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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 23 May 2012

Published 23 May 2012

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2012-05-23.212
Languages
English, Hindi

िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट

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3. बिहार नॉलेज सोसाईटी के गठन का मुख्य उद्देश्य निम्नवत्‌ है :- (क) शिक्षण/प्रशिक्षण संस्थाओं को उद्योग जगत के साथ पारस्परिक निरन्तर सहयोग स्थापित कर बढ़ावा देना ताकि अधिक-से-अधिक बेरोजगार युवकों के रोजगार की सम्भावना में वृद्धि हो सके। (ख) सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे युवाओं का क्षमता संवर्द्धन करना ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम हो सके।

(ग) सोसाइटी के माध्यम से युवाओं को अल्पावधि के सस्ते दर पर Vocational Education एवं प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सके या वे स्वयं स्वरोजगार की ओर प्रेरित हो सके।

(घ) युवाओं को अपनी Technical, Professional एवं Soft Skill को बढ़ाने का अवसर प्रदान करना, ताकि वे अपने को वर्तमान परिवेश में औद्योगिक जगत एवं Job Market की आवश्यकताओं के अनुरूप ढ़ाल सके।

(ङ) सूचना प्रौद्योगिकी, शासन, उद्योग, कृषि, विकास क्षेत्र आदि से संबंधित विषयों में स्वतंत्र रूप से अथवा किसी विशेषज्ञ, संस्था और एजेंसी के साथ मिलकर परामर्शी सेवा उपलब्ध कराना तथा इन क्षेत्रों में2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 तकनीकी प्रशिक्षण भी संचालित करना तथा इन विषयों पर सेमिनार, सम्मेलन एवं कार्यशाला आयोजित करना।

(च) राज्य सरकार के ई.-शासन संबंधी विभिन्न कार्यक्रमों के संवर्धन एवं आमजनों में इसकी ग्राहयता के वृद्धि हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई करना।

4. बिहार नॉलेज सोसायटी के प्रबंधीय संरचना अन्तर्गत शासी निकाय का गठन विकास आयुक्त की अध्यक्षता में

क्रमांक समिति के सदस्य पदनाम
1. विकास आयुक्त अध्यक्ष
2. प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग उपाध्यक्ष
3. मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी, बेस्ट सदस्य
4. मानव संसाधन विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
5. वित्त विभाग, बिहार सरकार द्वारा आवंटित पदाधिकारी सदस्य
6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
7. श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
8. सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा मनोनित पाँच सुविख्यात बुद्धिजीवी/ अकादमिशियन सदस्य
9. प्रबन्ध निदेशक, बेल्ट्रॉन सदस्य सचिव

5. (क) बिहार नॉलेज सोसायटी की कार्यकारिणी समिति का गठन प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी विभाग की अध्यक्षता में होगी, जिसमें प्रबन्ध निदेशक, बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लि॰, पटना के साथ-साथ अन्य पदाधिकारी विषय विशेषज्ञ का सदस्य के रूप में कार्यकारिणी द्वारा मनोनयन किया जा सकेगा। कार्यपालक निदेशक बिहार नॉलेज सोसाईटी इसके सचिव होंगे। कार्यकारिणी समिति के सदस्य निम्न प्रकार होंगे :-

क्रमांक समिति के सदस्य पदनाम
1. प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी अध्यक्ष
2. प्रबन्ध निदेशक, बेल्ट्रॉन सदस्य
3. मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बेस्ट सदस्य
4. महाप्रबन्धक, बेल्ट्रॉन सदस्य
5. सूचना प्रावैधिकी विभाग का एक पदाधिकारी सदस्य
6. कार्यकारिणी द्वारा मनोनीत विषय विशेषज्ञ सदस्य

(ख) कार्यकारिणी समिति द्वारा कार्यपालक निदेशक का कार्य सम्पादन हेतु किसी व्यक्ति को नियुक्त/नामांकित किया जायेगा।

6. वित्तीय प्रबन्धन :- (क) (i) बिहार नॉलेज सोसाईटी का वित्तीय वर्ष प्रथम अप्रैल से शुरू होकर 31, मार्च को समाप्त होगा। (ii) वित्तीय वर्ष 2012-13 के लिए प्रारम्भिक निवेश एवं सोसाईटी के संचालन पर होने वाले व्यय का वहन राज्य सरकार से प्रदत्त अनुदान की राशि से किया जायेगा। आगे के वर्षों के लिये आवश्यकता के आलोक में राज्य सरकार द्वारा यथा आवश्यक वित्त पोषण अनुदान के रूप में प्रदत्त किया जायेगा।

(ख) सामान्य रूप से इस सोसाईटी के वित्तीय स्त्रोत निम्न प्रकार हैं :- (i) राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान। (ii) केन्द्र एवं संयुक्त राष्ट्र निकायों सहित किसी राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय निकायों से प्राप्त अनुदान। (iii) बेल्ट्रॉन एवं बेस्ट से प्राप्त अनुदान। (iv) निवेशों से आय। (v) बिहार ज्ञान सोसाईटी के अधीन गठित बिहार ज्ञान केन्द्र के प्रशिक्षणार्थियों/छात्रों से संग्रहित फीस तथा बिहार ज्ञान सोसाईटी केन्द्र के परामर्शी क्रियाकलापों से संग्रहित फीस। (vi) भारत और विदेश के व्यक्तियों अथवा निकायों से दान अथवा अंशदान। (vii) अन्य स्रोतों से आय। (viii) सदस्यता अभिदान।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 7. नियमावली में राज्य सरकार को निम्न शक्तियाँ प्रदत्त रहेगीं :- (क) Memorandum of Association में निहित किसी भी मदों को जोड़ने, परिवर्तन करने अथवा हटाने के संबंध में निदेश दे सकती है।

(ख) बॉय-लॉज के मद संख्या-7 के अधीन के अधीन सौंपी गई सोसाइटी को नियुक्ति एवं सेवा समाप्ति से संबंधित शक्ति के लिए निदेश जारी कर सकती है।

8. सोसाइटी के लिए पदों की संख्या एवं इसका सृजन राज्य सरकार का अनुमोदन प्राप्त कर किया जायेगा। पदों पर नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित Regulation के अनुसार की जायेगी।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को राजकीय राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति सभी विभाग/विभागाध्यक्ष/प्रमंडलीय आयुक्त/ जिलाधिकारी/ अनुमंडलाधिकारी को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव ।

