Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 May 2012

Published 10 May 2012

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2012-05-10.198
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 20202020 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 198198198198) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, वृहःपवृहःपवृहःपवृहःपितितितितवारवारवारवार,,,, 10101010 मईमईमईमई 2012201220122012 1/उ0(स0)यो0स्वी0(हस्त0)-01/2012-2005-2005-2005-2005 सं0 सं0 सं0 सं0 1/उ0(स0)यो0स्वी0(हस्त0)-01/2012 1/उ0(स0)यो0स्वी0(हस्त0)-01/2012 1/उ0(स0)यो0स्वी0(हस्त0)-01/2012

उद्योग विभागउद्योग विभागउद्योग विभागउद्योग विभाग ------------------------ संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 20 अप्रील 201220 अप्रील 201220 अप्रील 201220 अप्रील 2012 विषयः-विषयः-विषयः-विषयः- मुख्यमंत्री समेकित हस्तमुख्यमंत्री समेकित हस्तमुख्यमंत्री समेकित हस्तमुख्यमंत्री समेकित हस्तकरघा विकास योजनान्तर्गत राज्य के सहकारिता एवं गैर सहकारिता बुनकरों को करघा विकास योजनान्तर्गत राज्य के सहकारिता एवं गैर सहकारिता बुनकरों को करघा विकास योजनान्तर्गत राज्य के सहकारिता एवं गैर सहकारिता बुनकरों को करघा विकास योजनान्तर्गत राज्य के सहकारिता एवं गैर सहकारिता बुनकरों को नये करघे, कॉरपस मनी, कर्मशाला निर्माण, सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र, यार्न डिपो, बुनकर हाट एवं नये करघे, कॉरपस मनी, कर्मशाला निर्माण, सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र, यार्न डिपो, बुनकर हाट एवं नये करघे, कॉरपस मनी, कर्मशाला निर्माण, सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र, यार्न डिपो, बुनकर हाट एवं नये करघे, कॉरपस मनी, कर्मशाला निर्माण, सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र, यार्न डिपो, बुनकर हाट एवं प्रसार-प्रचार मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना काल के चार वर्ष (2012-13 से से से से प्रसार-प्रचार मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना काल के चार वर्ष ( प्रसार-प्रचार मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना काल के चार वर्ष ( प्रसार-प्रचार मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना काल के चार वर्ष ( 2015-16) तक के लिए) तक के लिए) तक के लिए) तक के लिए रु0रु0रु0रु0 150150150150....25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ रूपये के अनुमानित 25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ रूपये के अनुमानित 25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ रूपये के अनुमानित 25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ रूपये के अनुमानित व्यय पर योजना की स्वीकृति । व्यय पर योजना की स्वीकृति । व्यय पर योजना की स्वीकृति । व्यय पर योजना की स्वीकृति । औद्योगिक पुनर्निर्माण में कृषि प्रक्षेत्र के बाद हस्तकरघा प्रक्षेत्र का एक महत्वपूर्ण स्थान है। इस तथ्य से सभी परिचित हैं कि यह उद्योग श्रम पर आधारित कुटीर एवं लघु उद्योग है, जिसमें लक्षित वर्ग के रोजगार सृजन करने की विपुल संभावना है तथा इस प्रक्षेत्र का विकास ग्रामीण आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का कार्य कर सकता है, बशर्ते कि बदलते हुए आर्थिक परिवेश में इस पर पर्याप्त ध्यान एवं संरक्षण देते हुए वक्त की मांग के अनुसार इसका समुचित एवं समग्र विकास किया जाये। इसी को ध्यान में रखकर हस्तकरघा के समेकित विकास के लिए मुख्यमंत्री समेकित हस्तकरधा विकास योजना की परियोजना प्रतिवेदन तैयार की गयी है। इसके अन्तर्गत 12वीं पंचवर्षीय योजना काल के चार वर्षों में (2012-13 से 2015-16) राज्य के सहकारिता एवं गैर सहकारिता प्रक्षेत्र के 37,724 बुनकरों में से 24,000 पूर्णकालिक बुनकरों को रु0 15,000 (पन्द्रह हजार) प्रति बुनकर लूम क्रय करने हेतु सहायता, 24,000 बुनकरों को कच्चा माल आदि के लिए कॉरपस फंड के रूप में प्रति बुनकरों रु0 5000 (पाँच हजार), 8000 बुनकरों के लिए प्रति बुनकर रु0 40,000 (चालीस हजार) बुनाई कर्मशाला के लिए आर्थिक सहायता, बुनकर बाहुल्य कलस्टरों में 40 सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र की स्थापना, बुनकरों को विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 100 स्टॉल का एक बुनकर हाट एवं 50-50 स्टॉल का 5 बुनकर हाट का निर्माण, यार्न डिपो के संचालन के लिए कॉरपस फंड एवं संचालित होनेवाली योजनाओं का सर्वेक्षण, पर्यवेक्षण मूल्यांकन कार्य आदि के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजनाकाल के 4 वर्षों के लिए कुल रु0 150.25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ का व्यय अनुमानित है। 2. (कककक.) राज्य के बुनकरों के पास उपलब्ध करघे या तो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है या पूराने प्रोद्यौगिकी के हैं। बुनकरों को गुणवत्तायुक्त कच्चा माल प्राप्त नहीं होते हैं, जिससे वे बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन करने में असमर्थ हो जाते हैं। उनके द्वारा उत्पादित वस्त्रों का विपणन की समस्या भी मुख्य समस्या है। रंगाई एवं फिनीसींग की2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 मई 2012 पर्याप्त सुविधा नहीं रहने के कारण वे निर्यात योग्य वस्त्र निर्माण में प्रभाव पड़ रहा है, जिसका प्रभाव उनके आय के साथ-साथ राज्य के राजस्व पर पड़ रहा है। इस प्रक्षेत्र का SWOT (स्वाट) विश्लेषण करने से स्पष्ट होता है कि राज्य में कुशल बुनकर उपलब्ध हैं। परन्तु उनके पास उपलब्ध करघे जीर्ण-शीर्ण है। साख सीमा के अभाव रहने के कारण न तो वे उन्नत वस्त्र का उत्पादन कर पाते हैं न ही वे बाजार के समक्ष भलीभांति पस्तुत कर पाते हैं। मिल प्रक्षेत्रों से मिल रही मूल्य प्रतिस्पर्धा तथा विश्व बाजार संगठन से बड़ी चुनौती के बावजूद इस प्रक्षेत्र में या apportunity प्राप्त है कि हस्तकरघा प्रक्षेत्र के अनुकूल वातावरण के कारण घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात क्षेत्र में भी पहचान है। (ख) तृतीय राष्ट्रीय हस्तकरघा सर्वेक्षण (2009-10) के अनुसार राज्य में लगभग 37,725 बुनकर बुनाई कार्य में लगे हुए हैं।

