अताउल्लाहपुर, अंचल-लालगंज, जिला-वैषाली की बेहतर व्यवस्था के लिए अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री ठाकुर नन्द किषोर जी महाराज (श्री राम जानकी मठ), अताउल्लाहपुर न्यास योजना'' होगा तथा इस योजना को मूर्त रूप देने एवं क्रियान्वयन हेतु पर्षद्‌ द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री ठाकुर नन्द किषोर जी महाराज (श्री राम जानकी मठ) न्यास समिति'' होगा, जिसमें मंदिर की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण का अधिकार होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्तव्य होगा कि मंदिर में पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव, समैया सम्यक्‌ रूप से हो। मंदिर में चढ़ने वाले सभी नबुदी चढ़ावे, भेंट-पात्र में डाले जायेंगे तथा उसे न्यास समिति द्वारा निर्धारित दो व्यक्तियों की उपस्थिति में खोलकर, सही गणना कर किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किया जायेगा । चंदे अथवा किसी सहयोग राषि के लिए पक्की रसीद दी जायेगी, जिसका सम्यक्‌ लेखा-संधारित किया जायेगा । आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता न्यास समिति की असली परख होगा ।

3. मंदिर में आने वाले भक्तों का विषेष ध्यान दिया जायेगा । मंदिर परिसर या आस-पास जबरन किसी को ले जाने या चढ़ावे चढ़ाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा । मंदिर परिसर में स्वच्छता की विषेष सुविधा का पूर्ण ध्यान रखा जायेगा । मंदिर में पूजा-अर्चना में हिन्दू भक्तों के साथ कोई भेद-भाव नहीं किया जायेगा ।

4. मंदिर में पुजारियों की अहर्ता का निर्धारण न्यास समिति करेगी । उसे वेतन भुगतान न्यास कोष से किया जायेगा । न्यास की राषि बैंक में जमा किया जायेगा और उसका संचालन न्यास समिति द्वारा अधिकृत दो व्यक्तियों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जायेगा।

5. मंदिर के सम्यक्‌ पूजा-अर्चना, राग-भोग, साधु सेवा उत्सव, प्रवचन, पुजारियों, कर्मचारियों के वेतन भुगतान एवं अन्य आवष्यक व्ययों के बाद जो राषि बचेगी, उसे जन कल्याण के कार्यों में खर्च पर्षद्‌ के पूर्वानुमति से न्यास समिति करेगी।

6. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रति वर्ष विवरण, बजट अंकेक्षण, कार्यवृत्त का सामयिक प्रेषण पर्षद के पास करेगी । जिन विषयों का उल्लेख इस योजना में नहीं है और मंदिर हित में इसे आवष्यक समझा जा रहा है, तो न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के बाद इसे लागू करेगी ।

7. न्यास समिति के सचिव कार्यपालक अधिकारी होंगे, जो न्यास समिति के सभी नियमों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी होंगे । अध्यक्ष की अनुमति से वे न्यास समिति की बैठक बुलायेंगे । अध्यक्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। कोषाध्यक्ष लेखा संधारण का उत्तरदायी होगा ।

8. इस योजना में परिवर्तन, परिबर्द्धन एवं संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा । 9. न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षों का होगा । 10. इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित 11 (ग्यारह) व्यक्तियों की एक न्यास समिति का गठन किया जाता है :-

- अध्यक्ष - उपाध्यक्ष - सचिव

(1) श्री वैद्यनाथ सिंह (2) श्री दीनदयाल प्रसाद (3) श्री शम्भु प्रसाद (4) श्री नवल किषोर चौधरी - संयुक्त सचिव9 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 - कोषाध्यक्ष (5) श्री कमल साह (6) श्री लाल बाबू शर्मा - सदस्य (7) श्री नवल प्रसाद सिन्हा - सदस्य - सदस्य (8) श्री मुरारी सिंह - सदस्य (9) श्री विनय सर्राफ - सदस्य (10) श्री रामनाथ ठाकुर (11) श्री हरिषचन्द्र चौधरी - सदस्य सभी ग्राम-अताउल्लाहपुर, अंचल-लालगंज, जिला-वैषाली

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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9 दिसंबर 2011

सं॰ 1639(B)—सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि समस्तीपुर जिलान्तर्गत सरायरंजन थाना के ग्राम-किषनपुर युसुफ स्थित संत बुनियाद मठ पर्षद के अंतर्गत एक निबंधित सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-513 है । इस न्यास के संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा प्रेषित पत्रांक-830, दिनांक-16.03.2011 के साथ अंचलाधिकारी, सरायरंजन का जांच प्रतिवेदन (पत्रांक-151, दिनांक-10.03.2011) पर्षद को प्राप्त हुआ है, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि उक्त मठ की सम्पत्ति की सुरक्षा तथा सुचारू देखभाल हेतु स्थानीय ग्यारह सम्मानित व्यक्तियों की एक न्यास समिति कार्यरत है । उक्त प्रतिवेदन के आलोक में संत बुनियाद मठ, किषनपुर युसुफ की सम्पत्तियों की सुरक्षा और सुव्यवस्था हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है । अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, संत बुनियाद मठ, किषनपुर युसुफ, जिला-समस्तीपुर की सुव्यवस्था, संचालन तथा सम्यक विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के अंतर्गत अग्रलिखित योजना का निरूपण करता हूं :-

