Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 24 April 2012

Published 24 April 2012

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2012-04-24.17
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 5 5 5 5 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1931931931934444 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 11117777 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 25252525 अूीलअूीलअूीलअूील 2020202011112222 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 8ट(cid:15) और अ:य ;य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु?मA के समादेंटाओं के आदेश।

---

भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायJबम, छाऽवृ(cid:18)M ूदान, आNद।

---

भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आNद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-राOयपाल और कायाJPयHA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आNद। 3-12 भाग-3—भारत सरकार, पQRम बंगाल सरकार और उTच :यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राOय गजटA के उVरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उZत (cid:18)वधान मंडल मX उपःथा(cid:18)पत

या उपःथा(cid:18)पत Nकये जानेवाले ूवर

सिमितयA के ूितवेदन और उZत (cid:18)वधान

मंडल मX पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक।

---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Qजनपर रांशपित क[

Oयेंठअनुमित िमल चुक[ है। ---

भाग-8—भारत क[ संसद मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक,

संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयA के

ूितवेदन और संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर

सिमितयA के ूितवेदन और संसद मX पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व]ापन

---

भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क[ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं,

:यायालय सूचनाएं और सवJसाधारण

सूचनाएं इ_याNद। 13-13 पूरक

---

पूरक-क

---

2 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3िनयु(cid:18)3, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3श(cid:18)3, , , , छु 8ट(cid:15)छु 8ट(cid:15)छु 8ट(cid:15)छु 8ट(cid:15) और अ:य और अ:य और अ:य और अ:य वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं वैय(cid:18)3क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

जल संसाधन विभाग

———

अधिसूचना

7 फरवरी 2012

क्रमांक पदाधिकारी का नाम/ गृह ज़िला/ आई0डी0कोड वर्त्तमान पदस्थापन स्थान जन्म तिथि अंतिम आवंटन से सम्बन्धित भारत सरकार के आदेश संख्या एवं तिथि अन्तर्राज्जीय स्थानांतरण एकलरूप के आधार पर स्थानांतरित राज्य
1 2 3 4 5 6
1 कविन्द्र भगत, लोहरदग्गा/ 4623 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (पदावनत सहा0 अभियंता) 02.01. 1961 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
2 श्री शहीदन उराँव, लोहरदग्गा/ 4774 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), मुनहरा बराज प्रमंडल, जयनगर, (पदावनत सहायक अभियंता) 10.08. 1960 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
3 श्री लॉजिन्स मिन्ज, गुमला/ 4771 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), सोन नहर आधु0प्र0, नुआँव, मु0अ0, डिहरी अन्तर्गत (पदावनत सहा0 अभियंता) 11.12. 1954 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
4 श्री निरंजन उराँव, राँची/ 4624 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), ग्रामीण कार्य विभाग, पटना (पदावनत सहा0 अभियंता) 16.01. 1960 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
5 श्री शुक्का उराँव, राँची/ 4625 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), ग्रामीण कार्य विभाग, पटना, सम्प्रति निलम्बित। निलम्बन अवस्था में मुख्यालय में योगदान (पदावनत सहा0 अभियंता) 21.02. 1961 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
6 श्री छठ्‌ठू तिग्गा, गुमला/ 4622 कार्य0अभि0 (चालू प्रभार), लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (पदावनत सहा0 अभियंता) 21.04. 1960 6 (वि)/2004 दिनांक 29.07.04 झारखण्ड
7 श्री शोभाकान्त सिंह, देवघर/ जे 9023 सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर प्रमंडल सं0-2, राजनगर 19.10. 1962 6 (वि)/2004 दिनांक 13.08.04 झारखण्ड
8 श्री नरेश प्रसाद मंडल, भागलपुर/जे 9038 सहायक अभियंता, पश्चिमी कोशी नहर अवर प्रमंडल सं0-4, झंझारपुर 15.10. 1964 6 (वि)/2004 दिनांक 13.08.04 झारखण्ड

सं0 7/ए-1-1003/05 खण्ड II-100100100100—कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्र संख्या 14/279/2002 एस0आर0(एस), दिनांक 08.06.2006 द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश तथा इस सम्बन्ध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, झारखण्ड राँची के पत्र संख्या 6860, दिनांक 12.12.2006 के द्वारा दी गई सहमति के आलोक में गृह (विशेष) विभाग, बिहार, पटना के पत्र संख्या 10458, दिनांक 17.12.2009 द्वारा निर्धारित शर्त्त एवं बन्धेज के तहत्‌ अपना अन्तर्राज्जीय स्थानान्तरण किये जाने हेतु बिहार पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा-72 की उप-धारा-(2) के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार द्वारा अंतिम रूप से अंकलित, जल संसाधन विभाग के निम्नांकित सहायक अभियंताओं को उनके अनुरोध पर एकलरूप में निम्न प्रकार से संवर्ग पुनरीक्षण/स्थानान्तरण माननीय उच्च न्यायालय, पटना में दायर याचिका आवेदन सी0डब्ल्यू0जे0सी0सं0 6762/2011 में पारित आदेश के परिपेक्ष में किया गया है, को जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची में योगदान देने हेतु दिनांक 05.02.12 से विरमित किया जाता है। उक्त तिथि तक प्रभार नहीं सौंपने पर वे दिनांक 08.02.12 से स्वतः विरमित समझे जायेंगे। अन्तर्राज्जीय स्थानांतरण एकलरूप के आधार पर स्थानांतरित राज्य

2. इस स्थानान्तरण में यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

जयदेव प्रसाद, अवर सचिव (प्रबंधन)

ÑÑÑÑ

अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 06Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in3 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012

भागभागभागभाग----2222

(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार----राOयराOयराOयराOयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयपाल और कायाJPयHA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमHA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमHA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयमHA (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, , , , आदेशआदेशआदेशआदेश, , , , अिधसूअिधसूअिधसूअिधसूचनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।चनाएं और िनयम आNद।

ÑÑÑÑÑ

पर्यावरण एवं वन विभाग

———

अधिसूचना

26 मार्च 2012

सं॰ वन्य प्राणी-06/2007-216(ई॰)/प॰व॰—वन्य प्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (1972 का 53) संषोधन, 2006 की धारा-38U में निहित प्रावधानों के आलोक में राज्य में व्याघ्रों के अधिवास तथा उसके भोज्य जीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के अनुश्रवण करने एवं एतद्‌ संबंधित कार्यों के समन्वय हेतु बिहार व्याघ्र संरक्षण संचालन समिति का पुनर्गठन निम्नरूपेण किया जाता है :-