बिहार ज्ञान सोसाइटी

(क) संगम-ज्ञापन

1. सोसाइटी का नाम ः- सोसाइटी का नाम ''बिहार ज्ञान सोसाइटी'' (बि॰ज्ञा॰सो॰) होगा। 2. रजिस्ट्रीकृत कार्यालय ः- सोसाइटी का रजिस्ट्रीकृत कार्यालय बेल्ट्रॉन भवन, शास्त्रीनगर, पटना में

अवस्थित होगा।

3. कार्य क्षेत्र ः- बि॰ज्ञा॰सो॰ का कार्य क्षेत्र सम्पूर्ण बिहार में होगा। 4. उद्देश्य ः- सोसाइटी के उद्देश्य निम्नलिखित होंगे :- (i) सूचना प्रौद्योगिकी एवं अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकियों का संबर्धन कर ज्ञान आधारित सोसाइटी की स्थापना के मिशन का परिशीलन कर बिहार की संस्थाओं और व्यक्ति विशेष की सहायता करना। (ii) बिहार के निवासियों की श्रेष्ठ अंतर्निहित क्षमता की पहचान करने में उनकी सहायता करना और उनकी अपनी भलाई के बारे में सोंचने के लिए तथा समाज की बेहतरी में अपना योगदान के लिए समर्थ बनाना।

(iii) विभिन्न साधनों से नवयुवकों को ज्ञान और शोध में भावी नेतृत्वकर्त्ता बनाने में मदद करना। (iv) उद्योग और बाजार की आवश्यकताओं को चिह्नित करने के लिए समावेशी, विस्तृत प्रक्रिया निरूपित करना और प्रशिक्षण, मानव संसाधनों का अनुश्रवण और जरूरतमंदों को परामर्श सहायता के माध्यम से इनका समाधान करना।

(v) प्रशिक्षण पैकेज और पाठयक्रमों में शोध और विकास के फलाफल के सुव्यवस्थित और अनुकूल एकीकरण के लिए प्रक्रिया निरूपित करना।

(vi) तकनीकी एवं सहज कौशल सहित ऐसी आवश्यक कुशलता प्रदान करना जो उन्हें अपने नियोक्ता के लिए उपयोगी बनने में मदद करे अथवा उनके खुद के उधम के उद्देश्य की पूर्ति के लिए उपयोगी हो। (vii) मानव शक्ति के प्रशिक्षण की व्यवस्था कर राज्य में ई.-शासन को प्रोत्साहित करना तथा इस सेक्टर को परामर्शी सहायता प्रदान कराना।

(viii) बिहार ज्ञान सोसाइटी के उद्देश्य को प्रोत्साहित करने तथा बिहार के मानव संसाधन विकास में सार्थक योगदान के लिए युवकों और बच्चों को परामर्श, प्रशिक्षण, नियोजन में मदद हेतु सम्पूर्ण बिहार के विद्यालयों, तकनीकी संस्थाओं, महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालय में बिहार ज्ञान केन्द्र की शाखाएँ खोलना तथा चलाना।

(ix) क्षमतावान युवकों की तलाश करना, प्रोत्साहित करना, पहचान करना तथा चयन करना, उनके कौशल को परिष्कृत करना तथा उत्पादक नियोजन और स्व-नियोजन में उनकी सहायता करने की दृष्टि से उन्हें सेवा, वाणिज्यक और औद्योगिक उद्यम के साथ जोड़ना।

(x) संभावित और मौजूदा उद्यमियों को प्रशिक्षण तथा परामर्श प्रदान करने के लिए तकनीकी कार्यशाल तथा प्रयोगशाला एवं सूचना प्रौद्योगिकी क्लिनिक चलाना और शोध कार्य करना तथा जानकारी का प्रसार करना।

(xi) तकनीकी पाठ्‌यक्रमों की पाठ्‌यचर्या तैयार करना और परीक्षा अथवा जाँच आयोजित करना, प्रशिक्षणार्थियों को डिप्लोमा अथवा प्रमाण-पत्र प्रदान करना।

(xii) बिहार राज्य के मानव संसाधन विकास की नीतियों और कार्यक्रमों के साथ प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े किन्हीं संस्थाओं अथवा व्यक्तियों के समूह के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, कार्यशाला, सम्मेलन आदि संचालित करना। 4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 (xiii) लोगों में उद्यमशीलता की प्रवृत्ति विकसित करने की दृष्टि से व्यक्ति, संस्था, सामुदायिक समूहों को प्रेरणादायी प्रशिक्षण प्रदान करना।

(xiv) शिक्षित बेरोजगार और सुविधाहीन समूहों, महिलाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी स्नातकों, स्नातकोत्तर एवं अन्य को उद्यम लगाने तथा चलाने के लिए सभी पहलूओं में प्रशिक्षण और को अनुदेश का व्यवस्था करना ताकि वे उद्योग तथा व्यवसाय जैसे सूचना प्रौद्योगिकी, प्रेरणा, प्रबन्धन, वित्त, उत्पादन, विपणन, प्रौद्योगिकी, लेखा, श्रम विधि, कराधान विधियों आदि से संबंधित सभी विषयों से सुपरिचित हो सकें। (xv) सूचना प्रौद्योगिकी तथा औद्योगिक एवं सामाजिक विकास के क्षेत्र में अद्यतन जानकारी, परिष्कृत प्रौद्योगिकी से परिचित कराने, ज्ञानबर्धन करने एवं अवगत कराने के लिए शोध संचालित करना या प्रायोजित करना।

(xvi) सूचना प्रौद्योगिकी, शासन, उद्योग, कृषि, विकास क्षेत्र आदि से संबंधित विषयों में स्वतंत्र रूप से अथवा किसी विशेषज्ञ, संस्था और एजेंसी के साथ मिलकर परामर्शी सेवा उपलब्ध कराना तथा इन क्षेत्रों में तकनीकी प्रशिक्षण भी संचालित करना तथा इन विषयों पर सेमिनार, सम्मेलन एवं कार्यशाला आयोजित करना।

(xvii) उत्पादन-सह-प्रशिक्षण, सार्वजनिक सुविधा केन्द्र, कार्यशाला, हॉल, छात्रावास, सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रौद्योगिकी संग्रहालय और किसी संस्थापन की स्थापना करना, संधारित करना, प्रबंधन करना तथा उन कार्यों के लिए उसमें भाड़े पर देना।