योजनायोजनायोजनायोजना

1. श्री संत बुनियाद मठ, किषनपुर युसुफ, अंचल-सरायरंजन, जिला-समस्तीपुर की बेहतर व्यवस्था के लिए अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री संत बुनियाद मठ न्यास योजना'' होगा तथा इस योजना के क्रियान्वयन हेतु गठित न्यास समिति का नाम ''श्री संत बुनियाद मठ न्यास समिति'' होगा, जिसमें मठ की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण का अधिकार निहित होगा ।

2. न्यास समिति न्यास की सभी चल-अचल सम्पत्तियों की सुरक्षा और सुचारू प्रबंधन सुनिष्चित करेगी । साथ ही न्यास के किसी भूखंड पर यदि किसी तरह का अतिक्रमण है, तो उस भूखंड को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सभी न्यायोचित कदम उठायेगी ।

3. न्यास में पारम्परिक धार्मिक आचारों का निर्वहन किया जायेगा । विहित रीति-रिवाजों के अनुरूप परम्परागत उत्सव आदि मनाया जायेगा ।

4. न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में अवष्य होगी और प्रत्येक कार्यवाही की प्रति तथा किये गये कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन पर्षद को भेजा जायेगा ।

5. आय-व्यय में पारदर्षिता रखना समिति की जिम्मेदारी होगी, जिससे की समिति का कार्य परिलक्षित हो सके । 6. न्यास समिति के सचिव द्वारा कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी । कोषाध्यक्ष को न्यास की सभी आय-व्यय के समग्र लेखा का संधारण सत्यापित पंजी में करने का दायित्व होगा ।

7. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 के प्रावधानों एवं उपविधि में वर्णित नियमों का अनुपालन सुनिष्चित करेगी ।

8. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से कोई लाभ लेता हुआ पाया जायेगा तो वह न्यास समिति की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जायेगा ।

9. न्यास समिति के सदस्यों द्वारा न्यास की किसी भूखंड का किसी प्रकार का हस्तांतरण अवैध होगा एवं अधिनियम की धारा-28 (2) (ज) (vi) का दोष माना जायेगा और उसके लिए न्यास समिति के सभी सदस्य अपसारण के पात्र होंगे । 10. न्यास समिति में अच्छे कार्य करने वाले सदस्य पुनर्मनोनयन के पात्र होंगे । गलत कार्य करने वाले सदस्य को कारण-पृच्छा देकर उससे स्पष्टीकरण प्राप्त कर तथा उस पर सम्यक विचारोपरांत निर्णय लेकर उन्हें निष्कासित किया जा सकता है ।

11. न्यास समिति में कोई पद, आकास्मिक दुर्घटना या त्याग-पत्र देने के कारण रिक्त होने पर पर्षद मनोनयन करेगी ।

12. इस योजना का क्रियान्वयन निम्नलिखित ग्यारह व्यक्तियों की न्यास समिति द्वारा किया जायेगा - (i) श्री राम करण प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 कंचन सिंह - अध्यक्ष (ii) श्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 सुदेख प्रसाद सिंह - उपाध्यक्ष (iii) श्री रंगीलाल प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 सिंघेष्वर प्रसाद सिंह - सचिव10 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 (iv) श्री महेन्द्र प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 राम प्रसाद सिंह - कोषाध्यक्ष (v) श्री ईष्वर शर्मा, पिता-स्व0 रामगुलाम शर्मा - सदस्य (vi) श्री दुखन राय, पिता-स्व0 चिन्तावन राय - सदस्य (vii) श्री जनक राय, पिता-स्व0 मखन राय - सदस्य (viii) श्री महंत आनन्दी दास, पिता-स्व0 निसीबी चौधरी - सदस्य (ix) श्री राम सकल प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 दिनकर सिंह - सदस्य (x) श्री बासुदेव पासवान, पिता-स्व0 रामेष्वर पासवान - सदस्य (xi) श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, पिता-श्री यदुनन्दन सिंह - सदस्य सभी ग्रामपो0-किषनपुर युसुफ, थाना-सरायरंजन, जिला-समस्तीपुर एवं श्री रामाश्रय प्रसाद सिंह, ग्राम-खालिसपुर, जिला-समस्तीपुर ।

12. यह योजना आदेष की तिथि से अगले 05 वर्ष तक प्रभावी रहेगी ।

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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9 दिसंबर 2011