(क)(क)(क)(क) मुख्यमंत्री, बिहारमुख्यमंत्री, बिहारमुख्यमंत्री, बिहारमुख्यमंत्री, बिहार - अध्यक्ष (ख)(ख)(ख)(ख) मंत्री, पर्यावरण एवं वन विभागमंत्री, पर्यावरण एवं वन विभागमंत्री, पर्यावरण एवं वन विभागमंत्री, पर्यावरण एवं वन विभाग - उपाध्यक्ष (ग)(ग)(ग)(ग) पदाधिकारी सदस्यपदाधिकारी सदस्यपदाधिकारी सदस्यपदाधिकारी सदस्य

- सदस्य (i) सरकार के आयुक्त एवं सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, - सदस्य पर्यावरण एवं वन विभाग (ii) प्रधान मुख्य वन संरक्षक, बिहार - सदस्य (iii) अपर पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) - सदस्य (iv) वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेषक, - सदस्य वाल्मिकी व्याघ्र परियोजना, बेतिया (v) जिला कल्याण पदाधिकारी (अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग) पश्चिमी चम्पारण, बेतिया

(घ)(घ)(घ)(घ) वन्य प्राणी संरक्षण के विषेषज्ञवन्य प्राणी संरक्षण के विषेषज्ञवन्य प्राणी संरक्षण के विषेषज्ञवन्य प्राणी संरक्षण के विषेषज्ञ

(i) श्री सहदेव झा, भा॰व॰से॰ (से॰नि॰) - सदस्य पूर्व मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार एवं पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक, बिहार (ii) श्री सुनील कुमार चौधरी, प्रोफेसर - सदस्य जैव-विविधता संरक्षण केन्द्र, तिलकामांझी भागलपुर विष्वविद्यालय, भागलपुर (iii) श्री राकेष कुमार सिंह, वरीय समन्वक, WWF - सदस्य (World Wide Fund for nature-India) (ङ(ङ(ङ(ङ)))) राज्य अनुराज्य अनुराज्य अनुराज्य अनुसूचित जनजाति परामर्षदातृ परिषद के सदस्यसूचित जनजाति परामर्षदातृ परिषद के सदस्यसूचित जनजाति परामर्षदातृ परिषद के सदस्यसूचित जनजाति परामर्षदातृ परिषद के सदस्य (i) रिक्त - सदस्य (ii) रिक्त - सदस्य (च)(च)(च)(च) पंचायती राज/समाजकल्याण विभाग के प्रतिनिधि पंचायती राज/समाजकल्याण विभाग के प्रतिनिधि पंचायती राज/समाजकल्याण विभाग के प्रतिनिधि पंचायती राज/समाजकल्याण विभाग के प्रतिनिधि (i) सरकार के प्रधान सचिव/सचिव, समाज कल्याण विभाग - सदस्य (ii) निदेषक, पंचायतीराज विभाग - सदस्य न मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार - सदस्य सचिव (छ)(छ)(छ)(छ) अपर प्रधाअपर प्रधाअपर प्रधाअपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार न मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार न मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार4 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 2. समिति की बैठक सामान्यतः वर्ष में दो बार आयोजित की जाएगी।

3. समिति के गैर सरकारी सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों अथवा समिति के पुनर्गठन तक रहेगा।

4. गैर सरकारी सदस्यों को बैठक में भाग लेने हेतु राज्य सरकार के प्रथम श्रेणी के पदाधिकारियों को देय समकक्ष सुविधा देय होगी।

इस प्रयोजन पर होने वाले व्यय का वहन गैर योजना के वानिकी एवं वन्य प्राणी शीर्ष से विकलित किया जायेगा तथा लेखा मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार के कार्यालय में संधारित किया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामावतार राम, विषेष सचिव।

——— बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ——— अधिसूचनाएं 8 फरवरी 2012

सं॰ 1930—पटना जिलान्तर्गत गौरीचक थाना के ग्राम कंसारी स्थित श्री राम जानकी मंदिर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 4119 है। इस मंदिर की स्थापना श्री विजय कुमार वर्मा एवं श्री अजय कुमार वर्मा के पूर्वज मुंषी एतवारी लाल द्वारा की गयी थी जिन्होंने भगवान के राग-भोग, पूजा-अर्चना के लिए भूमि दान दी थी। मंदिर के न्यासधारी महंत रामस्नेही दास थे जिनका देहावसान दिनांक 18.01.2011 को हो गया। उनकी मृत्यु के उपरांत पर्षद को जो प्रथम सूचना मिली उसके साथ स्व0 महंत रामस्नेही दास का एक पत्र संलग्न किया गया था जिसमें उन्होंने दो व्यक्तियों श्री राजेन्द्र साव एवं श्री भुवनेष्वर राम के नामों का उल्लेख किया था । मंदिर प्रबंधन में शून्यता नहीं हो इसलिए प्रथम नामित श्री राजेन्द्र साव को अधिनियम की धारा-33 के अन्तर्गत अस्थायी न्यासधारी इस शर्त के साथ बनाया गया कि यदि कोई दूसरा दावेदार उपस्थित होगा तो दोनों को सुनकर निर्णय लिया जायेगा । दिनांक 18.03.2011 को श्री राम रतन दास की ओर से दावा किया गया कि उन्होंने स्व0 महंत राम स्नेही दास को जल-समाधि दी थी और उनका श्राद्ध कर्म भी किया था जिसमें साधु-समाज एवं स्थानीय लोग सम्मिलित हुए थे। इन साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने न्यासधारी के पद पर मान्यता का दावा पेष किया । इसके बाद दोनों पक्षों की विभिन्न तिथियों पर सुनवाई के पश्चात्‌ आदेष दिनांक 03.08.2011 द्वारा निम्नलिखित निर्णय लिये गयेः-

(क). किसी भी धार्मिक न्यास के संचालन के लिए दो पक्ष होते हैं- अध्यात्मिक एवं लौकिक। अध्यात्मिक पक्ष में भगवान की पूजा-अर्चना , राग-भोग, उत्सव-समैया, साधु-सेवा आदि का समावेष होता है और लौकिक पक्ष में न्यास की सम्पत्ति का प्रबंधन एवं अन्य लौकिक संसाधनों से न्यास के आय-व्यय का संघारण । (ख). रामानन्द सम्प्रदाय के साधु होने, स्व0 महंत राम स्नेही दास को जल-समाधि देने तथा श्राद्ध-कर्म एवं भंडारा आदि करने के कारण मं0 राम रतन दास को इस न्यास का सेवायत मानते हुये उन्हें मंदिर के अध्यात्मिक कार्यों के सम्पादन का अधिकार दिया गया।