फुल टाईम (पूर्णकालिन) बुनकरों की संख्या पार्टटाईम (अल्पकालिन) बुनकरों की संख्या कुल
24,389 13,336 37,725

(क) पूराने एवं जीर्ण-शीर्ण करघे (ख) कच्चा माल/सूत की अनउपलब्धता (ग) उपयुक्त आवासीय सुविधा का आभाव (घ) प्रोसेसिंग सुविधा का आभाव (ड) विपणन की सुविधा

4. बुनकरों की समस्या को दूर करने हेतु पूर्व से संचालित छोटे-छोटे योजनाओं को बन्द कर समेकित विकास हेतु मुख्यमंत्री समेकित हस्तकरघा विकास योजना संचालित करना प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत बुनकरों को नये करघे का स्थापित करने हेतु आर्थिक सहायता, कच्चे माल क्रय हेतु कॉर्पस मनी, प्रकाशयुक्त वातावरण में कार्य करने हेतु कर्मशाला का निर्माण, प्री-लूम एवं पोस्ट लूम सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समान्य सुलभ सेवा केन्द्र की स्थापना, कच्चा माल के यार्न डिपो एवं विपणन सहायता सुनिश्चित करने हेतु बुनकर हाट की स्थापना आदि जो कंडिका-1 में उल्लेखित है का कार्यान्वयन किया जायेगा। इस योजना के कार्यान्वयन से राज्य के बुनकर आधुनिक एवं उन्नत करघों की स्थापना कर बाजार के अनुरूप कच्चे माल की व्यवस्था करते हुए घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात योग्य वस्त्रों का उत्पादन कर पायेंगे। साथ ही प्रस्तावित बुनकर हाट की स्थापना से अपने उत्पादित वस्त्रों का विपणन कर तथा क्रेता-बिक्रेता एक छत के नीचे सम्पर्क स्थापित कर और अधिक आय प्राप्त कर सकेंगे। 5. इस योजना का कार्यान्वयन अवधि 4 वर्ष (2012-13 से 2015-16 तक) है। (क) राज्य में कुल 24,339 बुनकर बुनाई कार्य में लगे हुए हैं, जिसमें से 24,000 बुनकरों को अगले चार वर्षों में निम्न घटकों के माध्यम से लाभान्वित किया जायेगाः-

क ्र0क्र0क्र0क्र0 योजना का नाम चार वर्षो चार वर्षो ं ं चार वर्षो चार वर्षो में 2012-16 ं ं प्रथम वर्ष 2012-13
भौतिक लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य (करोड़ में) भौतिक लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य वित्तीय लक्ष्य (करोड़ में)
1 पूराने करघे के स्थान पर नए करघे 24000 ' 36.00 6000 9.00
2 सूत के लिए कॉर्पस मनी 24000 12.00 6000 3.00
3 कर्मशाला-सह-आवास 8000 32.00 2000 8.00
4 सुलभ सेवा केन्द्र 40 (सुलभ सेवा केन्द्र) 32.00 20 (सुलभ सेवा केन्द्र) 16.00
5 यार्न डिपो 7 (यार्न डिपो) 15.00 2 (यार्न डिपो) 5.00
6 बुनकर हाट 6 (बुनकर हाट) 22.00 1 (बुनकर हाट) 7.00
7 प्रचार-प्रसार, मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि - 1.25 - .50
कुल-कुल-कुल-कुल- चार वर्षों में 150 150....25252525 150150 एक वर्ष में 48484848....50505050

