िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2222 (cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)येंठंठंठंठ 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 209209209209) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 23232323 मईमईमईमई 2012201220122012 सं0 पर्य॰निदे॰(स्था॰)-59/07—688/प0नि0 पर्यटन विभाग (पर्यटन निदेषालय) ------- संकल्प 19 अप्रील 2012 विषय :-पर्यटन विभाग, बिहार राज्य द्वारा पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की सुविधा हेतु गाईड लाईसेंस स्वीकृत करने हेतु गाईड (मार्गदर्षकों) के चयन के संबंध में। पर्यटकों के साथ सीधा संवाद करने के कारण उनके सुविधाजनक एवं सुखद राज्य भ्रमण में गाईड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक प्रषिक्षित गाइड पर्यटकों को विभिन्न पर्यटकीय स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से सम्पर्क करने में भी मदद करते है। साथ ही उन्हें सही सूचना प्रदान कर पर्यटकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखकर उनकी यात्रा को सुखद एवं सुविधाजनक बनाकर राज्य की अच्छी छवि दर्षाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसी स्थिति में प्रषिक्षित गाइडों का समुचित संख्या में होना राज्य में पर्यटकों को बढ़ावा देने के लिए आवष्यक है। यह देखा गया है कि विगत कई वर्षों में इस राज्य में अन्तर्राष्ट्रीय/विदेषी एवं घरेलू/देषी पर्यटकों की संख्या में निरन्तर बढ़ोतरी/वृद्धि हुई है और तद्नुसार गाइड की मांग में भी वृद्धि होना स्वाभाविक है। 2. उपरोक्त कारणों से सुयोग्य व्यक्तियों को गाईड के रूप में चयन के लिए पूर्व में संकल्प संख्या 1144, दिनांक 14.06.2005 के द्वारा मार्गदर्षिका निर्गत की गई थी। कालान्तर में इस मार्गदर्षिका में संषोधन की आवष्यकता महसूस की गई। तद्नुसार संषोधित मार्गदर्षिका निर्गत की जा रही है। आदेषः-आदेष दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए मार्गदर्षिका सहित इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाषित कराया जाय तथा इसकी प्रतिलिपि पर्यटन विभाग में सभी प्रषाखाओं, पर्यटन निदेषालय के सभी पदाधिकारियों, सभी पर्यटक सूचना केन्द्र को उपलबध करायी जाय।
आदेश से, धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, निदेषक, पर्यटन।2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 गाईड लाइसेंस स्वीकृत करने के लिये संगाईड लाइसेंस स्वीकृत करने के लिये संगाईड लाइसेंस स्वीकृत करने के लिये संगाईड लाइसेंस स्वीकृत करने के लिये संषोधित मार्गदर्षिकाषोधित मार्गदर्षिकाषोधित मार्गदर्षिकाषोधित मार्गदर्षिका
1111.... भूमिकाःभूमिकाःभूमिकाःभूमिकाः पर्यटकों के साथ सीधा संवाद करने के कारण पर्यटक के राज्य भ्रमण की सफलता में गाईड की अहम भूमिका होती है, उन्हें सभी सूचना प्रदान कर पर्यटकों की सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखकर तथा उनकी यात्रा को सुखद अविस्मरणीय और संतोषप्रद बनाकर गाईड राज्य की सही छवि दर्षाने की जिम्मेदारी निभाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू दोनों प्रकार के पर्यटकों के लिये गाईडों की संस्था होना आधारभूत जरूरतों का एक बहुत ही बुनियादि अवयव होता है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन में निरंतर बढ़ोतरी होती रही है। इसके अतिरिक्त बढती संपन्नता के परिणाम स्वरूप घरेलू पर्यटकों की आवाजाही में भी यथेष्ट वृद्धि हुई है। अंतर्राष्ट्रीय तथा घरेलू दोनों प्रकार के पर्यटकों के लिये गाईड की बढ़ती मांग की पूर्ति हेतु गाईड की द्विस्तरीय प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है ताकि विभिन्न बाजार खण्डों की आवष्यकताओं की पूर्ति की जा सके। ये निम्नांकित है :- (क) राज्य स्तरीय गाईड : राज्य सरकार द्वारा प्रषिक्षित किये जायेंगे। (ख) स्थानीय गाईड : राज्य सरकार/स्थानीय प्रषासन के नियंत्रण में प्रषिक्षित किये जायेंगे। 2222.... गाईडगाईडगाईडगाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रमों/रिफ्रेषर पाठ्यक्रमों की बारंबारता और गाईडों की भर्ती की प्रक्रिया :- प्रषिक्षण पाठ्यक्रमों/रिफ्रेषर पाठ्यक्रमों की बारंबारता और गाईडों की भर्ती की प्रक्रिया :- प्रषिक्षण पाठ्यक्रमों/रिफ्रेषर पाठ्यक्रमों की बारंबारता और गाईडों की भर्ती की प्रक्रिया :- प्रषिक्षण पाठ्यक्रमों/रिफ्रेषर पाठ्यक्रमों की बारंबारता और गाईडों की भर्ती की प्रक्रिया :- (क) इन गाईडों को प्रषिक्षित करने में न केवल राज्य के पर्यटन विषयक पहलूओं को प्रमुखता दी जाएगी बल्कि पर्यटन विभाग, बिहार द्वारा बनाये गये विस्तृत पाठ्यक्रम के अनुसार सम्पूर्ण राज्य के सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक नीतियों आदि का अच्छा ज्ञान भी प्रदान किया जायेगा। (ख) राज्य सरकार पर्यटन उद्योग के परामर्ष से राज्य स्तरीय गाईडों की आवष्यकता का अवधारण भी करेगी। राज्य स्तरीय गाईडों के लिये प्रषिक्षण चर्या पर्यटन विभाग द्वारा बनाये गये पाठ्यक्रम के अनुसार होगी। (ग) स्थानीय गाईडों के संबंध में उनके प्रषिक्षण से संबंधित स्थिति का विवरण कंडिका-5 में दिया गया है। 3333.... राज्य सरकार राज्य स्तरीय गाईड के पाठ्यक्रमों का विज्ञापन चयनित मीडिया में करेगी। राज्य सरकार राज्य स्तरीय गाईड के पाठ्यक्रमों का विज्ञापन चयनित मीडिया में करेगी। राज्य सरकार राज्य स्तरीय गाईड के पाठ्यक्रमों का विज्ञापन चयनित मीडिया में करेगी। राज्य सरकार राज्य स्तरीय गाईड के पाठ्यक्रमों का विज्ञापन चयनित मीडिया में करेगी। 4444.... शैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीशैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीशैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीशैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीमामामामा गाईडों के सीधे चयन के लिये निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा विहित हैः- राज्य स्तरीय गाईड (क)(क)(क)(क) शैक्षणिक योग्यताशैक्षणिक योग्यताशैक्षणिक योग्यताशैक्षणिक योग्यता किसी मान्यता प्राप्त विष्वविद्यालय से न्यूनतम स्नातक ( इतिहास/पुरातत्व विज्ञान को प्राथमिकता) अथवा किसी मान्यता प्राप्त विष्वविद्यालय/संस्थान आदि से पर्यटन में तीन वर्षीय डिग्रीधारी। अथवा (i) किसी मान्यता प्राप्त विष्वविद्यालय/स्वीकृत संस्थान, सुविख्यात संगठन, दुतावास या उनके सांस्कृतिक केन्द्र आदि से विदेषी भाषा में कम से कम छः माह के नियमित पाठ्यक्रम के साथ न्यूनतम 10+2 या समकक्ष प्रमाण पत्र। इस प्रकार के संस्थानों की स्वीकृति के विषय में कोई विवाद होने पर निदेषक, पर्यटन विभाग का निर्णय अंतिम होगा। (ii) धारा प्रवाह अंग्रजी भाषा बोलने की क्षमता होना अनिवार्य है। (ख)(ख)(ख)(ख) आयु सीमाआयु सीमाआयु सीमाआयु सीमा (i) गाईडों की भर्ती के लिये मीडिया में प्रथम विज्ञापन आने की तारीख को आवेदक की आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिये। (ii) विदेषी भाषा पाठ्यक्रम वाले आवेदकों के मामले में उपर दर्षायी गयी आयु सीमा 20 से 50 वर्ष के बीच होगी। (iii) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये उपरी आयु सीमा 5 वर्ष तक षिथिल की जायेगी। (iv) अनुभवी एवं प्राईवेट कार्यरत गाईडों को चयन समिति द्वारा निर्धारित उम्र एवं अर्हता में छूट दी जा सकेगी। स्थानीय गाईडस्थानीय गाईडस्थानीय गाईडस्थानीय गाईड (क) न्यूनतम उच्च विद्यालय या समकक्ष प्रमाण पत्र (यह विनिर्दिष्ट किया जायेगा कि एस॰ एस॰ सी॰ या सी.