(ग). अध्यात्मिक कार्यों के सम्पादन के लिए कृषि आय का 50 % सेवायत श्री राम रतन दास को मंदिर में पूजा-अर्चना, राग-भोग, उत्सव-समैया, साधु-सेवा के लिए दिया जायेगा लेकिन उन्हें न्यास की भूमि के किसी अंष के अन्य संक्रमण ( alienetion) का अधिकार नहीं होगा ।

(घ). मंदिर की लौकिक व्यवस्था के लिए एक न्यास समिति का गठन होगा , जो न्यास के आय-व्यय का संघारण एवं न्यास की भू-खंडो की सुरक्षा, संरक्षण करेगी ।

(ङ) दाता परिवार के प्रतिनिधि के रूप में श्री अजय कुमार वर्मा को अध्यक्ष मनोनित किया गया तथा दोनों पक्षों को सात-सात योग्य व्यक्तियों के नाम उनकी अर्हता के साथ देने को कहा गया, जिन पर विचार कर शेष सदस्यों के चयन का निर्णय लिया जायेगा।

उपर्युक्त आदेष के आलोक में श्री अजय कुमार वर्मा ने प्रस्तावित न्यास समिति के लिए सदस्यों का नाम प्रस्तुत किया, किन्तु श्री राम रतन दास ने व्यवहार न्यायालय, पटना में एक वाद दायर कर न केवल श्री अजय कुमार वर्मा के अध्यक्ष पद पर मनोनयन का विरोध किया है, अपितु न्यास समिति के गठन का भी विरोध किया है। इन्होंने राज्य सरकार द्वारा न्यास की अर्जित भूमि के मुआवजे को बिना पर्षद को जानकारी दिये प्राप्त करने का भी प्रयास किया। तदुपरांत पर्षदीय पत्रांक 1256 दिनांक 27.10.2011 द्वारा अपर भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना को न्यास को मुआवजा संबंधी वाद में न्यास समिति के नाम की प्रविष्टि करने को कहा गया । उर्पयुक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि मं0 राम रतन दास अध्यात्मिक कार्यों से अधिक लौकिक कार्यों में, जिसके लिये न्यास समिति का गठन प्रस्तावित है, अभिरूचि रखते हैं। इसलिए आदेष दिनांक 03.08.2011 के आलोक में इस न्यास की सुव्यवस्था एवं सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक है।5 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, कंसारी के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक्‌ विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ :-

योजनायोजनायोजनायोजना

1. इस योजना का नाम '' श्री राम जानकी मंदिर, कंसारी न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम '' श्री राम जानकी मंदिर न्यास समिति, कंसारी'' होगा, जिसमें मंदिर की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संघारण एवं संचालन का अधिकार होगा ।

2. न्यास का सभी भू-खंड न्यास समिति के नाम होगा । साथ ही किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में इसका खाता खोला जायेगा जिसमें न्यास की समग्र राषि जाम होगी । खाते का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा ।

3. इस धार्मिक न्यास के पास जन कल्याण के असीम संभावनाएं हैं। इसको ध्यान में रखते हुये न्यास समिति जन-हित में अस्पताल/कन्या विद्यालय की स्थापना की योजना बनाकर पर्षद के पास अनुमोदन के लिए भेजेगी । 4. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेगें । समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में बुलायी जायेगी और कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

5. न्यास के आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी। 6. न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधि मेें वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

7. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिये भेजेगी ।

8. न्यास समिति का कोई सदस्य अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेगें तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद को देगें ताकि स्थानापन्न मनोनयन हो सके।

9. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन, संषोधन या आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद का होगा । 10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास सम्पत्तियों को क्षति पहुँचायेगें अथवा उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि होगी तो वे न्यास समिति में नहीं रहेगें या मनोनीत भी होगें तो उनकी सदस्यता समाप्त ंहो जायेगी ।

11. इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति के सदस्य मनोनीत किये जाते हैं :- (1) श्री अजय कुमार वर्मा - अध्यक्ष (2) श्री माधो सिंह, भूतपूर्व उप-मुखिया, ग्राम-कंसारी, पटना - सचिव (3) श्री साधु चौधरी, सेवा-निवृत प्रधानाध्यापक, कंसारी - सदस्य (4) श्रीमती पूनम कुमारी सिंह, अधिवक्ता, धर्मषीला निवास, दक्षिणी चित्रगुप्तनगर, कंकड़बाग, पटना-20 - सदस्य - सदस्य (5) डा0 शांति राय, कंकड़बाग, पटना (6) श्री षंकर पासवान, पूर्व वार्ड सदस्य, कंसारी - सदस्य (7) श्री कपिलदेव नारायण सिंह, ग्राम-कंसारी, पटना - सदस्य (8) श्रीमती प्रतिमा ंिसह, पंचायत समिति सदस्य, कंसारी - सदस्य (9) श्री भुवनेष्वर राम, ग्राम-कंसारी, पटना - सदस्य

महंत राम रतन दास को भी प्रस्तावित न्यास समिति के लिए सात व्यक्तियों का नाम देने को कहा गया था, परन्तु उन्होंने सूची प्रस्तुत नहीं कर व्यवहार न्यायालय में एक वाद दायर किया है। अतः सुनवाई के क्रम में उनकी ओर से पर्षद में उपस्थित अधिवक्ता श्रीमती पूनम कुमारी सिंह को न्यास समिति में सदस्य के रूप में मनोनित किया गया है। श्री भुवनेष्वर राम के संबंध में जानकारी मिली है कि वे न्यास के लाभार्थी हैं। उनके बारे में सचिव प्रथम बैठक के बाद एक प्रनिवेदन देंगे। उनके लाभार्थी होने की स्थिति में उन्हें न्यासी तो नहीं रखा जायेगा किन्तु धार्मिक आचारों का निर्वहन करेंगे ।

यह येाजना आदेष की तिथि से लागू समझी जायेगी और न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा ।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।6 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012

1 फरवरी 2012

सं॰ 1903— वैषाली जिलान्तर्गत लालगंज अंचल के ग्राम- अताउल्लापुर स्थित मनकामेष्वर षिव मंदिर (षिवाला मठ ) पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या 2155 है।

