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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 June 2012

Published 21 June 2012

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2012-06-21.25
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट

(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 30303030 (cid:29)ये(cid:29)ये(cid:29)ये(cid:29)येंठंठंठंठ 1931931931934444 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 22225555 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 20202020 जूनजूनजूनजून 2020202011112222 ((((ईईईई0000)))) भाग-1—िनयु(cid:18)0, पदःथापन, बदली, श(cid:18)0, छु 6ट(cid:15) और अ9य :य(cid:18)0गत सूचनाएं। 2-5 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु=म? के समादेंटाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायJबम, छाऽवृ(cid:18)M ूदान, आNद।

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भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आNद ---

भाग-2—(cid:18)बहार-रा(cid:29)यपाल और कायाJOयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आNद। ---

भाग-3—भारत सरकार, पPQम बंगाल सरकार और उSच 9यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और रा(cid:29)य गजट? के उUरण। ---

भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---

(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मW पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उYत (cid:18)वधान मंडल मW उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Nकये जानेवाले ूवर सिमितय? के ूितवेदन और उYत (cid:18)वधान मंडल मW पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक।

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भाग-7—संसद के अिधिनयम Pजनपर रांशपित क[ (cid:29)येंठअनुमित िमल चुक[ है। ---

भाग-8—भारत क[ संसद मW पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मW उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मW पुर:ःथापन के पूवJ ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---

भाग-9—(cid:18)व]ापन

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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क[ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवJसाधारण सूचनाएं इ_याNद। 6-6 पूरक

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पूरक-क 7-162 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

भागभागभागभाग----1111

िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0िनयु(cid:18)0, , , , पदःथापदःथापदःथापदःथापनपनपनपन, , , , बदलीबदलीबदलीबदली, , , , श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0श(cid:18)0, , , , छु 6ट(cid:15) और छु 6ट(cid:15) और छु 6ट(cid:15) और छु 6ट(cid:15) और अ9यअ9यअ9यअ9य वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं वैय(cid:18)0क सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

सहकारिता विभाग ——— अधिसूचनाएं 28 मई 2012 सं॰ 1/सह॰-बि॰स॰से॰-निजी-31/2011-2223—श्री आषीष कुमार झा, सहायक निबंधक (अवकाष रक्षित), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को स्वास्थ्य कारणों से छुट्‌टी में रहने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 229 एवं 230 के अंतर्गत दिनांक 1 दिसम्बर 2011 से 12 दिसम्बर 2011 अर्थात्‌ 12 दिनों की उपार्जित छुट्‌टी की घटनोत्तर स्वीकृति पूर्ण मासिक वेतन पर प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मधुरानी ठाकुर, उप-सचिव।

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24 मई 2012

सं॰ 1/रा॰स्था॰-बि॰स॰से॰(स्थनां0)-14/2011-2181—श्री धर्मनाथ प्रसाद, (गृह जिला-पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी) सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, भागलपुर अंचल, भागलपुर सम्प्रति प्रतिनियुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना का कार्यालय को परीक्ष्यमान अवधि पूरा होने के उपरांत उक्त पद से स्थानांतरित करते हुए सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, विक्रमगंज अंचल विक्रमगंज (रोहतास) के पद पर प्रभार ग्रहण की तिथि से पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ 1/रा॰स्था॰-बि॰स॰से॰(स्थनां0)-14/2011-2182—श्री निकेष कुमार(गृह जिला-हजारीबाग),सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ सासाराम रोहतास को स्थानांतरित करते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी - सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ जमुई के पद पर प्रभारग्रहण की तिथि से पदस्थापित किया जाता है तथा श्री कुमार को अगले आदेष तक प्रभार ग्रहण की तिथि से जिला सहकारिता पदाधिकारी, शेखपुरा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है।

सं॰ 1/रा॰स्था॰-बि॰स॰से॰(स्थनां0)- 14/2011-2183—श्री दिनेष कुमार, (गृह जिला-पूर्णियाँ), जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, जमुई को स्थानांतरित करते हुए सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, (अवकाष/प्रषिक्षण रक्षित) कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ बिहार, ंपटना के रिक्त पद पर पदभार ग्रहण की तिथि से पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

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8 जून 2012

सं॰ 1/रा॰स्था॰-बि॰स॰से॰-पद॰-14/2007-2463—राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली द्वारा एकीकृत सहकारी विकास परियोजना (आई॰सी॰डी॰पी॰) छपरा एवं सिवान का अवधि-विस्तार दिनांक 30 जून 2012 तक विस्तारित करने के फलस्वरूप उक्त परियोजना के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार क्रमषः जिला सहकारिता पदाधिकारी, सारण, छपरा एवं जिला सहकारिता पदाधिकारी, सिवान को स्वतः ग्रहण करने हेतु आदेष दिया जाता है । 2॰ यह वैकल्पिक व्यवस्था तत्कालिक प्रभाव से लागू समझी जायेगी ।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

——— 18 मई 2012 सं॰सं॰-1/रा॰स्था॰ (2) सह॰ सं॰ (व्य॰)-012/2004 सह॰-2069—श्री त्रिवेणी प्रसाद सिन्हा, प्रबंध निदेषक, बिहार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना के स्वास्थ्य कारणों से दिनांक 10 मई 2012 से अवकाष पर चले जाने के कारण श्री राम प्रताप सिंह, उप महाप्रबंधक, बिहार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना को आदेष दिया जाता है कि वे अपने कार्य के अतिरिक्त प्रबंध निदेषक, बिहार स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना का अतिरिक्त प्रभार स्वतः ग्रहण करेंगे।

यह वैकल्पिक व्यवस्था तत्कालिक प्रभाव से लागू समझी जायेगी। श्री सिन्हा के अवकाष से लौटने के उपरान्त उनके प्रभार ग्रहण की तिथि से यह व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, (ह॰)-अस्पष्ट, संयुक्त सचिव।3 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 20 मार्च 2011 सं॰ 1/रा0स्था0(2)सह0सेवा-46/04सह-1179—श्री जवाहर प्रसाद,(बिहार सहकारिता सेवा) जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहरसा को अपने निजी कार्यो हेतु अवकाष में रहने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 229 एवं 230 के अन्तर्गत दिनांक 08 फरवरी 2011 से 30 अप्रील 2011 तक अर्थात्‌ कुल 82 (बेरासी) दिनों की उपार्जित अवकाष की घटनोत्तर स्वीकृति पूर्ण मासिक वेतन पर प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

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11 अप्रील 2012

सं॰ 1/रा॰स्था॰-01/2006-1501—पूर्व में निर्गत विभागीय अधिसूचना संख्या 566 दिनांक 09 फरवरी 2012 एवं 3398 दिनांक 17 अगस्त 2010 को अवक्रमित करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत सहकारिता विभाग (सचिवालय प्रभाग) के अन्तर्गत निम्नांकित विभागीय पदाधिकारियों को लोक सूचना पदाधिकारी/सहायक लोक सूचना पदाधिकारी एवं प्रथम अपीलीय प्राधिकार के रूप में अगले आदेष तक के लिए अधिसूचित किया जाता है-

1. श्री मधुरानी ठाकुर (बि॰प्रषा॰सेवा),

- लोक सूचना पदाधिकारी।

उप-सचिव, सहकारिता विभाग।

2. श्री राजेन्द्र राम (बि॰सचि॰सेवा),

- सहायक लोक सूचना पदाधिकारी।

अवर सचिव, सहकारिता विभाग।

3. श्री लियान कुंगा (भा॰प्र॰सेवा),

- प्रथम अपीलीय प्राधिकार।

विशेष सचिव, सहकारिता विभाग।

(ii) श्रीमती ठाकुर, सहकारिता विभाग के जनषिकायत पदाधिकारी के रूप में भी कार्यरत रहेंगी तथा इनकी अनुपस्थिति में श्री राजेन्द्र राम, अवर सचिव, लोक सूचना पदाधिकारी एवं जन षिकायत पदाधिकारी का कार्य देखेंगे।

(iii) यह आदेष तुरन्त के प्रभाव से प्रवृत्त होगा। (iv) इसमें विभागीय सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