सं॰ 1638—बाबा गणिनाथ धाम पलवैया-महनार (इसाहाकपुर), जिला-वैषाली पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4124 है। ग्रामीण जनता द्वारा इस न्यास के सम्यक संचालन के लिये एक न्यास समिति के गठन का प्रस्ताव पर्षद्‌ में दिया गया था, इस प्रस्ताव के आलोक में पर्षद्‌ीय पत्रांक-903, दिनांक-23.08.2011 द्वारा अंचलाधिकारी, महनार से न्यास समिति के लिये ग्यारह प्रतिष्ठित लोगों का नाम भेजने का अनुरोध किया गया। अंचलाधिकारी, महनार द्वारा पत्रांक-628, दिनांक-01.10.2011 के मध्यम से न्यास समिति के लिये सदस्यों का नाम भेजा गया है। अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद्‌, बाबा गणिनाथ धाम पलवैया, महनार (इसाहाकपुर) के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुये इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ :-

योजनायोजनायोजनायोजना

1. इस योजना का नाम बाबा गणिनाथ धाम पलवैया-महनार (इसाहाकपुर) न्यास योजना होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिये पर्षद्‌ द्वरा गठित न्यास समिति का नाम ''बाबा गणिनाथ धाम पलवैया-महानार (इसाहाकपुर) न्यास समिति'' होगा, जिसमें न्यास की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार आवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पत्रित होंगे तो उनकी अहर्ता समाप्त हो जायेगी।

12. इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षो की होगी। लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्याे की समीक्षा की जायेगी और कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर समुचित कार्रवाई की जायेगी।

(1) श्री रामराजी साह पे0 स्व0 धीना साह, ग्रामपो0-महनार कांग्रेस मोहल्ला, जिला-वैषाली

पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मृर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- - अध्यक्ष (2) श्री जवाहर साह पे0 स्व0 देवनारायण साह, ग्राम-महनार, वार्ड नं0-5 महानार, जिला-वैषाली - सचिव11 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 (3) श्री षिव नाथ साह पे0 श्री देवन्द्र साह, ग्राम-इसाहापुर, वार्ड नं0-19 जिला-वैषाली - कोषाध्यक्ष (4) श्री काली प्रसाद साह पे0 स्व0 गोधा साह, ग्रामपो0-महानार, चौरी टोला, वार्उ नं0-16 - सदस्य जिला-वैषाली

(5) श्री दारोगा साह पे0 स्व0 सुबेदार साह, ग्रामपो0-सेखोपुर सहदेई, जिला-वैषली

- सदस्य (6) डा0 बैजनाथ साह उर्फ बैजनाथ साह, पे0 स्व0 रामबली साह, ग्राम-जकोपुर, वार्ड नं0-21, - सदस्य महनार, जिला-वैषाली

(7) श्री हरे कृष्ण साह पे0 स्व0 जनक साह, ग्रामपो0-जवज महनार, जिला-वैषाली - सदस्य (8) श्री राज कुमार साह पे0 स्व0 प्रर्भस ग्राम-इसाहाकपुर जीतवार, वार्ड नं0-9 महनार, - सदस्य जिला-वैषाली

(9) श्री रामचन्द्र साह पे0 स्व0 बाबू लाल साह, ग्रामपो0-महनार नुनीयाटोल, वार्ड - सदस्य नं0-4जिला-वैषाली

(10) श्री जागेष्वर साह पे0 स्व0 राम अवतार साह, ग्रामपो0-मनीयारपुर, भाया-विदुपुर, - सदस्य जिला-वैषाली

(11) श्री सुरष साह पे0 श्री बिमल साह, ग्राम-पतेहपुर, कमाली, वार्ड नं0-9 महनार, - सदस्य जिला-वैषाली

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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8 दिसंबर 2011