(xviii) राज्य प्राधिकार को परामर्शी सहायता और समर्थन देकर बिहार राज्य के मानव संसाधन विकास में सार्वजनिक निजी भागीदारी को बढ़ावा देना।

(xix) शिक्षण प्रशिक्षण प्रारम्भ तथा संचालित कर, सूचना प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए विद्यालय में आवश्यक हार्डवेयर तथा साफ्टवेयर उपलब्ध कराकर पुस्तकालय, वाचनालय, छात्रावास, उपचारी शिक्षा केन्द्र तथा जागरूकता अभियान चलाकर राजकीय विद्यालयों एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यालयों के लिए विद्यालय सशक्तिकरण कार्यक्रम चलाना।

(xx) राज्य कॉरपोरेट सेक्टर, लोकोपकारक तथा अन्य दाताओं से निधि की उगाही करना तथा संगम ज्ञापन में उल्लिखित उद्देश्यों तथा लक्ष्यों को पूरा करने में उनका उपयोग करना।

(xxi) सोसाइटी की निधियों एवं धन का निवेश तथा लेन-देन करना। (xxii) सोसाइटी के उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिए सुविधाजनक अथवा आवश्यक किसी चल या अचल सम्पत्ति को अर्जित करना या क्रय करना या अन्यथा स्वामित्व में लेना अथवा अस्थायी या स्थायी तौर पर बाहर से पट्‌टा अथवा किराये पर लेना।

(xxiii) बिहार ज्ञान केन्द्र के कार्यों के लिए सरकार/अन्य स्रोतों से समय-समय पर प्राप्त निधियों, सामग्री, उपस्कर के समुचित उपयोग को नियंत्रित तथा अनुश्रवित करना।

(xxiv) सोसाइटी के क्रियाकलापों के दैंनदिन निष्पादन के लिए नियमावली तथा विनियमावली बनाना और आवश्यक होने पर राज्य सरकार के परामर्श से समय-समय पर संगम-ज्ञापन में संशोधन करना। (xxv) सोसाइटी के प्रयोजनार्थ किसी व्यक्ति को अस्थायी या स्थायी तौर पर नियुक्त अथवा नियोजित करना तथा उन्हें अध्यक्ष द्वारा यथाअवधारित वेतन देना।

(xxvi) बिहार ज्ञान केन्द्र के उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिए शासी निकाय के द्वारा यथानिर्णीत किसी अन्य निकाय के साथ सहयोग एवं सहायता करना।

(xxvii) सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर से सम्बद्ध उद्यमिता स्कीम के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु विभिन्न वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित करना तथा ऐसे उद्यमियों के लिए सावधि ऋण एवं कार्यात्मक पूँजी की व्यवस्था करना।

(xxviii) मानव संसाधन विकास तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रक्षेत्र की परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु केन्द्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों, राज्य सरकार तथा उनके लोक उपक्रमों एवं निगमों के साथ समन्वय स्थापित करना।

(xxix) बिहार ज्ञान केन्द्र के उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिए राज्य सरकार या केन्द्र सरकार या किसी औद्योगिक या अन्य संगठनों के समन्वय से किसी कार्यक्रम को संचालित करना।

(xxx) भारत तथा विदेश के अन्य इसी तरह की संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना। (xxxi) उपर्युक्त उद्देश्यों को अग्रसर करने हेतु बिहार ज्ञान केन्द्र द्वारा यथोचित या सुविधाजनक समझी जानेवाली रीति से तथा विशिष्टतः बंध-पत्र, डिबेंचर, विनिमय-पत्र, वचन-पत्र (प्रामिसरीनोट) या बिहार ज्ञान केन्द्र की अन्य बाध्यताओं या प्रतिभूतियों को जारीकर ऋण लेना, उगाही करना या धन का भुगतान सुनिश्चित करना तथा ऐसी किन्हीं वाध्यताओं पर प्रतिभूतियों को क्रय करना, मोचन करना या चुका देना।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 (xxxii) बिहार ज्ञान केन्द्र के उद्देश्यों को अग्रत्तर करने के लिए किसी प्रकार का अनुदान, उपहार, दान अभिदान स्वीकार करना तथा प्रदान करना।

(xxxiii) बिहार ज्ञान केन्द्रों के उद्देश्यों तथा क्रियाकलापों को अग्रसर करने के लिए आवश्यक या सुविधाजनक किसी चल अथवा अचल सम्पत्ति को अस्थायी या स्थायी तौर पर क्रय करना या उपहार स्वरूप स्वीकार करना या अन्यथा अर्जित करना तथा स्वामित्व में लेना या पट्‌टा पर या भाड़े पर लेना तथा उसका किसी भी रीति से व्यवहार करना।

(xxxiv) बिहार ज्ञान केन्द्र के कामकाज के लिए यथा आवश्यक या सुविधाजनक बिहार ज्ञान केन्द्र की सभी या किसी भी चल-अचल सम्पत्ति की बिक्री करना, समनुदेशित करना, पट्‌टा पर देना, अदला-बदली करना और अन्यथा अंतरित या निपटान करना, लेखा में लेना या अन्यथा व्यवहार करना। (xxxv) ऐसे सभी विधिपूर्ण कार्य करना जो कार्यक्रमों के उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक अथवा प्रासंगिक हो। 5. प्रबंधन : बिहार ज्ञान सोसाइटी के कार्यकलापों का प्रबंधन नियमानुसार शासी परिषद्‌ को सौंपा गया है। शासी परिषद्‌ के अधोलिखित सरकारी सदस्य के पदेन सदस्य के रूप में पद धारण करेंगे। गैर सरकारी सदस्य 3 वर्षों की अवधि तक पद धारण करेंगे। 6. शासी परिषद्‌ : शासी परिषद्‌ के प्रथम सदस्यगण सोसाइटी के नियमों द्वारा जिन्हें कार्यकलापों का प्रबंधन

क्रमांक नाम पता पेशा पदनाम
1. विकास आयुक्त अध्यक्ष
2. प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी उपाध्यक्ष
3. मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी, बेस्ट सदस्य
4. मानव संसाधन विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
5. वित्त विभाग, बिहार सरकार द्वारा आवंटित पदाधिकारी सदस्य
6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
7. श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
8. सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा मनोनित पाँच सुविख्यात बुद्धिजीवी/अकादमिशियन सदस्य
9. प्रबन्ध निदेशक, बेल्ट्रॉन सदस्य सचिव