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23 मार्च 2012

सं॰ 1/सह॰बि॰स॰से॰-राज॰स्था॰निजी-21/2011-1248—श्री सैयद मसरूक आलम, जिला सहकारिता पदाधिकारी, गोपालगंज को अपनी पत्नी की शल्य चिकित्सा कराने हेतु छुट्‌टी में रहने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 229 एवं 230 के अन्तर्गत दिनांक 11 अक्तूबर 2011 से 10 नवम्बर 2011 तक अर्थात कुल 31 दिनों की उपार्जित छुट्‌टी की धटनोत्तर स्वीकृति पूर्ण मासिक वेतन पर प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

——— 14 मार्च 2012 सं॰ 1/सह-बि॰स॰से॰-निजी-32/2011-1057—श्री जमाल जावेद आलम, कार्यकारी संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को अपनी चिकित्सा कराने हेतु छुट्‌टी में रहने के कारण बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 229 एवं 230 के अन्तर्गत दिनांक 12 जनवरी 2012 से दिनांक 1 फरवरी 2012 तक अर्थात कुल 21 दिनों का उपार्जित छुट्‌टी की घटनोत्तर स्वीकृति पूर्ण मासिक वेतन पर प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रामाश्रय कुमार, संयुक्त सचिव।

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योजना एवं विकास विभाग

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अधिसूचनाएं

13 जून 2012

सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2268226822682268/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री अर्जुन प्रसाद, उपनिदेषक, योजना एवं विकास विभाग को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, पटना प्रमंडल, पटना के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2262262262269999/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री ब्रजेष कुमार त्रिवेदी, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, सारण प्रमंडल, सारण को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।4 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2222222270707070/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्रीमती पूनम झा , क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, सारण प्रमंडल, सारण के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2222222271717171/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—डा0 सुरेष स्वप्निल , क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर को स्थानांतरित करते हुए उपनिदेषक, योजना एवं विकास विभाग के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2222222272727272/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री इन्द्रजीत चौरसिया, उपनिदेषक, बिहार राज्य योजना पर्षद को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/11112-2-2-2-2222222273737373/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री बंषीधर मिश्र, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को स्थानांतरित करते हुए उपनिदेषक, बिहार राज्य योजना पर्षद के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2222222274747474/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री डा0 विनय कुमार, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, पटना प्रमंडल, पटना को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

सं0सं0सं0सं0 यो01यो01यो01यो01/4444-1-1-1-1/12-12-12-12-2222222275757575/यो0वि0यो0वि0यो0वि0यो0वि0—श्री रविषंकर चौधरी, क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को स्थानांतरित करते हुए क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पद पर अगले आदेष तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, विजय प्रकाष, प्रधान सचिव।

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बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार

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अधिसूचना

13 जून 2012

सं नि॰प्रा॰/नि॰ 1-02/2011-खंड-8899—श्री साकेत बिहारी शुक्ल, प्रखंड विकास पदाध्किारी-सह-निर्वाचन पदाध्किारी, चिरैया, पूर्वी चम्पारण द्वारा चिरैया प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन प्राध्किार द्वारा निर्धरित कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 23 मई 2012 को किया गया। पुनः बिना किसी अध्किारिता एवं प्राध्किारिता के उन्होंने उक्त प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची को स्वेच्छापूर्वक दिनांक 24 मई 2012 को रद्द कर दिया। श्री शुक्ल द्वारा नियम विरू( एवं मनमाने ढंग से निर्वाचन कार्य में दखल देने के कारण उन्हें सभी सहकारी समितियों ;कम्पफेड सहितद्ध के निर्वाचन पदाध्किारी ;स0 स0द्ध के कार्य से विमुक्त करते हुए अंचलाध्किारी, चिरैया, पूर्वी चम्पारण को सभी सहयोग समितियों के निर्वाचन के लिए निर्वाचन पदाध्किारी के रूप में नियुक्त किया जाता है।

2. श्री शुक्ल को भविष्य में प्राध्किार द्वारा संचालित होने वाले किसी भी निर्वाचन कार्य में सम्मिलित नहीं किया जायेगा।

आदेश से,

एन0 एस0 माध्वन,

मुख्य चुनाव पदाध्किारी।

——— निर्वाचन विभाग ——— अधिसूचना 12 जून 2012 सं0 ई2-204/1998-18181818—बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248 में निहित प्रावधानों के आलोक में तथा बिहार कार्यपालिका (संषोधन) नियमावली- 2007 के नियम-21 के अधीन चतुर्थ अनुसूची में उल्लिखित स्थापना संबंधी शक्तियों का प्रयोग करते हुये श्री विवेकानंद झा, उप निर्वाचन पदाधिकारी, भोजपुर, आरा को उनके पिताजी का दिनांक 10 अप्रील 2012 को देहान्त हो जाने के कारण उनके श्राद्ध-कर्म में सम्मिलित होने हेतु दिनांक 11 अप्रील 2012 से 30 अप्रील 2012 तक कुल 20 (बीस) दिनों के उपार्जित अवकाष की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, आर॰ के॰ प्रसाद, संयुक्त सचिव।5 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

8 जून 2012

सं॰ 6/गो0-34-12/2007-2224 वा0 कर—श्री बिनोद पाठक, वाणिज्य-कर उपायुक्त (प्रभारी), सहरसा अंचल, सहरसा दिनांक 25 मई 2012 से उपार्जित अवकाष पर हैं। अतः श्री पाठक के अवकाष अवधि तक के लिए श्री सहदेव रजक, अंचल के वरीय वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त को अपने कार्यों के अतिरिक्त सहरसा अंचल के प्रभारी का कार्य करने हेतु नियुक्त किया जाता हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, मो0 शमीम, उप-सचिव।

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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित। (cid:18)बहार गजट, 14Ñ571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in6 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))

और सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याऔर सवJसाधारण सूचनाएं इ_याNद।Nद।Nद।Nद। ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ

सूचना

सं॰ 905—मैं मोनिषा, पिता-श्री दिलीप कुमार, मोहल्ला-लालजी टोला, थाना-गांधी मैदान, डाकघर- जी॰पी॰ओ॰ पटना-1, जिला-पटना (बिहार) आज से मोनिषा सिंह के नाम से जानी जाऊँगी ।

मोनिषा ।

No. 905—I , Monisha, D/o Dilip Kumar, Moh.-lalji Tola, P.s.-Gandhi Maidan, P.o.-G.P.O Patna-1, Distt.-Patna, State-Bihar, declare vide affidavit no.149 dated 17-12- 2011 that now onwards. I shall be known as Monisha Singh for all puroposes.

MONISHA.

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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित।

(cid:18)बहार गजट, 14Ñ571+10-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