सं॰ 1627—श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, अरेराज, जिला-पूर्वी चम्पारण बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अन्तर्गत एक निबंधित सर्वजनिक धार्मिक न्यास है। इस मन्दिर का संचालन अरेराज मठ के तत्कालीन महंत श्री षिव शंकर गिरि द्वारा दिनांक-14.12.1948 को गठित एक संचालक मंडल द्वारा किया जाता था। इस संचालक मंडल को पर्षद के तत्कालीन अध्यक्ष श्री राधा कान्त यादव के आदेष दिनांक-17.12.1991 द्वारा अमान्य कर दिया गया था, तथा मन्दिर एवं मठ को एक मान कर उसके संचालन का अधिकार महंत को दिया गया था। धार्मिक न्यास पर्षद ने अपनी बैठक दिनांक-31.12.2005 में लिए गये निर्णय द्वारा भी इसे अमान्य ही रखा गया था। दोनों बार सुनवाई में महन्त जी उपस्थित थे। इसके विरूद्ध मठ के महंत श्री षिवानन्द गिरि अथवा संचालक मंडल द्वारा कोई अपील या रिट याचिका दायर नहीं किया गया था। इस तरह उक्त पर्षदीय आदेष दिनांक-17.12. 1991 एवं 31.12.2005 मान्य रहा। अरेराज मठ के अन्तर्गत महंत द्वारा श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर का भी संचालन होता रहा, जिसका कार्य संतोषप्रद नहीं रहने के कारण पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-1904, दिनांक-15.07.2006 द्वारा महंत षिवानन्द गिरि की अध्यक्षता में श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर, अरेराज के संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन किया गया था, जिसकी अवधि गजट प्रकाषन की तिथि से पाँच वर्षो तक यानी दिनांक-31.07.2011 तक थी। इस न्यास समिति में महन्त श्री षिवानन्द गिरि ने अनेक बैठकों में भाग लिया और अध्यक्षता की। उक्त न्यास समिति के अध्यक्ष पद से महंत षिवानन्द गिरि द्वारा बीच में ही त्याग पत्र देने के कारण पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-853, दिनांक-16.07.2008 द्वारा जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण को न्यास समिति का अध्यक्ष पर्षद द्वारा नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति के विरूद्ध महंत षिवानन्द गिरि द्वारा कोई वाद नहीं लाया गया, परन्तु महंत द्वारा अध्यक्ष पद से त्याग देने के पहले ही जिला व्यवहार न्यायालय, मोतिहारी के समक्ष एक टाईटिल सूट संख्या-111/2008 दायर कर मन्दिर की सम्पत्ति को निजी स्वामित्व के अधिकार का दावा किया गया, जिसमें निषेधाज्ञा के बिन्दु पर दिनांक-24.09.2008 को फैसला महंत के विरूद्ध में आया परन्तु प्रतिवादी पर्षद द्वारा उक्त आदेष के अंतिम कंडिका में सी0 पी0 सी0 की धारा-151 के अन्तर्गत दिये कुछ अभिमत के विरुद्ध मा0 उच्च न्यायालय के समक्ष मिस0 अपील संख्या-684/2008 दायर किया गया। साथ ही महंत षिवानन्द गिरि द्वारा भी निम्न न्यायालय के उक्त आदेष दिनांक-24.09.2008 जिसके द्वारा (वादी महंत द्वारा) निषेधाज्ञा हेतु दिये गये आवेदन को कुछ अभिमत के साथ खारिज करने के विरूद्ध एक मिस0 अपील संख्या-752/2008 दायर किया गया। उक्त दोनाें मिस0 अपील की सुनवाई एक साथ कर मा0 उच्च न्यायालय, पटना ने अपने आदेष दिनांक-20.04.2009 द्वारा संचालक मंडल से संबंधित डीड दिनांक-14.12.1948 को अमान्य इस आधार पर कर दिया कि जब पर्षद ने बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के तहत न्यास के संचालन के लिए योजना बनायी है, तब उक्त डीड का आधार नहीं रहा। मा0 उच्च न्यायालय ने अपनेे उक्त आदेष में यह भी लिखा है कि चूँकि अनुसूची-1 में वर्णित सम्पत्ति अरेराज मठ के रूप में पर्षद के अन्तर्गत एक निबंधित धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-44 है, तथा लोअर कोर्ट अपने आदेष दिनांक-24.09.2008 में स्पष्ट कहा है कि वादी महंत को निषेधाज्ञा माँगने का कोई प्रथम द्रष्टया मामला नहीं बनता है,12 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 इसलिए इससे संबंधित अनुसूची-1 पर निषेध हेतु प्रार्थना खारिज की जाती है। मा0 उच्च न्यायालय ने इस अनुसूचि-1 की सम्पत्ति पर प्रषासन और पर्पवेक्षण का अधिकार पर्षद को दिया है।

मा0 उच्च न्यायालय द्वारा उक्त दोनों मुकदमों में संयुक्त रूप से पारित आदेष का संबंधित अंष निम्नवत हैः- In the result, the appeal of the Board (M.A. no. 648 of 2008) is allowed and the underlined portion in last paragraph of the impugned order restraining the Board from interfering and managing the Schedule I property and further directing management of Trust as per samarpan- nama dated 14-12-1948 is hereby set aside. Subject to the aforesaid modification in the impugned order, the findings and the conclusion in the impugned order rejecting the prayer of the injunction of the plaintiff-appellant is hereby upheld and accordingly the appeal of the plaintiff-appellant-mahanth (M.A. no. 752 of 2008) is dismissed with the aforesaid observations and directions.