बी.एस.सी. या दसवीं उतीर्ण)।
(ख) आयु 20 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिये। (ग) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिये उपरी आयु सीमा 5 वर्ष तक षिथिल की जाएगी।
(घ) अनुभवी एवं प्राईवेट कार्यरत गाईडों को चयन समिति द्वारा निर्धारित उम्र एवं अर्हता में छूट दी जा सकेगी।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 5555.... गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम के लिये चयन :गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम के लिये चयन :गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम के लिये चयन :गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम के लिये चयन :
प्रषिक्षण की अवधिः-प्रषिक्षण की अवधिः-प्रषिक्षण की अवधिः-प्रषिक्षण की अवधिः- राज्य स्तरीय गाईडों के प्रषिक्षण की अवधि 4 सप्ताह होगी एवं जिला स्तरीय गाईडों के प्रषिक्षण की अवधि 4 सप्ताह होगी। इस अवधि को पर्यटन विभाग द्वारा घटाया या बढ़ाया जा सकता है। गाईडों को व्यवहारिक प्रषिक्षण के साथ-साथ बिहार के अन्दर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों, रूचिकर स्थानों आदि के भ्रमण पर विषेष ध्यान दिया जायेगा। उन्हें बिहार की पर्यटन नीति से भी अवगत कराया जा सकेगा। राज्य स्तरीय गाईडराज्य स्तरीय गाईडराज्य स्तरीय गाईडराज्य स्तरीय गाईड राज्य सरकार एक स्क्रीनिंग कमिटी गठित करेगी जिसमें पर्यटन विभाग, होटल तथा पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधि होंगे और भारतीय पर्यटन कार्यालय गाईडों के चयन/प्रषिक्षण के लिये उसी प्रक्रिया का अनुसरण करेगा जो उपर्युक्त पारा 4 (क) एवं (ख) में दर्षायी गयी है। राज्य स्तरीय गाईडों के लिये साक्षात्कार समिति में निम्नलिखित समाविष्ट होंगेः- (i) राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के निदेषक अथवा उनके प्रतिनिधि। (ii) भारत पर्यटन कार्यालय से एक प्रतिनिधि। (iii) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से एक प्रतिनिधि। (iv) बिहार यात्रा अभिकर्ता संघ/आई.ए.टी.ओ., जहॉं कहीं संभव हो अथवा स्थानीय व्यापार से एक प्रतिनिधि। (v) स्थानीय विष्वविद्यालय से एक प्रतिनिधि। (vi) विदेषी भाषा विषेषज्ञ। साक्षात्कार समिति के न्यूनतम चार सदस्यों की उपस्थिति से गणपूर्ति होगी। किन्तु चार की सूची में बिहार सरकार के पर्यटन निदेषक अथवा उनके प्रतिनिधि अवष्य सम्मिलित होंगे। पर्यटन निदेषालय द्वारा राज्य स्तरीय गाईड के चयन हेतु ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। आमंत्रित आवेदनों में उच्चतक प्राप्तांक वाले अभ्यर्थियों का रिक्ति के आधार पर लघु सूची बनाया जायेगा एवं लघु सूचित आवेदकों का निदेषालय स्तर पर एक उक्त समिति द्वारा साक्षात्कार लिया जायेगा। साक्षात्कार के आधार पर निदेषालय सफल आवेदकों की सूची को बिपार्ड प्रषिक्षण हेतु भेजेगी। चार सप्ताह के प्रषिक्षण के उपरांत बिपार्ड एक परीक्षा लेकर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को गाईड लाईसेंस निर्गत करने हेतु निदेषक, पर्यटन को अनुषंसा भेजेगी। जिला स्तरीय गाईडजिला स्तरीय गाईडजिला स्तरीय गाईडजिला स्तरीय गाईड हर जिला के लिये जिला में स्थित पर्यटन स्थलों के लिये गाईडों का चयन जिला पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा। जिला पदाधिकारी के अध्यक्षता में चयन समिति का गठन होगा जो आवेदकों को साक्षात्कार के आधार पर प्रषिक्षण हेतु चयन करेगी। इस अभ्यर्थियों का नाम जिला पदाधिकारी द्वारा बिपार्ड में प्रषिक्षण हेतु भेजा जायेगा। चार सप्ताह के प्रषिक्षण के उपरान्त बिपार्ड एक परीक्षा लेकर उतीर्ण अभ्यर्थियों को गाईड लाईसेंस निर्गत करने हेतु जिला पदाधिकारी को अनुषंसा भेजेंगे। जिला