7 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत

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पथ निर्माण विभाग ——— अधिसूचनाएं 13 अप्रील 2012 सं0 निग/सारा-06 द0वि0(ग्रा0)-41/07-4123 (एस)—श्री अशोक कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, एन0आर0ई0पी0, गोह प्रखण्ड, औरंगाबाद को एन0आर0ई0पी0, गोह प्रखण्ड, औरंगाबाद के पदस्थापन काल में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के कारण पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या 10625-सह पठित ज्ञापांक 10626, दिनांक 10.09.07 से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना का कार्यालय निर्धारित किया गया था। श्री सिंह निलंबित सहायक अभियंता का निलम्बन अवधि एक वर्ष से अधिक होने एवं उनसे प्राप्त आवेदन के आधार पर इन्हें दिनांक 10.09.08 के प्रभाव से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के आलोक में देय जीवन निर्वाह भत्ता में 50 प्रतिशत की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 2 अप्रील 2012 सं0 निग/सारा-9 (आरोप)-37/2009-3797 (एस)—श्री अवधेश कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति निलंबित को उप महा प्रबंधक (तकनीकी)-सह-परियोजना निदेशक (पी0आई0यू0), धनबाद, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के पदस्थापन काल में रिश्वत लेते सी0बी0आई0 द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार कर हिरासत में लिये जाने एवं तद्‌जन्य आपराधिक मुकदमा दर्ज किये जाने के आलोक में अधिसूचना संख्या 6163 (एस) दिनांक 10.06.09 द्वारा हिरासत में लिये जाने की तिथि से अगले आदेश तक के लिए निलंबति किया गया है। श्री सिंह द्वारा अपने अभ्यावेदन पत्रांक 6 दिनांक 30.06.2011 द्वारा निलंबन अवधि के 2 वर्ष से ज्यादा हो जाने के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता में बढ़ोतरी का अनुरोध किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 (1) में निहित प्रावधान के आलोक में श्री सिंह के अभ्यावेदन पर विचारोपरांत सरकार के निर्णयानुसार श्री अवधेश कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति निलंबित के जीवन निर्वाह भत्ता में दिनांक 01.07.2011 से 50 (पच्चास) प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 25 मई 2012 सं0 उ0प्र0-188/2007-5764 (एस)—श्री इम्तियाज अहमद, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया सम्प्रति सहायक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्यालय,, योजना एवं विकास, विभाग कार्य प्रमंडल, बांका द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया के पदस्थापन काल के दौरान राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 83 के कि0मी0 107 से 125 तक में कराये गये कार्यों की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या 3 द्वारा किया गया तथा जाँच प्रतिवेदन8 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 के आलोक में कल्भर्ट में कराये गये सीमेंट प्लास्टर के कार्य में सीमेंट एवं बालू का अनुपात प्रावधानित 1ः3 के विरुद्ध 1ः8, 1ः7. 96, 1ः8.60 पाये जाने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक 439 (एस) दिनांक 16.01.2009 द्वारा श्री अहमद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री अहमद, सहायक अभियंता के पत्रांक शून्य दिनांक 19.04.2011 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में उनके द्वारा मुख्य रूप से सीमेंट का calcium content 45 Percent एवं बालू का calcium content 0 Percent मान कर TRI द्वारा अनुपात की गणना किये जाने का उल्लेख किया गया। श्री अहमद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत सीमेंट में calcium content की मात्रा 35 % के आधार पर TRI से गणना कराया गया जिसमें सीमेंट बालू का अनुपात क्रमशः 1ः6.01, 1ः5.98 एवं 1ः6.47 पाया गया। इस पृष्ठभूमि में उक्त कार्य में 44 प्रतिशत कम सीमेंट का प्रयोग किया गया। इस प्रकार श्री इम्तियाज अहमद, सहायक अभियंता के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए उनके इस कृत्य के लिये सरकार के निर्णयानुसार निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-

(i) इनकी दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक लगायी जाती है। (ii) निन्दन आरोप वर्ष 2007-08 ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 22 मई 2012 सं0 निग/सारा-उड़नदस्ता-आरोप-40/2009-5507 (एस)—श्री महेन्द्र राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल, सहरसा सम्प्रति अधीक्षण अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, दरभंगा को पथ अंचल, सहरसा के पदस्थापन काल में नारायणपुर चौक-एन0एच0-57 झिल्ला शाहपुर पृथ्वी पट्‌टी-छिट्‌टी-सतनपट्‌टी-शाहटोला-पंडित टोला जगदीशपुर- करजाईन बाजार (एन0एच0-106) पथ के कि0मी0 1-7, 8 (p), 9 (p), 10-13, 14 (p), 15 (p),16-21 एवं 22 (p) तक कुल 19-92 कि0मी0 में क्रॉस ड्रेनेज एवं पथ बचाव कार्य सहित IRQP कार्य वर्ष-2008-09 की निविदा के वित्तीय बीड को खोलने एवं संवेदक विषेष के पक्ष में दरों में हेर-फेर करने जैसी अनियमितताओं के मामले में कार्यपालक अभियंता, उड़दस्ता प्रमंडल संख्या 2, पथ निर्माण विभाग से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर इनको बुलाकर आरोपों के संदर्भ में सुना गया तथा इनका कोई defence नहीं पाये जाने के फलस्वरूप इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या 4754 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-4755 (एस) दिनांक 15.05.09 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया। 2. इनके विरुद्ध उक्त आरोपों के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर साक्ष्य सहित विभागीय पत्रांक 7789 (एस) अनु0 दिनांक 15.07.09 द्वारा इनसे बचाव वयान मांगा गया। श्री राम, निलंबित अधीक्षण अभियंता के पत्रांक शून्य दिनांक 20.07.09 द्वारा समर्पित बचाव वयान के समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12103 (एस) अनु0 दिनांक 29. 10.09 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 3. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-16249/10 महेन्द्र राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 05.10.10 को पारित न्यायादेश के आलोक में सरकार के निर्णयानुसार तकनीकी आधार पर विभागीय अधिसूचना संख्या 903 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-904 (एस) दिनांक 21.01.11 द्वारा इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही में अपर विभागीय जाँच आयुक्त (संचालन पदाधिकारी) के पत्रांक 500 दिनांक 27.10.11 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। तद्‌नुसार संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 14043 (एस) अनु0 दिनांक 22.12.11 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा तथा इनकी निलंबन की अवधि दिनांक 15.05.09 से दिनांक 20.01.11 तक के लिए कारण पृच्छा की मांग की गयी। 5. श्री राम अधीक्षण अभियंता के आवेदन दिनांक 12.01.12 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा एवं निलंबन अवधि के विनियमन हेतु कारण पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरांत पाया गया कि इस प्रकरण में संवेदक को merit के आधार पर दोष मुक्त नहीं किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवही में तथ्यों की संपूर्ण विवेचना की गयी है और उनके द्वारा युक्ति-युक्त विचार करके आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। श्री राम के इस कथन कि आरोप के लिए विभाग के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, का एक अर्थ यह भी है कि श्री राम यह स्वीकारते हैं कि उनके द्वारा अनियमितता की गयी है, परन्तु इन्होंने इसके लिए कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा। 6. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री महेन्द्र राम, अधीक्षण अभियंता के निलंबन की अवधि के संबंध में निम्न निर्णय लिया जाता है :-

(i) निलंबन अवधि दिनांक 15.05.09 से दिनांक 20.01.11 तक के लिए मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान किन्तु अन्य प्रयोजन हेतु इसे कत्र्तव्य पर बितायी गयी अवधि के रूप में विनियमित किया जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव ।9 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

16 मई 2012

सं0 निग/सारा-उड़नदस्ता-आरोप-40/2009-5380 (एस)—श्री महेन्द्र राम, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल, सहरसा सम्प्रति अधीक्षण अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, दरभंगा को पथ अंचल, सहरसा के पदस्थापन काल में नारायणपुर चौक-एन0एच0-57 झिल्ला शाहपुर पृथ्वी पट्‌टी-छिट्‌टी-सतनपट्‌टी-शाहटोला-पंडित टोला जगदीशपुर- करजाईन बाजार (एन0एच0-106) पथ के कि0मी0 1-7, 8 (p), 9 (p), 10-13, 14 (p), 15 (p),16-21 एवं 22 (p) तक कुल 19-92 कि0मी0 में क्रॉस ड्रेनेज एवं पथ बचाव कार्य सहित IRQP कार्य वर्ष 2008-09 की निविदा के वित्तीय बीड को खोलने एवं संवेदक विषेष के पक्ष में दरों में हेर-फेर करने जैसी अनियमितताओं के मामले में कार्यपालक अभियंता, उड़दस्ता प्रमंडल संख्या 2, पथ निर्माण विभाग से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर इनको बुलाकर आरोपों के संदर्भ में सुना गया तथा इनका कोई defence नहीं पाये जाने के फलस्वरूप इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या 4754 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-4755 (एस) दिनांक 15.05.09 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया।

2. इनके विरुद्ध उक्त आरोपों के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर साक्ष्य सहित विभागीय पत्रांक 7789 (एस) अनु0 दिनांक 15.07.09 द्वारा इनसे बचाव वयान मांगा गया। श्री राम, निलंबित अधीक्षण अभियंता के पत्रांक शून्य दिनांक 20.07.09 द्वारा समर्पित बचाव वयान के समीक्षोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12103 (एस) अनु0 दिनांक 29. 10.09 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।

3. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-16249/10 महेन्द्र राम बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 05.10.10 को पारित न्यायादेश के आलोक में सरकार के निर्णयानुसार तकनीकी आधार पर विभागीय अधिसूचना संख्या 903 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-904 (एस) दिनांक 21.01.11 द्वारा इन्हें तात्कालिक प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया गया। 4. विभागीय कार्यवाही में अपर विभागीय जाँच आयुक्त (संचालन पदाधिकारी) के पत्रांक 500 दिनांक 27.10.11 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। तद्‌नुसार संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 14043 (एस) अनु0 दिनांक 22.12.11 द्वारा इनसे द्वितीय कारण पृच्छा तथा इनकी निलंबन की अवधि दिनांक 15.05.09 से दिनांक 20.01.11 तक के लिए कारण पृच्छा की मांग की गयी। 5. श्री राम अधीक्षण अभियंता के आवेदन दिनांक 12.01.12 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा एवं निलंबन अवधि के विनियमन हेतु कारण पृच्छा उत्तर के समीक्षोपरांत पाया गया कि इस प्रकरण में संवेदक को merit के आधार पर दोष मुक्त नहीं किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवही में तथ्यों की संपूर्ण विवेचना की गयी है और उनके द्वारा युक्ति-युक्त विचार करके आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। श्री राम के इस कथन कि आरोप के लिए विभाग के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, का एक अर्थ यह भी है कि श्री राम यह स्वीकारते हैं कि उनके द्वारा अनियमितता की गयी है, परन्तु इन्होंने इसके लिए कोई साक्ष्य नहीं छोड़ा। 6. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री महेन्द्र राम, अधीक्षण अभियंता को विभागीय कार्यवाही के संचालनोपरांत निम्न दंड संसूचित किया जाता है :-

(i) दो वेतन वृद्धियों पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव ।

——— 23 मई 2012 सं0 निग/सारा-4 (पथ)-आरोप-118/10-5619 (एस)—श्री नईम अख्तर रहमानी, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, किशनगंज सम्प्रति निलंबित को दिनांक 07.12.10 को सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के कार्यालय कक्ष में आहूत मासिक समीक्षात्मक बैठक में नशे की हालत में उपस्थित होने के लिए अधिसूचना संख्या 16819 (एस) दिनांक 16.12.10 द्वारा निलंबति किया गया है। श्री रहमानी द्वारा अपने अभ्यावेदन पत्रांक कैम्प-09 दिनांक 15.03.12 एवं 13.04.12 द्वारा निलंबन अवधि के 1 वर्ष से ज्यादा हो जाने के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता में बढ़ोतरी का अनुरोध किया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 (1) में निहित प्रावधान के आलोक में श्री रहमानी के अभ्यावेदन पर विचारोपरांत श्री नईम अख्तर रहमानी, कार्यपालक अभियंता सम्प्रति निलंबित के जीवन निर्वाह भत्ता में दिनांक 16.12.11 से 50 (पचास) प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 9 अप्रील 2012 सं0 प्र0 10-उ0वि0 NH-15/06-3931 (एस)—श्री नारायण कुमार भारती, तत्कालीन सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, जयनगर-सह-कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंयाचत, जयनगर द्वारा उक्त पदस्थापन काल में सीमा विकास योजना के अंतर्गत योजनाओं में अग्रिम की स्वीकृति नियमानुकूल नहीं देने, पूर्व अग्रिम का मापी प्रतिवेदन प्राप्त हुए बिना दूसरा-तीसरा अग्रिम देने, योजनाओं के प्राक्कलन में बिना स्वीकृति प्राप्त किये सीमेंट की दर में 50 रुपये प्रति बैग की वृद्धि करने, योजनाओं में कार्य से अधिक का मापी चढ़ाने, योजनाओं में कार्य प्राक्कलन की विशिष्टि के अनुरूप नहीं कराने जैसी बरती गई अनियमितता के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या 4129 (एस) दिनांक 22.03.07 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय10 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 पत्रांक 4759 (एस) दिनांक 04.04.07 द्वारा इनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई। श्री भारती, तत्कालीन सहायक अभियंता द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण दिनांक 23.07.09 के समीक्षोपरांत इसे असंतोषजनक पाते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1350 (एस) अनु0 दिनांक 30.01.08 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-12817/07 में दिनांक 12.02.08 को पारित आदेश के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना संख्या 8026 (एस) दिनांक 16.06.08 द्वारा श्री भारती को दिनांक 12.02.08 के प्रभाव से निलंबन मुक्त करते हुए इनके निलंबन अवधि के संबंध में निर्णय विभागीय कार्यवाही के निर्णय केे साथ संसूचित किये जाने का आदेश निर्गत किया गया। 3. पुनः श्री भारती द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, डेहरी-ओन-सोन के पदस्थापन काल में पथ निर्माण विभाग के आदेश के बिना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने तथा बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश के बी0एन0 मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में कार्य के प्रभार को स्वीकार करने जैसी बरती गई अनियमितता के लिए इन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या 3851 (एस) दिनांक 30.03.11 द्वारा तात्कलिक प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4160 (एस) अनु0 दिनांक 07.04.11 द्वारा अनुपूरक आरेाप पत्र गठित करते हुए पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही में सन्निहित किया गया। साथ ही, प्रभार नहीं सौंपने तथा निलंबित मुख्यालय में योगदान नहीं देने के लिए श्री भारती के विरुद्ध एक अतिरिक्त अनुपूरक आरोप पत्र गठित कर इसे विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7244 (एस) अनु0 दिनांक 24.06.11 द्वारा पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही में सन्निहित किया गया। 4. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 4829 (ई) अनु0 दिनांक 12.09.11 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री भारती के विरुद्ध गठित कुल 41 आरोपों/अनुपूरक आरोपों में से आरेाप संख्या 1 एवं 3 को छोड़कर शेष सभी आरोपों को प्रामाणित प्रतिवेदित किया गया। आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किये जाने के कारण विभागीय पत्रांक 11725 (एस) अनु0 दिनांक 21.10.11 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छाया प्रति संलग्न करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों/अनुपूरक आरोपों के लिए श्री भारती से पत्र निर्गमन की तिथि से 15 (पन्द्रह) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री भारती, निलंबित सहायक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर अप्राप्त रहने पर पूरे मामले के समीक्षोपरांत सरकार के निर्णयानुसार इन्हें सेवा से बर्खास्त करने के अनुमोदित प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 13595 (एस) अनु0 दिनांक 13.12.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गई। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2825 दिनांक 07.02.12 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गई । 5. तदुपरांत श्री भारती, निलंबित सहायक अभियंता को सेवा से बर्खास्त करने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त की गई। अतएव श्री नारायण कुमार भारती, निलंबित सहायक अभियंता को विभागीय कार्यवाही में प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) तत्कालिक प्रभाव से सेवा से बर्खास्त।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

