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असाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंकअसाधारण अंक (cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:26)ारा ूकािशत 2222 (cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)ये(cid:31)येंठंठंठंठ 1111934934934934 ((((शशशश0000)))) ((((संसंसंसं0000 पपपपटना टना टना टना 213213213213) ) ) ) पपपपटनाटनाटनाटना,,,, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार,,,, 23232323 मईमईमईमई 2012201220122012 सं0 07-सू॰प्रा॰-291/2011-572 सूचना प्रावैधिकी विभाग ------- संकल्प
27 अप्रील 2012
विषयः-राष्ट्रीय ई.-शासन योजना अंतर्गत ई.-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का कार्यान्वयन Pilot Basis हेतु चयनित जिलों यथा-नालन्दा, औरंगाबाद, मधुबनी एवं गया जिले में लागू कर विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य नागरिक सुविधायें उपलब्ध कराने के संबंध में।
राष्ट्रीय ई.-शासन योजना अंतर्गत ई.-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का पॉयलट आधार पर 4 जिलों यथा- नालन्दा, औरंगाबाद, मधुबनी एवं गया जिले में कार्यान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अतिरिक्त नागरिक सुविधाओं को प्रखण्डों में स्थापित नागरिक सेवा केन्द्रों (CFC) एवं पंचायतों में स्थापित वसुधा केन्द्रों के माध्यम से प्राप्त करने का प्रावधान किया जायेगा। 2. ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए नागरिक नजदीकी वसुधा केन्द्र (CSC) अथवा प्रखण्ड में स्थापित नागरिक सुविधा केन्द्र (CFC) में संपर्क करेंगे । 3. प्रमाण-पत्रों के ऑनलाईन अनुमोदन के पश्चात् उन प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा। 4. वसुधा केन्द्रों या नागरिक सुविधा केन्द्रों पर सेवा/प्रमाण पत्र का आवेदन किये जाने पर उन्हें पावती जिसमें सेवा/प्रमाण पत्र निर्गत होने की अधिकत्तम समय सीमा उल्लिखित रहेगी, उपलब्ध कराया जायेगा। वसुधा केन्द्र के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किये गये प्रमाण-पत्र की कॉपी प्रिन्ट कर नागरिकों को उपलब्ध करायी जायेगी। 5. वसुधा केन्द्रों पर उपलब्ध कराये जाने वाले प्रमाण-पत्रों पर वसुधा केन्द्र के संचालकों के द्वारा मोहर के साथ निर्गत किया जायेगा, जबकि CFC केन्द्रों पर इस कार्य हेतु नामित पर्यवेक्षक के द्वारा हस्ताक्षर कर एवं मोहर के साथ प्रमाण पत्र निर्गत किया जायेगा। 6. निर्गत प्रमाण-पत्रों में अंकित डिजिटल हस्ताक्षर की प्रमाणिकता की जाँच ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाईन किया जा सकेगा। 7. ई.-डिस्ट्रिक्ट परियोजना लागू होने के पश्चात् यदि कोई नागरिक सामान्य पद्धति से आवेदन देता है तो कोई प्रतिबन्ध नहीं रहेगा, परन्तु उस आवेदन का निष्पादन भी निर्धारित ईलेक्ट्रॉनिक पद्धति के अन्तर्गत किया जायेगा। 2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 8. ई.-डिस्ट्रिक्ट परियोजना का कार्यान्वयन Pilot Basis में किये जाने हेतु जिन सेवाओं को प्रदत्त करने का निर्णय लिया गया है, वे निम्नांकित हैं :- सेवाओं की विवरणी :-
| S.No. | Service Categories | Sub-Services |
| 1. | Certificates | Caste Certificate |
| Residential Certificate | ||
| OBC Certificate | ||
| Income Certificate | ||
| Character Certificate | ||
| 2. | Pensions | Handicapped Pension |
| Widow Pension | ||
| Old Age Pension | ||
| 3. | Grievance | List of Grievances |
| 4. | Public Distribution System (PDS) | BPL Search |
| BPL Certificates | ||
| 5. | Land & Revenue Records | Mutation Request |
| Land Settlement | ||
| Land Possession |