मा0 उच्च न्यायालय ने अपने उक्त आदेष द्वारा पर्षद द्वारा दायर मिस0 अपील 684/2008 को स्वीकार कर लिया तथा तत्कालीन महन्त के द्वारा गठित संचालक मंडल दिनांक-14.12.1948 को निरस्त कर दिया और वादी महंत के मिस0 अपील संख्या-752/2008 को खारीज कर दिया। उपर्युक्त परिस्थिति में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-34 के अन्तर्गत पर्षद में निबंधन संख्या-44 के तहत निबंधित अरेराज मठ एवं निबंधन संख्या- 44 (क) के तहत निबंधित श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर की सुव्यवस्था, संचालन एवं विकास के लिए न्यास-समिति का गठन करना आवष्यक है। साथ ही पर्षदीय अधिसूचना संख्या-1904, दिनांक-15.07.2006 द्वारा गठित न्यास-समिति जो गजट प्रकाषन की तिथि-01.08.2006 से पाँच वर्षो के लिए बनायी गयी थी, उसका कार्यकाल दिनांक-31.07.2011 को समाप्त हो गया है। अतः मा0 उच्च न्यायालय के उक्त आदेष के आलोक में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के अन्तर्गत अग्रलिखित योजना का निरूपण किया जाता है, और यह तबतक लागू रहेगा जबतक महन्त जी किसी सक्षम न्यायालय से इसके विपरित कोई आदेष नहीं प्राप्त करते।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. अरेराज मठ एवं श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर एवं इसके समग्र परिसर की बेहतर व्यवस्था के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मन्दिर एवं अरेराज मठ योजना'' होगा तथा इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद (अब से पर्षद) द्वारा एक न्यास समिति का गठन किया जाता है, जिसका नाम होगा '' श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मंदिर एवं अरेराज मठ न्यास समिति''। इस न्यास समिति को अरेराज मठ एवं श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मंदिर, अरेराज की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण (possession) का अधिकार होगा तथा जिसमें अरेराज मठ एवं मंदिर, इसकी समग्र परिसर एवं इसके द्वारा संचालित सभी संस्थानों के प्रबंधन, प्रषासन एवं संचालन की शक्ति निहित होगी ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्तव्य होगा कि मन्दिर-मठ में परम्परानुसार पूजा-पाठ, साधु सेवा, श्री सोमेष्वर नाथ भगवान की पूजा-अर्चना, अभिषेक, उत्सव, राग-भोग सम्यक्‌ रूप से हो । मठ की आय का उपयोग उक्त कार्यों पर होगा तथा मंदिर में चढ़ने वाले सभी नगद चढ़ावे भेंट पात्र में डाले जायेंगे तथा उन्हें निर्धारित तिथि को न्यास समिति के द्वारा अधिकृत दो व्यक्तियों की उपस्थिति में खोलकर उसकी सही गणना कर राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा किया जायेगा । शेष सभी चढ़ावा एवं उपहारों के लिए दाताओं को उचित पावती देकर उन्हें सत्यापित पंजी में प्रविष्ट कर प्रदर्ष के रूप में रखा जायेगा । विवाह या किसी भी संस्कार के लिए निर्धारित राषि ही ली जायेगी और इसके लिए तथा चंदे या किसी प्रकार का सहयोग राषि के लिए पक्की रसीद दी जायेगी, जिसका सम्यक्‌ लेखा संधारण किया जायेगा । आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता न्यास समिति की असली परख होगी । यदि न्यास समिति का कोई सदस्य अथवा उनके रिष्तेदार या परोक्ष से किसी सहयोगी के माध्यम से न्यास की सम्पत्ति से प्राप्त आय अथवा सम्पत्ति का उपयोग करते पाए जायेंगे, तो उन्हें न्यास समिति की सदस्यता से वंचित किया जा सकेगा ।

3. श्री सोमेष्वर नाथ महादेव मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा का विषेष ध्यान दिया जायेगा। मंदिर परिसर या आस-पास उन्हें जबरन कहीं ले जाना या चढ़ावा चढ़ाने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा । भगवान के विग्रह के दर्षन या जल चढ़ावे के लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा, किंतु षिवाभिषेक पाठ या किसी विषेष अर्चना के लिए निर्धारित शुल्क देय होगा, उससे अधिक राषि उनसे नहीं ली जायेगी । मंदिर परिसर में स्वच्छता, जलापूर्ति, बिजली एवं अन्य आवष्यकताओं की पूर्ति के लिए न्यास समिति विषेष रूप से तत्पर रहेगी । महाषिवरात्रि, श्रावणी महोत्सव एवं अन्य अवसरों पर उनकी विषेष सुविधाओं का पूर्ण ध्यान रखा जायेगा । मंदिर में दर्षन, पूजा-अर्चना में हिन्दू भक्तों के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव नहीं किया जायेगा । निःषक्त व्यक्तियों के लिए अवरोध मुक्त (सुलभ) प्रवेष की व्यवस्था की जायेगी ।

4. मंदिर एवं मठ में कार्यरत वर्तमान पुजारी योग्य होने की स्थिति में पूर्ववत्‌ पूजा-अर्चना करते रहेंगे । पुजारियों की योग्यता का निर्धारण न्यास समिति करेगी । भविष्य में पुजारियों, अर्चकों एवं अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यास समिति विहित प्रक्रिया द्वारा ही चयन करेगी । उनके वेतन का भुगतान न्यास के कोष से होगा ।13 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 5. न्यास समिति की बैठक हर तिमाही में होगी। बैठक में बहुमत से निर्णय होगा। न्यास समिति में विद्यमान सदस्य-संख्या से गणपूर्ति (quorum) निर्धारित होगी।