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18 अप्रील 2012

सं0 निग/सारा-5 (ग्रा0)-2003/2002-4217 (एस)—श्री ओबैदुर रहमान मल्लिक, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, शेरघाटी सम्प्रति सेवानिवृत के द्वारा ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, शेरघाटी के पदस्थापन काल में प्रमंडलीय स्तर पर अनाधिकृत रूप से बिटुमेन (अलकतरा) का क्रयादेश निर्गत करके रेल मार्ग की जगह पथ मार्ग से प्रमंडलीय भंडार तक उक्त सामग्री की ढुलाई हेतु एक संवेदक की नियुक्ति करने और कनीय अभियंता अथवा सहायक अभियंता की जगह प्रमंडलीय रोकड़पाल को अलकतरा प्राप्त करने हेतु प्राधिकृत करने के आरोपों के लिये विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2262 (एस) दिनांक 03.04.01 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 127 दिनांक 06.07.05 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोपित के विरुद्ध सभी आरोपों को प्रमाणित पाये जाने का मंतव्य दिया गया तत्पश्चात्‌ जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 8254 (एस) दिनांक 03.11.05 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री मल्लिक सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के समीक्षोपरांत पाया गया कि सरकार के आदेशानुसार अलकतरा रेलवे द्वारा ही मंगाया जाना था, परन्तु उनके द्वारा बिना किसी उच्चाधिकारी के आदेश के अलकतरा ट्रक से मंगाने का निर्णय लिया गया तथा इस हेतु एक निजी ठेकेदार को आदेश दिया गया। गोदाम में अलकतरा नहीं पहुँचाकर ` 7,32,000 (रुपये सात लाख बतीस हजार) मूल्य के अलकतरा का गवन कर लिया गया। इनके द्वारा प्राप्त आवंटन से अधिक राशि का विचलन कर अलकतरा क्रय करने का आदेश दिया गया। अलकतरा का लेखा संधारित नहीं कर क्रय किये गये अलकतरा को बाजार में बेच दिया गया जो धोखाधड़ी का स्पष्ट उदाहरण है। आरोपित ने अपने बचाव बयान में किसी ऐसे तथ्य का उल्लेख नहीं किया, जो उनके दावे को प्रमाणित कर सके। तत्पश्चात्‌ उनके द्वितीय कारण पृच्छा को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए श्री मल्लिक के पेंशन से 10 प्रतिशत कटौती के अनुमोदित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श/सहमति की मांग पत्रांक 4867 (एस) अनु0 दिनांक 12.05.06 द्वारा की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्रांक 1906 दिनांक 04.01.07 द्वारा विभागीय प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की। 2. तदआलोक में श्री मल्लिक को विभागीय अधिसूचना संख्या 792 (एस) दिनांक 19.01.07 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :- (i) श्री मल्लिक के पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती की जाय। 3. श्री मल्लिक ने उक्त दंडादेश के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्लू0जे0सी0सं0-630/10 दायर किया, जिसमें दिनांक 02.09.2011 को पारित आदेश के द्वारा माननीय न्यायालय ने संचालन पदाधिकारी के द्वारा विभागीय कार्यवाही के11 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 सही रूप में संचालन नहीं करने को परिभाषित करते हुए दिये गये दंड अधिसूचना को निरस्त करते हुए मामले को पुनः संचालन पदाधिकारी को ही remand करते हुए नये सिरे से आदेश प्राप्ति के 3 माह के अंदर आवेदक श्री मल्लिक के सहयोग करने के शर्त पर पूरा कर निर्णय लेने का निदेश दिया गया । यद्यपि श्री मल्लिक द्वारा इस आदेश के आलोक में कोई आवेदन नहीं दिया गया है, परन्तु माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.09.11 के आलोक में निम्न निर्णय लिया जाता है :- (i) श्री मल्लिक के संसूचित दंडादेश अधिसूचना संख्या 792 (एस) दिनांक 19.01.2007 को एतद्‌ द्वारा निरस्त किया जाता है एवं

(ii) श्री मल्लिक के विरुद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत संकल्प ज्ञापांक-2262 (एस) दिनांक 03.04.01 द्वारा पूर्व में संचालित विभागीय कार्यवाही से संबंधित जाँच पदाधिकारी / प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के सेवानिवृत हो जाने के कारण पुनः नये सिरे से संचालन पदाधिकारी/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर नये सिरे से विभागीय कार्यवाही पूर्ण किये जाने हेतु अलग से संकल्प निर्गत किया जा रहा है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 18 अप्रील 2012 सं0 निग/सारा-06 (आरोप) द0वि0(ग्रा0)-27/07-4294 (एस)—श्री राम प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, नवादा सम्प्रति सेवा निवृत के विरुद्ध ग्राम्य अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, नवादा के पदस्थापन काल के दौरान लखौरा से रसलपुर (बिजुबिगहा) पथ के निर्माण कार्य में बरती गयी अनियमितता के संबंध में मंत्रिमंडल निगरानी विभाग के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित करते हुए विभागीय पत्रांक 13180 (एस) दिनांक 16.10.08 द्वारा इनसे बचाव बयान की मांग की गई थी। 2. श्री प्रसाद के पत्रांक 553 दिनांक 30.12.08 द्वारा समर्पित बचाव बयान की समीक्षापरांत उक्त पथ कार्य में निष्फल व्यय की कुल राशि ` 4,86,880 में से ` 48,688 के लिए श्री प्रसाद को दोषी पाया गया तथा दिनांक 31.03.10 को इनकी सेवा निवृति के परिप्रेक्ष्य में उक्त राशि की वसूली के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3921 (एस) दिनांक 01.04.11 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। 3. श्री प्रसाद द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक 29.07.11 द्वारा उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही पर इस आधार पर आपत्ति व्यक्त किया गया कि 19 वर्ष पुराने मामले में बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत विभागीय कार्यवाही कालबाधित होने के कारण संचालित नहीं किया जा सकता है। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित अभ्यावेदन पर सम्यक रूप से विचारोपरांत सरकार द्वारा इनकेे विरुद्ध संकल्प ज्ञापांक-3921 (एस) दिनांक 01.04.11 संचालित विभागाीय कार्यवाही को बंद करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत ` 48,688 वसूली करने का निर्णय अधिसूचना संख्या 13230 (एस) दिनांक 01.12.11 द्वारा लिया गया। 4. उक्त निर्णय के आलोक में श्री प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत अधीक्षण अभियंता से विभागीय पत्रांक 13222 (एस) दिनांक 01.12.11 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत इस आशय का कारण पृच्छा मांगा गया कि आपके द्वारा विभगीय पत्रांक 13180 (एस) दिनांक 16.10.08 के आलोक में समर्पित बचाव बयान को मान्य नहीं पाते हुए उक्त कार्य में निष्फल व्यय की कुल राशि ` 4,86,880 में से ` 48,688 के लिए आप दोषी हैं। उक्त कारण पृच्छा के संदर्भ में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित बचाव बयान दिनांक 19.12.11 के समीक्षोपरांत उक्त प्रकरण में श्री प्रसाद की व्यक्तिगत सुनवाई सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के स्तर पर दिनांक 10.02.12 को की गयी, जिसमें यह तथ्य उभरकर सामने आया कि यद्यपि श्री प्रसाद के द्वारा इस योजना में भुगतान नहीं किया गया था, परन्तु इनके द्वारा न तो एकरारनामा विखंडित कर जमानत की राशि जब्त की गयी और न ही पुनरीक्षित प्राक्कलन बनवाते हुए पुनर्निविदा की कार्रवाई ही की गयी, जिसके कारण पथ में किया गया व्यय अनुपयोगी हो गया। इस प्रकार की अनियमितता एवं इससे सरकार को हुए क्षति के लिए श्री प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता भी दोषी हैं। 5. उक्त पृष्ठभूमि में सरकार के निर्णयानुसार बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाते हुए इनके पेंशन से ` 48,688 की कटौती का आदेश दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।

——— 28 मई 2012 सं0 निग/विरा-2-155/99-5858 (एस)—श्री रामजन्म प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, छपरा सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता द्वारा पथ प्रमंडल, छपरा के पदस्थापन काल में विभागीय रूप से कराये गये विभिन्न कार्यों में बरती गयी अनियमितता के लिए इनसे विभागीय पत्रांक 5766 (एस) अनु0 दिनांक 29.08.2000 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के अंतर्गत कारण पृच्छा की मांग की गयी तथा पत्रांक 1365 (एस) अनु0 दिनांक 27.02.2001 द्वारा स्मारित भी किया गया। उक्त विभागीय पत्रों के आलोक में श्री प्रसाद, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता का बचाव बयान अप्राप्त रहा। अन्ततः श्री प्रसाद की सेवानिवृति की तिथि-31.01.96 को देखते हुए श्री प्रसाद से बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के तहत ` 800 की वसूली किये जाने के संबंध में विधि विभाग से मंतव्य की मांग की गयी।12 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 2. विधि विभाग द्वारा विद्वान महाधिवक्ता के परामर्श के आलोक में यह सुझाव दिया गया कि श्री प्रसाद से उनकी सेवानिवृति की तिथि को देखते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 के अंतर्गत ` 800 की वसूली नहीं की जा सकती है। 3. अतएव सरकार के निर्णयानुसार श्री रामजन्म प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सेवानिवृत के लिए इस प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव ।

——— 23 मई 2012 सं0-निग/सारा-4 (भवन)-नि0 थाना कांड-20/08-5617 (एस)—श्री रामप्रीत राय,, तत्कालीन सहायक अभियंता, भवन प्रमंडल, मधुबनी सम्प्रति मुख्यालय, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना में पदस्थापित द्वारा भवन प्रमंडल, मधुबनी के पदस्थापन काल में एन0एच0-57 के निर्माण के भू अर्जन मामले में बरती गयी अनियमितताओं के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7943 (एस) अनु0 दिनांक-13.07.11 द्वारा इनके विरुद्ध पुनः विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-842/12 एवं 2337/12 रामप्रीत राय बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में पारित समेकित आदेश दिनांक 10.02.12 के अनुपालन में समीक्षोपरात एवं सरकार के निर्णयानुसार :-