इस न्यास के न्यासधारी महंत राजेष्वर पुरी थे जो 2007 में मठ छोड़कर चले गये। उन्होंने अपने पत्र दिनांक 19.03. 2007 एवं दिनांक 24.04.2007 द्वारा पर्षद को सूचित किया था कि वे इस मठ पर अब लौटकर नहीं आयेंगे। पर्षद के विधि अभिकर्त्ता द्वारा न्यास का स्थानीय जांच दिनांक 13.07.2010 को किया गया । जांच पदाधिकारी ने भी प्रतिवेदित किया कि महंत राजेष्वर पुरी के मठ छोड़कर जाने के बाद स्थानीय लोगों ने दिनांक 07.08.2008 को बैठक कर एक अस्थायी न्यास समिति का गठन किया जो मठ का प्रबंध कर रही है। जांच प्रतिवेदन के साथ न्यास समिति के सदस्यों की सूची भी संलग्न की गयी है।

उपरोक्त परिस्थिति में इस न्यास के सुचारू प्रबंधन तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु एक न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद, श्री मनकामेष्वर षिव मंदिर अताउल्लाहपुर के सुचारू प्रबंधन, संचालन, सम्यक्‌ विकास तथा इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसे मूर्त रूप देने हेतु एक न्यास समिति का गठन करता हूं :-

योजनाजनाजनाजना अधिनियिम की धारा-32 के अन्तर्गत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री मनकामेष्वर षिव मंदिर न्यास येाजना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन हेतु गठित न्यास समिति का नाम '' श्री मनकामेष्वर षिव मंदिर न्यास समिति, अताउल्लाहपुर, वैषाली '' होगा जिसमें न्यास की सभी चल-अचल सम्पत्ति के संघारण का अधिकार निहित होगा।

2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य होगा कि मठ में पूजा-पाठ, अर्चन-अभिषेक, राग-भोग आदि का समुचित व्यवस्था हो। मन्दिर मे प्राप्त होने वाली समग्र राषि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर न्यास के नाम से जमा की जायेगी। न्यास के खाता का संचालन दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा।

3. न्यास के लेखा का संघारण निर्धारित सत्यापित पंजी में होगा। आय-व्यय में पारदर्षिता रखना न्यास समिति का प्रमुख कर्त्तव्य होगा जिससे कि समिति का कार्य परिलक्षित हो सके और जनता का विष्वास बना रहे।

4. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य आयोजित की जायेगी।

5. न्यास समिति के सचिव द्वारा बैठकों की कार्यवाही पुस्तिका संघारित की जायेगी तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा के संघारण के लिए उत्तरदायी होंगे।

6. न्यास समिति इस बात का ध्यान रखेगी कि मंदिर में आने वाले दर्षनार्थी/भक्तों के साथ कोई भेद-भाव नहीं हो।

7. न्यास की परंपरा के अनुसार पर्व-त्योहार का आयेाजन किया जायेगा तथा पूजा-पाठ एवं अतिथि सत्कार का समुचित प्रबंध किया जायेगा।

8. न्यास समिति में कोई पद आकस्मिक दुर्घटना, त्याग-पत्र अथवा अन्य कारणों से रिक्त होने पर उस पर नियुक्ति पर्षद करेगी ।

9. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित नियमों का पालन करना सुनिष्चित करेगी। 10. इस येाजना में परिवर्द्धन, परिवर्तन एवं संषोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा। 11. न्यास समिति का कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से यदि न्यास से लाभ उठाता हुआ पाया जायेगा या आपराधिक पुष्टभूमि का हेागा तो वह न्यास समिति की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जायेगा।

12. यह योजना आदेष की तिथि से प्रभावी होगा। न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा । न्यास समिति के निम्नलिखित सदस्य मनोनित किये जाते हैः-

(1) श्री वैद्यनाथ प्रसाद सर्राफ - अध्यक्ष - सचिव (2) श्री लाल बाबू शर्मा - कोषाध्यक्ष (3) श्री अनिल कुमार राम - सदस्य (4) श्री विनय कुमार सरार्फ - सदस्य (5) श्री मुरारी सिंह - सदस्य (6) श्री देवेन्द्र राय - सदस्य (7) श्री कमल साह - सदस्य (8) श्री राज कुमार प्रसाद - सदस्य (9) श्री चन्देष्वर राय - सदस्य (10) श्री सुनीत शर्मा (11) श्री वैद्यनाथ सिंह - सदस्य सभी ग्राम-अताउल्लाहपुर, मो0-लालगंज, जिला-वैषाली ।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।7 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012

13 फरवरी 2012

सं॰ 1968—लखीसराय जिलान्तर्गत बड़हिया के वार्ड संख्या-17 स्थित श्री शालीग्राम जी ठाकुरबाड़ी पर्षद है, जिसकी निबंधन एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-4162 है। इस ठाकुरबाड़ी की स्थापना स्व0 रामपाल सिंह द्वारा की गयी थी और उन्होंने भगवान के पूजा-पाठ एवं राग-भोग के लिए सम्पत्ति समर्पित की थी। अंचलाधिकारी, बड़हिया द्वारा दाखिल खारिज वाद संख्या-170/1981-82 में दिनांक 11.10.1981 को पारित आदेष श्री कृष्णचन्द्र प्रसाद सिंह के देहावसान के पष्चात श्री अष्वनी कुमार सिंह को सेवायत के रूप में नाम दर्ज किया गया। पर्षद में दिनांक 22.11.2011 को श्री अनन्त प्रसाद सिंह का एक आवेदन पत्र प्राप्त हुआ जिसमें कहा गया कि श्री अष्वनी कुमार सिंह ने अपनी शारीरिक अवस्थता के कारण दिनांक 27.10.2011 को सेवायत के पद से त्यागपत्र देकर श्री अनन्त प्रसाद सिंह को सेवायत मनोनित कर दिया है। उक्त आवेदन पत्र के साथ श्री अष्वनी कुमार सिंह द्वारा कार्यपालक दण्डाधिकारी, लखीसराय के समक्ष लिये गये शपथ पत्र दिनांक 27.10.2011 की मूल प्रति भी प्रस्तूत किया गया जिसमें उन्होंने अपनी शारीरिक अवस्था के कारण सेवायत का कार्य छोड़ने तथा श्री अनन्त प्रसाद सिंह को सेवायत का कार्यभार सौपने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त वार्ड सं0-17 के वार्ड आयुक्त का पत्र तथा दिनांक 30.09.2011 को आयोजित आमसभा का कार्यवृत भी दाखित किया गया है, जिससे उक्त बातों की पुष्टि होती है। श्री अनन्त प्रसाद सिंह ने दिनांक 17.01.2012 को एक आवेदन पत्र दाखिल किया है। जिसमें न्यास समिति के गठन हेतु ग्यारह सदस्यों का नाम का उल्लेख करते हुए न्यास समिति को मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया है। उपर्युक्त परिस्थितियॉं में इस न्यास की सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद श्री शालीग्राम जी ठाकुरबाड़ी, बड़हिया के सुचारू प्रबंधन तथा सम्यक विकास हेतु अधिनियम की धारा 32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुए इसके क्रियान्वयन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।