9 कंडिका-8 में वर्णित सेवाओं को प्राप्त करने हेतु निर्धारित विहित प्रक्रिया परिशिष्टों क, ख, ग, घ एवं ङ के रूप में संलग्न है, जिसमें दिशा-निर्देश का विस्तारपूर्वक उल्लिखित किया गया है। 10. जिला स्तर पर इस योजना का क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण जिला ई.-गवर्नेंस सोसाईटी (DeGS) द्वारा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किया जायेगा, जबकि राज्य स्तर पर योजना के क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण State Designated Agency (SDA) के रूप में बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लि॰ (बेल्ट्रॉन) के द्वारा किया जायेगा। 11. इस योजना हेतु हार्डवेयर आपूर्त्ति, सॉफ्टवेयर का निर्माण एवं वास्तविक कार्यान्वयन मेें सहयोग हेतु सर्वश्री व्यम टेक्नोलॉजी लि०, नई दिल्ली System Integrator के रूप में नियुक्त हैं। 12. ई.-डिस्ट्रिक्ट पायलट प्रोजेक्ट योजना के तहत् वसुधा केन्द्रों के माध्यम से प्रदत्त किये जाने वाले प्रमुख सेवाएँ हेतु State Apex Committee द्वारा अनुमोदित दर का निर्धारण निम्नवत् है :-
| Sl. No. | Service Categories | Sub-Survices | Recommeneded Service Charges for | |||
| VLE' s | SCA | DeGS | Citizen | |||
| 1. | Certificates | Caste Certificate | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- |
| Residential Certificate | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- | ||
| OBC Certificate | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- | ||
| Income Certificate | 23/- | 4/- | 3/- | 30/- | ||
| Character Certificate | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- | ||
| 2. | Pension | Handicapped Pension | 28/- | 4/- | 3/- | 35/- |
| Widow Pension | 28/- | 4/- | 3/- | 35/- | ||
| Old Pension | 28/- | 4/- | 3/- | 35/- | ||
| 3. | Grievance | List of Grievances | 10/- | 0 | 0 | 10/- |
| 4. | Public Distribution System (PDS) | BPL Search | 3/- | 0 | 0 | 3/- |
| BPL Certificates | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- | ||
| 5. | Land & Revenue Records | Mutation | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- |
| Land Settlement | 23/- | 4/- | 3/- | 30/- | ||
| Land Possession | 18/- | 4/- | 3/- | 25/- |
13. परियोजनान्तर्गत संधारित विभिन्न प्रमाण-पत्रों के निष्पादन संबंधी आंकड़े स्वतः सूचना अधिकार के MIS में अद्यतन (Update) हो जायेंगे। यह सुविधा e-District Application में प्रावधानित किया गया है। अतः e-District के कार्यान्वयन से सेवा के अधिकार अधिनियम (RTPS) के MIS में कोई अन्तर्विरोध नहीं होगा। 14. उक्त सेवा को 01.05.2012 के प्रभाव से लागू माना जायेगा। आदेश ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को राजकीय राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति सभी विभाग/विभागाध्यक्ष/प्रमंडलीय आयुक्त/ जिलाधिकारी/अनुमंडलाधिकारी को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अरूण कुमार सिंह, सरकार के प्रधान सचिव।
परिशिष्ट-'क'
ई.-डिस्ट्रिक्ट परियोजनान्तर्गत पॉयलट बेसिस पर चयनित जिलों यथा- नालन्दा, औरंगाबाद, मधुबनी एवं गया जिले में विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं अन्य नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराने हेतु सामान्य निर्देश निम्नांकित हैं :- (क) नागरिकों के लिये सामान्य निर्देश : (i) नागरिक ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना से प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए नजदीकी वसुधा केन्द्र (CSC) एवं नागरिक सुविधा केन्द्र (CFC) में संपर्क करेंगे। (ii) वसुधा केन्द्र (CSC) प्रत्येक पंचायत में स्थापित है। (iii) नागरिक