िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 22222222 चैऽचैऽचैऽचैऽ 1931931931934444 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 15151515 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 11111111 अूीलअूीलअूीलअूील 2020202011112222 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)2, पदःथापन, बदली, श(cid:18)2, छु 7ट(cid:15) और अ9य :य(cid:18)2गत सूचनाएं। 2-8 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु>म@ के समादेंटाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायJबम, छाऽवृ(cid:18)L ूदान, आMद।
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भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आMद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राNयपाल और कायाJOयH@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आMद। 9-22 भाग-3—भारत सरकार, पPQम बंगाल सरकार और उSच 9यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राNय गजट@ के उUरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मW पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उYत (cid:18)वधान मंडल मW उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Mकये जानेवाले ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और उYत (cid:18)वधान मंडल मW पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक।
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भाग-7—संसद के अिधिनयम Pजनपर रांशपित क[ Nयेंठअनुमित िमल चुक[ है। ---
भाग-8—भारत क[ संसद मW पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय@ के ूितवेदन और संसद मW पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व]ापन
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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क[ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवJसाधारण सूचनाएं इ_याMद। 23-23 पूरक
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पूरक-क 25-392 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2िनयु(cid:18)2, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2श(cid:18)2, , , , छुछुछुछु 7ट(cid:15) और अ9य7ट(cid:15) और अ9य7ट(cid:15) और अ9य7ट(cid:15) और अ9य वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं वैय(cid:18)2क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
गृह (कारा) विभाग ——— अधिसूचना 5 मार्च 2012 सं॰ कारा/स्था0(मु0)-35/11-905/जेल—गृह (कारा) विभाग के स्वीकृत्यादेश ज्ञापांक-कारा/स्था0 (अधी0) 01-01/09-3661, दिनांक 23 अगस्त 2011 द्वारा कारा निरीक्षणालय, में निदेशक, कारा कर्मशाला, वेतन बैंड ` 15,600 - 39,100 एवं गे्रड वेतन ` 7,600, में नवसृजित पद पर श्री वीरचन्द्र प्रसाद सिंह, उप-निदेशक, उद्योग, व्यावसायिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास, कारा निरीक्षणालय को प्रोन्नति दी जाती है। 2. यह प्रोन्नति प्रभार करने की तिथि से प्रभावी होगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव।
——— पथ निर्माण विभाग ——— अधिसूचना 28 मार्च 2012 सं॰ ई॰3/पी॰1-ए॰8/नियुक्ति-906/94-3535 (S)—मंत्रिपरिषद् के निर्णयानुसार तत्कालीन ग्रामीण विकास विभाग सम्प्रति ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम में दैनिक वेतन पर कार्यरत 77 (सतहत्तर) डिग्रीधारी कनीय अभियंताओं को सहायक अभियंता (असैनिक) के पद पर की गई तदर्थ नियुक्ति को उनके द्वारा दिए गये शपथ पत्र Undertaking के आधार पर सहायक अभियंता के वेतनमान PB2 9300-34800 Pay Band 5400 रुपये में निम्नलिखित शर्तो के साथ निम्नांकित तदर्थ रूप से नियुक्त सहायक अभियंताओं को समायोजन के आधार पर नियमित नियुक्ति की जाती है :- (क) सीधी भर्ती द्वारा नियमानुसार बिहार लोक सेवा आयोग की अनुशंसा के आलोक में नियुक्त/प्रोन्नत सहायक अभियंताओं के बाद ही इन तदर्थ रूप से नियुक्त सहायक अभियंताओं की वरीयता निर्धारित होगी। वरीयता के संबंध में अन्य कोई दावा मान्य नहीं होगा एवं समायोजन की स्कीम को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जायगी। (ख) नियमित नियुक्ति के पश्चात योगदान की तिथि से ही सुनिश्चित वृति उन्नयन हेतु नियमित सेवा की गणना की जायगी। (ग) पेंशन के प्रयोजनार्थ तथा उपार्जित छुट्टी के लिए बिहार पेंशन नियमावली एवं बिहार सेवा संहिता के अध्यधीन ही उनकी तदर्थ रूप से की गई सेवा की गणना की जायेगी।
2. इन्हें वित्त विभाग, बिहार, पटना की सहमति से वेतन संरक्षण का लाभ प्रदान किया जायगा। 3. नियमित नियुक्ति के पूर्व तक तदर्थ रूप से की गई सेवा की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
| क्र॰ सं॰ | तदर्थ रूप से नियुक्त सहायक अभियंताओं का नाम | जन्मतिथि | आरक्षण की श्रेणी | वर्तमान पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री कमल कुमार वासुदेव | 06-10-1955 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानिय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, सहरसा। |
| 2 | श्री अम्बिका प्रसाद सिंह | 06-01-1955 | सामान्य | स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰, सीवान। |
| 3 | श्री कृष्णानंद पाण्डेय | 15-02-1958 | सामान्य | स॰अ॰, अग्रिम योजना प्रमंडल, पटना। |
| 4 | श्री किशोर कुमार राय | 20-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰, बक्सर। |
| 5 | श्री एस॰ एम॰ औरंगजेब | 15-01-1955 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य प्रमंडल-2, मधुबनी। |
| 6 | श्री ध्र व प्रसाद मु ु शी ं | 06-11-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰, भागलपुर। |
| 7 | श्री सुरेश प्रसाद मंडल | 10-01-1953 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, सहरसा। |
| 8 | श्री श्याम सुन्दर प्रसाद | 14-10-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल-2, दरभंगा। |
| 9 | श्री बृज नन्दन सिंह | 16-01-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, मुख्य अभियंता-4 का कार्यालय, बिहार, पटना। |
| 10 | श्री कृष्ण मोहन प्रसाद सिंह | 07-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, घोषी, जहानाबाद। |
| 11 | श्री कमलापति सिंह | 31-12-1958 | सामान्य | स॰अ॰, मुख्यालय प्रमंडल-2, उत्तर बिहार ग्रामीण कार्य विभाग, पटना। |
| 12 | श्री कामेश्वर प्रसाद | 21-01-1954 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग-2, औरंगाबाद। |
| 13 | श्री कुमार सुनील | 05-03-1961 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण कार्य प्रमंडल-1, सीतामढ़ी |
| 14 | श्री केशव सिंह | 16-06-1952 | सामान्य | स॰अ॰, मुख्य अभियंता-4 (निगरानी), ग्रामीण कार्य विभाग, पटना। |
| 15 | श्री मदन कुमार सिंह | 16-10-1953 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल संख्या-1, समस्तीपुर। |
| 16 | श्री मदन प्रसाद | 05-07-1952 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल-3, गया। |
| 17 | श्री मिहिर कुमार मिश्र | 25-01-1962 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण कार्य प्रमंडल-2, बेतिया। |
| 18 | श्री शिव नन्दन सिंह | 31-01-1957 | सामान्य | प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अंचल, सासाराम। |
| 19 | श्री शिवेन्द्र नारायण सिंह | 09-11-1955 | सामान्य | प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, मु गेर। ं |
| 20 | श्री दिनेश नन्दन सिंह | 03-09-1954 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, अरवल। |
| 21 | श्री दिनेश्वर झा | 22-04-1955 | सामान्य | स॰अ॰, पथ निर्माण विभाग, पथ अवर प्रमंडल, अररिया-1। |
| 22 | श्री दिगम्बर झा | 02-02-1956 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मु गेर। ं |
| 23 | श्री विपिन बिहारी सिंह | 20-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰, बेतिया। |
| 24 | श्री विजय कुमार बैरोलिया | 20-02-1953 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, पुपरी, सीतामढ़ी। |
| 25 | श्री विजय कुमार शर्मा-1 | 17-01-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, बाढ़, पटना। |
| 26 | श्री विजय कुमार शर्मा-2 | 05-09-1955 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, खगड़िया। |
| 27 | श्री विनोद कुमार | 05-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, मसौढ़ी। |
| 28 | श्री निर्मल कुमार सिन्हा | 02-12-1954 | सामान्य | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, सुपौल। |
| 29 | श्री हरि किशोर सिन्हा | 01-01-1955 | सामान्य | स॰अ॰, निलंबित, अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 30 | श्री हरि शंकर प्रसाद सिंह | 25-01-1957 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, डुमरॉव। |
| 31 | श्री हरेन्द्र प्रसाद सिंह | 25-12-1952 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल-1, औरंगाबाद। |
| 32 | श्री भोगेन्द्र झा | 02-12-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, सुरसंड, सीतामढ़ी। |
| 33 | श्री भद्र राम सिंह | 12-02-1955 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, योगापट्टी, बेतिया। |
| 34 | श्री पंचानन्द मु शी ं | 08-10-1957 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, वायसी, पूर्णियाँ। |
| 35 | श्री पुष्कर प्रसाद | 05-11-1962 | सामान्य | स॰अ॰, मुख्यालय प्रमंडल (दक्षिण बिहार)-1, ग्रामीण कार्य विभाग, पटना। |
| 36 | श्री रामानंद चौधरी | 16-01-1958 | सामान्य | स॰अ॰, निरूपण प्रमंडल-2, पटना। |
| 37 | श्री रौशन जमीर | 02-09-1953 | सामान्य | स॰अ॰, संविदा प्रशासन प्रमंडल (मुख्यालय)-3, ग्रामीण कार्य विभाग, पटना |
| 38 | श्री राजमौलि चौधरी | 28-02-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, हिलसा, नालंदा। |
| 39 | श्री रवीन्द्र कुमार सिन्हा | 12-10-1955 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, जयनगर, कार्य प्रमंडल, मधुबनी। |
| 40 | श्री शशि कान्त राय | 03-06-1952 | सामान्य | स॰अ॰ ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, मुजफ्फरपुर। |
| 41 | श्री सीताराम मिश्र | 17-11-1959 | सामान्य | स॰अ॰ ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, हिसुआ, कार्य प्रमंडल, नवादा। |
| 42 | श्री सुधीर चन्द्र पाठक | 07-07-1957 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, बेनीपुर, दरभंगा। |
| 43 | श्री सुरेन्द्र प्रसाद महतो | 15-07-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, गुण नियंत्रण प्रमंडल (मु॰)-2, ग्रामीण कार्य विभाग, पटना। |
| 44 | श्री सुदर्शन सिंह | 05-09-1953 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य अवर प्रमंडल, घोघरडीहा, झंझारपुर, जिला-मधुबनी। |
| 45 | श्री उपेन्द्र प्रसाद यादव | 24-03-1953 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-3, गया। |
| 46 | श्री दीनबन्धु पाठक | 21-12-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-1, अररिया। |
| 47 | श्री वीर प्रकाश सिंह | 02-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, अरवल। |
| 48 | श्री चन्द देव प्रसाद | 17-11-1953 | सामान्य | स॰अ॰, उप विकास आयुक्त, सहरसा। |
| 49 | श्री जयन्त कुमार सिंह | 02-01-1959 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, झंझारपुर। |
| 50 | श्री जवाहर प्रसाद भगत | 02-09-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, शिवहर। |
| 51 | श्री जर्नादन प्रसाद | 08-01-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, एन॰आर॰ई॰पी॰, कैमुर, भभुआ। |
| 52 | श्री जर्नादन नाथ सिंह | 21-01-1958 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, ढ़ाका, पूर्वी चम्पारण। |
| 53 | श्री नरेन्द्र कुमार | 05-01-1954 | सामान्य | प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, गया। |
| 54 | श्री नरेन्द्र कुमार चौधरी | 02-01-1958 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, किशनगंज। |
| 55 | श्री नरेन्द्र उपाध्याय | 05-07-1955 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, मसौढ़ी-2 शिविर पटना। |
| 56 | श्री नवल किशोर चौधरी | 26-12-1952 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, खुटौना, मधुबनी। |
| 57 | श्री नेम लाल सिंह | 12-08-1952 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, बछवाड़ा, बेगुसराय। |
| 58 | श्री अरूण कुमार सिन्हा | 05-10-1953 | सामान्य | स॰अ॰, मिट्टी अन्वेषण प्रमंडल, पूर्णियाँ। |
| 59 | श्री अमरेन्द्र कुमार ठाकुर | 22-02-1959 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, मोतिहारी। |
| 60 | श्री अमरेन्द्र प्रसाद | 25-12-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, बेगुसराय। |
| 61 | श्री अखिलेश प्रसाद | 17-01-1956 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, मुजफ्फरपुर-2 |
| 62 | श्री अजित कुमार | 21-06-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, झंझारपुर। |
| 63 | श्री अजित नारायण कुमार | 02-01-1955 | सामान्य | स॰अ॰, कार्य अवर प्रमंडल, सकरी, कार्य प्रमंडल, बेनीपुर-1, दरभंगा। |
| 64 | श्री अभय कुमार सिंह | 01-01-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल संख्या-1, कटिहार। |
| 65 | श्री अरबिन्द कुमार सिन्हा | 15-01-1959 | पिछड़ी जाति | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-1, अवर प्रमंडल, पटौरी, समस्तीपुर। |
| 66 | श्री अशोक प्रसाद सिंह | 04-06-1959 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, सासाराम। |
| 67 | श्री अशोक कुमार चौधरी | 01-01-1958 | सामान्य | अभियंता प्रमुख का कार्यालय, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना, सम्प्रति निलंबित। |
| 68 | श्री अवधेश उपाध्याय | 01-01-1956 | सामान्य | प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, अररिया। |
| 69 | श्री गजेन्द्र प्रसाद | 27-02-1956 | पिछड़ी जाति | प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, आरा। |
| 70 | श्री ललन झा | 10-02-1957 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, संविदा प्रमंडल प्रशासन मुख्यालय-1, पटना। |
| 71 | श्री ललन पाण्डेय | 05-12-1952 | सामान्य | स॰अ॰, कार्य अवर प्रमंडल, गया, ग्रामीण कार्य विभाग-2 |
| 72 | श्री उदय कुमार | 31-05-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, मधुबन, ढ़ाका। |
| 73 | श्री प्रमोद मिश्र | 18-05-1954 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य अवर प्रमंडल, मोतिहारी। |
| 74 | श्री एनुल हक | 15-05-1960 | सामान्य | प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, ढ़ाका, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी)। |
| 75 | मो॰ खुर्शीद | 21-08-1953 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कुर्था, जहानाबाद। |
| 76 | श्री आनन्द किशोर मिश्र | 16-02-1953 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, जमुई। |
| 77 | श्री नृपेन्द नाथ सहाय | 02-02-1956 | सामान्य | स॰अ॰, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2, मु गेर। ं |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अमरेन्द्र भूषण सिंह, उप-सचिव (प्र॰को॰)।7 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
पर्यटन विभाग
———
कार्यालय आदेश
23 मार्च 2012
सं0 पर्य0वि0स्था0-87/2005-23—सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत पर्यटन विभाग के विभिन्न पदाधिकारियों को निम्न रूप से नियुक्त किया जाता हैः-
(i) विषेष सचिव- अपीलीय प्राधिकार (ii) संयुक्त सचिव- लोक सूचना पदाधिकारी (iii) उप-सचिव- सहायक लोक सूचना पदाधिकारी
