िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 (cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार गजटगजटगजटगजट
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उद्योग विभाग
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संकल्प
14 मई 2012
ख (एक अरब सार करोड़ नब्बे लाख बारह हजार) मात्र की लागत पर विषय-विषय-विषय-विषय- कुल लागकुल लागकुल लागकुल लागत रु0 त रु0 त रु0 त रु0 17090170901709017090....12 ला12 ला12 ला12 लाख (एक अरब सार करोड़ नब्बे लाख बारह हजार) मात्र की लागत पर ख (एक अरब सार करोड़ नब्बे लाख बारह हजार) मात्र की लागत पर ख (एक अरब सार करोड़ नब्बे लाख बारह हजार) मात्र की लागत पर मुख्यमंत्री तसर विकास परियोजना (2012-17) की स्वीकृति। मुख्यमंत्री तसर विकास परियोजना (2012-17) की स्वीकृति। मुख्यमंत्री तसर विकास परियोजना (2012-17) की स्वीकृति। मुख्यमंत्री तसर विकास परियोजना (2012-17) की स्वीकृति।
बारहवीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में राज्य के बांका, मुंगेर, नवादा एवं कैमूर जिलों में तसर विकास के लिए परियोजना लागू करने के लिए ''मुख्यमंत्री तसर विकास परियोजना'' नाम से एक नई समेकित परियोजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना के तहत मुख्य कार्यक्रम निम्नांकित हैः-
(i) रेशम मित्र के नेतृत्व में 540 स्वयं सहायता समूह गठित कर उनके द्वारा तसर खाद्य-पौधा रोपण, मिश्रित खेती, तसर कीटबीज उत्पादन एवं कीटपालन कार्यक्रमों को पी0पी0पी0 (Public Private Partnership) मोड में लागू करना।
(ii) 135 स्वयं सहायता समूह का गठन कर सामान्य सुलभ केन्द्र के माध्यम से तसर सूत उत्पादन को बढ़ावा देना।
(iii) सरकारी क्षेत्र में स्थापित अग्र परियोजना केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण।
(iv) सूत उत्पादन के लिए सालों भर कोए की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कोया बैंक की स्थापना । वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक कुल 5 वर्षों में यह परियोजना कार्यान्वित की जाएगी। इन पाँच वर्षों में प्रस्तावित सभी कार्यक्रम एवं निर्धारित लक्ष्य निम्नवत् हैं :-
2 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 30 मई 2012| क्र0क्र0क्र0क्र0 | कायकायकायकार्यक्रम र्क्रम | निर्धारित भौतिक लक्ष्य |
| 1. | वनभूमि में आसन/अर्जून वृक्षारोपण में एवं अगले दो वर्षों तक उसका रख-रखाव (हेक्टर में) | 8030 |
| 2. | निजी भूमि में आसन/अर्जून वृक्षारोपण एवं अगले दो वर्षों तक रख-रखाव (हेक्टर में) | 5200 |
| 3. | चॉकी गार्डेन का विकास (सं0 में) | 13500 |
| 4. | मिश्रित खेती (हे0 में ) | 5200 |
| 5. | अग्र परियोजना केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण (सं0 में) | 5 |
| 6. | निजी बीजागार की स्थापना (सं0 में) | 540 |
| 7. | बीज कीटपालकों को सहायता (सं0 में) | 1820 |
| 8. | वाणिज्यिक कीटपालकों को सहायता (सं0 में) | 11880 |
| 9. | कोया बैंक की स्थापना (सं0 में) | 5 |
| 10. | सामान्य सुलभ केन्द्र की स्थापना (सं0 में) | 135 |
| 11. | लाभुक प्रशिक्षण (सं0 में) | 17655 |
| 12. | अध्ययन भ्रमण (सं0 में) | 2500 |
| 13. | प्रचार-प्रसार -कार्यशाला | कम्प्यूटर, फैक्स, दूरभाष, लाभुक पासबुक, प्रसार बुकलेट प्रकाशन, सामग्रियॉ आदि |
| 14. | तकनिकी जागरुकता कार्यक्रम (सं0 में) | 25 |
| 15. | किसान गोष्ठी (सं0 में) | 50 |