सुविधा केन्द्र (CFC) पायलट ई-डिस्ट्रीक परियोजना के अंतर्गत नालंदा, औरंगाबाद, मधुबनी एवं गया में प्रत्येक प्रखण्ड, अनुमंडल एवं जिला मुख्यालय में स्थापित होंगे। (vi) ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए विहित आवेदन प्रत्र नजदीकी वसुधा केन्द्र (CSC) नागरिक सुविधा केन्द्र (CFC) पर निर्धारित शुल्क जमा करने पर प्रदान किया जायेगा एवं विहित आवेदन पत्र बाजार में भी उपलब्ध होंगे। (v) नागरिक संबंधित सेवाओं का आवेदन पत्र भरकर नजदीकी वसुधा केन्द्र (CSC) नागरिक सुविधा केन्द्र (CFC) पर निर्धारित शुल्क के साथ जमा करेंगे। (vi) आवेदक पावर्ती रसीद CSC/CFC से प्राप्त करेंगे। (vii) सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत् निर्धारित समय सीमा के अन्दर आवेदक अपना पावती रसीद दिखाकर एवं निर्धारित शुल्क देने के बाद संबंधित प्रमाण-पत्र की प्रति किसी भी CSC/CFC से प्राप्त कर सकते है। (viii) आवेदक अपने आवेदन पत्र पर स्वीकृतिकर्त्ता (जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी) का पदनाम स्पष्ट रूप से दर्शायेगे। (ix) वर्तमान व्यवस्था के तहत अगर नागरिकों कोे जिलाधिकारी से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना है तो पहले प्रखण्ड से प्रमाण पत्र बनवाकर अनुमंडल में जमा कराना पड़ता है, उसके बाद अनुमंडल से प्रमाण पत्र बनवाकर जिला में जमा करना पड़ता है। लेकिन ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के अंतर्गत प्रखण्ड/अनुमंडल/जिला कार्यालय से किसी भी सेवाओं के लिए एक ही बार आवेदन पत्र भरकर अपनी सुविधानुसार नजदीकी CSC/CFC में जमा कराना पड़ेगा । साथ ही, नागरिकों को आवेदन के अनुसार संबंधित कार्यालय से प्रमाण पत्र एक ही बार में निर्गत हो किसी भी CSC/CFC से प्राप्त हो जायेगा। (x) नागरिकों को सेवाओं को किसी भी प्रखण्ड/अनुमंडल/जिला कार्यालय का भाग-दौड़ नही करना पड़ेगा। जिससे नागरिकों के मानसिक, शारीरिक, आर्थिक परेशानियों में कमी के साथ हीं समय की बचत होगी। (xi) आम नागरिक जिस CSC/CFC में आवेदन पत्र जमा करेंगे उसी केन्द्र से प्रमाण-पत्र प्राप्त करेंगे। (xii) उक्त सुविधाओं के उपभोग हेतु सरकार के द्वारा निर्धारित शुल्क को आम नागरिकों को देना होगा। (ख) वसुधा केन्द्र संचालको के लिये सामान्य निर्देश : (i) वसुधा संचालक (वी0एल0ई0) नागरिकों के आवेदन पत्र को ई-डिस्ट्रिक्ट एप्लीकेशन के द्वारा ऑनलाईन भरेंगें। (ii) वसुधा संचालक आवेदक के आवेदन पत्र एवं संलग्न दस्तावेजों को स्कैन करके ऑनलाईन जमा करेगें। (iii) वसुधा संचालक निर्धारित शुल्क प्राप्त कर आवेदक को पावती रसीद देगें। (iv) वसुधा संचालक पावती रसीद को जाँच कर, निर्धारित शुल्क प्राप्त कर, संबंधित प्रमाण पत्र निर्गत कर सकेगे। (v) वसुधा केन्द्र संचालक जिन आवेदन पत्रों को अपलोड करेंगे उन्हीं का प्रमाण-पत्र वे उपलब्ध करायेंगे। (ग) लिपिक एवं वरिष्ठ लिपिक (प्रखण्ड/अंचल कार्यालय) के लिए सामान्य निर्देश :- (i) प्रतिदिन आवेदनों की सिर्फ ऑनलाईन जाँच करेगें और उसके साथ संलग्न स्कैन पत्रों की भी जाँच करेगें। 4 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 (ii) आवेदन की सत्यता की जाँच के पश्चात आवेदन को अपनी स्वीकृति देते हुए संबंधित प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचालाधिकारी को स्वीकृति हेतु ऑनलाईन भेजेगे। (iii) उक्त कार्यों से संबद्ध कर्मी अपने कम्प्यूटर में अवस्थित नोट शीट को समय-समय पर अद्यतन करते रहेंगे, ताकि कार्य निष्पादन की पारदर्शिता बनी रहे। (vi) चूंकि सभी लिपिक एवं वरिष्ठ लिपिक (प्रखण्ड/अंचल कार्यालय) को व्यक्तिगत तौर पर User ID एवं Passward उपलब्ध कराया जायेगा। अतः उनके द्वारा (User ID) जितने भी कार्यों का निष्पादन होगा उन सभी कार्यों की जबावदेही उनकी