धारा-14क के अनुसार राज्य सरकार में निहित हो जाएगें।

8. इच्छुक व्यक्ति ः हम, विभिन्न व्यक्ति जिनका नाम, पता, पेशा तथा हस्ताक्षर नीचे दिया गया है, उपर्युक्त ज्ञापन के अनुसरण में सोसाइटी बनाने के इच्छुक हैं तथा इसे सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 21, 1860 के अधीन रजिस्ट्रीकृत कराना भी चाहते हैं।

क्रमांक नाम पता पेशा पदनाम हस्ताक्षर
1. विकास आयुक्त अध्यक्ष
2. प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रावैधिकी उपाध्यक्ष
3. मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी, बेस्ट सदस्य
4. मानव संसाधन विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
5. वित्त विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
7. श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा अभिहित पदाधिकारी सदस्य
8. सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा नामनिर्दिष्ट सुविख्यात अकादमिशियन सदस्य
9. प्रबन्ध निदेशक, बेल्ट्रॉन सदस्य सचिव
6 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012

प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त व्यक्तियों ने मेरी उपस्थिति में अपना हस्ताक्षर किया। हस्ताक्षर ः पदनाम ः पता ः

(ख) बिहार ज्ञान सोसाइटी ललित भवन, बेली रोड, पटना, बिहार, भारत बिहार ज्ञान सोसाइटी की नियमावली

1. परिभाषाएँ : (क) जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो इस नियमावली में (बिहार ज्ञान सोसाइटी, ललित भवन, बेली रोड, पटना, बिहार),

(ख) बिहार ज्ञान सोसाइटी से अभिप्रेत है बिहार ज्ञान सोसाइटी अथवा बि॰ ज्ञा॰ सो॰ , (ग) सोसाइटी से अभिप्रेत है ''बिहार ज्ञान सोसाइटी'', (घ) बी॰ ई॰ एस॰ टी॰ से अभिप्रेत है शासन में सार्वजनिक निजी भागीदारी के मॉडल के अधीन बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड एवं आधारभूत संरचना पट्‌टा एवं वित्तीय सेवाएँ और प्रौद्योगिकी लिमिटेड,

(ङ) ''अधिनियम'' से अभिप्रेत है सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम (1860 की अधिनियम संख्या-xxi), (च) शासी परिषद्‌ से अभिप्रेत है, बिहार ज्ञान केन्द्र के नियम के अधीन गठित निकाय जो सोसाइटी की ओर से सभी शक्तियों का प्रयोग करेगा,

(छ) कार्यकारिणी समिति से अभिप्रेत है इस नियमावली की धारा-6 के अनुसार कार्यकारिणी समिति, (ज) ''अध्यक्ष/उपाध्यक्ष'' से अभिप्रेत होगा बिहार ज्ञान सोसाइटी के शासी निकाय का अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, (झ) ''सदस्य'' से अभिप्रेत है शासी परिषद्‌ का सदस्य, (ञ) ''सदस्य सचिव'' से अभिप्रेत होगा बिहार ज्ञान सोसाइटी का सदस्य सचिव अर्थात मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी- बी॰ई॰एस॰टी॰,

(ट) निधि से अभिप्रेत है बिहार ज्ञान सोसाइटी की निधि, (ठ) ''रजिस्ट्रीकृत कार्यालय'' से अभिप्रेत है बिहार ज्ञान सोसाइटी का रजिस्ट्रीकृत कार्यालय। यह बिहार राज्य की राजधानी में अवस्थित होगा, अर्थात बेल्ट्रॉन भवन, शास्त्री नगर, पटना, बिहार, भारत में अथवा समय-समय पर बिहार ज्ञान सोसाइटी की शासी परिषद्‌ द्वारा यथानिर्णीत स्थान पर,

(ड) ''वर्ष'' से अभिप्रेत है अप्रैल से 31, मार्च तक का वित्तीय वर्ष, (ढ़) नियमावली-नियमावली से अभिप्रेत है राज्य सरकार के अनुमोदन से शासी परिषद्‌ द्वारा सम्यक्‌ रूप से बनाई गई नियमावली,

(ण) विनियमावली-विनियमावली से अभिप्रेत है शासी परिषद्‌ द्वारा सम्यक रूप से बनाई गई एवं समय-समय पर संशोधित विनियिमावली,

(त) उप-विधि-उप विधि से अभिप्रेत है शासी परिषद्‌ द्वारा बनाई गई एवं समय-समय पर संशोधित उप-विधि,

(थ) कार्यपालक निदेशक- कार्यपालक निदेशक से अभिप्रेत है कार्यकारिणी समिति द्वारा सम्यक रूप से नियुक्त/नामनिर्दिष्ट बि॰ ज्ञा॰ सो॰ का कार्यपालक निदेशक।

2. बि॰ ज्ञा॰ सो॰ की निधियाँः बि॰ ज्ञा॰ सो॰ की निधियों में निम्नलिखित समाविष्ट होंगेः- (क) बि॰ज्ञा॰सो॰ के अधीन गठित बिहार ज्ञान केन्द्र के प्रशिक्षणार्थियों/छात्रों से संग्रहित फीस तथा बि॰ज्ञा॰सो॰ के॰ के परामर्शी क्रियाकलापों से संग्रहित फीस,

(ख) बेल्ट्रॉन एवं बी॰ ई॰ एस॰ टी॰ से प्राप्त अनुदान, (ग) केन्द्र एवं राज्य सरकार से या किसी प्रतिष्ठान से अथवा संयुक्त राष्ट्र निकायों सहित किसी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय निकायों से प्राप्त अनुदान,