2. कुल परियोजना लागत रु0 17090.12 लाख है, जो वर्ष 2012-13 से 2016-17 की अवधि में योजना उदव्यय एवं बजट प्रावधान होने पर व्यय की स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
वर्षवार व्यय प्रस्ताव निम्न प्रकार है :-
| क्रमांक | वर्ष वर्षवर्ष | लागत (रु0 लागत (रु0 लाख में) लागत लागत (रु0 (रु0 लाख में) |
| 1. | 2012-13 | 3783.48 |
| 2. | 2013-14 | 3800.58 |
| 3. | 2014-15 | 3640.605 |
| 4. | 2015-16 | 3380.015 |
| 5. | 2016-17 | 2485.44 |
| कुल लागत | 17090 17090....12121212 17090 17090 |
3. इस योजना का कार्यान्वयन क्षेत्र में स्थापित तसर अग्र परियोजना केन्द्रों के माध्यम से हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय द्वारा किया जाएगा।
4. वनभूमि में वृक्षारोपण वन विभाग करेगा, जिसके लिए उन्हें राशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
5. योजना अनुश्रवण के लिए क्षेत्रीय स्तर पर विभागीय पदाधिकारियों, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वन विभाग के पदाधिकारियों एवं लाभुक प्रतिनिधियों का क्षेत्रीय अनुश्रवण समूह तथा विभागीय स्तर पर निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम, बिहार, पटना की अध्यक्षता में परियोजना अनुश्रवण समिति का गठन किया जायेगा। इस योजना को सही तरीके से सही समय पर कार्यान्वित करने में यह उपयोगी साबित होगा।3 (cid:18)बहार गजट (असाधारण), 30 ebZ 2012 6. निर्माण से संबंधित कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर एवं इस पर सक्षम पदाधिकारी की सहमति लेकर ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
7. लाभुकों का चयन संबंधित प्रमण्डल के सहायक निदेशक,(रेशम) की अध्यक्षता में गठित एक समिति द्वारा किया जाएगा।
8. इस योजना के कार्यान्वयन में पूरी पारदर्शिता हो, इसके लिए हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय से एक विहित प्रक्रिया भी जारी की जायेगी।
9. यह योजना वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक कार्यान्वित की जाएगी, जिस पर विभिन्न वर्षो में कंडिका-2 के अनुरूप कुल 17090.12 लाख रूपये के अनुमानित व्यय पर वर्षवार योजना उदव्यय एवं बजट प्रावधान होने के आधार पर योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है।
10. प्रस्तावित राशि मुख्य शीर्ष 2851-ग्राम एवं लघु उद्योग, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष 107 रेशम उत्पादन उद्योग, मांग संख्या-23 उपशीर्ष-0101 पिछड़ी जातियों के लिये विशेष अंगीभूत योजना, रेशम का विकास, विपत्र कोड P2851001070101, राज्य योजना स्कीम कोड IND-5444 के अन्तर्गत विभिन्न विषय शीर्ष एवं मुख्य शीर्ष-2851-ग्राम एवं लघु उद्योग, उप मुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष 789 अनुसूचित जातियों के लिये विशेष घटक योजना, मांग संख्या-23 उपशीर्ष-0105 पिछड़ी जातियों के लिये विशेष अंगीभूत योजना रेशम का विकास, विपत्र कोड P2851007890105, राज्य योजना स्कीम कोड-IND-5444 के अन्तर्गत विभिन्न विषय शीर्ष से विकलित होगी।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपियां सभी जिला पदाधिकारी, सभी महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
(ह0) अस्पष्ट,
सरकार के विशेष सचिव।
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अधी-क, सिचवालय मुिणालय, (cid:18)बहार, पटना (cid:26)ारा ूकािशत एवं मु2ित। (cid:18)बहार गजट (असाधारण) 232-571+500-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in