होगी। (घ) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के लिए सामान्य निर्देशःः- (i) ऑनलाईन प्राप्त आवेदन पत्र की जाँच करेगें। (ii) आवेदन को ऑनलाईन स्वीकृति एवं डिजिटल हस्ताक्षर करेगें। (iii) यदि आवेदक ने स्वीकृतिकर्त्ता में अनुमंडल पदाधिकारी/जिला पदाधिकारी का पदनाम दर्शाया हो तो उस आवेदन को अनुमंडल पदाधिकारी को ऑनलाईन अग्रसारित करेंगे। (iv) उक्त कार्यों से संबद्ध प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी अपने कम्प्यूटर में अवस्थित नोट शीट को समय-समय पर अद्यतन करते रहेंगे, ताकि कार्य निष्पादन की पारदर्शिता बनी रहे। (v) प्रमाण-पत्रों के अनुमोदन के पश्चात् उन्हें प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा। (vi) चूंकि सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर User ID एवं Passward उपलब्ध कराया जायेगा। अतः उनके द्वारा (User ID) जितने भी कार्यों का निष्पादन होगा उन सभी कार्यों की जबावदेही उनकी होगी। (ङ) अनुमंडल पदाधिकारी के लिए सामान्य निर्देश :- (i) ऑनलाईन प्राप्त आवेदन पत्र की जाँच करेगें। (ii) आवेदन को ऑनलाईन स्वीकृति एवं डिजिटल हस्ताक्षर करेगें। (iii) यदि आवेदक ने स्वीकृतिकर्त्ता में जिला पदाधिकारी का पदनाम दर्शाया हो तो उस आवेदन को जिला पदाधिकारी को ऑनलाईन अग्रसारित करेंगे। (iv) उक्त कार्यों से संबद्ध अनुमंडल पदाधिकारी अपने कम्प्यूटर में अवस्थित नोट शीट को समय-समय पर अद्यतन करते रहेंगे, ताकि कार्य निष्पादन की पारदर्शिता बनी रहे। (v) प्रमाण-पत्रों के अनुमोदन के पश्चात् उन्हें प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर करना आवश्यक होगा। (vi) सेवाओं का ससमय निष्पादन हो इसके लिए वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के कार्यों का मासिक एवं आवश्यकतानुसार निरीक्षण/अनुश्रवण करेंगे। (vii) चूंकि सभी प्रखण्ड अनुमंडल पदाधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर User ID एवं Passward उपलब्ध कराया जायेगा। अतः उनके द्वारा (User ID) जितने भी कार्यों का निष्पादन होगा उन सभी कार्यों की जबावदेही उनकी होगी। (च) जिला पदाधिकारी के लिए सामान्य निर्देश :- (i) ऑनलाईन प्राप्त आवेदन पत्र की जाँच करेंगे। (ii) आवेदन को ऑनलाईन स्वीकृति एवं डिजिटल हस्ताक्षर करेंगे। (iii) सेवाओं का ससमय निष्पादन हो इसके लिए वे अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों के कार्यों का मासिक एवं आवश्यकतानुसार निरीक्षण/अनुश्रवण करेंगे।
परिशिष्ट-'ख'
जाति, आय, आवासीय, भू-स्वामित्व एवं दाखिल-खारिज प्रमाण-पत्रों को पंचायतों में स्थापित वसुधा केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न चरणों के तहत् प्राप्त किया जा सकेगा :- (i) जाति, आय, आवासीय, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्रों के लिए एक वेब पोर्टल बनाया गया है जिसे http://www.edistrict.biharonline.gov.in पर access किया जा सकता है। (ii) नागरिक के द्वारा विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए उस जिलों में पंचायत स्तर पर अवस्थित किन्हीं वसुधा केन्द्र पर आवेदन विहित प्रपत्र, फोटो तथा संलग्नक के अलावा प्रमाण-पत्रों के लिए निर्धारित दर के साथ जमा किया जा सकता है। (iii) वसुधा केन्द्र के द्वारा विहित प्रपत्र में विभिन्न आवेदनों का ऑन-लाईन इन्ट्री किया जायेगा। आवेदक के द्वारा भरे हुए फारम के अनुसार VLE डाटा इन्ट्री करेंगे एवं फारम को सेव करने से पहले यह सुनिश्चित हो ले कि फारम में भरी हुई सारी सूचनाएँ सही है। आवेदन एवं आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज को ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। आवेदन फार्म अपलोड कर उसे कार्यालय को भेजने के बाद बदला नहीं जा सकता है।