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अधिसूचना
16 फरवरी 2012
सं0 निग/सारा-4-(पथ)-आरोप -105/10-1857 (एस)—श्री श्यामानन्द पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, खगड़िया सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, दरभंगा द्वारा पथ प्रमंडल खगड़िया के पदस्थापनकाल में खगड़िया-मुंगेरघाट लिंक पथ के कि0मी0 2 (अंश) में विभिन्न स्थानों पर कराए गए बी0एम0 कार्य में प्रयुक्त एग्रीगेट औसतन 8.18 प्रतिशत ओवर साईज पाये जाने एवं उक्त कार्य में प्रयुक्त अलकतरा निर्धारित प्रावधान 3.30 प्रतिशत से कम औसतन 3.07 पाये जाने तथा खगड़िया-अलौली पथ के कि0मी0 10 में कराये गये GSB कार्य में प्रयुक्त एग्रीगेट 15.13 प्रतिशत ओवर साइज पाए जाने, उक्त पथ के कि0मी0 6 में कराये गए BUSG कार्य में प्रयुक्त एग्रीगेट औसतन 30.46 प्रतिशत ओवर साईज पाये जाने तथा BUSG कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की मात्रा निर्धारित प्रावधान 1.93 प्रतिशत से 0.62 प्रतिशत की कमी पाये जाने के आरोप के लिए श्री पाण्डेय से विभागीय पत्रांक 12870 (ई) अनु0, दिनांक-11.11.09 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के तकनीकी समीक्षोपरान्त पाया गया कि निरीक्षण किये गये उक्त पथ में अलकतरा निर्धारित मापदंड से कम दिया गया तथा स्टोन चिप्स भी घटिया किस्म का लगाया गया। श्री पाण्डेय का यह कहना कि BUSG कार्य में टैक कोट छोड़कर बिटुमेन की मात्रा 1.15 प्रतिशत होती है न कि 1.93 प्रतिशत, स्वीकार 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 4 अूील 2012 कि जो स्टोन खदान से प्राप्त होता है, उपयोग किया गया स्वीकार योग्य नही है कारण कि स्टोन चिप्स विशिष्ट के अनुरूप ही उपयोग होना चाहिए था। तदआलोक में श्री श्यामानन्द पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल खगड़िया सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल दरभंगा को दोषी मानते हुए अधिसूचना संख्या 3109, दिनांक 14.03.11 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-
(i) निन्दन,
(ii) तीन वार्षिक वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
उक्त दण्डादेश के विरुद्ध श्री श्यामानंद पाण्डेय, तत्कालीन कार्यपालक अभिंयता, पथ प्रमण्डल, खगड़िया सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमण्ड, दरभंगा द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक 571, दिनांक 26.04.11 समर्पित किया गया। श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी के विभागीय समीक्षोपरान्त पाया गया कि उनके द्वारा कोई ऐसा तथ्य समर्पित नहीं किया गया जो उन्हें अधिरोपित शास्ति को क्षान्त करता हो।
तद्आलोक में श्री पाण्डेय द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी पत्रांक 571, दिनांक 26.04.11 को अस्वीकृत करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु1ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 136-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in