स्तरीय गाईडों के लिये साक्षात्कार समिति में निम्नलिखित समाविष्ट होंगेः- (i) जिला पदाधिकारी या उनके प्रतिनिधि। (ii) राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के निदेषक अथवा उनके प्रतिनिधि। (iii) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से एक प्रतिनिधि। (iv) स्थानीय विष्वविद्यालय के इतिहास या मानवषास्त्र या पुरातत्व विज्ञान विभाग से एक प्रतिनिधि। साक्षात्कार समिति के न्यूनतम तीन सदस्यों की उपस्थिति से गणपूर्ति होगी। किन्तु तीन की सूची में बिहार सरकार के पर्यटन निदेषक अथवा उनके प्रतिनिधि अवष्य सम्मिलित होंगे। 6666.... पूर्ववृत का सत्यापनपूर्ववृत का सत्यापनपूर्ववृत का सत्यापनपूर्ववृत का सत्यापन गाईड लाईसेंस निर्गत कराने के पूर्व अभ्यर्थियों का स्थानीय पुलिस स्टेषन से विभाग पूर्ववृत का सत्यापन करायेगा तथा कोई प्रतिकूल रिपोर्ट होने पर अभ्यर्थी तुरंत अनर्हित हो जायेगा। 7777.... गाईड लाईसेंस निर्गत किया जाना :-गाईड लाईसेंस निर्गत किया जाना :-गाईड लाईसेंस निर्गत किया जाना :-गाईड लाईसेंस निर्गत किया जाना :- राज्य स्तरीय प्रषिक्षित गाईड को बिहार पर्यटन कार्यालय द्वारा तीन वर्षों की वैधता वाला लाईसेंस दिया जायेगा एवं जिला स्तरीय प्रषिक्षित गाईड को जिला पदाधिकारी के द्वारा तीन वर्षों की वैधता वाला लाईसेंस दिया जायेगा। इनका नवीकरण प्रत्येक तीन वर्षों के बाद किया जायेगा जो उनके कार्य संपादन एवं अन्य शर्तों के अधीन होगा। गाईड अपने कार्ड की वैधता के समापन की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसे नवीकरण के लिये अवष्य जमा कर देगा। सफलतापूर्वक प्रषिक्षण पाठ्यक्रम पुरा कर लेने पर गाईडों को राज्य सरकार के पर्यटन निदेषक एवं जिला पदाधिकारी द्वारा गाईड लाईसेंस निर्गत किया जायेगा। 8888.... अन्य शर्तेंअन्य शर्तेंअन्य शर्तेंअन्य शर्तें यदि कोई गाईड नियमित/अंषकालिक रोजगार करता हो अथवा यात्रा, पर्यटन या आतिथ्य सत्कार संबंधी क्रियाकलापों और उन दुकानों, जिनसे पर्यटकों को समान्यतया समान बेचे जाते हों, से कोई कारोबारी हित रखता हो तो गाईडों के लिये गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम हेतु उस पर विचार नहीं किया जायेगा। जो ऐसे4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 रोजगार/भागीदारी में संलग्न पाये जायेंगे उनका गाईड लाईसेंस प्रतिसंहृत कर दिया जायेगा।
9999.... विनियामक निबंधन और शर्तों को हस्ताक्षरित करना विनियामक निबंधन और शर्तों को हस्ताक्षरित करना विनियामक निबंधन और शर्तों को हस्ताक्षरित करना विनियामक निबंधन और शर्तों को हस्ताक्षरित करना गाईड को राज्य सरकार के पर्यटन निदेषक द्वारा उपान्तरण सहित यथा विहित नियमों और विनियमों का पालन करना होगा। 10101010.... गाईड लाईसेंस रद्द किया जानागाईड लाईसेंस रद्द किया जानागाईड लाईसेंस रद्द किया जानागाईड लाईसेंस रद्द किया जाना शर्तों का उल्लंघन करने वाले गाईडों को अमान्य करने का दायित्व निदेषक पर्यटन को होगा। 11111111.... पाठ्यक्रम फीस-पाठ्यक्रम फीस-पाठ्यक्रम फीस-पाठ्यक्रम फीस- (क) चयनित अभ्यर्थियों को परीक्षा फीस सहित पाठ्यक्रम फीस का भुगतान विभाग द्वारा किया जायेगा। (ख) गाईड प्रषिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेष के लिए चयनित अभ्यर्थियों द्वारा भुगतान की जाने वाली फीस में से परिचय पत्र/लाईसेंस की लागत पूरी की जायेगी।
(ग) परिचय पत्रों/लाईसेंस के नवीकरण तथा द्वितीयक परिचय पत्र की फीस का निर्धारण पर्यटन विभाग के परामर्ष से निदेषक द्वारा किया जायेगा।
12121212.... गाईड का स्थानान्तरणगाईड का स्थानान्तरणगाईड का स्थानान्तरणगाईड का स्थानान्तरण किसी स्थानान्तरण की अनुमति नहीं होगी, परन्तु विषेष मामले में स्थानांतरण का अधिकार विभाग का होगा। 13131313.... गाईड फीस :गाईड फीस :गाईड फीस :गाईड फीस : (क) गाईडों द्वारा ली जानेवाली फीस यात्रा व्यवसाय के परामर्ष से राज्य सरकार द्वारा नियत की जा सकेगी।