(i) विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7943 (एस) अनु0 दिनांक 13.07.11 को निरस्त किया जाता है। (ii) इसी प्रकरण में इनके विरुद्ध पूर्व से विभागीय संकल्प ज्ञापांक-14463 (एस) अनु0, दिनांक 09.12.09 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही में अग्रतर कार्रवाई अलग से की जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, विशेष सचिव ।

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26 अप्रील 2012

सं0 निग/सारा-4 (भवन) निगरानी-08/08-4551 (एस) श्री सुखदेव लाल, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, गया सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरुद्ध भवन अंचल, गया के पदस्थापन काल में बरती गयी अनियमितता यथा- मगध विश्वद्यालय परिसर में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए छात्रावास कार्य की निविदा रजिस्टर में छेड़-छाड़ के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं करने एवं निविदा मूल्यांकन सही तरीके से नहीं करने के लिए भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त अनुशंसा पत्रांक 3170 (भ0) दिनांक 29.04.09 एवं सेवानिवृति के उपरांत गलत तथ्य समर्पित कर सेवानिवृति का लाभ प्राप्त करने के आरोप के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6727 (एस) दिनांक 23.06.09 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में श्री लाल के विरुद्ध गठित 3 आरोपों में से किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं माना गया, परन्तु संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत उससे असहमत होते हुए असहमति के बिन्दुओं को चिन्हित कर विभागीय पत्रांक 6249 (एस) दिनांक 30.04.10 द्वारा श्री लाल से द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई। श्री लाल द्वारा समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा पत्रांक 9 अनु0, दिनांक 14.05.10 के समीक्षोपरांत निविदा पंजी में छेड़-छाड़ के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं करने जैसी लापरवाही एवं सेवानिवृति के उपरांत गलत तथ्य समर्पित कर सेवानिवृति का लाभ प्राप्त करने के प्रयास के प्रमाणित आरोपों के लिए इनके पेंशन से अगले पाँच वर्षों के लिए 5 प्रतिशत राशि की कटौती के दंड प्रस्ताव पर सरकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 11469 (एस) अनु0 दिनांक 14.10.11 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की मांग की गयी।

3. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2826 दिनांक 07.02.12 से प्राप्त परामर्श में सरकार द्वारा निर्णित दंड पर आयोग द्वारा असहमति व्यक्त की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त परामर्श के आलोक में पुनः समीक्षोपरांत यह स्थापित पाया गया कि श्री लाल निविदा पंजी में छेड़-छाड़ के लिए प्राथमिकी दर्ज नहीं करने जैसी लापरवाही एवं सेवानिवृति के उपरांत गलत तथ्य समर्पित कर सेवानिवृति का लाभ प्राप्त करने का प्रयास करने के गंभीर कदाचार के लिए स्पष्टतः दोषी है। इस दृष्टिकोण से विभाग द्वारा प्रस्तावित दंड युक्ति-युक्त एवं समानुपातिक पाते हुए, एवं आयोग के सलाह को बाध्यकारी नहीं मानते हुए पुनः सरकार के अनुमोदनोपरांत श्री सुखदेव लाल, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, भवन अंचल, गया सम्प्रति सेवानिवृत्त, साकेतपुरी, अम्बेदकर चौक के दक्षिण, हनुमानगर, पटना-20 के विरुद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दंड संसूचित किया जाता है -

(क) इनके पेंशन से अगले पाँच वर्षों के लिए 5 प्रतिशत राशि की कटौती की जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव (निगरानी)।13 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012

सकारण मुखर आदेश

12 अप्रील 2012

सं॰ प्र0 10/उ0वि0 (NH)-12/2006-4067(एस)—श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 77 के कि0मी0 0 से 25 में कराए गए आई0आर0क्यू0पी0 कार्य की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या 2 से कराई गई एवं पाया गया कि कार्य विशिष्टि के अनुकूल नहीं है। तदआलोक में श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता को पथ निर्माण विभाग के अधिसूचना संख्या 11639 (एस) दिनांक 07.10.06 द्वारा निलंबित कर संकलप ज्ञापांक-960 (एस) दिनांक 25.01.07 द्वारा इनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।

2. संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 488 दिनांक 13.08.07 द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आरोप संख्या 2 जिसमें उक्त पथ के कि0मी0 10 वें एवं 11 वें कि0मी0 में एस0डी0बी0सी0 कार्य कराने के बावजूद भी उक्त पथांश में गढ्‌ढे पाए जाने का आरेाप; आरोप संख्या 3 जिसमें उक्त पथ के 17 वें कि0मी0 में प्राक्कलन के अनुरूप मेटल ग्रेड-II एवं ग्रेड-III का कार्य नहीं कराने का आरोप; आरोप संख्या 5 जिसमें पथ के पूर्व परत पर खुदाई कर चपाई नहीं कराने एवं बाजार/शहरी भाग में पक्के नाला का प्रावधान प्राक्कलन में नहीं करने का आरोप तथा आरोप संख्या 6 जिसमें उक्त पथांश के एस0डी0बी0सी0 कार्य में अलकतरा का प्रतिशत प्रावधानित प्रतिशत से कम पाए जाने का आरोप अंशतः प्रमाणित पाया गया तथा आरोप संख्या 1 एवं 4 को प्रमाणित नहीं पाया गया। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत आरोप संख्या 1 एवं आरोप संख्या 4 जिसमें क्रमशः स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार एस0डी0बी0सी0 कार्य नहीं कराने तथा मेटल ग्रेड-II एवं III का कार्य तीन लेयर में नहीं कराने का आरेाप भी प्रमाणित पाया गया। इस प्रकार प्रमाणित/अंशतः प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 300 (एस) अनु0 दिनांक 08.01.08 द्वारा श्री सिंह कार्यपालक अभियंता से द्वितीय कारण पृच्छा मांगी गई। श्री सिंह द्वारा दिनांक 18.01.08 को द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर समर्पित किया गया जिसके समीक्षोपरांत यह पाया गया कि उक्त पथ के एक कि0मी0 में बी0एम0 का कार्य ही नहीं किया गया, परन्तु मापी पुस्ति में बी0एम0 का कार्य अंकित पाया गया। साथ ही पथ में कम अलकतरा का प्रयोग होने देना लापरवाही ही नहीं अपितु संवेदक से मिली भगत कर उसे अनुचित लाभ पहुँचाने का प्रमाण है। इसी बीच श्री सिंह कार्यपालक अभियंता के दिनांक 31.01.09 को सेवानिवृत होने के कारण इनके विरुद्ध संचालित विभगाीय कार्यवाही को संकल्प ज्ञापांक 1317 (एस) दिनांक 25.02.09 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43 (बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। 3. अतएव प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में सरकार के निर्णयानुसार एवं बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2125 दिनांक 15.12.09 द्वारा प्राप्त परामर्श/सहमति के आलोक में इन्हें अधिसूचना संख्या 724 (एस) दिनांक 14.01.10 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-

(i) इनके पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती। (ii) निलंबन अवधि में मात्र जीवन निर्वाह भत्ता का भुगतान, परन्तु उक्त अवधि को पेंशन प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जायेगी।

4. उक्त दंडादेश के विरुद्ध श्री सिंह, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी दिनांक 19.02.10 के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना संख्या 9777 (एस) दिनांक 02.07.10 द्वारा इनके पुनर्विलोकन आवेदन को अस्वीकृत किया गया। 5. सी0डब्लू0जे0सी0सं0-12378/2010 में दिनांक 02.12.11 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में विभागीय अधिसूचना संख्या 1463 (एस) दिनांक 07.02.12 द्वारा अधिसूचना संख्या 724 (एस) दिनांक 14.01.10 तथा अधिसूचना संख्या 9777 (एस) दिनांक 02.07.10 को निरस्त करते हुए उक्त न्यायादेश के आलोक में ही सकारण मुखर आदेश निर्गत करने के संबंध में कार्रवाई अलग से किये जाने का निर्णय संसूचित किया गया।