2. इसमें प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त हैंं। 3. इस प्रसंग में पूर्व के आदेष को इस हद तक संषोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह0) अस्पष्ट, विषेष सचिव ।
———
कृषि विभाग
———
अधिसूचना
26 मार्च 2012
सं॰ 1/ए॰जी0-01/2010-1718/—॰—बिहार राज्य —षि विपणन पर्षद (विद्यटित) के कर्मियों का —षि विभागीय अधिसूचना सं0 7649, दिनांक 28 नवम्बर 2011, अधिसूचना सं0 765, दिनांक 28 नवम्बर 2011 एवं अधिसूचना सं0 7044, दिनांक 19 अक्तूबर 2011 द्वारा बिहार —षि सेवा के विभिन्न कोटियों में वर्ग-2 के पद पर नियुक्ति/समायोजन के फलस्वरूप अधोलिखित तालिका में अंकित पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित स्तंभ-4 के पद एवं स्थान पर तत्कालिक प्रभाव से अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र0सं0 | पदाधिकारी का नाम/कोटि | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापित पद एवं स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | श्री राम उग्रह, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, गोपालगंज |
| 2. | श्री अभय कांत ठाकुर, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, पूर्णियाँ |
| 3. | श्री राकेश कुमार सिन्हा, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, आरा (भोजपुर) |
| 4. | श्री सुशील कुमार, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, नवादा |
| 5. | श्री बाल —ष्ण प्रसाद, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, समस्तीपुर |
| 6. | श्री विमल चंद्र सिंह, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, केन्द्रीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला, पटना |
| 7. | श्री प्रेमनंदन चौबे, बिहार —षि सेवा कोटि-3 (रसायन) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मोतिहारी |
| 8. | श्री मुरली मनोहर धोष, बिहार —षि सेवा कोटि-9 (सांख्यिकी) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक —षि निदेशक (सांख्यिकी), कमाण्ड क्षेत्र विकास निदेशालय (जल संसाधन विभाग) |
| 9. | श्री संदीप कुमार राय, बिहार —षि सेवा कोटि-9 (सांख्यिकी) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक —षि निदेशक (सांख्यिकी), कमाण्ड क्षेत्र विकास निदेशालय (जल संसाधन विभाग) |
| 10. | श्री कुमार सत्येन्द्र प्रसाद सिन्हा, बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 | पदस्थापन की प्रतीक्षा में | सहायक निदेशक (सर्वे), भूमि संरक्षण, पटना परिक्रम, पटना |
| 11. | श्री राजीव कुमार आजाद, बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, समस्तीपुर | अनुदेशक (शष्य), पटना |
| 12. | मो0 शाहिद हुसैन, बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, हाजीपुर | भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जमुई |
| 13. | श्री वीरेन्द्र कुमार, बिहार —षि सेवा कोटि-1 (शष्य) वर्ग-2 | सहायक मिट्टी रसायनज्ञ, मोतिहारी | सहायक बीज परीक्षण पदाधिकारी, भभुआ (कैमूर) |
2. सम्बंधित नियंत्री पदाधिकारी, स्थानांतरित पदाधिकारियों को तुरंत के प्रभाव के विरमित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जगदीश प्रसाद चौहान, संयुक्त सचिव।
ÑÑÑÑ
अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित। (cid:18)बहार गजट, 04Ñ571+100-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in9 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
भागभागभागभाग----2222
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राNयराNयराNयराNयपाल और कायाJOयपाल और कायाJOयपाल और कायाJOयपाल और कायाJOयH@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमH@ (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूअिधसूअिधसूअिधसूचनाएं और िनयम आMद।चनाएं और िनयम आMद।चनाएं और िनयम आMद।चनाएं और िनयम आMद।
ÑÑÑÑÑ मुख्य अभियन्ता (उत्तर) का कार्यालय नलकूप प्रभाग, लघु जल संसाधन-विभाग, मुजफ्फरपुर। कार्यालय-आदेष ——— 6 मार्च 2012
सं॰ स्था0-3, बी-391-मुज॰—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-1661, दिनांक 2 अप्रील 2007 में निहित सरकार के आदेष के अनुपालन में स्व0 जयकान्त झा, भूतपूर्व नलकूप चालक नलकूप प्रमण्डल, समस्तीपुर के आश्रित पुत्र श्री पिन्टु कुमार झा को नलकूप प्रमण्डल, सीतामढी के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान 5200-20200,ग्रेड पे0 1900 रूपये तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधार पर औपबधिक रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्द् किया जा सकता है।
2. श्री पिन्टु कुमार झा पत्र प्रप्ति के 15 दिनों के अन्दर निष्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना , न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने ,न्यायालय में फौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व0 जयकान्त झा के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोशण करने संबंधी अद्यतन शपथ-पत्र आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियन्ता नलकूप प्रमण्डल, सीतामढी .के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियन्ता करेगे तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।
3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुषंसित पत्र का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
4. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 का कंडिका-1 (ख) के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरूद्ध विधिवत की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
5. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरूद्ध यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोशण में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध में श्री पिन्टु कुमार झा को योगदान के समय वर्णित अनुदेष के अनुरूप एक घोशणा पत्र भी कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियन्ता श्री पिन्टु कुमार झा की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेगे।
6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधार पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तो किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिस देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।
7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंधी एक घोशणा पत्र भी नियुक्ति किये जा रहे व्यक्ति कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
8. यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरूद्ध पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा।
9. इन्हें छः माह के अन्दर कम्प्युटर टाईपिंग का ज्ञान आवष्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कारवाई की जायेगी।10 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 10. योगदान करने हेतु श्री पिन्टु कुमार झा को यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
11. वित विभाग के संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31 अगस्त 2005 में निहित अंषदायी पेंषन योजना संबंधी प्रावधान लागू होगें।
आदेश से, एन0 पासवान, मुख्य अभियन्ता (उत्तर)।
———
13 मार्च 2012
सं॰ स्था0-3, बी-20/11-409-मुज॰ —सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-1661, दिनांक 2 अप्रील 2007 में निहित सरकार के आदेष के अनुपालन में स्व0 राजेन्द्र प्रसाद सिंह भूतपूर्व नलकूप चालक नलकूप प्रमण्डल मोतिहारी के आश्रित पुत्र श्री गुडडू कुमार को नलकूप प्रमण्डल, मोतिहारी के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे0 1900 रूपये तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधार पर औपबधिक रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्द् किया जा सकता है।
2. श्री गुडडू कुमार पत्र प्रप्ति के 15 दिनों के अन्दर निष्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना, न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने, न्यायालय में फौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व0 राजेन्द्र प्रसाद सिंह के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोशण करने संबंधी अद्यतन शपथ-पत्र आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियन्ता नलकूप प्रमण्डल, मोतिहारी .के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियन्ता करेगे तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।
3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुषंसित पत्र का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
4. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 का कंडिका-1 (ख) के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरूद्ध विधिवत की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
5. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरूद्ध यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोशण में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध में श्री गुडडू कुमार को योगदान के समय वर्णित अनुदेष के अनुरूप एक घोशणा पत्र भी कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियन्ता श्री गुडडू कुमार की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेगे।
6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधार पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तो किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिस देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।
7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंधी एक घोशणा पत्र भी नियुक्ति किये जा रहे व्यक्ति कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
8. यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरूद्ध पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा।
9. इन्हें छः माह के अंदर कम्प्यूटर टाईपिंग का ज्ञान आवष्यक हैं अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कारवाई की जायेगी।
10. योगदान करने हेतु श्री गुडडू कुमार को यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
11. वित विभाग के संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31.08.05 में निहित अंषदायी पेंषन योजना संबंधी प्रावधान लागू होगें।
आदेश से, एन0 पासवान, मुख्य अभियन्ता (उत्तर)।11 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
14 मार्च 2012
सं॰ स्था0-3, बी-15/11-425-मुज॰—सरकार के अवर सचिव, लघु सिंचाई विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-1661 दिनांक 2 अप्रील 2007 में निहित सरकार के आदेष के अनुपालन में स्व0 रामानन्द सिंह भूतपूर्व नलकूप चालक नलकूप प्रमण्डल, हाजीपुर के आश्रित पुत्र श्री सोनू कुमार को नलकूप प्रमण्डल समस्तीपुर के अन्तर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर अस्थायी रूप से वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे0 1900 रूपये तथा सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अन्य भत्तों के साथ अनुकम्पा के आधार पर औपबधिक रूप से नियुक्त किया जाता है, जिसे बिना कारण बताये रद्द् किया जा सकता है।
2. श्री सोनूु कुमार पत्र प्रप्ति के 15 दिनों के अन्दर निष्चित रूप से अपने नव नियुक्त पद पर योगदान देंगे। योगदान के समय इन्हें किसी असैनिक शल्य चिकित्सक/जिला चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रदत्त स्वास्थता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, विवाह में तिलक दहेज का लेन-देन नहीं करना , न्यायालय में सजा प्राप्ति नहीं होने ,न्यायालय में फौजदारी मुकदमा लम्बित नहीं रहने तथा स्व0 रामानन्द सिंह के परिवार के आश्रित सदस्यों का भरण-पोशण करने संबंधी अद्यतन शपथ-पत्र आदि मूल कागजात कार्यपालक अभियन्ता नलकूप प्रमण्डल समस्तीपुर .के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसकी जाँच कार्यपालक अभियन्ता करेगे तथा इसे सही पाये जाने पर ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा।
3. शैक्षणिक योग्यता प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र/जिला अनुकम्पा समिति द्वारा अनुषंसित पत्र का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
4. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 का कंडिका-1 (ख) के अनुसार मृत सरकारी सेवक की नियुक्ति स्वीकृति पद के विरूद्ध विधिवत की गई थी, का सत्यापन कार्यपालक अभियन्ता द्वारा कर ली जायेगी।
5. कार्मिक एवं प्रषसनिक सुधार विभाग का परिपत्र संख्या-13293, दिनांक 05.10.91 की कंडिका-7 के अनुसार नियुक्त किये जा रहे व्यक्ति के विरूद्ध यदि मृतक सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के भरण-पोशण में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जायेगी तो नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा पृच्छा प्राप्त कर इनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी। इस संबंध में श्री सोनू कुमार को योगदान के समय वर्णित अनुदेष के अनुरूप एक घोशणा पत्र भी कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जिसे कार्यपालक अभियन्ता श्री सोनू कुमार की सेवा पुस्तिका में दर्ज कर सुरक्षित रखेगे।
6. गलत तथ्यों अथवा कागजातों के आधार पर नियुक्ति होने की सूचना अगर बाद में प्राप्त होती है तो किसी भी समय कारण पृच्छा नोटिस देते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी जायेगी।
7. तिलक दहेज नहीं लेने और न देने संबंधी एक घोशणा पत्र भी नियुक्ति किये जा रहे व्यक्ति कार्यपालक अभियन्ता के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
8. यह नियुक्ति रोस्टर व्यवस्था के आरक्षित बिन्दु के विरूद्ध पड़ता है तो उसे अग्रणीत कर लिया जायेगा।
9. इन्हें छः माह के अन्दर कम्प्युटर टाईपिंग का ज्ञान आवष्यक है अन्यथा इनकी नियुक्ति समाप्ति हेतु कारवाई की जायेगी।
10. योगदान करने हेतु श्री सोनू कुमार को यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
11. वित विभाग के संकल्प संख्या 1964, दिनांक 31.08.05 में निहित अंषदायी पेंषन योजना संबंधी प्रावधान लागू होगें।
आदेश से, एन0 पासवान, मुख्य अभियन्ता (उत्तर)।
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समाज कल्याण विभाग
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अधिसूचना
21 मार्च 2012
सं0 आई0सी0डी0एस0(प्रो0)-20/2010-मु0 9—बिहार सरकार, समाज कल्याण विभाग द्वारा समेकित बाल विकास सेवा योजना के कार्यान्वयन एवं सफल संचालन के उद्देष्य से विभागीय संकल्प संख्या 145, दिनांक 16 जनवरी 2012 द्वारा राज्य, जिला, प्रखंड एवं आँगनबाड़ी केन्द्र स्तरीय समन्वय समितियों के गठन के लिए मार्गदर्शिका निर्गत की गई12 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 है। उक्त मार्गदर्शिका के कंडिका 1 के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा राज्यस्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति का गठन निम्न प्रकार से किया जाता है :-