5 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 (iv) आवेदक को एक पावती रसीद दिया जायेगा। आवेदक के प्रति पर एक यूनिक नम्बर दिया जायेगा, जिसके माघ्यम से वह कभी भी वस्तुस्थिति की जानकारी वसुधा केन्द्रों/ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्राप्त किया जा सकेगा। पावती रसीद के उपर प्रमाण-पत्र निर्गत होने की अंतिम तिथि भी अंकित होगी। (v) अंचल कार्यालय के लिपिक उस आवेदन को ऑनलाईन (e-District Portal में Loging) प्राप्त कर उसकी जाँच करेगें एवं आवश्यकतानुसार जाँच हेतु इसे क्षेत्रों में भेज सकते हैं। जाँचोंपारान्त आवेदन पत्र पर वस्तुस्थिति को दर्ज करते हुए उक्त आवेदन को अंचलाधिकारी के पास उपस्थापित करेगें। (vi) अंचलाधिकारी उक्त आवेदन पत्र को अनुमोदित करते हुए उस पर डिजिटल हस्ताक्षर अंकित करेगें। (vii) वसुधा केन्द्र के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किये गये प्रमाण-पत्र की कॉपी प्रिन्ट की जा सकती है। (viii) तत्पश्चात् वसुधा केन्द्र के द्वारा प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर सहित मुहर लगाकर नागरिक को उपलब्ध करा दिया जायेगा। (ix) यदि आवेदक को अनुमंडल कार्यालय से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना है तो उस परिस्थिति में अंचलाधिकारी उस आवेदन को अनुमंडलाधिकारी को अग्रसारित करेंगे। (x) अनुमंडलाधिकारी उक्त आवेदन पत्र को अनुमोदित करते हुए उस पर डिजिटल हस्ताक्षर अंकित करेगें। इसके बाद क्रमांक vii एवं viii की प्रक्रिया अपनायी जायेगी। (xi) यदि आवेदक को समाहरणालय कार्यालय से प्रमाण-पत्र प्राप्त करना है तो उस परिस्थिति में अनुमंडलाधिकारी उस आवेदन को जिलाधिकारी को अग्रसारित करेंगे। (xii) जिलाधिकारी उक्त आवेदन पत्र को अनुमोदित करते हुए उस पर डिजिटल हस्ताक्षर अंकित करेगें। इसके बाद क्रमांक vii एवं viii की प्रक्रिया अपनायी जायेगी। (xiii) कर्मचारी/जनसेवक द्वारा आवेदन पत्रों का निष्पादन क्रमबद्ध तरीके (First-cum-First Served) के आधार पर किया जायेगा। (xiv) कर्मचारी/जनसेवक/लिपिक सभी आवेदन पत्रों को परीक्षण कर यह निर्धारित करेंगे कि आवेदन पत्र स्वीकार करने योग्य है अथवा नहीं अथवा किसी और सूचना की आवश्यकता है। (xv) प्रमाण-पत्रों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा- निर्देश मान्य होगे तथा यह प्रमाण-पत्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत विभिन्न प्रावधानों के तहत मान्य होगें। (xvi) प्रखण्ड स्तर पर सभी प्रमाण-पत्रों की अलग-अलग पंजी संधारित की जायेगी। (xvii) इस व्यवस्था के लागू होने के पश्चात् सभी प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर किया जाना आवश्यक होगा। (xviii) निर्गत प्रमाण-पत्रों में अंकित डिजिटल हस्ताक्षर की प्रमाणिकता की जाँच ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाईन किया जा सकता है।
परिशिष्ट-'ग'
वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशनादि प्रमाण-पत्रों को पंचायतों में स्थापित वसुधा केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न चरणों के तहत् प्राप्त किया जा सकेगा :- (i) वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन प्रमाण पत्रों के लिए एक वेब पोर्टल बनाया गया है जिसे http://www.edistrict.biharonline.gov.in पर access किया जा सकता है। (ii) नागरिक के द्वारा विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए उस जिलों में पंचायत स्तर पर अवस्थित किन्हीं वसुधा केन्द्र पर आवेदन विहित प्रपत्र, फोटो तथा संलग्नक के अलावा प्रमाण-पत्रों के लिए निर्धारित दर के साथ जमा किया जा सकता है। (iii) वसुधा केन्द्र के द्वारा विहित प्रपत्र में विभिन्न आवेदनों का ऑन-लाईन इन्ट्री किया जायेगा। आवेदक के द्वारा भरे हुए फारम के अनुसार VLE डाटा इन्ट्री करेंगे एवं फारम को सेव करने से पहले यह सुनिश्चित