6. तदआलोक में मामले की विभागीय समीक्षा की गई तथा श्री सिंह, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता की व्यक्तिगत सुनवाई सचिव, पथ निर्माण विभाग द्वारा दिनांक 01.03.2012 को की गई। 7. सुनवाई के दौरान श्री सिंह ने लिखित बचाव वयान एवं पुनर्विचार आवेदन में अंकित तथ्यों के अतिरिक्त यह कहा कि आरोप संख्या 1 में जो आरोप इनके विरुद्ध गठित किये गये हैं वे तथ्यात्मक नहीं हैं क्योंकि उड़नदस्ता जाँच प्रमंडल द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन में निम्नांकित तथ्यों पर गौर नहीं किया गया। 7.1 इस योजना का कार्यादेश दिनांक 24.06.2006 को निर्गत किया गया था और कार्य समाप्ति की तिथि 24.10.06 थी। इस योजना की जाँच दिनांक 09.06.06 को की गई, जबकि कार्य होना अवशेष था। जाँच प्रतिवेदन में जिन त्रुटियों को बताया गया उसका निस्तार संबंधित संवेदक से ही तत्क्षण कराया गया। 7.2 जाँच प्रतिवेदन में बी0एम0 का औसत 51.66एम0एम0 पाया गया, जो औसतन 1.66एम0एम0 अधिक बताया गया। 4 वें कि0मी0 में एस0डी0बी0सी0 की औसत मुटाई 29.65एम0एम0 पाया गया, अंकित है जो प्रावधान से 4.65एम0एम0 अधिक है, अंकित है। 10 वें कि0मी0 में एस0डी0बी0सी0 की औसत मुटाई 27एम0एम0 तथा बी0एम0 की औसत मुटाई 52. 66एम0एम0 पाया गया अंकित है। 7.3 14 वें कि0मी0 में पथ की स्थिति दयनीय बतायी गयी जिसमें कार्य नहीं कराया गया, परन्तु मापी पुस्त में बी0एम0 का कराया हुआ दर्ज अंकित है। 15 वें कि0मी0 बी0एम0 की औसत मुटाई 58.66एम0एम0 पायी गयी जो प्रावधानित 50एम0एम0 से 8.66एम0एम0 अधिक है। 16 वें कि0मि0 में बी0एम0 की औसत मुटाई 62.41एम0एम0 पाया गया।14 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 8. आरोप संख्या 1 के दूसरे अंश जिसमें यह कहा गया है कि 14 वें कि0मी0 में बिना कार्य कराये मापी पुस्त में बी0एम0 कार्य की प्रविष्टि पायी गयी के संबंध में श्री सिंह ने बताया कि जाँच पदाधिकारी द्वारा भूल से बिना मापी पुस्त के जाँच किया गया एवं यह तथ्य अंकित कर दिया गया जबकि 14 वें कि0मी0 में कार्य हुआ था और जाँच पदाधिकारी द्वारा 15 वें कि0मी0 की जाँच की गयी थी जिसमें कार्य जाँच की तिथि तक नहीं हुआ था। जाँच पदाधिकारी द्वारा इसे बाद में स्वीकार भी किया गया। 9. जाँच पदाधिकारी द्वारा जाँच के समय मंत्रिमंडल निगरानी विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया। विदित हो कि जाँच के लिए किसी कि0मी0 के Right Hand Side एवं Left Hand Side के तीन-तीन बिन्दुओं एवं ridge पर भी जाँच किया जाना चाहिए था जो कि जाँच पदाधिकारी द्वारा नहीं किया गया। 10. आरोप संख्या 4 के संबंध में श्री सिंह ने बताया कि मेटल ग्रेड-II एवं III 75एम0एम0 के layers में डाल कर ही compaction किया गया था। उस वर्ष संबंधित क्षेत्र में भारी बरसात हुई थी जो जाँच के समय भी स्पष्ट हुआ क्योंकि जाँच के दौरान गढ्‌ढ़ा किये जाने पर नीचे से पानी निकलता था साथ ही यह भी विदित हो कि 255एम0एम0 की मुटाई में एक साथ compaction किसी भी स्थिति में नहीं कराया जा सकता है। संचालन पदाधिकारी ने इसी आधार पर इस आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया था। 11. आरोप संख्या 6 में अलकतरा के प्रतिशत में कमी बतायी गयी है। यह सर्वविदित है कि अलकतरा के सही content की जाँच सड़क पर laying के पश्चात्‌ नहीं बल्कि Bitumenous content के तैयार होने के तुरंत बाद करने का प्रावधान है। इस मामले में सड़क पर laying के कुछ घंटो के बाद का ही sample लिया गया है। 12. श्री सिंह द्वारा सुनवाई के दौरन कहे गये तथ्यों के संबंध में जाँच प्रतिवेदन को पुनः देखा गया। श्री सिंह द्वारा जाँच प्रक्रिया के बारे में बतायी गयी बातें ही जाँच के लिए निर्धारित मापदंड हैं कदाचित इनका अनुपालन जाँच पदाधिकारी द्वारा किया गया प्रतीत नहीं होता। इस दृष्टिकोण से श्री सिंह उस हद तक दोषी प्रतीत नहीं होते जिस अनुपात में उनके लिए शास्ति अधिसूचित की गयी है। यह भी निर्विवादित है कि पथ क्षतिग्रस्त हुआ जिसमें श्री सिंह के अतिरिक्त तत्कालीन सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता भी आरोपित किये गये और उन्हें भी शास्ति दी गयी। पथ के क्षतिग्रस्त होने में निर्माण प्रक्रिया में त्रुटि रही जिसके लिए श्री सिंह को निर्दोष नहीं समझा जा सकता। 13. अभिलेखीय साक्ष्य एवं श्री सिंह द्वारा सुनवाई के दौरान बताये गये तथ्यों के आलोक में श्री सिंह के मामले में पुनर्विचार करते हुए सरकार द्वारा निम्न निर्णय लिया जाता है :- (i) दिनांक 14.01.2010 से अगले 3 वर्षों अर्थात दिनांक 13.01.2013 तक की अवधि के लिए इनके पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती। (ii) इनके निलंबन अवधि के लिए मात्र जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, किन्तु उक्त अवधि अन्य प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जायेगी।

आदेश से, प्रत्यय अमृत।

——— सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग ——— अधिसूचनाएं 21 मई 2012

सं॰ 8/निग॰को॰(रा॰)निग॰-105/2012-2090—श्री अंजुम हसन अंसारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, खगड़िया (अतिरिक्त प्रभार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, खगड़िया एवं महाप्रबंधक, आई॰सी॰डी॰पी॰, खगड़िया) को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को गठित धावा दल द्वारा दिनांक 24.08.11 को रु॰ 16,000 (सोलह हजार रुपये) रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या 4096, दिनांक 08.09.11 -सह- पठित ज्ञापांक-4096, दिनांक 08.09.11 द्वारा निलंबित किया गया है।

2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 03.03.12 (अपराह्‌न) को श्री अंसारी के द्वारा योगदान किया गया है। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(3)(1) के अंतर्गत इनका योगदान स्वीकृत किया जाता है। योगदान की स्वीकृति की तिथि से श्री अंसारी निलंबन से मुक्त समझे जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

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5 जून 2012

8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-115/2012-2381—श्री श्याम किषोर सिन्हा, (निलंबित लिपिक) के विरुद्ध व्यक्तिगत आरोपों के कारण न्यायालय द्वारा दण्ड दिये जाने के फलस्वरूप कदाचार के आरोपों के लिए उद्योग विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थी, जिसमें श्री कन्हैया लाल, तत्कालीन सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (हस्तकरघा), राजेन्द्र नगर, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था। उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री लाल द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में उद्योग विभाग द्वारा समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में बिहार सेवा संहिता के नियमों की अनदेखी की गई है।15 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 श्री श्याम किषोर सिन्हा, (निलंबित लिपिक) एक आपराधिक मामले में सिद्धदोष पाये गए थे, जिसके आलोक में जाँच प्रतिवेदन देना चाहिए था, परन्तु ऐसा नहीं किया गया तथा श्री सिन्हा (निलंबित लिपिक) के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही समाप्त करने की अनुषंसा की गई, फलस्वरूप उद्योग विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 5204 दिनांक 25.10.11 द्वारा श्री कन्हैया लाल के विरुद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र 'क') गठित कर सहकारिता विभाग को उपलब्ध कराया गया। उद्योग विभाग के उक्त पत्र के आलोक में श्री कन्हैया लाल, तत्कालीन सहायक निबंधक, सहयोग समिाितयाँ (हस्तकरघा), राजेन्द्र नगर, पटना सम्प्रति उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा से विभागीय पत्रांक 5414 दिनांक 09.12.11 के द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गई। इस संबंध में श्री लाल से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय स्तर पर समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कन्हैया लाल का स्पष्टीकरण स्वीकार करने योग्य नहीं है। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17(23) के अनुसार संचालन पदाधिकारी को मात्र आरोप की मद पर निष्कर्ष एवं उसके कारण को अभिलेखित करना है न कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के संबंध में अपना अभिमत देना है।