1111.... राराराराज्य स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति ज्य स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति ज्य स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति ज्य स्तरीय अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति 1. मुख्य सचिव अध्यक्ष 2. प्रधान सचिव, योजना एवं विकास विभाग सदस्य 3. प्रधान सचिव, वित्त विभाग सदस्य 4. प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सदस्य 5. प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास विभाग सदस्य 6. प्रधान सचिव, पंचायती राज विभाग सदस्य 7. प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग सदस्य 8. प्रधान सचिव, मानव संसाधन विकास विभाग सदस्य 9. सचिव, कृषि विभाग सदस्य 10. प्रधान सचिव, खाद्य एवं आपूर्त्ति विभाग सदस्य 11. सचिव, समाज कल्याण विभाग सदस्य 12. श्री प्रदीप कुमार सिंह, माननीय सांसद सदस्य 13. श्रीमती मीना ंिसह, माननीय सांसद सदस्य 14. श्री (डा0) मोनाजिर हसन, माननीय सांसद सदस्य 15. श्री रामकृपाल यादव, माननीय सांसद सदस्य 16. मो0 असरारूल हक, माननीय सांसद सदस्य 17. श्रीमती भागीरथी देवी, माननीय सदस्य विधान-सभा सदस्य 18. श्रीमती सुनीता सिंह, माननीय सदस्य विधान-सभा सदस्य 19. श्री सदानन्द सिंह, माननीय सदस्य विधान-सभा सदस्य 20. श्रीमती ज्योति देवी, माननीय सदस्य विधान-सभा सदस्य 21. डा0 फैयाज अहमद, माननीय सदस्य विधान-सभा सदस्य 22. कार्यपालक निदेषक, (एन.आर.एच.एम.) NRHM सदस्य 23. क्षेत्रिय निदेषक, NIPCCD सदस्य 24. प्रतिनिधि, खाद्य एवं पोषण बोर्ड, राज्य/क्षेत्रीय कार्यालय सदस्य 25. प्राचार्या मध्य स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र सदस्य 26. प्राचार्या, आँगनवाड़ी सेविका प्रशिक्षण केन्द्र सदस्य 27. निदेषक, आई0सी0डी0एस0 सदस्य सचिव 2. संसद एवं राज्य विधान-सभा के माननीय सदस्यों (क्रम संख्या 12 से 21) का कार्यकाल अधिसूचना की तिथि से एक वर्ष का होगा।
3. क्र0सं0 25 और 26 पर अंकित सदस्यों का कार्यकाल अधिसूचना की तिथि से 1(एक) वर्ष का होगा।
4. मार्गदर्शिका में राज्य स्तरीय समिति के लिए अंकित कार्यो का अनुश्रवण एवं समीक्षा समिति द्वारा किया जाएगा।
5. यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
आदेष- आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए यह अधिसूचना बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित करायी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संदीप पौण्डरीक, सचिव ।
———
मुख्य अभियंता का कार्यालय
जल संसाधन विभाग, सिवान।
———
कार्यालय आदेश
28 फरवरी 2012
सं॰ 27—जिला पदाधिकारी, सिवान के पत्रांक 106/नजारत दिनांक 18.02.2011 एवं पत्रांक 216/नजारत दिनांक 26 मार्च 2011 से बिहार समूह 'घ' (भर्ती एवं सेवा शत्र्त) नियमावली 2010के तहत चतुर्थ वर्ग के पद पर नियुक्ति की अनुशंसा एवं प्रधान सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 159 दिनांक 19 जनवरी 2012 से अवमाननावाद संख्या 56/2010 में दिनांक 22 जून 2011 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में निम्नांकित समाहरणालय, सिवान उम्मीदवारों अनुसेवी/दैनिक परिश्रमिक कर्मियों की नियुक्ति उनके नाम के सामने अंकित कार्यालयों में समूह 'घ'13 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 के अधीन चतुर्थ वर्गीय पद पर शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप वेतनमान ग्रेड वेतन एवं समय समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत भत्तों के साथ, में करते हुए उनके योगदान की तिथि से रिक्त पदो के विरूद्ध निम्नांकित शत्र्तो के साथ पदस्थापित किया जाता हैं । संबंधित नव नियुक्त कर्मी दिनांक 30 मार्च 2012 तक अपना योगदान अपने नाम के सामने अंकित कार्यालय में निश्चित रूप से कर लेंगे अन्यथा उनकी नियुक्ति रद्द समझी जायेगी :-
| क मांक ्र | उम्मीदवारों/अनुसेवी/दैनिक परिश्रमिक कर्मियों का नाम एवं पता | शैक्षणिक योग्यता | जिस पद पर नियुक्ति की जाती हैं का पदनाम | नियुक्ति पद का वेतनमान एवं ग्रेड पे | कार्यालय का नाम जहॉ पदस्थापित किया जाता हैं | अभ्यिुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 1 | श्री अजय कुमार पाण्डेंय पिता-श्री श्यामा पाण्डेंय, ग्राम-उसरी, पो0 तरवारा, जिला- सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 2 | श्री अनिल कुमार सिंह, पिता-श्री चन्द्र किशोर सिंह, ग्राम-पो0-सरसर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, सिवान । | |
| 3 | श्री उपेन्द्र यादव, पिता-श्री रामचन्द्र यादव, ग्राम-पो0-सरसर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 4 | श्री कृष्णा चौधरी, पिता-श्री सुदर्शन चौधरी, ग्राम-पो0-लहेजी,जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 5 | श्री चन्देश्वर राम, पिता-स्व0ं बन्धू राम, ग्राम-चकप्रशुराम ऑकोपुर, पो0-हकमा,जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | जल निस्सरण प्रमंडल, सिवान । | |
| 6 | श्री जयराम शर्मा, पिता-श्री छोटेलाल शर्मा, ग्राम-सादीकपुर पो0-पचरूखी, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 7 | श्री जितेन्द्र कुमार मिश्र, पिता-श्री बैकुण्ठ मिश्र, ग्राम-पो0- नैनपुरा, जिला-सिवान । | नवम् | अनुसेवक | 4440-7440 ग्रेड पे-1650 | रूपांकण आयोजन एवं गुण नियंत्रण अंचल,सिवान । | |
| 8 | श्री देवनाथ प्रसाद, पिता-स्व0 रामदेनी प्रसाद, ग्राम-पो0-टॅड़वा,जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमंडल स 0-4,सिवान । ं | |
| 9 | श्री धर्मनाथ पाण्डेंय, पिता-श्री माधो पाण्डेंय, ग्राम-धर्म मकरियार, पो0-हसुॅआ, जिला-सिवान । | नवम् | अनुसेवक | 4440-7440 ग्रेड पे-1650 | वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमंडल स 0-4,सिवान । ं | |
| 10 | श्री बलिराम प्रसाद, पिता-श्री रामाशंकर प्रसाद, ग्राम-पो0- सिसई, जिला-सिवान। | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 11 | श्री परमेश्वर यादव, पिता-स्व0 अलगु यादव, ग्राम-पपौर टोले नवादा, पो0-पपौर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 12 | श्री प्रेम नाथ प्रसाद, पिता-स्व0 सरयुग प्रसाद, ग्राम-पो0-टॅड़वा,जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 13 | श्री बलिराम यादव, पिता-श्री मुखदेव यादव, ग्राम-महम्मदपुर,पो0-नथुछाप, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 14 | श्री विजय कुमार यादव, पिता-श्री गोपाल प्रसाद यादव, ग्राम-पो0-जियॉय, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, मैरवा । | |
| 15 | श्री विजय कुमार, पिता-स्व0 जवाहर लाल, ग्राम-कसैरा टोली, पो0-जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 16 | श्री भगवान यादव, पिता-श्री शारदा यादव, ग्राम-श्रीनगर, पो0-जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | गंडक रूपांकण प्रमंडल स 0-3,सिवान । ं | |
| 17 | श्री भुवनेश्वर मॉझी, पिता-श्री रघुनाथ मॉझी, ग्राम-पो0-सिसई,जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर अंचल, सिवान । | |
| 18 | श्री मनोज कुमार राम, पिता-श्री सुरेश राम, ग्राम-नई किला, अम्बेदकरनगर, पो0-जिला-सिवान । | नवम् | अनुसेवक | 4440-7440 गे्रड पे-1650 | सारण नहर प्रमंडल, सिवान । | |
| 19 | श्री महाजन प्रसाद, पिता-स्व0 नन्हक साह ग्राम-मिर्जापुर, पो0-गोरैयाकोठी, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, सिवान । | |
| 20 | श्री राज नारायण यादव, पिता-श्री रामबली यादव, ग्राम-मझवॉ, पो0 सरसर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 21 | श्री राजेन्द्र राम, पिता-श्री चन्देश्वर राम, ग्राम-ओरमा मौजे पो0-जिला-सिवान । | अष्ठम् | अनुसेवक | 4440-7440 ग्रेड पे-1650 | वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमंडल स 0-4,सिवान । ं | |
| 22 | श्री रामेश्वर यादव, पिता-श्री हरिलाल यादव, ग्राम-रामनगर, पा0े-जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | जल निस्सरण प्रमंडल, सिवान । | |
| 23 | श्री राज कुमार गुप्ता, पिता-श्री मुंशीं लाल, ग्राम-मखदुम सराय, पो0-जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | वैज्ञानिक गुण नियंत्रण प्रमंउल स 0-4,सिवान । ं | |
| 24 | श्री रमेश चन्द्र यादव, पिता-श्री कौशल किशोर यादव, ग्राम-फुलवरिया, पो0-मकरियार, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, सिवान । | |
| 25 | श्री राजू कुमार, पिता-श्री उमेश प्रसाद, ग्राम-पो0-रघुनाथपुर, जिला-सिवान । | नवम् | अनुसेवक | 4440-7440 गे्रड पे-1650 | सारण नहर प्रमंडल, महाराजगंज । | |
| 26 | श्री राजनाथ प्रसाद, पिता-श्री गौरी शंकर, ग्राम-पो0-टड़वा, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | गंडक रूपांकण प्रमंडल सं0-3, सिवान । | |
| 27 | श्री शंकर यादव, पिता-श्री हरिश्चन्द्र यादव, ग्राम-पो0-सरसर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | वैज्ञानिक गुण निंयत्रण प्रमंडल स 0-4, सिवान । ं | |
| 28 | श्री शैलेन्द्र कुमार पाण्डेंय, पिता-श्री रविन्द्र पाण्डेंय, ग्राम-बभनौली, पो0-गौशालारोड, सिवान, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | जल निस्सरण प्रमंडल, सिवान । | |
| 29 | श्री शैलेश प्रसाद, पिता-श्री साधु प्रसाद, ग्राम-पो0-सानी, बंसतपुर, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | जल निस्सरण प्रमंडल, सिवान । | |
| 30 | श्री सुरेश चौधरी, पिता-स्व0 गंगा चौधरी, ग्राम-पपौर टोले नवादा, पो0-पपौर, जिला-सिवान । | अष्ठम | अनुसेवक | 4440-7440 ग्रेड पे-1650 | बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, सिवान । | |
| 31 | श्री सुबाष कुमार राय, पिता-स्व0 लाल बाबू राय, ग्राम-मखदुम सराय, पो0-जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | जल निस्सरण प्रमंडल, सिवान । | |
| 32 | श्री श्रीराम शर्मा, पिता-श्री छोटेलाल शर्मा, ग्राम-सादिकपुर, पो0-पचरूखी, जिला-सिवान । | मैट्रिक | अनुसेवक | 5200-20200 ग्रेड पे-1800 | रूपांकण आयोजन एवं गुण नियंत्रण अंचल, सिवान । |
किसी सूचना के इनकी सेवा समाप्त की जा सकती हैं ।
3. नियुक्ति होनेवाले उम्मीदवारों द्वारा समर्पित शैक्षणिक योग्यता, आवास, जाति, उम्र, नियोजनालय निबंधन संख्या, आचरण प्रमाण-पत्र आदि का सत्यापन कराए जाने के क्रम में यदि कोई भी प्रमाण-पत्र में गलती पायी जाती हैं तो वैसी स्थिति में संबंधित उम्मीदवार की नियुक्ति को रद्ध कर दिया जायेगा ।
4. नियुक्ति होनेवाले उम्मीदवारों को सायकिल चलाने की जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए । 5. नियुक्ति पद पर योगदान करते समय जिला असैनिक शल्य चिकित्सा पदाधिकारी से प्राप्त स्वास्थ्थ प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा ।
6. योगदान करने के क्रम में कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा । 7. नियुक्त होनेवाले उम्मीदवारों के वेतनादि का भुगतान उनके द्वारा समर्पित किए गए प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के पश्चात एवं नियुक्ति-पत्र की सम्पुष्टि निर्गत किए जाने के उपरांत ही देय होगा ।
8. योगदान करने के समय संबंधित उम्मीदवार विवाह में दान दहेज नहीं लेने/देने का शपथ पत्र समर्पित करेंगे।
9. उप-सचिव, वित्त विभाग के पत्रांक 1964, दिनांक 31 अगस्त 2005 के अनुसार दिनांक 1 सितम्बर 2005 एवं उसके बाद नियुक्त राज्य कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगा ।
आदेश से, दिनेश कुमार चौधरी, मुख्य अभियंता।17 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) ——— अधिसूचनाएं 27 मार्च 2012
सं0 II/ई1-123/2000-956—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर अनुमण्डल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थाई रूप से खोले गए अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा आदेशपाल (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष 2011-12 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 1344, दिनांक 24 मई 2010 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।
———
27 मार्च 2012
18 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 201227 मार्च 2012
सं0 I बी1-101/2008-959—निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-5 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल ने बेगूसराय जिलान्तर्गत बलिया अनुमण्डल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थाई रूप से खोले गए अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा आदेशपाल (अराजपत्रित) के एक-एक सृजित पद का वर्ष 2011-12 तक के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति प्रदान करने की कृपा की है।
2. यह अधिसूचना विभागीय अधिसूचना सं0 29, दिनांक 5 जनवरी .2010 के क्रम में निर्गत की जा रही है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।
———
27 मार्च 2012
19 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012पत्र संख्या- II/ई1- 123/2000-957 (अनु॰) निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन)
प्रेषक, विजय रंजन सरकार के उप-सचिव।
सेवा में,
महालेखाकार, बिहार वीरचन्द पटेल पथ, पटना।
पटना,15, दिनांक 27 मार्च 2012 विषय : - मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर अनुमण्डल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थाई रूप से खोले गए अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अस्थाई रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा आदेशपाल (अराजपत्रित) के सृजित एक-एक पद का वर्ष 2011-12 के लिए अवधि विस्तार के संबंध में। प्रसंग : - विभागीय स्वीकृत्यादेश संख्या 1345, दिनांक-24.05.2010
आदेश : - स्वीकृत।
उपर्युक्त विषयक प्रासंगिक स्वीकृत्यादेश के क्रम में कहना है कि सरकार ने मुंगेर जिलान्तर्गत तारापुर अनुमण्डल मुख्यालय में वर्ष 2010-11 में अस्थाई रूप से खोले गए अवर निबंधन कार्यालय तथा उक्त कार्यालय के लिए अस्थाई रूप से सृजित अवर निबंधक (राजपत्रित), रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) तथा आदेशपाल (अराजपत्रित) के एक-एक पद का विाीय वर्ष 2011-12 में कुल अनुमानित व्यय रूरूरूरू.... 8,87,1218,87,1218,87,1218,87,121 (आठ लाख सतासी हजार एक सौ एक्कीस रूपये) मात्र (आठ लाख सतासी हजार एक सौ एक्कीस रूपये) मात्र पर (आठ लाख सतासी हजार एक सौ एक्कीस रूपये) मात्र (आठ लाख सतासी हजार एक सौ एक्कीस रूपये) मात्र अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।
2. संबंधित अवर निबंधन कार्यालय के अवर निबंधक उपर्युक्त पदों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे। 3. उपर्युक्त पदों पर नियुक्त कर्मियों के वेतनादि का भुगतान ''''''''मुख्यशीर्ष-2030-स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप-मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001-निदेशन और प्रशासन, उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार'''''''' विपत्र कोड-N-2030030010002 के अन्तर्गत विाीय वर्ष 2011-12 के लिए उपबंधित राशि से किया जाएगा।
4. इसमें विा विभाग की सहमति प्राप्त है।
अनुलग्नकः यथावर्णित।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।
अनुलग्नकः-1
व्यय विवरणी
मुंगेर जिला अन्तर्गत तारापुर अनुमंडल मुख्यालय में अस्थायी रूप से नया अवर निबंधन कार्यालय खोले गये के स्पष्टीकरण के फलस्वरूप होने वाले संभावित व्यय।
| क्र0 सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | अपुनरीक्षित वेतनमान | वेतनबैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 01. | अवर निबंधक (राजपत्रित) | 01 (एक) | 6,500-10,500 | 9,300-34,800 | 4,800 | 3,22,200 |
| 02. | रात्रिप्रहरी (अराजपत्रित) | 01 (एक) | 2,550-3,200 | 4,440-7,440 | 1,300 | 86,880 |
| 03. | आदेशपाल (अराजपत्रित) | 01 (एक) | 2,550-3,200 | 4,440-7,440 | 1,300 | 86,880 |
| योग :- | 4,95,960 |
| (1) वेतन :- 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - 03. आदेशपाल - | 3,22,200 86,880 86,880 |
| (2) महँगाई भाा (58 प्रतिशत) 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - 03. आदेशपाल - | 1,86,876 50,394 50,394 |
| (3) मकान भाड़ा (7.5 प्रतिशत) 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - 03. आदेशपाल - | 24,265 6,516 6,516 |
| (4) चिकित्सा भाा 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - 03. आदेशपाल - | 2,400 2,400 2,400 |