14141414.... क्षेत्राधिकारक्षेत्राधिकारक्षेत्राधिकारक्षेत्राधिकार गाईडों का क्षेत्राधिकार चयनित स्थल का क्षेत्र होगा। 15. सेवा-निवृति गाईड के लिए सेवा-निवृति की कोई आयु विहित नहीं होगी। 16. पर्यटन विभाग, बिहार सरकार/बिहार पर्यटन विकास निगम/पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के सेवा-निवृत कर्मचारियों के लिए गाईड लाईसेंस।
पर्यटन विभाग, भारत पर्यटन विकास निगम, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सेवा-निवृत कर्मचारियों को गाईड लाईसेंस उनके अनुरोध पर तभी निर्गत किया जायेगा जब वे गाईडों के लिए सघन प्रषिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करेंगे। 17171717.... टिप्पणी :टिप्पणी :टिप्पणी :टिप्पणी : समय-समय पर बिना कोई कारण बताए मार्गदर्षिका पर स्पष्टीकरण जारी करने उसे उपान्तरित करने अथवा संषोधित करने का अधिकार पर्यटन विभाग, बिहार सरकार का होगा। अनुमोदित गाईडों के आचरण एवं कार्य संपादन को विनियमित करने की शर्तें और निबंधनकी शर्तें और निबंधनकी शर्तें और निबंधनकी शर्तें और निबंधन अनुमोदित गाईडों के आचरण एवं कार्य संपादन को विनियमित करने अनुमोदित गाईडों के आचरण एवं कार्य संपादन को विनियमित करने अनुमोदित गाईडों के आचरण एवं कार्य संपादन को विनियमित करने 1. अनुमोदित गाईड, पर्यटन विभाग द्वारा उसे दिये गये स्तरित (लैमिनेटेड) पहचान पत्र लगाएगा और पर्यटकों के साथ चलने पर अपने नाम की पट्टी भी लगाएगा/लगाएगी।
2. अनुमोदित गाईड, पर्यटन विभाग द्वारा उसे दिये गये पहचान पत्र अथवा कोई अन्य कागजात को किसी अन्य व्यक्ति (व्यक्तियोंं) के उधार प्रदान नहीं करेगा/करेगी। इस नियम का कोई उल्लंघन उसे अनुषासनिक कार्रवाई का भागी बनाएगा तथा उसे दिया गया लाईसेंस वापस ले लिया जायेगा। 3. परिचय पत्र खो जाने अथवा क्षतिग्रस्त हो जाने की दषा में गाईड तुरन्त समबद्ध पर्यटक कार्यालय एवं नजदीकी थाना को सूचित करेगा। प्रथम सूचना रिपोर्ट एवं इस परिचय पत्र खो जाने के बयान के आधार पर वह नये सिरे से द्वितीयक परिचय पत्र के लिए आवेदन करेगा। परिचय पत्र/लाईसेंस की सुरक्षित अभिरक्षा की जिम्मेवारी गाईड की होगी।
द्वितीयक परिचय पत्र निर्गत करने के लिए पर्यटन विभाग के परामर्ष से सम्बद्ध निदेषक द्वारा समय-समय पर निर्धारित नाम मात्र की फीस ली जायेगी।
4. मांग किये जाने पर अनुमोदित गाईड पर्यटन विभाग अथवा पुरातत्वीय स्मारकों के प्रभारी अथवा राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के अधिकारियों द्वारा निर्गत अपना पहचान पत्र दिखलाएगा/दिखलाएगी। 5. गाईड, पर्यटकों से बख्शिस अथवा प्रषंसा पत्र की मांग नहीं करेगा। गाईड अपने अथवा अपने परिवार में उनपर आश्रित किसी अन्य व्यक्ति के लिए किसी प्रकार का प्रषंसा पत्र अथवा मूल्यवान वस्तु अथवा यथा विदेष की मुफ्त यात्रा, छात्रवृति अथवा किसी धार्मिक वर्ग आदि के लिए चन्दा की मांग नहीं करेगा। 6. अनुमोदित गाईड शालीनता के साथ कपड़े पहनेगा ताकि उसके पेषे और राज्य की गरिमा और मर्यादा बनी रहे।
7. गाईड, बिहार यात्रा प्रचालक संघ के परामर्ष से बिहार गाईड संघ द्वारा समय-समय पर नियत की गई फीस लेगा।
8. गाईड किसी व्यावसायिक घराने, व्यापार घरों, यात्रा अभिकर्ताओं, होटल चलाने वालें, भुगतान आधारित अतिथि गृहों, दुकानदारों, परिवहन संचालकों आदि के कारबार के संबंध में न तो किसी प्रकार का प्रचार करेगा, न कमीषन स्वीकार करेगा और न अनैतिक कार्य करेगा।
9. मार्गदर्षक किसी प्रतिष्ठान के साथ भागीदारी कर अथवा कमीषन के आधार पर किसी अन्य कारबार में5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 शामिल नहीं होगा।