योजनायोजनायोजनायोजना

1. इस योजना का नाम ''श्री शालीग्राम जी ठाकुरबाड़ी, बड़हिया न्यास योजना होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री शालीग्राम जी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, बड़हिया होगा'' जिसमें मंदिर की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।

2. न्यास का सभी भू-खंड न्यास समिति के नाम होगा । साथ ही किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में इसका खाता खोला जायेगा जिसमें न्यास की समग्र राषि जाम होगी । खाते का संचालन न्यास समिति के दो सदस्यों के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा ।

3. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेगें । समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में बुलायी जायेगी और कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।

4. न्यास के आय-व्यय में शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधि मेें वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी ।

6. कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझे जाने पर, इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिये भेजेगी ।

7. न्यास समिति का कोई सदस्य अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेगें तो समिति के अध्यक्ष या सचिव इसकी सूचना पर्षद को देगें ताकि स्थानापन्न मनोनयन हो सके।

8. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन, संषोधन या आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद का होगा । 9. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास सम्पत्तियों को क्षति पहुँचायेगें अथवा उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि होगी तो वे न्यास समिति में नहीं रहेगें या मनोनीत भी होगें तो उनकी सदस्यता समाप्त ंहो जायेगी ।

10. इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित न्यास समिति के सदस्य मनोनीत किये जाते हैं :-

(1) श्री अनंत प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 कृष्ण चन्द्र प्र0 सिंह - सेवायत (2) श्री सुबोध कुमार सिंह, पिता- श्री अष्वनी कुमार सिंह - सदस्य (3) श्री अभिषेक कुमार, पिता- श्री अनंत कुमार सिंह - सदस्य (4) श्री राम जीवन शाही,पिता- स्व0 श्यामषरण शाही - सदस्य (5) श्री अनिल ंिसह, उर्फ नर्मदेष्वर सिंह पिता- स्व0 लक्ष्मी नारायण सिंह - सदस्य (6) श्री दिनेष सिंह पिता- स्व0 रामोतार सिंह - सदस्य (7) श्री राम विनोद शर्मा, पिता- स्व0 रमेष शर्मा - सदस्य (8) श्री अषोक पासवान, पिता- स्व0 किषुन पासवान - सदस्य8 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 (9) श्री रमेष कुमार, पिता- श्री अषोक शर्मा - सदस्य (10) श्री अमित कुमार, पिता- श्री दिनेष प्र0 सिंह - सदस्य (11) श्री सुनिल सिंह, पिता- स्व0 लक्ष्मी नारायण सिंह - सदस्य उपरोक्त सभी ग्राम पो0 थाना-बड़हिया, जिला-लखीसराय । यह येाजना आदेष की तिथि से लागू समझी जायेगी और न्यास समिति का कार्यकाल 05 वर्षों का होगा ।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

———

11 फरवरी 2012

सं॰ 1946—श्री राम जानकी मंदिर, नया बाजार केसरिया, जिला-पूर्वी चम्पारण पर्षद्‌ के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन संख्या-665 है।

इस न्यास की सुव्यवस्था एवं संचालन हेतु पर्षदीय ज्ञापांक-3779, दिनांक 03.10.05 के द्वारा तीन वर्ष के लिए एक न्यास समिति का गठन किया गया था। न्यास समिति गठन के उपरांत पत्रांक-1042, दिनांक 31.12.05 के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी चकिया द्वारा पर्षद्‌ को सूचित किया गया की समिति के लिए नामित सदस्यों का पता गलत है। फलस्वरूप बैठक नहीं हो सकी। समिति के नामित सदस्यों से दिनांक 29.10.08 को स्पष्टीकरण भी पूछा गया जिसका उत्तर अप्राप्त है। पर्षद्‌ द्वारा इस न्यास का स्थल जाँच कराया गया है, जाँच में भी यह पता चला की समिति के लिए नामित सदस्यों का कोई अता-पता नहीं है। स्थानीय लोग एक समिति बनाकर न्यास का कार्य करते है। जाँच में स्थानीय लोगों ने न्यास की सुव्यवस्था एवं संचालन हेतु कार्य कर रही स्थानीय समिति को मान्यता देने की माँग किया है, एवं कार्य कर रहे ग्यारह सदस्यों का नाम भी दिया है। उक्त परिस्थिति में न्यास के सुचारू प्रबंधन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं, किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद्‌, पटना श्री राम जानकी मंदिर, नया बाजार केसरिया के सुचारू प्रबंधन, सम्यक विकास तथा सम्पत्तियों की सुरक्षा हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत अग्रलिखित योजना का निरूपण करते हुये इसके क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ :-

योजनायोजनायोजनायोजना 1111 इस योजना का नाम श्री राम जानकी मंदिर, नया बाजार केसरिया, न्यास योजना होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिये पर्षद्‌ द्वरा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी मंदिर नया बाजार केसरिया न्यास समिति'' ''श्री राम जानकी मंदिर नया बाजार केसरिया न्यास समिति'' होगा, जिसमें ''श्री राम जानकी मंदिर नया बाजार केसरिया न्यास समिति'' ''श्री राम जानकी मंदिर नया बाजार केसरिया न्यास समिति'' न्यास की समस्त चल-अचल सम्पत्तियों के संधारण एवं संचालन का अधिकार होगा।

2222.... इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।

3333.... न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।

4444.... न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5555.... न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद्‌ को प्रेषित करेगी।

6666.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार आवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद्‌ को प्रेषित की जायेगी।

7777.... न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद्‌ को अनुमोदन के लिए भेजेगी।

8888.... न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी। 9999.... इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद्‌ में निहित होगा। 10101010. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।

11111111.... न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पत्रित होंगे तो उनकी अहर्ता समाप्त हो जायेगी।