(घ) भारत और विदेश के व्यक्तियों अथवा निकायों से दान अथवा अंशदान, (ङ) निवेशों से आय, (च) अन्य स्रोतों से आय, और (छ) सदस्यता अभिदान। 3. संसाधन : बिहार ज्ञान सोसाइटी की आय एवं सम्पत्ति संगम-ज्ञापन में उल्लिखित उद्देश्यों के संवर्धन में ही लगाई जायेगी। केन्द्र और राज्य सरकार, केन्द्र एवं राज्य स्तरीय संस्थाओं तथा अन्य सरकारी, गैर सरकारी एवं निजी प्रायोजकों द्वारा दिये गये अनुदान, संबद्ध सरकार, केन्द्र एवं राज्य स्तरीय संस्थाओं और अन्य प्रयोजकों द्वारा समय-समय पर यथा अनुबद्ध परिसीमाओं के अध्यधीन प्रयुक्त किए जा सकेंगे। बिहार ज्ञान सोसाइटी की आय एवं सम्पत्ति का कोई भी भाग किसी भी रूप में लाभांश, वोनस के रूप में या अन्यथा प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः बिहार ज्ञान सोसाइटी के सदस्यों को या उनके माध्यम से दावा करने वाले किसी व्यक्ति को लाभ के रूप में भुगतान या अंतरित7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 नहीं किया जाएगा। परन्तु इसमें अन्तर्विष्ट कोई भी बात बिहार ज्ञान सोसाइटी को प्रदान की गई किसी सेवा के बदले शासी निकाय द्वारा यथा अनुमोदित पारिश्रमिक के भुगतान से निरोध नहीं करेगी। 4. सदस्यता : शासी परिषद्‌ के सदस्य सोसाइटी के सदस्य होंगे। 5. सोसाइटी का शासन (शासी परिषद्‌ एवं पदधारक) 5.1 शासी परिषद्‌ का गठन : इस नियमावली के उपबंध के अध्यधीन, सोसाइटी के काम-काज, राज्य सरकार के समग्र नियंत्रण के अध्यधीन शासी परिषद्‌ द्वारा प्रशासित और नियंत्रित होंगे। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव सहित नौ सदस्य होंगे। मृत्यु या अन्यथा हुई रिक्तियाँ, ऐसी रिक्तियाँ होने के तीन माह के भीतर शासी परिषद्‌ की अनुशंसा पर अध्यक्ष द्वारा भरी जाएगी। 5.2 शासी परिषद्‌ की शक्ति एवं कृत्य : (क) संगम ज्ञापन में विनिर्दिष्ट उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामान्य शासी परिषद्‌ सशक्त प्राधिकार होगा, (ख) परिषद्‌ विशिष्टतः निम्नलिखित कृत्यों एवं शक्तियों का संपादन और प्रयोग करेगी, (ग) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से किसी नियम को निरसित या संशोधित करने का निर्णय/सोसाइटी के कार्यों के सम्पादन हेतु विभिन्न पदों के सृजन पर कार्यकारिणी की अनुशंसा के आलोक में यथोचित निर्णय लिया जाना। राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों के सृजन पर राज्य सरकार का अनुमोदन आवश्यक होगा।

(घ) अधिनियम या नियमावली के अधीन कार्यकारिणी समिति द्वारा प्रस्तुत किसी प्रस्ताव का अनुमोदन करेगी,

(ङ) प्रत्येक वर्ष के लिए सोसाइटी के बजट प्राक्कलनों का अनुमोदन करेगी तथा बजट की सीमाओं के अन्तर्गत व्यय स्वीकृत करेगी,

(च) बिहार ज्ञान सोसाइटी द्वारा यथापेक्षित धन को बि॰ ज्ञा॰ सो॰ की अभिरक्षा वाली निधियों से उधार लेगी या उगाही करेगी,

(छ) यथावश्यक हद तक अपनी किन्हीं शक्तियों को कार्यकारिणी को सोसाइटी के किसी अन्य पदाधिकारी को प्रत्यायोजित करेगी,

(ज) संस्था के वार्षिक प्रतिवेदन, वार्षिक लेखा एवं वित्तीय प्राक्कलनों पर यथा उपर्युक्त प्रस्ताव पर विचार करेगी और उसे पारित करेगी।

(झ) बिहार ज्ञान सोसाइटी के प्रयोजनार्थ किसी चल या अचल सम्पत्ति को अधिगृहीत करना, पट्‌टा पर लेना या अदला-बदली करना, भाड़े पर लेना या अन्यथा अर्जित करना तथा उपर्युक्त निबंधनों पर करार, संविदा बाध्यताओं और व्यवस्थाओं को पूरा करना।

5.3 शासी निकाय द्वारा निर्णय किया जाना : शासी निकाय की बैठक हर छः माह के अंतराल पर कम-से-कम एक बार होगी। प्रशासी प्रबंधक समिति के सदस्यों को बैठक के संबंध में विस्तृत संसूचना देने की जिम्मेवारी सचिव की होगी। प्रत्येक सदस्य को कम-से-कम दो सप्ताह पूर्व बैठक की सूचना दी जाएगी। किन्तु, असाधारण बैठक 48 घंटे की अल्प सूचना पर बुलाई जा सकेगी। अध्यक्ष या उसका/प्राधिकृतनाम निर्देशिती बि॰ज्ञा॰सो॰ के प्रबन्धन समिति के हरेक बैठक की अध्यक्षता करेगा और इस नियमावली द्वारा उसे प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करेगा। सदस्यों की कुल संख्या के आधे से अधिक किसी संख्या से गणपूर्ति होगी। यदि निर्धारित बैठक में एक घंटे के भीतर गणपूर्ति नहीं होती हो तो अगली सूचना तक के लिए बैठक स्थागित हो जायेगी। अध्यक्ष इस बैठक की एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था करेंगे और सभी सदस्यों को उसके आयोजन की जानकारी दी जाएगी। स्थागित बैठक के पुनर्निधारण की दशा में उपस्थित सदस्यों से कोरम पूरा हो जायेगा। कोई प्रस्ताव पारित हुआ या गिर गया इस संबंध में अध्यक्ष का निर्णय निर्णायक होगा। ऐसे निर्णय की चुनौती नहीं दिए जाने या मतदान की मांग नहीं किए जाने पर या मतदान की मांग किए जाने पर उसे ऐसी रीति से लिया जाएगा जैसा कि अध्यक्ष अपने विवेक से अवधारित करें, बराबर मत होने की दशा में अध्यक्ष का द्वितीय या निर्णायक मत होगा। 5.4 अध्यक्ष, शासी परिषद्‌ की आपातिक शक्ति : सोसाइटी के उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिए आपातिक स्थिति में, इस नियमावली की कोई भी बात अध्यक्ष को शासी परिषद्‌ की सभी शक्तियों का प्रयोग करने से निरोध नहीं करेगी तथा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट परिषद्‌ की अगली बैठक में शासी परिषद्‌ को दी जाएगी। 6. कार्यकारिणी समिति की संरचना : 6.1 कार्यकारिणी समिति में निम्नलिखित होंगे :- (i) प्रधान सचिव/सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष (ii) प्रबंध निदेशक, बेल्ट्रॉन - सदस्य(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 8 (iii) मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बी.ई.एस.टी. - सदस्य (iv) महाप्रबन्धक, बेल्ट्रॉन - सदस्य (v) सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का एक पदाधिकारी (vi) बि॰ज्ञा॰सो॰का कार्यपालक निदेशक - कार्यकारिणी समिति बि॰ ज्ञा॰ सो॰ के कार्यपालक के निदेशक के रूप में किसी एक व्यक्ति की नियुक्त/नामनिर्देशन करेंगे। 6.2 कार्यकारिणी समिति अपनी बैठकों में समय-समय पर अतिरिक्त सदस्यों को सहयोजित करेगी और/या विषय-विशेषज्ञों को आमंत्रित करेगी।