7 प्रचार-प्रसार, मूल्यांकन पर्यवेक्षण आदि - 1.25 - .50 कुल-कुल-कुल-कुल- चार वर्षों मेंचार वर्षों मेंचार वर्षों मेंचार वर्षों में 150150150150....25252525 एक वर्ष मेंएक वर्ष मेंएक वर्ष मेंएक वर्ष में 48484848....50505050 (राज्य में वर्तमान में लगभग 24,000 पूर्णकालिक बुनकर हैं।) (ख) इस योजना पर अगले चार वर्षों में कुल रु0 150.25 (एक अरब पचास करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ एवं वर्ष 2012-13 में रु0 48.50 (अड़तालीस करोड़ पचास लाख) करोड़, 2013-14 के लिए रु0 61.25 (एकसठ करोड़ पच्चीस लाख) करोड़, 2014-15 के लिए रु0 20.25 (बीस करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ एवं 2015-16 के लिए रु0 20. 25 (बीस करोड़ पच्चीस लाख) करोड़ रू0 अनुमानित व्यय प्रस्तावित है। 6. इस योजनान्तर्गत सहकारिता एवं गैर सहकारित क्षेत्र के सामान्य रूप से बुनकरों को लाभान्वित करना प्रस्तावित है। इस योजनान्तर्गत प्रथम चरण में 300-500 वाले 20 हस्तकरघा कलस्टरों वाले बुनकरों को लाभान्वित3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 10 ebZ 2012 करना प्रस्तावित है। द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण में क्रमशः 100-200, 50-100 एवं 25-50 बुनकर वाले कलस्टर में योजना क्रियान्वित किया जायेगा। 7. इस योजनान्तर्गत बुनकरों को उत्पादित वस्त्रों का ब्रान्डिंग भी किया जायेगा। साथ ही योजना कार्यान्वयन का मूल्यांकन, पर्यवेक्षण, सर्वेक्षण एवं सामाजिक अंकेक्षण किया जायेगा साथ ही किसी ख्याति प्राप्त संस्था से योजना कार्यान्वयन के पश्चात्‌ मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार की जायेगी, जिससे स्पष्ट हो सके कि पोस्ट इम्पैक्ट स्कीम यानि, वास्तविक रूप से बुनकरों को कितना लाभ हुआ है। 8. इस योजना के लिए करघों के क्रय हेतु सहायता राशि कॉर्पस फंड की राशि, कर्मशाला निर्माण हेतु राशि तथा सामान्य सुलभ सेवा केन्द्र की स्थापना का कार्यान्वयन पदाधिकारी भागलपुर एवं गया के लिए उप विकास पदा0 (वस्त्र) एवं अन्य जिलों के लिए संबंधित महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र होंगे। बुनकर हाट का कार्यान्वयन पदाधिकारी संबंधित जिला पदाधिकारी तथा यार्न डिपो संचालन के लिए कार्यान्वयन अभिकरण के रूप में भागलपुर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेभलपमेंट होंगे। 9. इस योजनान्तर्गत नए करघे क्रय हेतु सहायता की राशि, कॉर्पस राशि एवं कर्मशाला निर्माण हेतु सहायता की राशि बुनकरों के खाते में सीधे स्थानान्तरण की जायेगी। 10. इस योजनान्तर्गत लाभान्वितों का चयन संबंधित जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित एक समिति द्वारा की जायेगी। 11. इस योजना के कार्यान्वयन में पूरी पारदर्शिता हो, इसके लिए हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय से एक विहित प्रक्रिया भी जारी की जायेगी। 12. अतः हस्तकरघा बुनकरों के लिए पूर्व से संचालित छोटे-छोटे योजनाओं के स्थान पर मुख्यमंत्री समेकित हस्तकरघा विकास योजना के नाम से एक नई योजना चलाया जाना प्रस्तावित है, जिसका विवरण कंडिका 5 पर है। यह योजना वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक कार्यान्वित की जाएगी, जिस पर विभिन्न वर्षो में कंडिका 5 के 'ख''ख''ख''ख' के अनुरूप कुल 150.25 करोड़ रूपये के अनुमानित व्यय पर वर्षवार योजना उदव्यय एवं बजट प्रावधान होने पर योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। 13. प्रस्तावित राशि मुख्य शीर्ष 2851-ग्राम एवं लघु उद्योग, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष 103 हथकरघा उद्योग , मांग संख्या-23 उपशीर्ष-0103 हस्तकरघा विकास की योजना, विपत्र कोड पी-2851001030103 के अन्तर्गत विभिन्न विषय शीर्ष एवं मुख्य शीर्ष-2851-ग्राम एवं लघु उद्योग, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष 789 अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना, मांग संख्या-23 उपशीर्ष-0104 हस्तकरघा विकास की योजना, विपत्र कोड पी-2851007890104 के अन्तर्गत विकलित होगा। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारी, सभी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, सरकार के विशेष सचिव।

————

अधी-क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु3ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 198-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 May 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2012-05-10.198/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2012-05-10.198.