12121212. इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से 05 वर्षो की होगी। लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्याे की समीक्षा की जायेगी और कार्य असंतोषप्रद पाये जाने पर समुचित कार्रवाई की जायेगी। पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मृर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित क पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मृर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-ी जाती है :-ी जाती है :-ी जाती है :- पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मृर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित क पर्षद्‌ द्वारा निरूपित योजना को मृर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित क (1) श्री ऋषिराज उर्फ नन्हे कुमार, पिता-श्री श्याम बाबु प्रसाद - अध्यक्ष (2) श्री षिवजी प्रसाद पे0 स्व0 असर्फी प्रसाद - उपाध्यक्ष (3) डा0 दिपेन्द्र कुमार श्रीवास्तव पे0 श्री प्रमोद कुमार - सचिव (4) श्री प्रभात कुमार पे0 श्री यादो लाल प्रसाद - कोषाध्यक्ष (5) श्री संजीत कुमार पे0 श्री केदार प्रसाद - सदस्य (6) श्री शत्रुहन प्रसाद पे0 स्व0 नथुनी राम - सदस्य9 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 (7) श्री अजय कुमार पे0 लक्ष्मण प्रसाद - सदस्य (8) श्री आषिष कुमार पे0 शत्रोहन प्रसाद जयसवाल - सदस्य (9) श्री बलराम चौधरी पे0 लक्ष्मण प्रसाद - सदस्य (10) श्री शेखर प्रसाद पे0 रामचन्द्र प्रसाद - सदस्य (11) श्री दिनेष पासवान, वार्ड पार्षद पे0 बतहु पासवान - सदस्य

सभी ग्रामपो0थाना-केसरिया, नया बाजार, जिला-पूर्वी चम्पारण।

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

———

30 जनवरी 2012

सं॰ 1869—सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि सीतामढ़ी जिलान्तर्गत महादेव ईसाननाथ मठ, ग्राम-दमामी, पो0-परतापुर, थाना-बेलसंड पर्षद के अंतर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसका निबंधन संख्या 804 है । दमामी प्रधान मठ के अतिरिक्त इसके अन्य दो शाखा मठ (1) बाबा मानेष्वर नाथ, ग्राम-सिमियाही, अंचल-सुरसंड तथा (2) श्री गौरी शंकर जी, ग्राम-सासाराम, अंचल-परिहार (दोनों जिला-सीतामढ़ी) में अवस्थित है ।

दमामी मठ के पूर्व महंत श्री राम चन्द्र गिरी के मरणोपरांत पर्षदीय पत्रांक-1343, दिनांक 01.07.1999 द्वारा मो0 उर्मिला गिरी को बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-33 के तहत प्रधान मठ एवं इसके शाखा मठों का अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया गया । न्यासधारी द्वारा पर्षद में प्रस्तुत किये जा रहे विवरण में कुल जमीन 27 एकड़ 71 डिसमिल दिखलाया जा रहा है और बार-बार निदेष देने के बावजूद भी इन्होंने इन तीनों मठों द्वारा धारित जमीन का अलग-अलग ब्योरा प्रस्तुत नहीं किया ।

इस बीच पर्षद में प्राप्त एक आवेदन-पत्र में यह कहा गया कि सिमियाही ग्राम स्थित बाबा मानेष्वर नाथ मठ में पूर्व में 60 बीघा जमीन थी जिसमें से पूर्व महंत श्री रामचन्द्र गिरी द्वारा 20 बीघा जमीन बेच दी गयी, 05 बीघा उच्च विद्यालय को दान दी गयी, 07 बीघा हरिजनों में सरकार द्वारा बांट दी गयी और अभी भी करीब 25 बीघा जमीन बच रही है । इसमें से लगभग 15-16 बीघा जमीन मो0 उर्मिला गिरी और इनके लड़का द्वारा गिरवी रखकर ली गयी रकम को निजी उपयोग में खर्च किया गया है । इस संबंध में श्रीमती उर्मिला गिरी को पर्षदीय पत्रांक-461, दिनांक 13.05.08 द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया और प्रधान मठ तथा शाखा मठों की जमीन का ब्योरा देने को कहा गया, जिसका उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न तो वांछित ब्योरा ही उपलब्ध कराया । बाबा मानेष्वर नाथ मठ संबंधी प्राप्त आरोपों पर पर्षद द्वारा स्थानीय निरीक्षण कराया गया । जांच पदाधिकारी ने आरोपों की पुष्टि करते हुए लिखा है कि सिमियाही में अभी भी 25 एकड़ जमीन है । जांच प्रतिवेदन के आलोक में मो0 उर्मिला गिरी से पर्षदीय पत्रांक-1716, दिनांक 06.11.09 द्वारा पुनः कारण पृच्छा मांगा गया । मो0 उर्मिला गिरी ने दिनांक 25.02.2010 को अपना स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ जमीनों को बंधक रखकर चार कमरों का मकान बनवाया गया है । इसमें भी इन्होंने मठ द्वारा धारित भू-सम्पत्तियों का कोई ब्योरा दाखिल नहीं किया । तत्पष्चात्‌ पर्षदीय पत्रांक-1071, दिनांक 30.09.2011 द्वारा भी उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसका कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है ।

उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि न्यासधारी द्वारा न्यास सम्पत्तियों का सही-सही ब्योरा पर्षद में दाखिल नहीं किया जाता है, न्यास की भू-सम्पत्तियों की वास्तविक स्थिति को पर्षद से छुपाया जाता है और इसकी आय का व्यक्तिगत स्वार्थ में उपयोग किया जाता है । साथ ही न्यासधारी द्वारा दाखिल स्पष्टीकरण अपर्याप्त एवं असंतोषप्रद है । जांच प्रतिवेदन से भी न्यास में व्याप्त कुव्यवस्था एवं आय का दुरूपयोग प्रमाणित होता है ।

अतः मैं, किशोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद दमामी मठ, पो0-परतापुर, जिला-सीतामढ़ी की शाखा मठ बाबा मानेश्वर नाथ मंदिर, ग्राम-सिमियाही, थाना-सुरसंड, जिला-सीतामढ़ी की सुव्यवस्था, संचालन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण निम्नलिखित रूप में करता हूं :-

योजनायोजनायोजनायोजना

इस योजना के संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए पर्षद द्वारा गठित एक न्यास समिति होगी । इस न्यास समिति का नाम होगा- ''बाबा मानेश्वर नाथ मंदिर न्यास समिति'' जिसके निम्नलिखित सदस्य नियुक्त किये जाते हैं :-