6.3 कार्यकारिणी समिति की बैठक स्पष्ट सात दिनों की नोटिस देकर तथा उसमें निपटाए जानेवाले कार्य की कार्य-सूची तारीख, समय और बैठक का स्थान विनिर्दिष्ट करते हुए बुलाई जाएगी।

6.4. कार्यकारिणी समिति की बैठक महीना में कम-से-कम एक बार या आवयश्यकता होने पर अधिक बार आयोजित की जायेगी। कार्यकारिणी समिति की बैठकों का कार्यवृत्त शासी निकाय के समक्ष उसकी अगली बैठक में रखा जाएगा।

6.5 प्रतिस्थानियों सहित कार्यकारिणी समिति के एक तिहाई सदस्य की उपस्थिति कार्यकारिणी समिति की हरेक बैठक की गणपूर्त्ति होगी।

कार्यकारिणी समिति की बैठक में सभी विवादास्पद प्रश्नों का अवधारण मत विभाजन द्वारा किया जायेगा। कार्यकारिणी समिति के प्रत्येक सदस्य का एक मत का अधिकार होगा एवं मतों की समानता की दशा में अध्यक्ष का मत निर्णायक होगा।

7. कार्यकारिणी समिति की शक्ति एवं कृत्य : (क) सोसाइटी के सभी कार्यपालक एवं वित्तीय शक्तियाँ कार्यकारिणी समिति में निहित होगी और वह निम्नलिखित के उत्तरदायी होंगे :-

(i) बि॰ ज्ञा॰ सो॰ के कार्यक्रम/परियोजना के संचालनों का पर्यवेक्षण सहित सोसाइटी के कालबद्ध कार्यक्रम/परियोजनाओं की योजना बनाना, कार्यान्वयन करना एवं अनुश्रवण करना। (ii) कार्यालय एवं प्रयोगशाला उपकरणों की व्यवस्था एवं वितरण और शैक्षिक सामग्रियों की आपूर्त्ति करना। (iii) ऐसी शक्तियों का प्रयोग एवं ऐसे कृत्यों का निष्पादन भी करेगा जो इसे शासी परिषद्‌ द्वारा प्रत्यायोजित की जाए।

(iv) कार्यकारिणी समिति वित्तीय एवं दैनन्दिनी प्रशासन यथा निर्णीत ऐसे पदाधिकारी/सदस्य को प्रत्यायोजित कर सकेगी।

(v) राष्ट्रीयकृत बैंक में सोसाइटी का खाता खोलना और उसका संचालन करना। (vi) सोसाइटी की राशि को राष्ट्रीकृत बैंक में जमा करना और निकालना। (vii) बिहार ज्ञान सोसाइटी के उद्देश्यों को अग्रसर करने के लिए अन्य सार्वजनकि या निजी संगठनों या व्यक्तियों के साथ करार करना,

(viii) उसे खुले बाजार से कार्यपालक निदेशक नियुक्त करने या शासी परिषद्‌/कार्यकारिणी समिति के सदस्यों में से उसे नामनिर्दिष्ट करने की शक्ति होगी।

विशेषज्ञों और प्रशासनिक/तकनीकी कर्मचारियों की भर्त्ती एवं नियुक्ति हेतु अपनी ही विनियमावली एवं उपविधि बनाने तथा खुले बाजार से और/या प्रतिनियुक्ति आधार पर भर्त्ती किए गए ऐसे विशेषज्ञों/कर्मचारियों के लिए अपना ही प्रतिकर पैकेज विनिर्धारित करने की भी शक्ति होंगी। (ix) आस्तियों और अधारभूत संरचना का सृजन एवं अनुरक्षण सहित माल तथा सेवाओं के उपापन हेतु अपना या खुद की उपापद प्रक्रिया विकसित और अंगीकार करना।

(x) सोसाइटी के बारबार के संचालन के लिए सोसाइटी की ओर से यथोचित की संविदा के निष्पादन हेतु कार्यकारी निदेशक को प्राधिकृत करना।

(xi) वित्तीय प्रत्यायोजन, अंकेक्षण और लेखा संधारण, यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता के संबंध में अपनी खुद की विनियमावली, उपविधिया दिशा निर्देश बनाना और अंगीकार करना।

(xii) अध्यक्ष, कार्यपालक निदेशक या किसी अन्य सदस्य सहित अपने पदधारकों को यथोचित वित्तीय, प्रशासनिक, अकादमिक शक्तियाँ प्रत्यायोजित कर सकेगा।

(xiii) सोसाइटी द्वारा संचालित सभी संस्थानों/कार्यक्रमों का प्रबंधन करना और सोसाइटी की आवश्यकतानुसार कार्यालय प्रारम्भ करना।

(xiv) बिहार ज्ञान सोसाइटी के उद्देश्य के अनुरूप पाठ्‌यक्रमों प्रशिक्षण और शोध कार्यों या अन्य क्रियाकलापों विहित और संचालित करना।

(xv) प्रशिक्षण के विभिन्न पाठ्‌यक्रमों में अभ्यर्थियों के नामांकन हेतु नियमावली और विनियमावली विहित करना।9 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 (xvi) संस्थान द्वारा प्रस्थापित पाठ्‌यक्रमों में अभ्यर्थियों के नामांकन हेतु नियमावली और विनियमावली विहित करना।

(xvii) संस्थान द्वारा प्रस्थापित पाठ्‌यक्रमों की बाबत डिप्लोमा, प्रमाण-पत्र एवं अन्य विशिष्टताएँ प्रदान करने के पूर्व प्रदर्शित की जानेवाली प्रवीणता का मानक विनिर्धारित करना।