हो ले कि फारम में भरी हुई सारी सूचनाएँ सही है। आवेदन एवं आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज को ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। आवेदन फार्म अपलोड कर उसे कार्यालय को भेजने के बाद बदला नहीं जा सकता है। (iv) आवेदक को एक पावती रसीद दिया जायेगा। आवेदक के प्रति पर एक यूनिक नम्बर दिया जायेगा, जिसके माघ्यम से वह कभी भी वस्तुस्थिति की जानकारी वसुधा केन्द्रों/ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्राप्त किया जा सकेगा। पावती रसीद के उपर प्रमाण-पत्र निर्गत होने की अंतिम तिथि भी अंकित होगी। (v) प्रखण्ड कार्यालय के लिपिक उस आवेदन को ऑनलाईन (e-District Portal में Loging) प्राप्त कर उसकी जाँच करेगें एवं आवश्यकतानुसार जाँच हेतु इसे क्षेत्रों में भेज सकते हैं। जाँचोंपारान्त आवेदन पत्र पर वस्तुस्थिति को दर्ज करते हुए उक्त आवेदन को अंचलाधिकारी के पास उपस्थापित करेगें। (vi) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी उक्त आवेदन पत्र पर अपना मंतव्य अंकित करते हुए उक्त आवेदन पत्र को अनुमण्डलाधिकारी को अग्रसारित करेंगे। (vii) अनुमण्डलाधिकारी उक्त आवेदन पत्र को जाँच कर अनुमोदित करेंगे।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 6 (viii) वसुधा केन्द्र के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किये गये प्रमाण-पत्र की कॉपी प्रिन्ट की जा सकती है। (ix) तत्पश्चात् वसुधा केन्द्र के द्वारा प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर सहित मुहर लगाकर नागरिक को उपलब्ध करा दिया जायेगा। (x) कर्मचारी/जनसेवक द्वारा आवेदन पत्रों का निष्पादन क्रमबद्ध तरीके (First-cum-First Served) के आधार पर किया जायेगा। (xi) कर्मचारी/जनसेवक/लिपिक द्वारा सभी आवेदन पत्रों को परीक्षण कर यह निर्धारित करेंगे कि आवेदन पत्र स्वीकार करने योग्य है अथवा नहीं अथवा किसी और सूचना की आवश्कयता है। (xii) प्रमाण-पत्रों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा-निर्देश मान्य होगे तथा यह प्रमाण-पत्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत विभिन्न प्रावधानों के तहत मान्य होगें। (xiii) प्रखण्ड स्तर पर सभी प्रमाण-पत्रों की अलग-अलग पंजी संधारित की जायेगी। (xiv) इस व्यवस्था के लागू होने के पश्चात् सभी प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर किया जाना आवश्यक होगा। (xv) निर्गत प्रमाण-पत्रों में अंकित डिजिटल हस्ताक्षर की प्रमाणिकता की जाँच ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाईन किया जा सकता है।
परिशिष्ट-'घ'
BPL प्रमाण-पत्रों को पंचायतों में स्थापित वसुधा केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न चरणों के तहत् प्राप्त किया जा सकेगा :- (i) BPL प्रमाण पत्रों के लिए एक वेब पोर्टल बनाया गया है जिसे http://www.edistrict.biharonline .gov.in पर access किया जा सकता है। (ii) नागरिक के द्वारा विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए उस जिलों में पंचायत स्तर पर अवस्थित किन्हीं वसुधा केन्द्र पर आवेदन विहित प्रपत्र, फोटो तथा संलग्नक के अलावा प्रमाण-पत्रों के लिए निर्धारित दर के साथ जमा किया जा सकता है। (iii) वसुधा केन्द्र के द्वारा विहित प्रपत्र में विभिन्न आवेदनों का ऑन-लाईन इन्ट्री किया जायेगा। आवेदक के द्वारा भरे हुए फारम के अनुसार VLE डाटा इन्ट्री करेंगे एवं फारम को सेव करने से पहले यह सुनिश्चित हो ले कि फारम में भरी हुई सारी सूचनाएँ सही है। आवेदन एवं आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज को ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। आवेदन फार्म अपलोड कर उसे कार्यालय को भेजने के बाद बदला नहीं जा सकता है। (iv) आवेदक को एक पावती रसीद दिया जायेगा। आवेदक