10. गाईड कोई अंषकालिक/पूर्णकालिक नियोजन स्वीकार नहीं करेगा अथवा यात्रा, पर्यटन या अतिथ्य सत्कार से संबंधित क्रियाकलापों या ऐसे दुकानों के कारबार में कोई हित नहीं रखेगा जो सामान्यतः पर्यटकों को बिक्री करता हो। यदि वह ऐसा करता हुआ पाया जायेगा तो गाईड लाईसेंस तात्कालिक प्रभाव से रद्द हो जायेगा।
11. गाईड, पर्यटकों को केवल उन्हीं स्मारकों एवं सार्वजनिक भवनों का सैर-सपाटा करायेगा जो पर्यटकों के यात्रा विवरण में सैर-सपाटा के भाग के रूप में शामिल हो। पर्यटकों (चाहे वे अकेले हो या समूह में) को खरीदारी, हवाई अड्डा लाने-ले जाने अथवा स्मारकों, सार्वजनिक भवनों, संग्रहालयों आदि का सैर-सपाटा कराने से भिन्न किसी अन्य कार्य के लिए साथ जाने की अनुमति गाईड को नहीं होगी। किसी भी परिस्थिति में गाईड पर्यटकों के साथ दुकानों में नहीं जायेगा। यदि कोई गाईड इस उपबंध का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता हो तो उसका लाईसेंस रद्द कर दिया जायेगा।
12. गाईड, राज्य सरकार के पर्यटक कार्यालयों अथवा अन्य एजेंसियों यथा यात्रा अभिकर्ताओं/भ्रमण अभिकर्ताओं/होटल चलाने वालों, आदि द्वारा उसे सौपे गए किसी कार्य को करने से बिना वैध कारणों के इनकार नहीं करेगा।
13. गाईड की भूमिका निभाते समय, गाईड चालक के रूप में कार्य नहीं करेगा। 14. गाईड पर्यटकों के साथ अथवा अपने कार्य के निष्पादन के दौरान सम्पर्क में आनेवाले अन्य अधिकारियों के साथ अच्छा आचरण अथवा शालीन व्यवहार बनाये रखेगा।
15. गाईड एफ॰आई॰टी॰ समूह, कोच यात्रा, भ्रमण आदि सहित सौपें गये सभी कार्यों को स्वीकार करेगा। इन्हें नियमावली के अनुसार तथा विहित प्रपत्र में स्वीकार किया जाएगा।
16. गाईड अतिमहत्वपूर्ण व्यक्तियों, समूहों, एफ॰आई॰टी॰ से संबंधित कार्यों के साथ-साथ निपटाये गये कार्यों की संख्या दर्षाये हुए हित प्रपत्र में त्रैमासिक विवरण प्रस्तुत करेगा।
17. अनुमोदित गाईड को संबंधित बिहार पर्यटन कार्यालय द्वारा समय-समय पर निदेषित अल्पकालीन प्रषिक्षण, पुनष्चर्या में अनिवार्यतः भाग लेना होगा।
18. इस पेषा में आने के समय एवं उसके बाद जब कभी बिहार पर्यटन कार्यालय द्वारा अपेक्षा की जाय, गाईड को स्वच्छता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
19. गाईड का कार्य करने के पेषा से एक माह से अधिक की अनुपस्थिति की लिखित सूचना पर्यटक कार्यालय को देनी होगी।
20. तीन सप्ताह से अधिक की अपनी विदेष यात्रा की दषा में गाईड बिहार पर्यटन कार्यालय को रिपोर्ट करेगा।
21. नैतिक चरित्रहीनता वाले कदाचार के अपराध के लिए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये गाईड का पहचान पत्र उसके विरुद्ध मामला लम्बित रहने के दौरान वापस ले लिया जायेगा। न्यायालय द्वारा उसे सिद्धदोष ठहराये जाने की स्थिति में पहचान पत्र तुरंत जप्त कर लिया जायेगा।
22. विधि द्वारा निषिद्ध स्थलों का अथवा देष की छवि धूमिल करनेवाला फोटोग्राफ लेने से विदेषी पर्यटकों को अगाह करने की जिम्मेदारी गाईड की होगी।
23. किसी अनुमोदित गाईड के विरूद्ध कोई षिकायत प्राप्त होने पर सम्बद्ध बिहार पर्यटन कार्यालय उक्त गाईड को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा तथा कारण बताओं नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों के अन्दर उसे उस पर लगाये गये आरोपों के बचाव में अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया जायेगा। ऐसे मामलों में बिहार पर्यटन कार्यालय के सम्बद्ध निदेषक/प्रबंधक द्वारा कारण बताओ नोटिस सम्बद्ध निदेषक के पूर्व अनुमोदन से जारी किया जायेगा।