6. मठ एवं मंदिर में सम्यक्‌ पूजा-अर्चना, राग-भोग, साधु सेवा, श्रृंगार, उत्सव, प्रवचन, पुजारियों एवं कर्मचारियों के वेतन भुगतान, अन्य आवष्यक व्ययों के वहन तथा मंदिर के विकास के बाद जो राषि बचेगी, उसमें जन कल्याण की अनेक उपयोगी योजनाएं न्यास समिति पर्षद के पूर्वानुमोदन से चलायेगी।

7. महन्त श्री षिवानन्द गिरी इस धार्मिक न्यास के महन्त बने रहेंगे। वे न्यास-समिति के संरक्षक होंगे और बैठक में भाग लेंगे। न्यास में इनको पूर्ण सम्मान दिया जायेगा। चूँकि वे संन्यासी हैं, अतः उनके निजी व्यय के लिए न्यास-समिति अपनी आय का आकलन कर उस आय का एक अंष उनके व्यय के लिए निर्धारित कर उन्हें हर माह देगी, ताकि उन्हें अपने निजी व्यय एवं चिकित्सा में कोई कठिनाई नहीं हो। भगवान की पूजा-अर्चना, साधु सेवा के लिए उनके द्वारा जो भी जरूरी सुझाव दिया जायेगा, उस पर न्यास-समिति विचार करेगी। महंत न्यास-समिति के संरक्षक के रूप में कार्य करेंगे। आध्यात्मिक विषयों पर उनके परामर्ष को प्रमुखता दी जायेगी तथा मन्दिर में साधु/सन्यासियों की सेवा में कोई कोताही नहीं की जायेगी।

8. न्यास-समिति में एक अध्यक्ष का पद होगा। अध्यक्ष न्यास के कार्यों का सामान्य पर्यवेक्षण करेंगे, ताकि न्यास सुचारू रूप से चले। किन्तु न्यास में निर्णय बहुमत के आधार पर होगा।

मतों की बराबरी की स्थिति में अध्यक्ष को एक और अतिरिक्त मत का अधिकार रहेगा। अध्यक्ष द्वारा सभी बैठकों की अध्यक्षता की जायेगी। अध्यक्ष की अनुमति से न्यास-समिति की बैठक सचिव द्वारा बुलायी जायेगी।

9. न्यास समिति में एक उपाध्यक्ष का पद होगा। न्यास-समिति की बैठक हर तिमाही में होगी। यदि किसी तिमाही में बैठक नहीं होती है और अगली तिमाही में भी एक माह तक बैठक नहीं बुलायी जाती है, तो उपाध्यक्ष स्वयं अध्यक्ष एवं सचिव से सम्पर्क कर बैठक सुनिष्चित करेंगे और बैठक नहीं बुलाये जाने की स्थिति में वे स्वयं 10 दिनों का नोटिस एवं कार्य बिन्दु (Agenda) लिखित रूप से प्रसारित कर बैठक अवष्य बुलायेंगे। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

10. न्यास समिति में एक सचिव का पद होगा। सचिव न्यास समिति के सभी निर्णयों को मूर्त रूप देने के लिए उत्तरदायी हाेंगे। पर्षद से पत्राचार के लिए अध्यक्ष/सचिव अधिकृत हाेंगे तथा भगवान की पूजा अर्चना तथा भोग-राग के लिए किसी आकस्मिक निर्णय का अधिकार अध्यक्ष/सचिव का होगा । अध्यक्ष और सचिव द्वारा लिए गये किसी भी आकस्मिक निर्णय का अनुमोदन समिति की अगली बैठक में बहुमत से किया जायेगा।

11. समिति में एक कोषाध्यक्ष का पद होगा जिसपर समिति की समग्र लेखा के सम्यक संचालन का दायित्व होगा। मंदिर एवं मठ में प्राप्त सभी धन राषि बैंक में जमा की जायेगी और बैंक से राषि निकालने के लिए कोषाध्यक्ष एवं अध्यक्ष अथवा सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर आवष्यक होगें । कोषाध्यक्ष पर सम्यक लेखा अंकेक्षण कराने का दायित्व होगा । वित्तीय वर्ष बीतने पर चार माह के अन्दर समग्र लेखा का अंकेक्षण करा कर अंकेक्षण प्रतिवेदन शीघ्र पर्षद को प्रेषित किया जायेगा। 12. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित सभी नियमों का सम्यक अनुपालन करते हुए बजट, वार्षिक आय व्यय विविरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, बैठकों के कार्यवृत आदि का सामयिक प्रेषण पर्षद के पास करेगी।