| (5) आकस्मिक व्यय 01. कार्यालय का मकान भाड़ा 02. लेखन सामग्री | 49,000 10,000 |
| कुल :- 8,87,121 |
व्यय का सारांश
01. पदाधिकारी का वेतन, महँगाई भाा एवं अन्य व्यय - 5,35,741 02. रात्रिप्रहरी एवं आदेशपाल का वेतन, महँगाई भाा एवं अन्य व्यय - 2,92,380 03. आकस्मिक व्यय - 59,000 ------ कुल :- 8,87,121 ------ (आठ लाख सतासी हजार एक सौ एक्कीस रूपये मात्र)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।21 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 पत्र संख्या- I/बी1- 101/2008-967 निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभागनषेध विभागनषेध विभागनषेध विभाग निबंधन, उत्पाद एवं मद्य ि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य ि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य ि (निबंधन)(निबंधन)(निबंधन)(निबंधन)
प्रेषक : विजय रंजन सरकार के उप-सचिव।
सेवा में; महालेखाकार, बिहार वीरचन्द पटेल पथ, पटना।
पटना,15, दिनांक 27 मार्च 2012 विषय : - निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) के अधीन वर्ष 2010-11 तक के लिए बलिया, पीरो रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर, रजौली, मोतीपुर एवं सूर्यगढ़ा में खोले गये नये अस्थायी अवर निबंधन कार्यालयों तथा रघुनाथपुर अवर निबंधन कार्यालय के अस्थायी पुनःस्थापना एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थाई रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर आदेशपाल (अराजपत्रित) के आठ पद, कुल-24 (चौबीस) अस्थाई पदों का वर्ष 2011-12 के लिए अवधि विस्तार के संबंध में। आदेशः - स्वीकृत।
उपर्युक्त विषय के क्रम में कहना है कि निबंधन, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग (निबंधन) के अधीन वर्ष 2010-11 तक के लिए बलिया, पीरो रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर, रजौली, मोतीपुर एवं सूर्यगढ़ा में खोले गये नये अस्थायी अवर निबंधन कार्यालयों तथा रघुनाथपुर अवर निबंधन कार्यालय के अस्थायी पुनःस्थापना एवं उक्त कार्यालयों के लिए अस्थाई रूप से अवर निबंधक (राजपत्रित) के आठ पद, रात्रि प्रहरी (अराजपत्रित) के आठ पद तथा संविदा के आधार पर आदेशपाल (अराजपत्रित) के आठ पद, कुल-24 (चौबीस) अस्थाई पदों का विाीय वर्ष 2011-12 में कुल अनुमानित व्यय रूरूरूरू.... 62,24,49962,24,49962,24,49962,24,499 (बासठ लाख (बासठ लाख (बासठ लाख (बासठ लाख चौबीस हजार चार सौ निनानवे रूपये)चौबीस हजार चार सौ निनानवे रूपये)चौबीस हजार चार सौ निनानवे रूपये)चौबीस हजार चार सौ निनानवे रूपये) मात्रमात्रमात्रमात्र पर अवधि विस्तार के प्रस्ताव में अपनी स्वीकृति प्रदान की है। तत्संबंधी व्यय विवरणी संलग्न है।
2. सभी संबंधित अवर निबंधन कार्यालय के अवर निबंधक उपर्युक्त पदों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे। 3. उपर्युक्त सभी पदों पर नियुक्त कर्मियों के वेतनादि का भुगतान ''मुख्यशीर्ष-2030-स्टाम्प तथा पंजीकरण, उप-मुख्यशीर्ष-03-पंजीकरण, लघुशीर्ष-001-निदेशन और प्रशासन, उपशीर्ष-0002-जिला प्रभार'' विपत्र कोड-N-2030030010002 के अन्तर्गत विाीय वर्ष 2011-12 के लिए उपबंधित राशि से किया जाएगा।
4. इसमें विा विभाग की सहमति प्राप्त है।
अनुलग्नकः यथावर्णित।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।
अनुलग्नकः-1
व्यय विवरणी
वलिया, पीरों, रक्सौल, सिमरी बख्तियारपुर एवं रजौली अनुमण्डल मुख्यालय में, मोतीपुर, रघुनाथपुर एवं सूर्यगढ़ा अंचल में खोले गये नया अवर निबंधन कार्यालय के फलस्वरूप संभावित व्यय।
| क्रम सं0 | पदनाम | पदों की संख्या | अपुनरीक्षित वेतनमान | वेतनबैंड | ग्रेड वेतन | कुल वार्षिक व्यय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 |
| 01. | अवर निबंधक (राजपत्रित) | प्रत्येक कार्यालय के लिए एक कुल 08 (आठ) | 6,500-10,500 | 9,300-34,800 | 4,800 | 3,22,200 x8 2577600 |
| 02. | रात्रिप्रहरी (अराजपत्रित) | प्रत्येक कार्यालय के लिए एक कुल 08 (आठ) | 2,550-3,200 | 4,440-7,440 | 1,300 | 86,880 x8 695040 |
| 03. | आदेशपाल (अराजपत्रित) | प्रत्येक कार्यालय के लिए एक कुल 08 (आठ) संविदा के आधार पर | समेकित पारिश्रमिक 7405 रूपये (अनुमानित) प्रतिमाह x 12 = 88860 | 88860 x8 710880 | ||
| योग :- | 39,83,520 |
| (1) वेतन :- 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - 03. आदेशपाल - | 25,77,600 6,95,040 7,10,880 |
| (2) महँगाई भाा (58 प्रतिशत) 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - | 14,95,008 4,03,123 |
| (3) मकान भाड़ा (7.5 प्रतिशत) 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - | 1,93,320 52,128 |
| (4) चिकित्सा भाा 01. पदाधिकारी - 02. रात्रिप्रहरी - | 19,200 19,200 |
| (5) आकस्मिक व्यय 01. कार्यालय का मकान भाड़ा 02. लेखन सामग्री | 49,000 10,000 |
| कुल :- 62,24,499 |
व्यय का सारांश
01. पदाधिकारी का वेतन, महँगाई भाा एवं अन्य व्यय - 42,85,128 02. रात्रिप्रहरी एवं आदेशपाल का वेतन, महँगाई भाा एवं अन्य व्यय - 18,80,371 03. आकस्मिक व्यय - 59,000 ------ कुल :- 62,24,499 ------ (वासठ लाख चौवीस हजार चार सौ निनानवे रूपये मात्र)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विजय रंजन, उप-सचिव।
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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित। (cid:18)बहार गजट, 04Ñ571+1250-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in23 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))
और सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याMद।Mद।Mद।Mद।
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सूचना
No. 652— I , ABHISHEK KUMAR , S/O Dr Ramesh Kumar , aged about 26 years , resident of 16 , Readers Quarter, University Press Colony, Muzaffarpur and permanent resident of vill/PO- Chandrahatti, PS- Kurhani, Dist– Muzaffarpur ( Bihar ) have changed my name . Now I will be known as ABHISHEK SINGH . My correspondence will also be in the name of Abhishek Singh.
ABHISHEK KUMAR.
सं॰ 652—मैं, अभिषेक कुमार, पिता डा॰ रमेश कुमार, उम्र 26 वर्ष, निवासी रीडर्स क्वार्टर नं॰ 16, विश्वविद्यालय प्रेस कॉलोनी, मुजफ्रफरपुर एवं स्थायी पता ग्राम/पो॰-चंद्रहट्टी, थाना-कुढ़नी, जिला- मुजफ्रफरपुर अब अभिषेक सिंह के नाम से जाना और पहचाना जाऊँगा और मेरा पत्राचार भी इसी पता से होगा।
अभिषेक कुमार।
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No. 653— I, Suruchi Sharan D/o Dr.Poonam Sharan, W/o Shri Rajat Ranjan Giri, R/o Opposite Road No.2 of Friends' Colony, Ashiana Nagar P.S.-Shastri Nagar, Dist-Patna, Affidavit No. 2319, dated 17-02-2012 Shall be known as Suruchi Giri.
SURUCHI SHARAN.
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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित।
(cid:18)बहार गजट, 04Ñ571+20-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
24 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 25 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत
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(No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-03/12-2205) VIGILANCE DEPARTMENT FORM No. I ——— DECLARATION The 4th April 2012 (Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010) WHEREAS, It is alleged that Sri Bhola Ram, the then District Education Superintendent, Sahebganj (Bihar now Jharkhand) and Rtd. District Education Superintendent, Muzaffarpur (Bihar), Permanent Address:- Sri Bhola Ram, S/o Late Nanhu Ram. resident of vill.-Sarwalpur, P.S.-Arwal, Distt.-Arwal (Bihar), while holding the post of the District Education Superintendent, Muzaffarpur (Bihar) and serving in different capacities under Bihar Government, committed the offence of criminal misconduct defined under clause (e) of sub-section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 and that the matter is being investigated in Vigilance investigation Bureau Vide Vig. P.S. Case No. 65/95 dated.: 02-11-1995. AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima facie case of Commission of above mentioned criminal misconduct by said Sri Bhola Ram, the then District Education Superintendent, Sahebganj (Bihar now Jharkhand) and Rtd. District Education Superintendent, Muzaffarpur (Bihar), who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means. AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried for confiscation of the properties mentioned in the application by the Special Court Established under sub-section (1) of Section 3 of Special Courts Act, 2009; NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Special Courts Act, 2009, the State Government do hereby declare that the said offence be dealt with under the provision of Special Courts Act, 2009.
By the order of the Governor of Bihar
sd/-Illegible
Principal Secretary to Government.
26 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012गृह (कारा) विभाग ——— अधिसूचना 23 फरवरी 2012 सं॰ कारा/नि0को0 (क)-84/10/784—श्री देवेन्द्र प्रसाद, अधीक्षक, मंडल कारा, आरा को दिनांक 17/18 सितम्बर 2010 को जिला प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी के दौरान कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी, अनधिकृत रूप से तत्समय मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, उक्त छापेमारी से संबंधित विशेष शाखा की सूचना पर कारा निरीक्षणालय के स्पष्टीकरणों में उसे भ्रामक करार दिये जाने, जिला पदाधिकारी द्वारा एतद् विषय पर स्पष्टीकरण पूछे जाने पर उसका उत्तर नहीं देकर derogatory एवं अपमानजनक भाषा में पत्राचार करने तथा प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आरा के साथ अमर्यादित भाषा में पत्राचार करने आदि के आरोप में कारा निरीक्षणालय की अधिसूचना संख्या 5805, दिनांक 29 दिसम्बर 2010 द्वारा निलम्बित करते हुए उनका मुख्यालय कारा निरीक्षणालय, बिहार निर्धारित किया गया। श्री प्रसाद से प्राप्त निलम्बन मुक्ति हेतु आवेदन पत्र पर सम्यक् विचारोपरान्त उन्हें निलम्बन से मुक्त किया जाता है।
2. श्री प्रसाद के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही चलती रहेगी एवं श्री प्रसाद विभागीय कार्यवाही में सहयोग करते रहेगें।
3. श्री प्रसाद के निलम्बनावधि के संबंध में विभागीय कार्यवाही के संचालनोपरान्त, प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में अन्तिम निस्तार के समय अलग से निर्णय लिया जायेगा।
4. श्री प्रसाद के पदस्थापन के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा। 5. यह आदेश तत्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0)-अस्पष्ट, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
——— पथ निर्माण विभाग ——— अधिसूचनाएं 10 जनवरी 2012 सं0 निग/सारा-1 (पथ)-15/2010-488 (एस)—श्री आलोक कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, शेरघाटी को पथ प्रमंडल, जमुई के पदस्थापन काल के दौरान विभिन्न योजनाओं के पुनरीक्षित प्राक्कलन को विलंब से भेजने, स्वीकृति के उपरांत अतिशय विलंब से एकरारनामा करने, संवेदक द्वारा समर्पित विपत्र का भुगतान लंबित रखने इत्यादि जैसी बरती गयी अनियमितताओं के लिए अधि0सं0 3716 (एस) दिनांक 15.03.10 द्वारा निलंबित किया गया तथा संकल्प ज्ञापांक-4818 (एस), दिनांक 01.04.10 द्वारा 6 आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोप संख्या-1 एवं 5 को अंशतः प्रमाणित तथा आरोप संख्या-4 को प्रमाणित होने का मंतव्य दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक-2723 (एस), दिनांक 07.03.11 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए उपर्युक्त प्रमाणित पाये गये आरोपों के संबंध में श्री कुमार से द्वितीय कारण-पृच्छा की गयी। 3. श्री कुमार के पत्रांक-02 अनु0, दिनांक 21 मार्च 2011 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा में प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में सारतः निम्न तथ्यों का उल्लेख किया गया :-
(क) जमुई-कौआकोल पथ के पुनरीक्षित एकरारनामा करने में विलंब से संबंधित अंशतः प्रमाणित आरोप संख्या-1 के संबंध में विभाग द्वारा दी गयी प्रशासनिक स्वीकृति से संबंधित पत्र प्राप्त नहीं होने, मासिक समीक्षात्मक बैठक में जानकारी प्राप्त होने पर सहायक अभियंता को तुलनात्मक विवरणी एवं पूरक परिमाण विपत्र तैयार करने का निदेश दिये जाने, स्मारोपरांत सहायक अभियंता से प्राप्त होने पर अनुमोदन हेतु अधीक्षण अभियंता को भेजे जाने तथा संवेदक द्वारा स्मारोपरांत एकरारनामा नहीं किये जाने का उल्लेख किया गया।
(ख) आरोप संख्या-4 में श्रवण-चकाई पथ के पुनरीक्षित एकरारनामा में विलंब से संबंधित आरोप अंश के संबंध में प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति उनके पदभार ग्रहण के पूर्ण होने, पूर्ववर्ती पदाधिकारी द्वारा कार्य संलेख हस्तांतरित नहीं करने तथा सहायक अभियंता द्वारा इसकी जानकारी नहीं देने के कारण विलंब से जानकारी होने, निदेश देने के बावजूद सहायक अभियंता द्वारा तुलनात्मक विवरणी एवं परिमाण विपत्र तैयार नहीं करने तथा संवेदक के विपत्र का भुगतान लंबित रहने से संबंािधत आरोप अंश के संबंध में अद्यतन संपादित कार्य का भुगतान संवेदक द्वारा लिये जाने के परिपेक्ष्य में उनके संदर्भ में प्रासंगिक नहीं होने का उल्लेख किया गया।27 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 (ग) आंशिक रूप से प्रमाणित आरोप संख्या-5 का आरोप अंश जो खरगौर-अमरथ-सिवसोना मंझवे पथ के एकरारनामा में विलंब से संबंधित है के संबंध में भी प्राक्कलन की प्रशासनिक स्वीकृति उनके पदभार ग्रहण के पूर्व होने, पूर्ववर्ती पदाधिकारी द्वारा कार्य संलेख हस्तांतरित नहीं करने तथा सहायक अभियंता द्वारा इसकी जानकारी नहीं देने के कारण विलंब से जानकारी होने, निदेश देने के बावजूद सहायक अभियंता द्वारा तुलनात्मक विवरणी एवं परिमाण विपत्र तैयार नहीं करने का उल्लेख किया गया। 4. श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि उनके द्वारा दिनांक 22.05.2009 को प्रभार ग्रहण किया गया था तथा जमुई-कौआकोल पथ के पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति दिनांक 03.08.2009 को विभाग द्वारा दिये जाने के बावजूद जाँच की तिथि दिनांक 19.02.2010 तक पूरक पुनरीक्षित एकरारनामा नहीं कराया गया श्रवण-चकाई पथ के पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति का एकरारनामा अतिशय विलंब के साथ दिनांक-02.02.2010 को किया गया । इसके अतिरिक्त खरगोर-अमरथ पथ के पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति 26.03.2008 को दिये जाने के बावजूद श्री कुमार द्वारा निलंबन की तिथि 15.03.10 के पूर्व तक एकरारनामा नहीं किया गया। स्पष्ट है कि श्री कुमार द्वारा अपने कार्य काल में सरकारी कार्य के प्रति उदासीनता बरती गयी एवं सड़क निर्माण के तरफ तत्परता नहीं दिखलाई गई। इस प्रकार श्री कुमार के द्वितीय कारण पृच्छा को असंतोषजनक पाते हुए प्रमाणित आरोपों के लिए इनकी 3 (तीन) वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक की शास्ति, इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त करने एवं निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 11 के तहत् कारण-पृच्छा करने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया। तद्आलोक में श्री आलोक कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति निलंबित को अधिसूचना संख्या-8646 (एस), दिनांक 01.08.11 द्वारा निलंबन से मुक्त किया गया तथा इनकी तीन वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोक की शास्ति पर विभागीय पत्रांक-8816 (एस) दिनांक-04.08.2011 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गई।
5. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2210, दिनांक 02.12.2011 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णित दंड पर आयोग द्वारा सहमति व्यक्त की गई। तद्नुसार श्री आलोक कुमार, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, जमुई सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, शेरघाटी को प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(1) इनकी तीन वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 27 मार्च 2012 सं0 निग/सारा-9-27/2001-3498 (एस)—स्व0 विजय कुमार मिश्र, भूतपूर्व कार्यपालक अभियंता को राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय के पदस्थापन काल के दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-80 के पथ की स्थिति खराब पाये जाने, निरीक्षण की तिथि 12.07.2000 को मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, पथ के रख-रखाव में लापरवाही आदि आरोपों के लिए निलंबित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी, जिसमें अधिसूचना संख्या-7054 (एस), दिनांक 16.09.2002 द्वारा निम्न सजा संसूचित किया गया था :-
(i) दिनांक 12.07.2000 को मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के लिए इनकी एक दिन की वेतन की कटौती की जाती है, लेकिन इसे सेवा में टूट नहीं मानी जायेगी।
(ii) इनहें चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में वे लिखित एवं मौखिक सम्प्रेषण में विनम्र एवं संयत भाषा का प्रयोग करें।
(iii) निलंबन की अवधि दिनांक 29.07.2000 से 05.06.2001 तक में देय निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
2. स्व0 मिश्र द्वारा उक्त संसूचित दंड के विरूद्ध अपील अभ्यावेदन दायर किया गया था, जिसे समीक्षोपरांत आदेश ज्ञापांक-8983 (एस), दिनांक 06.12.05 द्वारा अस्वीकृत किया गया। स्व0 मिश्र की पत्नी श्रीमती आशाा मिश्रा द्वारा उक्त के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0सं0-6542/2010 दायर किया गया जिसमें दिनांक 15.09.2011 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अधिसूचना संख्या-7054 (एस), दिनांक 16.09.2002 को निरस्त करते हुए आवेदिका को एक दिन का वेतन तथा निलंबन अवधि का पूर्ण वेतन भुगतान करने का आदश्ेा दिया गया है।
3. माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में अधिसूचना संख्या-7054 (एस), दिनांक 16.09.2002 को निरस्त करते हुए स्व0 विजय कुमार मिश्र की पत्नी श्रीमती आशा मिश्रा को स्व0 मिश्र के एक दिन का वेतन एवं उनके निलंबन अवधि दिनांक 29.07.2000 से 05.06.2001 तक का पूर्ण वेतन भुगतान करने का सरकार द्वारा निर्णय लिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।28 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
27 मार्च 2012
सं0 निग/सारा-1 (ग्रा0)-67/2002-3501 (एस)—श्री अरूण कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, मधेपुरा द्वारा भवन अवर प्रमंडल, खगड़िया के पदस्थापन काल में कैंसर रोग से ग्रसित अपनी पत्नी श्रीमती चन्द्रकांता सिन्हा एवं दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर रेणु कुमारी नामक नबालिग लड़की से बड़ी पटनदेवी मंदिर (पटना सिटी) में अपना नाम बदलकर दूसरी शादी करने एवं शादी के पश्चात भी अपनी प्रथम पत्नी श्रीमती चन्द्रकान्ता सिन्हा से दहेज की मांग एवं प्रताड़ित करने के आरोप के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-1139 (एस), दिनांक 25.03.92 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प संख्या-2007 (एस) अनु0, दिनांक 12.05.92 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-13 अनु0, दिनांक 06.01.93 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन तथा गृह विशेष विभाग द्वारा दिये गये प्रतिवेदन के आलोक में इनके विरुद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित पाये जाने के आधार पर विभागीय पत्रांक-873 (एस), दिनांक 05.02.94 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 3. द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित करने हेतु निर्धारित अवधि में श्री सिन्हा, सहायक अभियंता से उत्तर प्राप्त नहीं होने पर इनके विरुद्ध सेवा से बर्खास्त करने के लिये गये निर्णय पर विभागीय पत्रांक-3772 (एस) अनु0 दिनांक 13.06.1994 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई। तदआलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-598 दिनांक 01.08.1994 द्वारा दी गई सहमति के उपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या-5872 (एस), दिनांक 18.08.94 द्वारा इन्हें सेवा से बर्खास्त करने एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होने का दंडादेश निर्गत किया गया। 4. श्री सिन्हा, सहायक अभियंता को संसूचित दंड के विरुद्ध इनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0सं0-555/1995 में दिनांक 26.06.1998 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना संख्या-4639 (एस) दिनांक 19.06.99 द्वारा अधिसूचना संख्या-5872 (एस) दिनांक 18.08.94 को रद्द करते हुए इन्हें सरकारी सेवा में पुनर्नियुक्त करने तथा बर्खास्तगी अवधि के वेतन भुगतान के संबंध में विभागीय कार्यवाही के पश्चात प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के फलाफल के आधार पर निर्णय लिये जाने का आदेश निर्गत किया गया। तद्आलोक में ही, विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6389 (एस) दिनांक 27.07.99 द्वारा इनके विरुद्ध उक्त आरोपों के लिए पुनः विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गई। 5. इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-111/सी अनु0, दिनांक 10.04.2000 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत श्री सिन्हा, सहायक अभियंता के विरुद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित पाये जाने, महिला कोषांग के आरक्षी अधीक्षक एवं द्वितीय पत्नी के पिता श्री कमला प्रसाद द्वारा द्वितीय शादी की पुष्टि किये जाने (रंगीन फोटो सहित) के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-466 (एस) अनु0 दिनांक 20.01.2001 द्वारा श्री सिन्हा से द्वितीय कारण पृच्छा की गई तथा विभागीय पत्रांक-3443 (एस) अनु0 दिनांक 30.05.2001 सहित अनेक स्मारों के दौरान विभिन्न आवेदनों द्वारा मनचाही कागजातों की मांग की जाती रही जबकि इन्हें वांछित कागजात उपलब्ध कराया जा चुका था। अन्ततः दिनांक 10.03.2011 की तिथि में संबंधित कार्यपालक अभियंता के माध्यम से श्री सिन्हा द्वारा समर्पित अंतरिम जवाब के समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सिन्हा के विरुद्ध दो बार विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। प्रथम विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी का स्पष्ट मंतव्य है कि इन्होंने विभागीय कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया जबकि दूसरे संचालन पदाधिकारी ने यह प्रतिवेदित किया कि दूसरी शादी संदेहास्पद है परन्तु आरक्षी उप महानिरीक्षक, हरिजन आदिवासी के प्रतिवेदन तथा आरक्षी अधीक्षक महिला अपराध कोषांग के प्रतिवेदन के आधार पर श्री सिन्हा के द्वारा दूसरी शादी करने का आरोप प्रमाणित होता है। इस क्रम में जिस नथूनी पाठक का इन्होंने उल्लेख किया है, इसका प्रसंग अभिलेख में नहीं मिलता है। संचालन पदाधिकारी ने सभी आवश्यक गवाहियाँ ली हैं। जहाँ तक श्री सिन्हा को साक्ष्य या कागजात उपलब्ध कराने का प्रश्न है, श्री सिन्हा ने इसका हवाला देते हुए इस मामले को वर्ष 1988 से 2011 तक चतुराई से लम्बा खींच दिया। इस दौरान इनके द्वारा वांछित कागजात तथा विभाग के द्वारा बरती जा रही पारदर्शिता तथा उन्हें विभिन्न तिथियों को दिये गये विभिन्न अवसर का तथ्य दृष्टिगोचर होता है। अनेकों पत्राचार एवं इन्हें किये गये भरपूर अवसर इस बात को दर्शाता है कि श्री सिन्हा कुत्सित मानसिकता के पदाधिकारी हैं। इन्हें 23 वर्षों में अनेक बार अन्तिम अवसर दिया गया है परन्तु अब तक वे अपनी मनचाही कागजात प्राप्त नहीं कर सके हैंं। श्रीमती चन्द्रकान्ता सिन्हा (प्रथम पत्नी) से न्यायिक प्रक्रिया द्वारा सम्बन्ध बिच्छेदन सम्बन्धी इनके कथन को यदि सही मान भी लिया जाय तो भी यह आरोप को क्षान्त नहीं करता है। इस आधार पर सरकार के निर्णयानुसार इन्हें सेवा से बर्खास्त करने के अनुमोदित दंड पर विभागीय पत्रांक-7542 (एस) अनु0, दिनांक 01.07.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1791 दिनांक 12.10.11 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई । 6. तदोपरांत श्री सिन्हा, सहायक अभियंता को सेवा से बर्खास्त करने तथा इनके पूर्व बर्खास्तगी की अवधि के वेतन के संबंध में इनसे अलग से कारण पृच्छा पूछकर निर्णय लेने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त की गई। अतएव श्री अरूण कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता को विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) तत्कालिक प्रभाव से सेवा से बर्खास्त। (ii) पूर्व बर्खास्तगी की अवधि के वेतन के संबंध में इनसे अलग से कारण पृच्छा पूछकर निर्णय लिया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।29 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
5 मार्च 2012
सं0-निग/सारा-5 (ग्रा0)-1005/01-2509 (एस)श्री ब्रह्मानन्द राय, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल, बेतिया सम्प्रति सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता द्वारा कार्य प्रमंडल, बेतिया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए इनके विरुद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3374 (एस) अनु0, दिनांक 09.03.10 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थी।
2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-5387/10 ब्रह्मानन्द राय बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 08.09.11 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3374 (एस) अनु0, दिनांक 09.03.10 को निरस्त किया जाता है तथा इनके सेवानिवृति लाभ के भुगतान का आदेश दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 7 मार्च 2012 सं॰ निग/सारा-2 (परिवाद)-4/2012-2637 (एस)—श्री बीरेन्द्र कुमार, अधीक्षण अभियंता के तकनीकी सलाहकार, रूपांकण-सह-यांत्रिक अंचल, गंगा पुल परियोजना, पटना को सरकारी कार्य में लापरवाही एवं विभाग द्वारा निर्गत अनुदेशों की अवहेलना करने जैसी बरती गयी अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है। 4. इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
———
27 दिसम्बर 2011
सं0-निग/सारा-उ0वि0 (ग्रा0)-18/06-14233 (एस)—श्री बनारस प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य अवर प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सहायक अभियंता, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा कार्य अवर प्रमंडल, छपरा (कार्य प्रमंडल, छपरा) के पदस्थापन काल में छपरा समाहरणालय प्रांगण के सौंदर्यीकरण कार्य में कनीय अभियंता श्री राजबली सिंह के पूर्व के अग्रिम राशि के समायोजन के बिना पुनः अग्रिम देने, अग्रिम का समायोजन कर लेखा समर्पित नहीं करने, विषयान्तर्गत कार्य से संबंधित सीमेंट क्रय करने संबंधी फर्जी अभिश्रव प्रस्तुत करने, मास्टर रॉल को नियमानुसार संधारित नहीं करने तथा सामग्रियों के क्रय में बिना निविदा/कोटेशन के आपूर्ति लेने जैसी बरती गयी अनियमिता के लिए इनके विरुद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8472 (एस) अनु0, दिनांक 17.07.07 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 2. विभागाीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-12 अनु0 दिनांक-12.02.08 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया तथापि विभागीय समीक्षोपरांत पाया गया कि अधीक्षण अभियंता, कार्य अंचल, छपरा के पत्रांक-64 (अनु0), दिनांक 21.01.95 एवं कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल, छपरा के पत्रांक-2271 दिनांक 06.11.93, जो आरोप पत्र के साथ साक्ष्य के रूप में संदर्भित था, की विवेचना जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा नहीं की गई है और न ही इस संबंध में विभागीय कार्यवाही के संचालन के समय इनसे पूछा ही गया है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन पत्रांक-64 (अनु0), दिनांक 21.01.95 में स्पष्ट अंकित है कि दोनों ही आरोपितों (श्री राजबली सिंह, कनीय अभियंता सहित) के विरुद्ध पहले से ही बहुत बड़ी राशि अग्रिम के रूप में लंबित थी और इसका सत्यापन सहायक अभियंता के रोकड़ बही से स्पष्ट है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन में यह भी उल्ल्ेख किया गया है कि सीमेंट खरीद के एक वर्ष बाद बालू की आपूर्ति की गई है जबकि यह सामान्य बात है कि बिना सीमेंट बालू को एक साथ किए किसी भी निर्माण कार्य को सम्पन्न नहीं कराया जा सकता है। इस प्रकार बालू आपूर्ति के मद में व्यय की गई राशि ` 2,297.92 की वसूली इन दोनों ही से वसूलनीय है। इसी प्रकार इस योजना से संबंधित मास्टर रौल की छाया प्रति से स्पष्ट है कि इसमें सम्मिलित मजदूरों का सही-सही अता-पता नहीं दिया गया है जबकि मास्टर रौल के पृ0-5 (उसके शीर्ष पर श्री लक्ष्मण राय का नाम है) पर "नॉट अटेस्टेड बाई मी" अंकित है। 3. उपर्युक्त पृष्ठभूमि में संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन मान्य नहीं होने तथा इनके विरुद्ध गठित आरोप को प्रमाणित पाए जाने के आधार पर संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5347 (एस) अनु0 दिनांक-26.05.09 द्वारा इनसे प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा की गई। श्री प्रसाद से प्राप्त उत्तर दिनांक 01.03.11 के समीक्षोपरांत पाया गया कि अधीक्षण अभियंता, कार्य अंचल, छपरा के पत्रांक-64 (अनु0) दिनांक 21.01.95 के आलोक में बालू आपूर्ति के मद में व्यय की गई राशि ` 2,297.92 की वसूली सहायक अभियंता तथा कनीय अभियंता से करने का उल्लेख किया गया परन्तु श्री प्रसाद ने इस संबंध में कुछ भी अंकित नहीं किया है। सीमेंट क्रय के एक वर्ष बाद बालू का क्रय करना श्री प्रसाद के भ्रष्ट कृत्य का द्योतक है। अधीक्षण अभियंता के प्रतिवेदन से स्पष्ट है कि श्री प्रसाद द्वारा सीमेंट क्रय30 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 के समय वित्तीय नियम की अनदेखी करते हुए बिना निविदा/कोटेशन प्राप्त किये सीमेंट का क्रय छपरा से हटकर ताजपुर से किया गया, जो कि अपने आप में श्री प्रसाद की गलत मंशा को दर्शाता है। 4. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री बनारस प्रसाद, सहायक अभियंता को विभागीय कार्यवाही के उपरांत प्रमाणित पाए गए आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-11727 (एस) दिनांक-21.10.11 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-
(i) बालू की आपूर्ति मद में व्यय की गई राशि ` 2,297.92 का 50 प्रतिशत अर्थात ` 1149 (एक हजार एक सौ उन्चास रूपए) मात्र की वसूली इनके वेतन से एक मुश्त की जाए।
(ii) निन्दन। (iii) असंचयात्मक प्रभाव से तीन वेतन वृद्धि पर रोक।