(1) श्री योगेन्द्र राय ग्राम-सिमियाही, पो0-यदुपट्‌टी बाजार, जिला-सीतामढ़ी - अध्यक्ष (2) श्री नन्द लाल मिश्र, ग्राम-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - सचिव (3) श्री राम बहादुर हाथी, ग्राम-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - कोषाध्यक्ष (4) श्री राम कृष्ण राय, ग्रामपो0-दीबारी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (5) श्री भोला कापर, ग्रामपो0-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (6) श्री युगल किषोर शरण, ग्रामपो0-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (7) श्री सच्चिदानंद झा, ग्राम-कोरियाही, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य10 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 (8) श्री ज्योति नारायण गिरि, ग्रामपो0-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (9) श्री राम परीक्षण राम, ग्रामपो0-यदुपट्‌टी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (10) श्री उमेश झा, ग्राम-दुबखाना, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य (11) श्री वृजमोहन पाण्डेय, ग्रामपो0-सीमरी, जिला-सीतामढ़ी - सदस्य

2. इस न्यास समिति में न्यास की सभी चल एवं अचल सम्पत्त्यिाँ निहित होगी । न्यास समिति का कर्तव्य होगा कि न्यास की सभी संपत्तियों का पता कर न्यास के अधीन लाने का प्रयत्न करेगी । इसके लिए न्यास समिति सभी विधि सम्मत कार्रवाई करेगी ।

3. न्यास समिति इस न्यास के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यकतानुसार एक योजना बनायेगी तथा पर्षद से अनुमोदन के पश्चात उसे कार्यान्वित करेगी ।

4. न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में अवश्य होगी । प्रत्येक कार्यवाही की प्रति तथा किये गये कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन पर्षद को भेजेगी ।

5. आय-व्यय में पारदर्शिता रखना न्यास समिति की जिम्मेवारी होगी, जिससे कि समिति का कार्य परिलक्षित हो सके। 6. न्यास समिति की प्रत्येक बैठकों की अध्यक्षता न्यास समिति के अध्यक्ष करेंगे । सचिव अध्यक्ष की अनुमति से बैठक आहूत करेंगे । समान मत की स्थिति में अध्यक्ष को कास्टिंग वोट करने का अधिकार होगा । न्यास समिति के प्रत्येक निर्णय के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सचिव की होगी । समिति के निर्णयों को मूर्त रूप देने का उत्तरदायित्व सचिव पर होगा । 7. अध्यक्ष को समिति के कार्य-कलापों के सामान्य पर्यवेक्षण का अधिकार होगा ।

8. न्यास समिति के सचिव द्वारा कार्यवाही पुस्तिका संधारित की जायेगी । कोषाध्यक्ष को न्यास की सभी आय-व्यय का समग्र लेखा के संधारण सत्यापित पंजी में करने का दायित्व होगा ।

9. न्यास समिति इस बात का ध्यान रखेगी कि मंदिर में दशनार्थ आने वाले भक्तों के साथ किसी तरह का भेद-भाव नहीं हो, ताकि भक्तों को किसी प्रकार का कष्ट न हो सके । न्यास समिति भक्तों में महिला दर्शनार्थी की सुविधा का विषेष ध्यान रखेगी ।

10. न्यास समिति में कोई पद पर, आकास्मिक दुर्घटना अथवा त्याग-पत्र देने के कारण रिक्त होने पर, पर्षद मनोनयन करेगी ।

11. न्यास समिति बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 के प्रावधानों एवं वर्णित नियमों का पालन करना सुनिश्चित करेगी ।

12. तत्काल यह समिति एक वर्ष के लिए होगी । अच्छे कार्य वाले सदस्य पुनर्मनोनयन के पात्र होंगे । गलत कार्य करने वाले सदस्य को कारण पृच्छा देकर उनके स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद उस पर सम्यक विचारोपरांत निर्णय लेकर निष्कासित किया जा सकता है । न्यास समिति का कार्य संतोषजनक होने पर उसका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है । 13. इस योजना के परिवर्तन, परिबर्धन एवं संशोधन का अधिकार पर्षद में निहित होगा ।

14. यह योजना आदेष की तिथि से प्रभावी होगा ।

दमामी मठ, ग्राम-दमामी, पो0-परतापुर, थाना-बेलसंड, जिला-सीतामढ़ी के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

———

2 फरवरी 2012

सं॰ 1906— बेगुसराय जिलान्तर्गत ग्राम बाघा स्थित श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी पर्षद के अन्र्तगत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। उक्त न्यास की सुव्यवस्था एवं संचालन हेतु पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक 1919, दिनांक 22.11. 1992 द्वारा अनुमंडल पदाधिकारी बेगुसराय की अध्यक्षता में एक न्यास समिति का गठन किया गया था। अनुमंडल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक 564, दिनांक 01.09.2003 द्वारा न्यास समिति पर गंभीर आरोप लाया कि न्यास समिति द्वारा करीब 06 वर्षों से ठाकुरबाड़ी की व्यवस्था आदि के लिए कोई बैठक नहीं बुलायी गयी तथा आय-व्यय का कोई लेखा-जोखा भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इस प्रकार उक्त न्यास समिति निष्क्रिय हो गयी। अनुमंडल पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर पर्षदीय पत्रांक 3321-3331, दिनांक 02.12.2003 द्वारा न्यास समिति के सदस्यों को कारण-पृच्छा की नोटिस दी गयी जिसके विरूद्ध श्री खलटू महतो द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका संख्या 21/2004 दायर किया गया जिसमें पारित आदेष दिनांक 24.01.2011 के अनुसार उन्हें पर्षद में 25 फरवरी, 2011 को पर्षद के अध्यक्ष के समक्ष आदेष के प्रति के साथ सुनवाई हेतु उपस्थित होना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए । उनके उपस्थित नहीं होने की स्थिति में मा0 उच्च न्यायालय के आदेषानुसार श्री खलटु महतो का रिट खारिज हो गया। इसके पूर्व भी स्थानीय लोंगो ने न्यास समिति के विरूद्ध कई11 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 गंभीर आरोप लगाये थे, परन्तु उच्च न्यायालय में मामला लंबित रहने के कारण इस पर कार्रवाई नहीं की जा सकी । तत्पष्चात्‌ पर्षदीय पत्रांक 185, दिनांक 06.05.2011 द्वारा समिति के सदस्यों को पुनः अधिनियम की धारा-29(2) के तहत कारण पृच्छा की नोटिस भेजी गयी। साथ ही पर्षद के विधि अभिकर्त्ता द्वारा न्यास के क्रिया कलापों के संबंध में स्थानीय जांच करायी गयी और पर्षदीय पत्रांक 1756, दिनांक 30.12.2011 द्वारा सदस्यों को नोटिस दी गयी कि न्यास समिति के गठन के लिए सर्वानुमति हेतु दिनांक 24.01.2012 को कार्यालय में उपस्थित होंवे। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी, बेगुसराय से भी अनुरोध किया गया कि वे वाघा ठाकुरबाड़ी के संचालन के निए न्यास समिति के गठन हेतु अधिकतम 11 व्यक्तियों का नाम पर्षद को भेंजे, किन्तु ऐसा उन्होंने नहीं किया ।