के प्रति पर एक यूनिक नम्बर दिया जायेगा, जिसके माघ्यम से वह कभी भी वस्तुस्थिति की जानकारी वसुधा केन्द्रों/ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्राप्त किया जा सकेगा। पावती रसीद के उपर प्रमाण-पत्र निर्गत होने की अंतिम तिथि भी अंकित होगी। (v) प्रखण्ड कार्यालय के लिपिक उस आवेदन को ऑनलाईन (e-District Portal में Loging) प्राप्त कर उसकी जाँच करेगें एवं आवश्यकतानुसार जाँच हेतु इसे क्षेत्रों में भेज सकते हैं। जाँचोंपारान्त आवेदन पत्र पर वस्तुस्थिति को दर्ज करते हुए उक्त आवेदन को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के पास उपस्थापित करेगें। (vi) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी उक्त आवेदन पत्र को जाँच कर अनुमोदित करेंगे। (vii) वसुधा केन्द्र के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किये गये प्रमाण-पत्र की कॉपी प्रिन्ट की जा सकती है। (viii) तत्पश्चात् वसुधा केन्द्र के द्वारा प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर सहित मुहर लगाकर नागरिक को उपलब्ध करा दिया जायेगा। (ix) कर्मचारी/जनसेवक द्वारा आवेदन पत्रों का निष्पादन क्रमबद्ध तरीके (First-cum-First Served) के आधार पर किया जायेगा। (x) कर्मचारी/जनसेवक/लिपिक द्वारा सभी आवेदन पत्रों को परीक्षण कर यह निर्धारित करेंगे कि आवेदन पत्र स्वीकार करने योग्य है अथवा नहीं अथवा किसी और सूचना की आवश्कयता है। (xi) प्रमाण-पत्रों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा-निर्देश मान्य होगे तथा यह प्रमाण-पत्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत विभिन्न प्रावधानों के तहत मान्य होगें। (xii) प्रखण्ड स्तर पर सभी प्रमाण-पत्रों की अलग-अलग पंजी संधारित की जायेगी। (xiii) इस व्यवस्था के लागू होने के पश्चात् सभी प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर किया जाना आवश्यक होगा। (xiv) निर्गत प्रमाण-पत्रों में अंकित डिजिटल हस्ताक्षर की प्रमाणिकता की जाँच ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाईन किया जा सकता है। (ङ) जनशिकायत के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन का निष्पादन निम्नवत् किया जायेगा :- (i) आवेदक जनशिकायत से संबंधित आवेदन पत्रों को CSC/CFC में जमा करायेंगे, परन्तु जिन पदाधिकारियों के समक्ष आवेदन पत्र को प्रस्तुत करेंगे उन पदाधिकारियों का पदनाम अंकित करना आवश्यक होगा।7 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 ebZ 2012 (ii) आवेदनों CSC/CFC के संचालकों के द्वारा ऑन-लाईन इन्ट्री किया जायेगा। उक्त आवेदन को ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। (iii) आवेदक को एक पावती रसीद दिया जायेगा। आवेदक के प्रति पर एक यूनिक नम्बर दिया जायेगा, जिसके माघ्यम से वह कभी भी वस्तुस्थिति की जानकारी वसुधा केन्द्रों/ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्राप्त किया जा सकता है। (iv) यदि आवेदन पत्र प्रखण्ड/अंचल से सम्बद्ध है तो प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी के अधिनस्थ कर्मी अपने पदाधिकारी को आवेदन पत्रों के निष्पादन हेतु उपस्थापित करेंगे। (v) यदि आवेदन पत्र अनुमंडल से सम्बद्ध है तो अनुमंडलाधिकारी के अधिनस्थ कर्मी अपने पदाधिकारी को आवेदन पत्रों के निष्पादन हेतु उपस्थापित करेंगे। (vi) यदि आवेदन पत्र समाहरणालय से सम्बद्ध है तो जिलाधिकारी/जिला के जनशिकायत कोषांग प्रभारी के अधिनस्थ कर्मी अपने पदाधिकारी को आवेदन पत्रों के निष्पादन हेतु उपस्थापित करेंगे। (vii) जनशिकायत कोषांग के अन्तर्गत प्राप्त आवेदनों के विषय वस्तु को ध्यान में रखकर जाँच करायी जायेगी। जाँचोंपरान्त प्राप्त निष्कर्षों को सम्बद्ध अधिकारी ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड करेंगे।
परिशिष्ट-'ङ'