ऐसे अभ्यावेदन पर अंतिम निर्णय निदेषक पर्यटन, बिहार सरकार के पूर्व अनुमोदन से कारण बताओ नोटिस का जवाब प्राप्त होने की तारीख से 45 दिन के भीतर लिया जायेगा। दोषी पाये जाने पर उस गाईड का पहचान पत्र छः महीनों के लिए निलम्बित कर दिया जाएगा। यदि कोई गाईड दूसरी बार दोषी पाया जाता हो तो उसका पहचान पत्र एक वर्ष के लिए निलम्बित कर दिया जायेगा तथा तीसरी बार दोषी पाये जाने पर पहचान पत्र स्थायी रूप से वापस ले लिया जायगा। किन्तु ऐसे सभी अवसरों पर अंतिम निर्णय निदेषक पर्यटन, बिहार सरकार का होगा।
24. अनुमोदित गाईड मात्र उसी क्षेत्र (इलाके) का कार्य स्वीकार करेगा जिसके लिए बिहार पर्यटन कार्यालय से गाईड लाईसेंस प्रदान किया गया हो। यात्रा अभिकर्ताओं द्वारा पारस्परिक करार से तय फीस का भुगतान किये जाने पर वह पूरे बिहार में यात्रा समूहों के साथ मार्गरक्षी के रूप में जोन का हकदार होगा। मार्गरक्षी का कार्य करने की स्थिति में गाईड उसके गाईड लाईसेंस में वर्णित क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत पड़ने वाले स्मारकों का ही सैर-सपाटा कराएगा। अन्य सभी स्थलों पर उस सुसंगत क्षेत्र के अनुमोदित गाईड की सेवा लेनी होगी।
25. यदि कोई गाईड स्वास्थ्य देष से बाहर रहने आदि कारणों से सक्रिय गाईड सेवा प्रदान करने में दो वर्षों से अधिक अवधि से अनुपस्थित हो तो यह माना जायेगा कि उसने यह पेषा छोड़ दिया है और इस स्थिति में गाईड को दिया गया पहचान पत्र/लाईसेंस रद्द हो जायेगा। किन्तु यदि कोई गाईड 2 वर्षों की अनुपस्थिति6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 के पष्चात् पुनः उस पेषा में आना चाहता हो तो उसे बिहार पर्यटन कार्यालय द्वारा संचालित पुनष्चर्या पाठ्यक्रम में भाग लेना होगा।
26. मार्गदर्षक विद्यमान नियमों तथा पर्यटन विभाग तथा बिहार पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा समय-समय पर बनाये जाने वाले नियमों तथा शर्तों का पालन करेगा, ऐसा नहीं करने पर उसे दिया गया पहचान पत्र वापस ले लिया जायेगा।
''मैं एतद् द्वारा सत्यनिष्ठा से उपर्युक्त सभी निबंधनों और शर्तों का पालन करने एवं उन्हें स्वीकार करने के लिए सहमत हूँ। मैंने इससे उपाबद्ध पर्यटक गाईडों की आचार संहिता को पढ़ा और समझ भी लिया है और मैं वचन देता हूँ कि अपने पेषे के निर्वहन एवं संचालन में उनका निष्ठापूर्वक पालन करूंगा।
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पर्यटक गाईडों के लिए आचार संहितापर्यटक गाईडों के लिए आचार संहितापर्यटक गाईडों के लिए आचार संहितापर्यटक गाईडों के लिए आचार संहिता
• पर्यटक गाईड ''अतिथि देवो भवः'' की प्राचीन भारतीय अवधारणा का अनुसरण करते हुए बिहार की अच्छी एवं सकारात्मक छवि को प्रदर्षित करने के प्रति सदैव सचेष्ट रहेगा।
• पर्यटक गाईड अपने को पर्यटकों का मित्र समझेगा, षिष्ट एवं मददगार की तरह काम करेगा तथा पर्यटकों के साथ कभी विष्वासघात नहीं करेगा और अपने नैतिक एवं सदाचारिक जिम्मेवारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।
• इसलिए पर्यटक गाईड इस बात का ध्यान रखेगा कि ''मुंह से निकलने वाले शब्दों'' एवं मंतव्यों का राज्य की छवि बनाने में विलक्षण प्रभाव पड़ता है। यह सर्वाधिक महंगे विज्ञापन की अपेक्षा कई गुणा अधिक मूल्यवान होता है।
• पर्यटक गाईड सदैव षिष्ट, दक्ष, व्यवहार कुषल, दयालु प्रवृति का होगा तथा बिहार की सप्राण एवं सत्कारषील प्रकृति का प्रदर्षन करेगा।
• पर्यटक गाईड यह सुनिष्चित करेगा कि वह राज्य की नवीनतम गतिविधियोंं की सही एवं सभी संभव सूचना दे तथा अपने को अद्यतन रखे। वह अपनी संस्कृति एवं परम्परा को समझे एवं उनके सकारात्मक पहलुओं को उजागर करे और पर्यटक तथा स्थानीय लोग दोनों एक दूसरे का आदर करें, यह सुनिष्चित करने के लिए वह स्थानीय रीति-रिवाजों और परम्पराओं से जुड़ी बातों से अच्छी तरह वाकिफ हो।