(xviii) फेलोशिप, छात्रवृत्ति, पुरस्कार एवं मेडल प्रदान करना। (xix) प्रशिक्षण शोध, वित्त एवं बिहार ज्ञान सोसाइटी के उद्देश्य से संबंधित अन्य विषयों में किसी अन्य संगठन के साथ सहयोग करना।

(xx) बिहार ज्ञान सोसाइटी की ओर से सभी विधिक कार्यवाहियों का बचाव करना और वाद दायर करना। (xxi) संस्थान के किसी कार्य के निष्पादन हेतु या संस्थान से संबंधित किसी मामलों में सलाह देने हेतु समितियाँ बनाना।

(ख) शासी निकाय का अनुमोदन प्राप्त कर तथा राज्य सरकार के प्रभावी प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यकारणी समिति की विनियमन निर्धारित करने तथा उसमें आवश्यक संशोधन करने का अधिकार रहेगा, ताकि सोसाइटी के कार्याें को सुचारू रूप से चलाया जा सके। ऐसा विनियमन निम्न बातों के लिए निर्धारित किया जा सकेगा :- 1. सेवा संबंधी शर्त्तों का निर्धारण, योग्यता, चयन प्रक्रिया, वेतन एवं अन्य भत्तों का निर्धारण, अनुशासन एवं नियंत्रण नियमों से संबंधित।

2. महत्वपूर्ण विषयक कार्य यथा बजट की तैयारी, कार्य नियमावली, वित्तीय शक्तियों का प्रत्योजन, समिति की पूँजी का अन्यत्र निवेश लेखा संधारण एवं परीक्षण, यात्रा भत्ता एवं अन्य भत्तों का निर्धारण।

3. वैसे अन्य मामले, जो कि समिति के उद्देश्य एवं संचालन के लिए आवश्यक हो। 4. विनियमावली के गठन एवं उनके सेवा शर्त्तों एवं वित्तीय मामलों के निर्धारण में निम्न मार्गदर्शी सिद्धान्तों का पालन किया जाएगा :- (i) परिलब्धि/वेतनमान के निर्धारण में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि यह राज्य सरकार के कुल समकक्ष पदो ंके लिए निर्धारित परिलब्धि/वेतनमान के अनुरूप है तथा किसी भी परिस्थिति में उससे अधिक नहीं है।

(ii) सृजित पदों पर प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण या अल्पकालीन संविदा पर नियोजन की प्रक्रिया के तहत भरने की काईवाई की जाएगी।

(iii) विशिष्ट प्रकृति के कार्याें के लिए नियत मानदेय परिलब्धि के आधार पर सीमित अवधि के लिए ही नियोजन किया जा सकेगा। यदि नियोजन की अवधि विस्तारित करने की आवश्यकता होगी तो यह विस्तार भी निर्धारित सीमा के तहत्‌ होगा।

(iv) प्रबंधन संरचना से संबंधित कर्मी का दायित्व राज्य सरकार पर किसी भी परिस्थिति में हस्तांतरित नहीं किया जाएगा।

(v) समिति के अपने विनियमावली के निर्धारण तक कार्यकारणी द्वारा उक्त दायित्वों का निर्वहन किया जाएगा।

(vi) राज्य सरकार के आरक्षण के सिद्धांत का पालन किया जाएगा।

(ग) उप-नियम :- शासी निकाय के विशिष्ट निदेश के अधीन तथा प्रावधानित नियम एवं विनियमावली के अन्तर्गत कार्यकारणी को समिति के कार्यां के कुशल संचालन हेतु उप-नियम बनाने की शक्ति होगी। यह उप-नियम निम्न उद्देश्ययों के लिए बनाया जा सकेगा :-

(i) समिति के शाखा कार्यालय के स्थापना हेतु शासी निकाय/कार्यकारणी समिति एवं अन्य प्रावधानित समितियों के बैठक के संचालन के संबंध में।

(ii) विभिन्न संस्थाओं एवं व्यक्तियों को अनुदान उपलब्ध कराने के संबंध में। (iii) व्यक्ति या संस्था से संविदा पर कार्य लेने के संबंध में। (iv) तकनीकी संस्थान की सुविधा प्राप्त करने के संबंध में। (v) समिति के उद्देश्यों की पूर्त्ति हेतु वैसे अविशिष्ट कार्य जिसके लिए विशिष्ट प्रावधान नहीं है। 8. कार्यकारी निदेशक, बिहार ज्ञान परिषद्‌ की शक्ति और कृत्य :- (i) वह प्रधान सचिव, सूचना प्रावैधिकी और प्रबन्ध निदेशक, बेल्ट्रॉन के गठन परामर्श से कार्य करेगा/करेगी। अपने दायित्वों के निर्विध्न निर्वहन में वह कार्यकारणी समिति को सहयोग करेगा/करेगी।

(ii) यह निर्णय के परियोजनात्मक कार्यान्वयन के लिए मानव शक्ति को लगाने में समन्वय करने और गैर योजना आवंटन तथा बिहार ज्ञान सोसाइटी के कार्यक्रमों/ परियोजनाओं के सहज एवं प्रभावकारी प्रचालन का उत्तरदायी होगा/होगी।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 10 (iii) उसके मुख्य कृत्य निम्न लिखित होंगे :- (क) परियोजना की आधारभूत संरचना, केन्द्र एवं राज्य सरकारों और दाता एजेंसियों से अवश्यक निधि की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा आवश्यकता उत्पन्न होने पर उन्हें अद्यतन करना। (ख) कार्यक्रम/परियोजना कार्य का दैनन्दिनी पर्यवेक्षण और अनुश्रवण तथा प्रचालन के हरेक चरण के कार्य सम्पादन का मूल्यांकन करना।

(ग) प्रचालनात्मक समस्याओं का समाधान के लिए ससमय त्वरित निर्णय लेना। (घ) कार्यक्रम के लिए उपलब्ध संसाधन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना। (ङ) सरकार के विभागों के साथ तथा बाहर से प्रभावकारी सहयोग करना। (च) सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी को आवधिक प्रगति प्रतिवेदन देना। 9. निधि-संधारण : (i) बिहार ज्ञान सोसाइटी के सभी निधियाँ को एक या अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों मेें बिहार ज्ञान सोसाइटी के खाता में जमा की जाएगी और शासी निकाय की ओर से सशक्त पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित चेक बिना आहरित नहीं की जाएँगी।