5. उक्त दंडादेश के विरुद्ध श्री बनारस प्रसाद, सहायक अभियंता द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 14.11.11 के आलोक में इनकी व्यक्तिगत सुनवई दिनांक 14.12.11 को सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा की गयी। श्री प्रसाद की व्यक्तिगत सुनवाई में पाया गया कि इनकी सेवा निवृति की तिथि 31.01.2014 के अनुसार इन्हें दी गयी शास्ति तीन वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक प्रथमतः पूर्ण रूपेण प्रभावी नहीं हो सकेगी, द्वितीयतः दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक भी effect में संचयात्मक प्रभाव से रोक में स्वतः परिणत हो जायेगी जो वृहद दंड की श्रेणी में आता है। 6. अतएव सुनवाई में श्री प्रसाद द्वारा कहे गये तथ्यों के आलोक में समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या-11727 (एस), दिनांक 21.10.11 को संशोधित करते हुए श्री बनारस प्रसाद, सहायक अभियंता को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-
(i) बालू की आपूर्ति मद में व्यय की गई राशि ` 2,297.92 का 50 प्रतिशत अर्थात ` 1149 (एक हजार एक सौ उन्चास रूपए) मात्र की वसूली इनके वेतन से एक मुश्त की जाए।
(ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 8 फरवरी 2012 सं0 निग/सारा-5 (ग्रा0)-2004/2002-1527 (एस)—श्री अवधेश उपाध्याय, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, जहानाबाद सम्प्रति प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, अररिया के द्वारा ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, जहानाबाद के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या-3236 (एस), दिनांक 25 मार्च 2006 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-
(i) सहायक अभियंता के वेतनमान में वेतन न्यूनतम प्रक्रम पर रखा जाय। (ii) अगले 5 वर्षों तक प्रोन्नति रोकी जाती है। (iii) निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि पेंशन प्रयोजनार्थ परिगणित होगा।
2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-7308/2006 में दिनांक 21 अक्तूबर 2011 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में अधिसूचना संख्या-3236 (एस) दिनांक 25 मार्च 2006 को निरस्त किया जाता है। उक्त न्यायादेश के आलोक में ही पुनः विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु अलग से कार्रवाई की जा रही है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 20 दिसम्बर 2011 सं॰ 1/पे0-07/2007-13969 (एस)—श्री केदार पासवान, तत्कालीन निदेशक, क्रय एवं परिवहन, पथ निर्माण विभाग सम्प्रति सेवा-निवृत्त अधीक्षण अभिंयता के विरुद्ध निदेशक, क्रय एवं परिवहन, पथ निर्माण विभाग के पदस्थापनकाल में बरती गयी अनियमितता के लिए संकल्प ज्ञापांक 12741, दिनांक 30.09.2008 द्वारा बिहार पेशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. श्री पासवास द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका सी0डब्लू0जे0सी संख्या-17299/2008 दायर किया गया जिसमें दिनांक 23.07.2010 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेश में विभागीय कार्यवाही एवं आरोप पत्र को निरस्त कर दिया गया। माननीय उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के विरूद्ध एल0पी0ए0 संख्या-314/2011 दायर किया गया जिसे माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-08.07.2011 को खारिज कर दिये जाने के पश्चात् माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एस0एल0पी0 दायर किया गया, जिसमें न्याय निर्णय प्रतीक्ष्य है। 3. श्री पासवास द्वारा सी0डब्लू0जे0सी संख्या-17299/2008 में दिनांक 23.07.2010 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने के आलोक में अवमाननावाद संख्या-1380/2011 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 23.11.2011 को पारित आदेश में माननीय न्यायालय द्वारा कहा गया है कि विभाग द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एस0एल0पी0 दायर किये जाने के बावजूद माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का अनुपालन किया जाना आवश्यक है। माननीय न्यायालय के उक्त आदेश के आलोक में श्री केदार पासवान के विरुद्ध निर्गत संकल्प ज्ञापांक 12471 (एस)31 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 दिनांक 30.09.2008 द्वारा निर्गत विभागीय कार्यवाही को इस शर्त के साथ वापस किया जाता है कि यह आदेश इस मामले में माननीय सर्वोच्चय न्यायालय में दायर एस0एल0पी0 में पारित किये जाने वाले आदेश से प्रभावित होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 12 दिसम्बर 2011 सं0 निग/सारा-आरोप-N.H -70/09-13530 (एस)—श्री ओम प्रकाश गुप्ता, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गोपालगंज सम्प्रति तकनीकी सलाहकार अधीक्षण अभियंता का कार्यालय, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी-ऑन-सोन से राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल , गोपालगंज के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-85 के कि0मी0 66 से 92 तक की खराब स्थिति के संबंध में अधीक्षण अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, मुजफ्फरपुर द्वारा स्थल निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी देने, दिनांक 18.08.2009 को आयोजित विभागीय मासिक समीक्षात्मक बैठक में उनके द्वारा सड़क की खराब स्थिति की स्वीकारोक्ति किये जाने एवं इस बैठक में पथ के सुधार के सख्त निर्देश दिये जाने के बावजूद उनके अवकाश पर चले जाने तथा प्रमंडल अंतर्गत सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंताओं पर नियंत्रण नहीं होने और कार्य का पर्यवेक्षण नहीं करने जैसे आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक-3456 (एस) अनु0, दिनांक 28.08.09 एवं पत्रांक-1183 (एस) दिनांक 23.10.09 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गई। 2. श्री गुप्ता, कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पत्रांक-शून्य, दिनांक 23.12.10 के समीक्षोपरांत पाया गया कि अपने अधीनस्थ पदाधिकारी/कर्मचारी पर न तो इनका नियंत्रण था और न ही इनके द्वारा कार्यों का समुचित पर्यवेक्षण ही किया गया। इस प्रकार श्री गुप्ता अपने दायित्वों के निर्वहन में असफल रहे। अपने अनाधिकृत अनुपस्थिति को इन्होंने स्वास्थ के खराब होने का कारण बताया। 3. अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री गुप्ता को विभागीय अधिसूचना संख्या-709 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-710 (एस), दिनांक 18.01.11 द्वारा निम्न शास्ति प्रदान की गई :- (i) दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 4. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री ओम प्रकाश गुप्ता, कार्यपालक अभियंता के पत्रांक-शून्य, दिनांक 06.04.2011 द्वारा पुनर्विचार आवेदन समर्पित किया गया। श्री गुप्ता द्वारा समर्पित पुनर्विचार आवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि अपने उक्त आवेदन में श्री गुप्ता ने ऐसे तथ्यों का उल्लेख किया है जो इन पर लगाये गये आरोप से सर्वथा भिन्न तो है ही, बल्कि प्रकारान्तर से आरोपों की स्वीकारोक्ति भी है। इन्होंने ऐसा कोई तथ्य नहीं दिया है जो इन्हें सुविचारित दी गयी शास्ति को क्षांत करने के योग्य हो। 5. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री ओम प्रकाश गुप्ता, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति तकनीकी सलाहकार के पुनर्विचार आवेदन पत्रांक-शून्य, दिनांक 06.04.2011 को अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 7 फरवरी 2012 सं0 उ0प्र0-53/2010-1444 (एस)—श्री लक्ष्मीकांत पटेल, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना सम्प्रति अधीक्षण अभियंता के तकनीकी सलाहकार, अग्रिम योजना अंचल, पटना द्वारा नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना के पदस्थापन काल के दौरान डाकबंगला से पटना हाईकोर्ट होते हुए बोरिंग रोड चौराहा तक पथांश में कराये गये कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-1 द्वारा किया गया तथा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में पथ के कि0मी0 2 रे में कराये गये DBM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा प्रावधानित न्यूनतम 4 प्रतिशत के स्थान पर 3.43 प्रतिशत पाये जाने तथा BC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा प्रावधानित न्यूनतम 5.4 प्रतिशत के स्थान पर 4.15 प्रतिशत पाये जाने जैसी अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक-13166 (एस), दिनांक 03.09.10 द्वारा श्री पटेल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री पटेल, कार्यपालक अभियंता के पत्रांक-4265, दिनांक 19.10.2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में उनके द्वारा DBM एवं BC कार्य में अलकतरा की मात्रा में पायी गयी कमी के संबंध में मुख्य रूप से कार्य संपादित होने के लगभग दो सप्ताह बाद नमूना एकत्रित किये जाने, दो सप्ताह तक लगातार भारी वाहनों का आवागमन होते रहने, छेनी-हथौड़ी द्वारा नमूनों का संग्रह किये जाने, Hot mix plant से मिक्स गिरने के तुरंत बाद जाँच पदाधिकारी द्वारा जाँच नहीं किये जाने एवं बाद में कराये गये जाँच के आधार पर किसी ठोस नतीजे पर पहुँचना उचित प्रतीत नहीं होने एवं गुण नियंत्रण द्वारा DBM एवं BC कार्य में अलकतरा की मात्रा को संतोषप्रद माने जाने का उल्लेख किया गया। श्री पटेल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि कार्यालय आदेश संख्या 349, दिनांक 02.12.2010 में स्पष्ट है कि "बिटुमेन मिक्स से संबंधित कार्य संपादित होने एवं ऐसे बिटुमेन सतह पर यातायात चालू हो जाने के पश्चात DBM कार्य में अलकतरा का औसत मात्रा 4.25 प्रतिशत की जगह 3.79 प्रतिशत पाये जाने पर इसे wear and tear के कारण स्वाभाविक कमी माना जाएगा"। अर्थात 10.82 प्रतिशत tolerance के रूप में मानने का प्रावधान है। आलोच्य पथ में कराये गये DBM कार्य में अलकतरा की औसत मात्रा 3.43 प्रतिशत पाया गया जबकि एकरारनामा के अनुसार प्रावधान32 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 4 प्रतिशत था। अर्थात अलकतरा की मात्रा में 14.25 प्रतिशत कमी पायी गयी थी। इस प्रकार श्री पटेल कार्यपालक अभियंता के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए सरकार के निर्णयानुसार निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (1) इनकी दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
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16 फरवरी 2012
सं0 उ0प्र0-53/2010-1855 (एस)—श्री सत्येन्द्र प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता, नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, दरभंगा द्वारा नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना के पदस्थापन काल के दौरान डाकबंगला से पटना हाईकोर्ट होते हुए बोरिंग रोड चौराहा तक पथांश में कराये गये कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-1 द्वारा किया गया तथा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में पथ के कि0मी0 2 रें में कराये गये DBM कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा प्रावधानित न्यूनतम 4 प्रतिशत के स्थान पर 3.43 प्रतिशत पाये जाने तथा BC कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा प्रावधानित न्यूनतम 5.4 प्रतिशत के स्थान पर 4.15 प्रतिशत पाये जाने जैसी अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक-13172 (एस), दिनांक 03.09.10 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रसाद, सहायक अभियंता के पत्रांक-शून्य, दिनांक 12.10.2010 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में उनके द्वारा DBM एवं BC कार्य में अलकतरा की मात्रा में पायी गयी कमी के संबंध में मुख्य रूप से कार्य संपादित होने के लगभग दो सप्ताह बाद नमूना एकत्रित किये जाने, दो सप्ताह तक लगातार भारी वाहनों का आवागमन होते रहने, छेनी-हथौड़ी द्वारा नमूनों का संग्रह किये जाने, Hot mix plant से मिक्स गिरने के तुरंत बाद जाँच करने का प्रावधान होने एवं गुण नियंत्रण द्वारा DBM एवं BC कार्य में अलकतरा की मात्रा को संतोषप्रद माने जाने का उल्लेख किया गया। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत पाया गया कि कार्यालय आदेश संख्या 349, दिनांक 02.12.2010 में स्पष्ट है कि "बिटुमेन मिक्स से संबंधित कार्य संपादित होने एवं ऐसे बिटुमेन सतह पर यातायात चालू हो जाने के पश्चात DBM कार्य में अलकतरा का औसत मात्रा 4.25 प्रतिशत की जगह 3.79 प्रतिशत पाये जाने पर इसे wear and tear के कारण स्वाभाविक कमी माना जाएगा"। अर्थात 10.82 प्रतिशत tolerance के रूप में मानने का प्रावधान है। आलोच्य पथ में कराये गये DBM कार्य में अलकतरा की औसत मात्रा 3.43 प्रतिशत पाया गया जबकि एकरारनामा के अनुसार प्रावधान 4 प्रतिशत था। अर्थात अलकतरा की मात्रा में 14.25 प्रतिशत कमी पायी गयी थी। इस प्रकार श्री प्रसाद सहायक अभियंता के स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए सरकार के निर्णयानुसार निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) इनकी दो वेतन वृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है। (ii) निन्दन आरोप वर्ष 2010-11 ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 13 जनवरी 2012 सं0 निग/सारा-उ0वि0 (ग्रा0)-18/06-643(एस)—श्री शंभू नाथ गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, कटिहार सम्प्रति सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, छपरा द्वारा एन0आर0ई0पी0, कटिहार के पदस्थापन काल में जवाहर रोजगार योजना अंतर्गत आर0सी0सी0 कल्भर्ट निर्माण कार्य में ईंट, सीमेंट , बालू एवं मिट्टी संबंधी कार्य में बरती गई अनियमितता के लिए माननीय लोकायुक्त से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या 5226 (एस), दिनांक 29.07.04 द्वारा उक्त अनियमित कार्य की आकलित राशि ` 11,650 (ग्यारह हजार छः सौ पच्चास) की वसूली सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता से 1ः3 के अनुपात में करने संबंधी सरकार के द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में श्री गुप्ता, सहायक अभियंता से कुल ` 2,913 (दो हजार नौ सौ तेरह) की वसूली किये जाने का आदेश संसूचित किया गया एवं विभागीय पत्रांक-5521 (एस), दिनांक 12.08.04 द्वारा श्री गुप्ता को 5 साल तक अकार्य में पदस्थापित करने का निदेश ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना एवं ग्रामीण अभियंत्रण संगठन, बिहार, पटना को दिया गया। साथ ही, विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4278 (एस), दिनांक 17.06.04 द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 2. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-98 अनु0, दिनांक 24.02.10 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि श्री गुप्ता, सहायक अभियंता के विरूद्ध गठित आरोपों को अप्रमाणित पाया गया तथापि विभागीय समीक्षा में यह पाया गया कि आरोप संख्या-1 के संदर्भ में तकनीकी परीक्षक कोषांग द्वारा जाँचफल के क्रम में प्लास्टर में 1ः6 के जगह 1ः8 प्रयोगशाला जाँचफल प्राप्त हुआ है। यदि इसी को आधार माना जाता है तो सीमेंट में 1/7-1/9=2/63 अर्थात 3 प्रतिशत अर्थात सीमेंट कंटेन्ट में 3 प्रतिशत की कमी हुई है जो कैल्सियम कंटेन्ट में भिन्नता के कारण हो सकता है। प्लास्टर में यदि 1ः6 के जगह 1ः8 प्लास्टर वक्र्स पाया गया है तो ईंट जोड़ाई में 1ः4 के जगह 1ः47 होना चाहिए था जिसकी जगह 1ः10,1ः11 पाया गया है जो कतई स्वीकार योग्य नहीं है तथा इस बिन्दु पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य मान्य नहीं हैं क्योंकि तकनीकी परीक्षक कोषांग के जिस पत्रांक-1045, दिनांक 06.07.92 का प्रसंग किया गया है उसमें यह भी प्रावधान है कि कार्य कराने वाले पदाधिकारी द्वारा जिस ब्रांड का सीमेंट प्रयोग किया गया है उसे जाँच पदाधिकारी को उपलब्ध कराकर सैम्पल33 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 टेस्ट कराना चाहिए, जबकि प्रयोग किए गये सीमेंट का सैम्पल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस प्रकार आरोप संख्या-1 प्रमाणित होता है। आरोप संख्या-2 को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं मानने का आधार यह है कि भुगतान पदाधिकारी अधिक मात्रा के भुगतान के लिए दोषी हैं न कि सहायक अभियंता। विभागीय समीक्षा में पाया गया कि प्रस्तावित राशि 31000 घन फीट मिट्टी भराई के जगह पर 40044 घन फीट मिट्टी के कार्य की मापी श्री गुप्ता के द्वारा हस्ताक्षरित की गई और इस संबंध में भुगतान पदाधिकारी से अत्यधिक मात्रा की स्वीकृति प्र्राप्त नहीं थी तो इन्हें अत्यधिक मात्रा से संबंधित मापी को with held करना चाहिए था, जो श्री गुप्ता द्वारा नहीं किया गया। इस प्रकार आरोप संख्या-2 प्रमाणित होता है। 