• पर्यटक गाईड सदैव समय निष्ठ, सजा-सँवरा, आकर्षक पोषाक में सभ्य, सौम्य एवं सुसंस्कृत होगा। उसका समर्पण भाव एवं आचरण ऐसा हो कि इस पेषा अथवा राज्य की छावि कभी धूमिल न होने पाये।
• पर्यटक गाईड सौपे गये कर्तव्यों के प्रति सदैव विष्वसनीय रहेगा तथा न केवल पर्यटकों के साथ बल्कि अन्य, यथा सरकारी पदाधिकारियों और जन सामान्य के साथ भी व्यवहार करने में उसका आचरण अनुकरणीय होगा।
• पर्यटक गाईड अनैतिक एवं भेदमूलक आचरण से परहेज करेगा और मर्यादापूर्ण एवं अकाट्य ईमानदारी के साथ व्यवहार करेगा। वह कुत्सित मौद्रिक एवं अन्य लाभ प्राप्त करने से परहेज करेगा और न जानबूझकर पर्यटकों को बहकायेगा।
• पर्यटक गाईड हर संभव बहस से परहेज करेगा तथा याद रखेगा कि ग्राहक हमेषा सही होता है। • पर्यटक गाईड पूरे बिहार में अपने सहकर्मियों के साथ घनिष्ठ सहयोग, समझदारी एवं संपर्क को बढ़ावा देने की दृष्टि से अपने नाम एवं ख्याति को बरकरार रखेगा/रखेगी।
• पर्यटक गाईड हमारी विरासत, स्मारक और पारिस्थितिकी का आदर करेगा तथा उनकी रक्षा करेगा7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012
| पूर्व की मार्गदर्शिका के प्रावधान | वर्तमान मार्गदर्शिका के प्रावधान |
| 1- पूर्व में दो स्तरीय गाईड चयन की प्रक्रिया थी। (i) राज्य स्तरीय गाईड :- (ii) स्थानीय गाईड :- 2- शैक्षणिक योग्यता :- (i) राज्य स्तरीय गाईड :- किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम स्नातक अथवा किसी मान्यता प ्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान आदि से पर्यटन में तीन वर्षीय डिग्रीधारी अथवा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय /स्वीकृत संस्थान, सुविख्यात संगठन/दूतावास या उनके सांस्कृतिक केन्द्र आदि से विदेशी भाषा में कम से कम छः माह के नियमित पाठ्यक्रम के साथ न्यूनतम 102 या समकक्ष प्रमाण-पत्र। (ii) स्थानीय गाईड :- (क) न्यूनतम उच्च विद्यालय या समकक्ष प्रमाण-पत्र (यह विनिर्दिष्ट किया जायेगा कि एस॰एस॰सी॰ या सी॰बी॰ एस॰ई॰ या दसवीं उतीर्ण)। 3 - चयन की प्रक्रिया :- राज्य सरकार एक स्क्रीनिंग कमिटि गठित करेगी। समिति राज्य स्तरीय गाईडों के प्रशिक्षण हेतु अपेक्षित अभ्यर्थियों की सही संख्या का चयन करेगी। लिखित जाँच एवं साक्षात्कार दोनों के संयुक्त प्राप्तांकों के आधार पर तैयार मेघा-सूची के अनुसार ही गाईड का चयन किया जायेगा। | 1- वर्तमान मार्गदर्शिका में गाईडों का चयन राज्य स्तर एवं जिला स्तर के लिए किया जायेगा। 2 - शैक्षणिक योग्यता :- (i) किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (इतिहास/पुरातत्व विज्ञान को प्राथमिकता) अथवा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान आदि से पर्यटन में एक वर्षीय डिप्लोमा। अथवा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/स्वीकृत सुविख्यात संगठन, दूतावास या उनके सांस्कृतिक केन्द्र आदि से विदेशी भाषा में कम से कम छः माह के नियमित पाठयक्रम के साथ न्यूनतम 102 या समकक्ष प्रमाण-पत्र। (ii) अनुभवी व्यक्ति को चयन समिति द्वारा अर्हता एवं आयु-सीमा में छूट दी जायेगी। 3 - चयन की प्रक्रिया :- राज्य एवं जिला स्तर पर चयन समिति का गठन होगा जो आवेदकों को उच्चत्तम प्राप्तांक के आधार पर लघु सूचित करेगी। लघु सूचित आवेदकों को साक्षात्कार के आधार पर समिति विपार्ड में प्रशिक्षण हेतु भेजेगी। प्रशिक्षण के उपरान्त विपार्ड एक परीक्षा लेकर उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को गाईड लाईसेंस निर्गत करने हेतु निदेशक, पर्यटन/जिला पदाधिकारी को अनुशंसा भेजेेंगे। |
आदेश से, धर्मेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, निदेषक, पर्यटन।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 209-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in