(ii) 25,000/-रु॰ से अनधिक राशि के चेक सदस्य सचिव द्वारा हस्ताक्षरित किए जाएगें और 25,000/-रु॰ से अधिक राशि के चेक अध्यक्ष और सदस्य सचिव द्वारा एक साथ हस्ताक्षरित किए जाएँगे।

10. लेखा और अंकेक्षण : (i) बिहार ज्ञान सोसाइटी अपने रजिस्ट्रीकृत कार्यालय में उचित लेखा पुस्तों को रखेगी जिसमें निम्नलिखित दर्ज किए जाएँगे,

(ii) प्राप्त सभी धन राशि और उनके स्त्रोत तथा बिहार ज्ञान सोसाइटी द्वारा खर्च की गई सभी धनराशि और किन-किन उद्देश्यों या प्रयोजनों के लिए धन राशि खर्च की गई, और बिहार ज्ञान सोसाइटी की आस्तियाँ और दायित्व,

(iii) बिहार ज्ञान सोसाइटी का तुलनपत्र प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को तैयार किया जाएगा, (iv) बिहार ज्ञान सोसाइटी द्वारा अनुरक्षित लेखा तथा रजिस्टरों और बैठक की कार्यवाहियों को कार्यालय अवधि के दौरान निरीक्षण का अधिकार सामान्य निकाय के प्रत्येक सदस्य को होगा, (v) बिहार ज्ञान सोसाइटी का लेखा सामान्य निकाय द्वारा नियुक्त चार्टड एकाउन्टेट द्वारा अंकेक्षित किया जायगा। 11. बिहार ज्ञान सोसाइटी की सम्पत्ति : बिहार ज्ञान सोसाइटी की सभी सम्पत्ति शासी निकाय में निहित समझी जाएगी, किन्तु बिहार ज्ञान केन्द्र की सम्पत्ति के रूप में निर्दिष्ट की जाएगी। 12. बिहार ज्ञान सोसाइटी द्वारा/के विरूद्ध वाद और कार्यवाही बिहार ज्ञान सोसाइटी कार्यपालक निदेशक या इस निमित्त शासी निकाय द्वारा प्राधिकृत किसी पदधारक के नाम से वाद दायर करेगा या उसके विरूद्ध वाद दायर किया जाएगा। (i) कोई भी वाद या कार्यवाही किसी रिक्ति या अध्यक्ष, कार्यपालक निदेशक या इस निमित्त प्राधिकृत किसी पदधारक के परिवर्तन के कारण समाप्त नहीं होगी,

(ii) किसी वाद या कार्यवाही में बिहार ज्ञान सोसाइटी के विरूद्ध हरेक डिक्री या आदेश बिहार ज्ञान सोसाइटी की सम्पत्ति के विरूद्ध निष्पादनीय होगी न कि व्यक्तियों या अध्यक्ष, कार्यपालक निदेशक, सचिव या किसी पदधारक की सम्पत्ति के विरूद्ध।

13. नोटिस : (i) बिहार ज्ञान सोसाइटी के किसी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से देकर या सदस्यों की नामावली में उलिखित ऐसे सदस्य के पता पर लिफाफा में डाक द्वारा भेजकर नोटिस तामील की जा सकेगी, (ii) डाक द्वारा तामील की गई नोटिस उस तारीख के अगले दिन सम्यक रूप से तामील समझी जाएगी जिस तारीख को नोटिस वाला पत्र, लिफाफा या रैपर डाक में डाला गया हो और ऐसा तामीला सिद्ध करने के लिए यह सिद्ध करना ही काफी होगा कि ऐसी नोटिसयुक्त लिफाफा पर उचित ढ़ंग से पता लिखकर डाकघर में डाला गया।

14. अधिप्रमाणीकरण : सोसाइटी के सभी आदेश और निर्णय अध्यक्ष या परिषद्‌ द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य सदस्य के हस्ताक्षर से अधिप्रमाणित किया जाएगा तथा सभी अन्य लिखीत सदस्य सचिव के हस्ताक्षर से अधिप्रमाण्ाित किए जाएगें।11 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 15. समापन : (i) शासी निकाय तत्प्रयोजनार्थ बुलाई गई विशेष बैठक में इस आशय का प्रस्ताव लाकर सोसाइटी को विघटित करने का निर्णय कर सकता है। शासी निकाय े संकल्प के आभाव में राज्य सरकार सीधे कार्रवाई कर सकेगी और करार-ज्ञापन की धारा-7 के अनुसार सोसाइटी को विघटित कर सकेगी। (ii) सोसाइटी के विघटन किए जाने पर सोसाइटी की सभी परिसम्पत्तियाँ, इसके सभी ऋणों एवं दायित्वों के समायोजन के बाद, यथोचित प्रयोजनों के लिए बिहार सरकार को वापस हो जाएगी। 16. राज्य सरकार की शक्ति :

(क) Memorandum of Association में निहित किसी भी मदों को जोड़ने, परिवर्तन करने अथवा हटाने के संबंध में निदेश दे सकती है।

(ख) बॉय-लॉज के मद संख्या 07 के अधीन के अधीन सौंपी गई सोसाइटी को नियुक्ति एवं सेवा समाप्ति से संबंधित शक्ति के लिए निदेश जारी कर सकती है।

17. बिहार नॉलेज सोसाइटी के लिए आई॰टी॰ के प्रख्यात प्रवासी/अप्रवासी भारतीय व्यक्तियों जिनकी संख्या न्यूनतम तीन एवं अधिकत्तम दस होगी को विभाग द्वारा मनोनीत कर एक लघु परामर्शदात्री समिति का गठन किया जायेगा, जिसके अध्यक्ष विभागीय मंत्री होंगे। इस समिति की बैठक समान्यतः छः माह में एक बार परन्तु आवश्यक रूप से साल में एक बार किया जायेगा, जो बिहार नॉलेज सोसाइटी को आवश्यक मार्गदर्शन एवं परामर्श दे सकेगा।

प्रमाण-पत्र प्रमाणित किया जाता है कि बिहार ज्ञान सोसाइटी, बेल्ट्रॉन भवन, शास्त्रीनगर, पटना और बिहार, भारत की नियमावली की यह सच्ची और सही प्रतिलिपि है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव । नोट :- बिहार नॉलेज सोसायटी के Memorandum of Association एवं नियमावली को इन्टरनेट पर बेवसाईट http://www.gov.bih.nic.in एवं www.biharonline.gov.in के माध्यम से डाउन लोड किया जा सकता है।

———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 212-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 23 May 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2012-05-23.212/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2012-05-23.212.