उर्पयुक्त परिस्थितियों में स्पष्ट है कि श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी, बाघा की व्यवस्था हेतु 1992 में गठित न्यास समिति निष्क्रिय रही है और न्यास की आय एवं सम्पत्तियों का दुरूपयोग हुआ है। अतः इसकी सम्पत्तियों की सुरक्षा, सुप्रबंधन एवं विकास हेतु अधिनियम की धारा-32 के तहत एक योजना का निरूपण आवष्यक प्रतीत होता है।

अतः मैं किषोर कुणाल, अध्यक्ष, बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी बाघा के लिए पर्षदीय ज्ञापांक 1919, दिनांक 22.11.1992 द्वारा गठित न्यास समिति को धारा-29(2) के अंतर्गत भंग करते हुए इसके सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा संचालन एवं सम्यक्‌ विकास हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की घारा-32 के अंतर्गत अग्रलिखित योजना का निरूपण करता हूँः-

योजनायोजनायोजनायोजना

इस योजना का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी बाघा न्यास योजना'' होगा तथा इसे मूर्त रूप देने के लिए पर्षद द्वारा गठित न्यास समिति का नाम ''श्री राम जानकी ठाकुरबाड़ी न्यास समिति, बाघा'' होगा, जिससे न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्तियों के संघारण एवं संचालन का अधिकार होगा।

2. न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य होगा कि मंदिर की सम्पत्तियों की सुरक्षा को और न्यास की परंपरा एवं धार्मिक आचारों के अनुकुल पूजा-पाठ, राग-भोग, साधु-सेवा आदि की समुचित व्यवस्था करे ।

3. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली परख होगी । 4. न्यास समिति अधिनियम एवं उपविधियों में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रति वर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, बजट, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक्‌ रूप से प्रेषित करेगी ।

5. कोई नयी येाजना जिसका समावेष इसमें नहीं हो पाया है, आवष्यक समझे जाने पर इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद को अनुमोदन के लिए भेजेगी ।

6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे । अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष/मनोनित अध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेंगे। न्यास समिति की बैठक साल में कम से कम चार बार अवष्य होगी । 7. मंदिर में सम्यक्‌ पूजा-अर्चना, राग-भोग, साधु-सेवा, उत्सव, कर्मचारियों के वेतन एवं अन्य आवष्यक व्ययों के बाद जो राषि बचेगी, उसे पर्षद की अनुमति से दान-कल्याण के कार्यों पर व्यय किया जायेगा ।

8. न्यास की समग्र राषि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में न्यास के नाम से खाता खोलकर जमा किया जायेगा और अध्यक्ष या सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा ।

9. न्यास समिति के सचिव का मुख्य कर्त्तव्य समिति के निर्णयों को मूर्त रूप देना होगा तथा कोषाध्यक्ष न्यास के लेखा का सम्यक्‌ संघारण करेंगे ।

10. न्यास समिति का कोई सदस्य अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो उन्हें पर्याप्त अवसर देकर सदस्यता से वंचित कर दिया जायेगा।

11. इस योजना में परिवर्तन, परिवर्द्धन अथवा संषोधन एवं आकस्मिक रिक्तियों पर मनोनयन का अधिकार पर्षद मे निहित होगा ।

12. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेंगे या अपराधिक पृष्ठभूमि के होंगे तो उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जायेगी ।

13. यह योजना आदेष की तिथि से लागू होगी और इसका कार्यकाल अगले पाँच वर्षों का होगा ।

14. इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित व्यक्तियों को न्यास समिति का सदस्य मनोनित किया जाता हैः-

(1) श्री नित्यानन्द प्र0 सिंह, सेवा-निवृत ए0 डी0 एम0, बाघा बाई-पास, बेगुसराय - अध्यक्ष (2) श्री श्रवण कुमार, पुलिस निरीक्षक, बेगुसराय सदर - सचिव (3) प्रो0 षिवनाथ सिंह कुषवाहा, पूर्व प्राध्यापक, जी0 डी0 कॉलेज बेगुसराय - सदस्य (4) श्री राजीव रंजन, पार्षद, नगर निगम, बाघा - सदस्य12 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012 (5) श्री प्रमोद कुमार, अधिवक्ता, बेगुसराय - सदस्य (6) श्री सीताराम महतो, सेवानिवृत प्रधानाध्यापक - सदस्य (7) श्री सत्येन्द्र शर्मा ''पप्पु'', ग्राम- बाघा, बेगुसराय - सदस्य (8) श्री राज कुमार साह, ग्राम-बाघा, बेगुसराय - सदस्य (9) श्री नितीष रंजन, पत्रकार, साधना न्युज, बाघा - सदस्य (10) श्रीमती पूजा देवी, सदस्य, नगर निगम, बाघा, बेगुसराय - सदस्य (11) श्री जितेन्द्र कुमार जिब्बू, ग्राम- बाघा, बेगुसराय - सदस्य

आदेश से, किषोर कुणाल, अध्यक्ष।

ÑÑÑÑ

अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 06Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in13 (cid:18)बहार गजट, 25 अप्रील 2012

भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))

औऔऔऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_यार सवJसाधारण सूचनाएं इ_यार सवJसाधारण सूचनाएं इ_यार सवJसाधारण सूचनाएं इ_याNद।Nद।Nद।Nद। ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

सूचना

सं॰ 670—मैं संजय कुमार, पिता-किशुनदेव सिंह, ग्राम-हैबसपुर, बिक्रम पटना का निवासी शपथ पत्र 6910/13 दिसम्बर 2011 से संजय सिंह सुमन के नाम से जाना जाऊंगा।

संजय कुमार A

———

No. 672—I, RUCHIKA, D/o.- Anil Kumar, R/O.- Maharajganj, P.O.- Gulzarbagh, P.S.- Alamganj, Patna-7 vide affidavit no.106, dated 16th January 2012 declare that now onwards I shall be known as RUCHIKA VARDHAN.

RUCHIKA.

ÑÑÑÑ

अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 06Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 24 April 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2012-04-24.17/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2012-04-24.17.