13. न्यास-समिति द्वारा मन्दिर-मठ के संचालन के लिए किसी भी उपसमिति की स्थापना नहींं की जायेगी। पिछली न्यास-समिति द्वारा गठित उपसमिति ने समिति के दायित्वों का ही अपहरण कर रखा था।

14. जिन विषयों का उल्लेख योजना में नहीं है और मंदिर के हित में आवष्यक समझा जायेगा, तो न्यास समिति प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के बाद कार्य करेगी। जिन विषयों का प्रावधान इस योजना में नहीं है, उनके संबंध में अधिनियम एवं उपविधि में वर्णित प्रावधान प्रभावी होगें।

15. न्यास समिति में कम से कम 7 और अधिक से अधिक 11 सदस्य होगें। न्यास समिति में किसी प्रकार की आकस्मिक रिक्ति की पूर्ति के लिए न्यास समिति अपनी बैठक में एक एक रिक्त स्थान के लिए तीन नामों की सूची पारस्परिक सहमति से पर्षद के पास भेजेगी, पर्षद उसपर सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उचित निर्णय लेगी। 16. इस योजना में परिवर्तन एवं संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 17. इस येाजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों की न्यास समिति का गठन किया जाता हैः- (1) अनुमंडल पदाधिकारी, अरेराज, जिला- पूर्वी चंपारण - पदेन अध्यक्ष (2) श्री विनय बिहारी वर्मा, ग्रामपो0- अरेराज, जिला- पूर्वी चंपारण - उपाध्यक्ष (3) श्री मदन मोहन तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार - सचिव (4) श्री व्यास पाण्डे, ग्राम-गोईठाहा, थाना- गोविन्दगंज - कोषाध्यक्ष (5) प्रो0 शंभू शरण गिरी, ग्रामपो0- अरेराज, जिला- पूर्वी चंपारण - सदस्य (6) श्री बंगाली राम,सेवानिवृत षिक्षक,ग्रामपो0- अरेराज, जिला- पूर्वी चंपारण - सदस्य (7) श्रीमती रीता पाठक, सेवानिवृत प्रधानाचार्य, इन्टर कॉलेज, अरेराज - सदस्य (8) श्री मनोज कुमार, भूतपूर्व अध्यक्ष, अरेराज व्यवसायी संघ - सदस्य (9) श्री जय गोविन्द यादव, सेवा नि0 षिक्षक, अरेराज, पूर्वी चंपारण - सदस्य14 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 18. इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 5 वर्षों का होगा। समिति द्वारा सराहनीय कार्य करने तथा मठ एवं मंदिर की आय में अतिषय वृद्धि तथा आय-व्यय में पूरी पारदर्षिता रखने पर समिति के कर्त्तव्यनिष्ठ सदस्य पुनर्मनोनयन के पात्र हाेंगे। जन साधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट में प्रकाषित कराया जाये।

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

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2 दिसंबर 2011

सं॰ 1561—सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि पूर्णिया जिलान्तर्गत जानकी नगर थाना के ग्राम-रामपुर तिलक स्थित कबीर पंथी मठ (सद्‌गुरू कबीर स्नेही धाम) पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-858 है । पर्षदीय पत्रांक-1893, दिनांक-15.07.2006 द्वारा श्री बालेष्वर दास को इस न्यास का अधिनियम की धारा-33 के तहत अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया था । साथ ही पर्षदीय अधिसूचना संख्या-675, दिनांक-20.06.2008 द्वारा न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं सम्यक विकास के लिए ग्यारह सदस्यीय न्यास समिति का भी गठन किया गया था । श्री बालेष्वर दास एवं उक्त न्यास समिति के सभी सदस्यों ने स्वेच्छा से त्याग पत्र दे दिया है । कबीर पंथ के प्रतिष्ठित संत श्री धर्म स्वरूप जी ने उक्त न्यास के महंत पद पर आवाल ब्रह्‌मचारी श्री अनुपम स्वरूप जी को नियुक्त करने का अनुरोध किया है । अतः श्री बालेष्वर दास के स्थान पर श्री अनुपम जी स्वरूप का नाम अंकित किया जाता है । साथ ही उन्होंने सप्त सदस्यीय न्यास समिति के गठन की भी अनुषंसा की है । अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, कबीर पंथी मठ (सद्‌गुरू कबीर स्नेही धाम), रामपुर तिलक की सुव्यवस्था, संचालन एवं इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत अग्रलिखित एक योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूं ।

योजना 1. इस योजना का नाम ''कबीर पंथी मठ, रामपुर तिलक न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''कबीर पंथी मठ, रामपुर तिलक न्यास समिति'' होगा, जिसमें मठ की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मठ की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी । 9. इस योजना में परिवर्तन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जायेगी ।