3. तद्नुसार संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा दिये गये मंतव्य पर असहमति के बिन्दुओं को चिन्हित करते हुए विभागीय पत्रांक-8938 (एस) अनु0, दिनांक 16.06.10 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री गुप्ता, सहायक अभियंता द्वारा दिनांक 23.02.11 को समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर के सम्यक् समीक्षोपरांत पाया गया कि इनके द्वारा प्रावधानित मात्रा से अधिक का विपत्र बनाया गया, जो एक गंभीर आरोप है तथा प्लास्टर में सीमेंट एवं बालू का प्रावधानित मात्रा से कम का प्रयोग हुआ है। इस आधार पर इनकी तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक के निर्णित दंड पर विभागीय पत्रांक-6382 (एस) अनु0, दिनांक 07.06.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1260, दिनांक 11.08.11 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई। अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री शंभू नाथ गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, कटिहार सम्प्रति सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, छपरा को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) तीन वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 13 जनवरी 2012 सं0 निग/सारा-8-रा0उ0प0-77/07-640 (एस)—श्री रमेश प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-106 के कि0मी0 1 से 19 तक IRQP कार्य तथा कि0मी0 20 से 35 तक चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के कार्यान्वयन में backdating कर संवेदक को अनुचित लाभ पहँचाने के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-9644 (एस), दिनांक 16.08.07 द्वारा इन्हें निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-354 (एस) अनु0, दिनांक 08.01. 08 द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 2. श्री प्रसाद, कार्यपालक अभियंता द्वारा दायर याचिका सी0 डब्लू0 जे0 सी0 सं0-580/08 में दिनांक 05.02.08 को पारित न्यायादेश के आलोक में इनके निलंबन संबंधी अधिसूचना दिनांक 16.08.07 को अधिसूचना संख्या 10287 (एस), दिनांक 04.08.08 द्वारा निरस्त किया गया। पुनः दिनांक-05.02.08 को पारित न्यायादेश में निहित निदेशों के आलोक में इनके विरूद्ध गंभीर कदाचार के लिए सम्यक् विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय कार्यवाही के निष्पक्ष एवं सफल संचालन हेतु तथा लोकहित में विभागीय अधिसूचना संख्या 10502 (एस), दिनांक 07.08.08 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। श्री प्रसाद द्वारा दायर याचिका सी0डब्लू0जे0सी0सं0-14002/08 में दिनांक 09.02.09 को पारित न्यायादेश के आलोक में अधिसूचना संख्या-11103 (एस), दिनांक 07.10.09 द्वारा इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। 3. विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-245, दिनांक 27.04.10 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में यद्यपि श्री प्रसाद, कार्यपालक अभिंयता के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया तथापि विभागीय समीक्षा में पाया गया कि कार्य की प्रगति शून्य प्रतिवेदित किये जाने के साथ-साथ कार्य आरंभ होने की सूचना इनके द्वारा बाद में दी गई तथा इनके द्वारा स्वीकार किया गया कि इन्होंने backdate में हस्ताक्षर किया था। तद्नुसार संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-9265 (एस) अनु0, दिनांक 22.06.10 द्वारा असहमति के बिन्दुओं के आलोक में इनसे द्वितीय कारण पृच्छा तथा निलंबन अवधि के विनियमन हेतु भी कारण पृच्छा की मांग की गई। 4. श्री प्रसाद, कार्यपालक अभिंयता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 14.07.10 के समीक्षोपरांत पाया गया कि कागजातों में backdating कर संवेदक को लाभ पहँचाया गया है जो एक गंभीर आरोप है। इस आधार पर प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 यथा संशोधित 2007 के नियम 14 के तहत इनकी दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होने, किंतु अन्य प्रयोजनार्थ यह अवधि कर्त्तव्य पर माने जाने के दंड पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभगाीय पत्रांक-1368 (एस) अनु0, दिनांक 04.02.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गई। 5. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1099, दिनांक 25.07.11 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की गई। अतएव श्री रमेश प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर के विरूद्ध संचालित विभगाीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-9895 (एस), दिनांक 01.09.11 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-
34 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012(i) इनकी दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकी गयी। (ii) इनकी निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं होगा, किंतु अन्य प्रयोजनार्थ यह अवधि कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जाएगी।
6. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री प्रसाद, तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 26.09.11 समर्पित किया गया, जिसमें विभागीय जाँच आयुक्त (संचालन पदाधिकारी) द्वारा आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित नहीं किये जाने को ध्यान में रखते हुए संसूचित दंड पर पुनर्विचार करते हुए दंड से मुक्त करने का अनुरोध किया गया। संचालन पदाधिकारी (विभागीय जाँच आयुक्त) के प्रतिवेदन की विभाग में गहन समीक्षा की गयी और यह पाया गया कि प्रगति शून्य प्रतिवेदत किये जाने के साथ-साथ कार्य प्रारंभ होने की सूचना इनके द्वारा बाद में दी गयी और इनके द्वारा स्वीकार किया गया है कि backdate में हस्ताक्षर किया है। श्री प्रसाद ने अपने पुनर्विचार आवेदन में एक भी ऐसा तथ्य नहीं दिया है जिसपर पुनर्विचार किया जा सके। 7. अतएव श्री रमेश प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति तकनीकी सलाहकार, भवन अंचल, भागलपुर के पुनर्विचार आवेदन दिनांक 26.09.11 को अस्वीकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 7 फरवरी 2012 सं0 उ0प्र0-188/2007-1442 (एस)—श्री रामानन्द महतो, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया सम्प्रति कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, मुजफ्फरपुर द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया के पदस्थापन काल के दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-83 के कि0मी0 107 से 125 तक में कराये गये कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-3 द्वारा किया गया तथा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में कल्भर्ट में कराये गये सीमेंट प्लास्टर के कार्य में सीमेंट एवं बालू का अनुपात प्रावधानित 1ः3 के विरूद्ध 1ः8, 1ः7.96, 1ः8.60 पाये जाने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-435 (एस), दिनांक 16.01.2009 द्वारा मांगे गये स्पष्टीकरण के आलोक में श्री महतो, कार्यपालक अभियंता के पत्रांक-03, दिनांक 20.05.2011 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में उनके द्वारा मुख्य रूप से सीमेंट का calcium content 45 प्रतिशत एवं बालू का calcium content 0 प्रतिशत मान कर TRI द्वारा अनुपात की गणना किये जाने का उल्लेख किया गया। श्री महतो द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत सीमेंट में calcium content की मात्रा 35 प्रतिशत के आधार पर TRI से गणना कराया गया जिसमें सीमेंट बालू का अनुपात क्रमशः-1ः6.01, 1ः5.98 एवं 1ः6.47 पाया गया। इस पृष्ठभूमि में उक्त कार्य में 44 प्रतिशत कम सीमेंट का प्रयोग किया गया। इस प्रकार श्री महतो, कार्यपालक अभियंता के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए उनके इस कृत्य के लिये सरकार के निर्णयानुसार निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (1) इनकी दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 1 दिसम्बर 2011 सं0 निग/सारा-06 (आरोप) द0वि0(ग्रा0)-27/07-13230 (एस)—श्री राम प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, नवादा सम्प्रति सेवा निवृत के विरूद्ध ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, नवादा के पदस्थापन काल के दौरान लखौर से रसलपुर (बिजुबिगहा) पथ के निर्माण कार्य में बरती गयी अनियमितता के संबंध में मंत्रिमंडल निगरानी विभाग के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-13180 (एस), दिनांक 16.10.08 द्वारा इनसे बचाव बयान की मांग की गई थी। 2. श्री प्रसाद के पत्रांक-553, दिनांक 30.12.08 द्वारा समर्पित बचाव बयान की समीक्षापरांत उक्त पथ कार्य में निष्फल व्यय की कुल राशि ` 4,86,880 में से ` 48,688 के लिए श्री प्रसाद को दोषी पाया गया तथा दिनांक 31.03.10 को इनकी सेवा-निवृति के परिप्रेक्ष्य में उक्त राशि की वसूली के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3921 (एस), दिनांक 01.04.11 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 3. श्री प्रसाद द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक 29.07.11 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही पर इस आधार पर आपत्ति व्यक्त किया गया कि 19 वर्ष पुराने मामले में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही कालबाधित होने के कारण संचालित नहीं किया जा सकता है। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन पर सम्यक रूप से विचारोपरांत सरकार द्वारा इनकेे विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-3921 (एस), दिनांक 01.04.11 संचालित विभागाीय कार्यवाही को बंद करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत ` 48,688 वसूली करने का निर्णय लिया जाता है। 4. बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत श्री प्रसाद से अलग से कारण-पृच्छा की जा रही है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।35 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 7 मार्च 2012 सं॰ निग/सारा-2 (परिवाद)-4/2012-2635 (एस)—श्री राजनारायण चौधरी, अधीक्षण अभियंता, रूपांकण-सह- यांत्रिक अंचल, गंगा पुल परियोजना, पटना को सरकारी कार्य में लापरवाही एवं विभाग द्वारा निर्गत अनुदेशों की अवहेलना करने जैसी बरती गयी अनियमितता के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है। 4. इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 5 दिसम्बर 2011 सं॰ निग/सारा-4 (पथ)-लोका-08/07-13317 (एस)—श्री राजेश कुमार गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, रामनगर सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, किशनगंज को पथ प्रमंडल, रामनगर (बेतिया) के पदस्थापन काल में लौरिया-शिकारपुर-ठोरी पथ के 0 से 12.7 कि0मी0 में केन्द्रीय सड़क निधि के अंतर्गत मजबूतीकरण कार्य वर्ष 2001-2002 में संवेदक से मिलीभगत कर परिमाण विपत्र दर से 15 प्रतिशत अधिक दर पर कार्य करने संबंधी कागजात को बदलकर उसके स्थान पर परिमाण विपत्र दर से 0.3 प्रतिशत कम दर पर कार्य करने से संबंधित कागजात लगाने के धोखाधड़ी के आरोप के लिए अधिसूचना संख्या-1917 (एस), दिनांक 12.02.08 द्वारा निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक-3681 (एस), दिनांक 13.03.08 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। श्री गुप्ता द्वारा दायर सी0डब्लू0जे0 सी0सं0-17441/08 में माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.02.08 के आलोक में श्री गुप्ता के विरूद्ध निर्गत निलंबन आदेश को अधिसूचना संख्या-3305 (एस), दिनांक 08.04.09 द्वारा निरस्त कर दिया गया। श्री गुप्ता के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा कोई स्पष्ट मंतव्य नहीं दिया गया, परंतु, विभागीय समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दुओं को अंकित करते हुए विभागीय पत्रांक-2844 (एस) अनु0, दिनांक 30.03.09 द्वारा श्री गुप्ता से द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी। 2. श्री गुप्ता ने अपने पत्रांक-शून्य, दिनांक 02.04.09 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में निविदा प्रकरण में सहायक अभियंता/प्राक्कलक की भूमिका का उल्लेख करते हुए द्वितीय कारण-पृच्छा में अंकित असहमति के चारों बिन्दुओं पर अपने को निर्दोष बताते हुए एवं अपनी सीमित भूमिका को दर्शाते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया। श्री गुप्ता से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरांत पाया गया कि निविदा के मूल स्वरूप के पन्ने बदलने का आरोप और विभागीय कार्यवाही के साक्ष्य के रूप में चिन्हित अधीक्षण अभियंता, उत्तर बिहार अंचल, मुजफ्फरपुर के जाँच प्रतिवेदन के पत्रांक-1354, दिनांक 25.10.02 में स्पष्ट रूप में इनकी सहभागिता अंकित है। फलस्वरूप श्री गुप्ता के द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकार योग्य मानते हुए इन्हें उक्त प्रमाणित आरोप के लिए "सहायक अभिंयता के निम्नतर कालमान वेतन पर पदावनत करने" के दंड प्रस्ताव पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-4511 (एस) अनु0, दिनांक 13.04.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। 3. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1406, दिनांक 02.09.11 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णीत दंड पर आयोग द्वारा सहमति व्यक्त की गयी। तद्आलोक में पुर्नसमीक्षोपरांत श्री राजेश कुमार गुप्ता, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, रामनगर सम्प्रति सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल, किशनगंज के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता हैः- (क) इन्हें सहायक अभियंता के निम्नतर कालमान वेतन पर आदेश निर्गत की तिथि से अवनत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 5 मार्च 2012 सं0 निग/सारा-1 (पथ)-09/06-2511 (एस)—श्री प्रमोद कुमार विद्यार्थी, तत्कालीन मुख्य अभियंता (यातायात), उत्तर बिहार उपभाग सम्प्रति सेवा-निवृत के विरूद्ध तकनीकी बीड एवं वित्तीय बीड को संवेदकों को exploit करने के उद्देश्य से लंबित रखने तथा संचालन पदाधिकारी के रूप में सौंपे गए 5 विभागीय कार्यवाही को लंबित रखते हुए सेवानिवृति के पूर्व एक अभिलेख को वगैर निष्पादन वापस करने एवं अन्य 4 मामलों में अभिलेख को वापस नहीं करने जैसी बरती गयी अनियमितताओं के लिए संकल्प ज्ञापांक-2308 (एस), दिनांक 16.02.2010 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में साक्ष्य एवं अन्य पारिस्थितिक कारणों से श्री विद्यार्थी को असंदिग्ध रूप से दोषी करार दिया जाना उचित नहीं बताया गया। 2. विभागीय कार्यवाही के विरूद्ध श्री विद्यार्थी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0सं0 5296/2010 दायर किया। माननीय न्यायालय ने दिनांक 12.09.2011 को पारित अपने आदेश में आरोप-पत्र की विस्तृत समीक्षा करते हुए36 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 उल्लेख किया कि श्री विद्यार्थी के विरूद्ध आर्थिक क्षति का कोई आरोप नहीं लगाया गया है तथा आरोप को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही के योग्य करार नहीं देते हुए आरोप-पत्र एवं विभागीय कार्यवाही के आदेश को निरस्त कर दिया गया। 3. सी0डब्लू0जे0सी0सं0 5296/2010 में माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में सरकार के निर्णयानुसार श्री विद्यार्थी के विरूद्ध संकल्प ज्ञापांक-2308 (एस), दिनांक 16.02.2010 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