अतः राज्य सरकार के सम्यक विचारोपरान्त श्री कन्हैया लाल, तत्कालीन सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (हस्तकरघा), राजेन्द्र नगर, पटना सम्प्रति उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को तीन वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड संसूचित किया जाता है। इसकी प्रविष्टि इनके चरित्र पुस्तिका में की जाएगी। बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

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22 मई 2012

सं॰ 1/निग॰को॰(रा॰)निग॰-105/2012-2128.—श्री अंजुम हसन अंसारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, खगड़िया (अतिरिक्त प्रभार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, खगड़िया एवं महाप्रबंधक, आई॰सी॰डी॰पी॰, खगड़िया को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को गठित धावा दल द्वारा दिनांक 24.08.11 को रु॰ 16,000/- (सोलह हजार रुपये) रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या 4096, दिनांक 08.09.11 -सह- पठित ज्ञापांक 4096, दिनांक 08.09.11 द्वारा निलंबित किया गया है।

2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 03.03.12 (अपराह्‌न) को श्री अंसारी के द्वारा योगदान किया गया है। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3)(1) के अंतर्गत इनका योगदान विभागीय अधिसूचना संख्या 2090 दिनांक 21.05.12 द्वारा स्वीकृत किया गया। परन्तु चूंकि श्री अंसारी के विरुद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 057/2011 दर्ज है तथा मामला माननीय न्यायालय में विचारण हेतु लंबित है एवं श्री अंसारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी संचालित होनी है, अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1) (क) तथा नियम-9(1)(ग) के अन्तर्गत उन्हें अगले आदेष तक निलंबित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय सहायक निबंधक, मगध प्रमंडल, गया-3 का कार्यालय होगा। निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार देय होगा।

4. यह आदेष तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

——— 8 जून 2012 सं0 8/नि0को0 (रा॰) परि- 217/2012-2466—श्री विनोद, प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक, मोतिहारी के विरुद्ध बिहार सरकार सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली -2005 के नियम- 19 के अन्तर्गत श्रीपुर पैक्स प्रखण्ड सुगौली के राष्ट्रीय फसल बीमा के गबन के दोषियों पर कार्रवाई करने में उदासीनता बरतने संबंधी आरोप के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया, जिसके आलोक में विभागीय पत्रांक 4170 दिनांंक 13॰09॰11 द्वारा श्री विनोद को आरोप पत्र प्रपत्र ''क'' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गयी । श्री विनोद द्वारा उनके पत्रांक 550 दिनांक 29॰11॰11 द्वारा स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया गया जिसकी सम्यक समीक्षोपरान्त श्री विनोद, प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि0,मोतहारी को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

——— 8 जून 2012 सं0 8/नि0को0 (रा॰) परि- 217/2012-2465—श्री नागेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि0,मोतिहारी सम्प्रति उप निबंधक (न्यायिक) सहयोग समिमितियाँ, बिहार, पटना के विरुद्ध बिहार सरकार सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली -2005 के नियम- 19 के अन्तर्गत शाखा प्रबंधकों के मिली भगत से कृषि ऋण वितरण में घोर अनियमितता बरतने एवं फसल बीमा सम्बंन्धी कतिपय अन्य आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया, जिसके आलोक में विभागीय पत्रांक - 4174 दिनांक 13॰09॰11 द्वारा श्री प्रसाद को आरोप पत्र प्रपत्र ''क'' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गयी । श्री प्रसाद द्वारा उनके पत्रांक 5498 दिनांक 16॰11॰11 से स्पष्टीकरण उपलब्ध16 (cid:18)बहार गजट, 20 जून 2012 कराया गया जिसकी सम्यक समीक्षोपरान्त श्री नागेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन, प्रबंध निदेषक, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि0,मोतिहारी सम्प्रति उप निबंधक (न्यायिक), सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया जाता है । बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

——— 8 जून 2012 सं0 8/नि0को0 (रा॰) परि- 217/2012-2470—श्री अनिरुद्ध सिंह, तत्कालीन संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, तिरहुत प्रमंडल, मुजफफरपुर सम्प्रति प्रबंध निदेषक, विस्कोमान, पटना (सेवा-निवृत) के विरुद्ध बिहार सरकार सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील ) नियमावली 2005 के नियम- 19 के अन्तर्गत शाखा प्रबंधकों के मिली भगत से कृषि ऋण वितरण में अनियमितता बरतने एवं फसल बीमा संबंधी कतिपय अन्य आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय किया गया जिसके आलोक में विभागीय पत्रांक 4147 दिनांक 13॰09॰11 द्वारा श्री सिंह को आरोप-पत्र प्रपत्र-''क'' साक्ष्य सहित उपलब्ध कराते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिंह द्वारा उनके पत्रांक MD Cell –B/1331 दिनांक 27॰09॰11 उपलब्ध कराया गया जिसकी सम्यक समीक्षोपरान्त श्री अनिरूद्ध सिंह, तत्कालीन संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्‌फरपुर सम्प्रति प्रबंध निदेषक, बिस्कोमान, पटना (सेवा-निवृत) को आरोप मुक्त करने का निर्णय लिया जाता है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

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22 मई 2012

सं॰ 8/निग॰को॰(रा॰)निग॰-106/2012-2129—श्री शैलेन्द्र कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, रोहतास, सासाराम को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावा दल द्वारा दिनांक 03.01.12 को रु॰ 10,000 (दस हजार रुपये) रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या 152, दिनांक 10.01.12 -सह- पठित ज्ञापांक-152, दिनांक 10.01.12 द्वारा निलंबित किया गया है।

2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 24.04.12 (पूर्वाह्‌न) को श्री कुमार के द्वारा योगदान किया गया है। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(3)(1) के अंतर्गत इनका योगदान विभागीय अधिसूचना संख्या 2091 दिनांक 21.05.12 द्वारा स्वीकृत किया गया। परन्तु चूंकि श्री कुमार के विरुद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 001/2012 दर्ज है तथा मामला माननीय न्यायालय में विचारण हेतु लंबित है एवं श्री कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी संचालित होनी है, अतएव बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1) (क) तथा नियम-9(1)(ग) के अन्तर्गत उन्हें अगले आदेष तक निलंबित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, पटना का कार्यालय होगा। निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता नियमानुसार देय होगा।

4. यह आदेष तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

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21 मई 2012

सं॰ 8/निग॰को॰(रा॰)निग॰-106/2012-2091—श्री शैलेन्द्र कुमार, जिला अंकेक्षण पदाधिकारी,, सहयोग समितियाँ, रोहतास, सासाराम को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के गठित धावा दल द्वारा दिनांक 03.01.12 को रु॰ 10,000 (दस हजार रुपये) रिष्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या 152, दिनांक 10.01.12 -सह- पठित ज्ञापांक 152, दिनांक 10.01.12 द्वारा निलंबित किया गया है।

2. कारागार से विमुक्ति के फलस्वरूप दिनांक 24.04.12 (पूर्वाह्‌न) को श्री कुमार के द्वारा योगदान किया गया है। सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(3)(1) के अंतर्गत इनका योगदान स्वीकृत किया जाता है। योगदान की स्वीकृति की तिथि से श्री कुमार निलंबन से मुक्त समझे जायेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सतीष प्रसाद, संयुक्त सचिव (निगरानी)।

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अधीHक, सिचवालय मुिणालय,

(cid:18)बहार, पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुNित।

(cid:18)बहार गजट, 14Ñ571+200-ड(cid:15)0ट(cid:15)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 June 2012. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2012-06-21.25/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2012-06-21.25.