चरित्र प्रमाण-पत्र को पंचायतों में स्थापित वसुधा केन्द्रों के माध्यम से विभिन्न चरणों के तहत् प्राप्त किया जा सकेगा :-
(i) चरित्र प्रमाण पत्रों के लिए एक वेब पोर्टल बनाया गया है जिसे http://www.edistrict. biharonline. gov.in पर access किया जा सकता है।
(ii) नागरिक के द्वारा विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए उस जिलों में पंचायत स्तर पर अवस्थित किन्हीं वसुधा केन्द्र पर आवेदन विहित प्रपत्र, फोटो तथा संलग्नक के अलावा प्रमाण-पत्रों के लिए निर्धारित दर के साथ जमा किया जा सकता है।
(iii) वसुधा केन्द्र के द्वारा विहित प्रपत्र में विभिन्न आवेदनों का ऑन-लाईन इन्ट्री किया जायेगा। आवेदक के द्वारा भरे हुए फारम के अनुसार VLE डाटा इन्ट्री करेंगे एवं फारम को सेव करने से पहले यह सुनिश्चित हो ले कि फारम में भरी हुई सारी सूचनाएँ सही है। आवेदन एवं आवेदन के साथ संलग्न दस्तावेज को ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। आवेदन फार्म अपलोड कर उसे कार्यालय को भेजने के बाद बदला नहीं जा सकता है।
(iv) आवेदक को एक पावती रसीद दिया जायेगा। आवेदक के प्रति पर एक यूनिक नम्बर दिया जायेगा, जिसके माघ्यम से वह कभी भी वस्तुस्थिति की जानकारी वसुधा केन्द्रों/ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से प्राप्त किया जा सकेगा। पावती रसीद के उपर प्रमाण-पत्र निर्गत होने की अंतिम तिथि भी अंकित होगी।
(v) आरक्षी अधीक्षक कार्यालय के लिपिक उस आवेदन को ऑनलाईन (e-District Portal में Loging) प्राप्त कर उसकी जाँच करने हेतु आवेदन को थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष के पास उपस्थापित करेगें।
(vi) थाना प्रभारी/थानाध्यक्ष उस आवेदन को जाँच कर वस्तुस्थिति को e-District Portal में अपलोड करेंगे एवं आरक्षी अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करायेंगे।
(vii) आरक्षी अधीक्षक उक्त आवेदन पत्र को अनुमोदित करते हुए उस पर डिजिटल हस्ताक्षर अंकित करेगें। (viii) वसुधा केन्द्र के द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर किये गये प्रमाण-पत्र की कॉपी प्रिन्ट की जा सकती है।
(ix) तत्पश्चात् वसुधा केन्द्र के द्वारा प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर सहित मुहर लगाकर नागरिक को उपलब्ध करा दिया जायेगा।
(x) कर्मचारी/जनसेवक द्वारा आवेदन पत्रों का निष्पादन क्रमबद्ध तरीके (First-cum-First Served) के आधार पर किया जायेगा।
(xi) कर्मचारी/जनसेवक/लिपिक द्वारा सभी आवेदन पत्रों को परीक्षण कर यह निर्धारित करेंगे कि आवेदन पत्र स्वीकार करने योग्य है अथवा नहीं अथवा किसी और सूचना की आवश्कयता है।
(xii) प्रमाण-पत्रों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा समय-समय पर दिये गये दिशा- निर्देश मान्य होगे तथा यह प्रमाण-पत्र लोक सेवा अधिकार अधिनियम 2011 के अन्तर्गत विभिन्न प्रावधानों के तहत मान्य होगें।
(xiii) आरक्षी अधीक्षक कार्यालय स्तर पर सभी प्रमाण-पत्रों की अलग-अलग पंजी संधारित की जायेगी।(cid:18)बहार गजट (असाधारण), 23 मई 2012 8 (xiv) इस व्यवस्था के लागू होने के पश्चात् सभी प्रमाण-पत्रों पर डिजिटल हस्ताक्षर किया जाना आवश्यक होगा। (xv) निर्गत प्रमाण-पत्रों में अंकित डिजिटल हस्ताक्षर की प्रमाणिकता की जाँच ई.-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाईन किया जा सकता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
अरूण कुमार सिंह,
सरकार के प्रधान सचिव। नोटः-उक्त संकल्प को इन्टरनेट पर बेवसाईट http://www.gov.bih.nic.in एवं www.biharonline. gov.in के माध्यम से डाउन लोड किया जा सकता है।
———— अधी-क, सिचवालय मुिणालय,
(cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 213-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in