पर्षद द्वारा निरूपित इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-

(1) श्री अनुपम स्वरूप जी, ग्राम-रामपुर तिलक, पो0-जानकी नगर, पूर्णिया - अध्यक्ष (2) श्री रणजीत जी, ग्राम-रामपुर तिलक, पो0-जानकी नगर, पूर्णिया - सचिव (3) श्री भीष्म नारायण दास जी, ग्राम-रामपुर तिलक, पो0-जानकी नगर, पूर्णिया - कोषाध्यक्ष (4) श्री महेन्द्र दास जी, ग्राम-रामपुर तिलक, पो0-जानकी नगर, पूर्णिया - सदस्य (5) महंत श्री आत्म स्वरूप गोस्वामी, ग्रामपो0-गिधवास, जिला-अररिया - सदस्य (6) महंत श्री चिदानन्द स्वरूप जी, ग्राम-रामपुर तिलक, पो0-जानकी नगर, पूर्णिया - सदस्य (7) श्री जगदेव दास जी ''जिज्ञासु'', ग्राम-रतनपट्‌टी, पो0-मुरलीगंज, जिला-मधेपुरा - सदस्य इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षों की होगी ।

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।15 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012

7 दिसंबर 2011

सं॰ 1590—षिव मंदिर, रामजी चक, दीघा, पटना बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-3766 है । पर्षद को सूचना मिली है कि इस मंदिर के समुचित प्रबंधन के अभाव में पूजा-अर्चना एवं अन्य धार्मिक कृत्य बाधित हो रहा है, इसकी चल-अचल सम्पत्तियों का दुरुपयोग हो रहा है, जिससे आम जनता में काफी असंतोष व्याप्त है ।

अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद, षिव मंदिर, रामजी चक, दीघा, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्यक्‌ विकास तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूं :-

योजनायोजनायोजनायोजना

1. इस योजना का नाम ''षिव मंदिर, रामजी चक, दीघा, पटना न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''षिव मंदिर, रामजी चक, दीघा, पटना न्यास समिति'' होगा, जिसमें मंदिर की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा ।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्तव्य न्यास की सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मठ की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा ।

3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी । 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे । न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत्त पर्षद को प्रेषित की जायेगी ।

7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी । 9. इस योजना में परिवर्तन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकूल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जायेगी ।

11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक कांड में आरोप-पत्रित होंगे तो उनकी अहर्ता समाप्त हो जायेगी ।

12. इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षों की होगी । समिति के सदस्यों का कार्य संतोषजनक पाये जाने पर वे पुनर्मनोनयन के पात्र होंगे ।

पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-

- अध्यक्ष (1) श्री अजित शुक्ला, अधिवक्ता एवं समाज सेवक, पिता-श्री जे0 पी0 शुक्ला, वरीय अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, पता-180, पाटलीपुत्रा कॉलोनी, गोल्फ ग्राउंड के पीछे, पटना ।

(2) श्री कामेष्वर सिंह, पिता-स्व0 बिन्देष्वरी सिंह, पता-सरकारी स्कूल गली, - सचिव रामजी चक, दीघा, पटना-18

(3) श्री प्रमोद सिंह, पिता-स्व0 फतेह नारायण सिंह, पता-सरकारी स्कूल गली, - कोषाध्यक्ष रामजी चक, दीघा, पटना-18

(4) श्री गोपाल प्रसाद, वार्ड पार्षद, वार्ड नं0-32, पिता-स्व0 राम विलास पासवान, - सदस्य पता-गांधी रोड, रामजी चक, दीघा, पटना-18

(5) श्री रघुवर चौधरी, पिता-स्व0 लक्ष्मी चौधरी, पता-सरकारी स्कूल गली, रामजी - सदस्य चक, दीघा, पटना-18

(6) श्री रवीन्द्र ठाकुर, वार्ड पार्षद, वार्ड नं0-30, पिता-स्व0 रामजीवन ठाकुर, - सदस्य पता-सरकारी स्कूल गली, रामजी चक, दीघा, पटना-18

(7) श्रीमती जानकी देवी, पत्नी-स्व0 रामतवक्या शर्मा, पता-सरकारी स्कूल गली, - सदस्य रामजी चक, दीघा, पटना-18

(8) श्री मनोज राय, पिता-श्री बच्चा सिंह, पता-902, लीलावर्त अपार्टमेंट, पाटलीपुत्रा - सदस्य कॉलोनी, अल्पना मार्केट के बगल में, पटना ।

(9) श्री नन्द किषोर गुप्ता, पिता-श्री मधुसुदन लाल, पता-रामजी चक, दीघा, - सदस्य पटना-18

(10) श्री उदय सिंह, पिता-स्व0 हजारी सिंह, पता-रामजी चक, दीघा, पटना-18 - सदस्य16 (cid:18)बहार गजट, 15 फरवर(cid:15) 2012 (11) श्री मनोज सिंह, पिता-श्री राम दयाल सिंह, पता-सरकारी स्कूल गली, - सदस्य रामजी चक, दीघा, पटना-18

आदेश से,

किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

ÑÑÑÑ अधीKक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट, 48Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 15 February 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2012-02-15.7/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2012-02-15.7.