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अधिसूचना
1 मार्च 2012
सं0 निग/सारा-1-विविध-04/07-2422 (एस)—श्री ईश्वरी प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल कटिहार सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, दरभंगा को पथ प्रमंडल कटिहार के पदस्थापन काल में वर्ष 2000-01, 2001-02 एवं 2002-03 में कराये गये मरम्मति एवं निर्माण कार्य की श्री उमाशंकर सिंह, माननीय सदस्य बिहार विधान-सभा से प्राप्त ध्यानाकर्षण सूचना के आलोक में तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग से करायी गयी जांच एवं प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक में यथा- सहायक अभियंताओं को विभागीय स्तर से कार्य करने हेतु प्रथम अग्रिम के पश्चात् द्वितीय/तृतीय अग्रिम इत्यादि बिना लेखा प्राप्त किये एवं समायोजन किये बिना दिये जाने तथा पूर्णियाँ कटिहार पथ के 15 वें कि0मी0 की विशेष मरम्मति वर्ष 2000-2001, छिटावाड़ी-सोनाली पथ के 16 वें कि0मी0 में 6x3'0" ब्यास के एच0पी0 कलभर्ट का निर्माण आदि कार्यों के अंतिम विपत्र कार्यों के मापी पुस्त में प्रविष्टि के बावजूद अंतिम विपत्र पारित नहीं करने के लिये आरोप प्रपत्र ''क'' गठित करते हुए श्री सिंह से विभागीय पत्रांक-11687 (एस) अनु0, दिनांक 19.10.09 द्वारा बचाव-बयान/स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री सिंह ने अपने पत्रांक-शून्य, दिनांक 10.11.09 द्वारा बचाव-बयान/स्पष्टीकरण समर्पित किया।
श्री सिंह ने अपने समर्पित बचाव बयान/स्पष्टीकरण में अंकित किया कि विभाग से प्राप्त आवंटन के 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 4 अूील 2012 Royalty & Sales Tax की राशि Remittence नहीं किये जाने के कारण अस्थायी अग्रिम के रूप में लंबित रहा जिसका समायोजन सहायक अभियंताओं से लेखा प्राप्त होने के उपरांत बाद में कर लिया गया। साथ ही दूसरे आरोप के संबंध में अंकित किया कि कार्यों का अंतिम विपत्र शून्य राशि का है तथा एकरारनामा के तहत किये गये कार्यों का भुगतान पूर्व कार्यपालक अभियंता के द्वारा किया जा चुका था तथा उनमें से एक विपत्र की सहायक अभियंता द्वारा जाँच नहीं की गयी। उक्त आधार पर आरोप मुक्त करने का अनुरोध श्री सिंह द्वारा किया गया। श्री सिंह द्वारा समर्पित बचाव बयान/स्पष्टीकरण के तकनीकी समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सिंह ने अपने उक्त कथन के समर्थन में न तो कोई साक्ष्य समर्पित किया और न ही आरोप के इस बिन्दु पर कोई स्पष्टीकरण दिया है कि उनके द्वारा विभागीय स्तर से कार्य करने हेतु प्रथम अग्रिम के पश्चात् द्वितीय/तृतीय अग्रिम इत्यादि बिना लेखा प्राप्त किये एवं समायोजन किये किस परिस्थति में दिया गया। श्री सिंह दिनांक-24.01.03 को ही पथ प्रमंडल, कटिहार का प्रभार ग्रहण कर चुके थे एवं विषयांकित मामला 2000-2001, 2001-2002 से संबंधित है जो बहुत अधिक पुराना नहीं था। अतः इन्हें नियमानुसार अंतिम विपत्र की जाँच कर एकरारनामा बंद करना चाहिए, जो इनके द्वारा नहीं किया गया।
उक्त तकनीकी मंतव्य के आलोक में विभागीय समीक्षोपरांत श्री सिंह से प्राप्त बचाव बयान/स्पष्टीकरण पत्रांक-शून्य, दिनांक 10.11.09 को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए निम्न दंड संसूचित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया :-
(1) एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट,
सरकार के उप-सचिव (निगरानी)।
———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 140-571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in