———
1 दिसम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-9 (आरोप)-75/2011-13213 (एस)—सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 29.11.2011 को राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-30 ए का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि फतुहाँ-दनियावाँ सेक्शन में 0 से 11 किलोमीटर में पथ की स्थिति अच्छी नहीं है, जबकि उक्त पथ Defect liability period के तहत होने तथा मुख्यालय से लगातार निदेश दिये जाने के बावजूद Defect liability period के शर्त्त का अनुपालन नहीं कराया गया । इसके अतिरिक्त किलोमीटर 13 (नबीचक) एवं किलोमीटर 14 (फरीदपुर) के पास 2.1 किलोमीटर के स्ट्रेच में पथ की स्थिति भयावह पायी गयी। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री सुनील कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ द्वारा अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन न कर घोर लापरवाही बरती गई है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 (1) (i) (ii) का स्पष्ट उल्लंधन है, जिसके लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत श्री सुनील कुमार सिन्हा, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है। 4. इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 23 दिसम्बर 2011 सं0 निग/विरा-3-भवन-02/2001-14118 (एस)—श्री श्रीनिवास चौधरी, तत्कालीन कनीय अभियंता, भवन प्रमंडल, बेतिया सम्प्रति प्राक्कलन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण कार्य अंचल, पटना द्वारा भवन प्रमंडल, बेतिया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए इनसे 4 (चार) आरोपों के लिए भवन निर्माण विभाग के पत्रांक-690 (भ) अनु0, दिनांक 13.03.92 द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया तथा इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत इनके विरूद्ध आरोप को प्रमाणित पाया गया। तद्आलोक में प्रमाणित आरोप के लिए दंड का निर्धारण करते हुए श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा मांगा गया तथा इनसे जवाब प्राप्त नहीं होने पर पूर्ण समीक्षोपरांत विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-179-सह-पठित ज्ञापांक-8368 (एस), दिनांक 18.07.06 द्वारा इनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने तथा इन्हें चेतावनी की सजा देने, जिसकी प्रविष्टि इनके चरित्र पुस्ति वर्ष 2000-2001 में किये जाने का दंड संसूचित किया गया। 2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-5236/10 श्रीनिवास चौधरी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य में दिनांक 23.11.10 को पारित न्यायादेश के आलोक में समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय कार्यालय आदेश संख्या-32-सह-पठित ज्ञापांक-1840 (एस), दिनांक 18.02.11 द्वारा कार्यालय आदेश संख्या-179-सह-पठित ज्ञापांक-8368 (एस), दिनांक 18.07.06 को निरस्त किया गया। 3. न्यायादेश दिनांक 23.11.10 में निहित निदेश के आलोक में ही विभागीय पत्रांक-2611 (एस), दिनांक 04.03.11 द्वारा श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी तथा इनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर दिनांक 02.05.11 के समीक्षोपरांत पाया गया कि कनीय अभियंता के नाते इनका दायित्व था कि मापी अंकित करने के पूर्व मापी पुस्तिका विधिवत निर्गत कराते। श्री चौधरी द्वारा इस दायित्व का निर्वहन नहीं किया गया। 4. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री श्रीनिवास चौधरी, तत्कालीन कनीय अभियंता सम्प्रति प्राक्कलन पदाधिकारी को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक, (ii) चेतावनी, जिसकी प्रविष्टि इनकी चारित्र पुस्त में वर्ष 2000-01 में की जाएगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।37 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012
1 दिसम्बर 2011
सं॰ निग/सारा-9 (आरोप)-75/2011-13211 (एस)—सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 29.11.2011 को राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ अंतर्गत राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 30 ए का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि फतुहाँ-दनियावाँ सेक्शन में 0 से 11 किलोमीटर में पथ की स्थिति अच्छी नहीं है, जबकि उक्त पथ Defect liability period के तहत होने तथा मुख्यालय से लगातार निदेश दिये जाने के बावजूद Defect liability period के शर्त्त का अनुपालन नहीं कराया गया । इसके अतिरिक्त किलोमीटर 13 (नबीचक) एवं किलोमीटर 14 (फरीदपुर) के पास 2.1 किलोमीटर के स्ट्रेच में पथ की स्थिति भयावह पायी गयी, जबकि उक्त पथ को motorable कराना कार्यपालक अभियंता की जिम्मेवारी थी। इस प्रकार स्पष्ट है कि श्री यज्ञ नारायण मिश्र, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ द्वारा अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन न कर घोर लापरवाही बरती गई है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 3 (1) (i) (ii) का स्पष्ट उल्लंधन है, जिसके लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (क) के तहत श्री यज्ञ नारायण मिश्र, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-1, बिहारशरीफ को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्तों के तहत इन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।
4. इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से आरोप पत्र निर्गत किया जा रहा है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
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7 फरवरी 2012
सं0 प्र0 10-उ0वि0 NH-12/06-1463 (एस) श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवा निवृत द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता के लिए पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या-724 (एस), दिनांक 14.01.10 द्वारा इनके पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती का दंड एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ भी देय नहीं देने का निर्णय संसूचित किया गया।
2. उक्त दंडादेश के विरुद्ध श्री सिंह, सेवा-निवृत्त कार्यपालक अभियंता से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक-19.02.10 के समीक्षोपरांत पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या-9777 (एस), दिनांक 02.07.10 द्वारा इनके पुनर्विलोकन आवेदन को अस्वीकृत किया गया।
3. सी0डब्लू0जे0सी0सं0 12378/2010 में दिनांक 02.12.11 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में अधिसूचना संख्या 724 (एस), दिनांक 14.01.10 तथा अधिसूचना संख्या 9777 (एस), दिनांक 02.07.10 को निरस्त किया जाता है। उक्त न्यायादेश के आलोक में ही सकारण मुखर आदेश निर्गत करने के संबंध में कार्रवाई अलग से की जायेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
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29 नवम्बर 2011
सं0 निग/सारा-मुकदमा-08/2010-13090 (एस)—श्री सूर्य भूषण प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता (याँ0), राष्ट्रीय उच्च पथ यांत्रिक अवर प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ यांत्रिक प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ यांत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में श्री सुभाष कुमार दास, समयपाल, राष्ट्रीय उच्च पथ यांत्रिक प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पितृत्व अवकाश संबंधी आवेदन को स्वीकृत नहीं करने जैसे आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-11426 (एस), दिनांक 13.10.09 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता (याँ0) से प्राप्त स्पष्टीकरण पत्रांक-66 अनु0, दिनांक 04.11.09 के समीक्षोपरांत एवं पूरे प्रकरण पर विचारोपरांत पाया गया कि श्री प्रसाद यदि चाहते तो श्री दास के पितृत्व अवकाश का आवेदन स्वीकृत कर सकते थे परन्तु उन्होंने जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के आदेश ज्ञापांक-2441, दिनांक 18.08.09 का गलत तरीके से उल्लेख करते हुए श्री दास के आवेदन को स्वीकृत नहीं करते हुए आवेदन को कार्यपालक अभियंता को भेज दिया जबकि उक्त पत्र की अंतिम पंक्ति में यह स्पष्ट रूप से अंकित है कि अत्यन्त आवश्यकता की स्थिति में कोई पदाधिकारी/कर्मचारी जिला पदाधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्त कर अवकाश में जा सकता है। यदि श्री प्रसाद, सहायक अभियंता की नीयत ठीक होती तो इनके द्वारा पितृत्व अवकाश स्वीकृति की अनुशंसा जिला पदाधिकारी से की जाती। स्पष्टतः यह मामला प्रताड़ना का है।38 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 अतएव आरोप को पूर्णतः प्रमाणित पाये जाने के आलोक में सरकार के निर्णयानुसार श्री सूर्य भूषण प्रसाद, तत्कालीन सहायक अभियंता (याँ0), सम्प्रति कार्यपालक अभियंता (याँ0) को निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) निन्दन जो 3 वर्षों तक प्रभावी रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
——— 27 फरवरी 2012 सं0-निग/सारा-4 (पथ) आरोप-32/2011-2166 (एस)—कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी के पत्रांक-62/अनु0, दिनांक 16.05.11 द्वारा श्री विजय किशोर सिंह, सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, सुरसंड, सीतामढ़ी के विरूद्ध मुख्यालय में नहीं रहने, पथ कार्य के कार्यान्वयन में वांछित सहयोग प्रदान नहीं करनेे, उच्चाधिकारियों से गैरजिम्मेदराना व्यवहार करने एवं वरीय पदाधिकारियों के निदेश की अवहेलना करने के प्रतिवेदित आरेाप के लिए विभागीय अधिसूचना संख्या-6314 (एस), दिनांक 31.05.11 द्वारा श्री सिंह को निलंबित करते हुए संकल्प ज्ञापांक-10212 (एस) अनु0, दिनांक 08.09.11 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, साथ ही कार्यपालक अभियंता एवं श्री सिंह द्वारा एक दूसरे पर किये गये आरोप-प्रत्यारोप की जाँच का निदेश विभागीय पत्रांक-9907 (एस) अनु0, दिनांक 02.09.11 द्वारा अधीक्षण अभियंता, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर को दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पत्रांक-03, दिनांक 05.01.12 एवं अधीक्षण अभियंता, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पत्रांक-2450, दिनांक 29.10.11 में श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गये आरोप को प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य दिया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं अधीक्षण अभियंता, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन को विभागीय समीक्षोपरांत स्वीकार योग्य पातेे हुए श्री विजय किशोर सिंह को तात्कालिक प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए निम्न निर्णय लिया जाता है :- (i) इन्हें उक्त आरोप से मुक्त किया जाता है। (ii) इनके निलंबन अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि के रूप में विनियमित की जायेगी। निलंबन मुक्ति के उपरांत श्री सिंह, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना मुख्यालय में योगदान देकर पदस्थापन की प्रतीक्षा में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰)-अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।
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सकारण मुखर आदेश
20 मार्च 2012
सं॰ निग/सारा-7-ग्रा0का0वि0-उ0वि0-09/08-3192(S)—श्री शालिग्राम पाठक, तत्कालीन सहायक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, सुपौल सम्प्रति कार्यपालक अभियंता, कार्य प्रमंडल-2, मुजफ्फरपुर द्वारा कार्य प्रमंडल, सुपौल के पदस्थापन काल में भलुआही-मरौना पथ में बरती गयी अनियमितता के लिए पथ निर्माण विभाग के संकल्प ज्ञापांक-11064 (एस) अनु0, दिनांक 21.08.08 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-629 (अनु0), दिनांक 25.11.08 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दुओं का स्पष्ट उल्लेख करते हुए जाँच प्रतिवेदन की प्रति भेजते हुए श्री पाठक, तत्कालीन सहायक अभियंता से विभागीय पत्रांक-7193 (एस) अनु0 दिनांक-01.07.09 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। 3. श्री पाठक, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा दिनांक-02.07.09 के समीक्षोपरांत पाया गया कि संवेदक द्वारा कार्य नहीं कराने की सूचना यद्यपि इनके द्वारा कार्यपालक अभिंयता को दी गयी परन्तु कार्यपालक अभियंता द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं किये जाने की स्थिति में सजग अभियंता होने के नाते इनका यह कर्तव्य बनता था कि कार्य की अंतिम मापी करवा कर अग्रतर कार्रवाई की अनुशंसा करते, परन्तु इनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
4. अतएव उपर्युक्त प्रमाािण्त आरोप की पृष्ठभूमि में सम्यक समीक्षोपरांत सरकार के निर्णयानुसार इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-6418 (एस), दिनांक 04.05.10 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-
(i) आरोप वर्ष 2001-02 के लिए निन्दन (ii) दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक (iii) योजना कार्य के निष्फल व्यय की कुल राशि का 35 प्रतिशत अर्थात ` 1,40,159/- (एक लाख चालीस हजार एक सौ उनसठ) रूपये मात्र की वसूली। 5. सी0डब्लू0जे0सी0सं0 11232/10 में दिनांक 17.11.11 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री पाठक, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा दिनांक-26.12.11 को पुनरीक्षण आवेदन विभाग में समर्पित किया गया। इस आलोक में श्री पाठक की व्यक्तिगत सुनवाई सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा की गयी। श्री पाठक ने अपने पुनरीक्षण आवेदन के माध्यम से एवं व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान उन्हीं बातों को दुहराया जो इन्होंने पूर्व के बचाव वयान में दिया था। इन्होंने अपनी जबावदेही कार्यपालक अभियंता को पत्र लिखने भर की समझी। इन्हें चाहिए था कि सम्वेदक के विरूद्ध सीधी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक अभियंता के समक्ष मामले को अनुशंसित करते। यदि श्री पाठक ने अपने दायित्व के निर्वहन में तत्परता तथा39 (cid:18)बहार गजट, 11 अप्रील 2012 सजगता बरती होती तो सड़क मरम्मती में किये गये अधूरे कार्य पर हुआ व्यय निष्फल नहीं होता। इन्हें संवेदक द्वारा किये गये कार्य की मापी कराकर अपनी अनुशंसा के साथ कार्यपालक अभियंता को अभिलेख बंद करने और अनुसंगिक कार्रवाई करने की अनुशंसा करनी चाहिए थी। 6. अतएव विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार श्री पाठक, तत्कालीन सहायक अभियंता सम्प्रति कार्यपालक अभियंता के पुनरीक्षण आवेदन दिनांक 26.12.11 को अस्वीकृत किया जाता है।
आदेश से, प्रत्यय अमृत, उप-सचिव (निगरानी)।
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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित। (cid:18)बहार गजट, 04Ñ571+300-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in